Chapter 4इतिहास की समय-रेखा एवं उसके स्रोत

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NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, अध्याय 4, पृ. 59–74

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हर पद पुस्तक के अपने शब्दों में है। पर्याय मत लिखिए — परीक्षक वही शब्द ढूँढ़ता है जो पाठ्यपुस्तक में छपा है।


1. इतिहास और उसके अध्ययनकर्ता

पदअर्थपृ.
इतिहासमानव के अतीत का अध्ययन।60
इतिहासकारऐसा व्यक्ति जो अतीत का अध्ययन करता है एवं उसके विषय में लिखता है।68
भू-विज्ञानीपृथ्वी के भौतिक स्वरूपों — मृदा, पत्थरों, पहाड़ियों, पर्वतों, नदियों, महासागरों — का अध्ययन करने वाला।61
जीवाश्म विज्ञानीजीवाश्म के रूप में करोड़ों वर्ष पूर्व के पेड़ों, पशुओं एवं मानवों के अवशेषों का अध्ययन करने वाला।61
मानव विज्ञानीमानव समाजों एवं संस्कृतियों का अतीत से लेकर वर्तमान तक अध्ययन करने वाला।61
पुरातत्व विज्ञानीमानव, पौधों एवं पशुओं द्वारा छोड़े गए अवशेषों का उत्खनन करके अतीत का अध्ययन करने वाला।61
पुरालेखशास्त्रीजो प्राचीन अभिलेख पढ़ते हैं।68
जीवाश्मजीव-जंतुओं के पदचिह्नों या पौधों के अवशेष चिह्न जो मृदा अथवा शिलाओं की परतों के बीच संरक्षित पाए जाते हैं।61
आनुवांशिकीजीव विज्ञान की वह शाखा जो यह अध्ययन करती है कि किस प्रकार पौधों, जानवरों या मनुष्यों की कुछ विशेषताएँ एवं गुण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचते हैं।68
पुनर्निर्माणस्रोतों को जोड़कर किसी कालखंड के इतिहास को दोबारा खड़ा करना।68

★चार विशेषज्ञ, चार अलग काम — यह भेद परीक्षा में सीधे पूछा जाता है: भू-विज्ञानी = पृथ्वी · जीवाश्म विज्ञानी = बहुत पुराने जीव · मानव विज्ञानी = समाज और संस्कृति · पुरातत्व विज्ञानी = खोदकर निकाली गई वस्तुएँ।

2. समय की गणना के पद

पदअर्थपृ.
युगसमय का एक निश्चित कालखंड।61
ग्रेगोरियन कैलेंडर (तिथिपत्र)विश्व-भर में प्रयुक्त कैलेंडर — 365 दिन, बारह माह, और प्रत्येक चार वर्ष में एक अधिवर्ष।62
अधिवर्ष (लीप वर्ष)वह वर्ष जिसमें एक दिन अधिक होता है। शताब्दी वर्ष तभी अधिवर्ष होंगे जब वे 400 से विभाजित हो सकें — इसीलिए 1800, 1900, 2000 में से केवल 2000 अधिवर्ष है।62
मांगलिकअनुकूल अथवा भाग्य लाने वाला शुभ समय; उदाहरणार्थ एक मांगलिक शुरुआत।62
सा.सं. (सामान्य संवत)अंग्रेज़ी का सी.ई. / Common Era; पहले इसे ए.डी. कहा जाता था।62–63
सा.सं.पू. (सामान्य संवत पूर्व)अंग्रेज़ी का बी.सी.ई. / Before Common Era; पहले इसे बी.सी. कहा जाता था। गणना उल्टे (अवरोही) क्रम में होती है।62–63
समय-रेखाघटनाओं को चिह्नित करने का सुविधाजनक उपकरण, जो किसी विशेष अवधि में तिथियों और घटनाओं का अनुक्रम दिखाता है।64
दशकदस वर्षों का कालखंड।64
शताब्दीकिसी भी 100 वर्षों का कालखंड।64
सहस्राब्दीकिसी भी 1000 वर्षों का कालखंड।65
पंचांगतालिकाओं की एक पुस्तक जिसमें प्रत्येक माह के दिनों के साथ-साथ संबंधित खगोलीय आँकड़े सूचीबद्ध किए जाते हैं।65

3. इतिहास के स्रोत★

पदअर्थपृ.
इतिहास के स्रोतकोई स्थान, व्यक्ति, लेख अथवा वस्तु जिसके माध्यम से हम अतीत की किसी घटना अथवा कालखंड से संबंधित जानकारी एकत्र करते हैं।65
पुरातात्विक स्रोतशिलालेख, संरचना और उत्खनन से प्राप्त स्रोत।67
मौखिक स्रोतवंशावली और लोक साहित्य — बोलकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आई बातें।67
साहित्यिक स्रोतभारतीय साहित्य और विदेशी विवरण — लिखे हुए स्रोत।67
कलात्मक स्रोतचित्रकला, मूर्तिकला, पट्टिका (पैनल)।67
शिलालेखपत्थर आदि पर उत्कीर्ण लेख।67
ताम्रपत्रताँबे की पट्टी पर लिखा अभिलेख।67
पांडुलिपिहाथ से लिखी पुस्तक अथवा लेख।67
वंशावलीपरिवार की पीढ़ियों का क्रम।65, 67
टीलापुरानी बस्ती के अवशेषों से बना उभार।67
उत्खननखोदकर अवशेष निकालने की क्रिया।61, 67
शवाधानशव को गाड़ने का स्थान।67
मृदभांडमिट्टी के बर्तन।67, 73
पट्टिका (पैनल)उत्कीर्ण चित्र-फलक।67
स्मारकअतीत की याद में बनी संरचना।67

4. आदिमानव और आरंभिक समाज के पद

पदअर्थपृ.
आदिमानवआरंभिक मानव।70
होमो सेपियंसआधुनिक मानव की प्रजाति; लगभग 3,00,000 वर्ष पूर्व से पृथ्वी पर।70
आखेटक एवं खाद्य संग्राहकजो शिकार करते थे और खाने योग्य पौधे व फल एकत्र करते थे।70
शैलाश्रयचट्टान के नीचे बना प्राकृतिक आश्रय।70
शैल-चित्रगुफा या चट्टान की दीवार पर बने चित्र।71
मरणोपरांत जीवनमृत्यु के बाद जीवन।71
हिम युगवह कालखंड जब पृथ्वी पर बहुत ठंड थी और उसका बड़ा भाग हिमाच्छादित था।71
हिमाच्छादितबर्फ से ढँका हुआ।71
घरेलूकरणजंगली जानवरों (गाय, बकरी आदि) को पालतू बनाना।71
कल्याणस्वास्थ्य, समृद्धि और भलाई।73
पल्लीएक छोटी बस्ती अथवा छोटा गाँव (उप-ग्राम)।73
सरदार / मुखियावे लोग जो समुदाय के कल्याण के लिए उत्तरदायी थे।73

5. याद रखने योग्य सूचियाँ★

अध्याय के तीन महत्वपूर्ण प्रश्न (पृ. 59)

  1. हम ऐतिहासिक काल की गणना किस प्रकार करते हैं?
  2. इतिहास को समझने के लिए विभिन्न स्रोत हमारी किस प्रकार सहायता कर सकते हैं?
  3. आदिमानव किस प्रकार रहते थे?

अतीत का अध्ययन करने वाले चार विशेषज्ञ (चित्र 4.2, पृ. 61)

विशेषज्ञक्या अध्ययन करते हैं
भू-विज्ञानीपृथ्वी के भौतिक स्वरूप — मृदा, पत्थर, पहाड़ियाँ, पर्वत, नदियाँ, महासागर
जीवाश्म विज्ञानीजीवाश्म — करोड़ों वर्ष पूर्व के पेड़, पशु और मानव के अवशेष
मानव विज्ञानीमानव समाज एवं संस्कृतियाँ, अतीत से वर्तमान तक
पुरातत्व विज्ञानीउत्खनन से प्राप्त अवशेष — उपकरण, घड़े, पात्र, मनके, मूर्तियाँ, खिलौने, हड्डियाँ, दाँत, जले हुए अनाज, घरों एवं ईंटों के हिस्से

इतिहास के स्रोत — चार श्रेणियाँ (आरेख, पृ. 67)★★

श्रेणीउप-शाखाउसमें क्या आता है
पुरातात्विक स्रोतशिलालेखपांडुलिपि · ताम्रपत्र · सिक्के
संरचनास्मारक · टीला
उत्खननमानव, पशु तथा पौधों के अवशेष · उपकरण एवं हथियार · मूर्तियाँ एवं आभूषण · मृदभांड एवं खिलौने · निवास स्थान एवं शवाधान
मौखिक स्रोत—वंशावली · लोक साहित्य
साहित्यिक स्रोतभारतीय साहित्यवेद एवं इतिहास · कविता एवं नाटक · ऐतिहासिक लेख · कहानियों का संग्रह · वैज्ञानिक एवं तकनीकी लेख
विदेशी विवरणयात्रा वृत्तांत · ऐतिहासिक वृत्तांत
कलात्मक स्रोत—चित्रकला · मूर्तिकला · पट्टिका (पैनल)

! पुस्तक का अपना निर्देश (पृ. 68): “आपको अभी इन सभी को याद रखने की आवश्यकता नहीं है; हम आगे चलकर इनमें से कुछ का उपयोग करेंगे।” इसलिए पूरा आरेख रटने की चीज़ नहीं है — चार श्रेणियाँ और उनके उदाहरण पर्याप्त हैं।

इतिहास में योगदान देने वाले (पृ. 68)

इतिहासकार · पुरातत्व विज्ञानी · पुरालेखशास्त्री · मानव विज्ञानी · साहित्य व भाषा के विशेषज्ञ

और पिछले 50 वर्षों में वैज्ञानिक अध्ययन: प्राचीन जलवायु का अध्ययन · उत्खनित सामग्री का रासायनिक अध्ययन · प्राचीन मानव की आनुवांशिकी

आधुनिक इतिहास के लिए अतिरिक्त स्रोत: समाचार-पत्र · इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टी.वी., इंटरनेट)

शताब्दी और सहस्राब्दी — गिनने का ढाँचा★

इकाईवर्षवर्तमानसीमा
दशक10——
शताब्दी10021वीं2001 से 2100
सहस्राब्दी1000तीसरी2001 से 3000
सा.सं.पू. मेंसीमा
तीसरी शताब्दी सा.सं.पू.300 से 201 सा.सं.पू.
प्रथम सहस्राब्दी सा.सं.पू.1 से 1000 सा.सं.पू.
आठवीं सहस्राब्दी सा.सं.पू.8000 से 7001 सा.सं.पू.

नियम: सा.सं. में आगे गिनते हैं; सा.सं.पू. में 1 सा.सं.पू. से पीछे की ओर लौटते हैं।

चित्र 4.1 के पड़ाव (पृ. 60)

मानघटना
4.54 अरब वर्ष पूर्वपृथ्वी; प्रथम कोशिकाएँ
2.33 अरब वर्ष पूर्ववातावरणीय ऑक्सीजन
1 अरब वर्ष पूर्वजीवाणु
1,00,00,000 वर्ष पूर्वआदिमानव
10,00,000 वर्ष पूर्वअग्नि
3,00,000 वर्ष पूर्वहोमो सेपियंस (मानव)
6,500 वर्ष पूर्वलेखन

यह चित्र अनुपात दिखाने के लिए है, संख्याएँ रटाने के लिए नहीं। केवल 3,00,000 ही ऐसा मान है जो पाठ में भी दोहराया गया है (पृ. 70) — वही याद रखने योग्य है।

चित्र 4.3 के पड़ाव (पृ. 62–63)

तिथिघटना
3,00,000 सा.सं.पू.समय-रेखा का आरंभ
40,000 सा.सं.पू.विश्व में शैल चित्रकारी के प्रथम साक्ष्य
14,000 सा.सं.पू.हिम युग
12,000 सा.सं.पू.अंतिम हिम युग का अंत
8000 सा.सं.पू.प्रथम स्थायी निवास व कृषि का आरंभ
6000 सा.सं.पू.भारतीय उपमहाद्वीप में मिट्टी के बर्तन बनाने की तकनीक
4000 सा.सं.पू.तांबे के प्रथम धातुकर्म का आरंभ; मेसोपोटामिया में संसार का प्रथम नगर
2000 सा.सं.पू.सिंधु-सरस्वती सभ्यता
बीच मेंबुद्ध का जन्म · ईसा का जन्म · अशोक
2000 सा.सं.हम इस काल खंड में हैं

6. अध्याय का एकमात्र सूत्र★★

किसी भी सा.सं.पू. तथा सा.सं. की तिथियों के बीच के वर्षों की गणना करते समय हमें सदैव दोनों को जोड़कर उनके योग में से 1 को घटा देना चाहिए।

पुस्तक के अपने दो उदाहरण:

स्थितिगणनाउत्तर
2 सा.सं.पू. से 2 सा.सं. तक2 + 2 − 13 वर्ष
बुद्ध का जन्म (560 सा.सं.पू.) आज (2024 सा.सं.) से कितने वर्ष पूर्व560 + 2024 − 12583 वर्ष

सूत्र कबनहीं लगताध्यान

स्थितिक्या करेंउदाहरण
एक तिथि सा.सं.पू., दूसरी सा.सं.जोड़िए, फिर 1 घटाइए560 सा.सं.पू. से 2024 सा.सं. → 2583
दोनों सा.सं.पू.सीधा घटाइए560 − 320 = 240
दोनों सा.सं.सीधा घटाइए1947 − 1828 = 119

आधी कक्षा यहीं गलती करेगी — सूत्र रटकर हर जगह लगा देगी और 239 या 118 लिख देगी। कारण याद रखिए: −1 इसलिए घटाते हैं क्योंकि शून्य वर्ष नहीं है — और वह समस्या तभी आती है जब आप शून्य के आर-पार जा रहे हों।

7. मुख्य संख्याएँ

मानकिसकापृ.
365 दिन / 12 माहग्रेगोरियन कैलेंडर62
4कितने वर्षों में एक अधिवर्ष62
400वह भाजक जिससे शताब्दी वर्ष का अधिवर्ष होना तय होता है62
10 / 100 / 1000दशक / शताब्दी / सहस्राब्दी64–65
2001–210021वीं शताब्दी64
300–201 सा.सं.पू.तीसरी शताब्दी सा.सं.पू.65
2001–3000तीसरी सहस्राब्दी65
560 सा.सं.पू.गौतम बुद्ध के जन्म की अनुमानित तिथि62
2583बुद्ध के जन्म को 2024 सा.सं. से कितने वर्ष पूर्व63
1947भारत की स्वतंत्रता62
लगभग 3 मीटरबिंदुकृत हिस्से हटा दिए जाएँ तो चित्र 4.3 की लंबाई64
3,00,000 वर्ष पूर्वहोमो सेपियंस (मानव)60, 70
1,00,000 से 12,000 वर्ष पूर्वहिम युग71
1500 वर्ष पूर्वइतिहासकार के काम का पुस्तक-उदाहरण68
पिछले 50 वर्षजिनमें वैज्ञानिक अध्ययनों का योगदान बढ़ा68
दो-तीन शताब्दियाँ‘आधुनिक इतिहास’ की अवधि68
3पीढ़ियाँ, जिनकी वंशावली बनानी है65
4अतीत के अध्ययनकर्ता विशेषज्ञ61
4इतिहास के स्रोतों की मुख्य श्रेणियाँ67
4पुस्तक के सार के बिंदु73

8. भ्रमित करने वाले युग्म — परीक्षक ठीक यही पूछता है

युग्मअंतर जो अंक दिलाता है
सा.सं. बनाम सा.सं.पू.सा.सं. = CE = A.D. (ईसा के बाद)। सा.सं.पू. = BCE = B.C. (ईसा से पहले, उल्टा क्रम)।
सा.सं.पू. में बड़ी बनाम छोटी संख्यासा.सं.पू. में बड़ी संख्या अधिक पुरानी — 1900 सा.सं.पू., 323 सा.सं.पू. से पहले आता है। सा.सं. में उलटा।
सूत्र लगेगा या नहींआर-पार (एक सा.सं.पू. + एक सा.सं.) → जोड़कर 1 घटाइए। एक ही ओर → सीधा घटाइए।
शताब्दी की संख्या बनाम वर्ष21वीं शताब्दी = 2001–2100। शताब्दी की संख्या वर्ष के पहले दो अंकों से एक अधिक होती है।
तीसरी शताब्दी सा.सं. बनाम सा.सं.पू.सा.सं. में 201–300; सा.सं.पू. में 300–201 — दिशा उलटी।
शताब्दी बनाम सहस्राब्दी100 बनाम 1000 वर्ष। वर्तमान — 21वीं शताब्दी, पर तीसरी सहस्राब्दी।
जीवाश्म विज्ञानी बनाम पुरातत्व विज्ञानीजीवाश्म विज्ञानी — करोड़ों वर्ष पुराने जीवों के अवशेष। पुरातत्व विज्ञानी — मानव द्वारा छोड़ी गई वस्तुएँ, उत्खनन से।
मानव विज्ञानी बनाम इतिहासकारमानव विज्ञानी — समाज व संस्कृति, अतीत से वर्तमान तक। इतिहासकार — अतीत का अध्ययन एवं उस पर लेखन।
पुरालेखशास्त्री बनाम पुरातत्व विज्ञानीपुरालेखशास्त्री अभिलेख पढ़ता है; पुरातत्व विज्ञानी खोदकर निकालता है।
पुरातात्विक बनाम साहित्यिक स्रोतपुरातात्विक = वस्तुएँ और संरचनाएँ। साहित्यिक = लिखा हुआ।
मौखिक बनाम साहित्यिक स्रोतमौखिक = बोलकर चली आई (वंशावली, लोक साहित्य)। साहित्यिक = लिखी हुई।
भारतीय साहित्य बनाम विदेशी विवरणदोनों साहित्यिक स्रोत हैं — पहला भीतर से, दूसरा बाहर से लिखा गया (यात्रा वृत्तांत, ऐतिहासिक वृत्तांत)।
इतिहास बनाम पृथ्वी का इतिहासइतिहास = मानव के अतीत का अध्ययन। पृथ्वी का इतिहास कहीं लंबा है; मानव का हिस्सा नवीनतम और छोटा-सा।
आखेटक-संग्राहक बनाम कृषकपहले भोजन खोजते थे, अस्थायी शिविरों/गुफाओं में रहते थे; बाद में एक स्थान पर बसकर अनाज उगाने लगे।
पल्ली बनाम गाँव बनाम कस्बापल्ली = छोटी बस्ती → बड़े गाँव → कुछ छोटे कस्बों में बदले।
तांबा बनाम लोहापुस्तक का क्रम — पहले तांबा, फिर लोहा।
अधिवर्ष का सामान्य नियम बनाम शताब्दी वर्षसामान्यतः हर 4 वर्ष में; शताब्दी वर्ष तभी जब 400 से विभाज्य हो।
समय-रेखा का बिंदुकृत हिस्सावह छोड़े गए कालखंड को दर्शाता है — अन्यथा चित्र 4.3 लगभग 3 मीटर लंबी हो जाती।