Chapter 5भारत, अर्थात इंडिया

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NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, अध्याय 5, पृ. 75–84

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हर पद पुस्तक के अपने शब्दों में है। पर्याय मत लिखिए।


1. मूल पद

पदअर्थपृ.
निवासीवे लोग जो एक स्थान विशेष में रहते हैं।77
भारतीय उपमहाद्वीपविश्व का वह भाग जिसे हम प्राय: इस नाम से कहते हैं; इसके भिन्न-भिन्न नाम रहे हैं और सीमाएँ भी बदलती रही हैं।77
संविधानकिसी देश के आधारभूत सिद्धांतों और कानूनों को बताने वाला प्रलेख। भारतीय संविधान 1950 में लागू हुआ।81
शिलालेखपत्थर आदि पर उत्कीर्ण लेख — इस अध्याय का सबसे ठोस स्रोत।78, 83
हिमाच्छादित पर्वतबर्फ से ढँके पर्वत — अर्थात हिमालय।80

2. ‘भारत’ नाम की शृंखला — भीतर से★

पदअर्थपृ.
ऋग्वेदभारत का सबसे प्राचीन ग्रंथ; हजारों वर्ष पुराना (विस्तार अध्याय 7 में)।77
सप्त सैंधव‘सात नदियों की भूमि’ — ऋग्वेद में उपमहाद्वीप के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र का नाम।77
सैंधव‘सिंधु’ से बना शब्द; आशय सिंधु नदी अथवा सामान्यत: एक नदी से।77
भरतवह नाम जो सर्वप्रथम ऋग्वेद में उल्लिखित हुआ; वहाँ इसका अभिप्राय लोगों के एक प्रमुख वैदिक समूह से है। बाद के साहित्य में विभिन्न महाराजाओं के लिए भी।78
भारतवर्ष‘भरत’ का देश — महाभारत में समूचे उपमहाद्वीप के लिए प्रयुक्त।78
जम्बूद्वीप‘जामुन वृक्ष के फल के द्वीप’; आगे भारतीय उपमहाद्वीप का पर्याय बन गया।78
जम्बुल वृक्ष / मालाबार प्लम / जामुन वृक्षजम्बू वृक्ष के अन्य नाम — यह भारत में पाया जाने वाला एक सामान्य पेड़ है।78
महाभारतभारत के सबसे प्रसिद्ध ग्रंथों में से एक; इसमें अनेक क्षेत्र सूचीबद्ध हैं।78
विष्णु पुराणवह प्राचीन ग्रंथ जिसमें भारत की परिभाषा दी गई है।80
भारतम्दक्षिण भारत में ‘भारत’ का प्राय: प्रयुक्त रूप।80

★शृंखला याद रखिए

भरत (ऋग्वेद का वैदिक जन-समूह) → भारतवर्ष (महाभारत) → भारत (विष्णु पुराण और आज)

3. ‘इंडिया’ नाम की शृंखला — बाहर से★

पदअर्थपृ.
हिंद / हिंदु / हिंदूफारसियों द्वारा भारत के लिए प्रयुक्त नाम; उनकी भाषा में ‘सिंधु’ का रूपांतरण।81
इंडोई / इंडिकेप्राचीन यूनानियों द्वारा दिया गया नाम; ‘हिंदू’ से ‘ह’ हटाकर बना, क्योंकि वह अक्षर यूनानी भाषा में नहीं था।81
यिन्तू / यिंदूप्राचीन चीनी ग्रंथों में इंडिया का नाम; मूलत: ‘सिंधु’ से।81
तियन्जूएक अन्य चीनी शब्द; ‘सिंधु’ से लिया गया, पर इसे ‘स्वर्गतुल्य स्वामी’ के रूप में भी समझा जा सकता है — यह चीनियों के बुद्ध की भूमि के प्रति सम्मान को दर्शाता है।83
हिंदुस्तानआज से 1800 वर्ष पूर्व सर्वप्रथम एक फारसी शिलालेख में प्रयुक्त; बाद में आक्रमण करने वालों ने उपमहाद्वीप के लिए इसी का प्रयोग किया।83

★★पुस्तक के अपने दो आरेख (पृ. 81) — दोनों याद रखिए

सिंधु → हिंदु → इंडोई / इंडिके सिंधु → हिंदू → इंदू → यिंदू

!! पुस्तक की अपनी चेतावनी (पृ. 81)

“ध्यान रखिए कि प्राचीन फारसी में ‘हिंदू’ पूर्णतया एक भौगोलिक शब्द है। यहाँ इसे हिंदू धर्म से संदर्भित नहीं किया गया है।” यह वाक्य पुस्तक ने तिरछे अक्षरों में छापा है, और यही अभ्यास-प्रश्न 2 में लौटता है।

4. व्यक्ति और यात्री

नामकौन/क्यापृ.
श्री अरविंदअध्याय के आरंभिक उद्धरण के लेखक — “हिमालय और दो समुद्रों के बीच… आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता”।75
अशोकभारतीय सम्राट, तिथि लगभग 250 सा.सं.पू.; उनके एक शिलालेख में ‘जम्बूद्वीप’ का प्रयोग संपूर्ण भारत के लिए हुआ है।78
जुआनज़ैंग (ह्वेनसांग)चीनी यात्री; 7वीं सा.सं. में भारत आए, 17 वर्ष बाद लौटे, और संस्कृत से चीनी भाषा में पांडुलिपियों का अनुवाद किया।83

5. याद रखने योग्य सूचियाँ★

अध्याय के दो महत्वपूर्ण प्रश्न (पृ. 75)

  1. भारत को हम कैसे परिभाषित कर सकते हैं?
  2. भारत के कुछ प्राचीन नाम क्या थे?

महाभारत के क्षेत्र और उनके आधुनिक समकक्ष (पृ. 78)★

महाभारत का क्षेत्रआज का क्षेत्र
कश्मीरलगभग आज का कश्मीर
कुरूक्षेत्रआज हरियाणा का भाग
वंगबंगाल का भाग
प्राग्ज्योतिषकुछ-कुछ असम का भाग
कच्छआज का कच्छ
केरललगभग आज का केरल

छह नाम, चारों कोने — उत्तर में कश्मीर, पश्चिम में कच्छ, पूर्व में वंग व प्राग्ज्योतिष, दक्षिण में केरल। यही पुस्तक का बिंदु है।

भारत की परिभाषा — तीन स्रोत, एक ही सीमा★

स्रोतकब/कहाँसीमाएँ
श्री अरविंदआधुनिकहिमालय और दो समुद्रों के बीच
विष्णु पुराणसंस्कृत, प्राचीनसमुद्र के उत्तर में, हिमाच्छादित पर्वतों के दक्षिण में
तमिल कविता2000 वर्ष पूर्व, दक्षिणकेप कुमारी से महान पर्वत तक, पूर्व के महासागर से पश्चिम के महासागर तक

इसी से पुस्तक निष्कर्ष निकालती है — “प्राचीन भारतीय अपने भूगोल को अच्छी तरह से जानते थे।”

विष्णु पुराण का श्लोक (पृ. 80)

उत्तर देखिए

उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम् वर्षं तद् भारतं नाम…

वह देश जो समुद्र के उत्तर में और हिमाच्छादित पर्वतों के दक्षिण में है, उसे भारत कहते हैं।

संविधान का वाक्य (पृ. 81–82)

“भारत, अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ होगा।” (संविधान सर्वप्रथम अंग्रेजी में लिखा गया — “इंडिया, दैट इज़ भारत”; हिंदी अनुवाद में भी वही “भारत अर्थात इंडिया”।)

पृ. 83 की तालिका — भरने के उत्तर★

भाषाउत्तरपृ.
फारसीहिंद / हिंदु / हिंदू81
यूनानीइंडोई / इंडिके81
लैटिन(पुस्तक में ‘भारत’ छपा है — देखिए 10-Verification-Log.md)83
चीनीयिन्तू / यिंदू (तथा ‘तियन्जू’)81, 83
अरबी और फारसीहिंदुस्तान83
अंग्रेजीइंडिया (पहले से छपा)83
फ्रेंचइन्डे (पहले से छपा)83

चित्र 5.2 के मानचित्र-नाम (पृ. 76)

श्रेणीनाम
पर्वतहिंदुकुश · हिमालय
उत्तर-पश्चिम की नदियाँसिंधु · झेलम · चनाब · रावी · ब्यास · सतलुज · सरस्वती
उत्तर व पूर्व की नदियाँयमुना · गंगा · चंबल · ब्रह्मपुत्र
मध्य व दक्षिण की नदियाँनर्मदा · ताप्ती · महानदी · गोदावरी · कृष्णा · कावेरी
जलराशियाँअरब सागर · बंगाल की खाड़ी · हिंद महासागर

! नदियों के नाम रटने की चीज़ नहीं हैं। यह मानचित्र प्राकृतिक सीमाएँ दिखाने के लिए है। और उत्तर-पश्चिम की सात नदियाँ गिनिए — वही ‘सप्त सैंधव’ हैं।

6. मुख्य संख्याएँ

मानकिसकापृ.
2300 वर्ष पूर्वचित्र 5.1 का दृश्य — साँची स्तूप का उत्तरी द्वार75
500 / 2000 / 5000 वर्ष पूर्ववे काल जिनमें भारत आज से बहुत अलग था77
सातसप्त सैंधव की नदियाँ77
लगभग 250 सा.सं.पू.अशोक की तिथि78
2000 वर्ष पूर्ववह तमिल कविता जिसमें भारत की सीमाएँ हैं80
1950भारतीय संविधान लागू हुआ81
छठी शताब्दी सा.सं.पू.फारसी सम्राट का अभियान और सिंधु-क्षेत्र पर नियंत्रण81
7वीं सा.सं.जुआनज़ैंग की भारत-यात्रा83
17 वर्षजुआनज़ैंग भारत में रहे, फिर लौटे83
1800 वर्ष पूर्व‘हिंदुस्तान’ का पहला प्रयोग, फारसी शिलालेख में83
6महाभारत के वे क्षेत्र जिनके आधुनिक नाम पुस्तक देती है78
3पुस्तक के सार के बिंदु84

7. भ्रमित करने वाले युग्म — परीक्षक ठीक यही पूछता है

युग्मअंतर जो अंक दिलाता है
‘भारत’ बनाम ‘इंडिया’ — किसने दिया‘भारत’ भारतीयों ने; ‘इंडिया’ विदेशियों से आया (सिंधु → हिंदु → इंडोई → इंडिया)।
‘भरत’ = जन-समूह बनाम राजाऋग्वेद में ‘भरत’ लोगों का एक प्रमुख वैदिक समूह है। राजा वाला अर्थ बाद के साहित्य में आया।
सप्त सैंधव बनाम भारतवर्षसप्त सैंधव = केवल उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र। भारतवर्ष = समूचा उपमहाद्वीप।
भारतवर्ष बनाम जम्बूद्वीपदोनों महाभारत में। भारतवर्ष ‘भरत’ से; जम्बूद्वीप ‘जामुन वृक्ष’ से।
हिंदुस्तान — 1800 बनाम 2000 वर्ष1800 वर्ष पूर्व — अभ्यास-प्रश्न इसे 2000 करके पूछता है।
हिंदुस्तान — फारसी बनाम यूनानी शिलालेखफारसी शिलालेख में — अभ्यास-प्रश्न इसे ‘यूनानी’ कहकर उलटता है।
‘हिंदू’ — भौगोलिक बनाम धार्मिकप्राचीन फारसी में पूर्णतया एक भौगोलिक शब्द; धर्म से संदर्भित नहीं।
इंडोई बनाम यिंदूइंडोई/इंडिके — यूनानी; यिन्तू/यिंदू — चीनी। जड़ दोनों की सिंधु।
यिंदू बनाम तियन्जूदोनों चीनी; तियन्जू को ‘स्वर्गतुल्य स्वामी’ भी समझा जा सकता है।
‘ह’ क्यों हटायूनानी भाषा में ‘ह’ अक्षर नहीं था।
ऋग्वेद बनाम विष्णु पुराणऋग्वेद केवल उत्तर-पश्चिम (सप्त सैंधव) का नाम देता है; विष्णु पुराण संपूर्ण उपमहाद्वीप की परिभाषा।
भारत बनाम भारतम्उत्तर भारत में ‘भारत’, दक्षिण भारत में प्राय: ‘भारतम्’।
चित्र 5.2 बनाम चित्र 5.45.2 = भौतिक मानचित्र (नदियाँ, पर्वत)। 5.4 = महाभारत के क्षेत्र — और वह याद करने के लिए नहीं है।
संविधान की मूल भाषासर्वप्रथम अंग्रेजी में लिखा गया; हिंदी अनुवाद में भी वही वाक्य।
सिंधु — नदी बनाम क्षेत्र‘सिंधु’ नदी का भी नाम है और फारसियों ने जिस क्षेत्र पर नियंत्रण किया उसका भी।