हर पद पुस्तक के अपने शब्दों में है। पर्याय मत लिखिए — परीक्षक वही शब्द ढूँढ़ता है जो पाठ्यपुस्तक में छपा है।
1. इतिहास और उसके अध्ययनकर्ता
| पद | अर्थ | पृ. |
|---|---|---|
| इतिहास | मानव के अतीत का अध्ययन। | 60 |
| इतिहासकार | ऐसा व्यक्ति जो अतीत का अध्ययन करता है एवं उसके विषय में लिखता है। | 68 |
| भू-विज्ञानी | पृथ्वी के भौतिक स्वरूपों — मृदा, पत्थरों, पहाड़ियों, पर्वतों, नदियों, महासागरों — का अध्ययन करने वाला। | 61 |
| जीवाश्म विज्ञानी | जीवाश्म के रूप में करोड़ों वर्ष पूर्व के पेड़ों, पशुओं एवं मानवों के अवशेषों का अध्ययन करने वाला। | 61 |
| मानव विज्ञानी | मानव समाजों एवं संस्कृतियों का अतीत से लेकर वर्तमान तक अध्ययन करने वाला। | 61 |
| पुरातत्व विज्ञानी | मानव, पौधों एवं पशुओं द्वारा छोड़े गए अवशेषों का उत्खनन करके अतीत का अध्ययन करने वाला। | 61 |
| पुरालेखशास्त्री | जो प्राचीन अभिलेख पढ़ते हैं। | 68 |
| जीवाश्म | जीव-जंतुओं के पदचिह्नों या पौधों के अवशेष चिह्न जो मृदा अथवा शिलाओं की परतों के बीच संरक्षित पाए जाते हैं। | 61 |
| आनुवांशिकी | जीव विज्ञान की वह शाखा जो यह अध्ययन करती है कि किस प्रकार पौधों, जानवरों या मनुष्यों की कुछ विशेषताएँ एवं गुण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुँचते हैं। | 68 |
| पुनर्निर्माण | स्रोतों को जोड़कर किसी कालखंड के इतिहास को दोबारा खड़ा करना। | 68 |
★चार विशेषज्ञ, चार अलग काम — यह भेद परीक्षा में सीधे पूछा जाता है: भू-विज्ञानी = पृथ्वी · जीवाश्म विज्ञानी = बहुत पुराने जीव · मानव विज्ञानी = समाज और संस्कृति · पुरातत्व विज्ञानी = खोदकर निकाली गई वस्तुएँ।
2. समय की गणना के पद
| पद | अर्थ | पृ. |
|---|---|---|
| युग | समय का एक निश्चित कालखंड। | 61 |
| ग्रेगोरियन कैलेंडर (तिथिपत्र) | विश्व-भर में प्रयुक्त कैलेंडर — 365 दिन, बारह माह, और प्रत्येक चार वर्ष में एक अधिवर्ष। | 62 |
| अधिवर्ष (लीप वर्ष) | वह वर्ष जिसमें एक दिन अधिक होता है। शताब्दी वर्ष तभी अधिवर्ष होंगे जब वे 400 से विभाजित हो सकें — इसीलिए 1800, 1900, 2000 में से केवल 2000 अधिवर्ष है। | 62 |
| मांगलिक | अनुकूल अथवा भाग्य लाने वाला शुभ समय; उदाहरणार्थ एक मांगलिक शुरुआत। | 62 |
| सा.सं. (सामान्य संवत) | अंग्रेज़ी का सी.ई. / Common Era; पहले इसे ए.डी. कहा जाता था। | 62–63 |
| सा.सं.पू. (सामान्य संवत पूर्व) | अंग्रेज़ी का बी.सी.ई. / Before Common Era; पहले इसे बी.सी. कहा जाता था। गणना उल्टे (अवरोही) क्रम में होती है। | 62–63 |
| समय-रेखा | घटनाओं को चिह्नित करने का सुविधाजनक उपकरण, जो किसी विशेष अवधि में तिथियों और घटनाओं का अनुक्रम दिखाता है। | 64 |
| दशक | दस वर्षों का कालखंड। | 64 |
| शताब्दी | किसी भी 100 वर्षों का कालखंड। | 64 |
| सहस्राब्दी | किसी भी 1000 वर्षों का कालखंड। | 65 |
| पंचांग | तालिकाओं की एक पुस्तक जिसमें प्रत्येक माह के दिनों के साथ-साथ संबंधित खगोलीय आँकड़े सूचीबद्ध किए जाते हैं। | 65 |
3. इतिहास के स्रोत★
| पद | अर्थ | पृ. |
|---|---|---|
| इतिहास के स्रोत | कोई स्थान, व्यक्ति, लेख अथवा वस्तु जिसके माध्यम से हम अतीत की किसी घटना अथवा कालखंड से संबंधित जानकारी एकत्र करते हैं। | 65 |
| पुरातात्विक स्रोत | शिलालेख, संरचना और उत्खनन से प्राप्त स्रोत। | 67 |
| मौखिक स्रोत | वंशावली और लोक साहित्य — बोलकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी चली आई बातें। | 67 |
| साहित्यिक स्रोत | भारतीय साहित्य और विदेशी विवरण — लिखे हुए स्रोत। | 67 |
| कलात्मक स्रोत | चित्रकला, मूर्तिकला, पट्टिका (पैनल)। | 67 |
| शिलालेख | पत्थर आदि पर उत्कीर्ण लेख। | 67 |
| ताम्रपत्र | ताँबे की पट्टी पर लिखा अभिलेख। | 67 |
| पांडुलिपि | हाथ से लिखी पुस्तक अथवा लेख। | 67 |
| वंशावली | परिवार की पीढ़ियों का क्रम। | 65, 67 |
| टीला | पुरानी बस्ती के अवशेषों से बना उभार। | 67 |
| उत्खनन | खोदकर अवशेष निकालने की क्रिया। | 61, 67 |
| शवाधान | शव को गाड़ने का स्थान। | 67 |
| मृदभांड | मिट्टी के बर्तन। | 67, 73 |
| पट्टिका (पैनल) | उत्कीर्ण चित्र-फलक। | 67 |
| स्मारक | अतीत की याद में बनी संरचना। | 67 |
4. आदिमानव और आरंभिक समाज के पद
| पद | अर्थ | पृ. |
|---|---|---|
| आदिमानव | आरंभिक मानव। | 70 |
| होमो सेपियंस | आधुनिक मानव की प्रजाति; लगभग 3,00,000 वर्ष पूर्व से पृथ्वी पर। | 70 |
| आखेटक एवं खाद्य संग्राहक | जो शिकार करते थे और खाने योग्य पौधे व फल एकत्र करते थे। | 70 |
| शैलाश्रय | चट्टान के नीचे बना प्राकृतिक आश्रय। | 70 |
| शैल-चित्र | गुफा या चट्टान की दीवार पर बने चित्र। | 71 |
| मरणोपरांत जीवन | मृत्यु के बाद जीवन। | 71 |
| हिम युग | वह कालखंड जब पृथ्वी पर बहुत ठंड थी और उसका बड़ा भाग हिमाच्छादित था। | 71 |
| हिमाच्छादित | बर्फ से ढँका हुआ। | 71 |
| घरेलूकरण | जंगली जानवरों (गाय, बकरी आदि) को पालतू बनाना। | 71 |
| कल्याण | स्वास्थ्य, समृद्धि और भलाई। | 73 |
| पल्ली | एक छोटी बस्ती अथवा छोटा गाँव (उप-ग्राम)। | 73 |
| सरदार / मुखिया | वे लोग जो समुदाय के कल्याण के लिए उत्तरदायी थे। | 73 |
5. याद रखने योग्य सूचियाँ★
अध्याय के तीन महत्वपूर्ण प्रश्न (पृ. 59)
- हम ऐतिहासिक काल की गणना किस प्रकार करते हैं?
- इतिहास को समझने के लिए विभिन्न स्रोत हमारी किस प्रकार सहायता कर सकते हैं?
- आदिमानव किस प्रकार रहते थे?
अतीत का अध्ययन करने वाले चार विशेषज्ञ (चित्र 4.2, पृ. 61)
| विशेषज्ञ | क्या अध्ययन करते हैं |
|---|---|
| भू-विज्ञानी | पृथ्वी के भौतिक स्वरूप — मृदा, पत्थर, पहाड़ियाँ, पर्वत, नदियाँ, महासागर |
| जीवाश्म विज्ञानी | जीवाश्म — करोड़ों वर्ष पूर्व के पेड़, पशु और मानव के अवशेष |
| मानव विज्ञानी | मानव समाज एवं संस्कृतियाँ, अतीत से वर्तमान तक |
| पुरातत्व विज्ञानी | उत्खनन से प्राप्त अवशेष — उपकरण, घड़े, पात्र, मनके, मूर्तियाँ, खिलौने, हड्डियाँ, दाँत, जले हुए अनाज, घरों एवं ईंटों के हिस्से |
इतिहास के स्रोत — चार श्रेणियाँ (आरेख, पृ. 67)★★
| श्रेणी | उप-शाखा | उसमें क्या आता है |
|---|---|---|
| पुरातात्विक स्रोत | शिलालेख | पांडुलिपि · ताम्रपत्र · सिक्के |
| संरचना | स्मारक · टीला | |
| उत्खनन | मानव, पशु तथा पौधों के अवशेष · उपकरण एवं हथियार · मूर्तियाँ एवं आभूषण · मृदभांड एवं खिलौने · निवास स्थान एवं शवाधान | |
| मौखिक स्रोत | — | वंशावली · लोक साहित्य |
| साहित्यिक स्रोत | भारतीय साहित्य | वेद एवं इतिहास · कविता एवं नाटक · ऐतिहासिक लेख · कहानियों का संग्रह · वैज्ञानिक एवं तकनीकी लेख |
| विदेशी विवरण | यात्रा वृत्तांत · ऐतिहासिक वृत्तांत | |
| कलात्मक स्रोत | — | चित्रकला · मूर्तिकला · पट्टिका (पैनल) |
! पुस्तक का अपना निर्देश (पृ. 68): “आपको अभी इन सभी को याद रखने की आवश्यकता नहीं है; हम आगे चलकर इनमें से कुछ का उपयोग करेंगे।” इसलिए पूरा आरेख रटने की चीज़ नहीं है — चार श्रेणियाँ और उनके उदाहरण पर्याप्त हैं।
इतिहास में योगदान देने वाले (पृ. 68)
इतिहासकार · पुरातत्व विज्ञानी · पुरालेखशास्त्री · मानव विज्ञानी · साहित्य व भाषा के विशेषज्ञ
और पिछले 50 वर्षों में वैज्ञानिक अध्ययन: प्राचीन जलवायु का अध्ययन · उत्खनित सामग्री का रासायनिक अध्ययन · प्राचीन मानव की आनुवांशिकी
आधुनिक इतिहास के लिए अतिरिक्त स्रोत: समाचार-पत्र · इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टी.वी., इंटरनेट)
शताब्दी और सहस्राब्दी — गिनने का ढाँचा★
| इकाई | वर्ष | वर्तमान | सीमा |
|---|---|---|---|
| दशक | 10 | — | — |
| शताब्दी | 100 | 21वीं | 2001 से 2100 |
| सहस्राब्दी | 1000 | तीसरी | 2001 से 3000 |
| सा.सं.पू. में | सीमा |
|---|---|
| तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. | 300 से 201 सा.सं.पू. |
| प्रथम सहस्राब्दी सा.सं.पू. | 1 से 1000 सा.सं.पू. |
| आठवीं सहस्राब्दी सा.सं.पू. | 8000 से 7001 सा.सं.पू. |
नियम: सा.सं. में आगे गिनते हैं; सा.सं.पू. में 1 सा.सं.पू. से पीछे की ओर लौटते हैं।
चित्र 4.1 के पड़ाव (पृ. 60)
| मान | घटना |
|---|---|
| 4.54 अरब वर्ष पूर्व | पृथ्वी; प्रथम कोशिकाएँ |
| 2.33 अरब वर्ष पूर्व | वातावरणीय ऑक्सीजन |
| 1 अरब वर्ष पूर्व | जीवाणु |
| 1,00,00,000 वर्ष पूर्व | आदिमानव |
| 10,00,000 वर्ष पूर्व | अग्नि |
| 3,00,000 वर्ष पूर्व | होमो सेपियंस (मानव) |
| 6,500 वर्ष पूर्व | लेखन |
यह चित्र अनुपात दिखाने के लिए है, संख्याएँ रटाने के लिए नहीं। केवल 3,00,000 ही ऐसा मान है जो पाठ में भी दोहराया गया है (पृ. 70) — वही याद रखने योग्य है।
चित्र 4.3 के पड़ाव (पृ. 62–63)
| तिथि | घटना |
|---|---|
| 3,00,000 सा.सं.पू. | समय-रेखा का आरंभ |
| 40,000 सा.सं.पू. | विश्व में शैल चित्रकारी के प्रथम साक्ष्य |
| 14,000 सा.सं.पू. | हिम युग |
| 12,000 सा.सं.पू. | अंतिम हिम युग का अंत |
| 8000 सा.सं.पू. | प्रथम स्थायी निवास व कृषि का आरंभ |
| 6000 सा.सं.पू. | भारतीय उपमहाद्वीप में मिट्टी के बर्तन बनाने की तकनीक |
| 4000 सा.सं.पू. | तांबे के प्रथम धातुकर्म का आरंभ; मेसोपोटामिया में संसार का प्रथम नगर |
| 2000 सा.सं.पू. | सिंधु-सरस्वती सभ्यता |
| बीच में | बुद्ध का जन्म · ईसा का जन्म · अशोक |
| 2000 सा.सं. | हम इस काल खंड में हैं |
6. अध्याय का एकमात्र सूत्र★★
किसी भी सा.सं.पू. तथा सा.सं. की तिथियों के बीच के वर्षों की गणना करते समय हमें सदैव दोनों को जोड़कर उनके योग में से 1 को घटा देना चाहिए।
पुस्तक के अपने दो उदाहरण:
| स्थिति | गणना | उत्तर |
|---|---|---|
| 2 सा.सं.पू. से 2 सा.सं. तक | 2 + 2 − 1 | 3 वर्ष |
| बुद्ध का जन्म (560 सा.सं.पू.) आज (2024 सा.सं.) से कितने वर्ष पूर्व | 560 + 2024 − 1 | 2583 वर्ष |
सूत्र कबनहीं लगताध्यान
| स्थिति | क्या करें | उदाहरण |
|---|---|---|
| एक तिथि सा.सं.पू., दूसरी सा.सं. | जोड़िए, फिर 1 घटाइए | 560 सा.सं.पू. से 2024 सा.सं. → 2583 |
| दोनों सा.सं.पू. | सीधा घटाइए | 560 − 320 = 240 |
| दोनों सा.सं. | सीधा घटाइए | 1947 − 1828 = 119 |
आधी कक्षा यहीं गलती करेगी — सूत्र रटकर हर जगह लगा देगी और 239 या 118 लिख देगी। कारण याद रखिए: −1 इसलिए घटाते हैं क्योंकि शून्य वर्ष नहीं है — और वह समस्या तभी आती है जब आप शून्य के आर-पार जा रहे हों।
7. मुख्य संख्याएँ
| मान | किसका | पृ. |
|---|---|---|
| 365 दिन / 12 माह | ग्रेगोरियन कैलेंडर | 62 |
| 4 | कितने वर्षों में एक अधिवर्ष | 62 |
| 400 | वह भाजक जिससे शताब्दी वर्ष का अधिवर्ष होना तय होता है | 62 |
| 10 / 100 / 1000 | दशक / शताब्दी / सहस्राब्दी | 64–65 |
| 2001–2100 | 21वीं शताब्दी | 64 |
| 300–201 सा.सं.पू. | तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. | 65 |
| 2001–3000 | तीसरी सहस्राब्दी | 65 |
| 560 सा.सं.पू. | गौतम बुद्ध के जन्म की अनुमानित तिथि | 62 |
| 2583 | बुद्ध के जन्म को 2024 सा.सं. से कितने वर्ष पूर्व | 63 |
| 1947 | भारत की स्वतंत्रता | 62 |
| लगभग 3 मीटर | बिंदुकृत हिस्से हटा दिए जाएँ तो चित्र 4.3 की लंबाई | 64 |
| 3,00,000 वर्ष पूर्व | होमो सेपियंस (मानव) | 60, 70 |
| 1,00,000 से 12,000 वर्ष पूर्व | हिम युग | 71 |
| 1500 वर्ष पूर्व | इतिहासकार के काम का पुस्तक-उदाहरण | 68 |
| पिछले 50 वर्ष | जिनमें वैज्ञानिक अध्ययनों का योगदान बढ़ा | 68 |
| दो-तीन शताब्दियाँ | ‘आधुनिक इतिहास’ की अवधि | 68 |
| 3 | पीढ़ियाँ, जिनकी वंशावली बनानी है | 65 |
| 4 | अतीत के अध्ययनकर्ता विशेषज्ञ | 61 |
| 4 | इतिहास के स्रोतों की मुख्य श्रेणियाँ | 67 |
| 4 | पुस्तक के सार के बिंदु | 73 |
8. भ्रमित करने वाले युग्म — परीक्षक ठीक यही पूछता है
| युग्म | अंतर जो अंक दिलाता है |
|---|---|
| सा.सं. बनाम सा.सं.पू. | सा.सं. = CE = A.D. (ईसा के बाद)। सा.सं.पू. = BCE = B.C. (ईसा से पहले, उल्टा क्रम)। |
| सा.सं.पू. में बड़ी बनाम छोटी संख्या | सा.सं.पू. में बड़ी संख्या अधिक पुरानी — 1900 सा.सं.पू., 323 सा.सं.पू. से पहले आता है। सा.सं. में उलटा। |
| सूत्र लगेगा या नहीं | आर-पार (एक सा.सं.पू. + एक सा.सं.) → जोड़कर 1 घटाइए। एक ही ओर → सीधा घटाइए। |
| शताब्दी की संख्या बनाम वर्ष | 21वीं शताब्दी = 2001–2100। शताब्दी की संख्या वर्ष के पहले दो अंकों से एक अधिक होती है। |
| तीसरी शताब्दी सा.सं. बनाम सा.सं.पू. | सा.सं. में 201–300; सा.सं.पू. में 300–201 — दिशा उलटी। |
| शताब्दी बनाम सहस्राब्दी | 100 बनाम 1000 वर्ष। वर्तमान — 21वीं शताब्दी, पर तीसरी सहस्राब्दी। |
| जीवाश्म विज्ञानी बनाम पुरातत्व विज्ञानी | जीवाश्म विज्ञानी — करोड़ों वर्ष पुराने जीवों के अवशेष। पुरातत्व विज्ञानी — मानव द्वारा छोड़ी गई वस्तुएँ, उत्खनन से। |
| मानव विज्ञानी बनाम इतिहासकार | मानव विज्ञानी — समाज व संस्कृति, अतीत से वर्तमान तक। इतिहासकार — अतीत का अध्ययन एवं उस पर लेखन। |
| पुरालेखशास्त्री बनाम पुरातत्व विज्ञानी | पुरालेखशास्त्री अभिलेख पढ़ता है; पुरातत्व विज्ञानी खोदकर निकालता है। |
| पुरातात्विक बनाम साहित्यिक स्रोत | पुरातात्विक = वस्तुएँ और संरचनाएँ। साहित्यिक = लिखा हुआ। |
| मौखिक बनाम साहित्यिक स्रोत | मौखिक = बोलकर चली आई (वंशावली, लोक साहित्य)। साहित्यिक = लिखी हुई। |
| भारतीय साहित्य बनाम विदेशी विवरण | दोनों साहित्यिक स्रोत हैं — पहला भीतर से, दूसरा बाहर से लिखा गया (यात्रा वृत्तांत, ऐतिहासिक वृत्तांत)। |
| इतिहास बनाम पृथ्वी का इतिहास | इतिहास = मानव के अतीत का अध्ययन। पृथ्वी का इतिहास कहीं लंबा है; मानव का हिस्सा नवीनतम और छोटा-सा। |
| आखेटक-संग्राहक बनाम कृषक | पहले भोजन खोजते थे, अस्थायी शिविरों/गुफाओं में रहते थे; बाद में एक स्थान पर बसकर अनाज उगाने लगे। |
| पल्ली बनाम गाँव बनाम कस्बा | पल्ली = छोटी बस्ती → बड़े गाँव → कुछ छोटे कस्बों में बदले। |
| तांबा बनाम लोहा | पुस्तक का क्रम — पहले तांबा, फिर लोहा। |
| अधिवर्ष का सामान्य नियम बनाम शताब्दी वर्ष | सामान्यतः हर 4 वर्ष में; शताब्दी वर्ष तभी जब 400 से विभाज्य हो। |
| समय-रेखा का बिंदुकृत हिस्सा | वह छोड़े गए कालखंड को दर्शाता है — अन्यथा चित्र 4.3 लगभग 3 मीटर लंबी हो जाती। |