कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT, पृ. 85–104 बाईं ओर पाठ्यपुस्तक का शब्द है — परीक्षा में यही लिखा जाना चाहिए। दाईं ओर की सरल भाषा केवल समझने के लिए है; उसे उत्तर में मत लिखिए।
क. पुस्तक ने जिन शब्दों की परिभाषा स्वयं दी है
ये हाशिये के रंगीन बॉक्स में दिए गए हैं। इनकी परिभाषा पुस्तक के शब्दों में ही याद कीजिए।
| पद | पुस्तक की परिभाषा | पृष्ठ |
|---|---|---|
| धातु विज्ञान | प्रकृति से धातु निष्कर्षण, उन्हें शुद्ध करने, आपस में मिलाने की तकनीकों और साथ-साथ धातु और उसके गुणों का वैज्ञानिक अध्ययन शामिल है | 86 |
| सहायक नदी | वह नदी जो किसी बड़ी नदी (या झील) में मिलती है — उदाहरणार्थ, यमुना नदी गंगा नदी की सहायक नदी है | 88 |
| किलेबंदी | आम तौर पर सुरक्षात्मक उद्देश्यों से किसी बस्ती या नगर के चारों ओर बनाई गई एक विशाल दीवार | 91 |
| अभिजात वर्ग | समाज के उच्च स्तर को संदर्भित करता है, जैसे — शासक, अधिकारी, प्रशासक और प्राय: पुरोहित या पुजारी | 91 |
| जलाशय | विशाल प्राकृतिक या कृत्रिम स्थान, जहाँ जल का भंडारण किया जाता है | 95 |
| दलहन | फसलों की श्रेणी, जिसमें सेम, मटर के दाने और दालें सम्मिलित हैं | 96 |
ख. सभ्यता से जुड़े पद
| पद | अर्थ | पृष्ठ |
|---|---|---|
| सभ्यता | मानव समाज का उन्नत चरण | 86 |
| नगरीकरण | नगर योजना, नगरों का विकास और उनका प्रबंधन — जिसमें सामान्यत: जल प्रबंधन और जल निकास व्यवस्था आती है | 86 |
| शिल्प | कच्चे माल (जैसे पत्थर और धातु) का प्रबंधन और तैयार माल (जैसे आभूषण और उपकरण) का उत्पादन | 86 |
| आंतरिक व्यापार | एक नगर अथवा एक क्षेत्र के अंदर होने वाला व्यापार | 86 |
| बाहरी व्यापार | दूरस्थ अथवा विश्व के अन्य भागों के साथ होने वाला व्यापार | 86 |
| कृषि उत्पादकता | ऐसी उपज जो गाँव ही नहीं, बल्कि नगरों को भी भोजन उपलब्ध करा सके | 86 |
ग. सभ्यता, स्थान और लोग
| पद | अर्थ | पृष्ठ |
|---|---|---|
| सिंधु सभ्यता | इस सभ्यता का वह नाम, जो सिंधु के मैदानों में मिले पुरास्थलों के कारण पड़ा | 88 |
| हड़प्पा सभ्यता | वह नाम, जो हड़प्पा के पहला उत्खनित नगर होने के कारण पड़ा | 88 |
| सिंधु-सरस्वती सभ्यता | वह नाम, जो सरस्वती की द्रोणी में भी अनेक पुरास्थल मिलने के कारण पड़ा | 88 |
| हड़प्पाई / हड़प्पावासी | इस सभ्यता के निवासी | 88 |
| भारत का पहला नगरीकरण | गाँवों के नगरों में और नगरों के महानगरों में बदलने की इस पूरी विकास प्रक्रिया का नाम | 88 |
| मेसोपोटामिया | आधुनिक इराक और सीरिया का क्षेत्र, जहाँ लगभग 6,000 वर्ष पहले सभ्यता आरंभ हुई | 87 |
| पुरास्थल | वह स्थान जहाँ पुरातात्विक अवशेष मिलते हैं | 90 |
| घग्गर-हाकरा | सरस्वती नदी का वर्तमान नाम — भारत में घग्गर, पाकिस्तान में हाकरा | 90 |
| द्रोणी (बेसिन) | किसी नदी का जल-ग्रहण क्षेत्र | 90 |
घ. नगर और भवन
| पद | अर्थ | पृष्ठ |
|---|---|---|
| ऊपरी नगर | नगर का वह भाग जहाँ संभवत: अभिजात वर्ग के लोग रहते थे | 91 |
| निचला नगर | नगर का वह भाग जहाँ साधारण लोग रहते थे | 91 |
| गोदाम | एक बड़ा भवन, जहाँ परिवहन किए जाने वाली वस्तुओं को रखा जाता था | 91 |
| महास्नानागार | मोहनजो-दड़ो का प्रसिद्ध 12 × 7 मीटर का स्नानागार | 91 |
| बिटुमेन | डामर के रूप में प्राकृतिक जल रोधक सामग्री, जो महास्नानागार की ईंटों पर चढ़ाई गई थी | 91 |
| जल-निकास प्रणाली | सड़कों के नीचे बनी नालियाँ, जिनमें अपशिष्ट जल बहता था | 94 |
ङ. शिल्प, व्यापार और वस्तुएँ
| पद | अर्थ | पृष्ठ |
|---|---|---|
| कार्नेलियन | अधिकतर गुजरात में पाया जाने वाला लाल रंग का अल्प मूल्यवान पत्थर, जिसके मोती सर्वाधिक प्रिय आभूषण थे | 97 |
| कांस्य | तांबे में टिन मिलाने पर बनने वाली धातु, जो तांबे की तुलना में कठोर होती है | 98 |
| स्टीऐटाइट | वह मुलायम पत्थर जिससे मुहरें बनीं; गरम कर कठोर किया जाता था | 99 |
| मुहर | कुछ सेंटीमीटर की छोटी वस्तु, जिसका मुख्य उपयोग व्यापार में पहचान के लिए रहा होगा | 99 |
| बेसिन (लोथल) | 217 × 36 मीटर की संरचना, जिसमें बंदरगाह जैसी संरचना अवश्य रही होगी | 98 |
| टेराकोटा | पकी हुई मिट्टी | 100 |
च. मुख्य संख्याएँ
| संख्या | किसकी |
|---|---|
| लगभग 6,000 वर्ष पहले | मेसोपोटामिया में सभ्यता का आरंभ |
| 3100 सा.सं.पू. | मिस्र की सभ्यता का आरंभ |
| 2600–1900 सा.सं.पू. | सिंधु-सरस्वती सभ्यता का काल |
| 3500 सा.सं.पू. से | गाँव नगरों में परिवर्तित हुए |
| लगभग 2600 सा.सं.पू. | नगर महानगरों में परिवर्तित हुए (कारण: बढ़ता व्यापार) |
| 2200 सा.सं.पू. से | जलवायु परिवर्तन आरंभ |
| 1900 सा.सं.पू. के आस-पास | सभ्यता का ह्रास |
| 1920–21 | हड़प्पा — पहला उत्खनित नगर |
| 1924 | हड़प्पा और मोहनजो-दड़ो की खोज |
| 12 × 7 मीटर | महास्नानागार, मोहनजो-दड़ो |
| 73 मीटर | धौलावीरा का सबसे बड़ा जलाशय |
| 33 मीटर | धौलावीरा का चट्टान काटकर बनाया गया जलाशय (चित्र 6.8) |
| कम से कम छह | धौलावीरा के विशाल जलाशयों की संख्या |
| 217 × 36 मीटर | लोथल का बेसिन |
| लगभग 7 सेमी. | हाथी दाँत का कंघा (ओमान में मिला) |
| 10.8 सेमी. | ‘नर्तकी’ की कांस्य प्रतिमा की ऊँचाई |
| 25 सेमी. | धौलावीरा का पत्थर पर उकेरा खेल-बोर्ड |
| लगभग 4 सेमी. | करनपुरा की मिट्टी की सीटी |
| 700 | मोहनजो-दड़ो में ईंटों से निर्मित कुएँ (अभ्यास प्रश्न 7) |
| तीन | धौलावीरा के क्षेत्र (अन्य नगरों में दो) |
छ. स्थानों की सूची
पाँच बड़े नगर(मानचित्र पर लाल बिंदु)
| नगर | आज कहाँ |
|---|---|
| हड़प्पा | पंजाब (पाकिस्तान) — रावी नदी पर |
| मोहनजो-दड़ो | सिंध (पाकिस्तान) — सिंधु नदी पर |
| गँवेरीवाला | चोलिस्तान मरुस्थल (पाकिस्तान) |
| राखीगढ़ी | हरियाणा |
| धौलावीरा | गुजरात (कच्छ का रन) |
अन्य बस्तियाँ
कालीबंगा (राजस्थान) · लोथल (गुजरात) · बनावली, भिर्राना, फरमाना (हरियाणा) · करनपुरा (राजस्थान) · चन्हुदड़ो · बालाकोट · नागेश्वर · खिरसरा · बगासरा · नागवाड़ा · रूपनगर · मांडा · मुसा खेल · डाबरकोट · लखनजो-दड़ो · शोर्तुगई
पर्वत और नदियाँ
| प्रकार | नाम |
|---|---|
| पर्वत (प्राकृतिक सीमाएँ, भूरे रंग में) | हिंदुकुश · हिमालय · सुलैमान श्रेणी · अरावली श्रेणी |
| नदियाँ | सिंधु · झेलम · चिनाब · रावी · सतलुज · ब्यास · सरस्वती · बनास · यमुना · गंगा |
ज. चित्र-सूची
| क्रमांक | पृष्ठ | विषय |
|---|---|---|
| चित्र 6.1 | 85 | धौलावीरा ‘किला’ क्षेत्र का उत्तरी प्रवेश द्वार |
| चित्र 6.2 | 87 | समय-रेखा — 2600 से 1900 सा.सं.पू. |
| चित्र 6.3 | 89 | सिंधु-सरस्वती सभ्यता की प्रमुख बस्तियों का मानचित्र |
| चित्र 6.4 | 92 | कालीबंगा (राजस्थान) के निचले नगर में एक चौड़ी सड़क |
| चित्र 6.5 | 92 | धौलावीरा के मध्य नगर की लंबवत गलियाँ — तीन क्षेत्र, पत्थर की नींव |
| चित्र 6.6 | 93 | मोहनजो-दड़ो का महास्नानागार |
| चित्र 6.7 | 94 | लोथल (गुजरात) में जल-निकास प्रणाली |
| चित्र 6.8 | 95 | धौलावीरा में चट्टान काटकर बनाया गया 33 मीटर लंबा जलाशय |
| चित्र 6.9 | 96 | मिट्टी से निर्मित हल का लघु प्रतिरूप (बनावली, हरियाणा) |
| चित्र 6.10 | 98 | सूसा (वर्तमान ईरान) में प्राप्त कार्नेलियन मनके |
| चित्र 6.11 | 98 | हड़प्पा का हाथी दाँत का कंघा, ओमान के तट पर पाया गया |
| चित्र 6.12 | 99 | लोथल में विशाल बंदरगाह |
| चित्र 6.13.1–3 | 99 | एकशृंगी पशु, बैल, सींग वाले बाघ की मुहरें |
| चित्र 6.14.1–6 | 100 | दर्पण · पात्र · भार-पत्थर · छैनी · खेल-बोर्ड · सीटी |
| चित्र 6.15.1–6 | 101 | ‘पुरोहित राजा’ · स्वास्तिक मुहर · त्रिमुखी देवता · ‘नर्तकी’ · नमस्ते मुद्रा · प्यासा कौआ |
झ. वे शब्द और वाक्य जिन पर सबसे अधिक ग़लती होती हैध्यान
| भ्रम | सही बात |
|---|---|
| ‘सिंधु घाटी सभ्यता’ | पुस्तक ‘घाटी’ शब्द का प्रयोग नहीं करती — सभ्यता सिंधु क्षेत्र से बहुत आगे फैली थी |
| ‘पुरोहित राजा’ | नाम प्रचलित है, पर पुस्तक कहती है कि यह मालूम नहीं कि प्रतिमा किसकी है |
| 73 और 33 | 73 = सबसे बड़ा जलाशय। 33 = चित्र 6.8 वाला चट्टान-कटा। दो अलग जलाशय |
| 1920–21 और 1924 | 1920–21 = पहला उत्खनित नगर। 1924 = खोज |
| 3500 और 2600 | 3500 = गाँव से नगर। 2600 = नगर से महानगर |
| 2200 और 1900 | 2200 = जलवायु परिवर्तन आरंभ। 1900 = ह्रास |
| कपास | यूरेशिया में सर्वप्रथम — ‘विश्व में’ नहीं |
| लोथल | पुस्तक उसे ‘एक लघु बस्ती’ कहती है, बड़ा नगर नहीं |
| आयात | पुस्तक कहती है “यह स्पष्ट नहीं है” — संभवत: तांबा |
| लेखन | हड़प्पा में लेखन है, पर उसका अर्थ अभी समझा जाना बाकी है |
| पृष्ठ 90 की तालिका | मिलान-अभ्यास है — जोड़ियाँ बदली हुई हैं। सही: धौलावीरा-गुजरात, हड़प्पा-पंजाब, कालीबंगा-राजस्थान, मोहनजो-दड़ो-सिंध, राखीगढ़ी-हरियाणा |