कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 137–148
बाईं ओर का शब्द पुस्तक का है — परीक्षा में यही चाहिए। दाईं ओर की व्याख्या समझने के लिए है, लिखने के लिए नहीं।
पुस्तक ने जिन शब्दों की परिभाषा स्वयं दी है★
ये तीन सबसे महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इनके शब्द पुस्तक के अपने हैं।
| पद | पुस्तक की अपनी परिभाषा | पृष्ठ |
|---|---|---|
| परिवार | “किसी भी समाज की मूलभूत और सबसे प्राचीन इकाई” | 137 |
| सहयोग | “एक साथ काम करना” | 139 |
| समुदाय | “आपस में जुड़े लोगों का समूह” (और पुस्तक जोड़ती है — “विभिन्न संदर्भों में इसके अन्य अर्थ भी होते हैं”) | 143 |
1. परिवार से जुड़े पद
| पद | अर्थ |
|---|---|
| संयुक्त परिवार | वह परिवार जिसमें अनेक पीढ़ियाँ एक साथ रहती हैं — दादा-दादी, माता-पिता, चाचा-चाची, भाई-बहन तथा चचेरे भाई-बहन |
| एकल परिवार | वह परिवार जिसमें एक दंपत्ति और उनकी संतान होती है; कई बार यह अकेली माता या पिता और उनके बच्चों तक सीमित होता है |
| पीढ़ी | एक ही आयु-चरण के लोगों का समूह — जैसे दादा-दादी, माता-पिता, बच्चे : तीन पीढ़ियाँ |
| दंपत्ति | पति और पत्नी, दोनों साथ |
| चचेरे भाई-बहन | चाचा-चाची के बच्चे (अंग्रेज़ी में ‘कजिन’, पर हिंदी में उन्हें भाई-बहन ही कहा जाता है) |
| गृहिणी | वह जो घर सँभालती है और बाहर वेतन पर काम नहीं करती |
| वंशावली | परिवार का वह चित्र जो दिखाता है कि कौन किसका है, और कौन किस पीढ़ी में है |
2. भूमिकाओं और मूल्यों से जुड़े पद★
| पद | अर्थ |
|---|---|
| भूमिका | परिवार या समूह में किसी सदस्य का काम और स्थान |
| दायित्व | वह काम जिसे करने की ज़िम्मेदारी किसी पर हो |
| अंतर्निर्भरता | एक-दूसरे पर निर्भर होना — जब हर किसी को दूसरे की आवश्यकता हो |
| ! धर्म | इस अध्याय में इसका अर्थ ‘कर्तव्य’ है — पुस्तक ने स्वयं लिखा है “अपने धर्म या कर्तव्यों का पालन” |
| अहिंसा | किसी को चोट या नुकसान न पहुँचाना |
| दान | देना — बिना बदले में कुछ चाहे |
| सेवा | दूसरों के लिए किया गया काम, जिसका उद्देश्य अपना लाभ न हो |
| त्याग | अपनी इच्छा या ज़रूरत छोड़ देना, ताकि दूसरे को मिल सके |
! ‘धर्म’ वाली पंक्ति सबसे ज़रूरी है। अध्याय 7 में पुस्तक ने इस शब्द से जान-बूझकर परहेज़ किया था (पृ. 118), क्योंकि वहाँ वह ‘religion’ के अर्थ में आता। यहाँ वह ‘कर्तव्य’ के अर्थ में लौटा है। दोनों को मत मिलाइए।
3. मलयालम संबोधन — शालिनी की कहानी से
| शब्द | पुस्तक ने कोष्ठक में क्या दिया |
|---|---|
| अच्चम्मा | पिता की माँ (दादी) |
| चित्तप्पा | पिता के भाई या चाचा |
| चित्ती | चाची या चाचा की पत्नी |
! ये शब्द याद करने योग्य हैं, पर इनका अर्थ ‘नियम’ की तरह मत लीजिए। दक्षिण भारत की भाषाओं में इनका प्रयोग क्षेत्र और परिवार के अनुसार थोड़ा बदलता है। परीक्षा के लिए पुस्तक ने जो कोष्ठक में दिया है, वही सही उत्तर है।
4. समुदाय से जुड़े पद★★
| पद | अर्थ |
|---|---|
| समुदाय | आपस में जुड़े लोगों का समूह |
| ★अलिखित ‘नियम’ | वे रिवाज़ जो कहीं लिखे नहीं हैं, पर जिन्हें सब मानते हैं — और जिनसे समुदाय को संसाधनों तक सुरक्षित पहुँच मिलती है |
| विशिष्ट कर्तव्य | वे काम जो समुदाय के हर परिवार और व्यक्ति को करने होते हैं, ताकि व्यवस्था चलती रहे |
| साझा संसाधन | वे चीज़ें जो किसी एक की नहीं, सबकी होती हैं — पानी, चरागाह, वन-उत्पाद |
| चरागाह | वह भूमि जहाँ पशु चरते हैं |
| वन-उत्पाद | जंगल से मिलने वाली चीज़ें — लकड़ी, फल, शहद, पत्ते आदि |
| प्राकृतिक संपदा | प्रकृति से मिलने वाली सब संपत्ति — जल, भूमि, वन, खनिज |
| आवासीय कल्याण समिति | किसी मोहल्ले या अपार्टमेंट के निवासियों की अपनी संस्था, जो अपने नियम और व्यवस्था बनाती है |
| अपशिष्ट प्रबंधन | कूड़े-कचरे का सही निपटान |
| नगर निगम | शहर की वह संस्था जो सफ़ाई, पानी, सड़क आदि का काम देखती है |
| लचीली संकल्पना | ऐसा विचार जिसका अर्थ एक ही नहीं, बल्कि संदर्भ के अनुसार बदलता है |
5. हलमा और अन्य उदाहरणों से जुड़े पद
| पद | अर्थ |
|---|---|
| ★हलमा | “संकट के समय किसी व्यक्ति या परिवार को समर्थन देने के लिए साथ मिलकर काम करने की प्रथा” — भील समुदाय की |
| प्रथा | कोई ऐसा चलन या रिवाज़ जो लंबे समय से चला आ रहा हो |
| भील | मध्य भारत का एक जनजातीय समुदाय |
| झाबुआ | मध्य प्रदेश का एक कस्बा, जिसके आस-पास के क्षेत्र में हलमा हुआ |
| जल संकट | पानी की गंभीर कमी |
| वर्षा जल संचय | बारिश के पानी को रोककर जमा करना |
| पारिश्रमिक | काम के बदले मिलने वाला पैसा या मज़दूरी |
| पद्मश्री | भारत सरकार द्वारा दिया जाने वाला एक नागरिक सम्मान |
| अभावग्रस्त | जिनके पास आवश्यक चीज़ों की कमी हो |
| वंचित | जिन्हें वह न मिला हो जो मिलना चाहिए था — जैसे शिक्षा से वंचित बच्चे |
| ऑटो फेब्रिकेशन वर्कशॉप | वाहनों के लिए धातु के पुर्जे या ढाँचे बनाने की छोटी कार्यशाला |
| हस्तशिल्प सहकारी संगठन | वह संस्था जहाँ कारीगर मिलकर हाथ से बनी चीज़ें बनाते और बेचते हैं |
| स्वेच्छा से | अपनी इच्छा से, बिना किसी के कहे |
| ओणम | केरल का एक बड़ा त्योहार |
चार जोड़ियाँ जो परीक्षा में उलटती हैं★
| जोड़ी | अंतर |
|---|---|
| संयुक्त ↔ एकल | संयुक्त = अनेक पीढ़ियाँ · एकल = एक दंपत्ति और संतान |
| धर्म (कर्तव्य) ↔ धर्म (religion) | इस अध्याय में इसका अर्थ केवल कर्तव्य है |
| 2015 ↔ 2019 | 2015 = चेन्नई की बाढ़ · 2019 = महेश शर्मा का पद्मश्री |
| 150 ↔ 30–40 | 150 = कमल परमार के बच्चे · 30–40 वर्ष = नए समुदायों का उभरना |
छह वाक्य जो शब्दश: याद रहने चाहिए★★
- “परिवार किसी भी समाज की मूलभूत और सबसे प्राचीन इकाई है।” (पृ. 137)
- “‘सहयोग’ का अर्थ है — ‘एक साथ काम करना’।” (पृ. 139)
- “परिवार एक ‘विद्यालय’ भी है, जहाँ बच्चे अहिंसा, दान, सेवा और त्याग जैसे महत्वपूर्ण मूल्य सीखते हैं।” (पृ. 140)
- “परिवार में सभी एक-दूसरे की सहायता करते हैं और उनके पास जो कुछ भी है, उसे आपस में साझा करते हैं।” (पृ. 141 — अच्चम्मा)
- “हम वहाँ पढ़ाने गए थे, किंतु हमने उनसे बहुत कुछ सीखा।” (पृ. 146)
- “अंतत: समुदाय एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं।” (पृ. 148)
और एक शब्द जो पूरे अध्याय को बाँधता है
अंतर्निर्भरता
पुस्तक इसे तीन बार कहती है — पृष्ठ 139 पर परिवार के लिए, पृष्ठ 146 पर समुदाय के लिए, और पृष्ठ 148 पर अध्याय की अंतिम पंक्ति में।
छोटी इकाई में जो सच है, बड़ी इकाई में भी वही सच है।