Chapter 2महासागर एवं महाद्वीप

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NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 2

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इस अध्याय के सारे ज़रूरी शब्द यहाँ एक जगह हैं: हर शब्द का अर्थ और किताब का वह पृष्ठ, जहाँ वह आता है। उद्धरण-चिह्नों में लिखी पंक्तियाँ किताब की अपनी हैं, उसी वर्तनी में; बिना उद्धरण-चिह्न वाले अर्थ हमारे सरल शब्दों में हैं। जहाँ कोई गिनती या निष्कर्ष हमारा है, वहाँ हमारा लिखा है। पृष्ठ संख्याएँ 2026-27 में छपी किताब की हैं। लिखते समय वही शब्द लिखिए जो किताब में छपा है, जैसे “भूखंड”, “अलवणीय”, “आस्ट्रेलिया”।


1. जल और भूमि के शब्द

शब्दअर्थपृष्ठ
नीला ग्रहपृथ्वी का प्यार भरा नाम। अंतरिक्ष से पृथ्वी नीली दिखती है, क्योंकि “पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है।” यह नाम आरंभिक अंतरिक्ष यात्रियों ने दिया।28
महासागर“ग्लोब पर हम जो सबसे बड़ी जलराशियाँ देखते हैं, उन्हें ‘महासागर’ कहते हैं।”28
भूखंड“भूमि के एक बड़े भाग को ‘भूखंड’ कहते हैं”28
महाद्वीप“भूमि के एक बड़े निरंतर विस्तार को ‘महाद्वीप’ कहा जाता है।”28
द्वीप“चारों ओर जल से घिरे हुए भूखंड को द्वीप कहा जाता है।”36
द्वीप समूहकई द्वीपों का समूह। भारत में मुख्य रूप से दो द्वीप समूह हैं (नीचे भाग 7 देखिए)।37
यूरेशियायूरोप और एशिया एक ही भूखंड हैं। भूगर्भशास्त्री इन्हें सामान्यत: एक ही महाद्वीप मानते हैं; उसी का नाम यूरेशिया है।35
गोलार्धपृथ्वी का आधा भाग। इस अध्याय में उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध की बात है: “दक्षिणी गोलार्ध की तुलना में उत्तरी गोलार्ध में स्थल भाग अधिक है।”29, 38

अध्याय के अंत में किताब दोनों मुख्य शब्द एक वाक्य में बाँधती है: “पृथ्वी की सतह पर विस्तृत जलाशयों को ‘महासागर’ और विशाल भूखंडों को ‘महाद्वीप’ कहा जाता है।” (पृष्ठ 38)

2. जल के प्रकार

शब्दअर्थपृष्ठ
लवणीय (खारा) जलनमक वाला, खारा जल; महासागरों का जल ऐसा ही है। “पृथ्वी पर उपलब्ध जल का अधिकांश भाग महासागरों में है, परंतु यह जल लवणीय (खारा) है एवं मानव सहित बहुत से स्थलीय जीवों के उपभोग के लिए अनुपयोगी है।”31
अलवणीय जल (पेय जल)जिस जल में लवण (नमक) न हो; पीने लायक़ जल। “दूसरी ओर अलवणीय जल (पेय जल) का पृथ्वी के जल संसाधनों में अत्यल्प हिस्सा है।”31
अत्यल्पबहुत ही थोड़ा।31
हिमनद (ग्लेशियर)अलवणीय जल का एक रूप। किताब पाँच रूप गिनाती है: “यह हिमनद (ग्लेशियर), नदियों, झीलों, वायुमंडल एवं भूमिगत जल के रूप में व्याप्त है।”31
भूमिगत जलज़मीन के नीचे का जल; अलवणीय जल का एक रूप।31

3. महासागरों के शब्द

शब्दअर्थपृष्ठ
पाँच महासागरप्रशांत, अटलांटिक, हिंद, आर्कटिक और दक्षिणी महासागर।31
दक्षिणी (अथवा अंटार्कटिका) महासागरपाँच महासागरों में से एक; किताब इसका दूसरा नाम अंटार्कटिका महासागर भी लिखती है। चित्र 2.3 में यह सबसे नीचे, अंटार्कटिका महाद्वीप के पास दिखता है।31–32
सागर, खाड़ी (Bay & Gulf)महासागरों के “छोटे-छोटे विस्तार”। इनकी परिभाषा किताब के अंत की शब्दावली में है।29
अरब सागरहिंद महासागर का वह भाग, जो भारत के पश्चिम में है।33
बंगाल की खाड़ीहिंद महासागर का वह भाग, जो भारत के पूर्व में है।33
सीमांकनसीमा तय करना। किताब कहती है: “महासागरों का यह सीमांकन प्रचलन से अधिक कुछ नहीं हैं, क्योंकि प्राकृतिक जगत ऐसी किन्हीं भी सीमाओं का पालन नहीं करता है।”31
प्रचलनचलन, लोगों में चली आ रही रीत। महासागरों की सीमाएँ इसी से बनी हैं, प्रकृति से नहीं।31
पारंपरिक सीमाएँचित्र 2.3 में महासागरों के बीच खींची रेखाएँ, जो परंपरा से मानी जाती हैं।32

! दक्षिणी महासागर जल है, अंटार्कटिका महाद्वीप (भूमि) है। इसके दूसरे नाम, अंटार्कटिका महासागर, से दोनों को एक मत समझिए।

4. समुद्री जीवन के शब्द

पहले तीन अर्थ किताब के पृष्ठ 31 के हाशिये में ही दिए हैं।

शब्दअर्थपृष्ठ
समुद्री“महासागरों एवं सागरों में पाए जाने वाले अथवा उससे संबंधित”31
वनस्पति जगत“किसी विशेष क्षेत्र अथवा कालखंड में पाए जाने वाले पेड़-पौधे”31
प्राणि जगत“किसी विशेष क्षेत्र अथवा कालखंड में पाए जाने वाले जीव-जंतु”31
शैवाल (Algae and Seaweeds)समुद्री वनस्पति जगत का भाग: “समुद्री वनस्पति जगत में छोटे पौधे एवं सभी समुद्री शैवाल (Algae and Seaweeds) सम्मिलित हैं।”31
पृथ्वी के फेफड़ेमहासागरों का नाम। कारण: “दुनिया-भर की आधी ऑक्सीजन महासागर का वनस्पति जगत उत्पन्न करता है। इसीलिए इन्हें ‘पृथ्वी के फेफड़े’ कहा जाता है।”37

5. आपदा के शब्द

शब्दअर्थपृष्ठ
चक्रवातमहासागर से उठने वाला तूफ़ान, जिसमें बहुत तेज़ हवाएँ चलती हैं; किताब इन्हें “अति प्रचंड हवाएँ” कहती है। ऐसे तूफ़ान दुनिया के तटीय क्षेत्रों में दूर-दूर तक क्षति पहुँचाते हैं।33
सुनामी“यह विशाल और शक्तिशाली तरंगें होती हैं जो महासागर तल में तीव्र भूकंप अथवा ज्वालामुखी के फटने के कारण आती हैं।”34
पूर्व चेतावनी प्रणालीआपदा आने से पहले उसका पता देने वाली व्यवस्था। सुनामी के बारे में किताब कहती है: “तट से टकराने से पहले इसका अनुमान लगाया जा सकता है।” बहुत से देश ऐसी प्रणाली के लिए मिल-जुलकर काम कर रहे हैं।34
हिंद महासागर सुनामी चेतावनी प्रणालीऐसी ही एक प्रणाली, जिसमें भारत समेत बहुत से देश सहयोग कर रहे हैं। “इससे जान-माल की रक्षा करने के उपायों में सहायता मिलती है।”34
आपदा प्रबंधन“जिन घटनाओं के कारण जान और माल की क्षति होती है, उन्हें आपदा प्रबंधन के अंतर्गत नियंत्रित किया जाता है।”34
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण“भारत में सभी प्रकार की आपदाओं का सामना करने के लिए ‘राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण’ है”34

! राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण केवल सुनामी के लिए नहीं है। किताब के शब्द हैं: “सभी प्रकार की आपदाओं” के लिए।

6. और ज़रूरी शब्द

शब्दअर्थपृष्ठ
‘शं नो वरुण:’भारतीय नौसेना के प्रतीक चिह्न पर अंकित आदर्श वाक्य। अर्थ: “हे वरुण! हमारे लिए कल्याणकारी हों”। “यह महासागर, आकाश तथा जल से संबंधित वैदिक देवता वरुण की स्तुति है।”28
मानसूनी वर्षा“भारत में होने वाली अपेक्षित मानसूनी वर्षा महासागरों से उत्पन्न होती है। इस वर्षा के अभाव में हमारी कृषि और पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा।”33
सापेक्षिक आकारकौन-सा महाद्वीप दूसरे से कितना बड़ा या छोटा है। पृष्ठ 36 का वर्गों वाला आरेख “वास्तविक आकार को नहीं, अपितु सापेक्षिक आकार को दर्शाता है।”35
ओलंपिक के पाँच छल्ले“ये छल्ले विश्व-भर से खिलाड़ियों के एकत्र होने का प्रतीक हैं।” इन्हें पाँच बसे हुए महाद्वीपों के लिए चुना गया था: अफ्रीका, अमेरिका, एशिया, आस्ट्रेलिया और यूरोप।35
भारतीय अंटार्कटिका कार्यक्रम1981 से इसके अंतर्गत अंटार्कटिका में अन्वेषण किया जा रहा है।37
दक्षिण गंगोत्री“1983 में भारत ने अंटार्कटिका में ‘दक्षिण गंगोत्री’ नामक पहला वैज्ञानिक बेस स्टेशन स्थापित किया था।”37
जलचक्रकिताब कहती है कि महासागरों से महाद्वीपों पर वर्षा होती है, और “यह पृथ्वी के जलचक्र का भाग है जिसे आप आगे विज्ञान में पढ़ेंगे।”37
विश्व महासागर दिवस8 जून। संयुक्त राष्ट्र ने इसे घोषित किया, “हमारे दिन-प्रतिदिन के जीवन में महासागर की महत्वपूर्ण भूमिका को याद रखने के लिए”।38
सामूहिक दायित्वसबकी मिली-जुली ज़िम्मेदारी। “हम सभी का सामूहिक दायित्व है कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य के लिए महासागरों को बचाने का प्रयास करें।”38

7. याद रखने लायक़ सूचियाँ

पाँच महासागर, सबसे बड़े से सबसे छोटे तक (पृष्ठ 32)

क्रममहासागर
1प्रशांत महासागर: सबसे बड़ा
2अटलांटिक महासागर
3हिंद महासागर
4दक्षिणी महासागर
5आर्कटिक महासागर: सबसे छोटा

महाद्वीपों की गिनती (पृष्ठ 35, किताब की तालिका)

गिनतीमहाद्वीप
चार महाद्वीपअफ्रीका-यूरेशिया, अमेरिका, अंटार्कटिका, आस्ट्रेलिया
पाँच महाद्वीपअफ्रीका, अमेरिका, अंटार्कटिका, आस्ट्रेलिया, यूरेशिया
छह महाद्वीपअफ्रीका, अंटार्कटिका, आस्ट्रेलिया, यूरेशिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका
सात महाद्वीपअफ्रीका, अंटार्कटिका, आस्ट्रेलिया, एशिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका, यूरोप

“व्यावहारिक रूप से सात महाद्वीपों की अंतिम सूची को ही व्यापक रूप से अपनाया और प्रयोग में लाया जाता है।” (पृष्ठ 35)

भारत के दो मुख्य द्वीप समूह (पृष्ठ 37)

द्वीप समूहकहाँ
अंडमान और निकोबार द्वीप समूहबंगाल की खाड़ी में
लक्षद्वीप द्वीप समूहअरब सागर में

संख्याएँ और तारीख़ें

संख्याकिस बात कीपृष्ठ
तीन-चौथाईपृथ्वी का इतना भाग जल से घिरा है28
लगभग एक-चौथाईग्लोब का इतना भाग भूमि का है28
5महासागर31
चार से सातमहाद्वीपों की गिनती इनके बीच कुछ भी हो सकती है; सात वाली सूची सबसे ज़्यादा अपनाई जाती है34–35
26 दिसंबर 2004हिंद महासागर की प्रचंड सुनामी का दिन34
भारत और अन्य 13 देशउस सुनामी से प्रभावित हुए34
दो लाख से अधिकउस आपदा में इतने लोगों की जान गई34
लाखोंइस ग्रह पर इतने द्वीप हैं, अलग-अलग आकार के36
10 राज्यग्रीनलैंड का आकार समझने के लिए भारत के सबसे बड़े 10 राज्यों का क्षेत्रफल जोड़ना होगा37
1,300 से अधिकभारत के द्वीप37
1981तब से भारतीय अंटार्कटिका कार्यक्रम के अंतर्गत अन्वेषण हो रहा है37
1983दक्षिण गंगोत्री बेस स्टेशन बना; बाद में दो और बेस स्टेशन बने37
लगभग 40अंटार्कटिका में शोध करने वाले भारतीय वैज्ञानिक दल37
आधीदुनिया-भर की ऑक्सीजन का इतना भाग महासागर का वनस्पति जगत उत्पन्न करता है37
8 जूनविश्व महासागर दिवस38

8. मिलते-जुलते शब्द जो उलझाते हैं

ये शब्दफ़र्कपृष्ठ
महाद्वीप और द्वीपदोनों चारों ओर जल से घिरे हैं। महाद्वीपों को “आकार में बड़े होने के कारण” द्वीप नहीं कहा जाता।36
भूखंड और महाद्वीपभूखंड भूमि का एक बड़ा भाग है; महाद्वीप भूमि का एक बड़ा निरंतर विस्तार है।28
महासागर, सागर और खाड़ीमहासागर सबसे बड़ी जलराशियाँ हैं; सागर और खाड़ी उनके छोटे-छोटे विस्तार हैं।28–29
पाँच नाम और एक जलमहासागरों के नाम पाँच हैं, पर “ये वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं”।31
दक्षिणी महासागर और अंटार्कटिकापहला महासागर (जल) है, दूसरा महाद्वीप (भूमि)।31, 35
अरब सागर और बंगाल की खाड़ीदोनों हिंद महासागर के भाग हैं: अरब सागर भारत के पश्चिम में, बंगाल की खाड़ी पूर्व में।33
लक्षद्वीप और अंडमान और निकोबारलक्षद्वीप द्वीप समूह अरब सागर में है; अंडमान और निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी में।37
चक्रवात और सुनामीचक्रवात तूफ़ान है, अति प्रचंड हवाओं वाला। सुनामी विशाल तरंगें हैं, जो महासागर तल में तीव्र भूकंप अथवा ज्वालामुखी के फटने से आती हैं।33–34
लवणीय और अलवणीय जललवणीय जल खारा है और महासागरों में है; अलवणीय जल पीने का जल है और बहुत थोड़ा है।31
वनस्पति जगत और प्राणि जगतवनस्पति जगत में पेड़-पौधे; प्राणि जगत में जीव-जंतु।31
यूरोप-एशिया और यूरेशियासामान्यत: यूरोप और एशिया दो महाद्वीप माने जाते हैं; भूगर्भशास्त्री दोनों को एक महाद्वीप, यूरेशिया, मानते हैं।34–35
सात महाद्वीप और ओलंपिक के पाँचसात वाली सूची सबसे ज़्यादा अपनाई जाती है। ओलंपिक के छल्ले “पाँच बसे हुए महाद्वीपों” के हैं, इसलिए उनमें अंटार्कटिका नहीं है और दोनों अमेरिका एक गिने गए हैं (हमारा निष्कर्ष, किताब की सूची से)।35
वास्तविक और सापेक्षिक आकारपृष्ठ 36 के वर्ग असली क्षेत्रफल नहीं बताते; वे केवल यह दिखाते हैं कि कौन-सा महाद्वीप दूसरे से कितना बड़ा है।35–36
सबसे बड़ा और सबसे छोटामहासागरों में प्रशांत सबसे बड़ा, आर्कटिक सबसे छोटा। सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड। महाद्वीपों में पृष्ठ 36 के वर्ग गिनने पर एशिया सबसे बड़ा और आस्ट्रेलिया सबसे छोटा निकलता है (यह गिनती हमारा हिसाब है; किताब यह गिनती आपसे करवाती है)।32, 36–37