कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 195–208 हर पद पुस्तक का अपना है। जहाँ पुस्तक स्वयं परिभाषा देती है, वह उद्धरण में है।
अध्याय के चार मुख्य पद — इन्हें सबसे पहले★★
| पद | पुस्तक की परिभाषा |
|---|---|
| आर्थिक क्षेत्रक | “व्यापक समूह, जिनमें ऐसी विभिन्न गतिविधियाँ सम्मिलित होती हैं जिनसे एक राष्ट्र की आर्थिक समृद्धि में सहायता मिलती है।” |
| प्राथमिक क्षेत्रक | “उन गतिविधियों का समूह, जिसमें प्रकृति से सीधे कच्चे माल का निष्कर्षण शामिल होता है, जैसे — कृषि, मत्स्य पालन, वानिकी आदि।” |
| द्वितीयक क्षेत्रक | “उन गतिविधियों का समूह, जिनमें प्राथमिक क्षेत्रक से प्राप्त कच्ची सामग्रियों के प्रसंस्करण द्वारा इसे बिक्री या उपभोग हेतु उत्पादों में परिवर्तित करना सम्मिलित है।” |
| तृतीयक क्षेत्रक | “उन गतिविधियों का समूह, जिसमें प्राथमिक तथा द्वितीयक क्षेत्रकों के संपूरक के रूप में इन्हें सहायता प्रदान करने वाली सेवाओं का प्रावधान है, जैसे — परिवहन, बैंकिंग, व्यवसाय प्रबंधन आदि।” |
★तीन क्रियाओं में — निकालना · बदलना · पहुँचाना
और तृतीयक क्षेत्रक का दूसरा नाम — सेवा क्षेत्रक।
पाठ में दी गई परिभाषाएँ
| पद | पुस्तक का कथन |
|---|---|
| प्राथमिक गतिविधियाँ | जिनमें लोग प्रत्यक्ष रूप से वस्तुओं के उत्पादन के लिए प्रकृति पर निर्भर रहते हैं |
| द्वितीयक गतिविधियाँ | जिनमें लोग प्राथमिक क्षेत्रक पर आधारित वस्तुओं को रूपांतरित करके अन्य वस्तु का उत्पादन करते हैं |
| तृतीयक गतिविधियाँ | जो प्राथमिक और द्वितीयक गतिविधियों में सम्मिलित लोगों को सहायता प्रदान करती हैं; इनमें ऐसी सेवाएँ हैं “जिन्हें देखा नहीं जा सकता” |
हाशिये की शेष परिभाषाएँ★
| पद | पुस्तक की परिभाषा | पृ. |
|---|---|---|
| मौद्रिक मूल्य | “किसी वस्तु का मूल्य जिसे मुद्रा के मूल्य के रूप में मापा जा सकता है।” | 195 |
| गोदाम (वेयरहाउस) | “विशाल इमारतें जिसमें उत्पादों को बेचने, उपयोग करने या दुकानों में किराए पर देने से पहले रखा जाता है।” | 201 |
| डेयरी | “एक ऐसा स्थान जहाँ दूध को एकत्रित तथा उसका भंडारण किया जाता है।” | 202 |
| बिचौलिए | “व्यक्ति, जो उत्पादकों से सामान खरीदते हैं और उपभोक्ताओं को बेचते हैं। बिचौलिए इस सेवा के लिए शुल्क लेते हैं।” | 202 |
| सहकारी संगठन | “व्यक्तियों का एक समूह जब स्वेच्छा से एक साथ आकर औपचारिक तरीके से अपनी आर्थिक तथा सामाजिक आवश्यकताओं को पूरा करता है। समूह के सभी सदस्य सहकारी संगठन के स्वामी होते हैं और उनके द्वारा सामूहिक रूप से निर्णय लिए जाते हैं।” | 203 |
| पाश्चुरीकरण | “ऐसी प्रक्रिया जिसमें दूध को एक निश्चित तापमान तक गर्म किया जाता है, ताकि इसके हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करके इसे संरक्षित किया जा सके।” | 203 |
| कारखाना | “भवन या भवनों का समूह, जहाँ वस्तुओं का निर्माण किया जाता है, या विभिन्न घटकों को एक साथ मिलाकर अंतिम उत्पाद तैयार किया जाता है।” | 203 |
| खुदरा | “माल की बिक्री को थोड़ी मात्रा में अंतिम उपभोगकर्ताओं तक पहुँचाना और जिसका उद्देश्य माल का पुनर्विक्रय नहीं है।” | 204 |
| निर्यात | “वस्तुएँ और सेवाएँ, जो किसी एक देश में उत्पादित होती हैं और इन्हें किसी अन्य देश के क्रेताओं या उपभोक्ताओं को बेचा जाता है।” | 204 |
पृष्ठ 197 के पंद्रह नाम★★
| प्राथमिक क्षेत्रक | द्वितीयक क्षेत्रक | तृतीयक क्षेत्रक |
|---|---|---|
| कृषि | निर्माण | स्वास्थ्य देखभाल |
| खनन | विनिर्माण | व्यापार और उपयोगी सामग्री |
| मछली पकड़ना | जल-आपूर्ति | संचार |
| कुक्कुट पालन | सौर ऊर्जा | बैंकिंग |
| वानिकी | विद्युत उत्पादन | परिवहन |
प्राथमिक क्षेत्रक के पद
| पद | अर्थ |
|---|---|
| निष्कर्षण | निकालना — प्राथमिक क्षेत्रक की पहचान |
| कच्चा माल | वह सामग्री जिससे कोई वस्तु बनाई जाती है |
| प्राकृतिक संसाधन | प्रकृति से मिलने वाली चीज़ — मिट्टी, जल, वन, खनिज |
| कृषि | खेती |
| खनन | खदानों से खनिज निकालना |
| वानिकी | जंगलों से जुड़ा काम |
| मत्स्य पालन (मात्स्यिकी) | मछली पालने और पकड़ने का काम |
| कुक्कुट पालन | मुर्गी पालन |
| पशु पालन | पशुओं को पालना |
| ग्रीनहाउस कृषि | ढके हुए घर में की जाने वाली खेती |
| उपज | खेत से मिलने वाली फ़सल |
द्वितीयक क्षेत्रक के पद
| पद | अर्थ |
|---|---|
| रूपांतरण | एक रूप से दूसरे रूप में बदलना — द्वितीयक क्षेत्रक की पहचान |
| प्रसंस्करण | कच्चे माल पर क्रिया करके उसे उपयोग योग्य बनाना |
| निर्माण | भवन, सड़क आदि बनाना |
| विनिर्माण | कारखानों में वस्तुएँ बनाना |
| उत्पादन इकाई | वह जगह जहाँ वस्तुएँ बनती हैं |
| लौह अयस्क | वह पत्थर जिससे लोहा निकाला जाता है |
| इस्पात | लोहे से बना मज़बूत धातु |
| मिल | अनाज पीसने या कपड़ा बनाने का कारखाना |
| वस्त्र कारखाना | कपड़े बनाने का कारखाना |
| औषधि कारखाना | दवाइयाँ बनाने का कारखाना |
| जल-आपूर्ति | पानी को साफ़ करके घरों तक पहुँचाना |
| सौर ऊर्जा | सूर्य से बनाई गई बिजली |
| विद्युत उत्पादन | बिजली बनाना |
| यात्री वाहन | लोगों को ले जाने वाले वाहन, जैसे कारें |
| वाणिज्यिक वाहन | सामान ढोने वाले वाहन, जैसे ट्रक |
| तिपहिया / दोपहिया वाहन | तीन पहियों वाले / दो पहियों वाले वाहन |
तृतीयक क्षेत्रक के पद
| पद | अर्थ |
|---|---|
| सेवा | ऐसा काम जिसमें कोई वस्तु नहीं बनती, पर लोगों को सहायता मिलती है |
| संपूरक | जो दूसरे को पूरा करता है |
| परिवहन | एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाना |
| बैंकिंग | बैंक से जुड़ा काम |
| व्यवसाय प्रबंधन | व्यापार को चलाने और सँभालने का काम |
| संचार | बात पहुँचाने के साधन — मोबाइल, इंटरनेट |
| स्वास्थ्य देखभाल | चिकित्सा से जुड़ी सेवाएँ |
| विपणन | माल को बेचने की पूरी व्यवस्था |
| खुदरा (फुटकर) | थोड़ी-थोड़ी मात्रा में अंतिम ग्राहक को बेचना |
| उपभोक्ता | जो वस्तु या सेवा का उपयोग करता है |
| तकनीशियन | मशीनों की मरम्मत करने वाला जानकार |
| मैकेनिक | वाहनों की मरम्मत करने वाला |
| बिजली मिस्त्री (इलेक्ट्रिशियन) | बिजली का काम करने वाला |
| अधिवक्ता | वकील |
| विमान चालक | पायलट |
अमूल की कहानी के पद
| पद | अर्थ |
|---|---|
| सहकारिता | मिलकर काम करने की व्यवस्था |
| दुग्ध सहकारी संघ | दूध उत्पादकों का सहकारी संगठन |
| उत्पादक | जो वस्तु बनाता या उगाता है |
| गुणवत्ता | अच्छाई का स्तर |
| तौल | वजन |
| आणंद | गुजरात का वह जिला जहाँ अमूल बना |
| भंडारण | सामान रखकर सुरक्षित करना |
| वितरण | बाँटकर लोगों तक पहुँचाना |
| संग्रह | इकट्ठा करना |
| दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र | दूध पर क्रिया करने वाला कारखाना |
| उत्पीड़ित | जिसके साथ अन्याय हुआ हो |
| परामर्श | सलाह |
| औपचारिक | नियम और विधि के अनुसार |
| स्वेच्छा से | अपनी इच्छा से |
| स्वामी | मालिक |
चित्र 14.1 और पुनर्चक्रण के पद
| पद | अर्थ |
|---|---|
| लुगदी | “पेड़ के काष्ठीय रेशे” — जिससे कागज बनता है |
| काष्ठीय | लकड़ी से संबंधित |
| मुद्रण | छपाई |
| पुनर्चक्रण (रिसाइकिलिंग) | पुरानी वस्तु से नई वस्तु बनाना |
| लैंडफिल | वह स्थान “जहाँ अपशिष्ट को डाला जाता है” |
| अपशिष्ट | कूड़ा |
| घन मीटर | आयतन नापने की इकाई |
| टन | वजन की एक बड़ी इकाई |
| विवेकपूर्ण उपयोग | सोच-समझकर, बिना बरबादी के उपयोग |
सामान्य पद
| पद | अर्थ |
|---|---|
| वर्गीकरण | अलग-अलग वर्गों में बाँटना |
| समूहबद्ध करना | समूहों में रखना |
| आजीविका | जीने के लिए किया जाने वाला काम |
| समृद्धि | ख़ुशहाली, धन-धान्य |
| प्रगति | आगे बढ़ना |
| सार्थक | अर्थ रखने वाला, उपयोगी |
| भौतिक तनाव | भौतिक कठिनाई और अभाव |
| अंतिम उत्पाद | वह वस्तु जो पूरी तरह तैयार हो चुकी हो |
| परस्पर निर्भरता | एक-दूसरे पर निर्भर होना |
| भिन्नता | अंतर |
| प्रवाह चित्र (फ्लो चार्ट) | तीरों से बना वह चित्र जो चरणों का क्रम दिखाता है |
| नूडल्स | “नोट्स (Notes) और डूडल्स (Doodles) को मिलाकर बना शब्द-संक्षेप” |
पिछले अध्यायों से लौटने वाले पद★
| पद | कहाँ से | यहाँ कैसे लौटा |
|---|---|---|
| मौद्रिक मूल्य | अध्याय 13 | परिचय में, आर्थिक गतिविधि की पहचान के रूप में |
| मूल्य संवर्धन | अध्याय 13 (राजेश की कुर्सी) | अब वही द्वितीयक क्षेत्रक है |
| अर्थशास्त्र | अध्याय 11 (संग्रहण, करवाटिका…) | अब उद्धरण के रूप में |
| स्वेच्छा से · सामूहिक निर्णय | अध्याय 11 (ग्राम सभा) | अब सहकारी संगठन की परिभाषा में |
| अपशिष्ट और स्वच्छता | अध्याय 12 | अब पुनर्चक्रण के रूप में |
याद रखने योग्य आठ पद — यदि केवल आठ याद रखने हों★
- आर्थिक क्षेत्रक
- प्राथमिक क्षेत्रक (निष्कर्षण)
- द्वितीयक क्षेत्रक (रूपांतरण)
- तृतीयक क्षेत्रक (सेवा क्षेत्रक)
- सहकारी संगठन
- बिचौलिए
- खुदरा और निर्यात
- परस्पर निर्भरता