घड़ी घुमाइए, तिथियाँ गिनिए, टुकड़े जोड़िए
शुरुआत
इतिहास अतीत की कहानी है — पर उसे जानें कैसे, और समय गिनें कैसे? इस अध्याय में तिथियों का हिसाब, समय-रेखा, इतिहास के स्रोत और आदिमानव की कहानी है।

“इतिहास अतीत एवं वर्तमान के मध्य एक अनवरत संवाद है … हम अतीत के आलोक में ही वर्तमान समाज को पूर्णतः समझ सकते हैं।”
अध्याय इन तीन प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 59)
- हम ऐतिहासिक काल की गणना किस प्रकार करते हैं?
- इतिहास को समझने के लिए विभिन्न स्रोत हमारी किस प्रकार सहायता कर सकते हैं?
- आदिमानव किस प्रकार रहते थे?
इतिहास (पृ. 60)
मानव के अतीत का अध्ययन। आपकी सबसे पुरानी याद — शायद पाँच-छह साल पहले की — भी आपका अतीत है।
इस अध्याय के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में रहती है। कहीं भेजी नहीं जाती।
1अतीत को कैसे जानें
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1होमो सेपियंस (मानव) पृथ्वी पर लगभग कब से हैं?
पृ. 70: लगभग 3,00,000 (तीन लाख) वर्ष।
2जीवाश्मों का अध्ययन कौन करता है?
पृ. 61: जीवाश्म विज्ञानी।
2समय की गणना
हर समाज की समय गिनने की अपनी प्रणाली रही है। आज दुनिया भर में ग्रेगोरियन कैलेंडर (तिथिपत्र) चलता है; त्योहारों के लिए हिंदू, मुस्लिम, यहूदी, चीनी आदि तिथिपत्र भी (पृ. 61–62)।
सा.सं. और सा.सं.पू. (पृ. 62–63)
ईसा मसीह के जन्म के पारंपरिक वर्ष से आगे के वर्ष "सामान्य संवत" (सा.सं., अंग्रेज़ी में CE — पहले AD) कहलाते हैं; उससे पहले के वर्ष पीछे की ओर गिने जाते हैं: "सामान्य संवत पूर्व" (सा.सं.पू., BCE — पहले BC)। जैसे भारत 1947 सा.सं. में स्वतंत्र हुआ।
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12 सा.सं.पू. से 2 सा.सं. तक कितने वर्ष होते हैं?
पृ. 63: शून्य वर्ष नहीं होता, इसलिए 2 + 2 − 1 = 3।
2"सा.सं." का पुराना अंग्रेज़ी नाम क्या था?
पृ. 62: पहले AD लिखते थे, अब CE (सा.सं.)।
3शताब्दी, सहस्त्राब्दी, अधिवर्ष
वर्ष और दशक (10 वर्ष) के साथ इतिहास में दो और शब्द आते हैं (पृ. 64–65): शताब्दी — 100 वर्ष, और सहस्त्राब्दी — 1,000 वर्ष। गिनती 1 सा.सं. से आगे, और 1 सा.सं.पू. से पीछे होती है।
- हम 21वीं शताब्दी में हैं — 2001 से 2100 तक।
- तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. = 300 सा.सं.पू. से 201 सा.सं.पू. तक।
- हम तीसरी सहस्त्राब्दी में हैं — 2001 से 3000 सा.सं. तक।
- पहली सहस्त्राब्दी सा.सं.पू. = 1 सा.सं.पू. से 1000 सा.सं.पू. तक।
ध्यान रखें: पंचांग (पृ. 65)
कई भारतीय तिथिपत्र महीने और दिन तय करने के लिए सूर्य और चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर हैं। पंचांग तालिकाओं की पुस्तक है — सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण, सूर्योदय, सूर्यास्त का सटीक आकलन, त्योहारों की तिथियाँ और मौसम का पूर्वानुमान। आज भी भारत में इसका बड़े स्तर पर उपयोग होता है।
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121वीं शताब्दी कब से कब तक है?
पृ. 64: 2001 से 2100 तक।
2इनमें से कौन-सा वर्ष अधिवर्ष है?
पृ. 62: शताब्दी वर्ष तभी अधिवर्ष जब 400 से बँटे — सिर्फ़ 2000।
3तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. में कौन-से वर्ष आते हैं?
पृ. 65: 300 सा.सं.पू. से 201 सा.सं.पू. तक।
4समय-रेखा बनाइए
समय-रेखा तिथियों और घटनाओं का क्रम दिखाने का सुविधाजनक उपकरण है। उस पर तिथियाँ देखे बिना भी दिखता है कि बुद्ध का जन्म ईसा मसीह के जन्म से पहले हुआ (पृ. 64)।
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1इनमें से सबसे पुरानी तिथि कौन-सी है?
सा.सं.पू. में बड़ी संख्या ज़्यादा पुरानी: 323 सा.सं.पू.।
2समय-रेखा से क्या पता चलता है?
पृ. 64: घटनाओं का अनुक्रम।
5इतिहास के स्रोत
इतिहास का स्रोत = कोई स्थान, व्यक्ति, लेख अथवा वस्तु, जिसके माध्यम से हम अतीत की किसी घटना या कालखंड की जानकारी एकत्र करते हैं (पृ. 65)। हर वस्तु एक कहानी कहती है — जैसे चित्र-खंड पहेली (जिगसॉ) का एक टुकड़ा (पृ. 67)।
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1प्राचीन अभिलेख कौन पढ़ते हैं?
पृ. 68: पुरालेखशास्त्री।
2जब दो स्रोत उलटी बात कहें तो इतिहासकार क्या करते हैं?
पृ. 68: तय करना पड़ता है कि किस स्रोत पर अधिक विश्वास करें।
6आदिमानव
मानव (होमो सेपियंस) लगभग 3,00,000 (तीन लाख) वर्ष से पृथ्वी पर रह रहे हैं — लंबा समय लगता है, पर पृथ्वी के इतिहास का छोटा-सा अंश (पृ. 70)।
आइए विचार करें (पृ. 72)
चित्रों में पुरुषों और महिलाओं को तय भूमिकाओं में दिखाया जाता है, पर ज़रूरी नहीं कि वे सही हों। हो सकता है महिलाओं ने गुफा-चित्र के रंग बनाए हों या ख़ुद चित्र बनाए हों, और पुरुषों ने खाना बनाया हो या बच्चों की देखभाल की हो। याद रखिए — उस समय की हमारे पास सीमित जानकारी ही है।
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1आदिमानव मुख्य रूप से कैसे भोजन जुटाते थे?
पृ. 70: वे आखेटक और खाद्य संग्राहक थे।
2आदिमानव के जीवन की झलक कहाँ मिलती है?
पृ. 71: सैकड़ों गुफाओं के शैल-चित्रों में।
7पहली फ़सलें, पहले गाँव
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1अंतिम हिम युग लगभग कब समाप्त हुआ?
पृ. 71: लगभग 12,000 वर्ष पहले।
2पहले कौन-सी धातु उपयोग में आई?
पृ. 73: पहले तांबा, फिर लोहा।
8सार और अभ्यास
पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 73)
पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।
आख़िरी जाँच✓ पड़ाव पूरा
1सहस्त्राब्दी कितने वर्षों की होती है?
पृ. 65: 1,000 वर्ष।
2पल्ली का अर्थ क्या है?
पृ. 73: एक छोटी बस्ती अथवा छोटा गाँव।
3पंचांग में क्या मिलता है?
पृ. 65: खगोलीय आँकड़े, ग्रहण, सूर्योदय-सूर्यास्त, त्योहार, मौसम का पूर्वानुमान।
आठों पड़ाव पूरे! अब अभ्यास प्र. 1 आज़माइए: अपने परिवार या गाँव का इतिहास लिखिए।