अध्याय 9परिवार और समुदाय

इंटरैक्टिव अध्याय30 मिनट

NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, अध्याय 9 (पृ. 137–148)।

परिवार-वृक्ष बनाइए, सूखी धरती हरी कीजिए, अपना जाल बुनिए

शुरुआत

हम में से अधिकांश एक परिवार में रहते हैं, और हर परिवार दूसरे परिवारों और आस-पास के लोगों से जुड़ा होता है। इस अध्याय में देखिए कि परिवार और समुदाय एक-दूसरे का साथ कैसे देते हैं।

“प्रेम और धर्म पारिवारिक जीवन के पुष्प और फल हैं।”

— तिरुवल्लुवर — अध्याय का आरंभ, पृ. 137

अध्याय इन दो प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 137)

  1. परिवार की इकाई क्यों महत्वपूर्ण है?
  2. समुदाय क्या है और इसकी क्या भूमिका है?

इस अध्याय के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में रहती है। कहीं भेजी नहीं जाती।

1परिवार

परिवार किसी भी समाज की मूलभूत और सबसे प्राचीन इकाई है। आज भारतीय समाज में कई प्रकार के परिवार हैं — संयुक्त परिवार से लेकर एकल परिवार तक (पृ. 137)।

संयुक्त या एकल?

घर बदलकर देखिए।

अनेक पीढ़ियाँ एक साथ: दादा-दादी, माता-पिता, चाचा-चाची, भाई-बहन और चचेरे भाई-बहन (पृ. 137)।

चित्र हमारा बनाया है।

किस प्रकार का परिवार?

हर परिवार को सही डिब्बे में डालिए।

एक शब्द, अंग्रेज़ी में कई शब्द

अंग्रेज़ी में पारिवारिक रिश्तों के लिए बहुत शब्द नहीं हैं; भारतीय भाषाओं में बहुत हैं — जैसे हिंदी में बुआ, ताऊ, ताई, चाचा, मौसी, नाना, नानी। तमिल जैसी कुछ भाषाओं में बड़े और छोटे भाई-बहन के लिए भी अलग शब्द हैं (पृ. 138)। पुस्तक के दो उदाहरण खोलिए।

"कज़िन" के लिए शब्द? (पृ. 138)

अधिकांश भारतीय भाषाओं में "कज़िन" के लिए कोई अलग शब्द नहीं मिलेगा — क्योंकि कज़िन भी "भाई" और "बहन" ही हैं। इससे परिवार के सब बच्चों के बीच गहरे संबंध का पता चलता है।

जाँच पड़ाव

  1. 1एकल परिवार में कौन होते हैं?

  2. 2अधिकांश भारतीय भाषाओं में "कज़िन" के लिए अलग शब्द क्यों नहीं है?

2भूमिकाएँ एवं दायित्व

परिवार के सदस्यों के संबंध आपसी प्रेम, देखभाल, सहयोग और अंतर्निर्भरता पर आधारित होते हैं। "सहयोग" का अर्थ है — एक साथ काम करना। माता-पिता बच्चों को ख़ुशहाल व्यक्ति और समाज के ज़िम्मेदार सदस्य बनाने के लिए उत्तरदायी होते हैं, और बच्चे बड़े होने पर घर में और दायित्व सँभालते हैं (पृ. 139)।

परिवार भी एक "विद्यालय" है (पृ. 140)

अहिंसादानसेवात्याग

अपने धर्म, यानी कर्तव्यों का पालन, भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत रहा है। परिवार में बच्चे ये मूल्य सीखते हैं; सदस्य अक्सर परिवार की ज़रूरतों के लिए अपनी ज़रूरतें छोड़ देते हैं।

शालिनी की कहानी (केरल, पृ. 140–141)

ओणम की तैयारी चल रही थी। शालिनी के चाचा की नौकरी छूट गई थी। माता-पिता ख़रीदारी के लिए गए तो सिर्फ़ अपने लिए नहीं, चाचा, चाची और उनकी बेटी के लिए भी कपड़े लाए। शालिनी को अपनी उम्मीद वाले रेशमी कपड़े नहीं, सादे सूती कपड़े मिले — पर उसे ख़ुशी थी कि सबको नए कपड़े मिले। दादी ने समझाया: परिवार में सब एक-दूसरे की सहायता करते हैं और जो है, आपस में बाँटते हैं।

शालिनी का परिवार-वृक्ष बनाइए

पुस्तक का क्रियाकलाप। नाम पर टैप कीजिए, फिर उसकी जगह पर — या खींचकर रखिए।

आइए पता लगाएँ (पृ. 141)

शालिनी के माता-पिता सबके लिए कपड़े क्यों लाए? आप शालिनी की जगह होते तो क्या करते?

आपके घर में कौन क्या करता है? (पृ. 140)

बाज़ार से क्या लाना है, यह कौन तय करता है? भोजन कौन पकाता है? सबसे बड़ा कौन है? फ़र्श और बर्तन कौन साफ़ करता है? गृहकार्य में कौन मदद करता है? अपने उत्तर सहपाठियों से मिलाइए।

जाँच पड़ाव

  1. 1"सहयोग" का अर्थ क्या है?

  2. 2शालिनी को रेशमी की जगह सूती कपड़े क्यों मिले?

3मेघालय का एक परिवार

अब चलिए पूर्वोत्तर में मेघालय के एक गाँव। तेनज़िंग अपने परिवार के बारे में बताता है (पृ. 141–142)।

तेनज़िंग के घर में कौन क्या करता है?

हर व्यक्ति को उसके काम से जोड़िए।

घर का पैसा (पृ. 142)

विशेष ख़र्च आने पर तेनज़िंग के माता-पिता आपस में चर्चा करते हैं। माँ कहती हैं कि भविष्य के अचानक ख़र्चों के लिए कुछ बचत ज़रूर करनी चाहिए।

आइए विचार करें (पृ. 142–143)

  1. तेनज़िंग के पिता विशेष ख़र्चों पर पत्नी से सलाह क्यों लेते हैं?
  2. घर के कामों में उनकी भागीदारी के बारे में आप क्या सोचते हैं?
  3. संयुक्त और एकल — दोनों प्रकार के परिवारों के कुछ लाभ और कुछ हानियाँ क्या हैं?

जाँच पड़ाव

  1. 1तेनज़िंग की माँ कहाँ काम करती हैं?

  2. 2माँ भविष्य के लिए क्या सलाह देती हैं?

4समुदाय

परिवार अपने भीतर ही नहीं, दूसरे परिवारों और आस-पास के लोगों से भी जुड़े होते हैं। आपस में जुड़े लोगों के इस समूह को "समुदाय" कहते हैं। सदस्य त्योहार, मेले, विवाह जैसे अवसरों पर साथ आते हैं; कुछ गाँवों में बुआई और कटाई के लिए भी (पृ. 143)।

किसके नियम?

समुदाय अपने नियम बनाते हैं — कुछ अलिखित, कुछ लिखित। हर नियम को सही डिब्बे में डालिए।

हलमा: झाबुआ के भील (पृ. 144)

संकट में किसी व्यक्ति या परिवार का साथ देने के लिए मिलकर काम करने की परंपरा "हलमा" है। स्लाइडर से कहानी आगे बढ़ाइए।

चित्र हमारा बनाया है और सिर्फ़ विचार दिखाता है।

चेन्नई, 2015 (पृ. 144)

बाढ़ में सड़कें मानो नदियाँ बन गईं, दुकानें बंद हुईं, सेवाएँ रुकीं। अनेक निजी समूहों — विशेषकर आध्यात्मिक और धार्मिक संगठनों — ने बड़ी मात्रा में भोजन बनाकर ज़रूरतमंदों में बाँटा। क्या आपने ऐसी किसी घटना के बारे में सुना है?

जाँच पड़ाव

  1. 1"हलमा" परंपरा किस समुदाय की है?

  2. 2हलमा का उद्देश्य क्या है?

5शहर में समुदाय

समुदाय शहरों में भी होते हैं, पर कुछ अलग तरह से काम करते हैं (पृ. 144)। बीस साल से अधिक पहले अहमदाबाद (गुजरात) में एक छोटी ऑटो फ़ैब्रिकेशन वर्कशॉप के मालिक कमल परमार ने सड़क पर वंचित बच्चों का एक समूह देखा — कुछ ने पढ़ाई छोड़ दी थी, कुछ कभी विद्यालय गए ही नहीं थे।

कमल परमार की कक्षा

बटन दबाकर देखिए कक्षा कैसे बढ़ी।

पहले दो चरणों के बच्चों की संख्या सिर्फ़ चित्र के लिए है; पुस्तक सिर्फ़ 150 बताती है।

"हम वहाँ पढ़ाने गए थे, किंतु हमने उनसे बहुत कुछ सीखा।" — एक बड़े बच्चे का कथन (पृ. 146)

  1. यह कहानी समुदाय के प्रति किस मनोवृत्ति को दिखाती है?
  2. कमल परमार के प्रयास में कौन-से मूल्य दिखते हैं?
  3. समाज को सभी बच्चों की शिक्षा तक पहुँच सुनिश्चित करने के लिए क्या करना चाहिए?

आपका सहायता-जाल

समुदाय अंततः एक-दूसरे पर निर्भर हैं। आवासीय कल्याण समिति भी सामान के लिए व्यापारी समुदाय और कूड़े के लिए नगर निगम के कामगारों पर निर्भर है (पृ. 146)। पुस्तक का क्रियाकलाप: परिवार के बाहर के वे सब लोग लिखिए जो अपने काम से आपकी मदद करते हैं (पृ. 147)। यह कहीं सहेजा नहीं जाता।

जाँच पड़ाव

  1. 1कमल परमार की कक्षा में नियमित रूप से कितने बच्चे आने लगे?

  2. 2आवासीय कल्याण समिति कूड़े के लिए किस पर निर्भर है?

6समुदाय के अनेक रूप

"समुदाय" एक लचीली संकल्पना है (पृ. 147)। एक जाति या उसका उपविभाजन भी समुदाय कहलाता है; किसी धर्म, क्षेत्र, काम या रुचि के लोगों का समूह भी — जैसे मुंबई का पारसी समुदाय, चेन्नई का सिख समुदाय, अमेरिका का भारतीय समुदाय, केरल का वैज्ञानिक समुदाय, गाँव का किसान समुदाय। सूची अंतहीन है!

नए समुदाय (पृ. 146)

पिछले 30–40 वर्षों में नए प्रकार के समुदाय उभरे हैं, जैसे शहरों की आवासीय कल्याण समितियाँ, जो अपने नियम ख़ुद बनाती हैं और जिनमें रहने वाले उन नियमों को बनाने में भागीदार होते हैं।

विद्यालय में आप किन समुदायों का हिस्सा हैं?

पुस्तक के उदाहरणों में से चुनिए (पृ. 147)।

जिनका हिस्सा हैं, उन पर टैप कीजिए।

जाँच पड़ाव

  1. 1इनमें से क्या पुस्तक के अनुसार समुदाय का उदाहरण है?

  2. 2आवासीय कल्याण समिति जैसे समुदाय कब से उभरे?

7सार और अभ्यास

पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 148)

पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।

प्रश्न और क्रियाकलाप (पृ. 148)

  1. आप अपने परिवार और पास-पड़ोस में किन नियमों का पालन करते हैं? ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?
  2. क्या आपको लगता है कि कुछ नियम परिवार या समुदाय के कुछ लोगों के प्रति अनुचित हैं? क्यों?
  3. ऐसी परिस्थितियाँ बताइए जहाँ आपने देखा कि समुदाय के सहयोग से लाभ हुआ — लिखिए या चित्र बनाइए।

आख़िरी जाँच

  1. 1पुस्तक के अनुसार मानव समाज का आधार क्या है?

  2. 2समुदायों के बारे में पुस्तक का निष्कर्ष क्या है?