शब्द खोलिए, नाम का सफ़र देखिए, दिशाएँ जोड़िए
शुरुआत
आज का भारत एक आधुनिक राष्ट्र है — तय सीमाएँ, तय राज्य, ज्ञात जनसंख्या। पर 500, 2000 या 5000 वर्ष पहले यह बहुत अलग था। इस भू-भाग के अलग-अलग नाम रहे और सीमाएँ भी बदलती रहीं (पृ. 77)। इस अध्याय में देखिए कि ये नाम कहाँ से आए।

“भारत में प्रारंभिक काल से ही आध्यात्मिक और सांस्कृतिक एकता स्थापित हो गई थी, जो हिमालय और दो समुद्रों के बीच इस महान मानवता की जीवनधारा का अभिन्न अंग बन गई।”
अध्याय इन दो प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 75)
- भारत को हम कैसे परिभाषित कर सकते हैं?
- भारत के कुछ प्राचीन नाम क्या थे?
पहला चित्र (पृ. 75)
अध्याय का पहला चित्र साँची के महान स्तूप के उत्तरी द्वार का है — उसमें लगभग 2,300 वर्ष पहले के ग्रामीण भारत का एक दृश्य है।
इस अध्याय के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। आपकी प्रगति सिर्फ़ इसी ब्राउज़र में रहती है। कहीं भेजी नहीं जाती।
1भारतीयों ने दिए नाम
भारत को उसके निवासियों ने भी नाम दिए और बाहर से आए लोगों ने भी। ये नाम प्राचीन पुस्तकों, यात्रियों और तीर्थयात्रियों के वृत्तांतों और शिलालेखों में मिलते हैं (पृ. 77)।
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1"सप्त सैंधव" का अर्थ क्या है?
पृ. 77: "सात नदियों की भूमि"।
2भारत का सबसे प्राचीन ग्रंथ कौन-सा है?
पृ. 77: ऋग्वेद।
2भारतवर्ष और जम्बूद्वीप
महाभारत भारत के सबसे प्रसिद्ध ग्रंथों में से एक है। इसमें अनेक क्षेत्रों के नाम हैं, और ये उपमहाद्वीप के पूरे भूगोल में फैले हैं (पृ. 78–79)। प्राचीन ग्रंथों की तिथि तय करना कठिन है; विद्वान सामान्यतः मानते हैं कि यह महाकाव्य सा.सं.पू. की कुछ शताब्दियों से लिखा जाने लगा था (पृ. 78)।
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1"भारतवर्ष" का अर्थ क्या है?
पृ. 78: "भरत का देश"।
2अशोक ने पूरे भारत के लिए अपने शिलालेख में कौन-सा नाम लिखा?
पृ. 78–79: जम्बूद्वीप।
3समुद्र से हिमालय तक
कुछ शताब्दियों बाद पूरे उपमहाद्वीप के लिए सामान्यतः "भारत" नाम चलने लगा (पृ. 80)। प्राचीन ग्रंथ "विष्णु पुराण" में लिखा है:
उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्
वर्षं तद् भारतं नाम…
"वह देश जो समुद्र के उत्तर में और हिमाच्छादित पर्वतों के दक्षिण में है, उसे भारत कहते हैं।"
यह नाम आज भी (पृ. 80)
उत्तर भारत में इसे सामान्यतः "भारत" लिखते हैं, और दक्षिण भारत में प्रायः "भारतम्"।
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1विष्णु पुराण के अनुसार भारत किसके दक्षिण में है?
पृ. 80: समुद्र के उत्तर में, हिमाच्छादित पर्वतों के दक्षिण में।
2दक्षिण भारत में प्रायः यह नाम कैसे लिखा जाता है?
पृ. 80: भारतम्।
4सिंधु से इंडिया
विदेशियों में सबसे पहले प्राचीन ईरान (फ़ारस) के निवासियों ने भारत का उल्लेख किया। छठी शताब्दी सा.सं.पू. में एक फ़ारसी सम्राट ने सैन्य अभियान करके सिंधु नदी के क्षेत्र पर नियंत्रण किया (पृ. 81)।
ध्यान रखिए (पृ. 81)
प्राचीन फ़ारसी में "हिंदू" पूरी तरह एक भौगोलिक शब्द है — यहाँ इसका अर्थ हिंदू धर्म नहीं है।
हिंदुस्तान (पृ. 83)
यह शब्द आज से लगभग 1,800 वर्ष पहले सबसे पहले एक फ़ारसी शिलालेख में आया। बाद में भारत पर आक्रमण करने वालों ने उपमहाद्वीप के लिए यही शब्द अपनाया।
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1विदेशियों में सबसे पहले भारत का उल्लेख किसने किया?
पृ. 81: प्राचीन ईरान (फ़ारस) के निवासी।
2यूनानियों ने "हिंदू" से "ह" क्यों हटा दिया?
पृ. 81: यह अक्षर यूनानी भाषा में नहीं था।
5यात्री और समय-रेखा
जुआनजैंग (पहले "ह्वेनसांग" लिखा जाता था) 7वीं शताब्दी सा.सं. में चीन से भारत आए (पृ. 83)। उनके बाद भी कई चीनी विद्वान सदियों तक भारत आते रहे।
आइए विचार करें — अभ्यास प्र. 4 (पृ. 84)
प्राचीन काल में दुनिया के अलग-अलग भागों से लोग भारत की यात्रा क्यों करते थे? पुस्तक का संकेत: कम से कम चार या पाँच उद्देश्य हो सकते हैं। जुआनजैंग की यात्रा से एक तो आपको मिल ही गया होगा — बाक़ी कक्षा में चर्चा कीजिए।
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1जुआनजैंग कितने वर्ष बाद चीन लौटे?
पृ. 83: 17 वर्ष बाद।
2"हिंदुस्तान" शब्द सबसे पहले कहाँ मिला?
पृ. 83: लगभग 1,800 वर्ष पहले एक फ़ारसी शिलालेख में।
6सार और अभ्यास
पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 84)
पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।
आख़िरी जाँच✓ पड़ाव पूरा
1अधिकांश भारतीय भाषाओं में देश का नाम क्या है?
पृ. 84: "भारत"।
2विदेशियों के दिए ज़्यादातर नाम किससे बने?
पृ. 84: सिंधु नदी से।
3संविधान की शुरुआत में कौन-सा वाक्यांश है?
पृ. 81: "इंडिया, दैट इज भारत"; हिंदी में "भारत अर्थात इंडिया"।
छहों पड़ाव पूरे! अब अभ्यास प्र. 1 पर कक्षा में चर्चा कीजिए: श्री अरविंद के उद्धरण का क्या अर्थ है?
