अध्याय 4इतिहास की समय-रेखा एवं उसके स्रोत

अभिभावकों के लिए10 मिनटस्रोत जाँचे गए

NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, अध्याय 4, पृ. 59–74

यह पन्ना उनके लिए है जो बच्चे के साथ घर पर बैठते हैं। आपको यह विषय आना ज़रूरी नहीं है। नीचे सवाल भी दिए हैं और उनके जवाब भी — आप बस सवाल पूछिए और बच्चे का जवाब मिलाकर देख लीजिए।

एक बात का ध्यान रखिए: नीचे कुछ शब्द मोटे अक्षरों में हैं। ये किताब के अपने शब्द हैं। इनके आगे कोष्ठक में आसान मतलब दिया है। बच्चे से मोटे अक्षरों वाला शब्द ही बुलवाइए — आसान शब्द कहने से परीक्षा में नंबर कट सकते हैं।

1. इस अध्याय में है क्या

यह इतिहास का पहला अध्याय है — और मज़े की बात यह है कि इसमें कोई राजा-रानी नहीं है।

यह अध्याय दो चीज़ें सिखाता है:

  1. पुराने ज़माने का समय कैसे गिना जाता है — यानी “ये बात कितने साल पहले की है?”
  2. हमें पुरानी बातों का पता चलता कैसे है — यानी स्रोत (सोर्स)।

और आख़िर में एक छोटी-सी कहानी — कि सबसे पुराने ज़माने के लोग कैसे रहते थे।

सबसे ज़रूरी बात — इसी पर सबसे ज़्यादा नंबर हैं★

बच्चों को दो शब्द सीखने हैं:

शब्दमतलबअंग्रेज़ी में
सा.सं.ईसा मसीह के जन्म के बाद के सालCE (पहले AD कहते थे)
सा.सं.पू.ईसा मसीह के जन्म से पहले के सालBCE (पहले BC कहते थे)

और एक अजीब बात, जो पूरे अध्याय की जान है: इस कैलेंडर में ‘शून्य वाला साल’ है ही नहीं। 1 सा.सं.पू. के तुरंत बाद 1 सा.सं. आ जाता है — बीच में कुछ नहीं।

इसी वजह से एक जोड़-घटाना सीखना पड़ता है। घबराइए नहीं, वह बहुत आसान है — नीचे समझाया है।

2. दस सवाल — और उनके जवाब

बच्चे से पूछिए। जवाब मिलाइए। जितने सही, उतने पर निशान लगाइए। 7 या उससे ज़्यादा सही = अध्याय ठीक तैयार है। 5 से कम = फिर से पढ़ना चाहिए।

#सवालसही जवाब✓
1इतिहास किसे कहते हैं?मानव के अतीत का अध्ययन (इंसान के पुराने समय की पढ़ाई)☐
2जो लोग ज़मीन खोदकर पुरानी चीज़ें निकालते हैं, उन्हें क्या कहते हैं?पुरातत्व विज्ञानी☐
3सा.सं. और सा.सं.पू. में क्या फ़र्क़ है?सा.सं. = ईसा के बाद; सा.सं.पू. = ईसा से पहले☐
41 सा.सं.पू. के तुरंत बाद कौन-सा साल आता है?1 सा.सं. — बीच में शून्य वाला साल है ही नहीं☐
5शताब्दी और सहस्राब्दी कितने-कितने साल के होते हैं?100 साल और 1000 साल☐
6अभी हम कौन-सी शताब्दी में हैं?21वीं — जो 2001 से 2100 तक चलेगी☐
7इतिहास का स्रोत क्या होता है?कोई जगह, आदमी, लिखावट या चीज़, जिससे हमें पुरानी बातों का पता चले☐
8इतिहास के स्रोत कितनी तरह के होते हैं?चार — पुरातात्विक, मौखिक, साहित्यिक, कलात्मक☐
9आदिमानव (सबसे पुराने ज़माने के लोग) क्या करके खाते थे?वे आखेटक एवं खाद्य संग्राहक थे (शिकार करते और फल-पत्ते इकट्ठा करते थे)☐
10खेती शुरू होने पर लोग नदी के किनारे क्यों बसे?सिर्फ़ पानी के लिए नहीं — वहाँ की मिट्टी ज़्यादा उपजाऊ भी थी☐

सवाल 10 पर ख़ास ध्यान दीजिए। ज़्यादातर बच्चे सिर्फ़ “पानी के लिए” कहते हैं और आधे नंबर खो देते हैं। किताब साफ़ लिखती है कि दो वजहें थीं।

3. वह जोड़-घटाना — आसान भाषा में★

यह अध्याय का सबसे ज़रूरी हिस्सा है। आपको गणित आना ज़रूरी नहीं — बस यह तीन लाइनें समझ लीजिए और बच्चे से पूछ लीजिए।

सोचिए एक सीढ़ी है, जिसके बीच में एक डंडा गायब है। अगर आपको उस गायब डंडे को पार करना पड़े, तो एक कदम कम गिनना पड़ता है। अगर आप एक ही तरफ़ रहें, तो कुछ कम नहीं करना।

कैसी तारीख़ेंक्या करना हैउदाहरण
एक सा.सं.पू. की, एक सा.सं. कीजोड़ो, फिर 1 घटाओ560 + 2024 − 1 = 2583
दोनों सा.सं.पू. कीसीधा घटाओ560 − 320 = 240
दोनों सा.सं. कीसीधा घटाओ1947 − 1828 = 119

बच्चे से यही तीन सवाल पूछिए:

  1. “560 सा.सं.पू. और 2024 सा.सं. के बीच कितने साल?” → 2583
  2. “560 सा.सं.पू. और 320 सा.सं.पू. के बीच कितने साल?” → 240
  3. “1828 सा.सं. और 1947 सा.सं. के बीच कितने साल?” → 119

! अगर बच्चा दूसरे या तीसरे सवाल में 239 या 118 कहे, तो यही उसकी सबसे बड़ी गलती है। उसे बताइए: “एक घटाना सिर्फ़ तब है जब गायब डंडा पार करना पड़े। दोनों एक ही तरफ़ हों तो सीधा घटा दो।” यह सवाल परीक्षा में ज़रूर आएगा।

4. सात शब्द जो बच्चे को आने चाहिए

बाएँ वाला शब्द किताब का है — यही याद होना चाहिए। दाएँ वाला सिर्फ़ आपकी समझ के लिए है।

किताब का शब्दआसान मतलब
इतिहासइंसान के पुराने समय की पढ़ाई
इतिहासकारजो पुराने समय की पढ़ाई करके उस पर लिखता है
जीवाश्मबहुत पुराने जीव-जंतुओं या पौधों के निशान, जो पत्थर या मिट्टी में दबे रह गए
समय-रेखाएक लकीर जिस पर तारीख़ें और घटनाएँ क्रम से लगाई जाती हैं
शताब्दीसौ साल का समय
सहस्राब्दीहज़ार साल का समय
वंशावलीपरिवार की पीढ़ियों की सूची — दादा, परदादा, और आगे

5. कॉपी में क्या-क्या होना चाहिए

अध्याय पूरा हो जाने पर कॉपी में ये चीज़ें दिखनी चाहिए। एक-एक करके देखिए —

क्याहै?
इतिहास की परिभाषा☐
चार विशेषज्ञों की तालिका (भू-विज्ञानी, जीवाश्म विज्ञानी, मानव विज्ञानी, पुरातत्व विज्ञानी)☐
सा.सं. / सा.सं.पू. वाली छोटी तालिका☐
★जोड़-घटाने की तीन स्थितियों वाली तालिका☐
शताब्दी और सहस्राब्दी की तालिका (21वीं, तीसरी)☐
इतिहास के स्रोतों की चार श्रेणियाँ☐
खेती शुरू होने की कारण-सूची (हिम युग → बसना → खेती → नदी के किनारे)☐
किताब के आख़िरी तीन-चार निष्कर्ष☐
वंशावली की भरी हुई तालिका (गृह-कार्य)☐

अगर ‘जोड़-घटाने वाली तालिका’ गायब है, तो सबसे पहले वही पूरी करवाइए — परीक्षा में सबसे ज़्यादा नंबर उसी पर हैं।

6. यहाँ बच्चे अक्सर गड़बड़ करते हैं

गलतीसही बात
हर सवाल में ‘1 घटा’ देना1 सिर्फ़ तब घटता है जब एक तारीख़ सा.सं.पू. की हो और दूसरी सा.सं. की
1828 को 18वीं शताब्दी कहनायह 19वीं शताब्दी है। शताब्दी का नंबर हमेशा एक ज़्यादा होता है
21वीं शताब्दी को 2100–2199 समझना21वीं शताब्दी 2001 से 2100 तक है
सा.सं.पू. में छोटी संख्या को पुराना समझनाउलटा है — सा.सं.पू. में बड़ी संख्या ज़्यादा पुरानी होती है (1900 सा.सं.पू., 323 सा.सं.पू. से पहले का है)
शताब्दी और सहस्राब्दी का नंबर मिला देनाहम 21वीं शताब्दी में हैं, पर तीसरी सहस्राब्दी में
‘शून्य वाला साल’ मान लेनावह है ही नहीं — 1 सा.सं.पू. के बाद सीधे 1 सा.सं.
नदी किनारे बसने की सिर्फ़ एक वजह लिखनादो वजहें थीं — पानी और उपजाऊ मिट्टी

7. घर पर पाँच मिनट का एक काम —यह ज़रूर कीजिए

“अपने परिवार की वंशावली बनाइए।”

यह किताब का ही काम है (पृ. 65–66), और इसमें आपकी मदद सबसे ज़्यादा काम आएगी — क्योंकि यह जानकारी सिर्फ़ आपके पास है।

बच्चे से एक तालिका बनवाइए और आप बताइए:

संबंधनामक्या काम करते थेकहाँ पैदा हुएयह बात आपको कहाँ से पता चली?
दादा-दादी
नाना-नानी
परदादा-परदादी
परनाना-परनानी

★आख़िरी ख़ाना सबसे ज़रूरी है, और यही पूरे अध्याय का विषय है। बच्चे से पूछिए — “तुझे यह कैसे पता चला?” जवाब होंगे: “नानी ने बताया” (यह मौखिक स्रोत है), “पुरानी फ़ोटो देखी” या “राशन कार्ड पर लिखा था” (यह लिखित/वस्तु स्रोत है)।

यही इतिहासकार करता है — बस पूरे देश के लिए। अगर बच्चा यह समझ गया, तो अध्याय समझ गया।

और अगर घर में कोई पुरानी चीज़ हो — पुराना सिक्का, पुरानी तस्वीर, कोई चिट्ठी, दादी का कोई बर्तन — तो बच्चे को दिखाइए और उसकी कहानी सुनाइए। किताब कहती है कि “प्रत्येक वस्तु एक कहानी बताती है।” स्कूल की किताब से यह बात घर की चीज़ से ज़्यादा अच्छी तरह समझ आती है।

अगर सिर्फ़ पाँच मिनट हों

ये चार चीज़ें पूछ लीजिए, बाकी छोड़ दीजिए —

  1. सा.सं. और सा.सं.पू. में क्या फ़र्क़ है? → सा.सं. = ईसा के बाद; सा.सं.पू. = ईसा से पहले
  2. 560 सा.सं.पू. से 320 सा.सं.पू. के बीच कितने साल? → 240 (यहाँ 1 नहीं घटता!)
  3. 1828 किस शताब्दी में है? → 19वीं
  4. इतिहास के स्रोत कितनी तरह के हैं? → चार

दूसरा सवाल सबसे ज़रूरी है। अगर बच्चा 240 कह दे (239 नहीं), तो उसने इस अध्याय की सबसे बड़ी बात पकड़ ली है।