हर प्रश्न के साथ उसका उत्तर और पृष्ठ-संदर्भ दिया है — यह शिक्षक के लिए है, और कक्षा में मौखिक अभ्यास के लिए। जिस पत्र में विद्यार्थी अकेले काम करे, वह
15-Student-Worksheet.mdहै, जहाँ उत्तर अंतिम पृष्ठ पर हैं।
खंड क — अति लघु उत्तरीय (1 अंक)
1‘इतिहास’ किसे कहते हैं?
उत्तर देखिए
मानव के अतीत के अध्ययन को। (पृ. 60)
2अध्याय के आरंभ का उद्धरण किसका है?
उत्तर देखिए
ई.एच. कार का। (पृ. 59)
3भू-विज्ञानी किसका अध्ययन करते हैं?
उत्तर देखिए
पृथ्वी के भौतिक स्वरूपों का — मृदा, पत्थरों, पहाड़ियों, पर्वतों, नदियों, महासागरों का। (पृ. 61)
4जीवाश्म विज्ञानी किसका अध्ययन करते हैं?
उत्तर देखिए
जीवाश्म के रूप में करोड़ों वर्ष पूर्व के पेड़ों, पशुओं एवं मानवों के अवशेषों का। (पृ. 61)
5मानव विज्ञानी किसका अध्ययन करते हैं?
उत्तर देखिए
मानव समाजों एवं संस्कृतियों का, अतीत से लेकर वर्तमान तक। (पृ. 61)
6पुरातत्व विज्ञानी अतीत का अध्ययन कैसे करते हैं?
उत्तर देखिए
मानव, पौधों एवं पशुओं द्वारा छोड़े गए अवशेषों का उत्खनन करके। (पृ. 61)
7‘जीवाश्म’ क्या है?
उत्तर देखिए
जीव-जंतुओं के पदचिह्न या पौधों के अवशेष चिह्न, जो मृदा अथवा शिलाओं की परतों के बीच संरक्षित पाए जाते हैं। (पृ. 61)
8‘इतिहासकार’ कौन है?
उत्तर देखिए
ऐसा व्यक्ति जो अतीत का अध्ययन करता है एवं उसके विषय में लिखता है। (पृ. 68)
9पुरालेखशास्त्री क्या करते हैं?
उत्तर देखिए
प्राचीन अभिलेख पढ़ते हैं। (पृ. 68)
10‘आनुवांशिकी’ क्या अध्ययन करती है?
उत्तर देखिए
यह कि पौधों, जानवरों या मनुष्यों की कुछ विशेषताएँ एवं गुण एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक कैसे पहुँचते हैं। (पृ. 68)
11‘युग’ किसे कहते हैं?
उत्तर देखिए
समय के एक निश्चित कालखंड को। (पृ. 61)
12ग्रेगोरियन कैलेंडर में कितने दिन और कितने माह होते हैं?
उत्तर देखिए
365 दिन और बारह माह। (पृ. 62)
13अधिवर्ष कितने वर्षों में एक बार आता है?
उत्तर देखिए
प्रत्येक चार वर्ष में। (पृ. 62)
14शताब्दी वर्ष कब अधिवर्ष होते हैं?
उत्तर देखिए
तभी जब वे 400 से विभाजित हो सकें। (पृ. 62)
151800, 1900 और 2000 में से कौन-सा लीप वर्ष है?
उत्तर देखिए
केवल 2000। (पृ. 62)
16‘मांगलिक’ का क्या अर्थ है?
उत्तर देखिए
अनुकूल अथवा भाग्य लाने वाला शुभ समय। (पृ. 62)
17‘ए.डी.’ को अब अंग्रेजी में क्या कहा जाता है?
उत्तर देखिए
‘कॉमन एरा’ अथवा सी.ई.। (पृ. 62)
18‘बी.सी.’ को अब अंग्रेजी में क्या कहा जाता है?
उत्तर देखिए
‘बिफोर कॉमन एरा’ अथवा बी.सी.ई.। (पृ. 62)
19इस पाठ्यपुस्तक में बी.सी.ई. और सी.ई. के लिए कौन-से हिंदी शब्द प्रयुक्त हुए हैं?
उत्तर देखिए
सामान्य संवत पूर्व (सा.सं.पू.) और सामान्य संवत (सा.सं.)। (पृ. 63)
20भारत किस वर्ष स्वतंत्र हुआ?
उत्तर देखिए
1947 में। (पृ. 62)
211 सा.सं.पू. के तुरंत बाद कौन-सा वर्ष आता है?
उत्तर देखिए
1 सा.सं. — क्योंकि कोई वर्ष ‘शून्य’ के रूप में चिह्नित नहीं है। (पृ. 63)
222 सा.सं.पू. से 2 सा.सं. तक कितने वर्ष होंगे?
उत्तर देखिए
केवल 3 वर्ष। (पृ. 63)
23गौतम बुद्ध के जन्म की अनुमानित तिथि क्या है?
उत्तर देखिए
560 सा.सं.पू.। (पृ. 62)
242024 सा.सं. में बुद्ध का जन्म कितने वर्ष पूर्व हुआ था?
उत्तर देखिए
560 + 2024 − 1 = 2583 वर्ष पूर्व। (पृ. 63)
25‘दशक’ कितने वर्षों का होता है?
उत्तर देखिए
दस वर्षों का। (पृ. 64)
26‘शताब्दी’ कितने वर्षों का कालखंड है?
उत्तर देखिए
100 वर्षों का। (पृ. 64)
27‘सहस्राब्दी’ कितने वर्षों का कालखंड है?
उत्तर देखिए
1000 वर्षों का। (पृ. 65)
28वर्तमान में हम कौन-सी शताब्दी में हैं और वह कब तक चलेगी?
उत्तर देखिए
21वीं शताब्दी में, जो 2001 से आरंभ होकर 2100 तक चलेगी। (पृ. 64)
29वर्तमान में हम कौन-सी सहस्राब्दी में हैं?
उत्तर देखिए
तीसरी सहस्राब्दी में, जो 2001 सा.सं. से 3000 सा.सं. तक चलेगी। (पृ. 65)
30तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. में कौन-सा समय आता है?
उत्तर देखिए
300 सा.सं.पू. से लेकर 201 सा.सं.पू. तक। (पृ. 65)
31प्रथम सहस्राब्दी सा.सं.पू. में कौन-सा समय आता है?
उत्तर देखिए
1 सा.सं.पू. से लेकर 1000 सा.सं.पू. तक। (पृ. 65)
3220वीं शताब्दी सा.सं. का आरंभ वर्ष और अंतिम वर्ष क्या है?
उत्तर देखिए
1901 और 2000। (पृ. 65 की गतिविधि)
33समय-रेखा पर बिंदुकृत हिस्सा क्या दर्शाता है?
उत्तर देखिए
छोड़े गए कालखंड को। (पृ. 64)
34यदि कोई कालखंड न छोड़ा जाता तो चित्र 4.3 की समय-रेखा कितनी लंबी हो जाती?
उत्तर देखिए
लगभग 3 मीटर। (पृ. 64)
35‘पंचांग’ क्या है?
उत्तर देखिए
तालिकाओं की एक पुस्तक जिसमें प्रत्येक माह के दिनों के साथ-साथ संबंधित खगोलीय आँकड़े सूचीबद्ध किए जाते हैं। (पृ. 65)
36पंचांग किन घटनाओं का सटीक आकलन करता है?
उत्तर देखिए
सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण, सूर्योदय एवं सूर्यास्त आदि का। (पृ. 65)
37‘इतिहास का स्रोत’ किसे कहते हैं?
उत्तर देखिए
कोई स्थान, व्यक्ति, लेख अथवा वस्तु जिसके माध्यम से हम अतीत की किसी घटना अथवा कालखंड से संबंधित जानकारी एकत्र करते हैं। (पृ. 65)
38इतिहास के स्रोतों की चार मुख्य श्रेणियाँ कौन-सी हैं?
उत्तर देखिए
पुरातात्विक, मौखिक, साहित्यिक और कलात्मक स्रोत। (पृ. 67)
39पुरातात्विक स्रोतों की तीन शाखाएँ कौन-सी हैं?
उत्तर देखिए
शिलालेख, संरचना और उत्खनन। (पृ. 67)
40मौखिक स्रोतों में क्या-क्या आता है?
उत्तर देखिए
वंशावली और लोक साहित्य। (पृ. 67)
41कलात्मक स्रोतों में क्या-क्या आता है?
उत्तर देखिए
चित्रकला, मूर्तिकला और पट्टिका (पैनल)। (पृ. 67)
42साहित्यिक स्रोतों की दो शाखाएँ कौन-सी हैं?
उत्तर देखिए
भारतीय साहित्य और विदेशी विवरण। (पृ. 67)
43पुस्तक इतिहास की तुलना किससे करती है?
उत्तर देखिए
चित्र-खंड पहेली (जिग्सॉ) से, जिसके कुछ हिस्से गायब रह सकते हैं। (पृ. 67)
44पिछले कितने वर्षों में वैज्ञानिक अध्ययनों ने इतिहास में अधिक योगदान दिया है?
उत्तर देखिए
पिछले 50 वर्षों में। (पृ. 68)
45‘आधुनिक इतिहास’ का साधारण अर्थ क्या है?
उत्तर देखिए
पिछली दो अथवा तीन शताब्दियों का इतिहास। (पृ. 68)
46आधुनिक इतिहास के दो अतिरिक्त स्रोत बताइए।
उत्तर देखिए
समाचार-पत्र और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया (टी.वी., इंटरनेट आदि)। (पृ. 68)
47मानव (होमो सेपियंस) कब से पृथ्वी पर रह रहे हैं?
उत्तर देखिए
लगभग 3,00,000 वर्ष पूर्व से। (पृ. 70)
48आदिमानव मुख्यत: क्या थे?
उत्तर देखिए
आखेटक एवं खाद्य संग्राहक। (पृ. 70)
49आदिमानव कहाँ रहते थे?
उत्तर देखिए
अस्थायी शिविरों, शैलाश्रयों अथवा गुफाओं में। (पृ. 71)
50आदिमानव की भाषाओं के बारे में पुस्तक क्या कहती है?
उत्तर देखिए
कि वे अब लुप्त हो चुकी हैं। (पृ. 71)
51‘मरणोपरांत जीवन’ का क्या अर्थ है?
उत्तर देखिए
मृत्यु के बाद जीवन। (पृ. 71)
52‘हिमाच्छादित’ का क्या अर्थ है?
उत्तर देखिए
बर्फ से ढँका हुआ। (पृ. 71)
53हिम युग कब से कब तक रहा?
उत्तर देखिए
लगभग 1,00,000 वर्ष पूर्व से लेकर 12,000 वर्ष पूर्व तक। (पृ. 71)
54‘कल्याण’ का क्या अर्थ है?
उत्तर देखिए
स्वास्थ्य, समृद्धि और भलाई। (पृ. 73)
55‘पल्ली’ का क्या अर्थ है?
उत्तर देखिए
एक छोटी बस्ती अथवा छोटा गाँव। (पृ. 73)
56धातुओं के उपयोग का क्रम क्या था?
उत्तर देखिए
पहले तांबा, फिर लोहा। (पृ. 73)
खंड ख — लघु उत्तरीय (3 अंक)
1जीवाश्म विज्ञानी और पुरातत्व विज्ञानी में तीन अंतर लिखिए।
उत्तर देखिए
जीवाश्म विज्ञानी जीवाश्म के रूप में करोड़ों वर्ष पूर्व के पेड़ों, पशुओं एवं मानवों के अवशेषों का अध्ययन करते हैं — ये अवशेष प्राकृतिक रूप से संरक्षित रह जाते हैं।
पुरातत्व विज्ञानी मानव, पौधों एवं पशुओं द्वारा छोड़े गए अवशेषों — उपकरण, घड़े, मनके,
मूर्तियाँ, खिलौने आदि — का उत्खनन करके अतीत का अध्ययन करते हैं; ये वस्तुएँ मुख्यत:
मानव-निर्मित होती हैं और अपेक्षाकृत हाल की होती हैं। (पृ. 61)
2ग्रेगोरियन कैलेंडर में अधिवर्ष का नियम क्या है? उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर देखिए
ग्रेगोरियन कैलेंडर में 365 दिन मिलकर बारह माह बनाते हैं और प्रत्येक चार वर्ष में एक अधिवर्ष होता है। किंतु शताब्दी वर्ष तभी अधिवर्ष होंगे जब वे 400 से विभाजित हो सकें।
इसीलिए 1800, 1900 और 2000 में से केवल 2000 ही लीप वर्ष है — क्योंकि 2000 ÷ 400 = 5,
जबकि 1800 और 1900, 400 से पूरी तरह विभाजित नहीं होते। (पृ. 62)
3सा.सं. और सा.सं.पू. में क्या अंतर है?
उत्तर देखिए
सा.सं. (सामान्य संवत) ईसा मसीह के जन्म वर्ष से आगे के वर्षों को दर्शाता है; अंग्रेजी
में इसे पहले ए.डी. और अब सी.ई. (कॉमन एरा) कहा जाता है।
सा.सं.पू. (सामान्य संवत पूर्व) उससे पूर्व के वर्षों को दर्शाता है और इसकी गणना
उल्टे (अवरोही) क्रम में होती है; अंग्रेजी में इसे पहले बी.सी. और अब बी.सी.ई. (बिफोर कॉमन एरा) कहा जाता है। (पृ. 62–63)
4★ग्रेगोरियन तिथिपत्र में शून्य वर्ष न होने का क्या परिणाम है?
उत्तर देखिए
ग्रेगोरियन तिथिपत्र में कोई भी वर्ष ‘शून्य’ के रूप में चिह्नित नहीं है; वर्ष 1 सा.सं., 1 सा.सं.पू. के तुरंत बाद आता है। इसका परिणाम यह है कि 2 सा.सं.पू. से 2 सा.सं. तक केवल 3 वर्ष होते हैं, 4 नहीं। इसीलिए किसी सा.सं.पू. और किसी सा.सं. तिथि के बीच के वर्ष निकालते समय दोनों को जोड़कर योग में से 1 घटाना पड़ता है — 2 + 2 − 1 = 3। (पृ. 63)
5★यह सूत्र कब लगता है और कब नहीं? तीनों स्थितियाँ उदाहरण सहित लिखिए।
उत्तर देखिए
| स्थिति | क्या करें | उदाहरण |
|---|---|---|
| एक तिथि सा.सं.पू., दूसरी सा.सं. | जोड़कर 1 घटाइए | 560 + 2024 − 1 = 2583 |
| दोनों सा.सं.पू. | सीधा घटाइए | 560 − 320 = 240 |
| दोनों सा.सं. | सीधा घटाइए | 1947 − 1828 = 119 |
कारण यह है कि −1 केवल शून्य वर्ष के न होने की भरपाई के लिए है, और वह समस्या तभी आती है
जब हम शून्य के आर-पार जा रहे हों। (पृ. 63, 74)
6शताब्दी और सहस्राब्दी में क्या अंतर है? वर्तमान का उदाहरण दीजिए।
उत्तर देखिए
शताब्दी किसी भी 100 वर्षों का कालखंड है और सहस्राब्दी किसी भी 1000 वर्षों का। दोनों
की गणना 1 सा.सं. से होती है। वर्तमान में हम 21वीं शताब्दी में हैं, जो 2001 से 2100
तक चलेगी; और तीसरी सहस्राब्दी में हैं, जो 2001 सा.सं. से 3000 सा.सं. तक चलेगी।
(पृ. 64–65)
7सा.सं.पू. में शताब्दी और सहस्राब्दी की गणना कैसे होती है?
उत्तर देखिए
सा.सं.पू. की गणना के लिए 1 सा.सं.पू. से आरंभ करके समय में पीछे की ओर लौटते हैं। इसीलिए
तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. में 300 सा.सं.पू. से लेकर 201 सा.सं.पू. तक का समय आता है, और
प्रथम सहस्राब्दी सा.सं.पू. में 1 सा.सं.पू. से लेकर 1000 सा.सं.पू. तक का। (पृ. 65)
8समय-रेखा किस प्रकार सहायक होती है?
उत्तर देखिए
समय-रेखा घटनाओं को चिह्नित करने के लिए एक सुविधाजनक उपकरण है, क्योंकि यह किसी विशेष अवधि में तिथियों और घटनाओं का अनुक्रम दिखाती है। यह ऐतिहासिक घटनाओं के क्रम को समझने में भी सहायक होती है — उदाहरणार्थ तिथियाँ देखे बिना भी यह दिख जाता है कि बुद्ध का जन्म, ईसा मसीह के जन्म से पहले हुआ था। (पृ. 64)
9‘पंचांग’ क्या है और उसका क्या उपयोग है?
उत्तर देखिए
पंचांग तालिकाओं की एक पुस्तक है जिसमें प्रत्येक माह के दिनों के साथ-साथ संबंधित खगोलीय आँकड़ों को सूचीबद्ध किया जाता है। यह सूर्यग्रहण, चंद्रग्रहण, सूर्योदय एवं सूर्यास्त आदि
जैसी घटनाओं का सटीक आकलन करता है। मौसम के पूर्वानुमान, त्योहारों की तिथियों और समय-निर्धारण आदि के लिए आज भी भारत में इसका बड़े स्तर पर उपयोग होता है। (पृ. 65)
10इतिहास के स्रोतों की चार श्रेणियाँ लिखिए और प्रत्येक का एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर देखिए
| श्रेणी | उदाहरण |
|---|---|
| पुरातात्विक | शिलालेख / स्मारक / उत्खनन से मिले उपकरण |
| मौखिक | वंशावली, लोक साहित्य |
| साहित्यिक | वेद एवं इतिहास, यात्रा वृत्तांत |
| कलात्मक | चित्रकला, मूर्तिकला, पट्टिका (पैनल) |
(पृ. 67)
11मौखिक और साहित्यिक स्रोतों में क्या अंतर है?
उत्तर देखिए
मौखिक स्रोत वे हैं जो बोलकर पीढ़ी-दर-पीढ़ी चले आते हैं — वंशावली और लोक साहित्य। साहित्यिक स्रोत लिखे हुए होते हैं और उनकी दो शाखाएँ हैं — भारतीय साहित्य
(वेद एवं इतिहास, कविता एवं नाटक, ऐतिहासिक लेख, कहानियों का संग्रह, वैज्ञानिक एवं तकनीकी लेख)
तथा विदेशी विवरण (यात्रा वृत्तांत, ऐतिहासिक वृत्तांत)। (पृ. 67)
12★इतिहासकार क्या करता है, जब दो स्रोत अलग-अलग बातें कहें?
उत्तर देखिए
इतिहासकार बड़े ध्यान से अधिक से अधिक स्रोतों से जानकारी संकलित करने का प्रयास करते हैं।
कभी-कभी ये स्रोत एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं — जैसे चित्र-खंड पहेली के टुकड़े मेल खाते
हैं; तो कभी वे एक-दूसरे के विपरीत सूचनाएँ प्रदान करते हैं — जैसे टुकड़े मेल नहीं खाते।
ऐसी परिस्थितियों में यह निर्णय लेना पड़ता है कि किस स्रोत पर अधिक विश्वास किया जाए।
इस प्रकार इतिहासकार उस कालखंड के इतिहास का पुनर्निर्माण करने का प्रयास करते हैं। (पृ. 68)
13पिछले 50 वर्षों में विज्ञान ने इतिहास में क्या योगदान दिया है?
उत्तर देखिए
पुस्तक तीन उदाहरण देती है — प्राचीन जलवायु का अध्ययन, उत्खनन की गई सामग्री का रासायनिक अध्ययन, और प्राचीन मानव की आनुवांशिकी का अध्ययन। विशेष रूप से आनुवांशिकी ने एक नया दृष्टिकोण दिया है जिससे और पूरक स्रोत प्राप्त हुए हैं। (पृ. 68)
14आदिमानव के जीवन की तीन विशेषताएँ लिखिए।
उत्तर देखिए
- वे टोलियों अथवा समूहों में रहते थे, ताकि एक-दूसरे की सहायता कर सकें।
- वे मुख्यत: आखेटक एवं खाद्य संग्राहक थे और भोजन एवं आश्रय की निरंतर खोज करते रहते थे।
- वे अस्थायी शिविरों, शैलाश्रयों अथवा गुफाओं में रहते थे, और उनकी भाषाएँ अब लुप्त हो चुकी हैं। (पृ. 70–71)
15आदिमानव ने कौन-सी उपलब्धियाँ प्राप्त कीं?
उत्तर देखिए
उन्होंने अग्नि का उपयोग किया। पत्थर की उन्नत कुल्हाड़ियों एवं ब्लेड्स, नुकीले तीरों एवं अन्य उपकरणों के निर्माण ने उनके जीवन को सरल बना दिया। उन्होंने शैल-चित्र बनाए, और
समय के साथ पत्थर एवं मनकों की माला तथा पशुओं के दाँतों के पेंडेंट जैसे साधारण आभूषण बनाकर
कभी-कभी दूसरे समूहों के साथ इनका आदान-प्रदान करने लगे। (पृ. 71)
16हिम युग क्या था और उसके समाप्त होने पर क्या हुआ?
उत्तर देखिए
एक समय पृथ्वी पर बहुत ठंड थी एवं इसका एक बड़ा भाग हिमाच्छादित (बर्फ से ढँका हुआ) था,
इसलिए इसे ‘हिम युग’ कहा जाता था। यह लगभग 1,00,000 वर्ष पूर्व से 12,000 वर्ष पूर्व तक
रहा। जब जलवायु गरम होने लगी तो हिम का कुछ भाग पिघल गया, जिसके कारण तत्कालीन नदियों में जलभराव हो गया जो बाद में समुद्रों में समाहित हो गईं। (पृ. 71)
17★आरंभिक कृषक समुदाय नदियों के किनारे क्यों बसने लगे?
उत्तर देखिए
पुस्तक स्पष्ट कहती है कि इसका एकमात्र कारण जल की उपलब्धता नहीं थी, अपितु यहाँ की मृदा का अधिक उपजाऊ होना भी था। इससे अन्न उगाने की प्रक्रिया अधिक सरल हो गई। अर्थात दो कारण थे — जल और उपजाऊ मृदा। (पृ. 71)
18आरंभिक समुदायों में सामाजिक व्यवस्था कैसी थी?
उत्तर देखिए
सरदार अथवा मुखिया लोगों के कल्याण के लिए उत्तरदायी थे एवं सभी सामूहिक रूप से सामुदायिक कल्याण के लिए कार्य करते थे। उदाहरण के लिए, निजी स्वामित्व का भाव नहीं था और भूमि पर सामुदायिक रूप से कृषि की जाती थी। (पृ. 73)
खंड ग — दीर्घ उत्तरीय (5 अंक)
1★अतीत का अध्ययन करने वाले चार विशेषज्ञों का वर्णन कीजिए।
उत्तर देखिए
| विशेषज्ञ | क्या अध्ययन करते हैं |
|---|---|
| भू-विज्ञानी | पृथ्वी के भौतिक स्वरूपों — मृदा, पत्थरों, पहाड़ियों, पर्वतों, नदियों, महासागरों एवं पृथ्वी के अन्य हिस्सों का अध्ययन |
| जीवाश्म विज्ञानी | जीवाश्म के रूप में करोड़ों वर्ष पूर्व के पेड़ों, पशुओं एवं मानवों के अवशेषों का अध्ययन |
| मानव विज्ञानी | मानव समाजों एवं संस्कृतियों का अतीत से लेकर वर्तमान तक अध्ययन |
| पुरातत्व विज्ञानी | मानव, पौधों एवं पशुओं द्वारा छोड़े गए अवशेषों का उत्खनन करके अतीत का अध्ययन — उपकरण, घड़े, पात्र, मनके, मूर्तियाँ, खिलौने, हड्डियाँ, पशुओं और मानव के दाँत, जले हुए अनाज, घरों एवं ईंटों के हिस्से |
इन चारों के अतिरिक्त पुरालेखशास्त्री (जो प्राचीन अभिलेख पढ़ते हैं) तथा साहित्य व भाषा के विशेषज्ञ भी इतिहास में योगदान देते हैं। (पृ. 61, 68)
2★इतिहास के स्रोतों का वर्गीकरण उदाहरण सहित समझाइए।
उत्तर देखिए
पुस्तक इतिहास के स्रोतों को चार मुख्य श्रेणियों में बाँटती है —
1. पुरातात्विक स्रोत — इनकी तीन शाखाएँ हैं:
शिलालेख (पांडुलिपि, ताम्रपत्र, सिक्के), संरचना (स्मारक, टीला), और उत्खनन
(मानव, पशु तथा पौधों के अवशेष; उपकरण एवं हथियार; मूर्तियाँ एवं आभूषण; मृदभांड एवं खिलौने;
निवास स्थान एवं शवाधान)।
2. मौखिक स्रोत — वंशावली और लोक साहित्य।
3. साहित्यिक स्रोत — दो शाखाएँ: भारतीय साहित्य (वेद एवं इतिहास, कविता एवं नाटक,
ऐतिहासिक लेख, कहानियों का संग्रह, वैज्ञानिक एवं तकनीकी लेख) और विदेशी विवरण
(यात्रा वृत्तांत, ऐतिहासिक वृत्तांत)।
4. कलात्मक स्रोत — चित्रकला, मूर्तिकला, पट्टिका (पैनल)।
(पृ. 67। ध्यान रहे — पुस्तक स्वयं कहती है कि अभी इन सभी को याद रखने की आवश्यकता नहीं है।)
3★“इतिहास एक चित्र-खंड पहेली है” — इस कथन को समझाइए।
उत्तर देखिए
पुस्तक कहती है कि प्रत्येक वस्तु अथवा संरचना एक कहानी बताती है और वह चित्र-खंड पहेली (जिग्सॉ) के हिस्से की तरह होती है। इतिहासकार अधिक से अधिक स्रोतों से जानकारी संकलित
करता है और उन्हें जोड़कर अतीत का चित्र बनाता है।
इस रूपक के तीन अर्थ हैं —
- कभी-कभी स्रोत एक-दूसरे की पुष्टि करते हैं — जैसे पहेली के टुकड़े मेल खाते हैं।
- कभी वे एक-दूसरे के विपरीत सूचनाएँ देते हैं — जैसे टुकड़े मेल नहीं खाते। तब यह निर्णय लेना पड़ता है कि किस स्रोत पर अधिक विश्वास किया जाए।
- और सबसे महत्वपूर्ण — इतिहास के मामले में पहेली के कुछ हिस्से गायब रह सकते हैं।
इसका उदाहरण अध्याय में ही है: आदिमानव जिन भाषाओं में संवाद करते थे, वे अब लुप्त हो चुकी हैं — वह टुकड़ा हमेशा के लिए गायब है। इसीलिए इतिहासकार अतीत का पुनर्निर्माण करते हैं,
उसे ‘खोज’ नहीं लेते। (पृ. 67–68, 71)
4★समय की गणना की विभिन्न विधियाँ समझाइए।
उत्तर देखिए
1. वर्ष — गणना की मूल इकाई। ग्रेगोरियन कैलेंडर में 365 दिन मिलकर बारह माह
बनाते हैं और प्रत्येक चार वर्ष में एक अधिवर्ष होता है; शताब्दी वर्ष तभी अधिवर्ष जब वे 400 से विभाजित हो सकें — इसीलिए 1800, 1900, 2000 में से केवल 2000 लीप वर्ष है।
2. दशक — दस वर्षों का कालखंड।
3. शताब्दी — किसी भी 100 वर्षों का कालखंड। गणना 1 सा.सं. से होती है। वर्तमान में
हम 21वीं शताब्दी में हैं, जो 2001 से 2100 तक चलेगी।
4. सहस्राब्दी — किसी भी 1000 वर्षों का कालखंड। हम तीसरी सहस्राब्दी में हैं, जो
2001 सा.सं. से 3000 सा.सं. तक चलेगी।
सा.सं.पू. में गिनती उल्टी चलती है — 1 सा.सं.पू. से पीछे की ओर। इसीलिए तीसरी शताब्दी सा.सं.पू. = 300 से 201 सा.सं.पू. और प्रथम सहस्राब्दी सा.सं.पू. = 1 से 1000 सा.सं.पू.
इनके अतिरिक्त भारत में पंचांग जैसे पारंपरिक तिथिपत्र भी हैं, जो सूर्य एवं चंद्रमा की स्थिति पर आधारित हैं। (पृ. 62–65)
5आदिमानव के जीवन का वर्णन कीजिए।
उत्तर देखिए
मानव (होमो सेपियंस) लगभग 3,00,000 वर्ष पूर्व से पृथ्वी पर रह रहे हैं, और यह पृथ्वी के
इतिहास का एक छोटा-सा अंश मात्र है।
जीवन-शैली आदिमानव को प्रकृति से अनेक चुनौतियों का सामना करना पड़ा। एक-दूसरे की सहायता करने के लिए वे टोलियों अथवा समूहों में रहते थे। वे मुख्यत: आखेटक एवं खाद्य संग्राहक थे और भोजन एवं आश्रय की निरंतर खोज करते रहते थे — अर्थात खाने योग्य पौधों एवं फलों के संग्रह व आखेट पर निर्भर थे।
निवास वे अस्थायी शिविरों, शैलाश्रयों अथवा गुफाओं में रहते थे। उनकी भाषाएँ अब लुप्त हो चुकी हैं।
उपलब्धियाँ उन्होंने अग्नि का उपयोग किया; पत्थर की उन्नत कुल्हाड़ियाँ, ब्लेड्स, नुकीले तीर आदि बनाए; शैल-चित्र बनाए, जिनमें कुछ साधारण आकृतियाँ और प्रतीक हैं और
कुछ पशुओं एवं मानवों के विस्तृत दृश्य; और आभूषण बनाकर दूसरे समूहों से आदान-प्रदान
करने लगे।
विश्वास उनके प्राकृतिक तत्वों को लेकर कुछ निश्चित विश्वास थे, और संभवत:
मरणोपरांत जीवन को लेकर भी कुछ धारणाएँ थीं। (पृ. 70–71)
6★कृषि के आरंभ से लेकर कस्बों के बनने तक की प्रक्रिया लिखिए।
उत्तर देखिए
1. हिम युग (लगभग 1,00,000 से 12,000 वर्ष पूर्व) के उपरांत मानव के लिए जीने योग्य परिस्थितियों में सुधार आया।
2. विश्व के कई हिस्सों में लोगों ने एक स्थान पर बसना तथा अनाज उगाना आरंभ कर दिया, और
गाय, बकरी आदि जानवरों का घरेलूकरण भी आरंभ किया।
3. भोजन की अधिक उपलब्धता के कारण ये समूह अपने आकार व संख्या में बढ़ गए।
4. ये नदियों के किनारे बसने लगे — किंतु इसका एकमात्र कारण जल की उपलब्धता नहीं थी, अपितु यहाँ की मृदा का अधिक उपजाऊ होना भी था।
5. समुदायों के विकास के साथ समाज जटिल होता गया। सरदार अथवा मुखिया लोगों के कल्याण के लिए उत्तरदायी थे; निजी स्वामित्व का भाव नहीं था और भूमि पर सामुदायिक रूप से कृषि की जाती थी।
6. पल्ली (उप-ग्राम) बड़े गाँवों में परिवर्तित हो गए, जो भोजन, वस्त्र एवं उपकरण का
आदान-प्रदान करने लगे; संप्रेषण एवं आवागमन का तंत्र विकसित हुआ और इनमें से कुछ छोटे कस्बों में परिवर्तित हो गए।
7. मृदभांड बनाने तथा धातुओं के उपयोग — पहले तांबा और फिर लोहा — की तकनीक के आगमन
से टिकाऊ उपकरण, दैनिक उपयोग की वस्तुएँ एवं आभूषण बनाना सरल हो गया। (पृ. 71, 73)
7क्या हम इतिहासकारों की तुलना जासूसों से कर सकते हैं? कारण सहित उत्तर दीजिए।
(यह अभ्यास-प्रश्न 2 है)
उत्तर देखिए
हाँ, यह तुलना उचित है। दोनों में गहरी समानताएँ हैं —
- दोनों साक्ष्य इकट्ठा करते हैं। जासूस सुराग़ जुटाता है; इतिहासकार अधिक से अधिक स्रोतों से जानकारी संकलित करता है।
- दोनों के पास अधूरी जानकारी होती है। पुस्तक कहती है कि पहेली के कुछ हिस्से गायब रह सकते हैं।
- दोनों के साक्ष्य कभी मेल खाते हैं, कभी टकराते हैं। पुस्तक का चित्र-खंड पहेली वाला रूपक ठीक यही कहता है।
- दोनों को निर्णय लेना पड़ता है कि किस साक्ष्य पर अधिक विश्वास किया जाए।
- दोनों अंत में एक कहानी का पुनर्निर्माण करते हैं — जो हुआ था, उसे जोड़कर फिर से खड़ा करते हैं।
(यदि विद्यार्थी विपरीत पक्ष ले और कारण दे — जैसे कि जासूस अपराधी ढूँढ़ता है जबकि इतिहासकार किसी को दोषी नहीं ठहराता, या जासूस गवाहों से पूछताछ कर सकता है और इतिहासकार नहीं — तो वह भी पूरे अंक का उत्तर है।) (पृ. 67–68)
खंड घ — तिथि-गणना के अभ्यास
★यह इस अध्याय का सबसे अधिक अंक वाला खंड है। हर प्रश्न में गणना दिखाना अनिवार्य कीजिए।
1निम्नलिखित तिथियों को कालक्रमानुसार लगाइए —
323 सा.सं., 323 सा.सं.पू., 100 सा.सं., 100 सा.सं.पू., 1900 सा.सं.पू., 1090 सा.सं., 2024 सा.सं.
उत्तर देखिए
1900 सा.सं.पू. → 323 सा.सं.पू. → 100 सा.सं.पू. → 100 सा.सं. → 323 सा.सं. → 1090 सा.सं. → 2024 सा.सं.
नियम: सा.सं.पू. में बड़ी संख्या पहले (क्योंकि गिनती उल्टी है), सा.सं. में छोटी संख्या पहले।
2यदि सम्राट चंद्रगुप्त का जन्म 320 सा.सं.पू. में हुआ तो उनका संबंध किस शताब्दी से था?
उनका जन्म बुद्ध के जन्म से कितने वर्ष पश्चात हुआ?
उत्तर देखिए
शताब्दी: चौथी शताब्दी सा.सं.पू. — क्योंकि चौथी शताब्दी सा.सं.पू. में 400 से 301 सा.सं.पू. तक का समय आता है, और 320 इसी में है।
अंतर: 560 − 320 = 240 वर्ष।
! यहाँ ‘−1’ नहीं लगेगा, क्योंकि दोनों तिथियाँ सा.सं.पू. की हैं।
3झाँसी की रानी का जन्म 1828 सा.सं. में हुआ। उनका संबंध किस शताब्दी से है? उनका जन्म भारत
की स्वतंत्रता से कितने वर्ष पूर्व हुआ?
उत्तर देखिए
शताब्दी: 19वीं शताब्दी सा.सं. — क्योंकि 19वीं शताब्दी 1801 से 1900 तक चलती है।
अंतर: 1947 − 1828 = 119 वर्ष।
! यहाँ भी ‘−1’ नहीं लगेगा, क्योंकि दोनों तिथियाँ सा.सं. की हैं।
4‘12,000 वर्ष पूर्व’ को तिथि के रूप में बदलिए।
उत्तर देखिए
पुस्तक के सूत्र से, और उसके अपने उदाहरण की तरह 2024 सा.सं. को वर्तमान मानकर —
X + 2024 − 1 = 12,000
X = 12,000 − 2024 + 1 = 9977
उत्तर: लगभग 9977 सा.सं.पू., अर्थात लगभग 10,000 सा.सं.पू.
(‘लगभग’ आवश्यक है, क्योंकि ‘12,000 वर्ष पूर्व’ स्वयं एक गोल संख्या है। अंक सूत्र के सही प्रयोग पर दीजिए, अंतिम अंक पर नहीं।)
52024 सा.सं. में गौतम बुद्ध का जन्म कितने वर्ष पूर्व हुआ था?
उत्तर देखिए
560 + 2024 − 1 = 2583 वर्ष पूर्व। (यह पुस्तक का अपना परिकलन है — पृ. 63)
6आठवीं सहस्राब्दी सा.सं.पू. में कौन-सा समय आता है? चित्र 4.3 में वहाँ क्या अंकित है?
उत्तर देखिए
8000 से 7001 सा.सं.पू.। चित्र 4.3 में यहीं ‘प्रथम स्थायी निवास व कृषि का आरंभ’
अंकित है। (पृ. 63, 65)
720वीं शताब्दी सा.सं. का आरंभ वर्ष और अंतिम वर्ष लिखिए।
उत्तर देखिए
1901 और 2000। (पृ. 65 की गतिविधि)
खंड ङ — क्रियाकलाप एवं परियोजनाएँ
1. अपने आस-पास उपलब्ध इतिहास के स्रोतों का उपयोग करते हुए अपने परिवार (अथवा गाँव) का इतिहास लिखिए। (अभ्यास-प्रश्न 1 — परियोजना)
2. अपने माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी, परदादा-परदादी, परनाना-परनानी की वंशावली बनाइए। तालिका में लिखिए — संबंध · नाम · व्यवसाय · जन्म-स्थान · सूचना के स्रोत।
अंतिम स्तंभ सबसे महत्वपूर्ण है — वही इस अध्याय का विषय है। (पृ. 65–66)
3. 1900 सा.सं. से आज तक की एक समय-रेखा बनाइए। उस पर अपने परिवार की जन्मतिथियाँ और 20वीं शताब्दी के आरंभ व अंतिम वर्ष अंकित कीजिए। (पृ. 65)
4. किसी निकटतम संग्रहालय के भ्रमण की योजना बनाइए, टिप्पणियाँ तैयार कीजिए और भ्रमण के पश्चात एक संक्षिप्त रिपोर्ट लिखिए। (अभ्यास-प्रश्न 4)
5. अपने विद्यालय में किसी पुरातत्व विज्ञानी अथवा इतिहासकार को आमंत्रित कीजिए और स्थानीय इतिहास पर व्याख्यान का आग्रह कीजिए। (अभ्यास-प्रश्न 5)
! पाठ्यपुस्तक में इस अध्याय की कोई उत्तर-कुंजी नहीं छपी है। ऊपर दिए सारे उत्तर पुस्तक के पाठ और उसके अपने सूत्र से निकाले गए हैं, NCERT द्वारा छापे हुए नहीं।
अंक-विभाजन का सुझाव (25 अंक की इकाई परीक्षा)
| खंड | प्रश्न | अंक |
|---|---|---|
| क — अति लघु उत्तरीय | 5 प्रश्न × 1 अंक | 5 |
| ख — लघु उत्तरीय | 2 प्रश्न × 3 अंक | 6 |
| ग — दीर्घ उत्तरीय | 1 प्रश्न × 5 अंक | 5 |
| घ — तिथि-गणना | 3 प्रश्न × 3 अंक | 9 |
| कुल | 25 |
★खंड घ को सबसे अधिक अंक दीजिए — 25 में से 9। यही इस अध्याय का कौशल है, और यही अध्याय 5, 6 और 7 में लौटेगा। खंड घ में कम से कम एक प्रश्न ऐसा रखिए जिसमें ‘−1’ न लगता हो — यही असली जाँच है।
दीर्घ उत्तरीय के लिए सुझाव: प्रश्न 3 (जिग्सॉ) या प्रश्न 4 (समय की गणना) लीजिए। पहला अध्याय के केंद्रीय विचार की जाँच करता है, दूसरा कौशल की।