अध्याय 9परिवार और समुदाय

अभिभावकों के लिए11 मिनटस्रोत जाँचे गए

यह पन्ना उनके लिए है जो बच्चे के साथ घर पर बैठते हैं। आपको यह विषय आना ज़रूरी नहीं है। नीचे सवाल भी दिए हैं और उनके जवाब भी — आप बस सवाल पूछिए और बच्चे का जवाब मिलाकर देख लीजिए।

एक बात का ध्यान रखिए: नीचे कुछ शब्द मोटे अक्षरों में हैं। ये किताब के अपने शब्द हैं। बच्चे से मोटे अक्षरों वाला शब्द ही बुलवाइए — आसान शब्द कहने से परीक्षा में नंबर कट सकते हैं।

1. इस अध्याय में है क्या

यह अध्याय किताब का एक नया हिस्सा शुरू करता है। पन्ने के किनारे लिखा विषय बदल जाता है — अब वहाँ ‘शासन और लोकतंत्र’ लिखा मिलेगा।

और वह हिस्सा संसद से नहीं, परिवार से शुरू होता है।

अध्याय दो हिस्सों में है, और दोनों एक ही बात कहते हैं —

परिवार (छोटी इकाई)समुदाय (बड़ी इकाई)
क्या हैसंयुक्त और एकलगाँव के, शहर के, विद्यालय के
किस पर टिका हैप्रेम · देखभाल · सहयोगसाझा चीज़ें · अलिखित नियम
कहानियाँशालिनी (केरल) · तेनजिंग (मेघालय)हलमा · चेन्नई की बाढ़ · कमल परमार

★और दोनों के नीचे एक ही शब्द आता है — अंतर्निर्भरता। मतलब: लोग एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं। किताब यह बात तीन बार कहती है, और आख़िरी वाक्य भी यही है।

2. दस सवाल — और उनके जवाब

बच्चे से पूछिए। जवाब मिलाइए। जितने सही, उतने पर निशान लगाइए। 7 या उससे ज़्यादा सही = अध्याय ठीक तैयार है। 5 से कम = फिर से पढ़ना चाहिए।

#सवालसही जवाब✓
1किताब परिवार को क्या कहती है?“समाज की मूलभूत और सबसे प्राचीन इकाई”☐
2संयुक्त और एकल परिवार में फ़र्क़?संयुक्त = अनेक पीढ़ियाँ एक साथ · एकल = एक दंपत्ति और उनके बच्चे☐
3★‘सहयोग’ का मतलब किताब क्या बताती है?“एक साथ काम करना”☐
4★हिंदी में ‘कजिन’ के लिए एक शब्द क्यों नहीं है?क्योंकि कजिन का मतलब सिर्फ़ ‘भाई’ और ‘बहन’ होता है☐
5परिवार में बच्चे कौन-से चार मूल्य सीखते हैं?अहिंसा · दान · सेवा · त्याग☐
6अच्चम्मा ने शालिनी को क्या समझाया?कि परिवार में सब एक-दूसरे की मदद करते हैं और जो कुछ है उसे साझा करते हैं☐
7तेनजिंग के पिता ने घर के काम क्यों सँभाले?क्योंकि माँ काम पर जाती हैं☐
8★‘हलमा’ क्या है?संकट के समय साथ मिलकर काम करने की प्रथा — भील समुदाय की, झाबुआ में☐
9★हलमा में लोगों को क्या मिला?कुछ नहीं — कोई पारिश्रमिक नहीं मिला☐
10★अध्याय की आख़िरी पंक्ति?“अंतत: समुदाय एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं।”☐

3. चार बातें जो बच्चे सबसे ज़्यादा गलत करते हैं★

(1) ‘धर्म’ शब्द का मतलब गलत समझ लेना

इस अध्याय में ‘धर्म’ का मतलब पूजा-पद्धति नहीं है। यहाँ इसका मतलब है — कर्तव्य। किताब ने ख़ुद लिखा है — “अपने धर्म या कर्तव्यों का पालन”।

पूछिए: “इस अध्याय में ‘धर्म’ का क्या मतलब है?” सही जवाब: कर्तव्य।

(2) संयुक्त और एकल परिवार उलट देना

मतलब
संयुक्तअनेक पीढ़ियाँ एक साथ — दादा-दादी, चाचा-चाची, चचेरे भाई-बहन भी
एकलएक दंपत्ति और उनकी संतान — और कई बार सिर्फ़ माता या पिता और उनके बच्चे

★आख़िरी बात ज़रूरी है। किताब ने ख़ुद लिखा है कि अगर घर में माता या पिता में से एक ही हों, तो वह भी एकल परिवार ही है।

(3) संख्याएँ आपस में मिला देना

संख्याकिसकी
2015चेन्नई की बाढ़
2019महेश शर्मा को पद्मश्री
150कमल परमार की कक्षा के बच्चे
30–40 वर्षनए तरह के समुदाय उभरने का समय

(4) यह समझ लेना कि किताब कह रही है ‘संयुक्त परिवार बेहतर है’

किताब ऐसा कहीं नहीं कहती। वह सिर्फ़ यह बताती है कि आज कई तरह के परिवार हैं।

! यह ग़लतफ़हमी सबसे आसानी से बन जाती है, क्योंकि दोनों कहानियों में संयुक्त परिवार हैं। पर किताब ने ख़ुद सवाल पूछा है कि दोनों तरह के परिवारों के लाभ और हानियाँ क्या हैं।

4. आठ शब्द जो बच्चे को आने चाहिए

बाएँ वाला शब्द किताब का है — यही याद होना चाहिए। दाएँ वाला सिर्फ़ आपकी समझ के लिए है।

किताब का शब्दआसान मतलब
सहयोगएक साथ काम करना (किताब की अपनी परिभाषा)
अंतर्निर्भरताएक-दूसरे पर निर्भर होना
दायित्ववह काम जिसकी ज़िम्मेदारी किसी पर हो
त्यागअपनी ज़रूरत छोड़ देना, ताकि दूसरे को मिल सके
समुदायआपस में जुड़े लोगों का समूह
अलिखित नियमऐसे रिवाज़ जो लिखे नहीं हैं, पर सब मानते हैं
हलमासंकट में साथ मिलकर काम करने की प्रथा
पारिश्रमिककाम के बदले मिलने वाला पैसा

5. कॉपी में क्या-क्या होना चाहिए

क्याहै?
तिरुवल्लुवर का उद्धरण☐
“परिवार … मूलभूत और सबसे प्राचीन इकाई है”☐
संयुक्त और एकल परिवार की परिभाषाएँ☐
★“अकेली माता या पिता और उनके बच्चे” वाली पंक्ति☐
बुआ, ताऊ, ताई, चाचा, मौसी, नाना, नानी☐
★‘कजिन’ वाला जवाब — और उसका कारण☐
प्रेम · देखभाल · सहयोग · अंतर्निर्भरता☐
★“सहयोग = एक साथ काम करना”☐
अहिंसा · दान · सेवा · त्याग☐
अच्चम्मा · चित्तप्पा · चित्ती · चिन्नी के अर्थ☐
अच्चम्मा का वाक्य☐
तेनजिंग के पिता वाली बात — और उसका कारण☐
समुदाय की परिभाषा☐
★★‘अलिखित नियम’ वाले दोनों वाक्य☐
हलमा · भील · झाबुआ · कोई पारिश्रमिक नहीं · धरती माँ की सेवा☐
2019 · पद्मश्री · महेश शर्मा · शिवगंगा☐
चेन्नई · 2015☐
कमल परमार · अहमदाबाद · 5.30–9.30 · 150 बच्चे☐
★“हम वहाँ पढ़ाने गए थे, किंतु हमने उनसे बहुत कुछ सीखा।”☐
आवासीय कल्याण समितियाँ — और “नियमों के निर्माण में भागीदार” वाला वाक्य☐
★आख़िरी पंक्ति☐

अगर ‘अलिखित नियम’ वाले दोनों वाक्य कॉपी में नहीं हैं, तो सबसे पहले वही लिखवाइए। वे इस अध्याय का सबसे ज़रूरी हिस्सा हैं।

6. घर पर पाँच मिनट का एक काम —यह ज़रूर कीजिए★

“हमारे घर में कौन-कौन-सा काम कौन करता है?”

एक काग़ज़ पर दो कॉलम बनवाइए — काम और कौन करता है। बच्चे से भरवाइए — खाना कौन बनाता है? बर्तन कौन धोता है? बाज़ार कौन जाता है? बिजली-पानी की समस्या कौन देखता है? पढ़ाई में कौन मदद करता है?

फिर यह पूछिए:

  • “क्या ये काम हमेशा से यही लोग करते आए हैं? या कभी बदले भी हैं?”
  • “अगर कोई एक व्यक्ति कुछ दिन के लिए बाहर चला जाए, तो उसका काम कौन करेगा?”

और फिर यह बता दीजिए:

“किताब में तेनजिंग नाम का एक बच्चा है, मेघालय का। उसकी माँ काम पर जाने लगीं, तो उसके पिता ने घर की सफ़ाई और खाना बनाने में मदद करना शुरू कर दिया।”

“किताब कहती है — भूमिकाएँ बदलती रहती हैं।”

★यह काम इसलिए ज़रूरी है क्योंकि किताब ने ठीक यही सवाल पूछे हैं — ‘आपके घर में भोजन कौन पकाता है? बर्तन कौन साफ़ करता है?’ और उनका जवाब उसने तेनजिंग की कहानी में रखा है।

! एक बात का ध्यान रखिए: यह काम किसी पर उँगली उठाने के लिए नहीं है। यह सिर्फ़ यह दिखाने के लिए है कि घर एक व्यवस्था है, और उसमें सबकी एक भूमिका है।

7. एक बात जो बच्चे को बतानी चाहिए

इस अध्याय में सबसे ज़रूरी बात एक तस्वीर में है, शब्दों में नहीं।

किताब के पन्ना 145 पर एक भी वाक्य नहीं है — सिर्फ़ तस्वीरें।

ऊपर वाली तस्वीर में एक सूखी, पीली पहाड़ी है, जिस पर पंक्तियों में सैकड़ों गड्ढे खुदे हैं और उनमें सैकड़ों लोग काम कर रहे हैं।

और नीचे वाली तस्वीर में एक भरा हुआ तालाब है, और उसके किनारे हरे-भरे खेत।

बच्चे से यह कीजिए —

  1. पहले सिर्फ़ ऊपर वाली तस्वीर दिखाइए। पूछिए: “यह क्या हो रहा है?”
  2. फिर नीचे वाली दिखाइए। पूछिए: “और यह?”
  3. फिर दोनों साथ दिखाकर पूछिए: “इन दोनों के बीच क्या हुआ होगा?”

और फिर यह बताइए —

“वे लोग भील समुदाय के हैं, मध्य प्रदेश के झाबुआ के पास। वहाँ पानी की बहुत कमी थी। उन्होंने मिलकर हज़ारों पेड़ लगाए, तालाब खोदे, बारिश का पानी रोकने के लिए ढाँचे बनाए।”

“और सबसे बड़ी बात — किसी को इसके पैसे नहीं मिले। उन्होंने यह अपना कर्तव्य समझकर किया।”

फिर यह सवाल पूछिए: “अगर उन्हें पैसे मिलते, तो क्या फ़र्क़ पड़ता?”

बच्चा जो भी कहे, सुनिए। इस सवाल का कोई एक जवाब नहीं है — और यही इसे अच्छा सवाल बनाता है। किताब का जवाब यह है: तब यह मज़दूरी होती, ‘हलमा’ नहीं।

अगर सिर्फ़ पाँच मिनट हों

ये चार चीज़ें पूछ लीजिए, बाकी छोड़ दीजिए —

  1. ‘सहयोग’ का मतलब? → “एक साथ काम करना”
  2. ‘कजिन’ के लिए हिंदी में एक शब्द क्यों नहीं? → क्योंकि वह भाई या बहन ही है
  3. हलमा में लोगों को क्या मिला? → कुछ नहीं — कोई पारिश्रमिक नहीं
  4. अध्याय की आख़िरी पंक्ति? → “अंतत: समुदाय एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं।”

अगर बच्चा ये चार बता दे, तो उसने इस अध्याय की सबसे बड़ी बात समझ ली है — कि कोई अकेला नहीं चलता, न घर में, न मोहल्ले में, न देश में।