यह पन्ना उनके लिए है जो बच्चे के साथ घर पर बैठते हैं। आपको यह विषय आना ज़रूरी नहीं है। नीचे सवाल भी दिए हैं और उनके जवाब भी — आप बस सवाल पूछिए और बच्चे का जवाब मिलाकर देख लीजिए।
एक बात का ध्यान रखिए: नीचे कुछ शब्द मोटे अक्षरों में हैं। ये किताब के अपने शब्द हैं। बच्चे से मोटे अक्षरों वाला शब्द ही बुलवाइए — आसान शब्द कहने से परीक्षा में नंबर कट सकते हैं।
1. इस अध्याय में है क्या
यह अध्याय एक ही सवाल पर है — “हमारे देश के दो नाम क्यों हैं?”
और जवाब बहुत सुंदर है: दोनों नाम असली हैं, दोनों बहुत पुराने हैं — बस दोनों अलग-अलग रास्ते से आए हैं।
| भारत | इंडिया | |
|---|---|---|
| कहाँ से आया | ‘भरत’ — एक पुराना लोगों का समूह | ‘सिंधु’ — एक नदी |
| किसने दिया | भारतीयों ने | विदेशियों ने |
| रास्ता | भरत → भारतवर्ष → भारत | सिंधु → हिंदु → इंडोई → इंडिया |
★और सबसे मज़े की बात: ‘इंडिया’ नाम भी बाहर से थोपा हुआ नहीं है — वह भी हमारी ही नदी ‘सिंधु’ का नाम है, जो दूसरी भाषाओं में घूमते-घूमते बदल गया। पहले फ़ारसी वालों ने उसे ‘हिंदु’ कहा, फिर यूनानियों ने ‘इंडोई’, और वहीं से ‘इंडिया’ बना।
और हमारे संविधान की सबसे पहली लाइन दोनों नामों को एक साथ रख देती है — “भारत, अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ होगा।” यही इस पाठ का नाम भी है।
2. दस सवाल — और उनके जवाब
बच्चे से पूछिए। जवाब मिलाइए। जितने सही, उतने पर निशान लगाइए। 7 या उससे ज़्यादा सही = अध्याय ठीक तैयार है। 5 से कम = फिर से पढ़ना चाहिए।
| # | सवाल | सही जवाब | ✓ |
|---|---|---|---|
| 1 | ‘भारत’ नाम किससे बना? | ‘भरत’ से — जो ऋग्वेद में एक लोगों के समूह का नाम है | ☐ |
| 2 | ‘इंडिया’ नाम किससे बना? | ‘सिंधु’ नदी से — सिंधु → हिंदु → इंडोई → इंडिया | ☐ |
| 3 | ‘सप्त सैंधव’ का क्या मतलब है? | ‘सात नदियों की भूमि’ | ☐ |
| 4 | क्या ‘सप्त सैंधव’ पूरे भारत का नाम था? | नहीं — सिर्फ़ उत्तर-पश्चिमी हिस्से का | ☐ |
| 5 | ‘जम्बूद्वीप’ का क्या मतलब है? | ‘जामुन के पेड़ के फल का द्वीप’ | ☐ |
| 6 | अशोक ने अपने शिलालेख में देश को क्या कहा? | ‘जम्बूद्वीप’ — उनकी तारीख़ लगभग 250 सा.सं.पू. | ☐ |
| 7 | विष्णु पुराण भारत को कैसे बताता है? | जो देश समुद्र के उत्तर में और बर्फ़ से ढँके पर्वतों के दक्षिण में है | ☐ |
| 8 | यूनानियों ने ‘हिंदू’ से ‘ह’ क्यों हटा दिया? | क्योंकि ‘ह’ अक्षर यूनानी भाषा में था ही नहीं | ☐ |
| 9 | ‘हिंदुस्तान’ शब्द पहली बार कब और कहाँ आया? | 1800 साल पहले, एक फ़ारसी शिलालेख में | ☐ |
| 10 | हमारा संविधान कब लागू हुआ? | 1950 में | ☐ |
3. तीन बातें जो बच्चे सबसे ज़्यादा गलत करते हैं★
(1) ‘भरत’ को राजा समझ लेना
बच्चे ‘भरत’ नाम पहले से सुने होते हैं, इसलिए उसे एक आदमी से जोड़ लेते हैं। किताब साफ़ कहती है — ऋग्वेद में ‘भरत’ एक लोगों का समूह है, कोई राजा नहीं। (राजा वाला मतलब बाद की किताबों में आया।)
पूछिए: “ऋग्वेद में ‘भरत’ कौन है — एक राजा या लोगों का एक समूह?” सही जवाब: लोगों का एक समूह।
(2) ‘हिंदुस्तान’ के दो तथ्य उलट देना
किताब कहती है — 1800 साल पहले, और फ़ारसी शिलालेख में। सवाल में इसे ‘2000 साल’ और ‘यूनानी’ कहकर उलटा जाता है।
पूछिए: “‘हिंदुस्तान’ कितने साल पहले, और किस भाषा के शिलालेख में?” दोनों जवाब चाहिए — 1800 और फ़ारसी।
(3) यह कहना कि ‘भारत’ नाम विदेशियों ने दिया
बिलकुल उलटा है। ‘भारत’ नाम भारतीयों ने दिया; विदेशियों ने सिंधु नदी वाले नाम दिए — हिंद, इंडोई, और आख़िर में इंडिया।
पूछिए: “‘भारत’ नाम किसने दिया — हमने या बाहर वालों ने?” सही जवाब: हमने (भारतीयों ने)।
4. सात शब्द जो बच्चे को आने चाहिए
बाएँ वाला शब्द किताब का है — यही याद होना चाहिए। दाएँ वाला सिर्फ़ आपकी समझ के लिए है।
| किताब का शब्द | आसान मतलब |
|---|---|
| भारतीय उपमहाद्वीप | दुनिया का यह हिस्सा — भारत और उसके आस-पास के देश |
| निवासी | वे लोग जो किसी एक जगह पर रहते हैं |
| सप्त सैंधव | ‘सात नदियों की भूमि’ — ऋग्वेद में उत्तर-पश्चिम का नाम |
| भारतवर्ष | ‘भरत’ का देश |
| जम्बूद्वीप | ‘जामुन के पेड़ के फल का द्वीप’ |
| शिलालेख | पत्थर पर खुदा हुआ लिखा — बहुत पक्का सबूत |
| संविधान | देश के बुनियादी नियम-क़ानून बताने वाला दस्तावेज़ |
5. कॉपी में क्या-क्या होना चाहिए
| क्या | है? |
|---|---|
| प्राकृतिक सीमाओं की तालिका (उत्तर, पश्चिम, पूर्व, दक्षिण) | ☐ |
| सप्त सैंधव का मतलब और यह कि वह सिर्फ़ उत्तर-पश्चिम का नाम था | ☐ |
| ‘भरत’ = लोगों का समूह वाला वाक्य | ☐ |
| भारतवर्ष और जम्बूद्वीप के मतलब | ☐ |
| महाभारत के छह क्षेत्रों की तालिका | ☐ |
| विष्णु पुराण वाली भारत की परिभाषा | ☐ |
| ★तीन स्रोत, एक ही सीमा वाली तालिका | ☐ |
| दोनों शब्द-शृंखलाएँ (सिंधु → हिंदु → इंडोई; सिंधु → हिंदू → इंदू → यिंदू) | ☐ |
| ‘हिंदू भौगोलिक शब्द है’ वाला वाक्य | ☐ |
| संविधान वाली बात और 1950 | ☐ |
अगर ‘तीन स्रोत, एक ही सीमा’ वाली तालिका गायब है, तो सबसे पहले वही पूरी करवाइए — 5 नंबर का सवाल उसी पर आता है।
6. घर पर पाँच मिनट का एक काम —यह ज़रूर कीजिए★
“अपनी भाषा में हमारे देश का नाम क्या है?”
बच्चे से पूछिए, और फिर मिलकर सोचिए —
- अगर आपकी भाषा में नाम ‘भारत’/‘भारतम्’ जैसा है → वह ‘भरत’ वाली शृंखला से जुड़ा है।
- अगर ‘हिंदुस्तान’ जैसा है → वह ‘सिंधु’ वाली शृंखला से।
- अगर ‘इंडिया’ → वह भी ‘सिंधु’ से ही, बस बहुत लंबा घूमकर।
यह छोटा-सा काम पूरे अध्याय को घर तक ले आता है। बच्चा देखता है कि किताब जो बता रही है, वह उसकी अपनी भाषा में भी दिख रहा है।
और एक बात बताइए — दक्षिण भारत में इसे प्राय: ‘भारतम्’ लिखते हैं, उत्तर में ‘भारत’। किताब यह ख़ास तौर पर बताती है।
7. एक बात जो बच्चे को बतानी चाहिए
किताब में एक बहुत ज़रूरी बात लिखी है, और वह तिरछे अक्षरों में छपी है —
प्राचीन फ़ारसी में ‘हिंदू’ पूरी तरह से एक भौगोलिक शब्द है, यानी एक जगह का नाम। उसका हिंदू धर्म से कोई संबंध नहीं जोड़ा गया है।
यह उस ज़माने की बात है — फ़ारसी वालों के लिए ‘हिंदु’ का मतलब था “सिंधु नदी के उस पार का इलाक़ा”। बस इतना।
अगर बच्चा इस पर सवाल पूछे, तो किताब का यह वाक्य पढ़कर सुना दीजिए — और उससे आगे मत जाइए। किताब ने यह बात बहुत सोच-समझकर लिखी है।
अगर सिर्फ़ पाँच मिनट हों
ये चार चीज़ें पूछ लीजिए, बाकी छोड़ दीजिए —
- ‘भारत’ नाम किससे बना? → ‘भरत’ से — जो ऋग्वेद में एक लोगों का समूह है
- ‘इंडिया’ नाम किससे बना? → ‘सिंधु’ नदी से
- ‘भारत’ नाम किसने दिया — हमने या बाहर वालों ने? → हमने
- संविधान की पहली लाइन क्या कहती है? → “भारत, अर्थात् इंडिया, राज्यों का संघ होगा”
अगर बच्चा ये चार बता दे, तो उसने इस अध्याय की सबसे बड़ी बात समझ ली है — दोनों नाम असली हैं, और दोनों की जड़ इसी ज़मीन में है।