Chapter 9परिवार और समुदाय

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कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 137–148 परीक्षा से एक दिन पहले यही पढ़िए। सब कुछ यहाँ है, और क्रम में है।

एक पंक्ति में पूरा अध्याय

पुस्तक एक ही बात दो पैमानों पर कहती है — छोटी इकाई (परिवार) में जो सच है, बड़ी इकाई (समुदाय) में भी वही सच है: लोग एक-दूसरे पर निर्भर होते हैं।

यह तालिका याद कर लीजिए — यही पूरा अध्याय है★★

परिवार (छोटी इकाई)समुदाय (अपेक्षाकृत बड़ी इकाई)
प्रकारसंयुक्त और एकलग्रामीण और शहरी
किस पर टिका हैप्रेम · देखभाल · सहयोग · अंतर्निर्भरतासाझा संसाधन · अलिखित नियम · कर्तव्य
कहानियाँशालिनी (केरल) · तेनजिंग (मेघालय)हलमा (झाबुआ) · चेन्नई की बाढ़ · कमल परमार (अहमदाबाद)
निष्कर्ष”…अंतर्निर्भरता पर आधारित होते हैं”“अंतत: समुदाय एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं”

★और यह भी याद रखिए — यह अध्याय पुस्तक का नया खंड शुरू करता है। पृष्ठ के किनारे का विषय-सूत्र बदल जाता है — ‘हमारी सांस्कृतिक विरासत’ से ‘शासन और लोकतंत्र’। और शासन वाला खंड संसद से नहीं, परिवार से शुरू होता है।

1. अध्याय का आरंभ (पृ. 137)

उद्धरण

“प्रेम और धर्म पारिवारिक जीवन के पुष्प और फल हैं।” — तिरुवल्लुवर

खोलकर देखिए: पुष्प = जो सुंदर है → प्रेम; फल = जो काम आता है → कर्तव्य।

दो महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. परिवार की इकाई क्यों महत्वपूर्ण है?
  2. समुदाय क्या है और इसकी क्या भूमिका है?

ये दोनों प्रश्न ही अध्याय के दो हिस्सों के शीर्षक हैं।

2. परिवार — दो प्रकार (पृ. 137–138)

पुस्तक की परिभाषा — शब्दश:

“परिवार किसी भी समाज की मूलभूत और सबसे प्राचीन इकाई है।” (पृ. 137)

संयुक्त और एकल — सबसे परीक्षा-योग्य तालिका★★

संयुक्त परिवारएकल परिवार
परिभाषाअनेक पीढ़ियाँ एक साथ रहती हैंएक दंपत्ति और उनकी संतान
कौन-कौनदादा-दादी · माता-पिता · चाचा-चाची · भाई-बहन · चचेरे भाई और बहनमाता-पिता और बच्चे
और एक रूप—“कई बार यह अकेली माता या पिता और उनके बच्चों तक सीमित होता है”

! आख़िरी पंक्ति परीक्षा में पूछी जा सकती है और अक्सर छूट जाती है। पुस्तक एकल-अभिभावक परिवार को स्पष्ट रूप से एकल परिवार में गिनती है।

! और पुस्तक यह कहीं नहीं कहती कि कौन-सा परिवार बेहतर है। वह कहती है — “संयुक्त परिवार से लेकर एकल परिवार तक” — यानी बीच में और भी रूप हैं।

3. संबंध-शब्द (पृ. 138–139)★★

पुस्तक का तर्क, तीन चरणों में

चरणपुस्तक क्या कहती है
1“अंग्रेजी भाषा में पारिवारिक संबंधों का वर्णन करने के लिए बहुत अधिक शब्द नहीं हैं।”
2“भारतीय भाषाओं में इनके अनेक नाम हैं” — बुआ · ताऊ · ताई · चाचा · मौसी · नाना · नानी
3और तमिल में तो बड़े भाई-बहन और छोटे भाई-बहन के लिए भी अलग-अलग शब्द हैं

और फिर पुस्तक का असली प्रश्न★★

“क्या आप बता सकते हैं कि भारतीय भाषा में ‘कजिन’ के लिए कौन-सा शब्द है? अधिकांश भारतीय भाषाओं में आपको ऐसा कोई एक शब्द नहीं मिलेगा! ऐसा इसलिए क्योंकि कजिन का अर्थ केवल ‘भाई’ और ‘बहन’ होता है। इससे परिवार में सभी बच्चों के बीच गहरे संबंध का पता चलता है।” (पृ. 138)

★इसे इस तरह याद रखिए — अंग्रेज़ी में शब्द कम हैं क्योंकि वहाँ रिश्तों में बारीक भेद नहीं किया जाता। भारतीय भाषाओं में ‘कजिन’ का शब्द नहीं है क्योंकि वह रिश्ता अलग माना ही नहीं जाता। दोनों में ‘शब्द कम’ हैं, पर कारण उल्टे हैं।

पुस्तक की अपनी तालिका (पृ. 139)

नामहिंदी में शब्दअंग्रेजी में विवरण/शब्द
रानीबहनमाँ के भाई की बेटी (कजिन) — (अन्य संभावित अर्थों में से एक)
समीरचाचापिता के छोटे भाई (अंकल)

खंड का निष्कर्ष — शब्दश:

“आप देखेंगे कि किस प्रकार अधिकांशत: आपकी मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषा में एक शब्द को अंग्रेजी भाषा में स्पष्टतापूर्वक समझने के लिए कई शब्दों की आवश्यकता होती है।” (पृ. 139)

4. भूमिकाएँ एवं दायित्व (पृ. 139–140)★

चार आधार-शिलाएँ — शब्दश: याद कीजिए

“परिवार के सदस्यों के बीच संबंध आपसी प्रेम, देखभाल, सहयोग और अंतर्निर्भरता पर आधारित होते हैं।” (पृ. 139)

और एक परिभाषा जो पुस्तक ने स्वयं दी है★★

‘सहयोग’ का अर्थ है — “एक साथ काम करना”। (पृ. 139)

यह अध्याय की तीनों बड़ी कहानियों की कुंजी है — हलमा, चेन्नई, कमल परमार।

भूमिकाएँ बदलती हैं

  • माता-पिता उत्तरदायी हैं कि बच्चे “खुशहाल व्यक्ति और समाज के जिम्मेदार सदस्य” बनें।
  • “किंतु जब बच्चे बड़े होते हैं तो वह … और अधिक दायित्वों का निर्वहन करते हैं।”
  • दैनिक अभ्यास से बच्चे पारिवारिक जीवन में भागीदारी करना सीखते हैं।
  • और अनेक घरों में कई पीढ़ियों से अपनाई गई परंपराएँ तथा प्रथाएँ भी सीखते हैं।

परिवार एक ‘विद्यालय’ भी है (पृ. 140)★

“परिवार एक ‘विद्यालय’ भी है, जहाँ बच्चे अहिंसा, दान, सेवा और त्याग जैसे महत्वपूर्ण मूल्य सीखते हैं। परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए इसके सदस्य प्राय: अपनी जरूरतों को त्याग देते हैं।”

चार मूल्यअध्याय में कहाँ दिखते हैं
अहिंसाअध्याय 7 से जुड़ा — जैन और बौद्ध मत
दानकमल परमार का मुफ़्त भोजन
सेवाहलमा — “धरती माँ की सेवा”
त्यागशालिनी के सादे सूती कपड़े

! ‘धर्म’ यहाँ ‘कर्तव्य’ के अर्थ में है। पुस्तक ने स्वयं लिखा है — “अपने धर्म या कर्तव्यों का पालन करना भारतीय संस्कृति का एक महत्वपूर्ण सिद्धांत रहा है।”

5. पहली कहानी — शालिनी, केरल (पृ. 140–141)★

परिवार

कौनविवरण
शालिनीकेरल के एक नगर में रहती है
पिताएक छोटा-सा व्यापार करते हैं
माँपास के विद्यालय में अध्यापिका
छोटा भाई—
अच्चम्मापिता की माँ (दादी)
चित्तप्पापिता के भाई या चाचा
चित्तीचाची या चाचा की पत्नी
चिन्नीचित्तप्पा-चित्ती की बेटी — शालिनी की चचेरी बहन

घटना

  • चाचा की नौकरी कुछ दिन पहले छूट गई है; चाची गृहिणी हैं।
  • पूरा परिवार ओणम की तैयारी में जुटा था।
  • अच्चम्मा ने बताया कि चाचा त्योहार पर नए कपड़े नहीं खरीद पाएँगे।
  • माता-पिता ख़रीददारी में सबके लिए कपड़े लाए — चित्तप्पा, चित्ती और चिन्नी के लिए भी।
  • परिणाम: शालिनी को रेशमी नहीं, सादे सूती कपड़े मिले।

अच्चम्मा का वाक्य — शब्दश: याद कीजिए★★

“परिवार में सभी एक-दूसरे की सहायता करते हैं और उनके पास जो कुछ भी है, उसे आपस में साझा करते हैं।” (पृ. 141)

और अंत: “यह जानकर शालिनी को अब अपने मनपसंद कपड़े न मिलने के लिए बुरा नहीं लगा। उसे इस बात की खुशी थी कि सभी सदस्यों को नए कपड़े मिले।”

★कहानी का मोड़ वहाँ नहीं है जहाँ उसे सूती कपड़े मिले — वह वहाँ है जहाँ अच्चम्मा ने उसे समझाया। त्याग तब मूल्य बनता है जब वह समझ में आ जाए।

6. दूसरी कहानी — तेनजिंग, मेघालय (पृ. 141–142)★

पुस्तक स्वयं सेतु बनाती है: “यह कहानी तो केरल की है। आइए, अब सुदूर पूर्वोत्तर में मेघालय के एक गाँव की ओर चलें।”

दो कहानियाँ, दो छोर — केरल (सुदूर दक्षिण) और मेघालय (सुदूर पूर्वोत्तर)।

कौन क्या करता है

सदस्यविवरण
माँएक स्थानीय हस्तशिल्प सहकारी संगठन में कार्यरत — जहाँ पर्यटकों के लिए पारंपरिक कपड़े, लकड़ी की नक्काशी आदि बनते हैं
पिताकिराने की छोटी दुकान — और घर की सफाई, सब्जियों के बगीचे की देखभाल, कभी-कभी भोजन पकाने में दादी की सहायता
दादीकहानियाँ सुनाती हैं — “हँसी-मजाक और समझदारी की बातें”
दादापढ़ाई में सहायता, बस स्टॉप तक ले जाना, और कॉलोनी के सामाजिक कार्यों में सक्रिय

★★पिता ने घर के काम क्यों सँभाले? — क्योंकि माँ काम पर जाती हैं। यही ‘भूमिकाएँ बदलती हैं’ का सबसे ठोस उदाहरण है, और यह अक्सर पूछा जाता है।

दादा के दो काम — और उनका फ़र्क़★★

कामकिसके लिए
बिजली गई → कार्यालय में शिकायत दर्ज कराईअपने परिवार के लिए
तूफान से पड़ोस के घर को नुकसान → सब परिवारों से धनराशि एकत्रित की और मरम्मत के लिए दीसमुदाय के लिए

★‘परिवार’ से ‘समुदाय’ की छलाँग इसी कहानी के भीतर लगती है — नए अनुच्छेद में नहीं।

पैसे वाला अनुच्छेद

  • माता-पिता भोजन और कपड़े जैसी मूलभूत आवश्यकताओं का प्रबंध करते हैं।
  • विशेष खर्च पर — “वे आपस में चर्चा करते हैं।”
  • माँ: “हमें भविष्य में अचानक आने वाले खर्चों के लिए कुछ पैसों की बचत अवश्य करनी चाहिए।”

7. समुदाय (पृ. 143)★★

परिभाषा — शब्दश:

“परिवार न केवल अपने अंदर बल्कि अन्य परिवारों से और आस-पास के लोगों से भी जुड़े होते हैं। आपस में जुड़े लोगों के इस समूह को ‘समुदाय’ कहते हैं (विभिन्न संदर्भों में ‘समुदाय’ के अन्य अर्थ भी होते हैं)।”

सदस्य कब एक साथ आते हैं

  • त्योहार मनाने और मेले के अवसर पर
  • विवाह तथा अन्य आयोजनों पर
  • कृषि कार्यों में — फसल कटाई और बुआई के लिए भूमि तैयार करना

साझा संसाधन — तीन, और वे परीक्षा-योग्य हैं

पानी · चरागाह · वन-उत्पाद (और सामान्य रूप से ‘प्राकृतिक संपदा’)

कहाँ देखा गया: अनेक जनजातीय समुदायों तथा कुछ ग्राम समुदायों में; और “आज के ग्रामीण भारत के ग्राम समुदायों में भी कुछ सीमा तक।”

अलिखित ‘नियम’ — अध्याय का सबसे बड़ा विचार★★

“इस तरह के अभ्यास — जिन्हें अलिखित ‘नियम’ कह सकते हैं — से समुदायों को संसाधनों तक सुरक्षित पहुँच प्रदान होती है। परंतु इसका यह अर्थ भी है कि समुदाय के अंदर सभी परिवारों तथा व्यक्तियों के विशिष्ट कर्तव्य हैं, अन्यथा समुदाय सुचारु रूप से कार्य नहीं कर पाएँगे।” (पृ. 143)

नियम देते हैंनियम माँगते हैं
संसाधनों तक सुरक्षित पहुँच (अधिकार)विशिष्ट कर्तव्य (दायित्व)

★यही वह जगह है जहाँ अध्याय अपने विषय-सूत्र ‘शासन और लोकतंत्र’ को छूता है। और ध्यान दीजिए — ये नियम लिखे हुए नहीं हैं। फिर भी सब मानते हैं।

8. ध्यान रखें — हलमा (पृ. 144–145)★★

परिभाषा — शब्दश:

“संकट के समय किसी व्यक्ति या परिवार को समर्थन देने के लिए साथ मिलकर काम करने की प्रथा — ‘हलमा’।”

तथ्य-सूची

क्याविवरण
समुदायभील
स्थानझाबुआ कस्बे के आस-पास, मध्य प्रदेश
संकटविकट जल संकट
कामसैकड़ों गाँवों में हजारों पेड़ · अनेक तालाब · वर्षा जल संचय की अनेक संरचनाएँ
पारिश्रमिककोई नहीं — “समुदाय और पर्यावरण के प्रति अपने कर्तव्य के रूप में”
उद्देश्य“धरती माँ की सेवा करना”
सम्मान2019 · पद्मश्री · महेश शर्मा · शिवगंगा आंदोलन

★‘उन्हें कोई पारिश्रमिक नहीं मिला’ — यही कहानी की धुरी है। अगर पैसे मिलते, तो यह मज़दूरी होती, हलमा नहीं।

पृष्ठ 145 — पूरे पृष्ठ का छायाचित्र-संकलन

कोई पाठ नहीं, केवल एक शब्द — halma. छह छायाचित्र, जिनमें दो सबसे महत्वपूर्ण हैं —

  • ऊपर वाला — सूखी पहाड़ी, पंक्तियों में खोदे गए सैकड़ों गड्ढे, और उनमें काम करते लोग
  • नीचे दाएँ वाला — भरा हुआ तालाब और उसके किनारे हरे खेत

इन दो चित्रों के बीच जो हुआ, वही ‘हलमा’ है।

दूसरा उदाहरण — चेन्नई की बाढ़, 2015

  • “सड़कें मानों नदियाँ बन गईं” और लोग आने-जाने में असमर्थ हो गए।
  • लगभग सभी दुकानें बंद हो गईं और सेवाएँ बाधित हुईं।
  • अनेक निजी समूहों, विशेष रूप से आध्यात्मिक और धार्मिक संगठनों ने बड़ी मात्रा में भोजन तैयार किया तथा अभावग्रस्त लोगों के बीच बाँटा।

और दोनों कहानियों की एक ही कसौटी★

“जब लोग बिना किसी लाभ की उम्मीद के समुदाय के हित के लिए एक साथ मिलकर आगे आए।” (पृ. 144)

9. तीसरी कहानी — कमल परमार, अहमदाबाद (पृ. 144, 146)★

पुस्तक का सेतु-वाक्य

“शहरी क्षेत्रों में भी समुदाय होते हैं, यद्यपि यह कुछ अलग तरीके से कार्य करते हैं।” (पृ. 144)

तथ्य-सूची

क्याविवरण
कबबीस साल से अधिक समय पहले
कहाँअहमदाबाद (गुजरात)
कौनएक छोटी-सी ऑटो फेब्रिकेशन वर्कशॉप के मालिक
क्या देखासड़क पर वंचित बच्चों का एक समूह — कुछ ने पढ़ाई छोड़ दी थी, अन्य कभी विद्यालय गए ही नहीं थे
कब पढ़ायानियमित काम के बाद, शाम 5.30 से रात 9.30 तक
और क्या दियारात में मुफ़्त भोजन
कितने बच्चे150, नियमित रूप से

और फिर समुदाय बना — तीन घेरे★★

घेराकौन जुड़ा
1कमल परमार अकेले
2+ स्थानीय विद्यालय के अध्यापक
3+ नियमित विद्यालय जाने वाले बड़े बच्चे

दो उद्धरण — दोनों याद रखिए

एक अध्यापक: “इन बच्चों के पास बैठने के लिए समुचित बेंच नहीं हैं, कक्षाओं में पूरी तरह शांति नहीं है और गुजरते हुए वाहन काफी शोर करते हैं। फिर भी वे अध्यापकों की बातों पर अपना पूरा ध्यान लगाते हैं। इसने मेरा मन छू लिया।”

★★एक बड़ा विद्यार्थी: “हम वहाँ पढ़ाने गए थे, किंतु हमने उनसे बहुत कुछ सीखा।”

यह दूसरा वाक्य अध्याय की सबसे अच्छी पंक्ति है, और परीक्षा में सबसे अधिक पूछे जाने योग्य भी। यह ‘सहयोग’ की परिभाषा को उलट देता है — देने वाला और लेने वाला अलग नहीं रहते।

10. नए प्रकार के समुदाय (पृ. 146)

  • “पिछले 30 या 40 वर्षों में नए प्रकार के समुदाय उभरे हैं।”
  • अनेक नगरीय क्षेत्रों में आवासीय कल्याण समितियाँ — “जो अपने नियम और व्यवस्था बनाते हैं।”
  • नियम किस बारे में — अपशिष्ट प्रबंधन · सामान्य क्षेत्रों की सफाई · पालतू पशुओं की देखभाल

और वह वाक्य जिस पर पूरा शासन-खंड टिका है★★

“इन समुदायों में रहने वाले लोग इन नियमों और कानूनों के निर्माण में भागीदार होते हैं।” (पृ. 146)

अंतर्निर्भरता — पुस्तक की अपनी शृंखला

समुदायकिस पर निर्भरकिसलिए
आवासीय कल्याण समितिव्यापारी समुदायकिराने की आपूर्ति
आवासीय कल्याण समितिनगर निगम के कामगारकूड़े का निपटान

“हमारे जटिल समाजों में प्रत्येक व्यक्ति कई अन्य व्यक्तियों और समुदायों पर निर्भर होता है।”

11. ‘समुदाय’ — एक लचीली संकल्पना (पृ. 147)

“अब हम समझ सकते हैं कि ‘समुदाय’ एक लचीली संकल्पना है।”

आधारपुस्तक के उदाहरण
जाति“एक जाति या इसके उपविभाजन को भी बहुधा एक समुदाय कहा जाता है।”
धर्म‘मुंबई का पारसी समुदाय’ · ‘चेन्नई का सिख समुदाय’
क्षेत्र / मूल‘अमेरिका का भारतीय समुदाय’
कार्य‘केरल का वैज्ञानिक समुदाय’ · ‘गाँव का किसान समुदाय’
रुचि / विद्यालयकक्षा · खेल समुदाय · राष्ट्रीय सेवा योजना · राष्ट्रीय कैडेट कोर · विज्ञान या नाट्य समूह

“यह सूची अंतहीन है।” — पुस्तक के अपने शब्द।

★और सबसे ज़रूरी बात — एक ही व्यक्ति एक साथ कई समुदायों का सदस्य होता है।

12. आगे बढ़ने से पहले — पुस्तक का अपना सार (पृ. 148)

  1. “परिवार मानव समाज का आधार है। आदर्श रूप में परिवार के सदस्य अपने अनेक कर्तव्यों और कार्यों में एक-दूसरे को सहयोग प्रदान करते हैं।”
  2. “समुदाय अपेक्षाकृत बड़ी इकाई है। इसका अर्थ यह भी है कि लोग एक-दूसरे को सहयोग प्रदान करने के लिए अपना सर्वोत्तम प्रयास करते हैं। ‘समुदाय’ को अनेक प्रकार से परिभाषित किया जा सकता है और समुदाय अनेक प्रकार के होते हैं।”
  3. ★“अंतत: समुदाय एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं।”

! पहले बिंदु में तीन शब्द हैं जो बच्चे लगभग हमेशा छोड़ देते हैं — “आदर्श रूप में”। पुस्तक यह नहीं कह रही कि हर परिवार में ऐसा होता ही है; वह कह रही है कि ऐसा होना चाहिए।

⚡ अंतिम दस मिनट — केवल यह पढ़िए

प्रश्नउत्तर
अध्याय का उद्धरण किसकातिरुवल्लुवर
वह उद्धरण“प्रेम और धर्म पारिवारिक जीवन के पुष्प और फल हैं।”
परिवार क्या है“किसी भी समाज की मूलभूत और सबसे प्राचीन इकाई”
संयुक्त परिवारअनेक पीढ़ियाँ एक साथ रहती हैं
एकल परिवारएक दंपत्ति और उनकी संतान — और कई बार अकेली माता या पिता और उनके बच्चे
हिंदी के संबंध-शब्दबुआ · ताऊ · ताई · चाचा · मौसी · नाना · नानी
तमिल में क्या विशेषबड़े और छोटे भाई-बहन के लिए अलग-अलग शब्द
‘कजिन’ के लिए शब्द क्यों नहींक्योंकि कजिन का अर्थ केवल ‘भाई’ और ‘बहन’ होता है
इससे क्या पता चलता हैपरिवार में सभी बच्चों के बीच गहरे संबंध का
परिवार की चार आधार-शिलाएँप्रेम · देखभाल · सहयोग · अंतर्निर्भरता
‘सहयोग’ का अर्थ“एक साथ काम करना”
परिवार में सीखे जाने वाले चार मूल्यअहिंसा · दान · सेवा · त्याग
शालिनी कहाँ की हैकेरल के एक नगर की
अच्चम्मा / चित्तप्पा / चित्तीपिता की माँ / पिता के भाई / चाचा की पत्नी
कौन-सा त्योहारओणम
शालिनी को कौन-से कपड़े मिलेरेशमी नहीं, सादे सूती
अच्चम्मा का वाक्य“परिवार में सभी एक-दूसरे की सहायता करते हैं और उनके पास जो कुछ भी है, उसे आपस में साझा करते हैं।”
तेनजिंग कहाँ का हैमेघालय के एक गाँव का
तेनजिंग की माँ कहाँ काम करती हैंएक स्थानीय हस्तशिल्प सहकारी संगठन में
पिता ने घर के काम क्यों सँभालेक्योंकि माँ काम पर जाती हैं
दादा के दो सामाजिक कामबिजली की शिकायत दर्ज कराना; तूफान के बाद धनराशि एकत्रित करना
समुदाय क्या है“आपस में जुड़े लोगों का समूह”
तीन साझा संसाधनपानी · चरागाह · वन-उत्पाद
‘अलिखित नियम’ क्या देते हैंसंसाधनों तक सुरक्षित पहुँच
और क्या माँगते हैंसभी परिवारों तथा व्यक्तियों के विशिष्ट कर्तव्य
हलमा क्या हैसंकट के समय साथ मिलकर काम करने की प्रथा
किस समुदाय कीभील
कहाँझाबुआ, मध्य प्रदेश
क्या संकटविकट जल संकट
क्या काम हुआहजारों पेड़ · तालाब · वर्षा जल संचय की संरचनाएँ
पारिश्रमिककोई नहीं — कर्तव्य के रूप में
हलमा का उद्देश्य“धरती माँ की सेवा करना”
पद्मश्री किसे, कब, किस आंदोलन सेमहेश शर्मा · 2019 · शिवगंगा आंदोलन
चेन्नई की बाढ़ कब2015
किसने भोजन बाँटानिजी समूहों, विशेष रूप से आध्यात्मिक और धार्मिक संगठनों ने
कमल परमार कहाँ केअहमदाबाद (गुजरात)
उनका कामऑटो फेब्रिकेशन वर्कशॉप के मालिक
कब पढ़ाते थेशाम 5.30 से रात 9.30 तक
कितने बच्चे150
विद्यार्थी का वाक्य“हम वहाँ पढ़ाने गए थे, किंतु हमने उनसे बहुत कुछ सीखा।”
नए समुदाय कब सेपिछले 30 या 40 वर्षों में
शहरी उदाहरणआवासीय कल्याण समितियाँ
उनके नियम किस बारे मेंअपशिष्ट प्रबंधन · सामान्य क्षेत्रों की सफाई · पालतू पशुओं की देखभाल
★शासन वाला वाक्य“इन समुदायों में रहने वाले लोग इन नियमों और कानूनों के निर्माण में भागीदार होते हैं।”
समुदाय किस पर निर्भरव्यापारी समुदाय (किराना) और नगर निगम के कामगार (कूड़ा)
‘समुदाय’ कैसी संकल्पना हैलचीली
अध्याय की अंतिम पंक्ति“अंतत: समुदाय एक-दूसरे पर निर्भर करते हैं।”

और अंत में यह याद रखिए — परिवार छोटी इकाई है, समुदाय बड़ी। पर दोनों एक ही चीज़ पर टिके हैं — अंतर्निर्भरता। यही पूरा अध्याय है।