अध्याय 3स्थलरूप एवं जीवन

परख प्रश्न20 मिनटस्रोत जाँचे गए

NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, अध्याय 3, पृ. 41–58।

PARAKH प्रश्न बैंक — योग्यता-आधारित मूल्यांकन

कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · मध्य स्तर (कक्षा 6–8)

PARAKH — Performance Assessment, Review and Analysis of Knowledge for Holistic Development — NCERT की एक स्वतंत्र संघटक इकाई है, जो 8 फरवरी 2023 की अधिसूचना से स्थापित हुई। यह राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुच्छेद 4.4.1 के अंतर्गत विद्यार्थी-मूल्यांकन के मानक और दिशानिर्देश तय करती है। इसके फोकस क्षेत्रों में योग्यता-आधारित मूल्यांकन और समग्र प्रगति पत्र शामिल हैं — बुनियादी, प्रारंभिक, मध्य और माध्यमिक, चारों स्तरों के लिए।

इस प्रश्न बैंक की अलग बात क्या है

05-Question-Bank.md याद रखने की जाँच करता है — परिभाषा, मान, कारण। वह बोर्ड-शैली का है और आवश्यक है।

यह फ़ाइल वह नहीं करती। यहाँ हर प्रश्न विद्यार्थी को एक नई स्थिति देता है और पूछता है कि अध्याय की समझ को वहाँ लगाकर दिखाओ। इसीलिए —

यहाँ नहीं मिलेगायहाँ मिलेगा
“पठार की परिभाषा लिखिए।”एक अनजान जगह का वर्णन देकर — “यह पर्वत है, पठार है या मैदान? कैसे पहचाना?”
“भूस्खलन किसे कहते हैं?”एक समाचार का अंश देकर — “यह भूस्खलन था या हिमस्खलन? कारण बताइए।”
“मैदान कैसे बनते हैं?”दो मिट्टी के नमूने देकर — “कौन-सा मैदान का है और आपको कैसे पता?”

मूल्यांकन का नियम: जिस प्रश्न का उत्तर पुस्तक की किसी एक पंक्ति से सीधे उठाया जा सके, वह योग्यता-आधारित प्रश्न नहीं है।

जाँची जा रही योग्यताएँ

कोडयोग्यता
यो-1दिए गए वर्णन या चित्र से स्थलरूप पहचानना और पहचान का आधार बताना
यो-2स्थलरूप और वहाँ के जीवन/व्यवसाय के बीच का संबंध जोड़ना
यो-3कारण-श्रृंखला समझना और उसे नई स्थिति पर लगाना
यो-4एक ही चीज़ में अवसर और चुनौती दोनों देख पाना
यो-5आँकड़ों/मानचित्र से निष्कर्ष निकालना

खंड क — प्रकरण-आधारित प्रश्न

प्रकरण 1 — कमला की डायरी

यो-1 · यो-2 · कुल 7 अंक

कमला अपनी नानी के गाँव गई और वहाँ से लौटकर डायरी में लिखा —

“यहाँ ज़मीन ऊँची है, पर ऊपर एकदम चपटी। किनारे से नीचे देखो तो सीधी ढलान दिखती है। मिट्टी पथरीली है और नानी कहती हैं कि यहाँ खेती अच्छी नहीं होती। गाँव के आधे लोग पास की खान में काम करने जाते हैं। पास ही एक नदी किनारे से नीचे गिरती है — बहुत सुंदर लगता है।”

1.1कमला किस स्थलरूप पर गई थी? अपने उत्तर के तीन आधार डायरी से चुनकर लिखिए। 3 अंक

उत्तर देखिए

पठार। तीन आधार, हर एक पर 1 अंक: (i) ज़मीन ऊँची पर ऊपर से चपटी; (ii) किनारे से सीधी ढलान; (iii) पथरीली मिट्टी, खेती अच्छी नहीं। (खान का उल्लेख भी स्वीकार्य है।)

1.2वहाँ के आधे लोग खान में काम करने क्यों जाते हैं? अध्याय के आधार पर समझाइए। 2 अंक

उत्तर देखिए

पठारों में खनिजों का प्रचुर जमाव होता है, इसीलिए इन्हें खनिजों का भंडार-गृह कहा जाता है और खनन वहाँ की मुख्य गतिविधि है। खेती कम अनुकूल होने से लोग खनन की ओर जाते हैं।

1.3नदी “किनारे से नीचे गिरती है” — इसे भूगोल में क्या कहते हैं, और यह इसी स्थलरूप पर क्यों
बनता है? 2 अंक

उत्तर देखिए

जल प्रपात। पठार के किनारे पर ऊँचाई अचानक बदलती है, इसलिए नदी नीचे गिरती है। (अध्याय के उदाहरण — नहकालीकाई, हुंडरू, जोग — देने पर अतिरिक्त मान्यता, पर आवश्यक नहीं।)

प्रकरण 2 — दो समाचार, एक ही सप्ताह

यो-3 · कुल 7 अंक

एक पहाड़ी ज़िले के अख़बार में एक ही सप्ताह की दो ख़बरें छपीं —

ख़बर A: “मंगलवार दोपहर अचानक बहुत तेज़ तूफ़ान के साथ ज़ोरदार बारिश हुई। कुछ ही घंटों में नाला उफन गया और निचले इलाक़े के खेत डूब गए।”

ख़बर B: “शुक्रवार सुबह ऊपरी ढलान से बर्फ़ का बड़ा हिस्सा नीचे आ गिरा और सड़क बंद हो गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से मौसम गरम चल रहा था।”

2.1ख़बर A में पहले क्या हुआ और उससे क्या हुआ? दो पदों की कारण-श्रृंखला तीर लगाकर
लिखिए। 2 अंक

उत्तर देखिए

बादल फटना → आकस्मिक बाढ़। तीर के साथ दोनों पद चाहिए।

2.2ख़बर B की घटना का नाम बताइए। 1 अंक

उत्तर देखिए

हिमस्खलन (एवलांश)।

2.3ख़बर B में “मौसम गरम चल रहा था” का उल्लेख क्यों किया गया है? इसका घटना से क्या संबंध
है? 2 अंक

उत्तर देखिए

हिमस्खलन प्राय: तब होता है जब हिम का पिघलना आरंभ होता है; गरम मौसम से हिम पिघलनी शुरू हुई, इसलिए यह उल्लेख प्रासंगिक है।

2.4एक विद्यार्थी कहता है — “दोनों ख़बरें भूस्खलन की हैं।” क्या वह सही है? कारण सहित
उत्तर दीजिए। 2 अंक

उत्तर देखिए

नहीं। भूस्खलन में चट्टान या भूखंड गिरता है; ख़बर A बाढ़ की है और ख़बर B में हिम गिरी, इसलिए वह हिमस्खलन है।

प्रकरण 3 — दादाजी का खेत

यो-4 · कुल 8 अंक

गंगा के मैदान के एक गाँव में रघु के दादाजी कहते हैं —

“मेरे बचपन में हम बस बारिश के भरोसे खेती करते थे। एक फ़सल होती थी, कभी-कभी वह भी नहीं। फिर नहर आई, और बाद में हमने खेत में पंप लगवाया। अब साल में दो-तीन फ़सलें होती हैं और पैदावार पहले से कहीं ज़्यादा है।”

“पर एक बात है। पहले हमारा कुआँ बीस हाथ गहरा था और उसमें पानी रहता था। अब बोरिंग बहुत नीचे तक करानी पड़ती है, और हर कुछ साल में और नीचे।”

3.1दादाजी की बात में एक अवसर और एक चुनौती है। दोनों को अलग-अलग एक-एक वाक्य में
लिखिए। 2 अंक

उत्तर देखिए

अवसर: सिंचाई से कृषि उत्पादन बढ़ा (एक की जगह दो-तीन फ़सलें)। चुनौती: भूमिगत जलस्तर में गिरावट आई।

3.2कुएँ का पानी नीचे क्यों चला गया? इसका खेती से क्या संबंध है? 2 अंक

उत्तर देखिए

नहर और विशेषकर पंप से भूमिगत जल निकालकर सिंचाई करने से जलस्तर नीचे चला गया; इसीलिए बोरिंग हर बार और गहरी करानी पड़ती है।

3.3“पैदावार बढ़ी, इसलिए यह पूरी तरह अच्छी बात है।” — क्या आप सहमत हैं? कारण सहित
अपना पक्ष लिखिए। 2 अंक

उत्तर देखिए

किसी भी पक्ष पर पूरे अंक, यदि कारण दिया गया हो। पूरे अंक का उत्तर यह पहचानता है कि पैदावार का लाभ वास्तविक है और जलस्तर की समस्या भी वास्तविक — और यह कि पुस्तक स्वयं कहती है कि इससे कृषि के भविष्य पर चुनौतीपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई है।

3.4अध्याय में पहाड़ों में भी ऐसा ही एक उदाहरण है जहाँ एक ही चीज़ लाभ भी देती है और
समस्या भी। वह कौन-सा है? एक वाक्य में लिखिए। 2 अंक

उत्तर देखिए

पर्यटन — वह पर्वतीय लोगों की आय का महत्वपूर्ण साधन है, पर बहुत सारे पर्यटकों के आने से पर्यावरण पर दबाव पड़ता है।

प्रकरण 4 — तीन डिब्बे, तीन मिट्टियाँ

यो-1 · यो-3 · कुल 6 अंक

एक शिक्षक कक्षा में तीन डिब्बे लाते हैं और कहते हैं कि ये तीन अलग-अलग जगहों की मिट्टी है —

  • डिब्बा 1 — बहुत महीन, मुलायम, गीली करने पर चिपकती है। शिक्षक बताते हैं कि यह नदी के किनारे से लाई गई है।
  • डिब्बा 2 — कड़ी, कंकड़-मिली, कम गहरी।
  • डिब्बा 3 — गहरी काली, और शिक्षक बताते हैं कि यह भी एक ऊँची चपटी ज़मीन से आई है, वैसी ही जैसी डिब्बा 2 वाली।

4.1डिब्बा 1 की मिट्टी किस स्थलरूप की है और वह इतनी महीन क्यों है? 2 अंक

उत्तर देखिए

मैदान। नदियाँ तलछट (रेत, चट्टानों के कण और गाद) बहाकर लाती हैं और जमा करती हैं; बहते-बहते कण महीन होते जाते हैं।

4.2डिब्बा 2 और डिब्बा 3 — दोनों एक ही प्रकार के स्थलरूप से हैं, फिर भी इतनी अलग क्यों
हैं? 2 अंक

उत्तर देखिए

दोनों पठार के हैं, पर डिब्बा 3 लावा पठार का है — ज्वालामुखी क्रियाओं से बना, जिसमें समृद्ध काली मिट्टी होती है। डिब्बा 2 सामान्य पठार की चट्टानी मिट्टी है।

4.3तीनों में से किस डिब्बे वाली जगह पर खेती सबसे कठिन होगी, और क्यों? 2 अंक

उत्तर देखिए

डिब्बा 2 वाली जगह, क्योंकि चट्टानी मिट्टी मैदानी मिट्टी की तुलना में कम उपजाऊ होती है।

खंड ख — अभिकथन एवं कारण

निर्देश: नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए हैं। सही विकल्प चुनिए — (क) A और R दोनों सही, और R, A की सही व्याख्या है। (ख) A और R दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है। (ग) A सही है, R गलत है। (घ) A गलत है, R सही है।

1A: हिमालय की चोटियाँ नुकीली हैं।
R: हिमालय अपेक्षाकृत नवीन पर्वत शृंखला है। 1 अंक

उत्तर देखिए

(क) — दोनों सही, और नवीन होना ही नुकीली चोटियों का कारण है

2A: पठारों में खनन एक मुख्य गतिविधि है।
R: पठारों की मिट्टी बहुत उपजाऊ होती है। 1 अंक

उत्तर देखिए

(ग) — A सही; R गलत — पठारों की मिट्टी प्राय: चट्टानी और कम उपजाऊ होती है। खनन का कारण खनिजों का जमाव है

3A: गंगा के मैदान में विश्व की एक बड़ी आबादी रहती है।
R: नदियों द्वारा लाए गए तलछट से वहाँ की मिट्टी उपजाऊ बन जाती है। 1 अंक

उत्तर देखिए

(क) — दोनों सही, और तलछट से उपजाऊ मिट्टी बनना ही घनी आबादी का कारण है

4A: गोबी को मरुस्थल कहा जाता है।
R: मरुस्थल वे क्षेत्र हैं जहाँ तापमान बहुत अधिक रहता है। 1 अंक

उत्तर देखिए

(ग) — A सही; R गलत — मरुस्थल की कसौटी वर्षण की कमी है, तापमान नहीं। गोबी ठंडा मरुस्थल है

5A: किलिमंजारो को किसी पर्वत शृंखला के अंतर्गत नहीं गिना जाता।
R: किलिमंजारो अफ्रीका का सबसे ऊँचा पर्वत है। 1 अंक

उत्तर देखिए

(ख) — दोनों कथन सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं है। A का कारण यह है कि किलिमंजारो एक पृथक पर्वत है

6A: पर्वतों पर वेदिका कृषि की जाती है।
R: पर्वतीय भूभाग खड़े ढलानों के साथ ऊबड़-खाबड़ होता है। 1 अंक

उत्तर देखिए

(क) — दोनों सही, और ऊबड़-खाबड़ ढलान ही वेदिका कृषि का कारण है

खंड ग — आँकड़ा एवं मानचित्र व्याख्या

1नीचे चार स्थानों की समुद्र तल से ऊँचाई दी गई है। 4 अंक

स्थानसमुद्र तल से ऊँचाई
क120 मीटर
ख4,300 मीटर
ग950 मीटर, ऊपर की सतह लगभग समतल
घ260 मीटर

1.1 इनमें से कौन-कौन से स्थान मैदान हो सकते हैं? पुस्तक की कसौटी बताइए। (2) 1.2 स्थान ग पर्वत नहीं, पठार क्यों लगता है? (1) 1.3 स्थान ख के बारे में आप और क्या अनुमान लगा सकते हैं? एक अनुमान लिखिए। (1)

उत्तर देखिए
  • 1.1 (2) — क और घ। कसौटी: पुस्तक के अनुसार मैदान की ऊँचाई सामान्यत: समुद्र तल से 300 मीटर से अधिक नहीं होती।
  • 1.2 (1) — क्योंकि उसकी ऊपरी सतह लगभग समतल है — यही पठार की पहचान है; पर्वत के शिखर सँकरे होते हैं।
  • 1.3 (1) — कोई एक तर्कसंगत अनुमान — जैसे वहाँ बहुत ठंड होगी, हिम मिल सकती है, खेती कठिन होगी, या वह पर्वत या ऊँचा पठार होगा।

2एक मानचित्र में तीन रंग हैं — नारंगी, भूरा और हरा — और तीनों के आगे कोई लेबल नहीं
है। मानचित्र में यह दिखता है कि हरा रंग हमेशा नारंगी के पास से शुरू होकर फैलता जाता है। 3 अंक

2.1 आपके अनुसार तीनों रंग किन स्थलरूपों के हो सकते हैं? (1) 2.2 हरा रंग नारंगी के पास से शुरू क्यों होता है? अध्याय के आधार पर कारण बताइए। (2)

उत्तर देखिए
  • 2.1 (1) — नारंगी = पर्वत शृंखला, भूरा = पठार, हरा = नदियों के मैदान।
  • 2.2 (2) — क्योंकि नदियाँ पर्वत शृंखलाओं से निकलती हैं और उनके तलछट से आगे जाकर मैदान बनते हैं — इसलिए मैदान पर्वतों के पास से शुरू होकर फैलते हैं।

3एक पहाड़ी ज़िले के पर्यटन विभाग के आँकड़े: 3 अंक

वर्षआने वाले पर्यटककचरा एकत्र (टन)जल-स्रोतों की शिकायतें
पहला वर्ष40,000604
पाँचवाँ वर्ष1,60,00031027

3.1 तालिका से दो निष्कर्ष निकालिए। (2) 3.2 यह अध्याय की किस बात का उदाहरण है? एक वाक्य में लिखिए। (1)

उत्तर देखिए
  • 3.1 (2) — कोई भी दो: पर्यटक चार गुना बढ़े; कचरा पाँच गुना से अधिक बढ़ा; जल-शिकायतें छह गुना से अधिक बढ़ीं; अर्थात समस्याएँ पर्यटकों से भी तेज़ गति से बढ़ीं।
  • 3.2 (1) — कि पर्यटन आय भी देता है और पर्वतों के पर्यावरण पर दबाव भी डालता है — अर्थात हर अवसर के साथ चुनौती भी आती है।

खंड घ — मुक्त-उत्तर एवं अनुप्रयोग

1एक कंपनी दो जगह कारख़ाना लगाना चाहती है और उसे लोहा चाहिए। उसके पास दो विकल्प हैं —
एक पठारी क्षेत्र और एक नदी का मैदान। वह कौन-सा चुनेगी और क्यों? 3 अंक

उत्तर देखिए

पठारी क्षेत्र, क्योंकि पठारों में खनिजों का प्रचुर जमाव होता है और विश्व की सबसे बड़ी खानें वहीं पाई जाती हैं। (भारत के उदाहरण — छोटा नागपुर के लौह भंडार — पर अतिरिक्त मान्यता।)

अंककसौटी
3सही विकल्प + खनिज-जमाव का कारण + उदाहरण या “भंडार-गृह” शब्द
2सही विकल्प + कारण
1केवल सही विकल्प

2आप एक पहाड़ी गाँव के प्रधान हैं। पर्यटन से गाँव की आय बढ़ रही है, पर लोग शिकायत कर रहे
हैं कि रास्ते जाम रहते हैं, कचरा बढ़ गया है और पानी कम पड़ रहा है। आप क्या करेंगे? अपने
तीन सुझाव कारण सहित लिखिए। 5 अंक

उत्तर देखिए

कोई एक “सही” उत्तर नहीं है। अंक सुझावों की व्यावहारिकता और कारण पर हैं।

अंककसौटी
5तीन ठोस सुझाव, तीनों के कारण, और यह स्वीकार करना कि पर्यटन बंद करना उत्तर नहीं है — क्योंकि वह गाँव की आय है
3–4तीन सुझाव, कारण अधूरे
1–2सुझाव हैं पर कारण नहीं, या सुझाव अव्यावहारिक

इस प्रश्न में जो देखना है वह यह है कि विद्यार्थी दोनों पक्ष एक साथ पकड़ पाता है या नहीं।

“पर्यटन बंद कर दूँगा” वाला उत्तर समस्या का आधा हिस्सा ही देख रहा है।

3“अगर पहाड़ों पर इतनी मुसीबतें हैं — भूस्खलन, बर्फ़, ठंड, खेती की जगह नहीं — तो लोग वहाँ रहते ही क्यों हैं?” — अपने शब्दों में उत्तर दीजिए। 4 अंक

उत्तर देखिए

पूरे अंक का उत्तर अनुकूलन और लचीलापन — दोनों विचारों तक पहुँचता है (शब्द वही हों, यह आवश्यक नहीं)।

अंककसौटी
4मुश्किलें भी गिनाता है और यह भी बताता है कि लोग उनके अनुसार ढल जाते हैं; साथ में कोई अवसर (पर्यटन, पशुपालन, वेदिका कृषि, स्वच्छ हवा, तीर्थ)
2–3या तो केवल अवसर गिनाता है, या केवल “आदत हो जाती है” कहता है
1उत्तर विषय से जुड़ा तो है पर अध्याय से कोई आधार नहीं

4थार मरुस्थल में रहने वाले एक परिवार और गंगा के मैदान में रहने वाले एक परिवार का एक दिन कैसा अलग होगा? चार अंतर लिखिए। (अध्याय में जो कहा गया है, उसी पर आधारित रहिए।) 4 अंक

उत्तर देखिए

प्रति सही अंतर 1 अंक। अध्याय से निकलने वाले अंतर: पानी (मरुस्थल में यदा-कदा वर्षा बनाम मैदान में नदी व सिंचाई); व्यवसाय (मैदान में कृषि व मत्स्य पालन); वनस्पति और जीव (मरुस्थल का विलक्षण); सांस्कृतिक जीवन (थार के लोक गीत और दंत कथाएँ)।

अंक मत काटिए यदि विद्यार्थी ऐसा अंतर लिखे जो तर्कसंगत है पर पुस्तक में नहीं है — बशर्ते

वह अध्याय की किसी बात का विरोध न करता हो।

5पुस्तक कहती है कि प्राचीन तमिल कविता में देश को पाँच तिणै में बाँटा गया था — और हर
तिणै का अपना मुख्य व्यवसाय था। इसका इस अध्याय की मुख्य बात से क्या संबंध है? 3 अंक

उत्तर देखिए

पूरे अंक का उत्तर यह पहचानता है कि तिणै का वर्गीकरण दृश्यभूमि को व्यवसाय से जोड़ता है — ठीक वही बात जो यह अध्याय पर्वत, पठार और मैदान के लिए कह रहा है। अर्थात भूगोल और संस्कृति अलग विषय नहीं हैं।

अंककसौटी
3संबंध स्पष्ट रूप से बताता है — दृश्यभूमि ↔ व्यवसाय/जीवन
2तिणै का विवरण सही देता है पर संबंध नहीं जोड़ता
1केवल नाम गिना देता है

! तिणै के पाँच नाम रटे हुए न होने पर अंक मत काटिए। पुस्तक स्वयं कहती है कि उनका विवरण

याद रखने की आवश्यकता नहीं है — जो पूछा जा रहा है वह अवधारणा है।

उत्तर एवं अंकन योजना

सामान्य नियम: इन प्रश्नों में कारण पर अंक हैं, नाम पर नहीं। सही नाम पर आधा अंक और सही कारण पर पूरा — यही अनुपात रखिए। जहाँ विद्यार्थी का उत्तर पुस्तक से भिन्न शब्दों में हो पर तर्क सही हो, पूरे अंक दीजिए।

खंड क

प्रकरण 1 (7)

  • 1.1 (3) — पठार। तीन आधार, हर एक पर 1 अंक: (i) ज़मीन ऊँची पर ऊपर से चपटी; (ii) किनारे से सीधी ढलान; (iii) पथरीली मिट्टी, खेती अच्छी नहीं। (खान का उल्लेख भी स्वीकार्य है।)
  • 1.2 (2) — पठारों में खनिजों का प्रचुर जमाव होता है, इसीलिए इन्हें खनिजों का भंडार-गृह कहा जाता है और खनन वहाँ की मुख्य गतिविधि है। खेती कम अनुकूल होने से लोग खनन की ओर जाते हैं।
  • 1.3 (2) — जल प्रपात। पठार के किनारे पर ऊँचाई अचानक बदलती है, इसलिए नदी नीचे गिरती है। (अध्याय के उदाहरण — नहकालीकाई, हुंडरू, जोग — देने पर अतिरिक्त मान्यता, पर आवश्यक नहीं।)

प्रकरण 2 (7)

  • 2.1 (2) — बादल फटना → आकस्मिक बाढ़। तीर के साथ दोनों पद चाहिए।
  • 2.2 (1) — हिमस्खलन (एवलांश)।
  • 2.3 (2) — हिमस्खलन प्राय: तब होता है जब हिम का पिघलना आरंभ होता है; गरम मौसम से हिम पिघलनी शुरू हुई, इसलिए यह उल्लेख प्रासंगिक है।
  • 2.4 (2) — नहीं। भूस्खलन में चट्टान या भूखंड गिरता है; ख़बर A बाढ़ की है और ख़बर B में हिम गिरी, इसलिए वह हिमस्खलन है।

प्रकरण 3 (8)

  • 3.1 (2) — अवसर: सिंचाई से कृषि उत्पादन बढ़ा (एक की जगह दो-तीन फ़सलें)। चुनौती: भूमिगत जलस्तर में गिरावट आई।
  • 3.2 (2) — नहर और विशेषकर पंप से भूमिगत जल निकालकर सिंचाई करने से जलस्तर नीचे चला गया; इसीलिए बोरिंग हर बार और गहरी करानी पड़ती है।
  • 3.3 (2) — किसी भी पक्ष पर पूरे अंक, यदि कारण दिया गया हो। पूरे अंक का उत्तर यह पहचानता है कि पैदावार का लाभ वास्तविक है और जलस्तर की समस्या भी वास्तविक — और यह कि पुस्तक स्वयं कहती है कि इससे कृषि के भविष्य पर चुनौतीपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई है।
  • 3.4 (2) — पर्यटन — वह पर्वतीय लोगों की आय का महत्वपूर्ण साधन है, पर बहुत सारे पर्यटकों के आने से पर्यावरण पर दबाव पड़ता है।

प्रकरण 4 (6)

  • 4.1 (2) — मैदान। नदियाँ तलछट (रेत, चट्टानों के कण और गाद) बहाकर लाती हैं और जमा करती हैं; बहते-बहते कण महीन होते जाते हैं।
  • 4.2 (2) — दोनों पठार के हैं, पर डिब्बा 3 लावा पठार का है — ज्वालामुखी क्रियाओं से बना, जिसमें समृद्ध काली मिट्टी होती है। डिब्बा 2 सामान्य पठार की चट्टानी मिट्टी है।
  • 4.3 (2) — डिब्बा 2 वाली जगह, क्योंकि चट्टानी मिट्टी मैदानी मिट्टी की तुलना में कम उपजाऊ होती है।

खंड ख — अभिकथन एवं कारण

#उत्तरकारण
1(क)दोनों सही, और नवीन होना ही नुकीली चोटियों का कारण है
2(ग)A सही; R गलत — पठारों की मिट्टी प्राय: चट्टानी और कम उपजाऊ होती है। खनन का कारण खनिजों का जमाव है
3(क)दोनों सही, और तलछट से उपजाऊ मिट्टी बनना ही घनी आबादी का कारण है
4(ग)A सही; R गलत — मरुस्थल की कसौटी वर्षण की कमी है, तापमान नहीं। गोबी ठंडा मरुस्थल है
5(ख)दोनों कथन सही हैं, पर R, A की व्याख्या नहीं है। A का कारण यह है कि किलिमंजारो एक पृथक पर्वत है
6(क)दोनों सही, और ऊबड़-खाबड़ ढलान ही वेदिका कृषि का कारण है

खंड ग

1 (4)

  • 1.1 (2) — क और घ। कसौटी: पुस्तक के अनुसार मैदान की ऊँचाई सामान्यत: समुद्र तल से 300 मीटर से अधिक नहीं होती।
  • 1.2 (1) — क्योंकि उसकी ऊपरी सतह लगभग समतल है — यही पठार की पहचान है; पर्वत के शिखर सँकरे होते हैं।
  • 1.3 (1) — कोई एक तर्कसंगत अनुमान — जैसे वहाँ बहुत ठंड होगी, हिम मिल सकती है, खेती कठिन होगी, या वह पर्वत या ऊँचा पठार होगा।

2 (3)

  • 2.1 (1) — नारंगी = पर्वत शृंखला, भूरा = पठार, हरा = नदियों के मैदान।
  • 2.2 (2) — क्योंकि नदियाँ पर्वत शृंखलाओं से निकलती हैं और उनके तलछट से आगे जाकर मैदान बनते हैं — इसलिए मैदान पर्वतों के पास से शुरू होकर फैलते हैं।

3 (3)

  • 3.1 (2) — कोई भी दो: पर्यटक चार गुना बढ़े; कचरा पाँच गुना से अधिक बढ़ा; जल-शिकायतें छह गुना से अधिक बढ़ीं; अर्थात समस्याएँ पर्यटकों से भी तेज़ गति से बढ़ीं।
  • 3.2 (1) — कि पर्यटन आय भी देता है और पर्वतों के पर्यावरण पर दबाव भी डालता है — अर्थात हर अवसर के साथ चुनौती भी आती है।

खंड घ — रूब्रिक

1 (3) — पठारी क्षेत्र, क्योंकि पठारों में खनिजों का प्रचुर जमाव होता है और विश्व की सबसे बड़ी खानें वहीं पाई जाती हैं। (भारत के उदाहरण — छोटा नागपुर के लौह भंडार — पर अतिरिक्त मान्यता।)

अंककसौटी
3सही विकल्प + खनिज-जमाव का कारण + उदाहरण या “भंडार-गृह” शब्द
2सही विकल्प + कारण
1केवल सही विकल्प

2 (5) — कोई एक “सही” उत्तर नहीं है। अंक सुझावों की व्यावहारिकता और कारण पर हैं।

अंककसौटी
5तीन ठोस सुझाव, तीनों के कारण, और यह स्वीकार करना कि पर्यटन बंद करना उत्तर नहीं है — क्योंकि वह गाँव की आय है
3–4तीन सुझाव, कारण अधूरे
1–2सुझाव हैं पर कारण नहीं, या सुझाव अव्यावहारिक

इस प्रश्न में जो देखना है वह यह है कि विद्यार्थी दोनों पक्ष एक साथ पकड़ पाता है या नहीं। “पर्यटन बंद कर दूँगा” वाला उत्तर समस्या का आधा हिस्सा ही देख रहा है।

3 (4) — पूरे अंक का उत्तर अनुकूलन और लचीलापन — दोनों विचारों तक पहुँचता है (शब्द वही हों, यह आवश्यक नहीं)।

अंककसौटी
4मुश्किलें भी गिनाता है और यह भी बताता है कि लोग उनके अनुसार ढल जाते हैं; साथ में कोई अवसर (पर्यटन, पशुपालन, वेदिका कृषि, स्वच्छ हवा, तीर्थ)
2–3या तो केवल अवसर गिनाता है, या केवल “आदत हो जाती है” कहता है
1उत्तर विषय से जुड़ा तो है पर अध्याय से कोई आधार नहीं

4 (4) — प्रति सही अंतर 1 अंक। अध्याय से निकलने वाले अंतर: पानी (मरुस्थल में यदा-कदा वर्षा बनाम मैदान में नदी व सिंचाई); व्यवसाय (मैदान में कृषि व मत्स्य पालन); वनस्पति और जीव (मरुस्थल का विलक्षण); सांस्कृतिक जीवन (थार के लोक गीत और दंत कथाएँ)।

अंक मत काटिए यदि विद्यार्थी ऐसा अंतर लिखे जो तर्कसंगत है पर पुस्तक में नहीं है — बशर्ते वह अध्याय की किसी बात का विरोध न करता हो।

5 (3) — पूरे अंक का उत्तर यह पहचानता है कि तिणै का वर्गीकरण दृश्यभूमि को व्यवसाय से जोड़ता है — ठीक वही बात जो यह अध्याय पर्वत, पठार और मैदान के लिए कह रहा है। अर्थात भूगोल और संस्कृति अलग विषय नहीं हैं।

अंककसौटी
3संबंध स्पष्ट रूप से बताता है — दृश्यभूमि ↔ व्यवसाय/जीवन
2तिणै का विवरण सही देता है पर संबंध नहीं जोड़ता
1केवल नाम गिना देता है

! तिणै के पाँच नाम रटे हुए न होने पर अंक मत काटिए। पुस्तक स्वयं कहती है कि उनका विवरण याद रखने की आवश्यकता नहीं है — जो पूछा जा रहा है वह अवधारणा है।

योग्यता-वार आवरण

योग्यताकहाँ जाँची गईकुल अंक
यो-1 — स्थलरूप पहचाननाप्रकरण 1 (1.1), प्रकरण 4 (4.1, 4.2), खंड ग (1.1, 1.2)10
यो-2 — स्थलरूप ↔ जीवनप्रकरण 1 (1.2), खंड घ (1, 4, 5)12
यो-3 — कारण-श्रृंखलाप्रकरण 2 (पूरा), प्रकरण 3 (3.2), प्रकरण 4 (4.3), खंड ग (2.2)13
यो-4 — अवसर बनाम चुनौतीप्रकरण 3 (3.1, 3.3, 3.4), खंड ग (3), खंड घ (2, 3)17
यो-5 — आँकड़ा/मानचित्रखंड ग (पूरा)10
अभिकथन-कारणखंड ख6
कुल68

एक 40 अंक का पेपर बनाना हो तो: प्रकरण 2 और 3 (15) + खंड ख के चार प्रश्न (4) + खंड ग का प्रश्न 1 और 3 (7) + खंड घ का प्रश्न 2 और 3 (9) + खंड घ का प्रश्न 1 (3) + प्रकरण 4 में से 4.1 और 4.3 (4) = 42 अंक, जिसे 40 पर समायोजित कर लीजिए।

शिक्षक हेतु दो चेतावनियाँ

1. इन प्रश्नों को “कठिन प्रश्न” मत समझिए। ये कठिन नहीं, अलग हैं। जो बच्चा परिभाषाएँ धड़ल्ले से सुना देता है, वह प्रकरण 3 में अटक सकता है — और जो कक्षा में चुप रहता है, वह उसे कर सकता है। यह विफलता नहीं, सूचना है: पहले बच्चे ने याद किया है, समझा नहीं।

2. इनसे बोर्ड-शैली के प्रश्नों को मत बदलिए। परीक्षा अभी भी पाठ्यपुस्तक से बनती है और वहाँ परिभाषाएँ पूछी जाती हैं। 05-Question-Bank.md वह काम करता है और वह अनिवार्य है। यह फ़ाइल उसके अतिरिक्त है, उसके स्थान पर नहीं। दोनों को साथ चलाइए — एक बताता है कि बच्चे को क्या याद है, दूसरा यह कि वह उसका कर क्या सकता है।