अध्याय 12आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

परख प्रश्न18 मिनटस्रोत जाँचे गए

कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 173–182

! ये प्रश्न NCERT के नहीं हैं। ये इस श्रृंखला के हैं, और पुस्तक के पाठ से बनाए गए हैं। हर उत्तर की जड़ पुस्तक में है — कहीं भी बाहर की जानकारी नहीं माँगी गई।

इस प्रश्न बैंक की अलग बात क्या है

05-Question-Bank.md याद की गई बात पूछता है। यह फ़ाइल यह पूछती है कि उस बात का उपयोग कर सकते हो या नहीं।

सामान्य प्रश्नयोग्यता-आधारित प्रश्न
“वार्ड समिति क्या करती है?”“आपके वार्ड में तीन समस्याएँ हैं। वार्ड समिति उनमें से किन पर काम करेगी और कैसे?”
“तीन प्रकार के निकाय कौन-से हैं?”“चार नगरों की जनसंख्या दी गई है — बताइए किसमें कौन-सा निकाय होगा।”

जाँची जा रही योग्यताएँ

कूटयोग्यता
यो-1पुस्तक के ढाँचे को नए प्रकरण पर लागू करना
यो-2दो मिलती-जुलती चीज़ों में भेद करना
यो-3चित्र और तालिका से जानकारी निकालना
यो-4कारण और परिणाम की शृंखला बनाना
यो-5अपने जीवन से जोड़कर निर्णय लेना

खंड क — प्रकरण-आधारित प्रश्न

प्रकरण 1 — चार नगर, चार निकाय

नीचे चार जगहों की जनसंख्या दी गई है —

जगहजनसंख्या
अ24 लाख
ब3 लाख
स60 हज़ार
द9 लाख

1.1पुस्तक की तालिका के अनुसार इनमें से किस-किस में कौन-सा निकाय होगा? (यो-1)

उत्तर देखिए

(4 अंक — हर सही मिलान 1) अ (24 लाख) → नगर निगम · ब (3 लाख) → नगरपालिका · स (60 हज़ार) → नगर पंचायत · द (9 लाख) → नगरपालिका

1.2‘अ’ के निकाय को और किस नाम से पुकारा जा सकता है? (यो-1)

उत्तर देखिए

महानगर निगम।

1.3एक विद्यार्थी कहता है कि ‘स’ में ग्राम पंचायत होगी क्योंकि वह छोटी जगह है। वह कहाँ गलत
है? (यो-2)

उत्तर देखिए

वह ‘पंचायत’ शब्द से भ्रमित हुआ है। ‘स’ एक नगर या कस्बा है, गाँव नहीं — इसलिए वहाँ नगर पंचायत होगी, ग्राम पंचायत नहीं। ग्राम पंचायत गाँवों की संस्था है और चित्र 12.2 में बाईं ओर है; नगर पंचायत दाईं ओर है।

(1 अंक भेद बताने पर, 1 अंक चित्र 12.2 का उल्लेख करने पर।)

1.4‘ब’ और ‘द’ — दोनों में एक ही प्रकार का निकाय है। पर यदि ‘द’ की जनसंख्या दो लाख और बढ़
जाए, तो क्या बदलेगा? (यो-4)

उत्तर देखिए

‘द’ की जनसंख्या 11 लाख हो जाएगी, जो 10 लाख से अधिक है — इसलिए वहाँ नगरपालिका के स्थान पर नगर निगम होगा। ‘ब’ में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

★यह प्रश्न यह जाँचता है कि विद्यार्थी तालिका को सीमा-रेखा के रूप में पढ़ पाता है या नहीं।

प्रकरण 2 — तीन पिरामिड, एक कॉपी

एक विद्यार्थी ने अपनी कॉपी में तीन पिरामिड बनाए, पर उनके नाम मिला दिए —

पिरामिड 1: केंद्र · राज्य · स्थानीय पिरामिड 2: जिला · खंड · ग्राम पिरामिड 3: संघ सरकार · राज्य सरकार · स्थानीय सरकार, और स्थानीय दो में बँटी हुई

2.1तीनों में से कौन-सा किस अध्याय के किस चित्र का है? (यो-2)

उत्तर देखिए

पिरामिड 1 = चित्र 10.4, अध्याय 10 · पिरामिड 2 = चित्र 11.1, अध्याय 11 · पिरामिड 3 = चित्र 12.2, अध्याय 12

2.2पिरामिड 2 का पूरा ढाँचा पिरामिड 1 के किस हिस्से के अंदर आता है? (यो-2)

उत्तर देखिए

पिरामिड 2 का पूरा ढाँचा, पिरामिड 1 के सबसे नीचे वाले हिस्से — स्थानीय सरकार — के अंदर आता है।

2.3पिरामिड 3 में ऐसा क्या है जो पिरामिड 1 और 2 में नहीं था? (यो-3)

उत्तर देखिए

पिरामिड 3 में स्थानीय सरकार दो शाखाओं में बँटी हुई है — बाईं ओर ग्रामीण (पंचायती राज संस्थाएँ) और दाईं ओर नगरीय (नगरीय स्थानीय निकाय)। पिछले दोनों पिरामिडों में यह विभाजन नहीं था।

2.4उसी विद्यार्थी ने लिखा — “स्थानीय सरकार के दो स्तर होते हैं, ग्रामीण और नगरीय।”
उसका वाक्य सुधारकर लिखिए। (यो-2)

उत्तर देखिए

“स्थानीय सरकार एक ही स्तर है; ग्रामीण और नगरीय उसके दो क्षेत्र हैं।”

(1 अंक ‘स्तर एक’ कहने पर, 1 अंक ‘क्षेत्र दो’ कहने पर।)

प्रकरण 3 — शालु के मोहल्ले की चार शिकायतें

शालु के मोहल्ले में चार बातें हुईं —

(क) गली के नल से लगातार पानी बह रहा है (ख) नाली जाम है और पानी सड़क पर आ गया है (ग) मोहल्ले के लोगों को कूड़े को गीले और सूखे में अलग करना नहीं आता (घ) पड़ोस की दुकान बिना लाइसेंस के विज्ञापन का बड़ा बोर्ड लगा रही है

3.1इनमें से कौन-सी बातें वार्ड समिति के दृष्टि रखने वाले कामों में आती हैं? (यो-1)

उत्तर देखिए

(क) जल-रिसाव और (ख) नाली का जाम होना — दोनों पुस्तक की उसी सूची में हैं जिन पर वार्ड समितियाँ दृष्टि रखती हैं।

3.2वार्ड समिति इन समस्याओं का क्या करेगी — स्वयं ठीक करेगी या कुछ और? पुस्तक के शब्द
लिखिए। (यो-1)

उत्तर देखिए

वे इन्हें स्वयं ठीक नहीं करतीं — पुस्तक के शब्दों में, वे इनके बारे में “अधिकारियों को अवगत कराती हैं।”

3.3इनमें से कौन-सी बात ऐसी है जिसका हल नागरिकों के अपने कर्तव्य से निकलता है, किसी
अधिकारी से नहीं? (यो-5)

उत्तर देखिए

(ग) — कूड़े का पृथक्करण। यह पुस्तक का अपना उदाहरण है: यदि लोग निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें, तो कूड़े का एकत्रीकरण एवं निस्तारण अधिक आसान बन जाता है।

★यहाँ (क) भी आंशिक रूप से स्वीकार्य है, यदि विद्यार्थी लिखे कि जल-रिसाव की सूचना देना भी नागरिक का कर्तव्य है — तब पूरे अंक दीजिए।

3.4बात (घ) पुस्तक की किस सूची से जुड़ती है? (यो-3)

उत्तर देखिए

चित्र 12.4 की ‘व्यवसाय, विज्ञापन, व्यापार लाइसेंस’ वाली सेवा से — यानी यह निकाय की अनुमति और आय दोनों से जुड़ा विषय है।

प्रकरण 4 — दो बच्चों की दो घटनाएँ

पुस्तक में दो घटनाएँ हैं —

घटना 1: नगर में भारी वर्षा से एक मकान ढहा; दर्जनों पड़ोसी मलबा हटाने आए। घटना 2: गाँव में बच्चों ने लटका हुआ बिजली का तार देखा; रिपोर्ट की, और खंभा हटाने का सुझाव दिया।

4.1दोनों घटनाओं में समान क्या है? (यो-2)

उत्तर देखिए

दोनों में साधारण लोग स्वयं आगे आए — एक में पड़ोसी, दूसरे में बच्चे — और दोनों में स्थानीय व्यवस्था ने भी साथ दिया।

4.2घटना 2 में बच्चों ने दो अलग-अलग काम किए। उन्हें क्रम से लिखिए, और बताइए कि दूसरा काम
पहले से अधिक महत्वपूर्ण क्यों है। (यो-4)

उत्तर देखिए
1

उन्होंने रिपोर्ट की। (2) उन्होंने ग्राम सभा के एक सदस्य को सुझाया कि खंभा कुछ दूरी पर स्थानांतरित किया जाए।

दूसरा काम अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि समस्या बताना पहला कदम है, पर समाधान सुझाना उससे आगे का कदम है — और पुस्तक इसी का परिणाम बताती है, “और, ऐसा किया गया!”

4.3घटना 1 में जब समीर पूछता है कि क्या स्थानीय सरकार सहायता नहीं करती, अनीता क्या कहती
है? इस उत्तर से क्या पता चलता है? (यो-4)

उत्तर देखिए

अनीता कहती है — “हाँ, करती है।” इससे पता चलता है कि लोग सरकार की जगह नहीं लेते; दोनों साथ काम करते हैं। यही सहभागी लोकतंत्र है।

4.4घटना 2 गाँव की है। यदि यही घटना नगर में होती, तो बच्चे किसे सुझाव देते? (यो-1)

उत्तर देखिए

वे वार्ड समिति या वार्ड के अपने निर्वाचित प्रतिनिधि को सुझाव देते, क्योंकि चित्र 12.2 में ग्राम सभा के समकक्ष स्थान पर नगरीय पक्ष में वार्ड है।

प्रकरण 5 — हमारा विद्यालय

आपके विद्यालय के सामने की सड़क में बड़े गड्ढे हैं और वर्षा में उनमें पानी भर जाता है।

5.1यह समस्या पुस्तक की किन दो सूचियों में आती है? (यो-3)

उत्तर देखिए
1

वार्ड समितियों की दृष्टि वाली सूची — “किसी सड़क का टूट जाना”; (2) नगरीय निकायों की कार्य-सूची — “आधारभूत ढाँचे की देखभाल पर ध्यान रखना”।

5.2इस समस्या को हल करने का पूरा रास्ता चरणों में लिखिए — नागरिक से शुरू करके मरम्मत तक।
(यो-4)

उत्तर देखिए

नागरिक समस्या देखता है → वार्ड समिति या सी.आर.एम. को सूचना → वार्ड समिति अधिकारियों को अवगत कराती है → निकाय मरम्मत कराता है → सड़क ठीक होती है।

5.3क्या यह काम वार्ड समिति स्वयं कर देगी? अपने उत्तर का कारण दीजिए। (यो-1)

उत्तर देखिए

नहीं। पुस्तक के अनुसार वार्ड समिति ऐसी समस्याओं पर दृष्टि रखती है और अधिकारियों को अवगत कराती है — मरम्मत का काम निकाय के अधिकारी कराते हैं।

5.4इस काम के लिए निगम के पास पैसा कहाँ से आता है? पुस्तक से तीन स्रोत बताइए। (यो-3)

उत्तर देखिए

स्थानीय कर एवं अर्थदंड (पृ. 176 की सूची); संपत्ति कर और जल शुल्क (चित्र 12.4); तथा व्यवसाय, विज्ञापन और व्यापार लाइसेंस (चित्र 12.4)।

(कोई भी तीन।)

खंड ख — अभिकथन एवं कारण

निर्देश: (क) दोनों सही, R, A की सही व्याख्या · (ख) दोनों सही, पर R व्याख्या नहीं · (ग) A सही, R गलत · (घ) A गलत, R सही

6A: नगर में भागीदारी गाँव की तुलना में कठिन होती है।
R: नगर में लोग प्रायः अपने पड़ोसियों के बारे में भी नहीं जानते।
(यो-4)

उत्तर देखिए

(क) — पुस्तक स्वयं कहती है कि नगर में लोग पड़ोसियों को भी नहीं जानते — यही भागीदारी की कठिनाई का कारण है

7A: नगरीय स्थानीय निकाय शीर्ष प्राधिकरण के अंतर्गत कार्य नहीं करते।
R: वे राज्य सरकार से ऊपर होते हैं।
(यो-2)

उत्तर देखिए

(ग) — A सही है, पर R गलत — चित्र 12.2 में ये राज्य सरकार के नीचे ही हैं

8A: पुस्तक चित्र 12.4 में इंदौर की सभी सेवाएँ नहीं दिखाती।
R: पुस्तक स्वयं लिखती है कि सूची यहाँ संक्षेप में दी गई है।
(यो-3)

उत्तर देखिए

(क) — पुस्तक की अपनी टिप्पणी ही इसका कारण है

9A: मद्रास कॉरपोरेशन 1688 में बना, पर पुस्तक स्वशासन का आरंभ 1792 से मानती है।
R: 1792 के अधिनियम ने उसे स्थानीय कर लगाने की शक्ति दी।
(यो-4)

उत्तर देखिए

(क) — कर लगाने की शक्ति ही वह कारण है जिससे पुस्तक स्वशासन को ‘सुचारु’ मानती है

10A: ‘नगर पंचायत’ और ‘ग्राम पंचायत’ एक ही संस्था के दो नाम हैं।
R: दोनों नामों में ‘पंचायत’ शब्द आता है।
(यो-2)

उत्तर देखिए

(घ) — A गलत है — ग्राम पंचायत गाँव की, नगर पंचायत छोटे नगरों और कस्बों की संस्था है। R सही है, पर वह भ्रम का कारण है, प्रमाण नहीं

खंड ग — चित्र और तालिका व्याख्या

11चित्र 12.2 में बाईं ओर चार खाने हैं और दाईं ओर तीन। इसका क्या अर्थ लगाया जा सकता है —
कि नगरीय व्यवस्था कमज़ोर है, या कुछ और? अपने उत्तर का कारण दीजिए। (यो-3)

उत्तर देखिए

नहीं, इसका अर्थ कमज़ोरी नहीं है। इसका अर्थ केवल यह है कि दोनों व्यवस्थाओं का ढाँचा अलग है। ग्रामीण पक्ष में गाँव, खंड और जिला — तीन भौगोलिक स्तर हैं, इसलिए चार खाने बनते हैं। नगरीय पक्ष में एक ही नगर को वार्डों में बाँटा जाता है, इसलिए तीन खाने पर्याप्त हैं।

★पूरे अंक तभी दीजिए जब विद्यार्थी ‘कमज़ोरी नहीं’ और ‘ढाँचा अलग’ — दोनों बातें कहे।

12चित्र 12.2 में ‘ग्राम सभा’ और ‘वार्ड के लोग’ दोनों सबसे नीचे हैं। इस समानता से क्या
पता चलता है? (यो-3)

उत्तर देखिए

इससे पता चलता है कि दोनों व्यवस्थाओं का आधार लोग स्वयं हैं — पिरामिड लोगों से ही शुरू होता है, ऊपर से नहीं। यही ‘स्वशासन’ और ‘सहभागी लोकतंत्र’ का अर्थ है।

13चित्र 12.4 में दी गई सेवाओं को आय, अनुमति और सेवा — इन तीन खानों में बाँटिए।
(यो-3)

उत्तर देखिए

आय — संपत्ति कर, जल शुल्क, व्यवसाय/विज्ञापन/व्यापार लाइसेंस अनुमति — विवाह प्रमाणपत्र, विभिन्न लाइसेंस, पेड़ की कटाई और ढुलाई सेवा — अग्निशमन, एंबुलेंस, जल टैंकर, सेप्टिक टैंकर, चल शौचालय, सभागार, अंत्येष्टि क्रिया संबंधी वाहन, मलबा हटाना, सूखा कूड़ा प्रबंधन, शिकायतें

14चित्र 12.4 में विवाह प्रमाणपत्र भी है और अंत्येष्टि क्रिया संबंधी वाहन भी। यह जोड़ी
पृष्ठ 176 की कार्य-सूची के किस बिंदु से मेल खाती है? (यो-3)

उत्तर देखिए

‘कब्रगाहों का रख-रखाव’ से। दोनों मिलकर यह दिखाते हैं कि निकाय का काम नागरिक के जीवन के हर पड़ाव से जुड़ा है।

15पृष्ठ 176 पर चार चित्र हैं — स्वास्थ्य शिविर, कूड़ा उठाता ट्रक, टूटी सड़क और साफ़ पार्क।
इनमें से कौन-सा चित्र ‘समस्या’ दिखाता है और कौन-सा ‘परिणाम’? (यो-3)

उत्तर देखिए

समस्या — कूड़े का ढेर और टूटी सड़क। परिणाम — साफ़ पार्क (और स्वास्थ्य शिविर वार्ड समिति का काम दिखाता है)।

खंड घ — मुक्त-उत्तर एवं अनुप्रयोग

16पुस्तक कहती है कि वार्ड समितियाँ समस्याओं के बारे में “अधिकारियों को अवगत कराती हैं”।
यदि उन्हें स्वयं मरम्मत करने का अधिकार दे दिया जाए, तो क्या-क्या कठिनाइयाँ आ सकती हैं?
(यो-5)

उत्तर देखिए

अपेक्षित दिशाएँ समिति के पास न तो प्रशिक्षित कर्मचारी होंगे, न मशीनें, न धन; हर वार्ड अपने-अपने ढंग से काम करेगा तो नगर भर में एकरूपता नहीं रहेगी; और उत्तरदायित्व बँट जाएगा, जिससे यह तय करना कठिन होगा कि गलती किसकी है।

★उच्च स्तर का संकेत विद्यार्थी यह जोड़े कि इसीलिए पुस्तक ‘अवगत कराती हैं’ लिखती है, ‘ठीक करती हैं’ नहीं।

17समीर कहता है कि गाँव में अधिक लोग भाग लेते हैं क्योंकि वे एक-दूसरे को जानते भी हैं।
अपने नगर या कस्बे में भागीदारी बढ़ाने के तीन तरीके सुझाइए। (यो-5)

उत्तर देखिए

अपेक्षित दिशाएँ वार्ड की बैठकों की जानकारी सब तक पहुँचाना; मोहल्ला-स्तर पर सफ़ाई या वृक्षारोपण जैसे साझे काम, जिनसे लोग एक-दूसरे को जानने लगें; और सी.आर.एम. जैसी शिकायत-प्रणाली का उपयोग सिखाना।

★उच्च स्तर का संकेत विद्यार्थी यह जोड़े कि वार्ड में बाँटना ही इस समस्या का पुस्तक वाला उत्तर है।

18“पुरस्कार नगर निगम को मिलता है, पर वह जीता नागरिक ने होता है।” — इस वाक्य को इंदौर के
उदाहरण से समझाइए। (यो-4)

उत्तर देखिए

स्वच्छ सर्वेक्षण का पुरस्कार नगर निगम को मिलता है, पर वह तभी संभव हुआ जब नागरिकों ने कूड़े का पृथक्करण किया, कूड़ा गाड़ी के समय का पालन किया, सफ़ाई अभियानों में भाग लिया और समय पर कर दिया। पुस्तक स्वयं पृष्ठ 177 पर यही सिद्धांत देती है — निकाय तभी कुशलतापूर्वक काम कर सकते हैं जब नागरिक भी अपने कर्तव्यों का पालन करें।

19एक अच्छे नगरीय स्थानीय निकाय की पाँच विशेषताएँ लिखिए, और हर विशेषता के आगे यह भी लिखिए
कि वह पुस्तक की किस बात से निकलती है। (यो-1)

उत्तर देखिए

(5 अंक — हर विशेषता + स्रोत = 1 अंक) कुशलता (पृ. 181, तीसरा बिंदु) · निर्वाचित प्रतिनिधि (पृ. 181, दूसरा बिंदु) · स्वायत्तता का सही उपयोग (पृ. 175) · शिकायत का तंत्र, जैसे सी.आर.एम. (चित्र 12.4) · आधारभूत ढाँचे और स्वच्छता का रख-रखाव (पृ. 176) · नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहन (पृ. 177, 179)

20सिधवा ने 1949 में कहा था कि स्थानीय निकाय से लोग जान सकेंगे कि “प्रशासन क्या है, मताधिकार क्या है, शक्तियाँ क्या हैं, अधिकार क्या हैं और विशेषाधिकार क्या हैं।” इस अध्याय में
आपने इनमें से किन-किन बातों को देखा? हर एक का एक उदाहरण दीजिए। (यो-4)

उत्तर देखिए

प्रशासन — नगरीय स्थानीय निकाय और उनके कार्यों की सूची (पृ. 176) मताधिकार — निकायों के सदस्य निर्वाचित होते हैं (पृ. 181) शक्तियाँ — स्थानीय कर एवं अर्थदंड लगाने की शक्ति, और 1792 का उदाहरण (पृ. 176, 177) अधिकार — नागरिक सेवाएँ माँग सकता है और शिकायत कर सकता है, जैसे सी.आर.एम. (चित्र 12.4) विशेषाधिकार — स्वायत्तता, यानी अपने क्षेत्र के लिए स्वयं निर्णय लेने की छूट (पृ. 175)

★यह इस पूरे प्रश्न बैंक का सबसे अच्छा प्रश्न है — यह अध्याय के पहले पृष्ठ को अंतिम पृष्ठ से जोड़ देता है।

उत्तर एवं अंकन योजना

खंड क

प्रकरण 1

1.1 (4 अंक — हर सही मिलान 1) अ (24 लाख) → नगर निगम · ब (3 लाख) → नगरपालिका · स (60 हज़ार) → नगर पंचायत · द (9 लाख) → नगरपालिका

1.2 (1 अंक) महानगर निगम।

1.3 (2 अंक) वह ‘पंचायत’ शब्द से भ्रमित हुआ है। ‘स’ एक नगर या कस्बा है, गाँव नहीं — इसलिए वहाँ नगर पंचायत होगी, ग्राम पंचायत नहीं। ग्राम पंचायत गाँवों की संस्था है और चित्र 12.2 में बाईं ओर है; नगर पंचायत दाईं ओर है।

(1 अंक भेद बताने पर, 1 अंक चित्र 12.2 का उल्लेख करने पर।)

1.4 (2 अंक) ‘द’ की जनसंख्या 11 लाख हो जाएगी, जो 10 लाख से अधिक है — इसलिए वहाँ नगरपालिका के स्थान पर नगर निगम होगा। ‘ब’ में कोई परिवर्तन नहीं होगा।

★यह प्रश्न यह जाँचता है कि विद्यार्थी तालिका को सीमा-रेखा के रूप में पढ़ पाता है या नहीं।

प्रकरण 2

2.1 (3 अंक) पिरामिड 1 = चित्र 10.4, अध्याय 10 · पिरामिड 2 = चित्र 11.1, अध्याय 11 · पिरामिड 3 = चित्र 12.2, अध्याय 12

2.2 (2 अंक) पिरामिड 2 का पूरा ढाँचा, पिरामिड 1 के सबसे नीचे वाले हिस्से — स्थानीय सरकार — के अंदर आता है।

2.3 (2 अंक) पिरामिड 3 में स्थानीय सरकार दो शाखाओं में बँटी हुई है — बाईं ओर ग्रामीण (पंचायती राज संस्थाएँ) और दाईं ओर नगरीय (नगरीय स्थानीय निकाय)। पिछले दोनों पिरामिडों में यह विभाजन नहीं था।

2.4 (2 अंक) “स्थानीय सरकार एक ही स्तर है; ग्रामीण और नगरीय उसके दो क्षेत्र हैं।”

(1 अंक ‘स्तर एक’ कहने पर, 1 अंक ‘क्षेत्र दो’ कहने पर।)

प्रकरण 3

3.1 (2 अंक) (क) जल-रिसाव और (ख) नाली का जाम होना — दोनों पुस्तक की उसी सूची में हैं जिन पर वार्ड समितियाँ दृष्टि रखती हैं।

3.2 (2 अंक) वे इन्हें स्वयं ठीक नहीं करतीं — पुस्तक के शब्दों में, वे इनके बारे में “अधिकारियों को अवगत कराती हैं।”

3.3 (2 अंक) (ग) — कूड़े का पृथक्करण। यह पुस्तक का अपना उदाहरण है: यदि लोग निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें, तो कूड़े का एकत्रीकरण एवं निस्तारण अधिक आसान बन जाता है।

★यहाँ (क) भी आंशिक रूप से स्वीकार्य है, यदि विद्यार्थी लिखे कि जल-रिसाव की सूचना देना भी नागरिक का कर्तव्य है — तब पूरे अंक दीजिए।

3.4 (1 अंक) चित्र 12.4 की ‘व्यवसाय, विज्ञापन, व्यापार लाइसेंस’ वाली सेवा से — यानी यह निकाय की अनुमति और आय दोनों से जुड़ा विषय है।

प्रकरण 4

4.1 (2 अंक) दोनों में साधारण लोग स्वयं आगे आए — एक में पड़ोसी, दूसरे में बच्चे — और दोनों में स्थानीय व्यवस्था ने भी साथ दिया।

4.2 (3 अंक) (1) उन्होंने रिपोर्ट की। (2) उन्होंने ग्राम सभा के एक सदस्य को सुझाया कि खंभा कुछ दूरी पर स्थानांतरित किया जाए। दूसरा काम अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि समस्या बताना पहला कदम है, पर समाधान सुझाना उससे आगे का कदम है — और पुस्तक इसी का परिणाम बताती है, “और, ऐसा किया गया!”

4.3 (2 अंक) अनीता कहती है — “हाँ, करती है।” इससे पता चलता है कि लोग सरकार की जगह नहीं लेते; दोनों साथ काम करते हैं। यही सहभागी लोकतंत्र है।

4.4 (2 अंक) वे वार्ड समिति या वार्ड के अपने निर्वाचित प्रतिनिधि को सुझाव देते, क्योंकि चित्र 12.2 में ग्राम सभा के समकक्ष स्थान पर नगरीय पक्ष में वार्ड है।

प्रकरण 5

5.1 (2 अंक) (1) वार्ड समितियों की दृष्टि वाली सूची — “किसी सड़क का टूट जाना”; (2) नगरीय निकायों की कार्य-सूची — “आधारभूत ढाँचे की देखभाल पर ध्यान रखना”।

5.2 (3 अंक) नागरिक समस्या देखता है → वार्ड समिति या सी.आर.एम. को सूचना → वार्ड समिति अधिकारियों को अवगत कराती है → निकाय मरम्मत कराता है → सड़क ठीक होती है।

5.3 (2 अंक) नहीं। पुस्तक के अनुसार वार्ड समिति ऐसी समस्याओं पर दृष्टि रखती है और अधिकारियों को अवगत कराती है — मरम्मत का काम निकाय के अधिकारी कराते हैं।

5.4 (3 अंक) स्थानीय कर एवं अर्थदंड (पृ. 176 की सूची); संपत्ति कर और जल शुल्क (चित्र 12.4); तथा व्यवसाय, विज्ञापन और व्यापार लाइसेंस (चित्र 12.4)।

(कोई भी तीन।)

खंड ख — अभिकथन एवं कारण

प्रश्नउत्तरकारण
6(क)पुस्तक स्वयं कहती है कि नगर में लोग पड़ोसियों को भी नहीं जानते — यही भागीदारी की कठिनाई का कारण है
7(ग)A सही है, पर R गलत — चित्र 12.2 में ये राज्य सरकार के नीचे ही हैं
8(क)पुस्तक की अपनी टिप्पणी ही इसका कारण है
9(क)कर लगाने की शक्ति ही वह कारण है जिससे पुस्तक स्वशासन को ‘सुचारु’ मानती है
10(घ)A गलत है — ग्राम पंचायत गाँव की, नगर पंचायत छोटे नगरों और कस्बों की संस्था है। R सही है, पर वह भ्रम का कारण है, प्रमाण नहीं

खंड ग

11. (3 अंक) नहीं, इसका अर्थ कमज़ोरी नहीं है। इसका अर्थ केवल यह है कि दोनों व्यवस्थाओं का ढाँचा अलग है। ग्रामीण पक्ष में गाँव, खंड और जिला — तीन भौगोलिक स्तर हैं, इसलिए चार खाने बनते हैं। नगरीय पक्ष में एक ही नगर को वार्डों में बाँटा जाता है, इसलिए तीन खाने पर्याप्त हैं।

★पूरे अंक तभी दीजिए जब विद्यार्थी ‘कमज़ोरी नहीं’ और ‘ढाँचा अलग’ — दोनों बातें कहे।

12. (2 अंक) इससे पता चलता है कि दोनों व्यवस्थाओं का आधार लोग स्वयं हैं — पिरामिड लोगों से ही शुरू होता है, ऊपर से नहीं। यही ‘स्वशासन’ और ‘सहभागी लोकतंत्र’ का अर्थ है।

13. (3 अंक) आय — संपत्ति कर, जल शुल्क, व्यवसाय/विज्ञापन/व्यापार लाइसेंस अनुमति — विवाह प्रमाणपत्र, विभिन्न लाइसेंस, पेड़ की कटाई और ढुलाई सेवा — अग्निशमन, एंबुलेंस, जल टैंकर, सेप्टिक टैंकर, चल शौचालय, सभागार, अंत्येष्टि क्रिया संबंधी वाहन, मलबा हटाना, सूखा कूड़ा प्रबंधन, शिकायतें

14. (2 अंक) ‘कब्रगाहों का रख-रखाव’ से। दोनों मिलकर यह दिखाते हैं कि निकाय का काम नागरिक के जीवन के हर पड़ाव से जुड़ा है।

15. (2 अंक) समस्या — कूड़े का ढेर और टूटी सड़क। परिणाम — साफ़ पार्क (और स्वास्थ्य शिविर वार्ड समिति का काम दिखाता है)।

खंड घ — रूब्रिक

इन प्रश्नों में एक ‘सही’ उत्तर नहीं है। नीचे तीन स्तर दिए गए हैं।

स्तरपहचान
उच्चउत्तर में पुस्तक का कम से कम एक शब्दशः वाक्य या शब्द है, और उसके साथ विद्यार्थी का अपना तर्क
मध्यमबात सही है, पर पुस्तक से जोड़ नहीं है — केवल सामान्य ज्ञान
निम्नकेवल याद की गई पंक्ति दोहरा दी गई है, प्रश्न का उत्तर नहीं

16. (4 अंक) अपेक्षित दिशाएँ: समिति के पास न तो प्रशिक्षित कर्मचारी होंगे, न मशीनें, न धन; हर वार्ड अपने-अपने ढंग से काम करेगा तो नगर भर में एकरूपता नहीं रहेगी; और उत्तरदायित्व बँट जाएगा, जिससे यह तय करना कठिन होगा कि गलती किसकी है।

★उच्च स्तर का संकेत: विद्यार्थी यह जोड़े कि इसीलिए पुस्तक ‘अवगत कराती हैं’ लिखती है, ‘ठीक करती हैं’ नहीं।

17. (3 अंक) अपेक्षित दिशाएँ: वार्ड की बैठकों की जानकारी सब तक पहुँचाना; मोहल्ला-स्तर पर सफ़ाई या वृक्षारोपण जैसे साझे काम, जिनसे लोग एक-दूसरे को जानने लगें; और सी.आर.एम. जैसी शिकायत-प्रणाली का उपयोग सिखाना।

★उच्च स्तर का संकेत: विद्यार्थी यह जोड़े कि वार्ड में बाँटना ही इस समस्या का पुस्तक वाला उत्तर है।

18. (4 अंक) स्वच्छ सर्वेक्षण का पुरस्कार नगर निगम को मिलता है, पर वह तभी संभव हुआ जब नागरिकों ने कूड़े का पृथक्करण किया, कूड़ा गाड़ी के समय का पालन किया, सफ़ाई अभियानों में भाग लिया और समय पर कर दिया। पुस्तक स्वयं पृष्ठ 177 पर यही सिद्धांत देती है — निकाय तभी कुशलतापूर्वक काम कर सकते हैं जब नागरिक भी अपने कर्तव्यों का पालन करें।

19. (5 अंक — हर विशेषता + स्रोत = 1 अंक) कुशलता (पृ. 181, तीसरा बिंदु) · निर्वाचित प्रतिनिधि (पृ. 181, दूसरा बिंदु) · स्वायत्तता का सही उपयोग (पृ. 175) · शिकायत का तंत्र, जैसे सी.आर.एम. (चित्र 12.4) · आधारभूत ढाँचे और स्वच्छता का रख-रखाव (पृ. 176) · नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहन (पृ. 177, 179)

20. (5 अंक) प्रशासन — नगरीय स्थानीय निकाय और उनके कार्यों की सूची (पृ. 176) मताधिकार — निकायों के सदस्य निर्वाचित होते हैं (पृ. 181) शक्तियाँ — स्थानीय कर एवं अर्थदंड लगाने की शक्ति, और 1792 का उदाहरण (पृ. 176, 177) अधिकार — नागरिक सेवाएँ माँग सकता है और शिकायत कर सकता है, जैसे सी.आर.एम. (चित्र 12.4) विशेषाधिकार — स्वायत्तता, यानी अपने क्षेत्र के लिए स्वयं निर्णय लेने की छूट (पृ. 175)

★यह इस पूरे प्रश्न बैंक का सबसे अच्छा प्रश्न है — यह अध्याय के पहले पृष्ठ को अंतिम पृष्ठ से जोड़ देता है।

योग्यता-वार आवरण

योग्यताप्रश्न
यो-11.1, 1.2, 3.1, 3.2, 4.4, 5.3, 19
यो-21.3, 2.1, 2.2, 2.4, 4.1, 7, 10
यो-32.3, 3.4, 5.1, 5.4, 8, 11, 12, 13, 14, 15
यो-41.4, 4.2, 4.3, 5.2, 6, 9, 18, 20
यो-53.3, 16, 17

शिक्षक हेतु दो चेतावनियाँ

#चेतावनी
1प्रकरण 1 की जनसंख्या-संख्याएँ पुस्तक की तालिका पर आधारित हैं। व्यवहार में राज्य अपनी सीमाएँ स्वयं तय करते हैं — विवरण 10-Verification-Log.md की प्रविष्टि 2 में है। कक्षा में और मूल्यांकन में पुस्तक की तालिका ही चलेगी।
2खंड घ के उत्तर रटाइए मत। इनकी रूब्रिक विद्यार्थी का अपना तर्क देखने के लिए है; यदि उत्तर सब बच्चों में एक जैसा आ रहा है, तो प्रश्न अपना काम नहीं कर रहा।