कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 183–194
! ये प्रश्न NCERT के नहीं हैं। ये इस श्रृंखला के हैं, और पुस्तक के पाठ से बनाए गए हैं। हर उत्तर की जड़ पुस्तक में है — कहीं भी बाहर की जानकारी नहीं माँगी गई।
इस प्रश्न बैंक की अलग बात क्या है
05-Question-Bank.md याद की गई बात पूछता है। यह फ़ाइल यह पूछती है कि उस बात का उपयोग कर
सकते हो या नहीं।
| सामान्य प्रश्न | योग्यता-आधारित प्रश्न |
|---|---|
| “गैर-आर्थिक गतिविधि क्या है?” | “यही काम कब आर्थिक हो जाएगा और कब नहीं? दोनों स्थितियाँ बताइए।” |
| “मूल्य संवर्धन क्या है?” | “₹250 की मिट्टी से ₹700 का घड़ा — मूल्य संवर्धन कितना, और वह किसका है?” |
जाँची जा रही योग्यताएँ
| कूट | योग्यता |
|---|---|
| यो-1 | पुस्तक के वर्गीकरण को नए उदाहरणों पर लागू करना |
| यो-2 | एक ही काम की दो स्थितियों में भेद करना |
| यो-3 | संख्याओं से मूल्य संवर्धन निकालना और उसका अर्थ बताना |
| यो-4 | कारण और परिणाम की शृंखला बनाना |
| यो-5 | अपने जीवन से जोड़कर निर्णय लेना |
खंड क — प्रकरण-आधारित प्रश्न
प्रकरण 1 — मीरा का एक दिन
मीरा एक नर्स हैं। उनका मंगलवार ऐसा बीता —
सुबह 6 बजे — घर के सब लोगों के लिए नाश्ता बनाया सुबह 8 बजे — अस्पताल गईं और दिन भर काम किया; उन्हें प्रतिमाह वेतन मिलता है शाम 6 बजे — लौटते हुए पड़ोस की बुज़ुर्ग चाची को दवा लाकर दी रात 8 बजे — अपनी बेटी को गणित का गृहकार्य कराया रात 9 बजे — मोहल्ले की सफ़ाई-समिति की बैठक में गईं
1.1मीरा के पाँचों कामों को आर्थिक और गैर-आर्थिक में बाँटिए। (यो-1)
उत्तर देखिए
(5 अंक — हर सही वर्गीकरण 1) नाश्ता बनाना — गैर-आर्थिक · अस्पताल का काम — आर्थिक (वेतन) · चाची को दवा लाना — गैर-आर्थिक · बेटी को गृहकार्य कराना — गैर-आर्थिक · सफ़ाई-समिति की बैठक — गैर-आर्थिक
1.2इनमें से कितने काम आर्थिक हैं? इससे क्या पता चलता है? (यो-1)
उत्तर देखिए
केवल एक काम आर्थिक है। इससे पता चलता है कि एक व्यक्ति के दिन में गैर-आर्थिक काम आर्थिक कामों से कहीं अधिक हो सकते हैं — और पुस्तक के अनुसार उनका मूल्य भी हमारे जीवन में महत्व रखता है।
1.3एक विद्यार्थी कहता है — “मीरा आर्थिक गतिविधि करती हैं।” यह वाक्य अधूरा क्यों है?
(यो-2)
उत्तर देखिए
क्योंकि विभाजन व्यक्तियों का नहीं, गतिविधियों का होता है। सही वाक्य होगा — “मीरा का अस्पताल का काम आर्थिक गतिविधि है, और उनके शेष काम गैर-आर्थिक।”
1.4यदि मीरा किसी दूसरे घर में जाकर पैसे लेकर बच्चों को पढ़ाएँ, तो वह काम किस श्रेणी में
आएगा? (यो-2)
उत्तर देखिए
आर्थिक — क्योंकि तब उन्हें उस काम के बदले भुगतान मिलेगा।
★यह ठीक वही सिद्धांत है जो पुस्तक के दादाजी बनाम अध्यापक वाले प्रश्न में है।
प्रकरण 2 — एक ही काम, दो स्थितियाँ
नीचे तीन जोड़ियाँ दी गई हैं —
| स्थिति क | स्थिति ख | |
|---|---|---|
| 1 | अनु की माँ स्वैच्छिक समूह में महिलाओं को सिलाई सिखाती हैं | एक दर्जी पैसे लेकर सिलाई सिखाता है |
| 2 | किसान अपना ट्रैक्टर ठीक करता है | किसान किसी और का ट्रैक्टर ठीक करके पैसे लेता है |
| 3 | दादी अपने पोते के लिए भोजन बनाती हैं | एक रसोइया ढाबे में भोजन बनाता है |
2.1तीनों जोड़ियों में स्थिति ‘क’ और स्थिति ‘ख’ को आर्थिक/गैर-आर्थिक में बाँटिए। (यो-2)
उत्तर देखिए
तीनों में स्थिति क = गैर-आर्थिक और स्थिति ख = आर्थिक।
2.2इन तीनों जोड़ियों में जो एक बात समान है, उसे एक वाक्य में लिखिए। (यो-2)
उत्तर देखिए
“काम एक ही है; अंतर काम में नहीं, भुगतान में है।”
2.3पुस्तक में ऐसी ही एक और जोड़ी है, जो ‘आइए विचार करें’ में पूछी गई है। वह कौन-सी है?
(यो-1)
उत्तर देखिए
कबीर के दादाजी का नि:शुल्क पढ़ाना, और अध्यापक का विद्यालय में पढ़ाना।
2.4क्या स्थिति ‘क’ वाले काम स्थिति ‘ख’ वाले कामों से कम मूल्यवान हैं? पुस्तक के शब्दों में
उत्तर दीजिए। (यो-4)
उत्तर देखिए
नहीं। पुस्तक स्वयं कहती है — “गैर-आर्थिक गतिविधियों में धनराशि सम्मिलित नहीं होती है, फिर भी इनसे उत्पन्न मूल्य हमारे जीवन में महत्व रखते हैं।” और सारांश में वह जोड़ती है कि ये सामाजिक कल्याण एवं निजी कल्याण में योगदान देती हैं तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता बढ़ाती हैं।
प्रकरण 3 — कुम्हार का घड़ा
रमेश एक कुम्हार हैं।
वे ₹250 की मिट्टी ख़रीदते हैं। अपने चाक और भट्ठी से घड़ा बनाते हैं। बाजार में प्रत्येक घड़ा ₹700 में बेचते हैं।
3.1मूल्य संवर्धन कितने का हुआ? गणना दिखाइए। (यो-3)
उत्तर देखिए
₹700 − ₹250 = ₹450
3.2यह अंतर किसका मौद्रिक मूल्य है? पुस्तक के तीन शब्दों में लिखिए। (यो-3)
उत्तर देखिए
यह रमेश के कौशल, समय और प्रयास का मौद्रिक मूल्य है।
★पूरे अंक तभी जब तीनों शब्द आएँ। ‘मुनाफ़ा’ लिखने पर पूरे अंक नहीं।
3.3क्या मिट्टी ख़रीदना भी एक आर्थिक गतिविधि है? पुस्तक से कारण दीजिए। (यो-1)
उत्तर देखिए
हाँ — क्योंकि उसमें भुगतान सम्मिलित है। पुस्तक स्वयं राजेश के उदाहरण में कहती है कि “लकड़ी खरीदने से लेकर कुर्सी के बेचने तक की गतिविधियों में भुगतान सम्मिलित है। इसलिए यह सब आर्थिक गतिविधियों के भाग हैं।”
3.4पुस्तक कहती है कि मूल्य में वृद्धि “रूपांतरण की प्रक्रिया के प्रत्येक चरण पर” होती है।
रमेश के काम में वे चरण कौन-से हैं? (यो-4)
उत्तर देखिए
मिट्टी ख़रीदना → चाक पर घड़ा बनाना → भट्ठी में पकाना → बाजार में बेचना। हर चरण पर मूल्य बढ़ता है।
(अन्य उचित चरण-क्रम भी स्वीकार्य।)
प्रकरण 4 — गाँव में एक नया पुल
एक गाँव के पास नदी पर पुल बन रहा है। पुल बनने से नगर तक जाने का समय चार घंटे से घटकर एक घंटा रह जाएगा।
4.1पुल बनाना कौन-सी गतिविधि है, और क्यों? (यो-1)
उत्तर देखिए
आर्थिक — क्योंकि उसमें भुगतान सम्मिलित है; तकनीशियन और श्रमिक इस काम के बदले पारिश्रमिक पाते हैं।
4.2पुल बनने से गाँव के लोगों को क्या-क्या लाभ हो सकते हैं? कोई तीन लिखिए। (यो-4)
उत्तर देखिए
(3 अंक — कोई तीन) समय की बचत; लोग नगर आसानी से जा-आ सकेंगे; बीमार को अस्पताल जल्दी पहुँचाया जा सकेगा; किसान अपनी उपज जल्दी बाजार पहुँचा सकेंगे; बच्चों को नगर के विद्यालय तक पहुँच मिल सकेगी; रिश्तेदारों से मिलना आसान होगा।
4.3पुस्तक में ऐसा ही एक उदाहरण है। वह क्या है, और उसमें समय कितना बचता है? (यो-1)
उत्तर देखिए
कमलापुर गाँव के पास बनने वाला राजमार्ग — उससे नगर तक जाने का समय पाँच घंटे से घटकर केवल दो घंटे हो जाएगा।
4.4पुल पर काम करने वाले मज़दूरों को किस प्रकार भुगतान मिलने की संभावना है — वेतन या
मजदूरी? अपने उत्तर का कारण दीजिए। (यो-2)
उत्तर देखिए
संभवतः मजदूरी — क्योंकि पुस्तक की परिभाषा के अनुसार मजदूरी एक विशिष्ट समय अवधि के लिए श्रमिक को दी जाती है, और निर्माण-स्थल पर काम करने वाले श्रमिक होते हैं। (यदि विद्यार्थी लिखे कि तकनीशियन जैसे नियमित कर्मचारी को वेतन मिलेगा, तो वह भी सही है — पुस्तक में काव्या के चाचा को वेतन मिलता है।)
प्रकरण 5 — हमारा मोहल्ला
आपके मोहल्ले में एक सप्ताह में ये चार बातें हुईं —
(क) नगर निगम की गाड़ी रोज़ कूड़ा उठाकर ले गई (ख) पड़ोसियों ने मिलकर गली की सफ़ाई की (ग) एक दुकानदार ने त्योहार पर मिठाई बेची (घ) मंदिर में सबको नि:शुल्क प्रसाद बाँटा गया
5.1चारों को आर्थिक और गैर-आर्थिक में बाँटिए। (यो-1)
उत्तर देखिए
(क) आर्थिक (निगम के कर्मचारी वेतन पाते हैं) · (ख) गैर-आर्थिक · (ग) आर्थिक · (घ) गैर-आर्थिक
5.2(ख) और (घ) पुस्तक के किन-किन खंडों से मेल खाते हैं? (यो-1)
उत्तर देखिए
(ख) → ‘सामुदायिक सहभागिता का महत्व’ (स्वच्छ भारत अभियान) · (घ) → ‘सेवा’ (मंदिर में प्रसाद वितरण)
5.3(क) और (ख) दोनों में सफ़ाई हुई — फिर भी वे अलग श्रेणियों में क्यों हैं? (यो-2)
उत्तर देखिए
क्योंकि (क) में सफ़ाई करने वालों को भुगतान मिलता है, और (ख) में पड़ोसी बिना किसी भुगतान के, स्वयं मिल-जुलकर करते हैं।
★यह वही सिद्धांत है — काम एक ही, अंतर भुगतान में।
5.4पुस्तक कहती है कि सामूहिक प्रयासों से चार चीज़ें स्वच्छ रहती हैं। वे कौन-सी हैं? (यो-1)
उत्तर देखिए
घर, आस-पास के क्षेत्र, समाज और राष्ट्र।
खंड ख — अभिकथन एवं कारण
निर्देश: (क) दोनों सही, R व्याख्या · (ख) दोनों सही, R व्याख्या नहीं · (ग) A सही, R गलत · (घ) A गलत, R सही
6A: एक ही व्यक्ति आर्थिक और गैर-आर्थिक, दोनों प्रकार की गतिविधियाँ कर सकता है।
R: यह विभाजन गतिविधियों का होता है, व्यक्तियों का नहीं।
(यो-2)
उत्तर देखिए
(क) — R ही A का ठीक कारण है
7A: साहिल की गतिविधि आर्थिक है।
R: उसे भुगतान का एक हिस्सा आमों के रूप में मिलता है, जो एक गैर-मौद्रिक भुगतान है।
(यो-2)
उत्तर देखिए
(ख) — दोनों कथन सही हैं, पर R यह नहीं समझाता कि गतिविधि आर्थिक क्यों है — कारण यह है कि आम काम के बदले मिले हैं
8A: पुस्तक के अनुसार बाजार में लेन-देन केवल धनराशि से होता है।
R: व्यक्ति वस्तुओं और सेवाओं के बदले अन्य वस्तुओं और सेवाओं का लेन-देन भी कर सकते हैं।
(यो-1)
उत्तर देखिए
(घ) — A गलत — पुस्तक कहती है ‘अधिकांशत:’, ‘केवल’ नहीं। R सही है
9A: राजेश को कुर्सी पर ₹400 का लाभ होता है।
R: ₹1000 में से ₹600 घटाने पर ₹400 बचते हैं।
(यो-3)
उत्तर देखिए
(घ) — A गलत — पुस्तक इसे ‘लाभ’ नहीं, कौशल, समय और प्रयास का मौद्रिक मूल्य कहती है। R का गणित सही है
10A: गैर-आर्थिक गतिविधियों का कोई मूल्य नहीं होता।
R: उनमें आय अथवा संपत्ति अर्जित नहीं होती।
(यो-4)
उत्तर देखिए
(घ) — A गलत — पुस्तक कहती है कि इनसे उत्पन्न मूल्य हमारे जीवन में महत्व रखते हैं। R सही है
खंड ग — तालिका और संख्या
11नीचे तीन कारीगर दिए गए हैं। हर एक के लिए मूल्य संवर्धन निकालिए। (यो-3)
| कारीगर | कच्चे माल की लागत | बिक्री मूल्य | मूल्य संवर्धन |
|---|---|---|---|
| बुनकर | ₹300 | ₹850 | |
| बढ़ई (राजेश) | ₹600 | ₹1000 | |
| जूता बनाने वाला | ₹450 | ₹1200 |
उत्तर देखिए
बुनकर — ₹550 · बढ़ई — ₹400 · जूता बनाने वाला — ₹750
12ऊपर की तालिका में सबसे अधिक मूल्य संवर्धन किसका है? क्या इसका अर्थ यह है कि वह सबसे
अधिक कमाता है? अपने उत्तर का कारण दीजिए। (यो-3)
उत्तर देखिए
सबसे अधिक मूल्य संवर्धन जूता बनाने वाले का है (₹750)। पर इसका अर्थ यह नहीं कि वह सबसे अधिक कमाता है — क्योंकि उसमें उसके कौशल, समय और प्रयास के अतिरिक्त औज़ार, बिजली और अन्य ख़र्च भी हो सकते हैं, जिन्हें पुस्तक ने अपने सरल उदाहरण में नहीं गिना।
★उच्च स्तर का संकेत विद्यार्थी यह पहचान ले कि मूल्य संवर्धन ≠ लाभ।
13भुगतान के चारों प्रकारों की तालिका बनाइए — प्रकार, अर्थ, और पुस्तक का उदाहरण। (यो-1)
उत्तर देखिए
पूरी तालिका 04-Revision-Notes.md के खंड ‘अभ्यास-प्रश्न 4’ में है — वेतन,
मजदूरी, शुल्क और वस्तु के रूप में भुगतान, तीनों स्तंभों सहित।
14पृष्ठ 191 की तालिका की पंक्ति 8 और 9 रिक्त हैं। उनमें दो गतिविधियाँ भरिए — एक आर्थिक और
एक गैर-आर्थिक — और हर एक के आगे कारण लिखिए। (यो-1)
उत्तर देखिए
कोई भी उचित जोड़ी। उदाहरण: नाई — बाल काटने का शुल्क (आर्थिक); छोटे भाई-बहन को पढ़ाना — कोई भुगतान नहीं (गैर-आर्थिक)।
★अंक कारण पर दीजिए, गतिविधि के चुनाव पर नहीं।
खंड घ — मुक्त-उत्तर एवं अनुप्रयोग
15पुस्तक कहती है कि गीता मौसी “देश की सेवा करती हैं और यह एक आर्थिक गतिविधि में सम्मिलित है।” इस वाक्य से आपने क्या सीखा? (यो-4)
उत्तर देखिए
अपेक्षित सीख कि सेवा और वेतन एक साथ हो सकते हैं; काम का भाव चाहे जितना ऊँचा हो, वर्गीकरण की कसौटी भुगतान है। देश की सेवा करने से गतिविधि गैर-आर्थिक नहीं हो जाती।
★उच्च स्तर का संकेत विद्यार्थी यह भी जोड़े कि इसका उल्टा भी सही है — बिना पैसे वाला काम बेकार नहीं होता।
16“‘गैर-आर्थिक’ का अर्थ ‘बेकार’ नहीं है।” — इस कथन को अपने घर के तीन उदाहरणों से
समझाइए। (यो-5)
उत्तर देखिए
घर के तीन उदाहरण अपेक्षित हैं — जैसे भोजन बनाना, बड़ों की सेवा, छोटे भाई-बहन को पढ़ाना, घर की सफ़ाई। उच्च स्तर तब जब विद्यार्थी हर उदाहरण के साथ यह भी लिखे कि उससे क्या मिलता है — पुस्तक के शब्दों में कृतज्ञता, स्नेह, सेवा और आदर।
17अध्याय का उद्धरण कहता है — “उसे पूजा की तरह करें।” क्या यह बात केवल आर्थिक गतिविधियों
पर लागू होती है, या दोनों पर? अपने उत्तर का कारण दीजिए। (यो-4)
उत्तर देखिए
दोनों पर। उद्धरण में कहीं पैसे की बात नहीं है — वह काम करने के भाव की बात करता है, इसलिए वह वेतन वाले काम पर भी लागू होता है और बिना वेतन वाले काम पर भी।
★उच्च स्तर का संकेत विद्यार्थी इसे पृष्ठ 192 के ‘नि:स्वार्थ भाव से समाज में योगदान’
से जोड़ दे।
18आपके विद्यालय में कौन-कौन से लोग काम करते हैं? उनमें से किसे वेतन मिलता है और कौन बिना
भुगतान के सहायता करता है? एक तालिका बनाइए। (यो-5)
उत्तर देखिए
तालिका अपेक्षित है — जैसे अध्यापक, लिपिक, चपरासी, रसोइया (वेतन); और अभिभावक-समिति के सदस्य, स्वयंसेवक, बड़े विद्यार्थी जो छोटों की सहायता करते हैं (बिना भुगतान)।
19यदि गाँव के सभी लोग एक-दूसरे की सहायता करना बंद कर दें और हर काम के पैसे लेने लगें, तो
क्या होगा? (यो-5)
उत्तर देखिए
अपेक्षित दिशाएँ लोगों के बीच का अपनापन और विश्वास कम हो जाएगा; जिनके पास पैसा नहीं है वे सहायता से वंचित रह जाएँगे; लंगर, श्रमदान और सामूहिक सफ़ाई जैसे काम रुक जाएँगे; और पुस्तक के शब्दों में जीवन की समग्र गुणवत्ता घट जाएगी।
20पुस्तक ने सेवा के लिए मंदिर, गुरुद्वारा, मस्जिद और गिरजाघर — चारों का नाम एक ही वाक्य
में लिया है। आपके विचार से पुस्तक ने ऐसा क्यों किया? (यो-4)
उत्तर देखिए
अपेक्षित दिशा क्योंकि सेवा किसी एक धर्म या समुदाय की बात नहीं है — वह हर परंपरा में है। पुस्तक चारों को एक ही वाक्य में रखकर यह दिखाती है कि यह भाव सबका साझा है।
★यह अध्याय 8, ‘विविधता में एकता’, से जुड़ता है — यदि विद्यार्थी वह जोड़ बना ले, तो उच्च स्तर।
उत्तर एवं अंकन योजना
खंड क
प्रकरण 1
1.1 (5 अंक — हर सही वर्गीकरण 1) नाश्ता बनाना — गैर-आर्थिक · अस्पताल का काम — आर्थिक (वेतन) · चाची को दवा लाना — गैर-आर्थिक · बेटी को गृहकार्य कराना — गैर-आर्थिक · सफ़ाई-समिति की बैठक — गैर-आर्थिक
1.2 (2 अंक) केवल एक काम आर्थिक है। इससे पता चलता है कि एक व्यक्ति के दिन में गैर-आर्थिक काम आर्थिक कामों से कहीं अधिक हो सकते हैं — और पुस्तक के अनुसार उनका मूल्य भी हमारे जीवन में महत्व रखता है।
1.3 (2 अंक) क्योंकि विभाजन व्यक्तियों का नहीं, गतिविधियों का होता है। सही वाक्य होगा — “मीरा का अस्पताल का काम आर्थिक गतिविधि है, और उनके शेष काम गैर-आर्थिक।”
1.4 (2 अंक) आर्थिक — क्योंकि तब उन्हें उस काम के बदले भुगतान मिलेगा।
★यह ठीक वही सिद्धांत है जो पुस्तक के दादाजी बनाम अध्यापक वाले प्रश्न में है।
प्रकरण 2
2.1 (6 अंक) तीनों में स्थिति क = गैर-आर्थिक और स्थिति ख = आर्थिक।
2.2 (2 अंक) “काम एक ही है; अंतर काम में नहीं, भुगतान में है।”
2.3 (2 अंक) कबीर के दादाजी का नि:शुल्क पढ़ाना, और अध्यापक का विद्यालय में पढ़ाना।
2.4 (3 अंक) नहीं। पुस्तक स्वयं कहती है — “गैर-आर्थिक गतिविधियों में धनराशि सम्मिलित नहीं होती है, फिर भी इनसे उत्पन्न मूल्य हमारे जीवन में महत्व रखते हैं।” और सारांश में वह जोड़ती है कि ये सामाजिक कल्याण एवं निजी कल्याण में योगदान देती हैं तथा जीवन की समग्र गुणवत्ता बढ़ाती हैं।
प्रकरण 3
3.1 (2 अंक) ₹700 − ₹250 = ₹450
3.2 (2 अंक) यह रमेश के कौशल, समय और प्रयास का मौद्रिक मूल्य है।
★पूरे अंक तभी जब तीनों शब्द आएँ। ‘मुनाफ़ा’ लिखने पर पूरे अंक नहीं।
3.3 (2 अंक) हाँ — क्योंकि उसमें भुगतान सम्मिलित है। पुस्तक स्वयं राजेश के उदाहरण में कहती है कि “लकड़ी खरीदने से लेकर कुर्सी के बेचने तक की गतिविधियों में भुगतान सम्मिलित है। इसलिए यह सब आर्थिक गतिविधियों के भाग हैं।”
3.4 (3 अंक) मिट्टी ख़रीदना → चाक पर घड़ा बनाना → भट्ठी में पकाना → बाजार में बेचना। हर चरण पर मूल्य बढ़ता है।
(अन्य उचित चरण-क्रम भी स्वीकार्य।)
प्रकरण 4
4.1 (2 अंक) आर्थिक — क्योंकि उसमें भुगतान सम्मिलित है; तकनीशियन और श्रमिक इस काम के बदले पारिश्रमिक पाते हैं।
4.2 (3 अंक — कोई तीन) समय की बचत; लोग नगर आसानी से जा-आ सकेंगे; बीमार को अस्पताल जल्दी पहुँचाया जा सकेगा; किसान अपनी उपज जल्दी बाजार पहुँचा सकेंगे; बच्चों को नगर के विद्यालय तक पहुँच मिल सकेगी; रिश्तेदारों से मिलना आसान होगा।
4.3 (2 अंक) कमलापुर गाँव के पास बनने वाला राजमार्ग — उससे नगर तक जाने का समय पाँच घंटे से घटकर केवल दो घंटे हो जाएगा।
4.4 (2 अंक) संभवतः मजदूरी — क्योंकि पुस्तक की परिभाषा के अनुसार मजदूरी एक विशिष्ट समय अवधि के लिए श्रमिक को दी जाती है, और निर्माण-स्थल पर काम करने वाले श्रमिक होते हैं। (यदि विद्यार्थी लिखे कि तकनीशियन जैसे नियमित कर्मचारी को वेतन मिलेगा, तो वह भी सही है — पुस्तक में काव्या के चाचा को वेतन मिलता है।)
प्रकरण 5
5.1 (4 अंक) (क) आर्थिक (निगम के कर्मचारी वेतन पाते हैं) · (ख) गैर-आर्थिक · (ग) आर्थिक · (घ) गैर-आर्थिक
5.2 (2 अंक) (ख) → ‘सामुदायिक सहभागिता का महत्व’ (स्वच्छ भारत अभियान) · (घ) → ‘सेवा’ (मंदिर में प्रसाद वितरण)
5.3 (3 अंक) क्योंकि (क) में सफ़ाई करने वालों को भुगतान मिलता है, और (ख) में पड़ोसी बिना किसी भुगतान के, स्वयं मिल-जुलकर करते हैं।
★यह वही सिद्धांत है — काम एक ही, अंतर भुगतान में।
5.4 (2 अंक) घर, आस-पास के क्षेत्र, समाज और राष्ट्र।
खंड ख — अभिकथन एवं कारण
| प्रश्न | उत्तर | कारण |
|---|---|---|
| 6 | (क) | R ही A का ठीक कारण है |
| 7 | (ख) | दोनों कथन सही हैं, पर R यह नहीं समझाता कि गतिविधि आर्थिक क्यों है — कारण यह है कि आम काम के बदले मिले हैं |
| 8 | (घ) | A गलत — पुस्तक कहती है ‘अधिकांशत:’, ‘केवल’ नहीं। R सही है |
| 9 | (घ) | A गलत — पुस्तक इसे ‘लाभ’ नहीं, कौशल, समय और प्रयास का मौद्रिक मूल्य कहती है। R का गणित सही है |
| 10 | (घ) | A गलत — पुस्तक कहती है कि इनसे उत्पन्न मूल्य हमारे जीवन में महत्व रखते हैं। R सही है |
खंड ग
11. (3 अंक) बुनकर — ₹550 · बढ़ई — ₹400 · जूता बनाने वाला — ₹750
12. (3 अंक) सबसे अधिक मूल्य संवर्धन जूता बनाने वाले का है (₹750)। पर इसका अर्थ यह नहीं कि वह सबसे अधिक कमाता है — क्योंकि उसमें उसके कौशल, समय और प्रयास के अतिरिक्त औज़ार, बिजली और अन्य ख़र्च भी हो सकते हैं, जिन्हें पुस्तक ने अपने सरल उदाहरण में नहीं गिना।
★उच्च स्तर का संकेत: विद्यार्थी यह पहचान ले कि मूल्य संवर्धन ≠ लाभ।
13. (4 अंक) पूरी तालिका 04-Revision-Notes.md के खंड ‘अभ्यास-प्रश्न 4’ में है — वेतन,
मजदूरी, शुल्क और वस्तु के रूप में भुगतान, तीनों स्तंभों सहित।
14. (4 अंक) कोई भी उचित जोड़ी। उदाहरण: नाई — बाल काटने का शुल्क (आर्थिक); छोटे भाई-बहन को पढ़ाना — कोई भुगतान नहीं (गैर-आर्थिक)।
★अंक कारण पर दीजिए, गतिविधि के चुनाव पर नहीं।
खंड घ — रूब्रिक
इन प्रश्नों में एक ‘सही’ उत्तर नहीं है। नीचे तीन स्तर दिए गए हैं।
| स्तर | पहचान |
|---|---|
| उच्च | उत्तर में पुस्तक का कम से कम एक शब्दशः वाक्य या पद है, और उसके साथ विद्यार्थी का अपना तर्क |
| मध्यम | बात सही है, पर पुस्तक से जोड़ नहीं है |
| निम्न | केवल याद की गई पंक्ति दोहरा दी गई है |
15. (4 अंक) अपेक्षित सीख: कि सेवा और वेतन एक साथ हो सकते हैं; काम का भाव चाहे जितना ऊँचा हो, वर्गीकरण की कसौटी भुगतान है। देश की सेवा करने से गतिविधि गैर-आर्थिक नहीं हो जाती।
★उच्च स्तर का संकेत: विद्यार्थी यह भी जोड़े कि इसका उल्टा भी सही है — बिना पैसे वाला काम बेकार नहीं होता।
16. (4 अंक) घर के तीन उदाहरण अपेक्षित हैं — जैसे भोजन बनाना, बड़ों की सेवा, छोटे भाई-बहन को पढ़ाना, घर की सफ़ाई। उच्च स्तर तब जब विद्यार्थी हर उदाहरण के साथ यह भी लिखे कि उससे क्या मिलता है — पुस्तक के शब्दों में कृतज्ञता, स्नेह, सेवा और आदर।
17. (4 अंक) दोनों पर। उद्धरण में कहीं पैसे की बात नहीं है — वह काम करने के भाव की बात करता है, इसलिए वह वेतन वाले काम पर भी लागू होता है और बिना वेतन वाले काम पर भी।
★उच्च स्तर का संकेत: विद्यार्थी इसे पृष्ठ 192 के ‘नि:स्वार्थ भाव से समाज में योगदान’ से जोड़ दे।
18. (4 अंक) तालिका अपेक्षित है — जैसे अध्यापक, लिपिक, चपरासी, रसोइया (वेतन); और अभिभावक-समिति के सदस्य, स्वयंसेवक, बड़े विद्यार्थी जो छोटों की सहायता करते हैं (बिना भुगतान)।
19. (4 अंक) अपेक्षित दिशाएँ: लोगों के बीच का अपनापन और विश्वास कम हो जाएगा; जिनके पास पैसा नहीं है वे सहायता से वंचित रह जाएँगे; लंगर, श्रमदान और सामूहिक सफ़ाई जैसे काम रुक जाएँगे; और पुस्तक के शब्दों में जीवन की समग्र गुणवत्ता घट जाएगी।
20. (4 अंक) अपेक्षित दिशा: क्योंकि सेवा किसी एक धर्म या समुदाय की बात नहीं है — वह हर परंपरा में है। पुस्तक चारों को एक ही वाक्य में रखकर यह दिखाती है कि यह भाव सबका साझा है।
★यह अध्याय 8, ‘विविधता में एकता’, से जुड़ता है — यदि विद्यार्थी वह जोड़ बना ले, तो उच्च स्तर।
योग्यता-वार आवरण
| योग्यता | प्रश्न |
|---|---|
| यो-1 | 1.1, 1.2, 2.3, 3.3, 4.1, 4.3, 5.1, 5.2, 5.4, 8, 13, 14 |
| यो-2 | 1.3, 1.4, 2.1, 2.2, 4.4, 5.3, 6, 7 |
| यो-3 | 3.1, 3.2, 9, 11, 12 |
| यो-4 | 2.4, 3.4, 4.2, 10, 15, 17, 20 |
| यो-5 | 16, 18, 19 |
शिक्षक हेतु दो चेतावनियाँ
| # | चेतावनी |
|---|---|
| 1 | प्रश्न 9 और 12 जान-बूझकर ‘लाभ’ बनाम ‘मूल्य संवर्धन’ का भेद जाँचते हैं। पुस्तक ₹400 को कहीं ‘लाभ’ नहीं कहती — कारण 10-Verification-Log.md की प्रविष्टि 3 में है। इसे कक्षा में समझाइए, पर बच्चों को डाँटिए मत; यह एक सूक्ष्म भेद है। |
| 2 | खंड घ के उत्तर रटाइए मत। इनकी रूब्रिक विद्यार्थी का अपना तर्क देखने के लिए है; यदि उत्तर सब बच्चों में एक जैसा आ रहा है, तो प्रश्न अपना काम नहीं कर रहा। |