अध्याय 3स्थलरूप एवं जीवन

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NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, अध्याय 3, पृ. 41–58

यह पन्ना उनके लिए है जो बच्चे के साथ घर पर बैठते हैं। आपको यह विषय आना ज़रूरी नहीं है। नीचे सवाल भी दिए हैं और उनके जवाब भी — आप बस सवाल पूछिए और बच्चे का जवाब मिलाकर देख लीजिए।

एक बात का ध्यान रखिए: नीचे कुछ शब्द मोटे अक्षरों में हैं। ये किताब के अपने शब्द हैं। इनके आगे कोष्ठक में आसान मतलब दिया है। बच्चे से मोटे अक्षरों वाला शब्द ही बुलवाइए — आसान शब्द कहने से परीक्षा में नंबर कट सकते हैं।

1. इस अध्याय में है क्या

यह अध्याय बताता है कि ज़मीन तीन तरह की होती है — और ज़मीन जैसी होती है, वहाँ के लोगों का जीना-कमाना भी वैसा ही हो जाता है।

किताब एक यात्रा से शुरू करती है — झारखंड के छोटा नागपुर से, प्रयागराज होते हुए, उत्तराखंड के अल्मोड़ा तक। रास्ते में ज़मीन तीन बार बदलती है:

जगहज़मीन का रूपवहाँ लोग क्या करते हैं
छोटा नागपुरपठार (ऊँची पर ऊपर से चपटी ज़मीन)खनन (ज़मीन से लोहा, कोयला निकालना)
प्रयागराजमैदान (फैली हुई समतल ज़मीन)कृषि (खेती)
अल्मोड़ापर्वत (पहाड़)पर्यटन (घूमने आने वाले लोग) और सीढ़ीदार खेती

अध्याय की दूसरी बड़ी बात यह है — हर जगह में कुछ अच्छा भी है और कुछ मुश्किल भी। पहाड़ों में हवा साफ़ है और घूमने वाले आते हैं, पर वहाँ भूस्खलन और बर्फ़ की मुसीबतें भी हैं। मैदानों में ज़मीन उपजाऊ है, पर ज़्यादा पानी खींचने से ज़मीन के नीचे का पानी घट रहा है।

और तीसरी बात, जो पूरे अध्याय का निचोड़ है — इंसान हर तरह की ज़मीन पर रहना सीख लेता है। किताब इसे लचीलापन कहती है।

2. दस सवाल — और उनके जवाब

बच्चे से पूछिए। जवाब मिलाइए। जितने सही, उतने पर निशान लगाइए। 7 या उससे ज़्यादा सही = अध्याय ठीक तैयार है। 5 से कम = फिर से पढ़ना चाहिए।

#सवालसही जवाब✓
1ज़मीन के तीन रूप कौन-से हैं?पर्वत, पठार और मैदान☐
2पर्वत की तीन पहचान क्या हैं?चौड़ा आधार, खड़ी ढलान (सीधी चढ़ाई), सँकरे शिखर (पतली चोटियाँ)☐
3पहाड़ी और पर्वत में क्या फ़र्क़ है?पहाड़ी कम ऊँची होती है, उसकी चढ़ाई कम खड़ी होती है और उसका शीर्ष गोल होता है☐
4दुनिया की सबसे ऊँची चोटी कौन-सी है और कितनी ऊँची है?एवरेस्ट, 8848 मीटर☐
5तिब्बत के पठार को क्या कहते हैं और क्यों?‘विश्व की छत’, क्योंकि उसकी औसत ऊँचाई 4500 मीटर है☐
6मैदान कैसे बनते हैं?नदियाँ तलछट (रेत, कंकड़ और गाद) बहाकर लाती हैं और जमा कर देती हैं, जिससे मिट्टी उपजाऊ बन जाती है☐
7गंगा कितनी लंबी है और कौन-सी नदियाँ उसमें मिलती हैं?लगभग 2500 कि.मी.; यमुना और घाघरा उसकी सहायक नदियाँ हैं☐
8भूस्खलन और हिमस्खलन में क्या फ़र्क़ है?भूस्खलन में चट्टान गिरती है, हिमस्खलन में हिम (बर्फ़) गिरती है☐
9क्या सारे मरुस्थल (रेगिस्तान) गर्म होते हैं?नहीं — गोबी ठंडा मरुस्थल है☐
10एवरेस्ट पर चढ़ने वाली पहली भारतीय महिला कौन थीं?बछेंद्री पाल, सन् 1984 में☐

3. आठ शब्द जो बच्चे को आने चाहिए

बाएँ वाला शब्द किताब का है — यही याद होना चाहिए। दाएँ वाला सिर्फ़ आपकी समझ के लिए है।

किताब का शब्दआसान मतलब
स्थलरूपज़मीन का रूप — पहाड़, पठार या मैदान
तुंगतासमुद्र से ऊँचाई
पठारऊँची, पर ऊपर से चपटी ज़मीन
तलछटनदी की लाई हुई रेत, कंकड़ और गाद
सहायक नदीबड़ी नदी में आकर मिलने वाली नदी
संगम स्थलजहाँ दो या ज़्यादा नदियाँ मिलती हैं
वेदिका कृषिढलान काटकर सीढ़ी जैसी बनाई गई खेती
लचीलापनमुश्किल का सामना करने या उसके हिसाब से ढल जाने की ताक़त

अगर बच्चा “पठार” की जगह “ऊँची चपटी ज़मीन” कहे — टोकिए। मतलब सही है, पर परीक्षा में पठार ही लिखना है।

4. कॉपी में क्या-क्या होना चाहिए

अध्याय पूरा हो जाने पर कॉपी में ये चीज़ें दिखनी चाहिए। एक-एक करके देखिए —

क्याहै?
स्थलरूप की परिभाषा और तीनों नाम☐
पर्वत की तीन पहचान☐
पर्वत और पहाड़ी की तुलना वाली तालिका☐
छह पर्वतों के नाम वाली तालिका (एवरेस्ट, कंचनजुंगा, अकोंकागुआ, किलिमंजारो, ब्लांक, अनाईमुडी)☐
चार आपदाओं की परिभाषाएँ (आकस्मिक बाढ़, भूस्खलन, हिमस्खलन, बादल फटना)☐
पठार की परिभाषा और तिब्बत का पठार — 4500 मीटर☐
चार जल प्रपातों की तालिका☐
मैदान की परिभाषा — 300 मीटर वाली बात☐
मैदान कैसे बनते हैं — तीर वाली शृंखला☐
मरुस्थल — गर्म और ठंडे वाली तालिका☐
अध्याय के तीन निष्कर्ष☐

अगर तालिकाएँ गायब हैं, तो वे बोर्ड से उतारी जानी थीं और बच्चा उतार नहीं पाया। किसी सहपाठी की कॉपी से पूरी करवा दीजिए — ये परीक्षा में सीधे काम आती हैं।

5. यहाँ बच्चे अक्सर गड़बड़ करते हैं

गलतीसही बात
पहाड़ और पर्वत को एक ही मान लेनाकिताब इन्हें अलग मानती है — पहाड़ी छोटी और गोल शीर्ष वाली होती है
हिमालय की चोटियाँ गोल बता देनाहिमालय नया पहाड़ है, उसकी चोटियाँ नुकीली हैं। गोल चोटियाँ अरावली जैसी पुरानी पहाड़ियों की होती हैं
भूस्खलन और हिमस्खलन उलट देनाभूस्खलन = चट्टान गिरना। हिमस्खलन = हिम गिरना
“गंगा यमुना की सहायक नदी है” कह देनाउलटा है — यमुना गंगा की सहायक नदी है
सारे रेगिस्तान गर्म मान लेनागोबी ठंडा है
दोनों 2500 मिला देनागंगा लगभग 2500 कि.मी. लंबी नदी है। तिब्बत का पठार पूर्व से पश्चिम लगभग 2500 किलोमीटर लंबा है। दोनों अलग बातें हैं
सारे पठार को बंजर मान लेनाज़्यादातर पठार कम उपजाऊ हैं, पर लावा पठार उपजाऊ होते हैं — उनमें काली मिट्टी होती है

6. घर पर पाँच मिनट का एक काम

“हमारा घर किस ज़मीन पर है?”

बच्चे से पूछिए — “हम पहाड़ पर रहते हैं, पठार पर, या मैदान में?” फिर पूछिए कि उसे कैसे पता चला। जो चीज़ें आप दोनों बाहर देख सकते हैं, उन्हें गिनवाइए —

  • ज़मीन समतल है या ढलान वाली?
  • आस-पास खेत हैं? क्या उगता है?
  • नदी है? कोई पहाड़ी दिखती है?
  • यहाँ ज़्यादातर लोग क्या काम करते हैं — खेती, खनन, या कुछ और?

यही किताब का पहला अभ्यास-प्रश्न है (पृ. 58, प्रश्न 1), और इसका कोई एक तय जवाब नहीं है — जवाब आपके अपने इलाक़े पर निर्भर है। बच्चे से चार-पाँच वाक्य लिखवा लीजिए।

अगर आपके परिवार में कोई पहाड़ी या रेगिस्तानी इलाक़े से आया है, तो वह अनुभव सुनाइए। किताब थार मरुस्थल के लोक गीतों और दंत कथाओं का ज़िक्र करती है — घर की सुनाई कहानी उस पन्ने को ज़िंदा कर देती है।

अगर सिर्फ़ पाँच मिनट हों

ये चार चीज़ें पूछ लीजिए, बाकी छोड़ दीजिए —

  1. ज़मीन के तीन रूप कौन-से हैं? → पर्वत, पठार और मैदान
  2. मैदान कैसे बनते हैं? → नदियाँ तलछट लाकर जमा करती हैं, मिट्टी उपजाऊ बन जाती है
  3. भूस्खलन और हिमस्खलन में क्या फ़र्क़ है? → एक में चट्टान, दूसरे में हिम
  4. हर ज़मीन में क्या दो बातें साथ-साथ होती हैं? → चुनौतियाँ और अवसर (मुश्किलें और मौक़े)

चौथा सवाल सबसे ज़रूरी है। अगर बच्चा यह बता दे कि पहाड़ों में घूमने वाले आते हैं जिससे कमाई होती है पर उसी से पर्यावरण पर दबाव भी पड़ता है — तो उसने अध्याय की सबसे बड़ी बात समझ ली है।