अध्याय 7क्षेत्रीय आकांक्षाएँ

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कुल प्रश्न: 62 — पाठ्यपुस्तक के 10 अभ्यास-प्रश्न + 52 अतिरिक्त अंक-योजना: 1 अंक (वस्तुनिष्ठ) · 2 अंक · 4 अंक · 6 अंक · स्रोत-आधारित · मानचित्र


भाग क · पाठ्यपुस्तक के अभ्यास-प्रश्न(पृष्ठ 133–135)

प्र.1 — सही/ग़लत बताइए

(क) भारतीय संघ के हर एक राज्य की एक ही भाषा है। → ग़लत। अधिकांश राज्यों में एक से अधिक भाषाएँ बोली जाती हैं; कई राज्यों की सीमाएँ भाषा के अलावा अन्य आधारों पर भी तय हुईं।

(ख) क्षेत्रीय आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति सिर्फ़ राजनीतिक दलों के माध्यम से होती है। → ग़लत। छात्र संगठन (आसू), सामाजिक आंदोलन और जन-आंदोलन भी इनकी अभिव्यक्ति करते हैं।

(ग) क्षेत्रीय आकांक्षाओं की अभिव्यक्ति से राष्ट्रीय एकता को ख़तरा होता है। → ग़लत। ★पाठ स्पष्ट कहता है — “क्षेत्रीय आकांक्षाओं का राष्ट्रीय भावनाओं से कोई बुनियादी टकराव नहीं है।”

प्र.2 — मानचित्र-कार्य

भारत के रेखा-मानचित्र पर अंकित कीजिए: जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख (केंद्र शासित प्रदेश) · पंजाब · नगालैंड · मिज़ोरम · असम · सिक्किम · गोवा · तमिलनाडु। ! सावधानी: जम्मू-कश्मीर अब राज्य नहीं, केंद्र शासित प्रदेश है; लद्दाख अलग केंद्र शासित प्रदेश है।

प्र.3 — पंजाब में उग्रवाद के उभरने के कारण(4 अंक)

  • आनंदपुर साहिब प्रस्ताव (1973) की परस्पर-विरोधी व्याख्याएँ
  • नेतृत्व नरमपंथियों से चरमपंथियों के हाथ में जाना
  • स्वर्णमंदिर का हथियारबंद लोगों का मुख्यालय बनना
  • जून 1984 ‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ से उपजी गहरी नाराज़गी
  • 31 अक्तूबर 1984 की हत्या और उसके बाद की सिख-विरोधी हिंसा
  • अकालियों की तीनों राजनीतिक कठिनाइयाँ — जिससे सामान्य राजनीति कमज़ोर पड़ी

प्र.4 — आनंदपुर साहिब प्रस्ताव विवादास्पद क्यों?(4 अंक)

इसमें क्षेत्रीय स्वायत्तता, केंद्र-राज्य संबंधों की पुनर्परिभाषा और सिख ‘कौम’ व ‘बोलबाला’ की बात थी। सरकार ने इसे अलगाववादी दस्तावेज़ के रूप में पढ़ा और कुछ लोगों ने इसमें पृथक सिख राष्ट्र की माँग देखी। पर पाठ का कहना है कि “यह प्रस्ताव भारत में संघवाद को मजबूत करने की अपील करता है।” ! इसकी सीमित लोकप्रियता ही एक कारण थी कि इसे अलग-अलग तरीक़ों से पढ़ा गया।

प्र.5 — जम्मू-कश्मीर के तीन क्षेत्रों की सामाजिक-राजनीतिक बुनावट(4 अंक)

(ऊपर की सारणी — जम्मू / कश्मीर / लद्दाख — शब्दशः लिखिए।)

प्र.6 — कश्मीर के लोगों की तीन शिकायतें(4 अंक)

1जनमत संग्रह का वादा कभी पूरा नहीं हुआ

2अनुच्छेद 370 की स्वायत्तता व्यवहार में घटती चली गई

3लोकतंत्र वैसा नहीं फल-फूल सका जैसा देश के बाक़ी हिस्सों में
(साथ में 370 पर दोनों विपरीत प्रतिक्रियाएँ भी लिखिए — यह पूरे अंक दिलाता है।)

प्र.7 — असम आंदोलन: सांस्कृतिक अभिमान + आर्थिक पिछड़ापन(6 अंक)

(दो-स्तंभीय तालिका — सांस्कृतिक चिंता और आर्थिक शिकायत — फिर 1985 का समझौता, असम गण परिषद्, और यह चेतावनी कि “आप्रवास की समस्या का समाधान नहीं हो पाया”।)

प्र.8 — हर क्षेत्रीय आंदोलन अलगाववाद तक नहीं जाता(6 अंक)

★★द्रविड़ आंदोलन ही आदर्श उत्तर है। नेतृत्व के एक हिस्से की आकांक्षा स्वतंत्र द्रविड़ राष्ट्र की थी, पर आंदोलन ने कभी सशस्त्र संघर्ष की राह नहीं अपनायी — सार्वजनिक बहस और चुनावी मंच का ही इस्तेमाल हुआ। 1967 में सत्ता; 1996 से हर केंद्रीय गठबंधन में हिस्सेदारी। निष्कर्ष: “तमिलनाडु की राजनीति क्षेत्रवाद और राष्ट्रवाद के बीच सहकारिता की भावना का अच्छा उदाहरण पेश करती है।”

प्र.9 — क्षेत्रीय आकांक्षाओं से निपटने के लोकतांत्रिक तरीक़े(6 अंक)

(पाँचों सबक विस्तार से; मिज़ोरम, तमिलनाडु, सिक्किम और गोवा के उदाहरण।)

प्र.10 — संजीब बरुआ का अवतरण(स्रोत-आधारित)

“सात बहनें — यानी वे एक ही माँ की सात बेटियाँ हैं।” — पूर्वोत्तर की साझा पहचान और साथ ही आंतरिक विविधता दोनों को यह वाक्य पकड़ता है। आठों राज्यों की समस्याएँ अलग हैं (मिज़ोरम, नगालैंड, असम), पर भूगोल, अलगाव और उपेक्षा की शिकायत साझा है।

भाग ख · 1 अंक के प्रश्न(वस्तुनिष्ठ)

#प्रश्नउत्तर
11उत्तराखंड आंदोलन के पोस्टर पर माँग कितनी भाषाओं में लिखी थी?सात
12‘कश्मीरियत’ का अर्थ क्या है?कश्मीरी होने की क्षेत्रीय अभिलाषा और पहचान
13जम्मू-कश्मीर के महाराजा कौन थे?हरि सिंह
14यूएन का त्रिचरणीय प्रस्ताव कब आया?21 अप्रैल 1948
15शेख अब्दुल्ला कब जम्मू-कश्मीर के प्रधानमंत्री बने?मार्च 1948
16‘प्रधानमंत्री’ पद का नाम बदलकर ‘मुख्यमंत्री’ कब हुआ?1965
17जम्मू-कश्मीर के पहले मुख्यमंत्री कौन थे?गुलाम मोहम्मद सादिक
18इंदिरा–शेख समझौता कब हुआ?1974
19कौन-सा चुनाव धाँधली के आरोपों से निर्णायक मोड़ बना?1987
20जम्मू-कश्मीर में उग्रवाद कब शुरू हुआ?1989
21राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री कौन थीं?महबूबा मुफ़्ती (अप्रैल 2016)
22अनुच्छेद 370 कब समाप्त किया गया?5 अगस्त 2019
23पुनर्गठन के बाद कौन-से दो केंद्र शासित प्रदेश बने?जम्मू एवं कश्मीर तथा लद्दाख
24आत्मसम्मान आंदोलन किसने और कब शुरू किया?पेरियार ई.वी. रामास्वामी नायकर, 1925
25पेरियार ने कौन-सा संगठन बनाया?द्रविड़ कड़गम
26डीएमके कब सत्ता में आई?1967
27अन्नादुरै की मृत्यु के बाद कौन-सा दल बना?आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK)
28हिंदी-विरोधी आंदोलन कब हुआ?1965
29अकाली दल का गठन कब हुआ?1920 के दशक में
30पंजाब से हरियाणा कब अलग हुआ?1966
31आनंदपुर साहिब प्रस्ताव कब पारित हुआ?1973
32‘ऑपरेशन ब्लू स्टार’ कब हुआ?जून 1984
33इंदिरा गाँधी की हत्या कब हुई?31 अक्तूबर 1984
34राजीव गाँधी–लोंगोवाल समझौता कब हुआ?जुलाई 1985
351992 के पंजाब चुनाव में कितना मतदान हुआ?मात्र 24 फ़ीसदी
36पूर्वोत्तर में कितने राज्य हैं?आठ
37पूर्वोत्तर देश की कितनी आबादी है?लगभग 4 फ़ीसदी
38पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ने वाली राहदारी कितनी लंबी है?22 किलोमीटर
39नगालैंड राज्य कब बना?1963
40मणिपुर, त्रिपुरा और मेघालय कब राज्य बने?1972
41मिज़ोरम और अरुणाचल प्रदेश कब राज्य बने?1987
42मिज़ो नेशनल फ्रंट के नेता कौन थे?लालडेंगा
43मिज़ोरम में असंतोष की चिंगारी क्या थी?1959 का अकाल और असम सरकार की उदासीनता
44मिज़ोरम समझौता कब और किसके बीच हुआ?1986, राजीव गाँधी और लालडेंगा
45नगा स्वतंत्रता की घोषणा किसने और कब की?अंगामी ज़ापू फ़िजो, 1951
46असम आंदोलन किस संगठन ने चलाया?आसू (AASU)
47असम आंदोलन की अवधि क्या थी?1979 से 1985
48असम समझौते में मूल कट-ऑफ़ वर्ष क्या था?1951
49आसू ने कौन-सा दल बनाया?असम गण परिषद्
50सिक्किम भारत का कौन-सा राज्य बना?22वाँ (1975)
51सिक्किम के शासक को क्या कहा जाता था?चोग्याल
52गोवा को पुर्तगाली शासन से कब मुक्ति मिली?दिसंबर 1961
53गोवा में जनमत सर्वेक्षण कब हुआ?जनवरी 1967
54गोवा को पूर्ण राज्य का दर्जा कब मिला?1987

भाग ग · 2 अंक के प्रश्न

55‘कश्मीरियत’ से क्या तात्पर्य है? यह विलय की बहस में क्यों महत्वपूर्ण है?
56. अनुच्छेद 370 पर दो विपरीत प्रतिक्रियाएँ क्या थीं?
57. डीएमके की तीन-सूत्री माँगें कौन-सी थीं?
58. अकालियों के सामने कौन-सी तीन राजनीतिक कठिनाइयाँ थीं?
59. पूर्वोत्तर के तीन प्रमुख मुद्दे कौन-से हैं?
60. असम समझौते की तीन कट-ऑफ़ श्रेणियाँ स्पष्ट कीजिए।
61. ‘सात बहनें और एक भाई’ से क्या आशय है?
62. सिक्किम का विलय सिक्किम की राजनीति में विभेदकारी मुद्दा क्यों नहीं बना?

भाग घ · 4 अंक के प्रश्न

1“राष्ट्र का मतलब यह नहीं है कि क्षेत्र को नकार दिया जाए।” — भारत सरकार के नज़रिये की व्याख्या कीजिए।

21980 के दशक का ‘तनाव-चक्र’ समझाइए और बताइए कि हर बार वापसी किस रास्ते हुई।

3द्रविड़ आंदोलन के विकास को पेरियार से लेकर 1996 तक रेखांकित कीजिए।

4जम्मू-कश्मीर की 1947–1953 की घटनाओं का क्रमवार वर्णन कीजिए।

51987 का चुनाव जम्मू-कश्मीर के लिए निर्णायक मोड़ क्यों माना जाता है?

6मिज़ोरम और नगालैंड की तुलना कीजिए — एक जगह समाधान क्यों निकला और दूसरी जगह क्यों नहीं?

7छठी अनुसूची और स्वायत्त परिषदों की भूमिका पर टिप्पणी कीजिए।

8गोवा का मामला दिखाता है कि क्षेत्रीय प्रश्न मतपत्र से हल हो सकते हैं — समझाइए।

9राजीव गाँधी के तीन समझौतों की तुलना कीजिए।

10“छोटे-छोटे और निरंतर लघुतर होते राज्य बनाते चले जाना संभव नहीं था” — इस कथन का अर्थ स्पष्ट कीजिए।

भाग ङ · 6 अंक के प्रश्न

1“क्षेत्रीय आकांक्षाएँ लोकतांत्रिक राजनीति का अभिन्न अंग हैं।” — इस अध्याय के चार क्षेत्रों के उदाहरण
देकर सिद्ध कीजिए।

2जम्मू-कश्मीर की समस्या — 1947 से 5 अगस्त 2019 तक का पूरा विवरण दीजिए।

3पंजाब संकट — कारण, चरम बिंदु और समाधान की प्रक्रिया।

4पूर्वोत्तर के तीनों मुद्दों का विस्तृत विश्लेषण उदाहरणों सहित कीजिए।

5अध्याय के पाँच सबक — प्रत्येक की व्याख्या उदाहरण सहित।

6“क्षेत्रीय आकांक्षाओं को बलपूर्वक दबाना समाधान नहीं है।” — मिज़ोरम, पंजाब और तमिलनाडु के उदाहरणों से
इस कथन की परख कीजिए।

7सिक्किम और गोवा — दो अलग रास्ते, एक जैसा नतीजा। तुलनात्मक विवेचन कीजिए।

भाग च · स्रोत-आधारित प्रश्न

स्रोत 1

“क्षेत्रीय आकांक्षाओं का राष्ट्रीय भावनाओं से कोई बुनियादी टकराव नहीं है।”

(क) यह कथन किस चित्र के संदर्भ में आता है? (उत्तराखंड आंदोलन का सात-भाषी पोस्टर) (ख) पोस्टर की सात भाषाएँ इस कथन को कैसे पुष्ट करती हैं? (ग) इस अध्याय से एक ऐसा उदाहरण दीजिए जो इसे सही ठहराता है। (तमिलनाडु)

स्रोत 2

“हालाँकि आंदोलन के नेतृवर्ग के एक हिस्से की आकांक्षा एक स्वतंत्र द्रविड़ राष्ट्र बनाने की थी, पर आंदोलन ने कभी सशस्त्र संघर्ष की राह नहीं अपनायी।”

(क) यह किस आंदोलन के बारे में है? (ख) आंदोलन ने किन दो तरीक़ों का इस्तेमाल किया? (सार्वजनिक बहस और चुनावी मंच) (ग) इस आंदोलन का अंतिम नतीजा क्या रहा?

स्रोत 3

“मैं सिख समुदाय से ही नहीं, पूरे भारतीय राष्ट्र से माफ़ी माँगता हूँ, क्योंकि 1984 में जो कुछ हुआ वह राष्ट्रीयता की उस अवधारणा का निषेध था जो हमारे संविधान में दर्ज है।”

(क) यह कथन किसका है और कब दिया गया? (प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, लोकसभा, 11 अगस्त 2005) (ख) 1984 में क्या हुआ था? (ग) ‘राष्ट्रीयता की संविधान में दर्ज अवधारणा’ से क्या तात्पर्य है?

स्रोत 4

“कोई आदमी कहीं पहले चला गया हो तो वही दूसरों को ‘बाहरी’ समझने लगता है।”

(क) यह प्रश्न किस आंदोलन के संदर्भ में उठाया गया है? (ख) ‘बाहरी’ की परिभाषा तय करना कठिन क्यों है? (ग) असम समझौते ने इस प्रश्न का क्या उत्तर दिया?

स्रोत 5

“क्षेत्रीय आकांक्षाओं को यहाँ अलगाववाद की राह पर जाने का मौका नहीं मिला।”

(क) ‘यहाँ’ से क्या तात्पर्य है? (ख) ऐसा क्यों हो सका — दो कारण बताइए। (ग) यह कथन अध्याय के पहले पन्ने के पोस्टर से कैसे जुड़ता है?

परीक्षा में ये ग़लतियाँ सबसे ज़्यादा होती हैंध्यान

ग़लतीसही बात
जम्मू-कश्मीर को राज्य लिखना5 अगस्त 2019 से केंद्र शासित प्रदेश; लद्दाख अलग
द्रविड़ आंदोलन को हिंसक बताना★★“कभी सशस्त्र संघर्ष की राह नहीं अपनायी”
मिज़ोरम और नगालैंड को एक-सा बतानामिज़ोरम हल हो गया; नगालैंड ! अब भी अनसुलझा
आनंदपुर साहिब को सीधे अलगाववादी कहनापाठ कहता है यह संघवाद मजबूत करने की अपील थी
असम आंदोलन को सिर्फ़ आप्रवास का मुद्दा बतानासांस्कृतिक + आर्थिक — दोनों
सिक्किम को 1974 में राज्य बताना1974 चुनाव; 1975 में 22वाँ राज्य
गोवा को 1961 में राज्य बताना1961 मुक्ति; 1967 जनमत सर्वेक्षण; 1987 में राज्य
तीनों समझौतों की तिथियाँ मिलानापंजाब जुलाई 1985 · असम 1985 · मिज़ोरम 1986