अध्याय 7क्षेत्रीय आकांक्षाएँ

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कुल 58 प्रविष्टियाँ — छह वर्गों में। ★= परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है।


वर्ग 1 · मूल अवधारणाएँ

★क्षेत्रीय आकांक्षा (Regional Aspiration) किसी क्षेत्र के लोगों की वह माँग जो उनकी भाषा, संस्कृति, पहचान, स्वायत्तता या विकास से जुड़ी हो। ★पाठ का केंद्रीय दावा: इसका राष्ट्रीय भावनाओं से कोई बुनियादी टकराव नहीं है।

क्षेत्रवाद (Regionalism) अपने क्षेत्र के हितों और पहचान को प्राथमिकता देने की भावना। ! यह अपने आप में न अच्छी है, न बुरी — यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसे व्यक्त करने का रास्ता क्या है।

★अलगाववाद (Separatism / Secessionism) वह माँग जिसमें कोई क्षेत्र राष्ट्र से अलग होकर स्वतंत्र देश बनाना चाहता है। ★ध्यान दीजिए: क्षेत्रवाद ≠ अलगाववाद। हर क्षेत्रीय आंदोलन अलगाववादी नहीं होता (द्रविड़ आंदोलन)।

स्वायत्तता (Autonomy) राष्ट्र के भीतर रहते हुए अपने मामलों पर अपना निर्णय लेने का अधिकार। अलगाव से भिन्न — यह व्यवस्था के भीतर की माँग है।

★संघवाद (Federalism) सत्ता का केंद्र और राज्यों के बीच संवैधानिक बँटवारा। ★आनंदपुर साहिब प्रस्ताव को पाठ्यपुस्तक “संघवाद को मजबूत करने की अपील” कहती है।

असममित संघवाद (Asymmetric Federalism) वह व्यवस्था जिसमें सभी राज्यों को समान अधिकार नहीं मिलते — कुछ को विशेष प्रावधान। भारत में अनुच्छेद 371, छठी अनुसूची, और (2019 तक) अनुच्छेद 370 इसके उदाहरण।

राष्ट्र-राज्य (Nation-State) वह राज्य जो एक राष्ट्र की राजनीतिक अभिव्यक्ति हो। ★भारत का प्रयोग विशिष्ट है — यहाँ विविधता को राष्ट्र के विरुद्ध नहीं माना गया, जबकि यूरोप के कई देशों में माना गया।

राज्यों का पुनर्गठन (Reorganisation of States) राज्यों की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण। पाठ्यपुस्तक इसे “अंदरूनी सीमा रेखाओं का पुनर्निर्धारण” कहती है।

वर्ग 2 · जम्मू और कश्मीर

★★कश्मीरियत (Kashmiriyat) कश्मीरी होने की क्षेत्रीय पहचान और अभिलाषा। ★पाठ के शब्दों में — “उन्होंने सोचा कि सबसे पहले वे कश्मीरी हैं। क्षेत्रीय अभिलाषा का यह मुद्दा ‘कश्मीरियत’ कहलाता है।”

★विलय प्रपत्र (Instrument of Accession) वह दस्तावेज़ जिस पर हस्ताक्षर करके कोई रियासत भारत या पाकिस्तान में शामिल होती थी। जम्मू-कश्मीर में यह अक्तूबर 1947 में हस्ताक्षरित हुआ।

★अनुच्छेद 370 भारतीय संविधान का वह प्रावधान जिसने जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जा दिया था। ! 5 अगस्त 2019 को समाप्त कर दिया गया।

जनमत संग्रह (Plebiscite) किसी क्षेत्र के भविष्य पर वहाँ के लोगों का सीधा मतदान। 21 अप्रैल 1948 के यूएन प्रस्ताव का तीसरा चरण यही था — ! जो कभी नहीं हुआ।

★जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 वह क़ानून जिसने राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों — जम्मू एवं कश्मीर (विधानसभा सहित) और लद्दाख (बिना विधानसभा) — में बाँटा।

केंद्र शासित प्रदेश (Union Territory) वह इकाई जिसका शासन सीधे केंद्र सरकार के अधीन होता है, प्रशासक उपराज्यपाल होता है।

नेशनल कांफ्रेंस जम्मू-कश्मीर का प्रमुख क्षेत्रीय दल; शेख अब्दुल्ला ने नेतृत्व किया, बाद में फ़ारूक़ और उमर अब्दुल्ला।

पीडीपी (जम्मू-कश्मीर पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी) मुफ़्ती मोहम्मद सईद द्वारा स्थापित दल; 2002 और 2014 में सत्ता में आया।

सदर-ए-रियासत जम्मू-कश्मीर के राज्य-प्रमुख का पुराना पदनाम। 1965 में इसे राज्यपाल कर दिया गया; साथ ही ‘प्रधानमंत्री’ को ‘मुख्यमंत्री’।

वर्ग 3 · तमिलनाडु और द्रविड़ आंदोलन

★द्रविड़ आंदोलन दक्षिण भारत का वह आंदोलन जिसने उत्तर भारतीय वर्चस्व, हिंदी थोपे जाने और ब्राह्मणवाद का विरोध किया। ★★इसने कभी सशस्त्र संघर्ष की राह नहीं अपनायी।

आत्मसम्मान आंदोलन (Self-Respect Movement) पेरियार ई.वी. रामास्वामी नायकर द्वारा 1925 में शुरू किया गया सामाजिक-सुधार आंदोलन।

द्रविड़ कड़गम (DK) पेरियार द्वारा बनाया गया संगठन; द्रविड़ राजनीति की वैचारिक जड़।

डीएमके (द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) द्रविड़ कड़गम से निकला राजनीतिक दल; 1967 में सत्ता में आया।

AIADMK (आल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम) अन्नादुरै की मृत्यु के बाद डीएमके के विभाजन से बना दल।

एमडीएमके · पीएमके · डीएमडीके 1990 के दशक में द्रविड़ राजनीति से निकले तीन और दल।

★जस्टिस पार्टी ग़ैर-ब्राह्मण वर्गों का प्रारंभिक राजनीतिक मंच, जिससे पेरियार जुड़े थे।

कल्लाकुडी / डालमियापुरम वह स्थान जिसका नाम बदले जाने का विरोध डीएमके की पहली बड़ी माँग बना।

हिंदी-विरोधी आंदोलन (1965) हिंदी को राजभाषा बनाए जाने के विरोध में तमिलनाडु का बड़ा आंदोलन; इसने डीएमके को सत्ता तक पहुँचाया।

वर्ग 4 · पंजाब

★अकाली दल पंजाब का प्रमुख क्षेत्रीय दल; 1920 के दशक में गठित; ‘पंजाबी सूबा’ आंदोलन का नेतृत्व।

पंजाबी सूबा आंदोलन पंजाबी-भाषी राज्य की माँग; 1966 में पूरी हुई, जब हरियाणा अलग हुआ।

★★आनंदपुर साहिब प्रस्ताव (1973) अकाली दल का वह प्रस्ताव जिसमें क्षेत्रीय स्वायत्तता, केंद्र-राज्य संबंधों की पुनर्परिभाषा, सिख ‘कौम’ की आकांक्षाएँ और ‘बोलबाला’ की बात थी। ★पाठ कहता है यह “संघवाद को मजबूत करने की अपील” करता है; ! इसकी सीमित लोकप्रियता के कारण इसे अलग-अलग तरीक़ों से पढ़ा गया।

कौम (Qaum) समुदाय या जन-समूह के अर्थ में प्रयुक्त शब्द; आनंदपुर साहिब प्रस्ताव में सिख ‘कौम’ का उल्लेख।

बोलबाला प्रभुत्व या वर्चस्व। प्रस्ताव की शब्दावली का वह अंश जिसकी दो तरह से व्याख्या हुई।

★ऑपरेशन ब्लू स्टार (जून 1984) स्वर्णमंदिर परिसर से हथियारबंद लोगों को हटाने के लिए की गई सैनिक कार्रवाई।

नानावती आयोग 1984 की सिख-विरोधी हिंसा की जाँच के लिए गठित आयोग; रिपोर्ट 2005 में।

★राजीव गाँधी–लोंगोवाल समझौता (जुलाई 1985) पंजाब समझौता — चंडीगढ़, हिंदी-भाषी क्षेत्र, नदी-जल, मुआवज़ा और अलगाववादियों से निपटने के प्रावधान।

हरचंद सिंह लोंगोवाल अकाली दल के वे नेता जिन्होंने पंजाब समझौते पर हस्ताक्षर किए।

वर्ग 5 · पूर्वोत्तर

★सात बहनें (Seven Sisters) पूर्वोत्तर के सात राज्य — असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नगालैंड, त्रिपुरा। सिक्किम को ‘भाई’ कहा जाता है, जिससे कुल आठ।

★राहदारी / गलियारा (Corridor) पूर्वोत्तर को शेष भारत से जोड़ने वाली 22 किलोमीटर चौड़ी भूमि-पट्टी। इसे ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है।

★छठी अनुसूची (Sixth Schedule) संविधान की वह अनुसूची जो असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिज़ोरम के जनजातीय क्षेत्रों में स्वायत्त ज़िला परिषदों की व्यवस्था करती है।

स्वायत्त ज़िला परिषद् (Autonomous District Council) राज्य के भीतर जनजातीय समुदायों को स्वशासन देने वाली निकाय। उदाहरण — करबी आंगलोंग, दिमा हसाओ, बोडोलैंड।

ईस्टर्न इंडिया ट्राइबल यूनियन पूर्वोत्तर में स्वायत्तता की माँग करने वाला प्रारंभिक संगठन।

ऑल पार्टी हिल्स लीडर्स कांफ्रेंस (1960) वह मंच जिसने असम से अलग जनजातीय राज्यों की माँग को संगठित रूप दिया।

★मिज़ो नेशनल फ्रंट (MNF) लालडेंगा के नेतृत्व वाला संगठन; 1966 से सशस्त्र अभियान; 1986 के समझौते के बाद राजनीतिक दल बना।

★मिज़ोरम समझौता (1986) राजीव गाँधी और लालडेंगा के बीच शांति समझौता; मिज़ोरम को पूर्ण राज्य का दर्जा। ★इसे भारत का सबसे सफल शांति समझौता माना जाता है।

अंगामी ज़ापू फ़िजो नगा नेता जिन्होंने 1951 में नगालैंड की स्वतंत्रता की घोषणा की; ! बातचीत के कई प्रस्ताव ठुकराए।

★आसू (AASU — ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन) वह छात्र संगठन जिसने असम आंदोलन (1979–1985) का नेतृत्व किया।

★असम समझौता (1985) आप्रवास के प्रश्न पर हुआ समझौता — 1951–61: पूर्ण नागरिकता · 1961–71: नागरिकता पर मताधिकार नहीं · 1971 के बाद: वापसी।

असम गण परिषद् (AGP) आसू के नेताओं द्वारा बनाया गया दल; 1985 में सत्ता में आया; नारा ‘स्वर्णिम असम’।

आप्रवास (Immigration) बाहर से आकर बसने की प्रक्रिया। ! पाठ स्पष्ट कहता है — “‘आप्रवास’ की समस्या का समाधान नहीं हो पाया।”

‘बाहरी’ (Outsider) वह व्यक्ति जिसे स्थानीय लोग अपने समुदाय से बाहर का मानें। ★पाठ का प्रश्न — “कोई आदमी कहीं पहले चला गया हो तो वही दूसरों को ‘बाहरी’ समझने लगता है।”

वर्ग 6 · सिक्किम, गोवा और अन्य

★शरणागत / संरक्षित राज्य (Protectorate) वह राज्य जिसकी रक्षा और विदेश-नीति किसी बड़े देश के पास हो, पर आंतरिक शासन अपना। 1975 से पहले सिक्किम ऐसा ही था।

चोग्याल (Chogyal) सिक्किम के वंशानुगत शासक का पदनाम।

सिक्किम कांग्रेस वह दल जिसने 1974 के पहले चुनाव में भारी जीत हासिल की और विलय का रास्ता खोला।

★जनमत सर्वेक्षण / ओपिनियन पोल (गोवा, जनवरी 1967) भारत का इकलौता ऐसा सर्वेक्षण, जिसमें गोवा के लोगों ने महाराष्ट्र में विलय के विरुद्ध और अलग बने रहने के पक्ष में मत दिया।

महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी गोवा का वह दल जो महाराष्ट्र में विलय चाहता था।

यूनाइटेड गोवन्स पार्टी गोवा का वह दल जो अलग गोवानी पहचान बनाए रखना चाहता था।

★अनुच्छेद 371 / 371A–371J विभिन्न राज्यों के लिए विशेष प्रावधान। ★371A नगालैंड के लिए है और अब भी प्रवृत्त है — नगा प्रथागत विधि और भू-स्वामित्व पर संसद का क़ानून राज्य विधानसभा की सहमति के बिना लागू नहीं होता।

अनुच्छेद 3 वह प्रावधान जिसके तहत संसद नए राज्य बना सकती है और सीमाएँ बदल सकती है — इसके लिए संबंधित राज्य की सहमति अनिवार्य नहीं।

राष्ट्रपति शासन (President’s Rule) अनुच्छेद 356 के तहत राज्य में केंद्रीय शासन। इस अध्याय में यह पंजाब और जम्मू-कश्मीर दोनों के संदर्भ में आता है।

🎯 दस पद जो सबसे ज़्यादा पूछे जाते हैं

#पदएक-पंक्ति परिभाषा
1कश्मीरियतकश्मीरी होने की क्षेत्रीय पहचान — “सबसे पहले वे कश्मीरी हैं”
2अनुच्छेद 370जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा; 5 अगस्त 2019 को समाप्त
3आनंदपुर साहिब प्रस्ताव1973; क्षेत्रीय स्वायत्तता और संघवाद को मजबूत करने की अपील
4द्रविड़ आंदोलनदक्षिण का सबसे ताकतवर क्षेत्रीय आंदोलन — कभी हथियार नहीं उठाया
5सात बहनेंपूर्वोत्तर के सात राज्य; सिक्किम मिलाकर आठ
6छठी अनुसूचीअसम, मेघालय, त्रिपुरा, मिज़ोरम में स्वायत्त ज़िला परिषदें
7असम समझौता1985; तीन कट-ऑफ़ श्रेणियाँ
8मिज़ोरम समझौता1986; राजीव गाँधी–लालडेंगा; सबसे सफल
9शरणागत (protectorate)1975 से पहले सिक्किम की स्थिति
10ओपिनियन पोलगोवा, जनवरी 1967; भारत का इकलौता