अध्याय 1राष्ट्र-निर्माण की चुनौतियाँ

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NCERT — स्वतंत्र भारत में राजनीति (पुस्तक 2), पृ. 3–25.

विद्यालय परीक्षा प्रारूप • सभी प्रश्न-प्रकार, उत्तर और अंकन-संकेत सहित।

शिक्षक हेतु सूचना: पाठ्यपुस्तक में कोई उत्तर-कुंजी मुद्रित नहीं है। नीचे दिए सभी उत्तर मास्टर नोट्स से तैयार किए गए हैं और पूर्णतः पाठ्यपुस्तक के दायरे में हैं। बाहरी तथ्य कहीं नहीं जोड़े गए।


खंड क — बहुविकल्पीय प्रश्न (1 अंक)

1स्वतंत्र भारत के प्रथम प्रधानमंत्री ने 14–15 अगस्त 1947 की मध्यरात्रि को किसे संबोधित किया था?

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सही उत्तर: (ii) संविधान सभा का विशेष सत्र

2नेहरू का प्रसिद्ध भाषण किस नाम से जाना गया?

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सही उत्तर: (iii) ‘भाग्यवधू से चिर-प्रतीक्षित भेंट’

3विभाजन का आधार क्या बनाया गया था?

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सही उत्तर: (iii) धार्मिक बहुसंख्या

4‘सीमांत गाँधी’ के नाम से कौन प्रसिद्ध थे?

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सही उत्तर: (ii) खान अब्दुल गफ्फार खान

5विभाजन के कारण कितने लोगों को घर-बार छोड़कर सीमा-पार जाना पड़ा?

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सही उत्तर: (ii) 80 लाख

6विभाजन की हिंसा में लगभग कितने लोगों की जान गई?

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सही उत्तर: (ii) पाँच से दस लाख

7भारत में रजवाड़ों की संख्या कितनी थी?

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सही उत्तर: (ii) 565

8सबसे पहले किस रियासत के शासक ने अपने राज्य को आज़ाद रखने की घोषणा की?

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सही उत्तर: (iii) त्रावणकोर

9विलय के सहमति-पत्र को क्या कहा जाता है?

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सही उत्तर: (ii) इंस्टूमेंट ऑफ़ एक्सेशन

10निज़ाम द्वारा जनता के विरुद्ध भेजे गए अर्द्ध-सैनिक बल को क्या कहा जाता था?

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सही उत्तर: (i) रज़ाकार

11हैदराबाद का भारत में विलय कब हुआ?

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सही उत्तर: (ii) सितंबर 1948

12भारत का वह पहला भाग जहाँ सार्वभौम वयस्क मताधिकार के सिद्धांत को अपनाकर चुनाव हुए

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सही उत्तर: (iii) मणिपुर

13कांग्रेस ने किस अधिवेशन के बाद भाषा के आधार पर राज्यों के पुनर्गठन का सिद्धांत मान लिया था?

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सही उत्तर: (ii) नागपुर 1920

14पोट्टी श्रीरामुलु की मृत्यु कितने दिनों की भूख-हड़ताल के बाद हुई? (पाठ्यपुस्तक के अनुसार)

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सही उत्तर: (iii) 56 दिन

15राज्य पुनर्गठन आयोग का गठन किस वर्ष हुआ?

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सही उत्तर: (ii) 1953

161956 के राज्य पुनर्गठन अधिनियम के आधार पर कितने राज्य और केंद्र-शासित प्रदेश बनाए गए?

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सही उत्तर: (i) 14 राज्य और 6 केंद्र-शासित प्रदेश

17महाराष्ट्र और गुजरात राज्य किस वर्ष बनाए गए?

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सही उत्तर: (ii) 1960

18छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड किस आधार पर बने?

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सही उत्तर: (iii) अलग क्षेत्रीय संस्कृति अथवा विकास का असंतुलन

19महात्मा गाँधी की हत्या किस दिन हुई?

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सही उत्तर: (i) 30 जनवरी 1948

201951 में भारत की कुल आबादी में मुसलमानों का हिस्सा कितना था?

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सही उत्तर: (ii) 10–12 फीसदी

उत्तर — खंड क

प्र.उत्तरप्र.उत्तरप्र.उत्तरप्र.उत्तर
1(ii)6(ii)11(ii)16(i)
2(iii)7(ii)12(iii)17(ii)
3(iii)8(iii)13(ii)18(iii)
4(ii)9(ii)14(iii)19(i)
5(ii)10(i)15(ii)20(ii)

खंड ख — रिक्त स्थान भरिए (1 अंक)

1मुस्लिम लीग ने ______ सिद्धांत की बात की थी, जिसके अनुसार भारत दो कौमों का देश था।

2खान अब्दुल गफ्फार खान ______ प्रांत के निर्विवाद नेता थे।

3हैदराबाद के शासक को ______ कहा जाता था।

4निज़ाम ने सन् 1947 के नवंबर में भारत के साथ ______ बहाल रखने का एक समझौता किया।

5______ के किसान निज़ाम के दमनकारी शासन से खासतौर पर दुखी थे।

6मणिपुर के महाराजा ______ ने भारतीय संघ में विलय के सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए थे।

7आंध्र प्रदेश नाम से अलग राज्य बनाने के लिए चलाए गए आंदोलन को ______ आंदोलन कहा जाता है।

8राज्य पुनर्गठन आयोग ने सिफ़ारिश की कि राज्यों की सीमाओं का निर्धारण वहाँ बोली जाने वाली ______ के
आधार पर होना चाहिए।

9एक प्रयोग द्विभाषी राज्य ______ के रूप में किया गया जिसमें गुजराती और मराठी भाषा बोलने वाले लोग थे।

10भारतीय साम्राज्य के ______ हिस्से में रजवाड़े कायम थे।

उत्तर — खंड ख

प्र.उत्तरप्र.उत्तर
1द्वि-राष्ट्र6बोधचंद्र सिंह
2पश्चिमोत्तर सीमा7विशाल आंध्र
3निज़ाम8भाषा
4यथास्थिति9बंबई
5तेलंगाना10एक-तिहाई

खंड ग — एक पंक्ति में उत्तर (1 अंक)

1आज़ाद भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती क्या थी?

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राष्ट्रीय एकता और अखंडता की चुनौती।

2द्वि-राष्ट्र सिद्धांत क्या था?

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मुस्लिम लीग का यह मत कि भारत किसी एक कौम का नहीं बल्कि ‘हिंदू’ और ‘मुसलमान’ नाम की दो कौमों का देश है।

3विभाजन की सबसे बड़ी त्रासदी किसे कहा गया है?

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पंजाब और बंगाल का बँटवारा।

4‘इंस्टूमेंट ऑफ़ एक्सेशन’ क्या है?

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रजवाड़ों के भारतीय संघ में विलय का सहमति-पत्र, जिस पर हस्ताक्षर का अर्थ था कि रजवाड़ा भारतीय संघ का अंग

बनने के लिए सहमत है।

5रज़ाकार कौन थे?

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निज़ाम द्वारा हैदराबाद की जनता के विरुद्ध भेजा गया अर्द्ध-सैनिक बल, जो अव्वल दर्जे के सांप्रदायिक और

अत्याचारी थे।

6मणिपुर किस बात के लिए भारत में पहला है?

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मणिपुर भारत का पहला भाग है जहाँ सार्वभौम वयस्क मताधिकार के सिद्धांत को अपनाकर चुनाव हुए।

7राज्य पुनर्गठन आयोग का काम क्या था?

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राज्यों के सीमांकन के मामले पर गौर करना।

8पोट्टी श्रीरामुलु कौन थे?

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कांग्रेस के नेता और दिग्गज गाँधीवादी, जो आंध्र प्रदेश की माँग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे और उसी दौरान

उनकी मृत्यु हो गई।

9महात्मा गाँधी ने 15 अगस्त 1947 का दिन कहाँ बिताया?

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कोलकाता के उन इलाकों में, जहाँ हिंदुओं और मुसलमानों के बीच भयंकर दंगे हुए थे; उन्होंने किसी जश्न में

भाग नहीं लिया।

10भारत में लोकतंत्र की धारणा किससे जुड़ी हुई थी?

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विचारों और जीवन-पद्धतियों की बहुलता की धारणा से।

खंड घ — अति लघु उत्तरीय (2 अंक)

1आज़ादी के समय जिन दो बातों पर सबकी सहमति थी, वे कौन-सी थीं?

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अपेक्षित बिंदु (i) आज़ादी के बाद देश का शासन लोकतांत्रिक सरकार के जरिए चलाया जाएगा •

(ii) सरकार सबके भले के लिए काम करेगी, जिसमें गरीबों और कमज़ोरों का खास खयाल रखा जाएगा।

2राज्य पुनर्गठन आयोग का काम क्या था और उसकी प्रमुख सिफ़ारिश क्या थी? (प्रश्नावली प्रश्न 8)

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अपेक्षित बिंदुकाम — राज्यों के सीमांकन के मामले पर गौर करना • सिफ़ारिश — राज्यों की

सीमाओं का निर्धारण वहाँ बोली जाने वाली भाषा के आधार पर होना चाहिए।

(अंकन-संकेत: दोनों भाग अलग-अलग लिखे जाने चाहिए; केवल “भाषा के आधार पर” लिख देने पर आधे अंक।)

3‘सीमांत गाँधी’ कौन थे और उनका द्वि-राष्ट्र सिद्धांत पर क्या रुख था?

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अपेक्षित बिंदु खान अब्दुल गफ्फार खान, पश्चिमोत्तर सीमाप्रांत के निर्विवाद नेता • वे द्वि-राष्ट्र

सिद्धांत के एकदम खिलाफ़ थे, फिर भी उनकी आवाज़ की अनदेखी करके प्रांत को पाकिस्तान में शामिल मान लिया गया।

4हैदराबाद का यथास्थिति समझौता क्या था?

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अपेक्षित बिंदु निज़ाम ने सन् 1947 के नवंबर में भारत के साथ यथास्थिति बहाल रखने का समझौता किया •

यह समझौता एक साल के लिए था और इस बीच भारत सरकार से बातचीत जारी रही।

5विभाजन के बाद भारत में किन धार्मिक अल्पसंख्यकों के प्रति व्यवहार का प्रश्न उठा?

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अपेक्षित बिंदु मुसलमान • तथा सिख, ईसाई, जैन, बौद्ध, पारसी और यहूदी।

6भाषावार पुनर्गठन को लेकर आज़ादी के बाद नेताओं की क्या आशंकाएँ थीं?

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अपेक्षित बिंदु अव्यवस्था फैल सकती है तथा देश के टूटने का खतरा पैदा हो सकता है •

दूसरी सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से ध्यान भटक सकता है।

7‘कुछ आगे की’ के अनुसार 2000 में कौन-से तीन राज्य बने और किस आधार पर?

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अपेक्षित बिंदु छत्तीसगढ़, उत्तराखंड और झारखंड • भाषा के आधार पर नहीं, बल्कि अलग क्षेत्रीय संस्कृति

अथवा विकास के मामले में क्षेत्रीय असंतुलन के सवाल उठाकर।

8महात्मा गाँधी के अंतिम उपवास का क्या असर हुआ?

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अपेक्षित बिंदु दिल्ली में सांप्रदायिक तनाव और हिंसा में कमी आई; मुसलमान सुरक्षित अपने घरों में लौटे •

भारत की सरकार पाकिस्तान को उसका देय चुकाने पर राजी हो गई।

खंड ङ — लघु उत्तरीय (3 अंक)

1राष्ट्र-निर्माण की तीन चुनौतियाँ कौन-सी थीं?

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अपेक्षित बिंदु (i) एकता — एकता के सूत्र में बँधे ऐसे भारत को गढ़ना जिसमें सारी विविधताओं के लिए

जगह हो; क्षेत्रीय अखंडता • (ii) लोकतंत्र — लोकतंत्र को कायम करना; संविधान से मेल खाते लोकतांत्रिक

व्यवहार-बरताव चलन में आएँ • (iii) विकास — ऐसा विकास जिससे समूचे समाज का भला हो, न कि कुछ एक तबकों का;

आर्थिक विकास तथा गरीबी का खात्मा।

2देसी रजवाड़ों की चर्चा से कौन-सी तीन बातें सामने आती हैं?

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु (i) अधिकतर रजवाड़ों के लोग भारतीय संघ में शामिल होना चाहते थे •

(ii) भारत सरकार का रुख लचीला था और वह कुछ इलाकों को स्वायत्तता देने के लिए तैयार थी, जैसा कि

जम्मू-कश्मीर में हुआ • (iii) विभाजन की पृष्ठभूमि में सीमांकन पर खींचतान थी, इसलिए देश की क्षेत्रीय

अखंडता-एकता का सवाल सबसे ज्यादा अहम हो उठा था।

(अंकन-संकेत: दूसरे बिंदु में जम्मू-कश्मीर का उदाहरण लिखने पर ही पूरा अंक।)

3रजवाड़ों के विलय की समस्या क्या थी?

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु अंग्रेजी-शासन ने घोषणा की कि ब्रिटिश-प्रभुत्व के साथ ही सभी 565 रजवाड़े कानूनी तौर

पर आज़ाद हो जाएँगे • वे चाहें तो भारत या पाकिस्तान में शामिल हों या स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखें, और यह

फ़ैसला प्रजा को नहीं, राजाओं को करना था • इससे अखंड भारत के अस्तित्व पर ही खतरा मँडरा रहा था।

4विभाजन के परिणामस्वरूप हुए स्थानांतरण की प्रकृति बताइए।

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु यह आकस्मिक, अनियोजित और त्रासदी से भरा था • मानव-इतिहास के अब तक ज्ञात सबसे बड़े

स्थानांतरणों में से एक • 80 लाख लोग विस्थापित हुए और तकरीबन पाँच से दस लाख लोगों की जान गई; लाखों को

महीनों-सालों तक शरणार्थी शिविरों में रहना पड़ा।

5आंध्र आंदोलन का घटनाक्रम संक्षेप में लिखिए।

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु पुराने मद्रास प्रांत के तेलुगु-भाषी क्षेत्रों में विरोध; विशाल आंध्र आंदोलन ने अलग

राज्य की माँग की • केंद्र सरकार ‘हाँ-ना’ की दुविधा में थी, जिससे आंदोलन ने ज़ोर पकड़ा; पोट्टी श्रीरामुलु

56 दिनों की भूख-हड़ताल के बाद चल बसे • हिंसक घटनाएँ, पुलिस फायरिंग, विधायकों के इस्तीफे; आखिरकार दिसंबर

1952 में प्रधानमंत्री ने आंध्र प्रदेश की घोषणा की।

6महात्मा गाँधी की शहादत का वर्णन कीजिए।

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु दोनों समुदायों के अतिवादी अपनी स्थिति के लिए उन पर दोष मढ़ रहे थे, फिर भी उन्होंने

सशस्त्र सुरक्षा लेने से मना कर दिया और प्रार्थना-सभा में हर किसी से मिलना जारी रखा • 30 जनवरी 1948 को

हिंदू अतिवादी नाथूराम विनायक गोडसे ने संध्याकालीन प्रार्थना के समय उन पर तीन गोलियाँ चलाईं • इस तरह न्याय

और सहिष्णुता को आजीवन समर्पित एक आत्मा का देहावसान हुआ।

7भाषावार पुनर्गठन के तीन प्रमुख परिणाम बताइए।

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु भाषाई राज्यों और उनके आंदोलनों ने लोकतांत्रिक राजनीति तथा नेतृत्व की प्रकृति को

बुनियादी रूप से बदला; सत्ता में भागीदारी का रास्ता छोटे-से अंग्रेजीभाषी अभिजात तबके से आगे बाकियों के

लिए भी खुला • बहुतों की आशंका के विपरीत देश टूटा नहीं, एकता और मज़बूत हुई • विभिन्नता के सिद्धांत को

स्वीकृति मिली।

खंड च — दीर्घ उत्तरीय (5 अंक)

1विभाजन की प्रक्रिया में आई चार कठिनाइयों का वर्णन कीजिए।

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु

• आधार — तय हुआ कि धार्मिक बहुसंख्या को विभाजन का आधार बनाया जाएगा।

• पहली — ब्रिटिश इंडिया में कोई एक भी सटा हुआ मुस्लिम-बहुल इलाका नहीं था; ऐसे दो इलाके थे, एक पश्चिम

में और एक पूर्व में। इसलिए पाकिस्तान में दो इलाके शामिल हुए — पश्चिमी और पूर्वी पाकिस्तान — और बीच में

भारतीय भू-भाग का बड़ा विस्तार रहा।

• दूसरी — मुस्लिम-बहुल हर इलाका पाकिस्तान जाने को राजी नहीं था। खान अब्दुल गफ्फार खान (‘सीमांत गाँधी’)

द्वि-राष्ट्र सिद्धांत के एकदम खिलाफ़ थे, फिर भी उनकी आवाज़ की अनदेखी की गई।

• तीसरी — पंजाब और बंगाल में अनेक हिस्से बहुसंख्यक गैर-मुस्लिम आबादी वाले थे; इनका बँटवारा जिले या

उससे निचले प्रशासनिक हलके के आधार पर होना था। यह फ़ैसला 14–15 अगस्त की मध्यरात्रि तक नहीं हो पाया था,

इसलिए आज़ादी के दिन तक अनेक लोगों को पता नहीं था कि वे किस देश में हैं। पंजाब और बंगाल का बँटवारा विभाजन की सबसे बड़ी त्रासदी साबित हुआ।

• चौथी — ‘अल्पसंख्यकों’ की समस्या, जो सबसे अबूझ कठिनाई थी। सीमा के दोनों तरफ़ अल्पसंख्यक थे; लोगों ने

पाया कि वे अपने ही घर में विदेशी बन गए।

(अंकन-संकेत: चारों कठिनाइयाँ नामांकित होनी चाहिए। केवल हिंसा का वर्णन कर देने पर पूरे अंक नहीं।)

2हैदराबाद और मणिपुर के विलय की तुलना कीजिए।

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु

• हैदराबाद — रियासत बहुत बड़ी, चारों तरफ़ से हिंदुस्तानी इलाके से घिरी; शासक ‘निज़ाम’, दुनिया के सबसे

दौलतमंद लोगों में शुमार। निज़ाम आज़ाद रियासत का दर्जा चाहता था; नवंबर 1947 में एक साल का यथास्थिति

समझौता। तेलंगाना के किसानों का आंदोलन; महिलाएँ सबसे ज्यादा जुल्म का शिकार और बड़ी संख्या में आंदोलन में;

कम्युनिस्ट और हैदराबाद कांग्रेस अग्रिम पंक्ति में। निज़ाम ने रज़ाकार भेजे, जिन्होंने गैर-मुसलमानों को

निशाना बनाया। सितंबर 1948 में भारतीय सेना आई, निज़ाम ने आत्मसमर्पण किया और विलय हुआ।

• मणिपुर — आज़ादी के चंद रोज पहले महाराजा बोधचंद्र सिंह ने सहमति-पत्र पर हस्ताक्षर किए, आंतरिक

स्वायत्तता के आश्वासन पर। जनमत के दबाव में जून 1948 में चुनाव हुआ और संवैधानिक राजतंत्र कायम हुआ;

मणिपुर भारत का पहला भाग है जहाँ सार्वभौम वयस्क मताधिकार से चुनाव हुए। विधानसभा में विलय पर गहरे

मतभेद थे — कांग्रेस पक्ष में, अन्य दल विरुद्ध। सितंबर 1949 में वार्ता से सफलता मिली।

• निष्कर्ष — हैदराबाद में सैन्य कार्रवाई, मणिपुर में वार्ता; दोनों ही विलय की जटिलता दिखाते हैं।

3भारत को धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र बनाने के लिए नेहरू ने किन तर्कों का इस्तेमाल किया?

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(प्रश्नावली प्रश्न 6)

अपेक्षित बिंदु

• व्यावहारिक/युक्तिपरक तर्क — भारत में मुसलमान अल्पसंख्यकों की तादाद इतनी ज्यादा है कि वे चाहें तब भी

यहाँ से कहीं और नहीं जा सकते; यह एक बुनियादी तथ्य है।

• नैतिक तर्क — पाकिस्तान चाहे जितना उकसावा दे, हमें अपने अल्पसंख्यकों के साथ सभ्यता और शालीनता के साथ

पेश आना है।

• संवैधानिक तर्क — लोकतांत्रिक शासन-व्यवस्था में हमें उन्हें नागरिक के अधिकार देने होंगे और उनकी रक्षा

करनी होगी; नागरिकता की कसौटी धर्म को नहीं बनाया जाना चाहिए।

• परिणाम-आधारित (सबसे युक्तिपरक) तर्क — अगर हम ऐसा करने में कामयाब नहीं होते तो यह एक नासूर बन जाएगा

जो पूरी राज-व्यवस्था में ज़हर फैलाएगा और शायद उसको तबाह भी कर दे।

• निष्कर्ष — इसलिए ये तर्क केवल भावनात्मक और नैतिक नहीं हैं; अंतिम तर्क राज्य की स्थिरता का

युक्तिपरक तर्क है।

4“बँटवारे और देसी रियासतों के विलय के साथ ही राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया का अंत नहीं हुआ।” राज्यों
के पुनर्गठन के संदर्भ में इस कथन की व्याख्या कीजिए।

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु

• आंतरिक सीमाएँ तय करना शेष था; यह महज प्रशासनिक विभाजन का मामला न था — सीमाएँ ऐसी हों कि भाषाई और

सांस्कृतिक बहुलता की झलक मिले, साथ ही राष्ट्रीय एकता भी खंडित न हो।

• औपनिवेशिक सीमाएँ प्रशासनिक सुविधा या जीते गए क्षेत्र के आधार पर बनी थीं; राष्ट्रीय सरकार ने ऐसे सीमांकन

को बनावटी मानकर खारिज कर दिया।

• कांग्रेस ने 1920 के नागपुर अधिवेशन के बाद से भाषावार पुनर्गठन का सिद्धांत मान लिया था, पर आज़ादी के बाद

नेतृत्व ने मसला स्थगित कर दिया।

• आंध्र आंदोलन और श्रीरामुलु की मृत्यु ने नेतृत्व को झुकाया; दिसंबर 1952 में आंध्र प्रदेश की घोषणा।

• 1953 में राज्य पुनर्गठन आयोग; 1956 का अधिनियम; 14 राज्य और 6 केंद्र-शासित प्रदेश।

• यह प्रक्रिया आज भी जारी है — 1960, 1963, 1966, 1972, 1987, 2000 और 2014 में नए राज्य बने।

5भाषावार राज्यों के पुनर्गठन को लेकर क्या आशंकाएँ थीं और वास्तव में क्या हुआ?

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु

• आशंका — अलग राज्य की माँग से देश की एकता पर आँच आएगी; नए भाषाई राज्यों में अलगाववाद की भावना पनपेगी

और नव-निर्मित भारतीय राष्ट्र पर दबाव बढ़ेगा।

• नेतृत्व का मन क्यों बदला — जनता के दबाव में; उम्मीद थी कि क्षेत्रीय और भाषाई दावे मान लेने से

बँटवारे और अलगाववाद के खतरे में कमी आएगी; इसे एक लोकतांत्रिक कदम के रूप में भी देखा गया।

• वास्तविक परिणाम — लोकतांत्रिक राजनीति और नेतृत्व की प्रकृति बुनियादी रूप से बदली; सत्ता में

भागीदारी का रास्ता अंग्रेजीभाषी अभिजात तबके से आगे खुला; सीमांकन के लिए समरूप आधार मिला; देश टूटा नहीं, एकता और ज्यादा मज़बूत हुई; और सबसे बड़ी बात — विभिन्नता के सिद्धांत को स्वीकृति मिली।

• निष्कर्ष — लोकतंत्र चुनने का अर्थ था विभिन्नताओं को पहचानना और स्वीकार करना; भारत में लोकतंत्र की

धारणा विचारों और जीवन-पद्धतियों की बहुलता की धारणा से जुड़ी हुई थी।

खंड छ — स्रोत / मानचित्र आधारित (4 अंक)

1पृ. 18 के आर.के. लक्ष्मण के कार्टून को देखिए और उत्तर दीजिए:
(क) कार्टून में पटेल राजा से क्या माँग रहे हैं?
(ख) सिंहासन के नीचे दबे व्यक्ति को क्या नाम दिया गया है, और यह क्या दर्शाता है?
(ग) यह कार्टून पटेल की रणनीति के बारे में क्या बताता है?

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु (क) एक डिब्बा जिस पर लिखा है ‘विदेशी मामले, प्रतिरक्षा, संचार’ — यानी पटेल राजा

से सब कुछ नहीं, केवल कुछ विषय माँग रहे हैं • (ख) ‘रियासत की जनता’ — यह दर्शाता है कि रजवाड़ों की

प्रजा शासकों के बोझ तले दबी थी और विलय का फ़ैसला उसके हाथ में नहीं था • (ग) पटेल रजवाड़ों की समस्या को

बलपूर्वक नहीं, सीमित माँग और बातचीत से हल करना चाहते थे; कार्टून रजवाड़ों की जनता और शासकों के आपसी

संबंधों पर भी टिप्पणी करता है।

2पृ. 20 के मानचित्र ‘राज्यों के पुनर्गठन के बाद भारत का प्रशासनिक मानचित्र—1961’ को ध्यान से देखिए:
(क) स्वतंत्र राज्य बनने से पहले गुजरात और हरियाणा किन मूल राज्यों के अंग थे?
(ख) देश के विभाजन से प्रभावित दो राज्यों के नाम बताइए।
(ग) दो ऐसे राज्यों के नाम बताइए जो पहले संघ-शासित राज्य थे।

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु (क) गुजरात — बंबई का अंग (1960 तक द्विभाषी बंबई); हरियाणा — पंजाब का अंग

(1966 तक वृहत्तर पंजाब) • (ख) पंजाब और पश्चिम बंगाल (दोनों की सीमाएँ विभाजन से खींची गईं) •

(ग) मणिपुर और त्रिपुरा — दोनों 1972 में पूर्ण राज्य बने।

3नीचे दिया अवतरण पढ़िए और उत्तर दीजिए:
“हम भारत के इतिहास के एक यादगार मुकाम पर खड़े हैं। साथ मिलकर चलें तो देश को हम महानता की नयी बुलंदियों तक पहुँचा सकते हैं, जबकि एकता के अभाव में हम अप्रत्याशित विपदाओं के घेरे में होंगे।”
(क) यह कथन किसका है और किस अवसर पर कहा गया?
(ख) वक्ता किन ‘विपदाओं’ की ओर संकेत कर रहा है?
(ग) इस अपील का क्या परिणाम निकला?

उत्तर देखिए

अपेक्षित बिंदु (क) सरदार पटेल, रियासतों के शासकों को लिखे एक पत्र में (1947) • (ख) यदि

रजवाड़े सहयोग न करें तो देश छोटे-छोटे देशों में बँट जाएगा, अराजकता और अव्यवस्था फैलेगी और सब बर्बादी की

ओर जाएँगे • (ग) शांतिपूर्ण बातचीत के ज़रिए लगभग सभी रजवाड़े 15 अगस्त 1947 से पहले ही भारतीय संघ में

शामिल हो गए और उन्होंने ‘इंस्टूमेंट ऑफ़ एक्सेशन’ पर हस्ताक्षर किए।

खंड ज — उच्च चिंतन कौशल (योग्यता आधारित)

1विस्मय कहता है — “रियासतों को भारतीय संघ में मिलाने से इन रियासतों की प्रजा तक लोकतंत्र का विस्तार
हुआ।” इंद्रप्रीत कहता है — “यह बात मैं दावे के साथ नहीं कह सकता। इसमें बलप्रयोग भी हुआ था जबकि लोकतंत्र में
आम सहमति से काम लिया जाता है।” आपकी क्या राय है? (प्रश्नावली प्रश्न 4)

उत्तर देखिए

किस बात की तलाश करें विद्यार्थी दोनों पक्षों को उदाहरण सहित स्वीकार करे, फिर अपना पक्ष रखे।

विस्मय के पक्ष में: अधिकतर रजवाड़ों में शासन अलोकतांत्रिक था और शासक प्रजा को अधिकार देने को तैयार नहीं

थे; विलय के बाद उन्हें संविधान, मौलिक अधिकार और मताधिकार मिले; अधिकतर रजवाड़ों के लोग स्वयं शामिल होना

चाहते थे।

इंद्रप्रीत के पक्ष में: निर्णय का अधिकार प्रजा को नहीं, राजाओं को दिया गया था; हैदराबाद में सेना भेजी

गई; मणिपुर में विधानसभा के गहरे मतभेद के बावजूद महाराजा से हस्ताक्षर कराए गए।

पूर्ण अंक वह उत्तर जो कहे कि परिणाम लोकतांत्रिक था पर प्रक्रिया हर जगह नहीं — एकपक्षीय उत्तर को

पूरे अंक न दें, चाहे वह कितना ही सुसंगत हो।

2गाँधीजी और नेहरू के 1947 अगस्त के दो बयानों से राष्ट्र-निर्माण का जो एजेंडा ध्वनित होता है उसे
लिखिए। आपको कौन-सा एजेंडा जँच रहा है और क्यों? (प्रश्नावली प्रश्न 5)

उत्तर देखिए

किस बात की तलाश करें विद्यार्थी पहचाने कि गाँधी का स्वर चेतावनी और उत्तरदायित्व का है

(“काँटों का ताज”, “सत्ता का आसन एक बुरी चीज़ है”, “विनम्र और धैर्यवान बनना होगा”) जबकि नेहरू का स्वर आशा और संभावना का (“पुराने से नए की ओर”, “संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं”)। एक नैतिक-संयम का एजेंडा

है, दूसरा परिवर्तन और निर्माण का। कोई भी पक्ष चुनना स्वीकार्य है, बशर्ते कारण अध्याय से दिया गया

हो — उदाहरण के लिए, विभाजन की हिंसा गाँधी के संयम-वाले एजेंडे को पुष्ट करती है, जबकि रजवाड़ों का विलय और

पुनर्गठन नेहरू के निर्माण-वाले एजेंडे को।

3“अगर भाषा के आधार पर राज्य बन सकते हैं, तो धर्म के आधार पर क्यों नहीं?” इस प्रश्न का उत्तर अध्याय के
आधार पर दीजिए।

उत्तर देखिए

किस बात की तलाश करें भेद यह है कि भाषाई राज्य संघ के भीतर एक इकाई है — नागरिकता, अधिकार और

आवागमन की स्वतंत्रता सबके लिए वही रहती है; जबकि धर्म के आधार पर विभाजन ने नागरिकता की कसौटी बदल दी

और लोगों को ‘अपने ही घर में विदेशी’ बना दिया। पहला विविधता को संघ के भीतर जगह देता है, दूसरा उसे

सीमा के बाहर भेजता है। अच्छा उत्तर यह भी जोड़ेगा कि अध्याय के अनुसार भाषावार पुनर्गठन से देश टूटा नहीं, एकता मज़बूत हुई — जबकि धार्मिक विभाजन का परिणाम 80 लाख का विस्थापन था।

4रामचंद्र गुहा के अवतरण के आधार पर भारत और सोवियत संघ में राष्ट्र-निर्माण की दो असमानताएँ बताइए।
(प्रश्नावली प्रश्न 10ख)

उत्तर देखिए

किस बात की तलाश करें अवतरण केवल समानताएँ गिनाता है, इसलिए असमानताएँ विद्यार्थी को अध्याय से निकालनी हैं। स्वीकार्य उत्तर, उदाहरण के लिए — (i) भारत ने राष्ट्र-निर्माण लोकतांत्रिक ढाँचे और सार्वभौम वयस्क मताधिकार के भीतर किया, जबकि सोवियत संघ एकदलीय व्यवस्था थी; (ii) भारत ने विभिन्नता के सिद्धांत को स्वीकृति दी और भाषाई माँगों को मानकर राज्य बनाए, यानी विविधता को संस्थागत जगह दी।

मूल्यांकन तर्क अध्याय से जुड़ा हो; रटा हुआ न हो। तथ्यात्मक शुद्धता से अधिक तर्क की संगति देखें।

5मान लीजिए 1947 में आप गृहमंत्री होते और कोई रजवाड़ा विलय से इनकार कर देता। आप कौन-से तीन कदम उठाते
और क्यों? अपने उत्तर को अध्याय के उदाहरणों से पुष्ट कीजिए।

उत्तर देखिए

किस बात की तलाश करें उत्तर अध्याय की वास्तविक रणनीति को दोहराए, कल्पना न हो — (i) पहले

शांतिपूर्ण बातचीत और मनाना-समझाना, जैसा पटेल ने अधिकतर रजवाड़ों के साथ किया; (ii) लचीलापन और सीमित माँग — केवल कुछ विषय, और जहाँ ज़रूरी हो वहाँ स्वायत्तता का प्रस्ताव, जैसा जम्मू-कश्मीर में;

(iii) जनमत का सहारा, जैसा मणिपुर में चुनाव और हैदराबाद में जन-आंदोलन ने किया। बल का उल्लेख करने वाला

विद्यार्थी यह भी बताए कि वह अंतिम विकल्प था, जैसा हैदराबाद में हुआ।