Chapter 11आधारभूत लोकतंत्र — भाग 2: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

Revision notes18 minSources checked

This note is written in Hindi.Read in Hindi →

कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 163–172 परीक्षा से एक दिन पहले यही पढ़िए। सब कुछ यहाँ है, और क्रम में है।

एक पंक्ति में पूरा अध्याय

गाँव के लोग हर छोटी बात के लिए राजधानी नहीं जा सकते — इसलिए शासन उनके पास आ जाता है, तीन स्तरों पर, और उसे चलाने वाले वे स्वयं होते हैं। यही ‘स्व-शासन’ है।

यह तालिका याद कर लीजिए — यही पूरा अध्याय है★★

स्तरसंस्था का नाम
जिला स्तरजिला पंचायत / जिला परिषद
खंड स्तरखंड पंचायत / पंचायत समिति / मंडल परिषद
ग्राम स्तरग्राम परिषद / ग्राम पंचायत

यह ‘त्रिस्तरीय’ प्रणाली कहलाती है, और यह “निम्न से उच्च स्तर तक” कार्य करती है।

!! सबसे बड़ी भूल — दो पिरामिड मिला देना

चित्र 10.4 (पिछला अध्याय)चित्र 11.1 (यह अध्याय)
केंद्र · राज्य · स्थानीयजिला · खंड · ग्राम
पूरे देश के स्तरकेवल पंचायती राज के स्तर

★एक वाक्य में: पिछला पिरामिड पूरे देश का था; यह पिरामिड उसके सबसे नीचे वाले हिस्से का है।

1. अध्याय का आरंभ (पृ. 163)

उद्धरण

“असली भारत, गाँवों में बसता है।” — मोहनदास करमचंद गाँधी

तीन महत्वपूर्ण प्रश्न

  1. पंचायती राज संस्थाएँ क्या हैं?
  2. उनके क्या कार्य हैं?
  3. शासन और लोकतंत्र में ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

आँकड़े — सबसे परीक्षा-योग्य★★

क्याकितना
गाँवलगभग 6,00,000
कस्बे8,000
नगर4,000 से अधिक
जनसंख्यालगभग 1.4 अरब पार
★ग्रामीण क्षेत्रों मेंदो-तिहाई भाग

और पुस्तक का प्रश्न: “इस प्रकार की विविधता वाले समाज में हम अपना शासन किस प्रकार चलाते हैं?”

★यह अध्याय केवल गाँवों के बारे में है — “अगले अध्याय में हम नगरीय क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे।”

2. लक्ष्मणपुर (पृ. 164)★

क्याविवरण
कहाँहिमालय की तराई में बसा एक छोटा-सा गाँव
घर200
जनसंख्यालगभग 700
अधिकांश लोगकृषक — अपनी भूमि पर खेती; गाय या बकरियाँ पालते हैं
कुछ संबंधीसेना में
कुछ युवाआजीविका की खोज में नगर चले गए

गाँव की तीन आवश्यकताएँ — शब्दश:

  1. खेतों के लिए पानी
  2. भारी वर्षा से खराब हुई मुख्य सड़क का रख-रखाव
  3. गाँव के प्राथमिक विद्यालय का रख-रखाव

और निर्णायक प्रश्न★★

“क्या ऐसी प्रत्येक समस्याओं के लिए गाँव के लोग राज्य या राष्ट्र की राजधानी जा सकते हैं?”

उत्तर: नहीं। और इसीलिए स्थानीय सरकार चाहिए।

3. पंचायती राज व्यवस्था (पृ. 164)★★

तीन परिभाषाएँ — शब्दश:

पंचायत — “‘पंचायत’ नामक स्थानीय शासन व्यवस्था, जिसे एक ग्रामीण परिषद कह सकते हैं।”

पंचायत करती क्या है — “पंचायत, शासन को लोगों के समीप लाती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी संभव बनाती है।”

★★और इसीलिए — “पंचायती व्यवस्था, जिसे पंचायती राज के नाम से भी जाना जाता है, स्व-शासन का एक रूप है।”

पंचायत की तीन भूमिकाएँ

  1. स्थानीय समस्याओं को हल करने में
  2. विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में
  3. सरकारी योजनाओं के लाभ को जनसाधारण तक पहुँचाने में

★‘स्व-शासन’ अध्याय 10 की ‘आधारभूत लोकतंत्र’ वाली परिभाषा का ही दूसरा नाम है।

4. त्रिस्तरीय प्रणाली और आठ कार्य (पृ. 165)★

“पंचायती राज व्यवस्था तीन स्तरों — ग्राम, खंड और जिला स्तर — पर निम्न से उच्च स्तर तक कार्य करती है। यह ‘त्रिस्तरीय’ प्रणाली कहलाती है।”

आठ कार्य — पुस्तक की पूरी सूची

कृषि · आवास · सड़कों का रख-रखाव · जल संसाधनों का प्रबंधन · शिक्षा · स्वास्थ्य · सामाजिक कल्याण · सांस्कृतिक गतिविधियाँ

★लक्ष्मणपुर से मिलाइए: पानी → जल संसाधन · सड़क → सड़कों का रख-रखाव · विद्यालय → शिक्षा

5. ग्राम सभा और ग्राम पंचायत — अध्याय का सबसे बड़ा भेद (पृ. 165)★★★

ग्राम सभाग्राम पंचायत
कौन हैमतदाता के रूप में नामांकित गाँव (या आस-पास के गाँवों) के वयस्कों का समूहचुने हुए सदस्यों की परिषद
कैसे बनती हैकोई चुनाव नहीं — मतदाता होना ही सदस्यता हैग्राम सभा उसे सीधे चुनती है
वहाँ क्या होता हैस्त्री एवं पुरुष सभी मामलों पर विचार-विमर्श करते हैं और निर्णय लेते हैंप्रमुख का चयन, और गाँव के काम
प्रमुख—सरपंच या प्रधान
कौन-सा लोकतंत्रप्रत्यक्षप्रतिनिधि

★★एक वाक्य में: ग्राम सभा चुनती है; ग्राम पंचायत चुनी जाती है।

और पुस्तक की वह पंक्ति: “गत वर्षों में अधिक से अधिक महिलाएँ सरपंच बनी हैं।”

★‘सरपंच’ और ‘प्रधान’ एक ही पद के दो नाम हैं।

6. आदर्श सरपंच — तीन उदाहरण (पृ. 166)★

(क) दयानेश्वर कांबले — महाराष्ट्र

क्याविवरण
कब2017
कहाँसोलापुर जिले का तरंगफल गाँव
समुदायकिन्नर
आदर्श वाक्य‘लोक सेवा, ग्राम सेवा’ — “गाँव की सेवा, जनता की सेवा है”
★चुनावछह अन्य उम्मीदवारों को हराया

(ख) वंदना बहादुर मैदा — मध्य प्रदेश

क्याविवरण
कहाँखानखांडवी गाँव
समुदायभील
क्या कियापितृसत्तात्मक मान्यताओं के विरुद्ध जाकर गाँव की पहली महिला सरपंच बनीं
फिरगाँव की महिलाओं को सभा की बैठकों में आने के लिए प्रेरित किया
मुद्देशिक्षा एवं स्वच्छता
पुस्तक का निष्कर्ष”…महिलाएँ ग्रामीण भारत को बदलने में नेतृत्वकारी भूमिका निभा सकती हैं।”

(ग) पोपटराव बागुजी पवार — महाराष्ट्र

क्याविवरण
कहाँअहमदनगर जिले का गाँव हिवरे बाजार
समस्याबार-बार सूखा और कम कृषि उपज
क्या कियाअन्ना हजारे के वर्षा जल-संचयन, जल-संरक्षण और लाखों पेड़ लगाने के मॉडल को लागू किया
कैसेउनके प्रयास और ग्रामवासियों के सहयोग से
परिणाम“कुछ ही वर्षों में हरा-भरा और समृद्ध गाँव बन गया”
सम्मान2020 में पद्मश्री

★अध्याय 9 से जोड़: वहाँ हलमा था (भील समुदाय, झाबुआ, महेश शर्मा, पद्मश्री 2019); यहाँ हिवरे बाजार है (पोपटराव पवार, पद्मश्री 2020)।

7. पंचायत सचिव और पटवारी (पृ. 167)

पंचायत सचिवपटवारी
क्या करता हैबैठकों का आयोजन और अभिलेखों का रख-रखावगाँव के भू-अभिलेखों का रख-रखाव
और—कई जगह पीढ़ियों पुराने मानचित्र भी रखे होते हैं

★दोनों नियुक्त होते हैं, चुने नहीं जाते। सरपंच चुना जाता है।

पुस्तक का प्रश्न: “क्या आप सोचते हैं कि ये पुराने मानचित्र हमारे किसी काम आ सकते हैं? क्या यह अतीत और वर्तमान के बारे में कुछ जानकारी दे सकते हैं?”

8. बाल हितैषी पंचायत (पृ. 167–168)★★

“पंचायतों को सभी ग्रामवासियों की बात सुननी होती है — जिसमें बच्चे भी सम्मिलित हैं।”

अनेक राज्यों में — बाल सभाएँ और बाल पंचायतें, “जहाँ गाँव के बड़े-बुजुर्ग उनकी समस्याओं के समाधान ढूँढ़ने का प्रयास करते हैं।”

उदाहरण 1 — महाराष्ट्र

कुछ बाल पंचायतों ने बाल-श्रम और बाल-विवाह को समाप्त करने पर कार्य किया। सदस्य अभिभावकों को समझाते हैं कि — बच्चों को पुन: विद्यालय भेजें · बालिकाओं को पढ़ाएँ · पढ़ने की आयु में उनका विवाह न करें।

उदाहरण 2 — पश्चिमी सिक्किम

क्याविवरण
कौनसांगखू राधू खांडू ग्राम पंचायत
क्या कियाविद्यालयों के परिसर की दीवारें बनवाईं (बच्चों की सुरक्षा के लिए)
औरविद्यालयों में रसोईघर, ताकि मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील) वहीं सफाई से बना मिले
परिणामगाँव को बाल हितैषी ग्राम पंचायत घोषित किया गया

उदाहरण 3 — राजस्थान की ‘बाल संसद’★★

क्याविवरण
किसने शुरू कीबंकर रॉय ने, कुछ दशक पूर्व
किसकी शाखा‘बेयरफुट कॉलेज’ की
किसके लिएग्रामीण राजस्थान के वंचित वर्ग के बच्चे
उम्र8–14 वर्ष
कहाँरात्रि विद्यालय
कैसेसंसद की तरह के चुनावों के माध्यम से
क्या सीखते हैंशासन की प्रक्रियाएँ, लोकतंत्र और सामाजिक दायित्व
उनकी ‘संसद’मतदाता के पहचान-पत्र और प्रचार-प्रसार सहित सभी औपचारिक प्रक्रियाएँ
निर्वाचित प्रतिनिधि‘मंत्रिमंडल’ बनाते हैं — जो विद्यालय प्रबंधन का निरीक्षण और सामुदायिक आवश्यकताओं का समर्थन करता है
★सम्मानवर्ष 2001 में वर्ल्ड चिल्ड्रन ऑनरेरी अवार्ड सहित कई पुरस्कार

और पुस्तक का निष्कर्ष:

“ये पहल बच्चों में नेतृत्व के गुण और सामाजिक जागरूकता को विकसित करती है, जिससे बच्चे सामाजिक मानदंडों को चुनौती देने में समर्थ होते हैं और परिवर्तन की पैरोकारी कर सकते हैं।”

9. पंचायत समिति और जिला परिषद (पृ. 169)★

पंचायत समिति — एक कड़ी

“खंड स्तर पर पंचायत समिति, ग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच की कड़ी है।”

इसके सदस्य कौन

“इन संस्थाओं के सदस्य स्थानीय लोगों द्वारा चुने जाते हैं, परंतु उसमें क्षेत्र के गाँवों के सरपंच और राज्य विधान सभा के स्थानीय सदस्य जैसे अन्य सदस्य भी हो सकते हैं।”

★‘विधान सभा के स्थानीय सदस्य’ = विधायक (अध्याय 10 से)। यानी स्तर आपस में जुड़े हुए हैं।

इसके काम

#काम
1सभी ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएँ एकत्रित करके जिला या राज्य स्तर पर प्रस्तुत करना
2धनराशि के आवंटन में मदद — जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (बारहमासी सड़कों के लिए)
3ग्राम पंचायत ↔ जिला परिषद की कड़ी बनना

और गठन: “पंचायत समिति का गठन राज्य-दर-राज्य भिन्न होता है, परंतु स्थानीय जनता की भागीदारी मजबूत करने की उनकी भूमिका समान रहती है।”

आरक्षण — तीनों स्तरों पर★★

“सभी तीनों स्तरों पर विशेष नियम बनाए गए हैं ताकि… अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति जैसे वंचित वर्ग के लोगों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके और उनकी समस्याएँ सुनी जा सकें।”

★“इन संस्थाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखने का भी प्रावधान है।”

! ‘एक-तिहाई’ सबसे परीक्षा-योग्य आँकड़ा है — और यह तीनों स्तरों पर लागू है।

10. राज्य-दर-राज्य विविधता (पृ. 170)

“पूरे देश के विभिन्न राज्यों में पंचायती राज संस्थाओं के गठन और कार्यों में विविधताएँ हो सकती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि उन संस्थानों पर राज्यों का अधिकार है, किंतु उनके लक्ष्य समान हैं — यह ग्रामवासियों को अपने गाँवों और स्थानीय क्षेत्रों में प्रबंधन और विकास के कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेने में सक्षम बनाती हैं।”

★इसीलिए चित्र 11.1 में हर स्तर के दो-तीन नाम हैं।

11. ध्यान रखें — अर्थशास्त्र (पृ. 170)★

क्याविवरण
ग्रंथ‘अर्थशास्त्र’ — शासन पर एक प्राचीन ग्रंथ
कबलगभग 2300 वर्ष पहले
किसने लिखा‘कौटिल्य’ — “जिन्हें बाद में ‘चाणक्य’ नाम से भी जाना गया”
इसमें क्या हैराज्य के गठन, संचालन, अर्थव्यवस्था कैसे समृद्ध हो, शासक के कर्तव्य, और युद्ध किस प्रकार किए जाएँ

प्रशासनिक ढाँचा — शब्दश:★★

“राजा प्रत्येक 10 गाँवों पर एक ‘संग्रहण’ (उप-जिला मुख्यालय); प्रत्येक 100 गाँवों पर ‘करवाटिका’ (जिला मुख्यालय), प्रत्येक 400 गाँवों पर ‘द्रोणमुख’ और प्रत्येक 800 गाँवों पर ‘स्थानीय’ (प्रांतीय मुख्यालय) स्थापित करे।”

इकाईकितने गाँवों पर
संग्रहण10
करवाटिका100
द्रोणमुख400
स्थानीय800

और पुस्तक का प्रश्न: “आधुनिक भाषा में हम उक्त चार प्रवर्गों को क्या नाम देंगे? क्या यह आश्चर्य की बात नहीं है कि बहुत पहले इसी प्रकार की संरचना के बारे में सोचा गया था?”

! पुस्तक यह नहीं कहती कि आज की पंचायती राज व्यवस्था इसी से ‘निकली’ है।

12. आगे बढ़ने से पहले (पृ. 171)

  1. “ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार को एक त्रिस्तरीय व्यवस्था के अंतर्गत गठित किया जाता है।”
  2. ★★“पंचायती राज व्यवस्था में लोकतंत्र जनता द्वारा प्रत्यक्ष भागीदारी और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों, दोनों द्वारा कार्य करता है।”
  3. “पंचायती राज संस्थाएँ ग्रामीण क्षेत्रों में स्वशासन का अधिकार देती हैं ताकि वे अपने मामले स्वयं सुलझा सकें और विकासात्मक कार्यों में सहयोग दें।”

★दूसरा बिंदु ग्राम सभा ↔ ग्राम पंचायत वाला भेद ही है, पुस्तक के अपने शब्दों में।

⚡ अंतिम दस मिनट — केवल यह पढ़िए

प्रश्नउत्तर
अध्याय का उद्धरण किसकामोहनदास करमचंद गाँधी — “असली भारत, गाँवों में बसता है।”
भारत में गाँव / कस्बे / नगर~6,00,000 · 8,000 · 4,000 से अधिक
जनसंख्या और ग्रामीण भाग1.4 अरब पार; दो-तिहाई ग्रामीण
यह अध्याय किसके बारे मेंकेवल ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय सरकार
लक्ष्मणपुर — घर और जनसंख्या200 घर · लगभग 700
वहाँ के लोग क्या करते हैंअधिकांश कृषक; कुछ संबंधी सेना में; कुछ युवा नगर चले गए
गाँव की तीन आवश्यकताएँखेतों के लिए पानी · खराब मुख्य सड़क का रख-रखाव · प्राथमिक विद्यालय का रख-रखाव
पंचायत क्या है‘पंचायत’ नामक स्थानीय शासन व्यवस्था — एक ग्रामीण परिषद
★पंचायती राज क्या हैस्व-शासन का एक रूप
पंचायत की तीन भूमिकाएँस्थानीय समस्याएँ हल करना · विकास कार्य आगे बढ़ाना · सरकारी योजनाओं के लाभ जनसाधारण तक पहुँचाना
★तीन स्तरग्राम · खंड · जिला
★प्रणाली का नाम‘त्रिस्तरीय’ प्रणाली
ग्राम स्तर की संस्थाग्राम परिषद / ग्राम पंचायत
खंड स्तर की संस्थाखंड पंचायत / पंचायत समिति / मंडल परिषद
जिला स्तर की संस्थाजिला पंचायत / जिला परिषद
आठ कार्यकृषि · आवास · सड़कों का रख-रखाव · जल संसाधनों का प्रबंधन · शिक्षा · स्वास्थ्य · सामाजिक कल्याण · सांस्कृतिक गतिविधियाँ
★★ग्राम सभा क्या हैमतदाता के रूप में नामांकित गाँव के वयस्कों का समूह
★★ग्राम पंचायत क्या हैग्राम सभा द्वारा सीधे चुने गए सदस्यों की परिषद
★दोनों में अंतर एक वाक्य मेंग्राम सभा चुनती है; ग्राम पंचायत चुनी जाती है
कौन-सा प्रत्यक्ष, कौन-सा प्रतिनिधिग्राम सभा = प्रत्यक्ष · ग्राम पंचायत = प्रतिनिधि
पंचायत का प्रमुखसरपंच या प्रधान (एक ही पद के दो नाम)
दयानेश्वर कांबले2017 · सोलापुर का तरंगफल गाँव · किन्नर · छह उम्मीदवारों को हराया
उनका आदर्श वाक्य‘लोक सेवा, ग्राम सेवा’
वंदना बहादुर मैदामध्य प्रदेश का खानखांडवी · भील समुदाय · गाँव की पहली महिला सरपंच
उन्होंने कौन-से मुद्दे उठाएशिक्षा एवं स्वच्छता
पोपटराव बागुजी पवारहिवरे बाजार, अहमदनगर · अन्ना हजारे का मॉडल · पद्मश्री 2020
पंचायत सचिवबैठकों का आयोजन और अभिलेखों का रख-रखाव
पटवारीभू-अभिलेखों का रख-रखाव; कई जगह पीढ़ियों पुराने मानचित्र भी
महाराष्ट्र की बाल पंचायतेंबाल-श्रम और बाल-विवाह समाप्त करने पर काम
सिक्किम की पंचायतसांगखू राधू खांडू — दीवारें और रसोईघर; बाल हितैषी घोषित
बाल संसद किसने शुरू कीबंकर रॉय — ‘बेयरफुट कॉलेज’ की शाखा
किस उम्र के बच्चे8–14 वर्ष
★बाल संसद को कब, कौन-सा पुरस्कार2001 में वर्ल्ड चिल्ड्रन ऑनरेरी अवार्ड
पंचायत समिति क्या हैग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच की कड़ी
उसमें और कौन हो सकते हैंगाँवों के सरपंच और राज्य विधान सभा के स्थानीय सदस्य
कौन-सी योजना का नाम आयाप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (बारहमासी सड़कों के लिए)
★★महिलाओं के लिए आरक्षणएक-तिहाई सीटें — तीनों स्तरों पर
किन वर्गों के लिए विशेष नियमअनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति
राज्य-दर-राज्य अंतर क्योंक्योंकि इन संस्थानों पर राज्यों का अधिकार है — पर लक्ष्य समान हैं
अर्थशास्त्र किसने लिखा, कबकौटिल्य (चाणक्य) — लगभग 2300 वर्ष पहले
★चार प्रवर्गसंग्रहण = 10 · करवाटिका = 100 · द्रोणमुख = 400 · स्थानीय = 800 गाँव
अध्याय का अंतिम विचारलोकतंत्र प्रत्यक्ष भागीदारी और निर्वाचित प्रतिनिधियों, दोनों द्वारा कार्य करता है

और अंत में यह याद रखिए — पिछला पिरामिड पूरे देश का था। यह पिरामिड उसके सबसे नीचे वाले हिस्से का है। और उसमें ग्राम सभा चुनती है, ग्राम पंचायत चुनी जाती है।