Chapter 11आधारभूत लोकतंत्र — भाग 2: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

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NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, अध्याय 11 (पृ. 163–172)।

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गाँव घूमिए, पंचायत चुनिए, सूखा गाँव हरा कीजिए

शुरुआत

राज्य और देश की सरकार पिछले अध्याय में देखी। अब सबसे पास वाली सरकार — गाँव की। इस अध्याय में ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय सरकार को चलाकर समझिए; नगरों की बारी अगले अध्याय में।

“असली भारत, गाँवों में बसता है।”

— मोहनदास करमचंद गाँधी (पृ. 163)

कितना बड़ा देश (पृ. 163)

6,00,000गाँव (लगभग)

8,000कस्बे (लगभग)

4,000+नगर (4,000 से अधिक)

जनसंख्या 1.4 अरब पार; इसका दो-तिहाई भाग ग्रामीण क्षेत्रों में रहता है (पृ. 163)।

अध्याय इन तीन प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 163)

  1. पंचायती राज संस्थाएँ क्या हैं?
  2. उनके क्या कार्य हैं?
  3. शासन और लोकतंत्र में ये क्यों महत्वपूर्ण हैं?

इस अध्याय के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। Progress is kept only in this browser. Nothing is sent anywhere.

1लक्ष्मणपुर चलिए

हिमालय की तराई में बसा छोटा-सा गाँव लक्ष्मणपुर: 200 घर, लगभग 700 लोग, ज़्यादातर किसान। लोग अपनी ज़मीन पर खेती करते हैं, गाय या बकरियाँ पालते हैं। कुछ के संबंधी सेना में हैं; कुछ युवा काम की खोज में नगर चले गए हैं (पृ. 163–164)।

गाँव की ज़रूरतें खोजिए

चित्र में चमकते बिंदुओं पर टैप कीजिए। हर बिंदु पर पुस्तक का एक प्रश्न है (पृ. 164)।

0 / 5 ज़रूरतें मिलीं

हर बात के लिए राजधानी?

पुस्तक पूछती है: क्या ऐसी हर समस्या के लिए गाँव के लोग राज्य या राष्ट्र की राजधानी जा सकते हैं? दोनों रास्ते चलाकर देखिए।

रास्ते का चित्र हमारा है; किसी असली जगह का नक्शा नहीं।

पंचायती राज = स्व-शासन (पृ. 164)

पंचायत यानी ग्राम परिषद। यह स्थानीय समस्याएँ हल करती है, विकास के कामों को आगे बढ़ाती है, और सरकारी योजनाओं का लाभ जनसाधारण तक पहुँचाती है।

Checkpoint

  1. 1लक्ष्मणपुर में कितने घर हैं?

  2. 2पंचायती राज को स्व-शासन का रूप क्यों कहा गया है?

2त्रिस्तरीय व्यवस्था

पंचायती राज व्यवस्था तीन स्तरों पर, नीचे से ऊपर, काम करती है — ग्राम, खंड और जिला। इसे "त्रिस्तरीय" प्रणाली कहते हैं (पृ. 165)।

चित्र 11.1 बनाइए: कौन-सा नाम किस स्तर का?

जिला परिषदजिला स्तर
पंचायत समितिखंड स्तर
ग्राम पंचायतग्राम स्तर

एक ही स्तर के कई नाम हैं — अलग-अलग राज्यों में अलग नाम चलते हैं। हर नाम को उसके स्तर में रखिए।

जीवन के लगभग सभी पक्ष (पृ. 165)

तीनों स्तर मिलकर इन सबसे जुड़ी ज़िम्मेदारियाँ निभाते हैं। टैप करके गिनिए।

0 / 8

Checkpoint

  1. 1पंचायती राज के तीन स्तर, नीचे से ऊपर:

  2. 2मंडल परिषद किस स्तर का एक नाम है?

3ग्राम सभा और ग्राम पंचायत

ग्राम सभा = गाँव (या आस-पास के गाँवों) के वे वयस्क जो मतदाता के रूप में नामांकित हैं। ग्राम सभा में स्त्री और पुरुष अपने क्षेत्र के सभी मामलों पर चर्चा करते हैं और निर्णय लेते हैं (पृ. 165)।

कौन किसे चुनता है?

तीन क़दम, एक-एक करके चलाइए।

चित्र में लोगों और सदस्यों की संख्या उदाहरण भर है; पुस्तक कोई संख्या नहीं देती।

पंचायत के सहायक (पृ. 167)

सोचिए (पृ. 167): क्या ये पुराने मानचित्र हमारे किसी काम आ सकते हैं? क्या ये अतीत और वर्तमान के बारे में कुछ बता सकते हैं?

Checkpoint

  1. 1ग्राम पंचायत के सदस्यों को कौन सीधे चुनता है?

  2. 2गाँव के भू-अभिलेख कौन सँभालता है?

4आदर्श सरपंच

पुस्तक तीन आदर्श सरपंचों की कहानी बताती है (पृ. 166)। कार्ड पलटिए।

पुस्तक में ज़िले का पुराना नाम "अहमदनगर" छपा है। महाराष्ट्र सरकार ने 8 अक्टूबर 2024 की अधिसूचना से इसका नाम अहिल्यानगर किया। अधिसूचना देखिए (महाराष्ट्र ग्राम विकास विभाग) ↗

हिवरे बाज़ार: सूखे से हरियाली तक

स्लाइडर खिसकाइए और ज़मीन के भीतर भू-जल को ऊपर उठते देखिए।

काट-चित्र हमारा बनाया है, पैमाने पर नहीं।

Checkpoint

  1. 1हिवरे बाज़ार किस वजह से हरा-भरा हुआ?

  2. 2वंदना बहादुर मैदा किस समुदाय से हैं?

5बच्चों की भी सुनवाई

पंचायत को सबकी बात सुननी होती है — बच्चों की भी। बाल हितैषी पंचायत की पहल से बच्चों को अपनी भलाई से जुड़े मामलों पर अपनी राय रखने का अवसर मिलता है। कई राज्यों में बाल सभाएँ और बाल पंचायतें नियमित रूप से हों, इसके लिए क़दम उठाए गए हैं (पृ. 167)।

महाराष्ट्र की बाल पंचायतें (पृ. 167)

कुछ बाल पंचायतों ने बाल-श्रम और बाल-विवाह ख़त्म करने पर काम किया। उनके सदस्य मिलकर माता-पिता और बड़ों को समझाते हैं कि बच्चों को फिर से विद्यालय भेजें, और पढ़ने की उम्र में लड़कियों का विवाह न करें।

पश्चिमी सिक्किम: सांगखू राधू खांडू ग्राम पंचायत

पंचायत ने विद्यालय के लिए क्या-क्या बनवाया? बटन दबाकर बनवाइए (पृ. 167–168)।

राजस्थान की "बाल संसद" — क्रम से लगाइए

कुछ दशक पहले बंकर रॉय के "बेयरफुट कॉलेज" की शाखा "बाल संसद" ने राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों के वंचित बच्चों को शिक्षा और लोकतांत्रिक भागीदारी से सशक्त बनाया। 8 से 14 वर्ष के बच्चे रात्रि विद्यालयों और संसद जैसे चुनावों से शासन सीखते हैं (पृ. 168)।

बाल संसद कैसे बनती और चलती है — पहले से आख़िर तक क्रम लगाइए।

▲ पहले

  1. 1चुने गए प्रतिनिधि "मंत्रिमंडल" बनाते हैं
  2. 2मतदाता पहचान-पत्र बनते हैं और प्रचार होता है
  3. 3मंत्रिमंडल विद्यालय प्रबंधन पर नज़र रखता है और समुदाय की ज़रूरतें उठाता है
  4. 4संसद की तरह चुनाव होते हैं

▼ बाद में

कक्षा में आज़माइए (पृ. 169): चार-पाँच विद्यार्थी बाल पंचायत बनें, बाक़ी ग्रामवासी। ग्राम सभा किन विषयों पर चर्चा करेगी? कौन-सी चुनौतियाँ आएँगी? कौन-से समाधान सुझाए जाएँगे?

Checkpoint

  1. 1बाल संसद में किस आयु के बच्चे भाग लेते हैं?

  2. 2सांगखू राधू खांडू पंचायत ने विद्यालयों में रसोईघर क्यों बनवाए?

6पंचायत समिति और जिला परिषद

खंड स्तर पर पंचायत समिति, ग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच की कड़ी है। इन संस्थाओं के सदस्य स्थानीय लोग चुनते हैं, पर इनमें क्षेत्र के गाँवों के सरपंच और राज्य विधान सभा के स्थानीय सदस्य जैसे दूसरे सदस्य भी हो सकते हैं (पृ. 169)।

योजनाएँ ऊपर, धनराशि नीचे

पंचायत समिति सभी ग्राम पंचायतों की विकास योजनाएँ इकट्ठी करके उन्हें जिला या राज्य स्तर पर रखती है। इससे धनराशि मिलने में मदद होती है (पृ. 169)। चलाकर देखिए।

  1. हर ग्राम पंचायत अपनी विकास योजना बनाती है…
  2. …पंचायत समिति सब योजनाएँ इकट्ठी करती है…
  3. …और जिला या राज्य स्तर पर रखती है…
  4. …धनराशि का आवंटन होता है — जैसे प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, जो ग्रामीण इलाक़ों में बारहमासी सड़कें बनवाती है।

चित्र हमारा है। पंचायत समिति का गठन राज्य-दर-राज्य अलग होता है, पर स्थानीय भागीदारी मज़बूत करने की भूमिका एक-सी रहती है (पृ. 169)।

एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए

तीनों स्तरों पर अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति जैसे वंचित वर्गों के लिए विशेष नियम हैं, और एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान है (पृ. 169)। सीटों की संख्या बदलकर देखिए।

सीटों की संख्या उदाहरण है, ताकि एक-तिहाई का हिसाब दिखे।

हर राज्य थोड़ा अलग (पृ. 170)

पंचायती राज संस्थाओं का गठन और काम राज्यों में कुछ अलग हो सकता है, क्योंकि इन पर राज्यों का अधिकार है। पर लक्ष्य एक है — ग्रामवासी अपने गाँव और क्षेत्र के प्रबंधन और विकास में सक्रिय भाग ले सकें।

Checkpoint

  1. 1ग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच की कड़ी कौन है?

  2. 2पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए कितनी सीटें आरक्षित रखने का प्रावधान है?

7कौटिल्य का ढाँचा

"अर्थशास्त्र" शासन पर एक प्राचीन ग्रंथ है, जिसे लगभग 2300 वर्ष पहले कौटिल्य (जिन्हें बाद में चाणक्य भी कहा गया) ने लिखा। इसमें राज्य का गठन और संचालन, अर्थव्यवस्था की समृद्धि, शासक के कर्तव्य और युद्ध के बारे में विस्तार से बताया गया है (पृ. 170)।

"राजा प्रत्येक 10 गाँवों पर एक 'संग्रहण' (उप-जिला मुख्यालय); प्रत्येक 100 गाँवों पर 'कार्वटिक' (जिला मुख्यालय), प्रत्येक 400 गाँवों पर 'द्रोणमुख' और प्रत्येक 800 गाँवों पर 'स्थानीय' (प्रांतीय मुख्यालय) स्थापित करे।" (पृ. 170)

गाँव बढ़ाइए, मुख्यालय गिनिए

हर बिंदु एक गाँव है। स्लाइडर से गाँव बढ़ाइए — कौटिल्य के नियम से कितने मुख्यालय बनेंगे?

0संग्रहण — हर 10 गाँव पर

0कार्वटिक — हर 100 गाँव पर

0द्रोणमुख — हर 400 गाँव पर

0स्थानीय — हर 800 गाँव पर

मुख्यालयों की गिनती पुस्तक के अनुपात से किया गया सीधा हिसाब है।

पुस्तक का प्रश्न (पृ. 170): आज की भाषा में हम इन चार प्रवर्गों को क्या नाम देंगे? क्या यह आश्चर्य की बात नहीं कि इतने पहले ऐसी संरचना सोची गई थी? कक्षा में चर्चा कीजिए।

Checkpoint

  1. 1कौटिल्य के अनुसार 100 गाँवों पर कौन-सा मुख्यालय?

  2. 2800 गाँवों में कौटिल्य के नियम से कितने संग्रहण बनेंगे?

8सार और अभ्यास

पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 171)

पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।

सरपंच को पत्र (प्र. 2, पृ. 171)

विषय: गाँव की सड़क के किनारे पड़ी प्लास्टिक की थैलियाँ। हर हिस्से के लिए एक वाक्य चुनिए — पत्र नीचे बनता जाएगा। यह पत्र कहीं भेजा या सहेजा नहीं जाता।

संबोधन

समस्या

नुक़सान

निवेदन

समापन

ऊपर से वाक्य चुनिए…

वाक्य हमारे सुझाए हुए हैं; अपने शब्दों में भी लिखिए।

सोचिए (प्र. 4, पृ. 171)

आपका विद्यालय राजमार्ग के पास है और विद्यार्थियों को सड़क पार करने में कठिनाई होती है। समाधान के क्या विकल्प हो सकते हैं? पंचायती राज की कौन-सी संस्थाएँ मदद कर सकती हैं? विद्यार्थी क्या कर सकते हैं?

आख़िरी जाँच

  1. 1पंचायती राज में लोकतंत्र किस तरह काम करता है?

  2. 2पंचायत संस्थाओं के गठन में राज्यों में अंतर क्यों हो सकता है?