Chapter 2महासागर एवं महाद्वीप

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NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 2

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कक्षा — 6 · विषय — सामाजिक विज्ञान (समाज का अध्ययन) · पृष्ठ — 27 से 40 · कालांश — 6, हर एक 40 मिनट

इस्तेमाल कैसे करें — हर कालांश की पूरी तैयारी उसके अपने कार्ड में है: किताब के पृष्ठ, स्लाइड, इंटरैक्टिव अध्याय, प्रश्न बैंक और फ़्लैशकार्ड। पहले एक नज़र में वाला चित्र और तालिका देखिए, फिर आज के कालांश का कार्ड खोलिए। कार्ड के हिस्से और शब्द, जैसे निकास-पर्ची, तैयारी वाली तालिका में समझाए गए हैं। प्रोजेक्टर न हो तो भी हर कालांश किताब, बोर्ड, चार्ट पेपर, एक गिलास पानी और ग्लोब से चल जाएगा; ग्लोब न हो तो किताब का चित्र 2.1 काफ़ी है।

अध्याय का बड़ा विचार (हमारी नज़र में) — पृथ्वी का ज़्यादातर भाग जल है, और यह जल टुकड़ों में बँटा नहीं, आपस में जुड़ा हुआ है; उसके पाँच महासागरों की सीमाएँ लोगों ने तय की हैं। भूमि की गिनती भी तय करने की बात है: महाद्वीप चार से सात तक गिने जा सकते हैं, और जल से घिरे छोटे भूखंड द्वीप कहलाते हैं। महासागर वर्षा और ऑक्सीजन देते हैं, आपदाएँ भी लाते हैं, और उन्हें बचाना हम सबका दायित्व है। अध्याय इसी क्रम में चलता है, और छह कालांश भी।

सारे पृष्ठ 2026-27 में छपी किताब के हैं। उद्धरण-चिह्न सिर्फ़ किताब के अपने शब्दों पर लगे हैं, उसी वर्तनी में जो किताब में छपी है; वे किस पृष्ठ के हैं, यह हर कार्ड की पहली पंक्ति में लिखा है। जो बात किताब की नहीं, हमारी अपनी है, उसके साथ हमारी ओर से लिखा है; जो जोड़ हमने किया है, उसके साथ हमारा हिसाब; और पृष्ठ 36 के आरेख में वर्गों की जो गिनती हमने की है, उसके साथ हमारी गिनती।

एक नज़र में — 6 कालांश और उनकी सामग्री

छह कालांश, एक सीढ़ी

कालांश 1नीला ग्रह, और जल के दो प्रकारतीन-चौथाई जल, पर पीने लायक बहुत थोड़ा
कालांश 2पाँच महासागरपाँच नाम, पर जल आपस में जुड़ा
कालांश 3हिंद महासागर, और आपदाएँदो समुद्र, वर्षा, चक्रवात और सुनामी
कालांश 4महाद्वीप और द्वीपचार से सात तक की गिनती, और लाखों द्वीप
कालांश 5महासागर और जीवन, और हमारा दायित्ववर्षा, ऑक्सीजन, और पहले दिन के दो प्रश्न
कालांश 6मूल्यांकन: किताब की प्रश्नावलीतीन शब्द, दो मानचित्र, एक वर्ग पहेली
हर कालांश के पृष्ठ, स्लाइड और बाक़ी सामग्री नीचे की तालिका में।
कालांश और टॉपिकपृष्ठस्लाइडइंटरैक्टिवप्रश्न बैंकफ़्लैशकार्ड
1 · नीला ग्रह, और जल के दो प्रकार27–31शुरू की तीन स्लाइड, फिर इसी नाम वाला हिस्साशुरुआत, नीला ग्रह, खारा जल, मीठा जलक1–3 · ख1–2 · ग1, ग3 · घ1, घ6 · ङ51–12
2 · पाँच महासागर30–32इसी नाम वाला हिस्सापाँच नाम, एक महासागरक4–5 · ख3 · ग2 · घ3, घ7 · ङ6 · छ213–20
3 · हिंद महासागर, और आपदाएँ33–34इसी नाम वाला हिस्सापाँच नाम, एक महासागर का हिंद महासागर वाला अंत, चक्रवात और सुनामीक6–8 · ख4 · ग5 · घ4, घ8 · ङ2–3 · च2 · छ521–32
4 · महाद्वीप और द्वीप34–37इसी नाम वाला हिस्सामहाद्वीप कितने हैं?, द्वीप और अंटार्कटिकाक9–14 · ख5–6 · ग4, ग6 · घ2, घ5 · ङ1, ङ4 · छ3–433–48
5 · महासागर और जीवन, और हमारा दायित्व37–38इसी नाम वाला हिस्सामहासागर और जीवनक15 · ख7–8 · च1, च3–449–53
6 · मूल्यांकन: किताब की प्रश्नावली39–40इसी नाम वाला हिस्सासार और वर्ग पहेलीछ1पूरे 53

प्रश्न बैंक के कोड ऐसे पढ़िए: क1 मतलब खंड क (वस्तुनिष्ठ प्रश्न) का प्रश्न 1। ख रिक्त स्थान है, ग सही/ग़लत, घ अति लघूत्तरीय, ङ लघूत्तरीय, च दीर्घ उत्तरीय, और छ मानचित्र और क्रियाकलाप। फ़्लैशकार्ड वाले खाने में कार्डों के नंबर हैं। प्रश्न बैंक और फ़्लैशकार्ड को कालांशों में बाँटना हमारी ओर से है।

पढ़ाने से पहले

तैयारी

हिस्सा या औज़ारयह क्या हैकैसे तैयार करें
किताबहर कार्ड की पहली पंक्ति में उस कालांश के पृष्ठ लिखे हैं।वे पृष्ठ एक दिन पहले ख़ुद पढ़ लीजिए। कार्ड में उद्धरण-चिह्नों वाली पंक्तियाँ किताब में ढूँढकर पेंसिल से निशान लगा लीजिए, ताकि बच्चों से वहीं से पढ़वा सकें।
स्लाइडशुरू की तीन स्लाइड, फिर छह हिस्से, हर कालांश का एक हिस्सा। स्लाइड शो पर्दे पर चलाने के लिए है, और स्लाइड का पाठ पढ़कर तैयारी के लिए।प्रोजेक्टर न हो तो भी कालांश चलेगा: हर चरण किताब, बोर्ड और चार्ट पेपर से हो सकता है। स्लाइड का पाठ एक बार पढ़ लीजिए; उसके सवाल कक्षा में मौखिक पूछे जा सकते हैं।
इंटरैक्टिव अध्यायइंटरैक्टिव अध्याय में बच्चे ख़ुद खारे और मीठे जल को छाँटते, हिंद महासागर के चारों ओर की भूमि पहचानते, चक्रवात और सुनामी को अलग करते, महाद्वीपों को जोड़कर गिनती बदलते और वर्ग गिनते हैं। हर कार्ड में उसके हिस्से की सीधी कड़ी है।एक बार पूरा ख़ुद चलाकर देखिए। प्रोजेक्टर हो तो कक्षा में चलाइए; न हो तो बच्चों को घर पर फ़ोन पर खोलने के लिए कहिए।
लक्ष्यकालांश के अंत तक हर विद्यार्थी क्या कर पाए।कालांश के बीच में एक बार लक्ष्य फिर पढ़िए और देखिए कि कक्षा उस ओर जा रही है या नहीं।
साथ ले जाइएउस दिन कक्षा में लगने वाली चीज़ें।एक दिन पहले जुटा लीजिए; पूरी सूची नीचे सामग्री वाली तालिका में है।
40 मिनटमिनट-दर-मिनट चरण। हर चरण के आगे लिखा है कि वह कितने मिनट से कितने मिनट तक है।कोई चरण लंबा खिंचे तो भी आख़िरी चरण मत छोड़िए; उसी में निकास-पर्ची है। समय कम पड़े तो बीच का कोई चरण छोटा कीजिए।
चित्रकिताब के चित्रों के आधार पर हमारे बनाए चित्र: चित्र 2.2, 2.3 और 2.4, पृष्ठ 36 के वर्ग, और पृष्ठ 40 की वर्ग पहेली; साथ में बक्सों वाले चित्र। चित्र 2.1 (अंतरिक्ष से दिखती पृथ्वी), पृष्ठ 30 के समुद्री जीवन के फ़ोटो और पृष्ठ 35 के ओलंपिक छल्ले यहाँ दोबारा नहीं बनाए गए; उनके लिए बच्चे किताब खोलें।कार्ड के चित्र एक दिन पहले देख लीजिए। प्रोजेक्टर न हो तो बच्चे वही चित्र किताब में देखेंगे; कार्ड हर बार बताता है कि किताब का कौन-सा चित्र खुलवाना है।
बोर्ड-कार्यकालांश के अंत तक बोर्ड पर क्या बना होना चाहिए।बोर्ड दूसरे शिक्षक भी इस्तेमाल करते हैं, इसलिए बोर्ड की हर बात उसी कालांश में कॉपी में उतरवाइए। जो बात कई दिन दिखनी है, वह चार्ट पेपर पर लिखकर दीवार पर टाँगिए।
यहाँ बच्चे अटकेंगेवे जगहें जहाँ बच्चे अक्सर ग़लती करते हैं, और कमज़ोर और तेज़ विद्यार्थियों के लिए सुझाव।कालांश से पहले पढ़ लीजिए, ताकि ग़लती आते ही पहचान लें।
निकास-पर्चीआख़िरी चार मिनट में एक-दो छोटे सवाल। हर विद्यार्थी पुरानी कॉपी के कागज़ की पर्ची पर उत्तर लिखकर कक्षा से जाते समय आपको देता है।पर्चियाँ उसी दिन देख लीजिए। यह जाँच आपके अपने लिए है: पता चलता है कि अगले कालांश की शुरुआत में किन बच्चों के साथ क्या फिर से करना है।
प्रश्न बैंकप्रश्न बैंक के सात खंड हैं, क से छ तक; कोड पढ़ने का तरीका ऊपर तालिका के नीचे है।गृहकार्य के कोड कार्ड में दिए हैं। उत्तर प्रश्न बैंक में ही हैं।
फ़्लैशकार्डफ़्लैशकार्ड के 53 कार्ड, छह सेट में। किस कालांश के बाद कौन-से कार्ड, यह ऊपर की तालिका में है।बच्चे घर पर दोहराएँ; अगले कालांश की शुरुआत में दो-तीन कार्ड मौखिक पूछ लीजिए।

हर कालांश से पहले

  1. आज का कार्ड पूरा पढ़िए, फिर किताब के वे पृष्ठ।
  2. साथ ले जाइए वाली चीज़ें जुटाइए।
  3. पिछले कालांश की निकास-पर्चियाँ देखिए, और जिन बच्चों को कोई बात फिर समझानी है उनके नाम लिख लीजिए।
  4. देख लीजिए कि दो प्रश्नों वाला चार्ट और विश्व की रूपरेखा वाला चार्ट दीवार पर टँगे हैं।

सामग्री — यह जुटा लीजिए

#क्याकिस कालांश में
1ग्लोब, अगर विद्यालय में हो। न हो तो किताब का चित्र 2.1 और हमारा चित्र 2.3 काफ़ी हैं।1, 2, 3, 4
2एक गिलास पानी, एक चुटकी नमक और एक चम्मच1
3चार्ट पेपर (तीन) और मोटा स्केच पेन: एक पर किताब के दो प्रश्न, एक पर विश्व की रूपरेखा, एक पर पाँचों महासागर बड़े से छोटे क्रम में1, 2
4रंगीन चॉक; नीली और सफ़ेद हो तो अच्छाहर कालांश
5बच्चों की अपनी रंगीन पेंसिलें4, 6
6एक ख़ाली प्लास्टिक की बोतल5
7निकास-पर्ची के लिए पुरानी कॉपियों के कागज़हर कालांश

कक्षा-व्यवस्था

  • बच्चों को चार-चार के समूहों में बैठाइए, पूरे अध्याय भर वही समूह। किताब भी चित्र 2.2 वाले एक सवाल (उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में जल और भूमि का अनुपात) पर समूह में चर्चा करने को कहती है।
  • दो प्रश्न चार्ट पर. किताब अध्याय की शुरुआत दो महत्वपूर्ण प्रश्नों से करती है। ये दोनों चार्ट पेपर पर बड़े अक्षरों में लिखकर कक्षा की दीवार पर टाँगिए; कालांश 5 के अंत में इन्हीं के उत्तर लिखे जाएँगे। चार्ट टाँगना संभव न हो तो हर कालांश की शुरुआत में इन्हें बोर्ड के कोने में फिर लिख दीजिए।
  • कॉपी का पहला पन्ना. हर विद्यार्थी अध्याय की कॉपी के पहले पन्ने पर यही दो प्रश्न लिखे, और हर प्रश्न के नीचे छह-सात पंक्तियाँ ख़ाली छोड़े। कालांश 1 से 5 तक जो सीखें, उसका एक-एक वाक्य यहाँ जुड़ता जाएगा।
  • विश्व की रूपरेखा चार्ट पर. कालांश 2 से पहले किताब के चित्र 2.3 को देखकर चार्ट पेपर पर सात महाद्वीपों की मोटी रूपरेखा बना लीजिए, बीच में भूमध्य रेखा की टूटी रेखा के साथ, पर बिना किसी नाम के। कालांश 2 में इस पर महासागरों के नाम चिपकेंगे, कालांश 3 में भारत के दोनों समुद्र, कालांश 4 में महाद्वीपों के नाम, और कालांश 6 में यही चार्ट प्रश्न 3 की जाँच में काम आएगा। आकार ठीक न बने तो चिंता मत कीजिए; किताब का अपना मानचित्र भी पैमाने पर नहीं है। (हमारी ओर से)
  • बोर्ड हर कालांश में नया. हर कार्ड का बोर्ड-कार्य उसी कालांश में बनता है और कॉपी में उतरता है।

अधिगम प्रतिफल

#प्रतिफलकालांशजाँच
1बता पाएगा कि पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा है और भूमि लगभग एक-चौथाई पर है, और उत्तरी गोलार्ध में भूमि ज़्यादा है।1चित्र 2.2 पर समूह के उत्तर
2लवणीय और अलवणीय जल का अंतर बताकर समझा पाएगा कि जल बहुत होते हुए भी जल संकट की बात क्यों होती है।1निकास-पर्ची 1
3पाँचों महासागरों के नाम बड़े से छोटे क्रम में बताकर मानचित्र पर पहचान पाएगा, और बता पाएगा कि वे आपस में जुड़े हैं।2निकास-पर्ची 2; प्रश्न बैंक छ2
4हिंद महासागर के चारों ओर की भूमि, और भारत के पश्चिम और पूर्व के समुद्र मानचित्र पर दिखा पाएगा।3प्रश्न बैंक छ5
5चक्रवात और सुनामी का अंतर बता पाएगा, और यह भी कि सुनामी से बचाव के लिए किताब कौन-सी व्यवस्था बताती है।3निकास-पर्ची 3
6समझा पाएगा कि महाद्वीपों की गिनती चार से सात तक क्यों हो सकती है, और सातों महाद्वीपों के नाम ले पाएगा।4वर्गों वाली गतिविधि; प्रश्न बैंक छ3
7द्वीप और महाद्वीप का अंतर बता पाएगा, और भारत के दो द्वीप समूह मानचित्र पर दिखा पाएगा।3, 4निकास-पर्ची 4
8महासागर हमें क्या देते हैं और उन्हें हमसे क्या ख़तरा है, दो-दो बातें बता पाएगा।5निकास-पर्ची 5
9विश्व के ख़ाली मानचित्र में सात महाद्वीप और पाँच महासागर लिख पाएगा।6किताब का प्रश्न 3

कालांश-दर-कालांश

कालांश 1 — नीला ग्रह, और जल के दो प्रकार

किताब — पृष्ठ 27–31 · स्लाइड — शुरू की तीन स्लाइड, फिर इसी नाम वाला हिस्सा · इंटरैक्टिव — शुरुआत, नीला ग्रह, खारा जल, मीठा जल

लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी बता पाए कि पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा है, इसीलिए उसे नीला ग्रह कहा गया; महासागर, भूखंड और महाद्वीप का अर्थ बता पाए; चित्र 2.2 देखकर बता पाए कि किस गोलार्ध में जल ज़्यादा है; और लवणीय और अलवणीय जल का अंतर समझा पाए।

साथ ले जाइए — दो प्रश्नों वाला चार्ट, ग्लोब (न हो तो किताब का चित्र 2.1), एक गिलास पानी, एक चुटकी नमक और एक चम्मच, नीली और सफ़ेद चॉक, निकास-पर्ची के कागज़।

40 मिनट

  1. 0–5 मिनट · जूल्स वर्न और दो प्रश्न. अध्याय के पहले पन्ने पर जूल्स वर्न की पंक्ति एक बच्चे से पढ़वाइए: “महासागर ही सब कुछ है। यह पृथ्वी के 7/10 वें भाग पर व्याप्त है।” फिर दीवार पर टँगे चार्ट से किताब के दो महत्वपूर्ण प्रश्न पढ़िए: “महासागर एवं महाद्वीप क्या हैं? उनके नाम क्या हैं एवं उनका वितरण कैसा है?” और “महासागर एवं महाद्वीप पृथ्वी पर जीवन को, जिसमें मानव जीवन भी सम्मिलित है, किस प्रकार प्रभावित करते हैं?” बताइए कि कालांश 5 के अंत में हम इन्हीं के उत्तर लिखेंगे।
  2. 5–11 मिनट · नीला ग्रह. ग्लोब हर समूह के पास से घुमाइए; ग्लोब न हो तो सब किताब में चित्र 2.1 देखें। पूछिए: सबसे ज़्यादा कौन-सा रंग दिखता है? फिर पढ़वाइए: “वास्तव में पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है।” और “आरंभिक अंतरिक्ष यात्रियों ने स्नेहपूर्वक पृथ्वी को ‘नीला ग्रह’ कहकर पुकारा।” चित्र 2.1 वाले पृथ्वी के चित्र में दिखते भूरे रंग के बारे में किताब कहती है: “यह भूमि का रंग है, जो ग्लोब के लगभग एक-चौथाई भाग पर फैला हुआ है।” बोर्ड पर एक गोला बनाकर चार बराबर हिस्सों में बाँटिए, तीन हिस्से नीली चॉक से भरिए और एक ख़ाली छोड़कर उस पर “भूमि” लिखिए (हमारी ओर से)। हमारा हिसाब: वर्न के 7/10 का मतलब 100 में 70, और तीन-चौथाई का मतलब 100 में 75; दोनों पास-पास हैं, पर उत्तर में किताब का अपना शब्द तीन-चौथाई लिखवाइए।
  3. 11–16 मिनट · तीन शब्द. पढ़वाइए: “ग्लोब पर हम जो सबसे बड़ी जलराशियाँ देखते हैं, उन्हें ‘महासागर’ कहते हैं।” और “भूमि के एक बड़े भाग को ‘भूखंड’ कहते हैं एवं भूमि के एक बड़े निरंतर विस्तार को ‘महाद्वीप’ कहा जाता है।” पूछिए कि “निरंतर” का क्या मतलब है; बच्चे लगातार, बिना टूटे जैसे मतलब तक पहुँच जाएँ, तो काफ़ी है। फिर किताब का बॉक्स पढ़िए: भारतीय नौसेना का आदर्श वाक्य ‘शं नो वरुण:’ है, जिसका अर्थ है “हे वरुण! हमारे लिए कल्याणकारी हों”। पूछिए: समुद्र पर काम करने वाले लोग समुद्र से कल्याण की प्रार्थना क्यों करते होंगे? दो-तीन उत्तर सुनकर आगे बढ़िए।
  4. 16–24 मिनट · चित्र 2.2, समूह में. समूह किताब में चित्र 2.2 खोलें; एक ही मानचित्र दो ओर से है, बाएँ उत्तर ध्रुव के ऊपर से और दाएँ दक्षिण ध्रुव के ऊपर से। पढ़िए: “जैसा कि हम देखते हैं, महासागर और महाद्वीप उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में समान रूप से वितरित नहीं हैं।” अब किताब की गतिविधि के चार सवाल समूहों में बाँट दीजिए। पहला: गोल रेखाएँ और ध्रुवों पर मिलती रेखाएँ क्या हैं? (अध्याय 1 से: अक्षांश और देशांतरीय याम्योत्तर।) दूसरा: “किस गोलार्ध में अधिक जल है?” (दक्षिणी।) तीसरा: हर गोलार्ध में भूमि और जल कितना-कितना है; किताब यहाँ “समूह में चर्चा कीजिए।” कहती है और कोई संख्या नहीं देती, इसलिए इतना कहना काफ़ी है कि उत्तरी गोलार्ध में भूमि ज़्यादा है। चौथा: “क्या सभी महासागर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं या उनके बीच कोई विभाजन है?” इसका उत्तर अभी मत बताइए; हर समूह अपना अनुमान कॉपी में लिख ले, कालांश 2 इसी से आगे बढ़ेगा।
  5. 24–30 मिनट · नमक वाला गिलास. (हमारी ओर से) बच्चों के सामने गिलास के पानी में एक चुटकी नमक घोलिए और पूछिए: प्यास लगे तो क्या यह पानी पिएँगे? एक बच्चा साफ़ चम्मच से एक बूँद चखकर बताए। फिर पढ़वाइए: “पृथ्वी पर उपलब्ध जल का अधिकांश भाग महासागरों में है, परंतु यह जल लवणीय (खारा) है एवं मानव सहित बहुत से स्थलीय जीवों के उपभोग के लिए अनुपयोगी है।” और “दूसरी ओर अलवणीय जल (पेय जल) का पृथ्वी के जल संसाधनों में अत्यल्प हिस्सा है।” वह मिलता कहाँ है: “यह हिमनद (ग्लेशियर), नदियों, झीलों, वायुमंडल एवं भूमिगत जल के रूप में व्याप्त है।” बोर्ड पर दो स्तंभ बनाइए। “अत्यल्प” का अर्थ बता दीजिए: बहुत ही थोड़ा।
  6. 30–36 मिनट · जल संकट क्यों? किताब के “आइए विचार करें” का पहला प्रश्न समूहों से करवाइए: “जब पृथ्वी पर जल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, फिर भी ‘जल की कमी’ अथवा ‘जल संकट’ की इतनी चर्चा क्यों सुनाई देती है?” हर समूह एक वाक्य बोले। जिस उत्तर में दोनों बातें हों, उसे बोर्ड पर लिखिए: ज़्यादातर जल खारा है, और पीने लायक जल बहुत थोड़ा है। फिर दूसरा प्रश्न पढ़कर सुनाइए, “जल संरक्षण के कौन-कौन से उपायों से आप अवगत हैं? इनमें से किसका उपयोग आपने अपने घर, विद्यालय, गाँव, उपनगरों एवं नगरों में होते देखा है?”, और बताइए कि यह एक हफ़्ते का काम है (गृहकार्य देखिए)। अंत में बच्चे कॉपी के पहले पन्ने पर, पहले प्रश्न के नीचे, आज की एक पंक्ति जोड़ें: महासागर और महाद्वीप क्या हैं।
  7. 36–40 मिनट · निकास-पर्ची. पर्ची पर: पृथ्वी का कितना भाग जल से घिरा है? लवणीय और अलवणीय जल में एक अंतर लिखिए।

चित्र 2.2: दोनों ध्रुवों के ऊपर से पृथ्वी (चरण 4)

उत्तर ध्रुवदक्षिण ध्रुव
चित्र 2.2 — उत्तर ध्रुव (बाएँ) एवं दक्षिण ध्रुव (दाएँ) के ऊपर से दिखता पृथ्वी का मानचित्रकिताब के पृष्ठ 29 के चित्र 2.2 के आधार पर हमारा बनाया चित्र

पृथ्वी का जल (चरण 5 और 6)

पृथ्वी का जल, दो प्रकार

लवणीय (खारा) जलपृथ्वी का अधिकांश जल, महासागरों मेंमनुष्य और बहुत से स्थलीय जीवों के उपभोग के लिए अनुपयोगी
अलवणीय जल (पेय जल)जल संसाधनों का अत्यल्प हिस्साहिमनद, नदियों, झीलों, वायुमंडल और भूमिगत जल में
जल संकटजल बहुत है, फिर भी जल की कमी की चर्चा क्यों?आइए विचार करें, पहला प्रश्न
NCERT, पृष्ठ 31

बोर्ड-कार्य

  • बीच में: चार हिस्सों वाला गोला, तीन नीले और एक भूमि; नीचे “नीला ग्रह”।
  • बाईं ओर: तीन शब्द और उनके अर्थ, महासागर, भूखंड और महाद्वीप।
  • दाईं ओर: दो स्तंभ, लवणीय (खारा) जल और अलवणीय (पेय) जल; हर स्तंभ में वह कहाँ मिलता है।
  • कोने में: अगला सवाल, क्या सारे महासागर आपस में जुड़े हैं?
  • यह सब उसी कालांश में कॉपी में उतरवाइए।

यहाँ बच्चे अटकेंगे

  • इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो खारे और मीठे जल वाली छँटाई नमक वाले गिलास के बाद चलाइए, उसकी जगह नहीं। चखी हुई बूँद बच्चे ज़्यादा याद रखते हैं।
  • बच्चे वर्न का 7/10 और किताब का तीन-चौथाई एक ही बात मान लेते हैं और उत्तर में 7/10 लिख देते हैं। 7/10 वर्न के उद्धरण में है; किताब का अपना वाक्य तीन-चौथाई कहता है।
  • कई बच्चे मान लेते हैं कि दोनों गोलार्धों में भूमि बराबर है। चित्र 2.2 के दोनों गोले साथ रखकर पूछिए: किसमें नीला ज़्यादा है?
  • बच्चों को भूखंड और महाद्वीप एक जैसे लगते हैं। बोर्ड पर दोनों परिभाषाएँ एक के नीचे एक लिखकर “निरंतर विस्तार” पर गोला लगाइए: महाद्वीप भूमि का बड़ा और लगातार फैला हुआ हिस्सा है।
  • कुछ बच्चे सोचते हैं कि पेय जल केवल नदियों और कुओं में है। किताब की पाँचों जगहें गिनवाइए: हिमनद, नदियाँ, झीलें, वायुमंडल और भूमिगत जल।
  • कमज़ोर विद्यार्थी बस दो बातें पक्की करें: पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल है, और उसमें से ज़्यादातर खारा है।
  • तेज़ विद्यार्थी परख प्रश्न के भाग ख का प्रश्न 1 करें, जिसमें वर्न के 7/10 और किताब के तीन-चौथाई की तुलना है।

निकास-पर्ची और गृहकार्य

  • निकास-पर्ची (चरण 7): तीन-चौथाई, और लवणीय और अलवणीय जल का एक अंतर। जिनकी पर्ची में खारे और पेय जल की बात उलटी है, उनसे कालांश 2 की शुरुआत में मौखिक पूछिए।
  • गृहकार्य: कॉपी के पहले पन्ने पर किताब के दो प्रश्न लिखिए, हर एक के नीचे छह-सात पंक्तियाँ ख़ाली छोड़कर। किताब के “आइए विचार करें” का दूसरा प्रश्न परख प्रश्न के भाग घ की परियोजना 2 की तरह कीजिए: एक हफ़्ते तक घर, विद्यालय और गाँव में पानी बचाने के तरीके देखिए और तीन खानों की तालिका बनाइए; यह कालांश 5 तक जमा होगी। प्रश्न बैंक से घ1, घ6 और ङ5।
  • दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 1–12।

कालांश 2 — पाँच महासागर

किताब — पृष्ठ 30–32 · स्लाइड — इसी नाम वाला हिस्सा · इंटरैक्टिव — पाँच नाम, एक महासागर

लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी पाँचों महासागरों के नाम बड़े से छोटे क्रम में बता पाए और मानचित्र पर दिखा पाए, समझा पाए कि महासागर आपस में जुड़े हैं और उनकी सीमाएँ लोगों ने तय की हैं, और बता पाए कि कौन-सा महासागर किस गोलार्ध में है।

साथ ले जाइए — विश्व की रूपरेखा वाला चार्ट और मोटा स्केच पेन, ग्लोब, रंगीन चॉक, निकास-पर्ची के कागज़।

40 मिनट

  1. 0–4 मिनट · पिछली पर्चियाँ. कालांश 1 की पर्चियों में जिन बच्चों ने खारे और पेय जल की बात उलटी लिखी थी, उनसे मौखिक पूछिए। फ़्लैशकार्ड 1–12 में से दो कार्ड मौखिक पूछिए।
  2. 4–11 मिनट · पाँच नाम. समूह किताब में चित्र 2.3 खोलें; पहले उसके नीचे लिखी पंक्ति पढ़वाइए: “मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।” फिर एक-एक करके पाँचों महासागर ढूँढिए: प्रशांत, अटलांटिक, हिंद, दक्षिणी और आर्कटिक। जो बच्चा जिस महासागर को सबसे पहले ढूँढे, वही दीवार वाले रूपरेखा चार्ट पर स्केच पेन से उसका नाम लिखे।
  3. 11–17 मिनट · नाव वाला सवाल. (हमारी ओर से) चित्र 2.3 पर हिंद और प्रशांत महासागर के बीच की लकीर पर उँगली रखिए और पूछिए: नाव लेकर ठीक यहाँ पहुँच जाएँ, तो पानी में क्या दिखेगा? बच्चे हँसकर कहेंगे कि कुछ नहीं; वही उत्तर है। अब किताब की पंक्ति पढ़वाइए: “ये वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं।” और सीमाओं के बारे में: “प्राकृतिक जगत ऐसी किन्हीं भी सीमाओं का पालन नहीं करता है।” किताब के शब्दों में यह सीमांकन “प्रचलन से अधिक कुछ नहीं” है। हमारी ओर से आसान शब्दों में: ये सीमाएँ लोगों ने अपनी सुविधा के लिए तय की हैं। हर समूह कालांश 1 में लिखा अपना अनुमान देखे और सही करे।
  4. 17–23 मिनट · समुद्री जीवन. किताब बताती है कि समुद्री जल एक महासागर से दूसरे में बहता रहता है, और इससे समुद्री जीवन समृद्ध होता है। पढ़वाइए: “अनेक प्रकार के पौधों एवं जीव-जंतुओं की विभिन्न प्रजातियाँ इन महासागरों में पाई जाती हैं।” बोर्ड पर दो सूचियाँ: वनस्पति में छोटे पौधे और समुद्री शैवाल; प्राणियों में रंगीन मछलियाँ, डॉल्फिन और ह्वेल। फिर समूह किताब में “समुद्री जीवन” वाले फ़ोटो देखें और बताएँ कि इनमें से किसे उन्होंने पहले कहीं देखा है या जिसके बारे में सुना है।
  5. 23–32 मिनट · कौन-सा महासागर किस गोलार्ध में? किताब का काम पढ़िए: “नीचे दी गई तालिका में बताइए कि पाँच महासागर किस गोलार्ध अथवा गोलार्धों में अवस्थित हैं।” चित्र 2.3 पर भूमध्य रेखा की टूटी रेखा दिखाइए; उसके ऊपर उत्तरी गोलार्ध, नीचे दक्षिणी। समूह तालिका कॉपी में भरें। किताब तालिका ख़ाली छोड़ती है; मिलाने के लिए ये उत्तर हमारे हैं: प्रशांत, अटलांटिक और हिंद, तीनों दोनों गोलार्धों में; दक्षिणी महासागर केवल दक्षिणी गोलार्ध में; आर्कटिक केवल उत्तरी गोलार्ध में।
  6. 32–36 मिनट · बड़े से छोटे. किताब के क्रम से पाँचों नाम बोर्ड पर लिखिए: प्रशांत, अटलांटिक, हिंद, दक्षिणी, आर्कटिक; और पढ़वाइए: “सबसे छोटा महासागर आर्कटिक है।” यही क्रम तीसरे चार्ट पेपर पर बड़े अक्षरों में लिखकर दीवार पर टाँगिए। किताब यह क्रम “मानचित्र में देखने पर” बताती है। हमारी ओर से एक सावधानी: उसी मानचित्र पर लिखा है कि वह पैमाने पर आधारित नहीं है, इसलिए बच्चे क्रम नापकर नहीं, किताब के वाक्यों से याद रखें।
  7. 36–40 मिनट · निकास-पर्ची. पर्ची पर: पाँचों महासागर बड़े से छोटे क्रम में लिखिए। एक वाक्य में बताइए: क्या महासागर एक-दूसरे से अलग हैं?

चित्र 2.3: पाँच महासागर और महाद्वीप (चरण 2, 3 और 5)

प्रशांतमहासागरप्रशांतमहासागरअटलांटिकमहासागरहिंदमहासागरआर्कटिक महासागरदक्षिणी महासागरउत्तरीअमेरिकादक्षिणीअमेरिकायूरोपएशियाअफ्रीकाआस्ट्रेलियाअंटार्कटिका
चित्र 2.3 — पाँच महासागरों, उनकी पारंपरिक सीमाओं और महाद्वीपों को प्रदर्शित करता हुआ विश्व का मानचित्रकिताब के पृष्ठ 32 के चित्र 2.3 के आधार पर हमारा बनाया चित्र · भूमि: Natural Earth

बोर्ड-कार्य

  • बीच में: पाँचों महासागर, बड़े से छोटे क्रम में।
  • बाईं ओर: गोलार्ध वाली तालिका, तीन स्तंभों में: महासागर, उत्तरी, दक्षिणी।
  • दाईं ओर: “ये वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं।” और उसके नीचे किताब का शब्द “प्रचलन”, साथ में हमारा आसान मतलब: सीमाएँ लोगों ने तय कीं; फिर समुद्री वनस्पति और प्राणियों की दो छोटी सूचियाँ।
  • कोने में: अगला सवाल, भारत के दोनों ओर कौन-से समुद्र हैं?
  • यह सब उसी कालांश में कॉपी में उतरवाइए। महासागरों के नाम दीवार वाले चार्ट पर रहेंगे।

यहाँ बच्चे अटकेंगे

  • इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो आज उसके “पाँच नाम, एक महासागर” हिस्से का पहला भाग ही चलाइए। उसी हिस्से के अंत में हिंद महासागर के चारों ओर की भूमि और भारत का मानचित्र है; वह कालांश 3 के लिए रखिए।
  • चित्र 2.3 में प्रशांत महासागर दोनों किनारों पर दिखता है, इसलिए कुछ बच्चे छह महासागर गिन लेते हैं। ग्लोब घुमाकर दिखाइए कि दोनों किनारे एक ही महासागर के हैं।
  • हिंद महासागर का ज़्यादातर हिस्सा चित्र में भूमध्य रेखा के नीचे दिखता है, इसलिए बच्चे उसे केवल दक्षिणी गोलार्ध में लिख देते हैं। याद दिलाइए कि भारत उत्तरी गोलार्ध में है और अरब सागर और बंगाल की खाड़ी उसके दोनों ओर हैं, इसलिए हिंद महासागर दोनों गोलार्धों में है।
  • कुछ बच्चे मानचित्र पर आकार देखकर महासागरों का क्रम बनाने लगते हैं। मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है; क्रम किताब के वाक्यों से लीजिए।
  • कमज़ोर विद्यार्थी पहले पाँचों नाम पक्के करें, फिर चित्र 2.3 पर हर नाम पर उँगली रखना।
  • तेज़ विद्यार्थी परख प्रश्न के भाग ख का प्रश्न 2 करें, जिसमें एक पुरानी किताब चार महासागर गिनाती है।

निकास-पर्ची और गृहकार्य

  • निकास-पर्ची (चरण 7): पाँचों महासागर क्रम से, और महासागर जुड़े हुए हैं, यह एक वाक्य। जिनका क्रम गड़बड़ है या जो महासागरों को अलग-अलग लिखते हैं, उनसे कालांश 3 की शुरुआत में मौखिक पूछिए।
  • गृहकार्य: प्रश्न बैंक से घ3, घ7 और ङ6। पानी बचाने के तरीकों वाली तालिका जारी रखिए।
  • दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 13–20।

कालांश 3 — हिंद महासागर, और आपदाएँ

किताब — पृष्ठ 33–34 · स्लाइड — इसी नाम वाला हिस्सा · इंटरैक्टिव — पाँच नाम, एक महासागर का हिंद महासागर वाला अंत, चक्रवात और सुनामी

लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी मानचित्र पर हिंद महासागर के चारों ओर की भूमि और भारत के दोनों ओर के समुद्र दिखा पाए, बता पाए कि भारत की मानसूनी वर्षा महासागरों से आती है, और चक्रवात और सुनामी का अंतर बता पाए।

साथ ले जाइए — विश्व की रूपरेखा वाला चार्ट और स्केच पेन, ग्लोब, रंगीन चॉक, निकास-पर्ची के कागज़।

40 मिनट

  1. 0–4 मिनट · पिछली पर्चियाँ. कालांश 2 की पर्चियों से जिनका क्रम गड़बड़ था, उनसे पाँचों महासागर फिर बुलवाइए। फ़्लैशकार्ड 13–20 में से दो कार्ड मौखिक पूछिए।
  2. 4–12 मिनट · हिंद महासागर, चारों ओर. किताब का बॉक्स पढ़वाइए: “हिंद महासागर का विस्तार उत्तर में एशिया, पश्चिम में अफ्रीका, पूर्व में आस्ट्रेलिया एवं दक्षिण में दक्षिणी महासागर तक है।” चार बच्चे दीवार वाले चार्ट पर एक-एक दिशा की भूमि या महासागर पर उँगली रखें। फिर समूह किताब में चित्र 2.4 खोलें: भारत के “पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी” हैं, दोनों हिंद महासागर के भाग। ये दोनों नाम चार्ट पर भारत के दोनों ओर लिखवाइए। चित्र 2.4 में भारत के दो द्वीप समूह भी दिखते हैं; उनकी बात कालांश 4 में होगी।
  3. 12–18 मिनट · बादल और वर्षा. सब फिर चित्र 2.1 देखें और बताएँ कि सफ़ेद आकृतियाँ क्या हैं। किताब कहती है: “वे बादलों के विशाल समूह हैं। ये बादल महाद्वीपों में वर्षा लाते हैं।” और “उदाहरण के लिए, भारत में होने वाली अपेक्षित मानसूनी वर्षा महासागरों से उत्पन्न होती है।” साथ में: “इस वर्षा के अभाव में हमारी कृषि और पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा।” (हमारी ओर से) पूछिए: हमारे गाँव के खेत किस वर्षा की राह देखते हैं, और वह पानी कहाँ से चलकर आता है?
  4. 18–24 मिनट · चक्रवात. किताब बताती है कि महासागर तूफ़ानों को भी जन्म देते हैं, जैसे “अति प्रचंड हवाएँ जैसे कि चक्रवात”, और ये तटीय क्षेत्रों में दूर-दूर तक नुकसान पहुँचाते हैं। बोर्ड पर दो स्तंभ बनाइए, चक्रवात और सुनामी, और पहला स्तंभ भरिए: समुद्र से उठता तूफ़ान, बहुत तेज़ हवाएँ, तटों पर नुकसान।
  5. 24–31 मिनट · सुनामी और 2004. किताब के अनुसार सुनामी की विशाल और शक्तिशाली तरंगें “महासागर तल में तीव्र भूकंप अथवा ज्वालामुखी के फटने के कारण आती हैं।” और “सुनामी हजारों किलोमीटर तक जाकर तटीय क्षेत्रों को डुबा सकती है”। फिर 2004 वाला बॉक्स शांत आवाज़ में एक बार पढ़िए: “इंडोनेशिया में आए भूकंप के कारण” आई सुनामी से “भारत और अन्य 13 देश” प्रभावित हुए, और “दो लाख से अधिक लोगों की जान गई।” किताब के अनुसार भारत में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु और केरल के तटीय क्षेत्र इससे भीषण रूप से प्रभावित हुए। दूसरा स्तंभ भरिए: महासागर तल का भूकंप या ज्वालामुखी, विशाल तरंगें, दूर तक जाकर तट डुबा सकती है।
  6. 31–36 मिनट · पहले से चेतावनी. किताब का भरोसा दिलाने वाला वाक्य पढ़वाइए: “हालाँकि तट से टकराने से पहले इसका अनुमान लगाया जा सकता है।” किताब बताती है कि भारत समेत बहुत से देश ‘हिंद महासागर सुनामी चेतावनी प्रणाली’ में सहयोग कर रहे हैं, और भारत में सभी प्रकार की आपदाओं के लिए ‘राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण’ है। बोर्ड के सुनामी स्तंभ में अंत में जोड़िए: पहले से अनुमान, चेतावनी प्रणाली।
  7. 36–40 मिनट · निकास-पर्ची. पर्ची पर: चक्रवात और सुनामी में एक अंतर लिखिए। सुनामी से पहले चेतावनी देने वाली प्रणाली का नाम लिखिए।

चित्र 2.4: भारत के दोनों ओर के समुद्र (चरण 2)

भारतअरबसागरबंगाल कीखाड़ीहिंद महासागरलक्षद्वीपद्वीप समूहअंडमान औरनिकोबारद्वीप समूहउत्तर
चित्र 2.4 — भारत का मानचित्र, जिसमें अरब सागर व बंगाल की खाड़ी और भारत के दो प्रमुख द्वीप समूहों को भी दर्शाया गया हैकिताब के पृष्ठ 33 के चित्र 2.4 के आधार पर हमारा बनाया चित्र · भूमि: Natural Earth

सुनामी, किताब के क्रम में (चरण 5 और 6)

सुनामी, किताब के क्रम में

कारणमहासागर तल में तीव्र भूकंपया ज्वालामुखी का फटना
सुनामीविशाल और शक्तिशाली तरंगेंहज़ारों किलोमीटर जाकर तटीय क्षेत्र डुबा सकती है
पहले से अनुमानतट से टकराने से पहले अनुमान लगाया जा सकता हैहिंद महासागर सुनामी चेतावनी प्रणाली; भारत में राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण
NCERT, पृष्ठ 34

बोर्ड-कार्य

  • बीच में: दो स्तंभ, चक्रवात और सुनामी; हर स्तंभ में कहाँ से, कैसे, और क्या नुकसान; सुनामी के नीचे चेतावनी प्रणाली।
  • बाईं ओर: महासागर, बादल, मानसूनी वर्षा, खेती; चार शब्द, बीच में तीर।
  • दाईं ओर: 2004 की सुनामी के चार तथ्य, किताब के बॉक्स से।
  • कोने में: अगला सवाल, महाद्वीप कितने हैं?
  • यह सब उसी कालांश में कॉपी में उतरवाइए। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी दीवार वाले चार्ट पर रहेंगे।

यहाँ बच्चे अटकेंगे

  • इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो “पाँच नाम, एक महासागर” के अंत वाली छँटाई (हिंद महासागर के उत्तर, पश्चिम, पूर्व और दक्षिण) चरण 2 के बाद, और “चक्रवात और सुनामी” वाली छँटाई चरण 6 के बाद चलाइए।
  • बच्चे सुनामी को तेज़ हवा या तूफ़ान से उठी लहर समझ लेते हैं। बार-बार कारण पर लौटिए: महासागर तल का भूकंप या ज्वालामुखी। किताब के अनुसार तूफ़ान और चक्रवात भी महासागर से जन्म लेते हैं, पर सुनामी हवा से नहीं उठती; उसका कारण महासागर तल का भूकंप या ज्वालामुखी है।
  • कुछ बच्चे मान लेते हैं कि सुनामी का पहले से पता नहीं चल सकता। किताब ठीक उलटा कहती है: तट से टकराने से पहले अनुमान लगाया जा सकता है।
  • 2004 वाले बॉक्स पर बच्चे डर जाएँ या किसी के परिवार का कोई अनुभव हो, तो वहीं रुककर बात सुनिए। किताब से बाहर की संख्याएँ, फ़ोटो या वीडियो मत जोड़िए; किताब का क्रम रखिए: घटना, फिर अनुमान, फिर चेतावनी प्रणाली।
  • कमज़ोर विद्यार्थी बस एक अंतर पक्का करें: चक्रवात में तेज़ हवाएँ, सुनामी महासागर तल के भूकंप से।
  • तेज़ विद्यार्थी परख प्रश्न के भाग क का केस 3 करें, “समुद्र से दूर का खेत”, जो वर्षा और महासागर को जोड़ता है।

निकास-पर्ची और गृहकार्य

  • निकास-पर्ची (चरण 7): चक्रवात और सुनामी का एक अंतर, और हिंद महासागर सुनामी चेतावनी प्रणाली का नाम। जिन्होंने सुनामी को हवा से जोड़ा है, उनसे कालांश 4 की शुरुआत में कारण फिर पूछिए।
  • गृहकार्य: प्रश्न बैंक से घ4, घ8, ङ2 और ङ3। भारत के रेखा-मानचित्र वाला छ5 कॉपी में कीजिए।
  • दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 21–32।

कालांश 4 — महाद्वीप और द्वीप

किताब — पृष्ठ 34–37 · स्लाइड — इसी नाम वाला हिस्सा · इंटरैक्टिव — महाद्वीप कितने हैं?, द्वीप और अंटार्कटिका

लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी समझा पाए कि महाद्वीप चार से सात तक क्यों गिने जा सकते हैं, सातों महाद्वीपों के नाम ले पाए, वर्ग गिनकर सबसे बड़ा और सबसे छोटा महाद्वीप बता पाए, द्वीप और महाद्वीप का अंतर बता पाए, और भारत के दो द्वीप समूह मानचित्र पर दिखा पाए।

साथ ले जाइए — विश्व की रूपरेखा वाला चार्ट और स्केच पेन, ग्लोब, बच्चों की अपनी रंगीन पेंसिलें, रंगीन चॉक, निकास-पर्ची के कागज़।

40 मिनट

  1. 0–4 मिनट · पिछली पर्चियाँ. कालांश 3 की पर्चियों से जिन्होंने सुनामी को हवा से जोड़ा था, उनसे कारण फिर पूछिए। फ़्लैशकार्ड 21–32 में से दो कार्ड मौखिक पूछिए।
  2. 4–11 मिनट · महाद्वीप कितने? पूछिए: महाद्वीप कितने हैं? ज़्यादातर बच्चे सात कहेंगे। अब किताब की पंक्ति पढ़वाइए: “यह हमारी रुचि पर निर्भर करता है कि हम चार से सात के बीच किसी भी संख्या की सूची बना सकते हैं!” किताब बताती है कि यूरोप और एशिया एक ही भूखंड हैं, जिसे ‘यूरेशिया’ भी कहा जाता है। फिर किताब की तालिका समूहों में पढ़वाइए: सात में से यूरोप और एशिया जोड़ दें तो छह, दोनों अमेरिका भी जोड़ दें तो पाँच, अफ्रीका और यूरेशिया भी जोड़ दें तो चार। अंत में: “व्यावहारिक रूप से सात महाद्वीपों की अंतिम सूची को ही व्यापक रूप से अपनाया और प्रयोग में लाया जाता है।” सातों नाम दीवार वाले चार्ट पर लिखवाइए।
  3. 11–14 मिनट · ओलंपिक के छल्ले. सब किताब में ओलंपिक के पाँच छल्ले देखें। किताब के बॉक्स के अनुसार ये पाँच बसे हुए महाद्वीपों के लिए हैं: “अफ्रीका, अमेरिका, एशिया, आस्ट्रेलिया और यूरोप”। पूछिए: इनमें कौन-सा महाद्वीप नहीं है, और क्यों? (अंटार्कटिका। हमारी ओर से: किताब पाँच बसे हुए महाद्वीप गिनाती है और अंटार्कटिका उनमें नहीं है, इसलिए वह बसा हुआ नहीं गिना गया।)
  4. 14–24 मिनट · वर्ग गिनिए. समूह किताब में वर्गों वाला आरेख खोलें, या नीचे का हमारा चित्र देखें। पहले पढ़वाइए: “यह उनके वास्तविक आकार को नहीं, अपितु सापेक्षिक आकार को दर्शाता है।” यानी कौन किससे कितना बड़ा है। फिर किताब के काम: “वर्गों की संख्या को गिनिए और सबसे बड़े एवं सबसे छोटे महाद्वीप का नाम बताइए।” हर समूह एक-दो महाद्वीप गिने, और गिनती बोर्ड पर लिखी जाए। फिर उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका में कौन बड़ा है, यह गिनती से निकलवाइए। फिर: “आरेख में यूरोप और एशिया को एक ही रंग से भरिए और उसे यूरेशिया नाम दीजिए।” किताब में रंग न भरवाना चाहें तो बच्चे कॉपी में वर्गों की बजाय एक आयत बनाकर एक रंग से भरें (हमारी ओर से)। अंत में: “छोटे महाद्वीप से लेकर बड़े महाद्वीप तक की सूची बनाइए।”
  5. 24–31 मिनट · द्वीप. पढ़वाइए: “चारों ओर जल से घिरे हुए भूखंड को द्वीप कहा जाता है।” और फिर: “महाद्वीप भी चारों ओर जल से घिरे होते हैं, किंतु आकार में बड़े होने के कारण उन्हें द्वीप नहीं कहा जाता है।” साथ में: “इस ग्रह पर विभिन्न आकार के लाखों द्वीप हैं।” किताब का बॉक्स: “विश्व का सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड है”; उसका आकार समझने के लिए “भारत के सबसे बड़े 10 राज्यों के क्षेत्रफल को जोड़ना होगा।” फिर: “भारत में 1,300 से अधिक द्वीप हैं।” समूह किताब में चित्र 2.4 फिर खोलें: लक्षद्वीप द्वीप समूह अरब सागर में, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह बंगाल की खाड़ी में। दोनों नाम दीवार वाले चार्ट पर भारत के पास लिखवाइए।
  6. 31–36 मिनट · अंटार्कटिका. चित्र 2.1 में सबसे नीचे का सफ़ेद फैलाव दिखाइए; किताब के अनुसार वहाँ की जलवायु बहुत ठंडी और कठोर है। उसी बॉक्स से भारत की बात सुनाइए: 1981 से भारतीय अंटार्कटिका कार्यक्रम चल रहा है; 1983 में ‘दक्षिण गंगोत्री’ बना, भारत का “पहला वैज्ञानिक बेस स्टेशन”; बाद में दो और बेस स्टेशन बने; भारतीय वैज्ञानिकों के लगभग 40 दल वहाँ शोध कर चुके हैं; और वहाँ एक पुस्तकालय और डाकघर भी है। बच्चे इनमें से दो बातें कॉपी में लिखें।
  7. 36–40 मिनट · निकास-पर्ची. पर्ची पर: द्वीप और महाद्वीप में क्या अंतर है? भारत के दोनों द्वीप समूहों के नाम, और हर एक किस समुद्र में है।

वर्गों में महाद्वीप (चरण 4)

उत्तरी अमेरिकादक्षिणीअमेरिकायूरोपएशियाअफ्रीकाआस्ट्रेलियाअंटार्कटिका
सात महाद्वीपों का सापेक्षिक आकार, वर्गों में (वास्तविक आकार नहीं)किताब के पृष्ठ 36 के आरेख के आधार पर हमारा बनाया चित्र

हमारी गिनती (किताब उत्तर नहीं छापती; बच्चों की गिनती एक-दो वर्ग ऊपर-नीचे हो तो चलेगा, क्रम वही रहना चाहिए):

महाद्वीपवर्ग
एशिया51
अफ्रीका30
उत्तरी अमेरिका21
दक्षिणी अमेरिका18
अंटार्कटिका13
यूरोप11
आस्ट्रेलिया8

सबसे बड़ा एशिया, सबसे छोटा आस्ट्रेलिया; उत्तरी अमेरिका दक्षिणी अमेरिका से बड़ा। हमारा हिसाब: यूरेशिया = 51 + 11 = 62 वर्ग, दक्षिणी अमेरिका के 18 वर्गों के तीन गुने (54) से भी ज़्यादा। छोटे से बड़े का क्रम: आस्ट्रेलिया, यूरोप, अंटार्कटिका, दक्षिणी अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, एशिया।

एक भूखंड जोड़िए, गिनती घटेगी (चरण 2)

एक भूखंड जोड़िए, गिनती घटेगी

सात महाद्वीपव्यापक रूप से अपनाई गई सूची
छह महाद्वीपयूरेशिया, और अलग-अलग दोनों अमेरिका
पाँच महाद्वीपअफ्रीका, अमेरिका, अंटार्कटिका, आस्ट्रेलिया, यूरेशिया
चार महाद्वीपअफ्रीका-यूरेशिया, अमेरिका, अंटार्कटिका, आस्ट्रेलिया
NCERT, पृष्ठ 35

बोर्ड-कार्य

  • बीच में: वर्गों की गिनती की तालिका, और उसके नीचे छोटे से बड़े का क्रम।
  • बाईं ओर: सात, छह, पाँच, चार; हर गिनती के आगे कौन-से भूखंड जोड़े गए।
  • दाईं ओर: द्वीप की परिभाषा; ग्रीनलैंड; भारत के 1,300 से अधिक द्वीप और दो द्वीप समूह; अंटार्कटिका की दो बातें।
  • कोने में: अगला सवाल, महासागर हमारे लिए क्या करते हैं?
  • यह सब उसी कालांश में कॉपी में उतरवाइए। सातों महाद्वीप और दोनों द्वीप समूह दीवार वाले चार्ट पर रहेंगे।

यहाँ बच्चे अटकेंगे

  • इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो “महाद्वीप कितने हैं?” वाला जोड़ने का खेल चरण 2 के बाद चलाइए; उसी हिस्से का वर्गों वाला खेल बच्चों की अपनी गिनती के बाद, उसकी जगह नहीं। “द्वीप और अंटार्कटिका” चरण 6 के बाद।
  • बच्चे मान लेते हैं कि महाद्वीपों की गिनती पर कोई एक सही उत्तर है और चार या पाँच कहना ग़लत है। किताब ख़ुद कहती है कि चार से सात तक कुछ भी हो सकता है; सात वाली सूची व्यापक रूप से अपनाई जाती है।
  • ओलंपिक के पाँच छल्लों को बच्चे किताब की तालिका वाली पाँच महाद्वीपों की सूची समझ लेते हैं। दोनों अलग हैं: तालिका की पाँच की सूची में अंटार्कटिका और यूरेशिया हैं, छल्लों वाली सूची में एशिया और यूरोप अलग-अलग हैं और अंटार्कटिका नहीं है।
  • वर्गों को बच्चे असली क्षेत्रफल मान लेते हैं। किताब कहती है कि आरेख सापेक्षिक आकार दिखाता है, वास्तविक नहीं।
  • कोई बच्चा कहे कि आस्ट्रेलिया तो द्वीप है, क्योंकि उसके चारों ओर जल है, तो यह अच्छा सवाल है। किताब का उत्तर: महाद्वीप भी चारों ओर जल से घिरे होते हैं, पर आकार में बड़े होने के कारण द्वीप नहीं कहलाते।
  • कमज़ोर विद्यार्थी पहले सातों नाम पक्के करें, फिर बस सबसे बड़ा और सबसे छोटा।
  • तेज़ विद्यार्थी परख प्रश्न के भाग क का केस 4, “वर्गों में महाद्वीप”, करें।

निकास-पर्ची और गृहकार्य

  • निकास-पर्ची (चरण 7): द्वीप और महाद्वीप का अंतर, और भारत के दो द्वीप समूह अपने-अपने समुद्र के साथ। जिन्होंने लक्षद्वीप और अंडमान-निकोबार के समुद्र उलट दिए हैं, उन्हें कालांश 5 की शुरुआत में चित्र 2.4 फिर दिखाइए।
  • गृहकार्य: प्रश्न बैंक से घ2, घ5, ङ1 और ङ4, और वर्गों वाले छ3 और छ4। किताब का प्रश्न 2 (बिना देखे महाद्वीपों का मानचित्र) अभी नहीं; वह कालांश 6 में कक्षा में होगा।
  • दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 33–48।

कालांश 5 — महासागर और जीवन, और हमारा दायित्व

किताब — पृष्ठ 37–38 · स्लाइड — इसी नाम वाला हिस्सा · इंटरैक्टिव — महासागर और जीवन

लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी बता पाए कि महासागर हमें वर्षा और ऑक्सीजन देते हैं और मानव जीवन को कैसे-कैसे छूते हैं, उन्हें प्लास्टिक कचरे और ज़रूरत से ज़्यादा मछली पकड़ने से ख़तरा है, और पहले दिन के दोनों प्रश्नों के उत्तर अपने शब्दों में लिख पाए।

साथ ले जाइए — एक ख़ाली प्लास्टिक की बोतल, दो प्रश्नों वाला चार्ट, रंगीन चॉक, निकास-पर्ची के कागज़। बच्चे पानी बचाने के तरीकों वाली अपनी तालिकाएँ लाएँ।

40 मिनट

  1. 0–4 मिनट · पिछली पर्चियाँ. कालांश 4 की पर्चियों से जिन्होंने द्वीप समूहों के समुद्र उलट दिए थे, उन्हें चित्र 2.4 फिर दिखाइए। फ़्लैशकार्ड 33–48 में से दो कार्ड मौखिक पूछिए।
  2. 4–11 मिनट · महासागर क्या देते हैं. कालांश 3 की वर्षा वाली बात याद दिलाइए, फिर पढ़वाइए: “महासागरों के बिना वर्षा नहीं होगी तो पृथ्वी मरुस्थल बन जाएगी।” और “दुनिया-भर की आधी ऑक्सीजन महासागर का वनस्पति जगत उत्पन्न करता है।” साथ में: “इसीलिए इन्हें ‘पृथ्वी के फेफड़े’ कहा जाता है।” पूछिए: फेफड़े हमारे शरीर में क्या करते हैं, और महासागर को फेफड़े क्यों कहा गया होगा?
  3. 11–17 मिनट · मानव जीवन. पढ़वाइए: “महासागर अनेक प्रकार से मानव जाति को प्रभावित करते हैं।” किताब कई तरीके गिनाती है: एक जगह से दूसरी जगह की यात्रा, सामान का व्यापार, सैनिक अभियान, भोजन के लिए मछली पकड़ना, और तट पर रहने वाले लोगों की संस्कृति और कहानियाँ। हर समूह इनमें से एक चुनकर उसका एक उदाहरण सोचे और बताए।
  4. 17–24 मिनट · एक बोतल. (हमारी ओर से) ख़ाली बोतल उठाकर बस एक सवाल पूछिए: यह बोतल नाली में फेंक दी जाए, तो आगे कहाँ-कहाँ जा सकती है? दो-तीन बच्चों को सफ़र बताने दीजिए। फिर पढ़वाइए: “हम प्रतिवर्ष लाखों टन प्लास्टिक कचरा समुद्र में फेंकते हैं, जो समुद्री जीव-जंतुओं का जीवन संकट में डालता है।” और दूसरा ख़तरा: “समुद्रों में आवश्यकता से अधिक मछली पकड़ना भी समुद्री जीवन के पतन का एक और कारण है।”
  5. 24–29 मिनट · 8 जून, और हमारा दायित्व. किताब का बॉक्स पढ़वाइए: “संयुक्त राष्ट्र ने 8 जून को विश्व महासागर दिवस के रूप में घोषित किया है”। फिर: “हम सभी का सामूहिक दायित्व है कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य के लिए महासागरों को बचाने का प्रयास करें।” दो बच्चे पानी बचाने के तरीकों वाली अपनी तालिका से एक-एक तरीका सुनाएँ; बाक़ी तालिकाएँ जमा कर लीजिए।
  6. 29–36 मिनट · आगे बढ़ने से पहले, और दो प्रश्न. किताब के “आगे बढ़ने से पहले…” वाले डिब्बे से ये पंक्तियाँ पढ़वाइए: “महासागर आपस में जुड़े हुए हैं।”, “दक्षिणी गोलार्ध की तुलना में उत्तरी गोलार्ध में स्थल भाग अधिक है।” और “इन्हें सामूहिक रूप से संरक्षित करने की आवश्यकता है।” अब दीवार वाले दो प्रश्नों के चार्ट पर लौटिए। हर समूह पहले प्रश्न के लिए एक वाक्य और दूसरे के लिए एक वाक्य बोले; सबसे अच्छे तीन-तीन वाक्य चार्ट पर लिखिए, और बच्चे वही अपनी कॉपी के पहले पन्ने पर पूरे करें।
  7. 36–40 मिनट · निकास-पर्ची. पर्ची पर: महासागर हमें क्या-क्या देते हैं, दो बातें। महासागरों को किन दो चीज़ों से ख़तरा है?

महासागर: उपहार और ख़तरे (चरण 2 से 5)

महासागर: उपहार और ख़तरे

महासागर देते हैंवर्षा; दुनिया-भर की आधी ऑक्सीजनयात्रा, व्यापार, भोजन, संस्कृति
महासागरों को ख़तराहर साल लाखों टन प्लास्टिक कचराआवश्यकता से अधिक मछली पकड़ना
हमारा सामूहिक दायित्वमहासागरों को बचाने का प्रयास8 जून, विश्व महासागर दिवस
NCERT, पृष्ठ 37–38

बोर्ड-कार्य

  • बीच में: दो स्तंभ, महासागर देते हैं और महासागरों को ख़तरा।
  • बाईं ओर: पृथ्वी के फेफड़े, आधी ऑक्सीजन; महासागर नहीं तो वर्षा नहीं।
  • दाईं ओर: 8 जून, विश्व महासागर दिवस; सामूहिक दायित्व।
  • दो प्रश्नों के उत्तर बोर्ड पर नहीं, सीधे दीवार वाले चार्ट पर लिखिए; वे अगले कालांश में भी काम आएँगे।
  • यह सब उसी कालांश में कॉपी में उतरवाइए।

यहाँ बच्चे अटकेंगे

  • इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो “महासागर और जीवन” वाली छँटाई चरण 4 के बाद चलाइए। वह ऑक्सीजन को बस बहुत बड़ी मात्रा बताता है; बच्चों को किताब का अपना शब्द “आधी” बताइए।
  • बच्चे “पृथ्वी के फेफड़े” को सारे महासागर का पानी समझ लेते हैं। किताब के शब्द देखिए: ऑक्सीजन महासागर का वनस्पति जगत उत्पन्न करता है।
  • प्लास्टिक वाली बात पर कुछ बच्चे दोषी महसूस करने लगते हैं, ख़ासकर जब वे समुद्र से दूर रहते हैं। बात दोष पर नहीं, दायित्व पर रखिए; किताब भी “सामूहिक दायित्व” कहती है। बोतल वाला एक सवाल काफ़ी है।
  • कमज़ोर विद्यार्थी दो उपहार (वर्षा, ऑक्सीजन) और दो ख़तरे (प्लास्टिक, ज़रूरत से ज़्यादा मछली पकड़ना) पक्के करें।
  • तेज़ विद्यार्थी परख प्रश्न के भाग क का केस 1, “एक बोतल का सफ़र”, और भाग ख का प्रश्न 3 (मछुआरों का गाँव) करें।

निकास-पर्ची और गृहकार्य

  • निकास-पर्ची (चरण 7): दो उपहार और दो ख़तरे। जिनकी पर्ची में केवल एक तरफ़ की बात है, उनसे कालांश 6 की शुरुआत में दूसरी तरफ़ की बात पूछिए।
  • गृहकार्य: प्रश्न बैंक से च1 और च3। किताब का प्रश्न 1 (महाद्वीप, महासागर और द्वीप की व्याख्या) कॉपी में तैयार कीजिए; कालांश 6 में मिलाएँगे। पूरे अध्याय के फ़्लैशकार्ड एक बार दोहराइए।
  • दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 49–53।

कालांश 6 — मूल्यांकन: किताब की प्रश्नावली

किताब — पृष्ठ 39–40 · स्लाइड — इसी नाम वाला हिस्सा · इंटरैक्टिव — सार और वर्ग पहेली

लक्ष्य — कालांश के अंत तक हर विद्यार्थी महाद्वीप, महासागर और द्वीप की व्याख्या अपने शब्दों में कर पाए, बिना देखे महाद्वीपों का कच्चा मानचित्र बना पाए, विश्व के ख़ाली मानचित्र में सात महाद्वीप और पाँच महासागर लिख पाए, और वर्ग पहेली का बड़ा हिस्सा हल कर पाए।

साथ ले जाइए — हर बच्चे के लिए एक सादा कागज़, बच्चों की रंगीन पेंसिलें, विश्व की रूपरेखा वाला चार्ट (शुरू में उलटा टँगा या लपेटा हुआ), रंगीन चॉक, निकास-पर्ची के कागज़।

40 मिनट

  1. 0–4 मिनट · पिछली पर्चियाँ. कालांश 5 की पर्चियों से अधूरे उत्तर वालों से दूसरी तरफ़ की बात पूछिए। पूरे अध्याय के फ़्लैशकार्ड में से तीन कार्ड मौखिक पूछिए।
  2. 4–10 मिनट · प्रश्न 1, तीन शब्द. किताब का प्रश्न: “निम्नलिखित शब्दों की व्याख्या कीजिए” (क) महाद्वीप (ख) महासागर (ग) द्वीप। बच्चे घर पर तैयार किए उत्तर देखें; तीन बच्चे एक-एक शब्द पढ़कर सुनाएँ, बाक़ी अपने उत्तर मिलाएँ। द्वीप वाले उत्तर में यह भी आए कि महाद्वीप जल से घिरे होकर भी द्वीप क्यों नहीं कहलाते।
  3. 10–20 मिनट · प्रश्न 2, बिना देखे मानचित्र. किताब का काम: “मानचित्र बनाइए”। “इस अध्याय में दिए मानचित्रों को देखे बिना अपने हाथ से कागज पर महाद्वीपों का मानचित्र बनाइए और इसमें रंग भरिए।” किताबें बंद और दीवार वाला चार्ट ढका रहे। सात मिनट बाद बच्चे किताब में चित्र 2.3 खोलकर अपना मानचित्र मिलाएँ, जैसा किताब कहती है, और एक चीज़ लिखें जो छूट गई थी। आकार ठीक न बनें तो कोई बात नहीं; देखना यह है कि सातों महाद्वीप अपनी-अपनी जगह पर हैं या नहीं।
  4. 20–28 मिनट · प्रश्न 3, नाम लिखिए. किताब का काम: “आइए, करके देखें”। “नीचे दिए गए विश्व के मानचित्र में सभी महाद्वीपों और महासागरों के नाम लिखिए।” बच्चे किताब के ख़ाली मानचित्र पर पेंसिल से लिखें (हमारी ओर से: पेंसिल, ताकि सुधार हो सके)। कुल बारह नाम होने चाहिए, सात महाद्वीप और पाँच महासागर। फिर दीवार वाला चार्ट खोलकर सब मिलाएँ।
  5. 28–36 मिनट · प्रश्न 4, वर्ग पहेली. शुरू करने से पहले बता दीजिए: संकेत 6 और 9 एक ही खाने से शुरू होते हैं; किताब आस्ट्रेलिया को “आ” से और ऑक्सीजन को “ऑ” से लिखती है, इसलिए उस खाने में आ/ऑ लिखिए। हर खाने में एक अक्षर आता है, अपनी मात्रा या संयुक्ताक्षर समेत। समूह किताब की पहेली पर पेंसिल से हल करें। आख़िरी दो मिनट में चार-पाँच उत्तर बोलकर मिलाइए; बाक़ी घर पर।
  6. 36–40 मिनट · निकास-पर्ची. पर्ची पर: आज के चार प्रश्नों में सबसे कठिन कौन-सा लगा, और क्यों? एक द्वीप और एक महाद्वीप का नाम लिखिए।

वर्ग पहेली (चरण 5)

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वर्ग पहेली: हर सफ़ेद खाने में एक अक्षरकिताब के पृष्ठ 40 की वर्ग पहेली के आधार पर हमारा बनाया चित्र

हल (शिक्षक संदर्शिका से): बाएँ से दाएँ 1 प्रशांत, 3 द्वीप, 5 अंटार्कटिका, 7 सुनामी, 9 ऑक्सीजन, 10 यूरेशिया। ऊपर से नीचे 2 महाद्वीप, 4 प्लास्टिक, 6 आस्ट्रेलिया, 8 ग्रीनलैंड। कटते खाने भी मिलाइए: 2 और 3 में द्वी, 8 और 9 में न, 6 और 10 में या।

बोर्ड-कार्य

  • बीच में: बारह नाम, दो स्तंभों में, सात महाद्वीप और पाँच महासागर।
  • बाईं ओर: प्रश्न 1 के तीनों शब्द, एक-एक पंक्ति में।
  • दाईं ओर: पहेली के जो उत्तर कक्षा में मिल गए।
  • यह सब उसी कालांश में कॉपी में उतरवाइए।

यहाँ बच्चे अटकेंगे

  • इंटरैक्टिव अध्याय पर्दे पर चला रहे हैं तो उसकी वर्ग पहेली किताब की पहेली के बाद चलाइए। वह शब्दों का खेल है और उसमें “सबसे छोटा महाद्वीप” वाला संकेत नहीं है, इसलिए उसे किताब के प्रश्न 4 का हल मत मानिए।
  • प्रश्न 3 में प्रशांत महासागर मानचित्र के दोनों किनारों पर आता है। बच्चे उसे दो बार लिखें तो ठीक है, पर गिनती में वह एक ही महासागर है; बारह नामों में प्रशांत एक बार गिना जाएगा।
  • वर्ग पहेली के संकेत 10 में बच्चे “एशिया” लिखते हैं। खाने गिनवाइए: चार खाने हैं, इसलिए यू-रे-शि-या।
  • बिना देखे मानचित्र बनाते समय कुछ बच्चे घबराते हैं कि आकार ठीक नहीं बना। बताइए कि किताब का अपना मानचित्र भी पैमाने पर नहीं है; जगह सही होना काफ़ी है।
  • कमज़ोर विद्यार्थी प्रश्न 3 में पहले केवल सात महाद्वीप लिखें, फिर महासागर।
  • तेज़ विद्यार्थी पहेली जल्दी कर लें तो परख प्रश्न के भाग ग का प्रश्न 2 करें।

निकास-पर्ची और गृहकार्य

  • निकास-पर्ची (चरण 6): सबसे कठिन प्रश्न, और एक द्वीप और एक महाद्वीप का नाम। जिनकी पर्ची में द्वीप की जगह महाद्वीप लिखा है, उनके साथ अगली बार द्वीप की परिभाषा फिर पढ़िए।
  • गृहकार्य: वर्ग पहेली पूरी कीजिए। प्रश्न बैंक का छ1 (विश्व के रेखा-मानचित्र में सात महाद्वीप और पाँच महासागर)। प्रश्न 2 वाला मानचित्र साफ़ करके रंग भरिए और कॉपी में चिपकाइए।
  • दोहराने के लिए: फ़्लैशकार्ड 1–53, पूरे छह सेट।

पूरे अध्याय के लिए

अलग-अलग बच्चों के लिए

बच्चेक्या कीजिए
पढ़ने में धीमेहर कार्ड में “कमज़ोर विद्यार्थी” वाली पंक्ति देखिए। पूरे अध्याय से पाँच बातें पक्की कराइए: पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल; पाँच महासागर बड़े से छोटे; सात महाद्वीप; भारत के पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी; द्वीप चारों ओर जल से घिरा भूखंड है। किताब की पंक्ति इन्हीं बच्चों से ज़ोर से पढ़वाइए; उत्तर पहले बोलकर दें, फिर एक वाक्य लिखें।
जो जल्दी कर लेते हैंहर कार्ड में “तेज़ विद्यार्थी” वाला परख प्रश्न। पूरे अध्याय के लिए एक बड़ा सवाल: इस अध्याय में कौन-सी बातें प्रकृति में ऐसी हैं, और कौन-सी लोगों ने तय की हैं? (महासागरों की सीमाएँ और महाद्वीपों की गिनती तय की हुई हैं।) परख प्रश्न के भाग ग का प्रश्न 1 यही पूछता है।
जिन्हें देखने में कठिनाई हैआगे बैठाइए। दीवार वाले रूपरेखा चार्ट की रेखाएँ मोटी रखिए। ग्लोब उनके हाथ में दीजिए। वर्गों वाले आरेख में साथी उँगली रखकर वर्ग गिनवाए।
जो किसी दिन नहीं आएदीवार के तीन चार्ट (दो प्रश्न, विश्व की रूपरेखा, महासागरों का क्रम) से छूटी बात दिखाइए। साथी की कॉपी से उस दिन का बोर्ड-कार्य उतरवाइए, और उस कालांश के फ़्लैशकार्ड और इंटरैक्टिव हिस्सा घर पर देखने को कहिए।
जिन्हें हिंदी के कठिन शब्द रोकते हैंकिताब के कठिन शब्द बोर्ड के कोने में सरल अर्थ के साथ लिखिए (अर्थ हमारी ओर से): लवणीय, यानी खारा; अलवणीय, यानी पीने लायक; अत्यल्प, यानी बहुत ही थोड़ा; निरंतर, यानी लगातार; सापेक्षिक, यानी एक-दूसरे की तुलना में; प्रचलन, यानी चलन। बाक़ी शब्द शब्दावली में हैं।

सतत मूल्यांकन

साधनकबक्या देखिए
निकास-पर्चीहर कालांश के आख़िरी चार मिनटकार्ड में लिखा सवाल। जिनका उत्तर अधूरा है, उनके नाम लिखकर अगले कालांश की शुरुआत में मौखिक पूछिए।
बीच का एक सवालहर कालांश के बीच में, हाथ उठवाकरकालांश 1: भूखंड और महाद्वीप में क्या अंतर है? (महाद्वीप भूमि का बड़ा निरंतर विस्तार है।) कालांश 2: क्या महासागर आपस में जुड़े हैं? (हाँ, और सीमाएँ लोगों ने तय कीं।) कालांश 3: सुनामी किससे आती है? (महासागर तल के भूकंप या ज्वालामुखी से।) कालांश 4: महाद्वीप कितने गिने जा सकते हैं? (चार से सात; सात वाली सूची व्यापक रूप से अपनाई जाती है।) कालांश 5: महासागरों को पृथ्वी के फेफड़े क्यों कहा जाता है? (आधी ऑक्सीजन उनका वनस्पति जगत देता है।) आधी से कम कक्षा सही हो, तो आगे बढ़ने से पहले वह बात एक बार फिर कीजिए।
समूह का कामचित्र 2.2 (कालांश 1), गोलार्ध वाली तालिका (कालांश 2), वर्गों की गिनती (कालांश 4)समूह का हर बच्चा कुछ बोलता है या नहीं; कौन-सा समूह बार-बार अटकता है।
कॉपी का पहला पन्नाकालांश 1 से 5 तक, हर हफ़्ते एक बारदोनों प्रश्नों के नीचे नई पंक्तियाँ जुड़ रही हैं या नहीं।
पानी बचाने वाली तालिकाकालांश 5 में जमातीनों खाने भरे हैं या नहीं, और तरीके बच्चे ने अपनी आँखों से देखे हैं या किताब से उतारे हैं।
किताब की प्रश्नावलीकालांश 6प्रश्न 3 में बारह नाम सही जगह पर; प्रश्न 2 के मानचित्र में सातों महाद्वीप अपनी जगह पर।

लिखित मूल्यांकन

अपनी इकाई-परीक्षा के लिए एक सुझाया हुआ ढाँचा। प्रश्न प्रश्न बैंक से लिए जा सकते हैं; उसके खंड क से छ तक प्रकार के हिसाब से बँटे हैं, जैसा नीचे पहले स्तंभ में लिखा है।

प्रकारसंख्याक्या पूछें
वस्तुनिष्ठ (खंड क)5तीन-चौथाई, सबसे बड़ा महासागर, यूरेशिया, सबसे बड़ा द्वीप, पृथ्वी के फेफड़े
रिक्त स्थान (खंड ख)3सबसे छोटा महासागर, भारत के द्वीपों की संख्या, 8 जून
सही या ग़लत (खंड ग)3महासागर अलग-अलग हैं; सुनामी का पहले से अनुमान नहीं लग सकता; वर्गों वाला आरेख वास्तविक आकार दिखाता है (तीनों ग़लत)
अति लघूत्तरीय (खंड घ)3द्वीप और महाद्वीप, हिंद महासागर का विस्तार, भारत के दो द्वीप समूह
लघूत्तरीय (खंड ङ)2महाद्वीप चार से सात तक क्यों, पीने लायक जल कम क्यों
दीर्घ (खंड च)1महासागर जीवन के लिए क्यों ज़रूरी हैं, या उन्हें क्या ख़तरा है और उन्हें कैसे बचाएँ
मानचित्र और क्रियाकलाप (खंड छ)1विश्व के रेखा-मानचित्र में सात महाद्वीप और पाँच महासागर

प्रोजेक्ट और गतिविधि

सारी परियोजनाएँ परख प्रश्न के भाग घ में पूरी लिखी हैं।

  • पानी बचाने के तरीके, अपनी आँखों से. भाग घ की परियोजना 2। कालांश 1 में शुरू, कालांश 5 में जमा। यह किताब के “आइए विचार करें” के दूसरे प्रश्न पर बनी है।
  • एक हफ़्ते का प्लास्टिक. परियोजना 3। कालांश 5 के बाद एक हफ़्ता। हर बच्चा अपने घर की गिनती लाए, फिर पूरी कक्षा की गिनती बोर्ड पर जोड़िए।
  • चार सूचियाँ, एक ही ज़मीन. परियोजना 4। कालांश 4 के बाद। महाद्वीपों की चार, पाँच, छह और सात वाली सूचियों के पट्टी-चार्ट, किताब के वर्गों के हिसाब से। ग्राफ़ पेपर न हो तो कॉपी में पेंसिल से खाने बना लें (हमारी ओर से)।
  • 8 जून के लिए एक पोस्टर. परियोजना 1। अध्याय के अंत में समूहों में। पोस्टर उस दिन के आसपास, या जब भी विद्यालय खुला हो, दीवार पर लगाइए।
  • कक्षा की दीवार. विश्व की रूपरेखा वाला चार्ट, जिस पर कालांश 2 से 4 तक नाम जुड़ते गए, अध्याय के बाद भी टँगा रहने दीजिए; अगले अध्यायों में भी काम आएगा। (हमारी ओर से)

शिक्षक के लिए सावधानियाँ

  • मानचित्र पैमाने पर नहीं. किताब चित्र 2.3 के बारे में ख़ुद कहती है कि वह पैमाने पर नहीं है, और वर्गों वाला आरेख केवल सापेक्षिक आकार दिखाता है। इन पर नापकर कोई तुलना मत करवाइए। महासागरों का क्रम किताब के वाक्यों से लीजिए, महाद्वीपों का क्रम वर्गों की गिनती से।
  • कुछ बातें खोजी जाती हैं, कुछ तय की जाती हैं. महासागरों की सीमाएँ और महाद्वीपों की गिनती लोगों ने तय की हैं; हमारी नज़र में यही इस अध्याय का बड़ा विचार है। सात को अकेला सही उत्तर मत बनाइए; किताब कहती है कि चार से सात के बीच कोई भी सूची बनाना “हमारी रुचि पर निर्भर करता है”, और सात वाली सूची को “व्यापक रूप से अपनाया” जाता है।
  • किताब की संख्याओं पर टिके रहिए. तीन-चौथाई जल, लगभग एक-चौथाई भूमि, आधी ऑक्सीजन, 1,300 से अधिक द्वीप, 2004 की सुनामी में भारत और अन्य 13 देश, और दो लाख से अधिक जानें। महासागरों की गहराई, क्षेत्रफल या प्रतिशत जैसी बाहर की संख्याएँ मत जोड़िए; बच्चे उन्हें किताब की बात समझकर लिख देते हैं।
  • 2004 की सुनामी. इसे डरावनी कहानी मत बनाइए और केवल आँकड़ा बनाकर भी मत छोड़िए। किताब के क्रम में चलिए: घटना, फिर यह कि तट से टकराने से पहले अनुमान लग सकता है, फिर चेतावनी प्रणाली और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण।
  • दोष नहीं, दायित्व. प्लास्टिक और ज़रूरत से ज़्यादा मछली पकड़ने की बात पर बच्चों को दोषी मत ठहराइए। किताब “सामूहिक दायित्व” कहती है; बात इसी पर रखिए कि हम मिलकर क्या कर सकते हैं।
  • चित्र 2.4 का शीर्षक. शीर्षक कहता है कि द्वीप समूहों की जानकारी पृष्ठ 36 पर है, पर द्वीपों वाला बॉक्स पृष्ठ 37 पर छपा है। बच्चे ढूँढते हुए अटकें तो अगला पन्ना खुलवाइए।
  • ओलंपिक के छल्ले. किताब नहीं बताती कि कौन-सा रंग किस महाद्वीप का है। बच्चे पूछें तो यही कहिए; रंगों को महाद्वीपों से मत जोड़िए।
  • इंटरैक्टिव अध्याय और किताब. इंटरैक्टिव अध्याय जान-बूझकर सबसे बड़ा और सबसे छोटा महाद्वीप, गोलार्ध वाली तालिका के उत्तर और ऑक्सीजन का हिस्सा नहीं बताता, ताकि बच्चे ये किताब और अपनी गिनती से निकालें। उसे किताब के बाद चलाइए, पहले नहीं।