Chapter 2महासागर एवं महाद्वीप

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NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 2

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ये प्रश्न किताब की पंक्तियाँ दोहराने से हल नहीं होते। इनमें आपको नक्शा पढ़कर तर्क देना है, वर्गों के आरेख से महाद्वीपों की तुलना करनी है, और यह समझाना है कि महासागर तट के गाँव, समुद्र से दूर के खेत और पूरी पृथ्वी के जीवन से कैसे जुड़े हैं। पहले अपना उत्तर ख़ुद लिखिए, फिर नीचे दिया उत्तर खोलकर मिलाइए। उद्धरण-चिह्नों के भीतर किताब के अपने शब्द हैं; जहाँ गिनती, हिसाब या निष्कर्ष हमारा है, वहाँ यह साफ़ लिखा है। अंक सिर्फ़ यह अंदाज़ा देते हैं कि उत्तर कितना लंबा हो।

तारों का मतलब: ★वाली पंक्ति उत्तर की मुख्य बात है; दोहराते समय पहले वही पढ़िए।


भाग क — केस-आधारित प्रश्न

केस 1 — एक बोतल का सफ़र

प्रशांतमहासागरप्रशांतमहासागरअटलांटिकमहासागरहिंदमहासागरआर्कटिक महासागरदक्षिणी महासागरउत्तरीअमेरिकादक्षिणीअमेरिकायूरोपएशियाअफ्रीकाआस्ट्रेलियाअंटार्कटिका
चित्र 2.3 — पाँच महासागरों, उनकी पारंपरिक सीमाओं और महाद्वीपों को प्रदर्शित करता हुआ विश्व का मानचित्रकिताब के पृष्ठ 32 के चित्र 2.3 के आधार पर हमारा बनाया चित्र · भूमि: Natural Earth

यह नक्शा किताब के पृष्ठ 32 के चित्र 2.3 पर आधारित है। मान लीजिए, भारत के तट पर घूमने आए किसी व्यक्ति ने प्लास्टिक की एक खाली बोतल समुद्र में फेंक दी, और बोतल लहरों के साथ बहने लगी। यह घटना काल्पनिक है।

1क्या यह बोतल कभी अफ्रीका या दक्षिणी अमेरिका के किसी तट तक पहुँच सकती है? नक्शे से अपने उत्तर का कारण बताइए। 2 अंक

उत्तर देखिए

★हाँ, पहुँच सकती है, क्योंकि रास्ते में पानी कहीं ख़त्म नहीं होता। नक्शे में हिंद महासागर का पानी दक्षिण में दक्षिणी महासागर से मिलता है, और दक्षिणी महासागर का पानी अटलांटिक और प्रशांत दोनों से। किताब भी कहती है कि “हिंद महासागर का विस्तार उत्तर में एशिया, पश्चिम में अफ्रीका, पूर्व में आस्ट्रेलिया एवं दक्षिण में दक्षिणी महासागर तक है।”

बोतल सच में कहाँ पहुँचेगी, यह किताब नहीं बताती; हम केवल इतना कह रहे हैं कि पानी का रास्ता खुला है। यह निष्कर्ष हमारा है। (किताब, पृष्ठ 33)

2नक्शे में महासागरों के बीच सीमा-रेखाएँ खिंची हैं। मान लीजिए, हर रेखा की जगह समुद्र में सचमुच एक दीवार होती। तब बोतल का क्या होता, और समुद्री जीवन पर क्या असर पड़ता? 2 अंक

उत्तर देखिए

★हमारा अनुमान: बोतल हिंद महासागर में ही घिरी रह जाती, और महासागरों के बीच पानी का बहना रुक जाता। किताब के अनुसार “समुद्री जल विभिन्न महासागरों में बहता रहता है जो विविधतापूर्ण समुद्री जीवन को समृद्ध करने में सहायक है।” दीवारें यह बहना रोक देतीं, इसलिए समुद्री जीवन को भी नुकसान होता; यह अनुमान हमारा है।

असल में ऐसी कोई दीवार नहीं है। किताब कहती है कि महासागरों का यह सीमांकन “प्रचलन से अधिक कुछ नहीं” है, और चित्र 2.3 के शीर्षक में भी “पारंपरिक सीमाओं” की बात है। (किताब, पृष्ठ 31–32)

3बोतल फेंकने वाला कहता है कि एक बोतल से इतने बड़े समुद्र का क्या बिगड़ेगा, और वैसे भी वह बहकर किसी दूसरे देश चली जाएगी। उसकी दोनों बातों का उत्तर किताब के आधार पर दीजिए। 3 अंक

उत्तर देखिए

★छोटी-छोटी चीज़ें मिलकर ही लाखों टन कचरा बनती हैं, और महासागर आपस में जुड़े हैं, इसलिए उन्हें बचाना सबका दायित्व है। किताब कहती है: “हम प्रतिवर्ष लाखों टन प्लास्टिक कचरा समुद्र में फेंकते हैं”। यह ढेर अलग-अलग लोगों की फेंकी चीज़ों से ही बनता है; यह तर्क हमारा है।

दूसरी बात पर: किताब कहती है, “महासागर आपस में जुड़े हुए हैं।” इसलिए जिस तरह यह बोतल दूसरे देश जा सकती है, उसी तरह दूसरे देशों का कचरा हमारे तट तक आ सकता है; यह तर्क हमारा है। किताब यह भी कहती है: “हम सभी का सामूहिक दायित्व है कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य के लिए महासागरों को बचाने का प्रयास करें।” (किताब, पृष्ठ 38)


केस 2 — दो चेतावनियाँ

मान लीजिए, समुद्र के किनारे बसे दो गाँवों तक एक ही दिन दो अलग चेतावनियाँ पहुँचती हैं। पहली चेतावनी में कहा गया है कि समुद्र की ओर से बहुत तेज़ हवाएँ आ रही हैं और भारी वर्षा होगी। दूसरी चेतावनी में कहा गया है कि बहुत दूर, महासागर के तल में तेज़ भूकंप आया है और तट पर विशाल लहरें पहुँच सकती हैं। चेतावनियाँ काल्पनिक हैं; इनसे जुड़ी बातें किताब के पृष्ठ 33–34 पर हैं।

1दोनों चेतावनियाँ किन आपदाओं की हैं? हर एक के लिए किताब की वह बात बताइए जिससे आपने पहचाना। 2 अंक

उत्तर देखिए

★पहली चक्रवात की, दूसरी सुनामी की। तेज़ हवाएँ और भारी वर्षा: किताब के अनुसार महासागर तूफ़ानों को भी जन्म देते हैं, जैसे “अत्यधिक वर्षा वाली विध्वंसक घटनाएँ अथवा अति प्रचंड हवाएँ जैसे कि चक्रवात”।

महासागर के तल में भूकंप और विशाल लहरें: किताब के अनुसार सुनामी “विशाल और शक्तिशाली तरंगें होती हैं जो महासागर तल में तीव्र भूकंप अथवा ज्वालामुखी के फटने के कारण आती हैं।” (किताब, पृष्ठ 33–34)

2दूसरे गाँव के एक बुज़ुर्ग कहते हैं कि भूकंप तो बहुत दूर आया है, इसलिए घबराने की कोई ज़रूरत नहीं। किताब की 2004 वाली घटना से उन्हें समझाइए कि यह बात क्यों ठीक नहीं है। साथ में बताइए कि भारत कई देशों के साथ मिलकर चेतावनी की व्यवस्था में क्यों जुड़ा है। 3 अंक

उत्तर देखिए

★सुनामी बहुत दूर तक जाती है, और किसी दूसरे देश के पास आया भूकंप हमारे तट पर भी नुकसान कर सकता है। किताब कहती है: “सुनामी हजारों किलोमीटर तक जाकर तटीय क्षेत्रों को डुबा सकती है”। 26 दिसंबर 2004 को “यह सुनामी इंडोनेशिया में आए भूकंप के कारण आई थी”, फिर भी भारत में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु और केरल के तटीय क्षेत्र भीषण रूप से प्रभावित हुए, और “इस आपदा में दो लाख से अधिक लोगों की जान गई।”

भूकंप एक जगह आता है, पर लहरें कई देशों तक पहुँचती हैं; 2004 में “भारत और अन्य 13 देश” प्रभावित हुए थे। इसलिए चेतावनी सबके साथ मिलकर ही काम करती है; यह तर्क हमारा है। किताब के अनुसार सुनामी के बारे में “तट से टकराने से पहले इसका अनुमान लगाया जा सकता है।” और “भारत समेत बहुत से देश ‘हिंद महासागर सुनामी चेतावनी प्रणाली’ में सहयोग कर रहे हैं।” इसलिए दूर के भूकंप की चेतावनी भी गंभीरता से लेनी चाहिए; यह सलाह हमारी है। (किताब, पृष्ठ 34)


केस 3 — समुद्र से दूर का खेत

मान लीजिए, राजस्थान के एक गाँव के किसान रामलाल (काल्पनिक नाम) कहते हैं कि समुद्र उनके गाँव से बहुत दूर है, इसलिए समुद्र का उनकी खेती से कोई लेना-देना नहीं। उनके बेटे का एक दोस्त समुद्र के किनारे के एक गाँव में रहता है, और वहाँ पीने के पानी की कमी रहती है। इस केस की बातें किताब के पृष्ठ 31, 33 और 37 पर हैं।

1किताब के आधार पर रामलाल को समझाइए कि दूर का समुद्र भी उनके खेत तक कैसे पहुँचता है। 3 अंक

उत्तर देखिए

★बादलों और वर्षा के रास्ते। अंतरिक्ष से दिखती पृथ्वी की सफ़ेद आकृतियों के बारे में किताब कहती है: “वे बादलों के विशाल समूह हैं। ये बादल महाद्वीपों में वर्षा लाते हैं। उदाहरण के लिए, भारत में होने वाली अपेक्षित मानसूनी वर्षा महासागरों से उत्पन्न होती है।”

किताब पूरे भारत की मानसूनी वर्षा की बात करती है, इसलिए रामलाल का गाँव भी इसमें आता है; यह जोड़ हमारा है। उनकी खेती इसी वर्षा पर टिकी है, क्योंकि “इस वर्षा के अभाव में हमारी कृषि और पूरा जीवन अस्त-व्यस्त हो जाएगा।” किताब यहाँ तक कहती है: “महासागरों के बिना वर्षा नहीं होगी तो पृथ्वी मरुस्थल बन जाएगी।” (किताब, पृष्ठ 33, 37)

2रामलाल का बेटा पूछता है कि जब समुद्र दूर के खेत तक वर्षा भेज सकता है, तो उसके दोस्त के गाँव वाले सामने के समुद्र का पानी पीकर अपनी कमी क्यों नहीं मिटा लेते। उसे किताब के आधार पर उत्तर दीजिए। 2 अंक

उत्तर देखिए

★समुद्र का पानी खारा है, पीने लायक नहीं। किताब के अनुसार महासागरों का “यह जल लवणीय (खारा) है एवं मानव सहित बहुत से स्थलीय जीवों के उपभोग के लिए अनुपयोगी है।” और “अलवणीय जल (पेय जल) का पृथ्वी के जल संसाधनों में अत्यल्प हिस्सा है।”

किताब पीने लायक पानी के जो रूप गिनाती है, उनमें वायुमंडल भी है: “यह हिमनद (ग्लेशियर), नदियों, झीलों, वायुमंडल एवं भूमिगत जल के रूप में व्याप्त है।” यानी खेत तक समुद्र का खारा पानी सीधे नहीं पहुँचता; वह बादलों से वर्षा बनकर आता है। यह जोड़ हमारा है। यह कैसे होता है, यह किताब के अनुसार “पृथ्वी के जलचक्र का भाग है जिसे आप आगे विज्ञान में पढ़ेंगे।” (किताब, पृष्ठ 31, 37)


केस 4 — वर्गों में महाद्वीप

उत्तरी अमेरिकादक्षिणीअमेरिकायूरोपएशियाअफ्रीकाआस्ट्रेलियाअंटार्कटिका
सात महाद्वीपों का सापेक्षिक आकार, वर्गों में (वास्तविक आकार नहीं)किताब के पृष्ठ 36 के आरेख के आधार पर हमारा बनाया चित्र

यह आरेख किताब के पृष्ठ 36 के आरेख पर आधारित है, जो सात महाद्वीपों की सूची पर बना है। हमने किताब के आरेख में वर्ग गिने हैं, और यह गिनती हमारी है: एशिया 51, अफ्रीका 30, उत्तरी अमेरिका 21, दक्षिणी अमेरिका 18, अंटार्कटिका 13, यूरोप 11, आस्ट्रेलिया 8; कुल 152 वर्ग। पहले आप भी गिनकर मिलाइए।

1आरेख में अंटार्कटिका यूरोप से बड़ा है। फिर भी ओलंपिक के पाँच छल्लों में यूरोप है, अंटार्कटिका नहीं। किताब के आधार पर इसका कारण बताइए। 2 अंक

उत्तर देखिए

★छल्ले आकार देखकर नहीं चुने गए थे। किताब के अनुसार ये छल्ले “पाँच बसे हुए महाद्वीपों” का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुने गए थे: अफ्रीका, अमेरिका, एशिया, आस्ट्रेलिया और यूरोप। अंटार्कटिका इन पाँच में नहीं है।

आरेख में अंटार्कटिका 13 वर्ग का है और यूरोप 11 का, यानी आकार में अंटार्कटिका आगे है; पर छल्लों के चुनाव में आकार नहीं देखा गया। यह तुलना हमारी है। अंटार्कटिका को इन पाँच में क्यों नहीं गिना गया, यह किताब इस जगह नहीं लिखती। वहाँ भारतीय वैज्ञानिकों के रहने की जगह ज़रूर है (पृष्ठ 37); दूसरी जगह वह इसे ऐसा महाद्वीप बताती है “जहाँ की जलवायु बहुत अधिक ठंडी और कठोर है”, जिससे इसका अंदाज़ा लगता है। यह अंदाज़ा हमारा है। (किताब, पृष्ठ 35, 37)

2किताब की तालिका में महाद्वीपों की गिनती चार तरह से की गई है: चार, पाँच, छह और सात। ऊपर दी गई गिनती के अनुसार सात वाली सूची में अफ्रीका दूसरे स्थान पर है। हर सूची के महाद्वीपों के वर्ग जोड़िए और बताइए कि किन सूचियों में अफ्रीका दूसरे स्थान पर नहीं रहता। 3 अंक

उत्तर देखिए

★पाँच वाली सूची में अफ्रीका तीसरे स्थान पर आ जाता है, और चार वाली सूची में वह अलग महाद्वीप ही नहीं रहता।

सात एशिया 51, फिर अफ्रीका 30। अफ्रीका दूसरा।

छह यूरोप और एशिया मिलकर यूरेशिया, 11 + 51 = 62, फिर अफ्रीका 30। अफ्रीका अब भी दूसरा।

पाँच यूरेशिया 62, फिर उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका मिलकर अमेरिका, 21 + 18 = 39, फिर अफ्रीका 30। अफ्रीका तीसरा।

चार अफ्रीका-यूरेशिया, 30 + 62 = 92; यहाँ अफ्रीका अलग से गिना ही नहीं जाता।

हर सूची में कुल 152 वर्ग ही रहते हैं; ज़मीन वही है, केवल समूह बदले हैं। यह हिसाब हमारा है। किताब भी कहती है: “यह हमारी रुचि पर निर्भर करता है कि हम चार से सात के बीच किसी भी संख्या की सूची बना सकते हैं!” (किताब, पृष्ठ 34–35)

3क्या इस आरेख से बताया जा सकता है कि अफ्रीका असल में कितने वर्ग किलोमीटर का है? आरेख से अफ्रीका और आस्ट्रेलिया की तुलना कैसे करेंगे? 2 अंक

उत्तर देखिए

★वर्ग किलोमीटर नहीं, केवल तुलना। किताब के अनुसार यह आरेख महाद्वीपों के “वास्तविक आकार को नहीं, अपितु सापेक्षिक आकार को दर्शाता है।” एक वर्ग कितनी ज़मीन के बराबर है, यह आरेख में कहीं नहीं लिखा।

तुलना ऐसे होगी: अफ्रीका 30 वर्ग, आस्ट्रेलिया 8 वर्ग; 30 को 8 से भाग देने पर 3.75 आता है, यानी आरेख में अफ्रीका आस्ट्रेलिया से लगभग चार गुना दिखाया गया है। आरेख पूरे वर्गों से बना है, इसलिए यह मोटा अंदाज़ा है, सटीक नाप नहीं। यह हिसाब और निष्कर्ष हमारा है। (किताब, पृष्ठ 35)

भाग ख — तर्क और मूल्यांकन

1अध्याय की शुरुआत में जूल्स वर्न (1870) का कथन है कि महासागर “पृथ्वी के 7/10 वें भाग पर व्याप्त है।” आगे किताब लिखती है: “वास्तव में पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है।” एक विद्यार्थी कहता है कि इन दोनों में से एक बात ग़लत है। क्या आप सहमत हैं? हिसाब से समझाइए। 2 अंक

उत्तर देखिए

★नहीं। दोनों की मुख्य बात एक है: पृथ्वी की अधिकांश सतह पर जल है। 7/10 का अर्थ है 100 में से 70, और 3/4 का अर्थ है 100 में से 75। दोनों आधे (100 में से 50) से बहुत ज़्यादा हैं और एक-दूसरे के काफ़ी पास हैं।

ग्लोब पर सबसे ज़्यादा नीला रंग दिखता है, जो जल है; इस पर किताब कहती है: “इसका अर्थ है कि पृथ्वी की अधिकांश सतह जल से घिरी हुई है।” अपनी बात के लिए किताब तीन-चौथाई लिखती है, इसलिए उत्तर में वही लिखिए। यह हिसाब और तुलना हमारी है। (किताब, पृष्ठ 27–28)

2मान लीजिए, आपके दादाजी की एक पुरानी किताब (काल्पनिक) में चार महासागर लिखे हैं, और आपकी किताब में पाँच। आपका दोस्त कहता है कि दोनों में से एक किताब ज़रूर ग़लत छपी है। आप उसे क्या समझाएँगे? 2 अंक

उत्तर देखिए

★महासागर असल में अलग-अलग नहीं हैं, इसलिए उनकी गिनती इस पर टिकी है कि नक्शे पर सीमा-रेखाएँ कहाँ खींची गईं। किताब पाँच महासागरों के नाम बताकर कहती है: “ये वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं।” और यह भी कि “प्राकृतिक जगत ऐसी किन्हीं भी सीमाओं का पालन नहीं करता है।”

कोई दो महासागरों के बीच रेखा न खींचे, तो उसकी गिनती कम हो जाएगी; यह तर्क हमारा है। पहले कितने महासागर गिने जाते थे, यह किताब नहीं बताती। अपने उत्तर में किताब के पाँच नाम ही लिखिए। (किताब, पृष्ठ 31)

3मान लीजिए, मछुआरों के एक गाँव (काल्पनिक) में लोग कहते हैं कि हर साल जाल में मछलियाँ कम आ रही हैं। एक मछुआरा कहता है कि लोग ज़रूरत से ज़्यादा मछली पकड़ रहे हैं; दूसरा कहता है कि समुद्र में प्लास्टिक बढ़ गया है। किसकी बात किताब से मेल खाती है? 2 अंक

उत्तर देखिए

★दोनों की। किताब दोनों को समुद्री जीवन के लिए ख़तरा बताती है। ज़्यादा मछली पकड़ने पर: “समुद्रों में आवश्यकता से अधिक मछली पकड़ना भी समुद्री जीवन के पतन का एक और कारण है।” प्लास्टिक पर: समुद्र में फेंका गया प्लास्टिक कचरा “समुद्री जीव-जंतुओं का जीवन संकट में डालता है”।

इस गाँव में मछलियाँ असल में किस कारण कम हुईं, यह किताब से तय नहीं होता; उसके लिए उस समुद्र की जाँच करनी होगी। यह निष्कर्ष हमारा है। (किताब, पृष्ठ 38)

भाग ग — तुलना और वर्गीकरण

1नीचे लिखी हर बात के लिए बताइए कि वह प्रकृति में ऐसी है, या लोगों ने अपनी सुविधा के लिए तय की है। 4 अंक

उत्तर देखिए
बातप्रकृति की बात या लोगों का तय कियाक्यों
महासागरों के बीच की सीमा-रेखाएँलोगों ने तय कींकिताब के अनुसार महासागरों का यह सीमांकन “प्रचलन से अधिक कुछ नहीं” है।
समुद्री जल एक महासागर से दूसरे में बहता रहता हैप्रकृति की बातपानी किसी रेखा को नहीं मानता; केस 1 का प्रश्न 2 देखिए।
यूरोप और एशिया दो अलग महाद्वीप हैंलोगों ने तय कियामानचित्र में यह “एक ही भूखंड” है; किताब बताती है कि “ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कारणों से” यूरोप का विकास एशिया से भिन्न हुआ।
उत्तरी गोलार्ध में स्थल भाग दक्षिणी गोलार्ध से अधिक हैप्रकृति की बातयह ज़मीन और पानी के फैलाव की बात है; नक्शा कोई भी बनाए, यह नहीं बदलेगी।
सात महाद्वीपों की सूची सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होती हैलोगों ने तय कियाकिताब कहती है कि “व्यावहारिक रूप से” इसी सूची को “व्यापक रूप से अपनाया” जाता है; गिनती चार से सात तक कुछ भी हो सकती है।

★पहचानने का हमारा तरीका: जो बात लोगों के मिलकर बदल देने से बदल जाए, वह लोगों की तय की हुई है; जो ज़मीन और पानी में ही वैसी है, वह प्रकृति की बात है। (किताब, पृष्ठ 31, 34–35, 38)

2हर नाम को इन पाँच खानों में से सही खाने में रखिए: महासागर, महासागर का भाग (सागर या खाड़ी), द्वीप, द्वीप समूह, महाद्वीप। 4 अंक

नामखानापहचान
प्रशांत
अरब सागर
बंगाल की खाड़ी
लक्षद्वीप
अंडमान और निकोबार
ग्रीनलैंड
आस्ट्रेलिया
उत्तर देखिए
नामखानापहचान
प्रशांतमहासागरकिताब के पाँच महासागरों में से एक।
अरब सागरमहासागर का भागभारत के पश्चिम में हिंद महासागर का भाग।
बंगाल की खाड़ीमहासागर का भागभारत के पूर्व में हिंद महासागर का भाग।
लक्षद्वीपद्वीप समूहअरब सागर में।
अंडमान और निकोबारद्वीप समूहबंगाल की खाड़ी में।
ग्रीनलैंडद्वीप“विश्व का सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड है”।
आस्ट्रेलियामहाद्वीपकिताब की सात महाद्वीपों की सूची में है; चारों ओर जल होने पर भी द्वीप नहीं कहलाता।

★आस्ट्रेलिया और ग्रीनलैंड दोनों चारों ओर जल से घिरे हैं; फ़र्क आकार का है। किताब के अनुसार “महाद्वीप भी चारों ओर जल से घिरे होते हैं, किंतु आकार में बड़े होने के कारण उन्हें द्वीप नहीं कहा जाता है।” किताब यह बात सब महाद्वीपों के लिए कहती है; आस्ट्रेलिया पर इसे लागू करना हमारा है। (किताब, पृष्ठ 31, 33, 36–37)

3हर काम के लिए बताइए कि किताब का कौन-सा चित्र सबसे ज़्यादा काम आएगा: चित्र 2.1 (अंतरिक्ष से पृथ्वी), 2.2 (दोनों ध्रुवों के ऊपर से पृथ्वी), 2.3 (विश्व का मानचित्र) या 2.4 (भारत का मानचित्र)। 4 अंक

उत्तर देखिए
कामचित्रक्यों
यह देखना कि अंतरिक्ष से पृथ्वी पर बादल कैसे दिखते हैं2.1अध्याय के आरंभ वाले पृथ्वी के इसी चित्र की सफ़ेद आकृतियों के बारे में किताब कहती है: “वे बादलों के विशाल समूह हैं।”
उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में जल और भूमि की तुलना2.2इसमें उत्तर ध्रुव और दक्षिण ध्रुव के ऊपर से पृथ्वी अलग-अलग दिखती है, और किताब इसी चित्र के साथ पूछती है: “किस गोलार्ध में अधिक जल है?” 2.3 लिखना भी ठीक है: उसमें बीच की टूटी रेखा (भूमध्य रेखा) से दोनों गोलार्ध अलग दिखते हैं, और उसके ठीक नीचे पृष्ठ 32 की गतिविधि गोलार्धों की तालिका भरवाती है। यह बात हमारी है।
पाँचों महासागर और उनकी सीमाएँ एक साथ देखना2.3इसका शीर्षक ही बताता है कि इसमें पाँच महासागर, उनकी पारंपरिक सीमाएँ और महाद्वीप दिखाए गए हैं।
भारत के दो प्रमुख द्वीप समूह किस सागर या खाड़ी में हैं2.4इसमें अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और भारत के दोनों प्रमुख द्वीप समूह दिखाए गए हैं।

★चित्र चुनने का हमारा तरीका: पहले देखिए कि काम पूरी पृथ्वी का है, दोनों गोलार्धों का, पूरे विश्व के मानचित्र का या केवल भारत का; फिर उसी दायरे वाला चित्र लीजिए। (किताब, पृष्ठ 27, 29, 32–33)

भाग घ — प्रोजेक्ट और गतिविधि

1. 8 जून के लिए एक पोस्टर

किताब बताती है कि “संयुक्त राष्ट्र ने 8 जून को विश्व महासागर दिवस के रूप में घोषित किया है”। इस दिन के लिए अपनी कक्षा का एक पोस्टर बनाइए। उसमें किताब से तीन बातें लिखिए कि महासागर हमारे लिए क्यों ज़रूरी हैं, जैसे वर्षा, ऑक्सीजन और भोजन। फिर दो बातें लिखिए कि आपकी कक्षा महासागरों को बचाने के लिए क्या कर सकती है, भले ही आपका गाँव समुद्र से बहुत दूर हो।

2. पानी बचाने के तरीके, अपनी आँखों से (किताब के पृष्ठ 31 की गतिविधि पर आधारित)

किताब पूछती है: “जल संरक्षण के कौन-कौन से उपायों से आप अवगत हैं?” एक हफ़्ते तक अपने घर, विद्यालय और गाँव या मोहल्ले में देखिए कि पानी बचाने के कौन-से तरीके अपनाए जाते हैं। तीन खानों की एक तालिका बनाइए: तरीका, कहाँ देखा, और कौन अपनाता है। आख़िर में लिखिए कि इनमें से कौन-सा तरीका आप अपने घर में शुरू कर सकते हैं।

3. एक हफ़्ते का प्लास्टिक

एक हफ़्ते तक गिनिए कि आपके घर से प्लास्टिक की कितनी चीज़ें फेंकी गईं: थैलियाँ, बोतलें, पैकेट। हर चीज़ के आगे लिखिए कि क्या उसके बिना काम चल सकता था। फिर पूरी कक्षा की गिनती जोड़िए और केस 1 का प्रश्न 3 फिर से पढ़िए। एक घर की गिनती छोटी लगती है; पूरी कक्षा की गिनती कितनी बनी?

4. चार सूचियाँ, एक ही ज़मीन (किताब के पृष्ठ 35–36 की गतिविधियों पर आधारित)

ग्राफ़ पेपर पर हर सूची के लिए एक पट्टी-चार्ट बनाइए: हर महाद्वीप के लिए उतने खाने रंगिए, जितने वर्ग वह किताब के आरेख में घेरता है। लंबी पट्टी को 10-10 खानों की कई पंक्तियों में तोड़ सकते हैं। पहला चार्ट सात महाद्वीपों का हो, फिर छह, पाँच और चार वाली सूची के अनुसार तीन और चार्ट बनाइए। हर चार्ट के नीचे लिखिए कि सबसे लंबी और सबसे छोटी पट्टी किसकी है, और जाँचिए कि चारों चार्टों में कुल खाने बराबर हैं या नहीं।

अपना उत्तर ख़ुद जाँचिए

आपके उत्तर मेंतो
किताब की एक बात जोड़ी, और जहाँ अपना हिसाब या अंदाज़ा लिखा, वहाँ यह भी लिखा कि वह आपका हैउत्तर पूरा है।
नक्शे पर छपा कोई नाम लिख दिया, पर कारण नहीं बतायाकेस 1 के प्रश्न 1 और 2 फिर से देखिए; वहाँ नक्शे से कारण निकाला गया है।
वर्ग जोड़ते समय कोई महाद्वीप छूट गया, या किसी सूची का जोड़ 152 नहीं आयाकेस 4 का प्रश्न 2 देखिए और हर सूची का जोड़ फिर से मिलाइए।
महासागरों की सीमा-रेखाओं या महाद्वीपों की गिनती को प्रकृति का नियम मान लियाभाग ख का प्रश्न 2 और भाग ग का प्रश्न 1 फिर से पढ़िए।