कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 195–208
! ये प्रश्न NCERT के नहीं हैं। ये इस श्रृंखला के हैं, और पुस्तक के पाठ से बनाए गए हैं। हर उत्तर की जड़ पुस्तक में है — कहीं भी बाहर की जानकारी नहीं माँगी गई।
इस प्रश्न बैंक की अलग बात क्या है
05-Question-Bank.md याद की गई बात पूछता है। यह फ़ाइल यह पूछती है कि उस बात का उपयोग कर
सकते हो या नहीं।
| सामान्य प्रश्न | योग्यता-आधारित प्रश्न |
|---|---|
| “द्वितीयक क्षेत्रक क्या है?” | “यह गतिविधि किस क्षेत्रक में जाएगी, और आपने ऐसा क्यों तय किया?” |
| “तीनों क्षेत्रक कौन-से हैं?” | “इस शृंखला की एक कड़ी हटा दीजिए — अब क्या होगा?” |
जाँची जा रही योग्यताएँ
| कूट | योग्यता |
|---|---|
| यो-1 | नई गतिविधियों को तीनों क्षेत्रकों में सही वर्गीकृत करना |
| यो-2 | मिलती-जुलती गतिविधियों में भेद करना (निकालना बनाम बदलना) |
| यो-3 | प्रवाह चित्र बनाना और शृंखला की कड़ियाँ पहचानना |
| यो-4 | कारण और परिणाम की शृंखला बनाना |
| यो-5 | अपने जीवन से जोड़कर निर्णय लेना |
खंड क — प्रकरण-आधारित प्रश्न
प्रकरण 1 — एक कमीज़ का सफ़र
नीचे एक सूती कमीज़ बनने के चरण दिए गए हैं —
(क) किसान खेत में कपास उगाता है (ख) ट्रक कपास को मिल तक ले जाता है (ग) मिल में कपास से धागा और फिर कपड़ा बनता है (घ) कारखाने में कपड़े से कमीज़ सिली जाती है (ङ) कमीज़ गोदाम में रखी जाती है (च) दुकानदार कमीज़ ग्राहक को बेचता है
1.1छहों चरणों को क्षेत्रकों में बाँटिए। (यो-1)
उत्तर देखिए
(क) प्राथमिक · (ख) तृतीयक · (ग) द्वितीयक · (घ) द्वितीयक · (ङ) तृतीयक · (च) तृतीयक
1.2इस शृंखला में तृतीयक क्षेत्रक कितनी बार आया? इससे क्या पता चलता है? (यो-3)
उत्तर देखिए
तीन बार — चरण (ख), (ङ) और (च) में। इससे पता चलता है कि तृतीयक क्षेत्रक केवल अंत में नहीं आता; वह पूरी शृंखला में बार-बार आता है और बाकी दोनों को जोड़े रखता है।
1.3यदि चरण (ख) हटा दिया जाए, तो क्या होगा? (यो-4)
उत्तर देखिए
कपास खेत से मिल तक पहुँच ही नहीं पाएगी, इसलिए आगे का कोई भी चरण नहीं हो सकेगा — न कपड़ा बनेगा, न कमीज़, न बिक्री।
★यही पुस्तक का वाक्य सिद्ध करता है — “कोई भी गतिविधि संभव नहीं होती, अगर यह तीनों क्षेत्रक एक साथ कार्य नहीं करते।”
1.4पुस्तक में इसी प्रकार की एक और शृंखला दी गई है। वह कौन-सी है? (यो-1)
उत्तर देखिए
चित्र 14.1 — पाठ्यपुस्तक बनने की शृंखला (और दूध वाली शृंखला भी स्वीकार्य है)।
प्रकरण 2 — निकालना या बदलना?
नीचे छह जोड़ियाँ दी गई हैं। हर जोड़ी में दोनों काम एक ही वस्तु से जुड़े हैं —
| # | पहला काम | दूसरा काम |
|---|---|---|
| 1 | खदान से कोयला निकालना | कोयले से बिजली बनाना |
| 2 | खेत में गन्ना उगाना | गन्ने से चीनी बनाना |
| 3 | जंगल से लकड़ी काटना | लकड़ी से कागज बनाना |
| 4 | समुद्र से मछली पकड़ना | मछली को डिब्बे में बंद करना |
| 5 | गाय का दूध दुहना | दूध से पनीर बनाना |
| 6 | मिट्टी खोदना | मिट्टी से ईंट बनाना |
2.1हर जोड़ी में दोनों कामों को क्षेत्रकों में बाँटिए। (यो-2)
उत्तर देखिए
(6 अंक — हर जोड़ी 1 अंक) सभी छह जोड़ियों में पहला काम प्राथमिक और दूसरा द्वितीयक है।
2.2इन छहों जोड़ियों में जो एक नियम समान है, उसे एक वाक्य में लिखिए। (यो-2)
उत्तर देखिए
“निकालना प्राथमिक है; बदलना द्वितीयक।” (या — वस्तु नहीं, क्रिया तय करती है कि गतिविधि किस क्षेत्रक में जाएगी।)
2.3इनमें से कौन-सी जोड़ी पुस्तक में सीधे दी गई है? (यो-1)
उत्तर देखिए
जोड़ी 1 (कोयला और बिजली — पृष्ठ 197 का चित्र), जोड़ी 3 (लकड़ी और कागज — पृष्ठ 199), और जोड़ी 5 (दूध और पनीर — पृष्ठ 204)। (कोई एक बताने पर पूरे अंक।)
2.4एक विद्यार्थी कहता है — “जो चीज़ प्रकृति से आती है, वह हमेशा प्राथमिक क्षेत्रक में होती है।” क्या यह सही है? कारण दीजिए। (यो-2)
उत्तर देखिए
नहीं। प्रकृति से आने वाली चीज़ पर जब कोई क्रिया की जाती है और उसे किसी और रूप में बदला जाता है, तो वह द्वितीयक हो जाती है। सबसे अच्छा उदाहरण ‘सौर ऊर्जा’ है — धूप प्रकृति से आती है, पर वह पृष्ठ 197 के चित्र में द्वितीयक क्षेत्रक में रखी गई है, क्योंकि हम धूप नहीं बेचते, बिजली बेचते हैं।
★उच्च स्तर का संकेत विद्यार्थी ‘जल-आपूर्ति’ या ‘विद्युत उत्पादन’ का उदाहरण भी दे।
प्रकरण 3 — रमा का मोहल्ला
रमा के मोहल्ले में ये आठ काम होते हैं —
दूधवाला · दर्जी · डॉक्टर · मुर्गी-फार्म · बिजली मिस्त्री · ईंट-भट्ठा · किराने की दुकान · मोबाइल ठीक करने वाला
3.1आठों को तीनों क्षेत्रकों में बाँटिए। (यो-1)
उत्तर देखिए
प्राथमिक — मुर्गी-फार्म (कुक्कुट पालन) द्वितीयक — दर्जी, ईंट-भट्ठा तृतीयक — डॉक्टर, बिजली मिस्त्री, किराने की दुकान, मोबाइल ठीक करने वाला दूधवाला — प्रश्न 3.3 देखिए
3.2किस क्षेत्रक में सबसे अधिक काम निकले? आपके विचार से ऐसा क्यों? (यो-4)
उत्तर देखिए
तृतीयक में — क्योंकि मोहल्ले में अधिकतर काम सेवाएँ होती हैं; कच्चा माल निकालने का काम प्रायः गाँवों और खदानों में होता है, और बड़े पैमाने का विनिर्माण कारखानों में।
3.3‘दूधवाला’ पर कक्षा में मतभेद हो सकता है। दोनों संभावनाएँ बताइए। (यो-2)
उत्तर देखिए
यदि वह स्वयं गाय पालकर दूध दुहता है, तो वह प्राथमिक है (पुस्तक के अनुसार दुग्ध उत्पादन प्राकृतिक स्रोत से प्रत्यक्ष प्राप्ति है)। यदि वह किसी और से दूध लेकर घर-घर पहुँचाता है, तो वह तृतीयक है (वितरण और बिक्री)।
★अंक कारण पर दीजिए, चुनाव पर नहीं।
3.4इनमें से किन-किन कामों को पुस्तक ने भी अपने उदाहरणों में गिनाया है? (यो-1)
उत्तर देखिए
मुर्गी-फार्म (कुक्कुट पालन — पृ. 196, 197); डॉक्टर (चिकित्सक — पृ. 200); बिजली मिस्त्री (पृ. 200); मोबाइल ठीक करने वाला (तकनीशियन — पृ. 200); दुकान (पृ. 201)। (कोई तीन।)
प्रकरण 4 — अगर सहकारिता न होती
1940 के दशक की स्थिति याद कीजिए — किसान साइकिल से दूध बेचने जाते थे, दूध खराब हो जाता था, और उन्हें बिचौलियों पर निर्भर रहना पड़ता था।
4.1पुस्तक के अनुसार सरदार पटेल ने क्या परामर्श दिया, और क्यों? (यो-4)
उत्तर देखिए
उन्होंने स्वेच्छा से कार्य करने और बिचौलियों पर निर्भरता को रोकने के लिए एक सहकारी संगठन बनाने का परामर्श दिया — ताकि किसान एक समूह के रूप में दूध की बिक्री और खरीद कर सकें तथा संग्रह, प्रसंस्करण और वितरण की पूरी प्रक्रिया स्वयं संभाल सकें।
4.2‘सहकारी संगठन’ की परिभाषा के चार भाग लिखिए। (यो-1)
उत्तर देखिए
स्वेच्छा से · औपचारिक तरीके से · आर्थिक तथा सामाजिक आवश्यकताओं के लिए · सभी सदस्य स्वामी और सामूहिक निर्णय।
4.3पुस्तक बिचौलियों को ‘बुरा’ नहीं कहती। वह उनके काम को क्या बताती है — और उस हिसाब से वे
किस क्षेत्रक में आएँगे? (यो-2)
उत्तर देखिए
पुस्तक कहती है कि बिचौलिए उत्पादकों से सामान खरीदकर उपभोक्ताओं को बेचते हैं और इस सेवा के लिए शुल्क लेते हैं। चूँकि यह एक सेवा है, इस हिसाब से वे तृतीयक क्षेत्रक में आएँगे।
★उच्च स्तर का संकेत विद्यार्थी यह जोड़े कि समस्या बिचौलिए के होने में नहीं, बल्कि इसमें थी कि किसान के पास कोई विकल्प नहीं था।
4.4यदि सहकारी संगठन न बनता, तो किसानों के जीवन में क्या-क्या न बदलता? कोई तीन बातें लिखिए।
(यो-4)
उत्तर देखिए
(3 अंक — कोई तीन) किसान अकेले-अकेले ही दूध बेचते रहते और उन्हें कम आमदनी मिलती रहती; बिचौलियों पर निर्भरता बनी रहती; महिलाओं का नियंत्रण न बढ़ता; दूध के प्रसंस्करण का कारखाना न बनता, इसलिए मक्खन और पाउडर जैसे उत्पाद न बनते; और वे एक बड़ा परिवार न बन पाते।
प्रकरण 5 — कागज की कहानी
पुस्तक बताती है कि एक टन कागज के पुनर्चक्रण से 17 पेड़ों और 2.5 घन मीटर लैंडफिल स्थान की बचत होती है, तथा पुनर्चक्रित कागज के उपयोग से 70 प्रतिशत ऊर्जा और पानी की बचत होती है।
5.1पुनर्चक्रण किस क्षेत्रक की गतिविधि है? कारण दीजिए। (यो-2)
उत्तर देखिए
द्वितीयक — क्योंकि पुनर्चक्रण में पुराने कागज को रूपांतरित करके नया कागज बनाया जाता है, और रूपांतरण द्वितीयक क्षेत्रक की पहचान है।
5.2यदि हम पुनर्चक्रित कागज का उपयोग करें, तो चित्र 14.1 की शृंखला का कौन-सा चरण कम हो
जाएगा? (यो-3)
उत्तर देखिए
पहला चरण — पेड़ काटना, यानी प्राथमिक क्षेत्रक वाला चरण कम हो जाएगा। (इसीलिए पुस्तक कहती है कि पुनर्चक्रण से 17 पेड़ बचते हैं।)
5.3आपके विद्यालय में कागज का विवेकपूर्ण उपयोग करने के चार तरीके लिखिए। (यो-5)
उत्तर देखिए
दोनों ओर लिखना · रफ़ काम के लिए पुराने पन्नों का उपयोग · अनावश्यक छपाई से बचना · पुरानी कॉपियों के बचे पन्नों से नई कॉपी बनाना · कागज को कूड़े में न फेंककर पुनर्चक्रण के लिए अलग रखना। (कोई चार।)
5.4यह खंड अध्याय 12 की किस बात से जुड़ता है? (यो-4)
उत्तर देखिए
अध्याय 12 के ‘कूड़े का पृथक्करण’ वाले नागरिक-कर्तव्य से — वहाँ भी बात यही थी कि अपशिष्ट को अलग रखने से उसका प्रबंधन आसान हो जाता है।
खंड ख — अभिकथन एवं कारण
निर्देश: (क) दोनों सही, R व्याख्या · (ख) दोनों सही, R व्याख्या नहीं · (ग) A सही, R गलत · (घ) A गलत, R सही
6A: ‘जल-आपूर्ति’ द्वितीयक क्षेत्रक में है।
R: पानी प्रकृति से आता है।
(यो-2)
उत्तर देखिए
(ख) — दोनों कथन सही हैं, पर R यह नहीं समझाता कि यह द्वितीयक क्यों है — कारण यह है कि पानी को साफ़ करके पाइप से पहुँचाया जाता है, यानी उस पर क्रिया की जाती है
7A: तृतीयक क्षेत्रक के बिना द्वितीयक क्षेत्रक चल नहीं सकता।
R: कच्चा माल कारखाने तक पहुँचाने और तैयार माल बेचने के लिए परिवहन तथा खुदरा चाहिए।
(यो-4)
उत्तर देखिए
(क) — R ही A का ठीक कारण है
8A: अमूल एक निजी कंपनी है।
R: सहकारी संगठन के सभी सदस्य उसके स्वामी होते हैं।
(यो-1)
उत्तर देखिए
(घ) — A गलत — अमूल एक सहकारी संगठन है, निजी कंपनी नहीं। R सही है
9A: मछली पकड़ना और मत्स्य पालन अलग-अलग क्षेत्रकों में हैं।
R: दोनों में प्रकृति से सीधे कच्चा माल निकाला जाता है।
(यो-2)
उत्तर देखिए
(घ) — A गलत — दोनों प्राथमिक हैं। R सही है और वही उसे गलत सिद्ध करता है
10A: चित्र 14.1 में क्रम प्राथमिक, द्वितीयक, तृतीयक — इसी सीधे क्रम में चलता है।
R: पेड़ काटने के बाद लट्ठों को ट्रक से मिल तक ले जाना पड़ता है।
(यो-3)
उत्तर देखिए
(घ) — A गलत — तृतीयक बीच में भी आता है। R सही है और वही इसका प्रमाण है
खंड ग — तालिका और प्रवाह चित्र
11नीचे दी गई तालिका पूरी कीजिए। (यो-1)
| गतिविधि | क्षेत्रक | कारण |
|---|---|---|
| चाय के बागान से पत्तियाँ तोड़ना | ||
| पत्तियों से चाय तैयार करना | ||
| चाय की दुकान चलाना | ||
| मधुमक्खी पालन से शहद निकालना | ||
| शहद की बोतल भरकर पैक करना |
उत्तर देखिए
(10 अंक — हर पंक्ति 2)
| गतिविधि | क्षेत्रक | कारण |
|---|---|---|
| चाय के बागान से पत्तियाँ तोड़ना | प्राथमिक | प्रकृति से सीधे कच्चा माल निकालना |
| पत्तियों से चाय तैयार करना | द्वितीयक | कच्चे माल का रूपांतरण (पुस्तक का अपना उदाहरण) |
| चाय की दुकान चलाना | तृतीयक | सेवा और बिक्री |
| मधुमक्खी पालन से शहद निकालना | प्राथमिक | प्राकृतिक स्रोत से प्रत्यक्ष प्राप्ति |
| शहद की बोतल भरकर पैक करना | द्वितीयक | प्रसंस्करण और उत्पाद तैयार करना |
12पृष्ठ 197 के चित्र से तीन ऐसे उदाहरण चुनिए जो आपको सबसे अधिक चौंकाते हैं, और हर एक के
लिए एक वाक्य में कारण लिखिए कि वह उस क्षेत्रक में क्यों है। (यो-2)
उत्तर देखिए
अपेक्षित चयन सौर ऊर्जा, विद्युत उत्पादन, जल-आपूर्ति (तीनों द्वितीयक में हैं, जबकि उनका स्रोत प्रकृति है); या ‘व्यापार और उपयोगी सामग्री’ (तृतीयक में)।
★अंक कारण पर दीजिए। हर कारण में ‘रूपांतरण’ या ‘सेवा’ शब्द आना चाहिए।
13दूध वाली शृंखला का प्रवाह चित्र बनाइए, और हर तीर के ऊपर लिखिए कि उस चरण पर क्या होता है।
(यो-3)
उत्तर देखिए
गाय → (दुहना — प्राथमिक) → दूध → (प्रसंस्करण, पाश्चुरीकरण — द्वितीयक) → पाउडर, घी, पनीर, मक्खन → (परिवहन और विपणन — तृतीयक) → खुदरा दुकान → (बिक्री — तृतीयक) → उपभोक्ता
14अपने घर की कोई एक चीज़ चुनिए और उसका पूरा सफ़र प्रवाह चित्र में बनाइए — प्रकृति से आपके
घर तक। हर चरण के नीचे क्षेत्रक लिखिए। (यो-3)
उत्तर देखिए
कोई भी उचित वस्तु। उदाहरण — रोटी: खेत में गेहूँ (प्राथमिक) → ट्रक से मंडी और चक्की तक (तृतीयक) → आटा बनाना (द्वितीयक) → दुकान से खरीदना (तृतीयक) → घर पर रोटी बनाना (! यह गैर-आर्थिक है — अध्याय 13)।
★★यदि कोई विद्यार्थी अंतिम चरण को गैर-आर्थिक पहचान ले, तो उसे अतिरिक्त प्रशंसा दीजिए — उसने दोनों अध्याय जोड़ लिए हैं।
खंड घ — मुक्त-उत्तर एवं अनुप्रयोग
15पुस्तक कहती है — ”…कोई भी गतिविधि संभव नहीं होती, अगर यह तीनों क्षेत्रक एक साथ कार्य नहीं करते।” इस वाक्य को अपने शब्दों में एक उदाहरण से समझाइए। (यो-4)
उत्तर देखिए
अपेक्षित — कोई एक शृंखला (दूध, कागज, कपड़ा या रोटी), और उसमें से एक कड़ी हटाकर यह दिखाना कि आगे कुछ नहीं हो सकता।
16एक विद्यार्थी कहता है — “तृतीयक क्षेत्रक में तो कुछ बनता ही नहीं, इसलिए वह कम महत्वपूर्ण है।” क्या आप सहमत हैं? कारण दीजिए। (यो-4)
उत्तर देखिए
नहीं। तृतीयक क्षेत्रक के बिना कच्चा माल कारखाने तक नहीं पहुँचेगा और तैयार माल लोगों तक नहीं पहुँचेगा। पुस्तक स्वयं उसे ‘संपूरक’ कहती है, यानी जो दूसरों को पूरा करता है; और वह सहायता प्रदान करने की परिभाषा भी देती है।
★उच्च स्तर का संकेत विद्यार्थी अमूल का उदाहरण दे — दूध कारखाने में बन तो जाता, पर
ट्रकों और खुदरा भंडारों के बिना किसी तक पहुँचता नहीं।
17पुस्तक ने बिचौलियों की परिभाषा में यह भी लिखा है कि “बिचौलिए इस सेवा के लिए शुल्क लेते हैं।” आपके विचार से पुस्तक ने ऐसा क्यों लिखा? (यो-4)
उत्तर देखिए
अपेक्षित दिशा ताकि बच्चे यह न समझ लें कि बिचौलिए कोई काम नहीं करते या वे ‘बुरे’ लोग हैं। वे एक असली सेवा — खरीदना, ढोना और बेचना — देते हैं, और उसका शुल्क लेते हैं। समस्या उनके होने में नहीं थी; समस्या यह थी कि किसान के पास कोई विकल्प नहीं था, इसलिए उन्हें बहुत कम कीमत पर दूध देना पड़ता था।
18“इस प्रयास ने किसानों, विशेषकर महिलाओं को एकजुट किया तथा दूध के उत्पादन और बिक्री पर उनका नियंत्रण बढ़ा।” — इस वाक्य का महत्व अपने शब्दों में लिखिए। (यो-5)
उत्तर देखिए
अपेक्षित दिशा इससे पता चलता है कि सहकारिता ने केवल आमदनी नहीं बढ़ाई — उसने यह भी बदला कि निर्णय कौन लेता है। पहले दूध बेचने और दाम तय करने का नियंत्रण बिचौलियों के पास था; अब वह उत्पादकों, और विशेषकर महिलाओं के पास आ गया।
★उच्च स्तर का संकेत विद्यार्थी इसे अध्याय 11 (पंचायतों में महिलाओं का आरक्षण) या
अध्याय 13 (गीता मौसी) से जोड़ दे।
19यदि आपके गाँव या मोहल्ले में एक सहकारी संगठन बनाना हो, तो वह किस चीज़ का होगा और क्यों?
सहकारी संगठन की परिभाषा के चारों भाग अपने उत्तर में लाइए। (यो-5)
उत्तर देखिए
कोई भी उचित उत्तर — जैसे सब्ज़ी उगाने वालों का, बुनकरों का, दूध का, या हस्तशिल्प का सहकारी संगठन।
★पूरे अंक तभी जब उत्तर में परिभाषा के चारों भाग आएँ — स्वेच्छा से, औपचारिक तरीके से,
आर्थिक/सामाजिक आवश्यकताएँ, और सभी सदस्य स्वामी तथा सामूहिक निर्णय।
20कौटिल्य कहते हैं कि “सार्थक आर्थिक गतिविधि का अभाव वर्तमान समृद्धि और भावी प्रगति में बाधक होता है।” इस अध्याय की अमूल वाली कहानी इस बात को कैसे सिद्ध करती है? (यो-4)
उत्तर देखिए
अपेक्षित दिशा 1940 के दशक में किसानों के पास सार्थक आर्थिक गतिविधि नहीं थी — दूध खराब हो जाता था, आमदनी बेहद कम थी, और बिचौलिए अधिकांश लाभ ले जाते थे। इसलिए उनकी वर्तमान समृद्धि भी नहीं थी और भावी प्रगति भी रुकी हुई थी। सहकारी संगठन बनने के बाद गतिविधि सार्थक हुई — आमदनी बढ़ी (वर्तमान समृद्धि), और आगे चलकर कारखाने, निर्यात तथा पूरे देश में फैले संगठन बने (भावी प्रगति)।
★★यह इस पूरे प्रश्न बैंक का सबसे अच्छा प्रश्न है — यह अध्याय के पहले पृष्ठ को उसकी सबसे लंबी कहानी से जोड़ देता है।
उत्तर एवं अंकन योजना
खंड क
प्रकरण 1
1.1 (6 अंक) (क) प्राथमिक · (ख) तृतीयक · (ग) द्वितीयक · (घ) द्वितीयक · (ङ) तृतीयक · (च) तृतीयक
1.2 (3 अंक) तीन बार — चरण (ख), (ङ) और (च) में। इससे पता चलता है कि तृतीयक क्षेत्रक केवल अंत में नहीं आता; वह पूरी शृंखला में बार-बार आता है और बाकी दोनों को जोड़े रखता है।
1.3 (2 अंक) कपास खेत से मिल तक पहुँच ही नहीं पाएगी, इसलिए आगे का कोई भी चरण नहीं हो सकेगा — न कपड़ा बनेगा, न कमीज़, न बिक्री।
★यही पुस्तक का वाक्य सिद्ध करता है — “कोई भी गतिविधि संभव नहीं होती, अगर यह तीनों क्षेत्रक एक साथ कार्य नहीं करते।”
1.4 (2 अंक) चित्र 14.1 — पाठ्यपुस्तक बनने की शृंखला (और दूध वाली शृंखला भी स्वीकार्य है)।
प्रकरण 2
2.1 (6 अंक — हर जोड़ी 1 अंक) सभी छह जोड़ियों में पहला काम प्राथमिक और दूसरा द्वितीयक है।
2.2 (2 अंक) “निकालना प्राथमिक है; बदलना द्वितीयक।” (या — वस्तु नहीं, क्रिया तय करती है कि गतिविधि किस क्षेत्रक में जाएगी।)
2.3 (2 अंक) जोड़ी 1 (कोयला और बिजली — पृष्ठ 197 का चित्र), जोड़ी 3 (लकड़ी और कागज — पृष्ठ 199), और जोड़ी 5 (दूध और पनीर — पृष्ठ 204)। (कोई एक बताने पर पूरे अंक।)
2.4 (3 अंक) नहीं। प्रकृति से आने वाली चीज़ पर जब कोई क्रिया की जाती है और उसे किसी और रूप में बदला जाता है, तो वह द्वितीयक हो जाती है। सबसे अच्छा उदाहरण ‘सौर ऊर्जा’ है — धूप प्रकृति से आती है, पर वह पृष्ठ 197 के चित्र में द्वितीयक क्षेत्रक में रखी गई है, क्योंकि हम धूप नहीं बेचते, बिजली बेचते हैं।
★उच्च स्तर का संकेत: विद्यार्थी ‘जल-आपूर्ति’ या ‘विद्युत उत्पादन’ का उदाहरण भी दे।
प्रकरण 3
3.1 (4 अंक) प्राथमिक — मुर्गी-फार्म (कुक्कुट पालन) द्वितीयक — दर्जी, ईंट-भट्ठा तृतीयक — डॉक्टर, बिजली मिस्त्री, किराने की दुकान, मोबाइल ठीक करने वाला दूधवाला — प्रश्न 3.3 देखिए
3.2 (2 अंक) तृतीयक में — क्योंकि मोहल्ले में अधिकतर काम सेवाएँ होती हैं; कच्चा माल निकालने का काम प्रायः गाँवों और खदानों में होता है, और बड़े पैमाने का विनिर्माण कारखानों में।
3.3 (3 अंक) यदि वह स्वयं गाय पालकर दूध दुहता है, तो वह प्राथमिक है (पुस्तक के अनुसार दुग्ध उत्पादन प्राकृतिक स्रोत से प्रत्यक्ष प्राप्ति है)। यदि वह किसी और से दूध लेकर घर-घर पहुँचाता है, तो वह तृतीयक है (वितरण और बिक्री)।
★अंक कारण पर दीजिए, चुनाव पर नहीं।
3.4 (3 अंक) मुर्गी-फार्म (कुक्कुट पालन — पृ. 196, 197); डॉक्टर (चिकित्सक — पृ. 200); बिजली मिस्त्री (पृ. 200); मोबाइल ठीक करने वाला (तकनीशियन — पृ. 200); दुकान (पृ. 201)। (कोई तीन।)
प्रकरण 4
4.1 (3 अंक) उन्होंने स्वेच्छा से कार्य करने और बिचौलियों पर निर्भरता को रोकने के लिए एक सहकारी संगठन बनाने का परामर्श दिया — ताकि किसान एक समूह के रूप में दूध की बिक्री और खरीद कर सकें तथा संग्रह, प्रसंस्करण और वितरण की पूरी प्रक्रिया स्वयं संभाल सकें।
4.2 (4 अंक) स्वेच्छा से · औपचारिक तरीके से · आर्थिक तथा सामाजिक आवश्यकताओं के लिए · सभी सदस्य स्वामी और सामूहिक निर्णय।
4.3 (3 अंक) पुस्तक कहती है कि बिचौलिए उत्पादकों से सामान खरीदकर उपभोक्ताओं को बेचते हैं और इस सेवा के लिए शुल्क लेते हैं। चूँकि यह एक सेवा है, इस हिसाब से वे तृतीयक क्षेत्रक में आएँगे।
★उच्च स्तर का संकेत: विद्यार्थी यह जोड़े कि समस्या बिचौलिए के होने में नहीं, बल्कि इसमें थी कि किसान के पास कोई विकल्प नहीं था।
4.4 (3 अंक — कोई तीन) किसान अकेले-अकेले ही दूध बेचते रहते और उन्हें कम आमदनी मिलती रहती; बिचौलियों पर निर्भरता बनी रहती; महिलाओं का नियंत्रण न बढ़ता; दूध के प्रसंस्करण का कारखाना न बनता, इसलिए मक्खन और पाउडर जैसे उत्पाद न बनते; और वे एक बड़ा परिवार न बन पाते।
प्रकरण 5
5.1 (3 अंक) द्वितीयक — क्योंकि पुनर्चक्रण में पुराने कागज को रूपांतरित करके नया कागज बनाया जाता है, और रूपांतरण द्वितीयक क्षेत्रक की पहचान है।
5.2 (2 अंक) पहला चरण — पेड़ काटना, यानी प्राथमिक क्षेत्रक वाला चरण कम हो जाएगा। (इसीलिए पुस्तक कहती है कि पुनर्चक्रण से 17 पेड़ बचते हैं।)
5.3 (4 अंक) दोनों ओर लिखना · रफ़ काम के लिए पुराने पन्नों का उपयोग · अनावश्यक छपाई से बचना · पुरानी कॉपियों के बचे पन्नों से नई कॉपी बनाना · कागज को कूड़े में न फेंककर पुनर्चक्रण के लिए अलग रखना। (कोई चार।)
5.4 (2 अंक) अध्याय 12 के ‘कूड़े का पृथक्करण’ वाले नागरिक-कर्तव्य से — वहाँ भी बात यही थी कि अपशिष्ट को अलग रखने से उसका प्रबंधन आसान हो जाता है।
खंड ख — अभिकथन एवं कारण
| प्रश्न | उत्तर | कारण |
|---|---|---|
| 6 | (ख) | दोनों कथन सही हैं, पर R यह नहीं समझाता कि यह द्वितीयक क्यों है — कारण यह है कि पानी को साफ़ करके पाइप से पहुँचाया जाता है, यानी उस पर क्रिया की जाती है |
| 7 | (क) | R ही A का ठीक कारण है |
| 8 | (घ) | A गलत — अमूल एक सहकारी संगठन है, निजी कंपनी नहीं। R सही है |
| 9 | (घ) | A गलत — दोनों प्राथमिक हैं। R सही है और वही उसे गलत सिद्ध करता है |
| 10 | (घ) | A गलत — तृतीयक बीच में भी आता है। R सही है और वही इसका प्रमाण है |
खंड ग
11. (10 अंक — हर पंक्ति 2)
| गतिविधि | क्षेत्रक | कारण |
|---|---|---|
| चाय के बागान से पत्तियाँ तोड़ना | प्राथमिक | प्रकृति से सीधे कच्चा माल निकालना |
| पत्तियों से चाय तैयार करना | द्वितीयक | कच्चे माल का रूपांतरण (पुस्तक का अपना उदाहरण) |
| चाय की दुकान चलाना | तृतीयक | सेवा और बिक्री |
| मधुमक्खी पालन से शहद निकालना | प्राथमिक | प्राकृतिक स्रोत से प्रत्यक्ष प्राप्ति |
| शहद की बोतल भरकर पैक करना | द्वितीयक | प्रसंस्करण और उत्पाद तैयार करना |
12. (6 अंक) अपेक्षित चयन: सौर ऊर्जा, विद्युत उत्पादन, जल-आपूर्ति (तीनों द्वितीयक में हैं, जबकि उनका स्रोत प्रकृति है); या ‘व्यापार और उपयोगी सामग्री’ (तृतीयक में)।
★अंक कारण पर दीजिए। हर कारण में ‘रूपांतरण’ या ‘सेवा’ शब्द आना चाहिए।
13. (4 अंक) गाय → (दुहना — प्राथमिक) → दूध → (प्रसंस्करण, पाश्चुरीकरण — द्वितीयक) → पाउडर, घी, पनीर, मक्खन → (परिवहन और विपणन — तृतीयक) → खुदरा दुकान → (बिक्री — तृतीयक) → उपभोक्ता
14. (5 अंक) कोई भी उचित वस्तु। उदाहरण — रोटी: खेत में गेहूँ (प्राथमिक) → ट्रक से मंडी और चक्की तक (तृतीयक) → आटा बनाना (द्वितीयक) → दुकान से खरीदना (तृतीयक) → घर पर रोटी बनाना (! यह गैर-आर्थिक है — अध्याय 13)।
★★यदि कोई विद्यार्थी अंतिम चरण को गैर-आर्थिक पहचान ले, तो उसे अतिरिक्त प्रशंसा दीजिए — उसने दोनों अध्याय जोड़ लिए हैं।
खंड घ — रूब्रिक
इन प्रश्नों में एक ‘सही’ उत्तर नहीं है। नीचे तीन स्तर दिए गए हैं।
| स्तर | पहचान |
|---|---|
| उच्च | उत्तर में पुस्तक का कम से कम एक शब्दशः वाक्य या पद है, और उसके साथ विद्यार्थी का अपना उदाहरण या तर्क |
| मध्यम | बात सही है, पर पुस्तक से जोड़ नहीं है |
| निम्न | केवल याद की गई पंक्ति दोहरा दी गई है |
15. (4 अंक) अपेक्षित — कोई एक शृंखला (दूध, कागज, कपड़ा या रोटी), और उसमें से एक कड़ी हटाकर यह दिखाना कि आगे कुछ नहीं हो सकता।
16. (4 अंक) नहीं। तृतीयक क्षेत्रक के बिना कच्चा माल कारखाने तक नहीं पहुँचेगा और तैयार माल लोगों तक नहीं पहुँचेगा। पुस्तक स्वयं उसे ‘संपूरक’ कहती है, यानी जो दूसरों को पूरा करता है; और वह सहायता प्रदान करने की परिभाषा भी देती है।
★उच्च स्तर का संकेत: विद्यार्थी अमूल का उदाहरण दे — दूध कारखाने में बन तो जाता, पर ट्रकों और खुदरा भंडारों के बिना किसी तक पहुँचता नहीं।
17. (4 अंक) अपेक्षित दिशा: ताकि बच्चे यह न समझ लें कि बिचौलिए कोई काम नहीं करते या वे ‘बुरे’ लोग हैं। वे एक असली सेवा — खरीदना, ढोना और बेचना — देते हैं, और उसका शुल्क लेते हैं। समस्या उनके होने में नहीं थी; समस्या यह थी कि किसान के पास कोई विकल्प नहीं था, इसलिए उन्हें बहुत कम कीमत पर दूध देना पड़ता था।
18. (4 अंक) अपेक्षित दिशा: इससे पता चलता है कि सहकारिता ने केवल आमदनी नहीं बढ़ाई — उसने यह भी बदला कि निर्णय कौन लेता है। पहले दूध बेचने और दाम तय करने का नियंत्रण बिचौलियों के पास था; अब वह उत्पादकों, और विशेषकर महिलाओं के पास आ गया।
★उच्च स्तर का संकेत: विद्यार्थी इसे अध्याय 11 (पंचायतों में महिलाओं का आरक्षण) या अध्याय 13 (गीता मौसी) से जोड़ दे।
19. (5 अंक) कोई भी उचित उत्तर — जैसे सब्ज़ी उगाने वालों का, बुनकरों का, दूध का, या हस्तशिल्प का सहकारी संगठन।
★पूरे अंक तभी जब उत्तर में परिभाषा के चारों भाग आएँ — स्वेच्छा से, औपचारिक तरीके से, आर्थिक/सामाजिक आवश्यकताएँ, और सभी सदस्य स्वामी तथा सामूहिक निर्णय।
20. (5 अंक) अपेक्षित दिशा: 1940 के दशक में किसानों के पास सार्थक आर्थिक गतिविधि नहीं थी — दूध खराब हो जाता था, आमदनी बेहद कम थी, और बिचौलिए अधिकांश लाभ ले जाते थे। इसलिए उनकी वर्तमान समृद्धि भी नहीं थी और भावी प्रगति भी रुकी हुई थी। सहकारी संगठन बनने के बाद गतिविधि सार्थक हुई — आमदनी बढ़ी (वर्तमान समृद्धि), और आगे चलकर कारखाने, निर्यात तथा पूरे देश में फैले संगठन बने (भावी प्रगति)।
★★यह इस पूरे प्रश्न बैंक का सबसे अच्छा प्रश्न है — यह अध्याय के पहले पृष्ठ को उसकी सबसे लंबी कहानी से जोड़ देता है।
योग्यता-वार आवरण
| योग्यता | प्रश्न |
|---|---|
| यो-1 | 1.1, 1.4, 2.3, 3.1, 3.4, 4.2, 8, 11 |
| यो-2 | 2.1, 2.2, 2.4, 3.3, 4.3, 5.1, 6, 9, 12 |
| यो-3 | 1.2, 5.2, 10, 13, 14 |
| यो-4 | 1.3, 3.2, 4.1, 4.4, 5.4, 7, 15, 16, 17, 20 |
| यो-5 | 5.3, 18, 19 |
शिक्षक हेतु दो चेतावनियाँ
| # | चेतावनी |
|---|---|
| 1 | प्रकरण 3 के ‘दूधवाला’ और चित्र 14.1 के चरण 2 पर एक ही उत्तर मत थोपिए। दोनों जगह दो वैध तर्क हैं — अंक कारण पर दीजिए, चुनाव पर नहीं। यही योग्यता-आधारित मूल्यांकन का अर्थ है। |
| 2 | खंड घ के उत्तर रटाइए मत। इनकी रूब्रिक विद्यार्थी का अपना तर्क देखने के लिए है; यदि उत्तर सब बच्चों में एक जैसा आ रहा है, तो प्रश्न अपना काम नहीं कर रहा। |