कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 85–104 हर प्रश्न के तुरंत बाद उसका उत्तर है — शिक्षक के मूल्यांकन और कक्षा-प्रश्नोत्तरी के लिए। योग्यता-आधारित, प्रकरण वाले प्रश्नों के लिए
08-PARAKH-Question-Bank.mdदेखिए।
खंड क — अति लघु उत्तरीय (1 अंक)
1‘सभ्यता’ शब्द का प्रयोग किसके लिए किया जाता है?
उत्तर देखिए
मानव समाज के उन्नत चरण के लिए।
2धातु विज्ञान में क्या-क्या शामिल है?
उत्तर देखिए
प्रकृति से धातु निष्कर्षण, उन्हें शुद्ध करने, आपस में मिलाने की तकनीकें, और धातु व उसके गुणों का वैज्ञानिक अध्ययन।
3मेसोपोटामिया आज किन देशों में है?
उत्तर देखिए
आधुनिक इराक और सीरिया में।
4मेसोपोटामिया में सभ्यता का आरंभ कब हुआ?
उत्तर देखिए
लगभग 6,000 वर्ष पहले।
5‘सहायक नदी’ किसे कहते हैं? एक उदाहरण दीजिए।
उत्तर देखिए
वह नदी जो किसी बड़ी नदी (या झील) में मिलती है। उदाहरण — यमुना गंगा की सहायक नदी है।
6गाँव कब नगरों में परिवर्तित हुए?
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3500 सा.सं.पू. से।
7नगर महानगरों में कब परिवर्तित हुए, और क्यों?
उत्तर देखिए
लगभग 2600 सा.सं.पू. में — बढ़ते व्यापार और अन्य विनिमयों के कारण।
8इस सभ्यता के तीन नाम लिखिए।
उत्तर देखिए
सिंधु सभ्यता, हड़प्पा सभ्यता, सिंधु-सरस्वती सभ्यता।
9इस सभ्यता के निवासियों को क्या कहते हैं?
उत्तर देखिए
हड़प्पाई या हड़प्पावासी।
10हड़प्पा किस वर्ष उत्खनित हुआ, और वह आज कहाँ है?
उत्तर देखिए
1920–21 में; आज के पाकिस्तान के पंजाब में।
11हड़प्पा और मोहनजो-दड़ो की खोज किस वर्ष हुई?
उत्तर देखिए
1924 में।
12सरस्वती नदी को आज किन नामों से जाना जाता है?
उत्तर देखिए
भारत में घग्गर और पाकिस्तान में हाकरा — इसलिए घग्गर-हाकरा भी।
13सरस्वती नदी का वर्णन सबसे पहले किस ग्रंथ में मिलता है?
उत्तर देखिए
ऋग्वेद में।
14‘किलेबंदी’ क्या है?
उत्तर देखिए
सुरक्षात्मक उद्देश्यों से किसी बस्ती या नगर के चारों ओर बनाई गई एक विशाल दीवार।
15‘अभिजात वर्ग’ से क्या आशय है?
उत्तर देखिए
समाज का उच्च स्तर — शासक, अधिकारी, प्रशासक और प्राय: पुरोहित या पुजारी।
16महास्नानागार कहाँ है और उसका आकार क्या है?
उत्तर देखिए
मोहनजो-दड़ो में; 12 × 7 मीटर।
17महास्नानागार की ईंटों पर कौन-सी जल रोधक सामग्री चढ़ाई गई थी?
उत्तर देखिए
डामर के रूप में प्राकृतिक बिटुमेन।
18धौलावीरा का सबसे बड़ा जलाशय कितना लंबा है?
उत्तर देखिए
73 मीटर।
19चित्र 6.8 में दिखाया गया चट्टान-कटा जलाशय कितना लंबा है?
उत्तर देखिए
33 मीटर।
20‘जलाशय’ किसे कहते हैं?
उत्तर देखिए
विशाल प्राकृतिक या कृत्रिम स्थान, जहाँ जल का भंडारण किया जाता है।
21‘दलहन’ में कौन-सी चीज़ें आती हैं?
उत्तर देखिए
सेम, मटर के दाने और दालें।
22हड़प्पावासी किस फ़सल को उगाने में यूरेशिया में सर्वप्रथम थे?
उत्तर देखिए
कपास — जिसका उपयोग वे कपड़ा बुनने में करते थे।
23बर्तनों की वैज्ञानिक जाँच में कौन-से अप्रत्याशित अवशेष मिले?
उत्तर देखिए
हल्दी, अदरक और केले।
24हड़प्पावासियों का सर्वाधिक प्रिय आभूषण क्या था?
उत्तर देखिए
कार्नेलियन के मोती।
25कार्नेलियन कहाँ पाया जाने वाला पत्थर है?
उत्तर देखिए
अधिकतर गुजरात में — यह लाल रंग का अल्प मूल्यवान पत्थर है।
26कांस्य कैसे बनता है?
उत्तर देखिए
तांबे में टिन मिलाने पर — और यह तांबे से अधिक कठोर होता है।
27मुहरें किस पत्थर की बनी थीं?
उत्तर देखिए
स्टीऐटाइट — एक मुलायम पत्थर, जिसे गरम कर कठोर बनाया जाता था।
28लोथल के बेसिन का आकार क्या है?
उत्तर देखिए
217 मीटर लंबाई और 36 मीटर चौड़ाई।
29‘नर्तकी’ की प्रतिमा कहाँ से मिली, किस धातु की है और कितनी ऊँची है?
उत्तर देखिए
मोहनजो-दड़ो से; कांस्य की; 10.8 सेंटीमीटर ऊँची।
30इस सभ्यता का ह्रास कब हुआ?
उत्तर देखिए
1900 सा.सं.पू. के आस-पास।
31जलवायु संबंधी परिवर्तन कब से आरंभ हुए?
उत्तर देखिए
2200 सा.सं.पू. से।
32सरस्वती के सूखने पर कौन-से दो नगर अचानक छोड़ दिए गए?
उत्तर देखिए
कालीबंगा और बनावली।
खंड ख — लघु उत्तरीय (2–3 अंक)
1सभ्यता की सात विशेषताएँ लिखिए। (3)
उत्तर देखिए
शासन और प्रशासन का कोई रूप, (2) नगरीकरण, (3) विभिन्न प्रकार के शिल्प, (4) व्यापार, (5) लेखन का कोई रूप, (6) जीवन और विश्व के बारे में सांस्कृतिक विचार, (7) कृषि उत्पादकता।
2मानचित्र में दर्शाए गए पाँच बड़े नगर और उनके आधुनिक राज्य/प्रदेश लिखिए। (3)
उत्तर देखिए
धौलावीरा — गुजरात; हड़प्पा — पंजाब; मोहनजो-दड़ो — सिंध; राखीगढ़ी — हरियाणा; गँवेरीवाला — चोलिस्तान मरुस्थल। (कालीबंगा — राजस्थान भी स्वीकार्य जोड़ है।)
3पुस्तक ‘सिंधु घाटी सभ्यता’ शब्द का प्रयोग क्यों नहीं करती? (2)
उत्तर देखिए
क्योंकि अब हम जानते हैं कि यह सभ्यता सिंधु क्षेत्र से बहुत आगे तक फैली हुई थी — जैसे
धौलावीरा गुजरात में, राखीगढ़ी हरियाणा में। इसलिए ‘घाटी’ शब्द उपयुक्त नहीं रहा।
4हड़प्पाई नगरों की योजना की चार विशेषताएँ लिखिए। (2)
उत्तर देखिए
अधिकांश नगर सुनियोजित योजना के अंतर्गत निर्मित थे; (2) चौड़ी सड़कें, जो सामान्यत: चारों दिशाओं की ओर उन्मुख होती थीं; (3) अधिकांश नगरों के चारों ओर किलेबंदी; (4) नगर के दो विशिष्ट भाग — ‘ऊपरी नगर’ और ‘निचला नगर’।
5महास्नानागार का वर्णन कीजिए। (3)
उत्तर देखिए
मोहनजो-दड़ो का प्रसिद्ध महास्नानागार 12 × 7 मीटर का एक छोटा और विस्तृत स्नानागार है। सबसे ऊपर जमायी गई ईंटों पर डामर के रूप में प्राकृतिक बिटुमेन की जल रोधक परत चढ़ाई गई है। इसके चारों ओर छोटे-छोटे कमरे मिलते हैं, जिनमें से एक कमरे के अंदर कुआँ मिला है। पानी खाली करने के लिए कोने में एक नाली है, और इसे स्वच्छ पानी से समय-समय पर भरा जाता था।
6महास्नानागार की तीन व्याख्याएँ कौन-सी हैं, और उनमें से एक क्यों छोड़ दी गई? (3)
उत्तर देखिए
तीन व्याख्याएँ — (1) सार्वजनिक स्नान के लिए स्नानागार, (2) केवल राजसी परिवार के लिए स्नानागार, (3) धार्मिक कार्यों के लिए प्रयोग होने वाला स्नानागार।
★पहली व्याख्या अब स्वीकार्य नहीं है, क्योंकि यह पाया गया है कि इस नगर के अधिकांश घरों में स्नानागार बने हुए थे।
7धौलावीरा अन्य नगरों से किन दो बातों में अलग था? (2)
उत्तर देखिए
धौलावीरा में तीन अलग-अलग क्षेत्र थे, न कि अन्य नगरों की तरह दो क्षेत्र। (2) वहाँ अधिकांश भवनों की नींव पत्थरों से बनाई गई थी।
8धौलावीरा की जल व्यवस्था का वर्णन कीजिए। (3)
उत्तर देखिए
धौलावीरा (गुजरात में कच्छ के रन में) में 73 मीटर लंबा सबसे बड़ा जलाशय मिला है। वहाँ पत्थरों और यहाँ तक कि चट्टान को काटकर कम से कम छह विशाल जलाशयों का निर्माण किया गया था। इनमें से अधिकांश को कुशल जल संचयन और वितरण के लिए भूमिगत नालियों से जोड़ा गया था।
9हड़प्पावासियों की जल-निकास व्यवस्था कैसी थी? (2)
उत्तर देखिए
उनके घरों में स्नान के लिए अलग स्नानागार हुआ करते थे। ये नगर जल-निकास प्रणाली से जुड़े हुए थे, जो साधारणत: सड़कों के नीचे होती थीं और जिनमें अपशिष्ट जल बहता था।
10हड़प्पावासी कौन-सी फ़सलें उगाते थे? (2)
उत्तर देखिए
दलहन और अनेक किस्म की सब्जियों के अतिरिक्त जौ, गेहूँ, कुछ मोटे अनाज, बाजरा और कभी-कभी धान। इसके अलावा कपास, जिसे उगाने में वे यूरेशिया में सर्वप्रथम थे।
11हड़प्पावासी अपनी बस्तियाँ नदियों के किनारे क्यों बसाते थे? (2)
उत्तर देखिए
यह सिर्फ जल स्रोतों तक आसानी से पहुँचने के लिए नहीं था, बल्कि कृषि की दृष्टि से भी एक औचित्यपूर्ण विकल्प रहा होगा — क्योंकि नदियाँ अपने आस-पास की भूमि को उपजाऊ बनाती हैं।
12हड़प्पावासी किन वस्तुओं का निर्यात करते थे? आयात के बारे में पुस्तक क्या कहती है? (3)
उत्तर देखिए
निर्यात — आभूषण, लकड़ी, दैनिक उपयोग की कुछ वस्तुएँ, संभवत: सोना एवं कपास और कुछ खाद्य वस्तुएँ।
! आयात के बारे में पुस्तक कहती है कि “यह स्पष्ट नहीं है” — संभवत: यह तांबा हो सकता है, क्योंकि यह धातु सामान्यत: उनके पास बहुतायत में उपलब्ध नहीं थी।
13मुहरों का मुख्य उपयोग क्या रहा होगा, और वे किस चीज़ की बनी थीं? (3)
उत्तर देखिए
व्यापक स्तर के व्यापार में आवश्यक था कि व्यापारी अपने सामान को और एक-दूसरे को पहचानें — हज़ारों की संख्या में मिलीं छोटी मुहरों का मुख्य उपयोग यही रहा होगा। ये मुलायम पत्थर स्टीऐटाइट की बनी थीं, जिन्हें गरम कर कठोर बनाया जाता था, और इनका माप केवल कुछ सेंटीमीटर है।
14लोथल का बेसिन क्यों महत्वपूर्ण है? (3)
उत्तर देखिए
गुजरात की एक लघु बस्ती लोथल में 217 मीटर लंबाई और 36 मीटर चौड़ाई का एक विशाल बेसिन पाया गया है — इसकी लंबाई फुटबॉल के दो मैदानों से थोड़ी अधिक है। इस बेसिन में बंदरगाह जैसी संरचना अवश्य रही होगी, जिसका इस्तेमाल नावों के माध्यम से वस्तुओं के आयात और निर्यात के लिए किया जाता होगा।
15हड़प्पावासियों के पतन के दो कारण लिखिए जिन पर आज सहमति है। (3)
उत्तर देखिए
2200 सा.सं.पू. से विश्व को अत्यधिक प्रभावित करने वाले जलवायु संबंधी परिवर्तनों से वर्षा में कमी और शुष्कता की स्थिति उत्पन्न हुई; इसने कृषि कार्य को अधिक कठिन बनाया होगा और नगरों की ओर खाद्य आपूर्ति में कमी आई होगी।
सरस्वती नदी का मध्य बेसिन सूख गया; वहाँ कालीबंगा और बनावली जैसे नगर अचानक छोड़ दिए गए।
16‘आगे बढ़ने से पहले’ के तीन बिंदु लिखिए। (3)
उत्तर देखिए
सिंधु, हड़प्पा या सिंधु-सरस्वती सभ्यता विश्व की प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक है; हड़प्पावासियों ने कुशल जल प्रबंधन, विविध शिल्पों और सक्रिय व्यापार के साथ सुनियोजित नगरों का निर्माण किया। (2) उपजाऊ कृषि से नगरों को विभिन्न प्रकार की फसलें प्राप्त हुईं। (3) इस सभ्यता का जलवायु संबंधी और पर्यावरणीय परिवर्तनों के कारण अंतत: ह्रास हो गया; लोग ग्रामीण जीवन-शैली की ओर लौट गए।
खंड ग — दीर्घ उत्तरीय (5 अंक)
1★सभ्यता की सात विशेषताएँ लिखिए और बताइए कि हड़प्पा में उनमें से किनके प्रमाण मिलते हैं।
उत्तर देखिए
सात विशेषताएँ शासन और प्रशासन का कोई रूप; नगरीकरण; विभिन्न प्रकार के शिल्प; व्यापार;
लेखन का कोई रूप; जीवन और विश्व के बारे में सांस्कृतिक विचार; कृषि उत्पादकता।
हड़प्पा में प्रमाण
- शासन — विशाल जलाशयों और सुनियोजित नगरों के निर्माण के लिए श्रमिकों को निर्देश देने और रख-रखाव करने वाला कोई प्राधिकरण अवश्य रहा होगा।
- नगरीकरण — सुनियोजित नगर, चौड़ी सड़कें, किलेबंदी, ऊपरी और निचला नगर, सड़कों के नीचे जल-निकास प्रणाली।
- शिल्प — कार्नेलियन के मोती, शंख की चूड़ियाँ, कांस्य के उपकरण और बर्तन, स्टीऐटाइट की मुहरें।
- व्यापार — सूसा (ईरान) में मिले कार्नेलियन मनके, ओमान के तट पर मिला हाथी दाँत का कंघा, लोथल का विशाल बेसिन।
- सांस्कृतिक विचार — ‘नर्तकी’ की कांस्य प्रतिमा, मुहरों पर देवता और पशुओं के अंकन, प्यासे कौए की कहानी का चित्रण।
- कृषि उत्पादकता — जौ, गेहूँ, दलहन, बाजरा, कपास; और सैकड़ों गाँवों से नगरों को प्रतिदिन मिलने वाली उपज।
- ! लेखन — मुहरों पर लेखन प्रणाली के संकेत मिलते हैं, पर उनका अर्थ अभी समझा जाना बाकी है। यही वह विशेषता है जिसका प्रमाण है, पर पढ़ा नहीं जा सका।
2★इस सभ्यता के अनेक नाम क्यों हैं? इनके महत्व पर चर्चा कीजिए। (अभ्यास प्रश्न 1)
उत्तर देखिए
तीन नाम हैं
- सिंधु सभ्यता: सिंधु नदी के मैदानों में बहुत से पुरास्थल मिले, इसलिए आरंभ में इसे यही नाम मिला।
- हड़प्पा सभ्यता: क्योंकि 1920–21 में हड़प्पा इस सभ्यता से संबंधित पहला उत्खनित नगर था।
- सिंधु-सरस्वती सभ्यता: क्योंकि सरस्वती (घग्गर-हाकरा) नदी के किनारे भी अनेक पुरास्थल मिले — उसकी द्रोणी में राखीगढ़ी और गँवेरीवाला जैसे दो महानगर तथा कालीबंगा, फरमाना, भिर्राना और बनावली जैसे नगर आते हैं।
महत्वहर नाम खोज के एक चरण को दर्ज करता है। नाम इसलिए बदलते गए क्योंकि प्रमाण बढ़ते गए। इसी कारण पुस्तक ‘सिंधु घाटी’ शब्द का प्रयोग नहीं करती — क्योंकि अब हम जानते
हैं कि यह सभ्यता सिंधु क्षेत्र से बहुत आगे तक फैली हुई थी।
3★सिंधु-सरस्वती सभ्यता की उपलब्धियों का सार देते हुए एक रिपोर्ट लिखिए (150–200 शब्द)।
(अभ्यास प्रश्न 2)
उत्तर देखिए
आदर्श उत्तर में ये आने चाहिए
नगर सुनियोजित योजना; चौड़ी सड़कें, चारों दिशाओं की ओर उन्मुख; किलेबंदी; ऊपरी और निचला
नगर; बड़े और छोटे घरों की एक समान निर्माण गुणवत्ता; सामूहिक गोदाम; ईंटों का प्रयोग।
जल महास्नानागार (12 × 7 मी.); घरों में स्नानागार; सड़कों के नीचे जल-निकास प्रणाली;
मोहनजो-दड़ो के ईंटों के कुएँ; धौलावीरा के कम से कम छह जलाशय, सबसे बड़ा 73 मीटर, भूमिगत
नालियों से जुड़े।
कृषि जौ, गेहूँ, दलहन, मोटे अनाज, बाजरा, कभी-कभी धान; यूरेशिया में कपास उगाने में सर्वप्रथम; हल सहित कई उपकरण।
शिल्प और व्यापार कार्नेलियन के मोती और उनमें छेद करने की तकनीक; शंख की चूड़ियाँ;
तांबा + टिन = कांस्य; स्टीऐटाइट की मुहरें; भारत की प्रथम गहन समुद्री गतिविधि;
लोथल का 217 × 36 मीटर का बेसिन; सूसा (ईरान) और ओमान तक पहुँची वस्तुएँ।
4★इस सभ्यता के पतन के कारणों पर चर्चा कीजिए।
उत्तर देखिए
(क) जो कारण ख़ारिज हुआ: बहुत समय पहले यह सोचा गया कि युद्ध या आक्रमण ने इन नगरों का
विध्वंस किया होगा — लेकिन युद्ध या आक्रमण के कोई निशान नहीं मिलते। जहाँ तक प्रमाणों की बात
है, हड़प्पावासियों ने वास्तव में कभी भी कोई सेना या युद्ध के हथियार नहीं रखे। यह अपेक्षाकृत एक शांतिपूर्ण सभ्यता प्रतीत होती है।
(ख) जिन दो कारणों पर सहमति है:
1. जलवायु परिवर्तन2200 सा.सं.पू. से विश्व को अत्यधिक प्रभावित करने वाले जलवायु
संबंधी परिवर्तनों से वर्षा में कमी और शुष्कता की स्थिति उत्पन्न हुई। इसने कृषि कार्य को अधिक कठिन बनाया होगा और नगरों की ओर खाद्य आपूर्ति में कमी आई होगी।
2. सरस्वती का सूखनासरस्वती नदी का मध्य बेसिन सूख गया; वहाँ कालीबंगा और बनावली
जैसे नगर अचानक छोड़ दिए गए।
(ग) पुस्तक की स्वीकारोक्ति: “इसमें अन्य कारण भी रहे होंगे, लेकिन ये दो कारण हमें याद दिलाते हैं कि हम अपने कल्याण के लिए अपनी जलवायु और पर्यावरण पर कितने निर्भर हैं।”
(घ) परिणाम: नगर एक के बाद एक खाली होते गए; लोगों ने ग्रामीण जीवन-शैली अपनाई;
पूर्ववर्ती सरकार या प्रशासन अब विद्यमान नहीं रहा; लोग सैकड़ों छोटी-छोटी बस्तियों में
बिखर गए। किंतु हड़प्पा की संस्कृति एवं प्रौद्योगिकी अधिकांशत: बची रही और भारतीय सभ्यता के अगले चरण में पहुँच गई।
5★हड़प्पावासियों के व्यापार पर एक विस्तृत उत्तर लिखिए।
उत्तर देखिए
हड़प्पावासी न केवल अपनी सभ्यता के भीतर (आस-पास या बहुत दूर के अन्य नगरों में), बल्कि
भारत के भीतर और बाहर की अन्य सभ्यताओं और संस्कृतियों के साथ भी सक्रिय रूप से व्यापार करते
थे।
निर्यात आभूषण, लकड़ी, दैनिक उपयोग की कुछ वस्तुएँ, संभवत: सोना एवं कपास, और कुछ खाद्य
वस्तुएँ। आयात के बारे में पुस्तक कहती है कि यह स्पष्ट नहीं है — संभवत: तांबा।
वस्तुएँ सर्वाधिक प्रिय आभूषण कार्नेलियन के मोती थे — गुजरात में पाए जाने वाले लाल
रंग के अल्प मूल्यवान पत्थर; कारीगरों ने उनमें छेद करने की तकनीक विकसित की।
शंखों से सुंदर चूड़ियाँ बनाईं — शंख का खोल सख़्त होने के कारण इसके लिए परिष्कृत तकनीक
चाहिए रही होगी। तांबे में टिन मिलाकर कांस्य बनाया, जिससे उपकरण और बर्तन बने।
मार्गस्थल मार्ग एवं नदियाँ, और दूरवर्ती गंतव्यों के लिए समुद्री रास्ते —
यह भारत की प्रथम गहन समुद्री गतिविधि थी। लोथल में 217 × 36 मीटर का विशाल बेसिन
मिला है, जिसमें बंदरगाह जैसी संरचना अवश्य रही होगी।
प्रमाणसूसा (वर्तमान ईरान) में मिले कार्नेलियन मनके और ओमान के तट पर मिला हड़प्पा का हाथी दाँत का कंघा (लगभग 7 सेमी.)।
मुहरें व्यापार में पहचान के लिए हज़ारों छोटी मुहरें बनीं — स्टीऐटाइट की,
कुछ सेंटीमीटर की। उन पर जानवरों के चित्र और लेखन प्रणाली के संकेत हैं, पर उनका अर्थ अभी समझा जाना बाकी है।
खंड घ — मानचित्र कार्य
1चित्र 6.3 के मानचित्र में निम्नलिखित को चिह्नित कीजिए — (5)
उत्तर देखिए
| क्या | कहाँ |
|---|---|
| हड़प्पा | रावी नदी पर, पंजाब (पाकिस्तान) |
| मोहनजो-दड़ो | सिंधु नदी पर, सिंध (पाकिस्तान) |
| राखीगढ़ी | हरियाणा |
| धौलावीरा | गुजरात (कच्छ का रन) |
| लोथल | गुजरात, तट के पास |
2मानचित्र पर वे चार पर्वत शृंखलाएँ लिखिए जो प्राकृतिक सीमाएँ बनाती हैं। (2)
उत्तर देखिए
हिंदुकुश, हिमालय, सुलैमान श्रेणी, अरावली श्रेणी।
3मानचित्र पर दर्शाई गई कोई छह नदियाँ लिखिए। (3)
उत्तर देखिए
सिंधु, झेलम, चिनाब, रावी, सतलुज, ब्यास, सरस्वती, बनास, यमुना, गंगा (कोई छह)।
शिक्षक के लिए — तीन चेतावनियाँध्यान
1. पृष्ठ 90 की तालिका पर कोई प्रश्न मत बनाइए — जैसा वह छपी है। वह मिलान का अभ्यास है और उसकी जोड़ियाँ जान-बूझकर बदली हुई हैं। सही जोड़ियाँ इस फ़ाइल के खंड ख, प्रश्न 2 में दी गई हैं। यदि प्रश्न बनाना हो, तो मिलान के रूप में बनाइए — सूचना के रूप में नहीं।
2. चित्र 6.2 की समय-रेखा पर तीरों की स्थिति से प्रश्न मत बनाइए।
मुख्य पाठ कहता है मेसोपोटामिया लगभग 6,000 वर्ष पहले, जबकि तीर 3500 सा.सं.पू. पर पड़ता
है। मुख्य पाठ की संख्या ही पूछिए। कारण 10-Verification-Log.md में है।
3. 73 और 33 का भेद हर बार जाँचिए। 73 मीटर = धौलावीरा का सबसे बड़ा जलाशय। 33 मीटर = चित्र 6.8 वाला चट्टान-कटा जलाशय। ये दो अलग जलाशय हैं, और दोनों संख्याएँ एक ही पृष्ठ पर हैं — यही इस अध्याय का सबसे प्रभावी जाल भी है और सबसे आम ग़लती भी।