पाठ्यपुस्तक से आगे — संवर्धन सामग्री (T1 · T2 · T3)
यह दस्तावेज़ पाठ्यपुस्तक का विकल्प नहीं, विस्तार है। T1 — बोर्ड परीक्षा के लिए भी उपयोगी; कक्षा में बताई जा सकती है T2 — प्रतियोगी परीक्षाओं (UPSC प्रारंभिक, राज्य PCS, CUET, SSC, NDA/CDS) के लिए T3 — उन्नत स्तर (UPSC मुख्य परीक्षा, वैकल्पिक विषय, शोध-रुचि)
★हर गैर-स्पष्ट तथ्य वेब-सत्यापित है — तिथियाँ और आँकड़े अगस्त 2026 तक अद्यतन। स्रोत-चिह्न: ◆ = प्राथमिक स्रोत (EU/ASEAN/WTO/IMF/विश्व बैंक/भारत सरकार) · ◇ = सशक्त द्वितीयक स्रोत · 【पाठ】 = NCERT पाठ्यपुस्तक। पूरी स्रोत-सूची अंत में।
! बोर्ड परीक्षा में केवल पाठ्यपुस्तक का उत्तर लिखिए। जहाँ यह दस्तावेज़ पाठ्यपुस्तक से आगे बढ़ता है या भिन्न पड़ता है, वहाँ हर बार स्पष्ट चेतावनी दी गई है।
विषय-सूची
| # | खंड | स्तर |
|---|---|---|
| 1 | ★★यूरोपीय संघ अब 28 नहीं, 27 सदस्यों का है — और Brexit के बाद क्या हुआ | T1 |
| 2 | ★★आसियान अब दस नहीं, ग्यारह सदस्यों का है — तिमोर-लेस्ते | T1 |
| 3 | ★★भारत-चीन संबंध, 2020–2026 का पूरा घटनाक्रम | T1 |
| 4 | ★अर्थव्यवस्थाओं का क्रम बदल चुका है | T1 |
| 5 | ★★भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता संपन्न — 27 जनवरी 2026 | T1–T2 |
| 6 | यूरोपीय संघ की वे संस्थाएँ जिनका पाठ नाम नहीं लेता | T2 |
| 7 | यूरोप के ‘तीन घेरे’ — जो एक-दूसरे से अलग हैं | T2 |
| 8 | ★यूरोपीय संघ के उम्मीदवार देश — यूक्रेन समेत नौ | T2 |
| 9 | ★यूरोपीय संघ का ‘पुनः-शस्त्रीकरण’ — 2025-26 | T2 |
| 10 | आसियान से जुड़े वे मंच जिनका पाठ नाम नहीं लेता | T2 |
| 11 | चीन के आर्थिक इतिहास के वे नाम जो पाठ छोड़ देता है | T2 |
| 12 | ★★अमरीका-चीन व्यापार-युद्ध और अस्थायी संधि, 2025-26 | T2 |
| 13 | ★चीन-ताइवान तनाव, 2025-26 | T2 |
| 14 | जापान और दक्षिण कोरिया के वे तथ्य जो पूछे जाते हैं | T2 |
| 15 | ! पाठ्यपुस्तक की दो आंतरिक चूकें | T3 |
| 16 | ‘अधिराष्ट्रीयता’ का असली अर्थ, और उसकी असली कीमत | T3 |
| 17 | ‘आसियान शैली’ की आलोचना भी पढ़िए | T3 |
| 18 | ‘शॉक थेरेपी बनाम चरणबद्ध’ — बहस का दूसरा पक्ष, और चीन की जनसांख्यिकीय कीमत | T3 |
| 19 | क्या ये केंद्र सचमुच अमरीका का प्रभुत्व ‘सीमित’ कर पाए? | T3 |
| 20 | संक्षिप्ताक्षर-कोश | T1–T2 |
| 21 | अभ्यास प्रश्न (25) | सभी |
| 22 | स्रोत-सूची | — |
T1 — जो पाठ्यपुस्तक के बाद बदल गया
★इस अध्याय की सबसे बड़ी समस्या तथ्यों की कमी नहीं, उनकी उम्र है। पाठ में 2016 से 2024 तक के मिले-जुले आँकड़े हैं, और कई बड़े बदलाव पाठ में दर्ज ही नहीं हुए।
1. यूरोपीय संघ अब 28 नहीं,27 सदस्यों का है★★
पाठ्यपुस्तक कहती है: “2013 — क्रोएशिया यूरोपीय संघ का 28वाँ सदस्य बना” और “2016 — ब्रिटेन में जनमत संग्रह, 51.9 प्रतिशत मतदाताओं ने फैसला किया कि ब्रिटेन यूरोपीय संघ से बाहर (Brexit) हो जाए।” पर वह यह नहीं बताती कि आगे क्या हुआ। 【पाठ】
| मद | तथ्य |
|---|---|
| ★Brexit कब पूरा हुआ | 31 जनवरी 2020 — ब्रिटेन औपचारिक रूप से यूरोपीय संघ से बाहर हुआ ◇ |
| ★आज सदस्य-संख्या | 27 |
| ब्रिटेन की सदस्यता की अवधि | 47 वर्ष (जनवरी 1973 से जनवरी 2020) |
| ★विशिष्टता | ब्रिटेन अब तक का एकमात्र देश है जो यूरोपीय संघ से बाहर निकला |
| नवीनतम पूर्ण सदस्य | क्रोएशिया — 1 जुलाई 2013 (यह अब भी सही है) |
| ★★यूरो अपनाने वाले देश | 1 जनवरी 2026 से बुल्गारिया के शामिल होने के बाद 21 — बुल्गारिया 21वाँ यूरो-क्षेत्र सदस्य बना 【प्रा — यूरोपीय केंद्रीय बैंक】 |
| बुल्गारिया की परिवर्तन-अवधि | जनवरी 2026 भर लेव और यूरो दोनों वैध; 1 फरवरी 2026 से केवल यूरो |
! परीक्षा में क्या लिखें? प्रश्न यदि “क्रोएशिया कौन-सा सदस्य बना” पूछे तो “28वाँ” ही सही उत्तर है — वह ऐतिहासिक तथ्य है। पर यदि “आज कितने सदस्य हैं” पूछा जाए तो 27।
2. आसियान अबदस नहीं, ग्यारह सदस्यों का है★★
पाठ्यपुस्तक कहती है: “इसकी सदस्य संख्या दस हो गई”, और झंडे के बारे में — “धान की दस बालियाँ दक्षिण-पूर्व एशिया के दस देशों को इंगित करती हैं।” 【पाठ】
| मद | तथ्य |
|---|---|
| ★नया सदस्य | तिमोर-लेस्ते (पूर्वी तिमोर) |
| ★कब | 26 अक्टूबर 2025 — 47वें आसियान शिखर सम्मेलन, कुआलालंपुर (मलेशिया) में 【प्रा — आसियान】 |
| ★कौन-सा सदस्य | 11वाँ |
| आवेदन कब किया था | 2011 — यानी 14 साल की यात्रा |
| पर्यवेक्षक का दर्जा | 2022 में, जब आसियान नेताओं ने सैद्धांतिक रूप से सहमति दी |
| ★महत्व | 1999 (कंबोडिया) के बाद आसियान का पहला विस्तार |
★★यह इस अध्याय का सबसे बड़ा ‘आज तक’ वाला तथ्य है। और इसमें एक विडंबना भी है — पाठ्यपुस्तक स्वयं बताती है कि आसियान ने “पूर्वी तिमोर के संकट को सम्भाला”, और आज वही पूर्वी तिमोर उसका सदस्य है।
! परीक्षा में: प्रश्न यदि पाठ्यपुस्तक-आधारित हो तो “दस” लिखिए। पर प्रतियोगी परीक्षा में उत्तर 11 है।
3. भारत-चीन संबंध — 2020 से 2026 तक का पूरा घटनाक्रम★★
पाठ्यपुस्तक 2017 पर रुक जाती है (84 अरब डॉलर व्यापार) और “हाल के समय में गिरावट” कहकर तीन कारण गिनाती है, पर कोई तिथि नहीं देती। 【पाठ】 पूरी समय-रेखा यह है —
| तिथि | घटना |
|---|---|
| ★★जून 2020 | गलवान घाटी की झड़प — “दशकों में दोनों पक्षों के बीच सबसे गंभीर सैन्य टकराव”; यही भारत-चीन संबंधों का मोड़ बना ◇ |
| सितंबर 2022 तक | आंशिक विलगाव — गलवान, PP-15, PP-17 और पैंगोंग त्सो के उत्तरी तट से सैनिक हटे |
| ★★21 अक्टूबर 2024 | 21 दौर की वार्ताओं के बाद देपसांग और डेमचोक पर सहमति; गश्त 2020 से पहले के स्तर पर बहाल 【द्वि — कार्नेगी एंडाउमेंट】 |
| 27 जुलाई 2025 | विदेश सचिव विक्रम मिस्री की बीजिंग यात्रा — सीमा-पार नदियों पर सहयोग सहित उच्चस्तरीय बातचीत |
| ★2025 भर | प्रत्यक्ष उड़ानें फिर शुरू; पर्यटक वीज़ा फिर से जारी; कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू ◇ |
| ★★1 अगस्त 2026 | नाथू ला (सिक्किम) से सीमा-व्यापार छह साल बाद फिर शुरू — 2020 से बंद था; शिपकी ला और लिपुलेख के बाद तीसरा मार्ग ◇ |
| 8 अगस्त 2026 | नई दिल्ली में सीमा-वार्ता — भारत ने LAC पर पारदर्शिता और ऊपरी-धारा जल-परियोजनाओं पर जानकारी माँगी |
| व्यापार-तथ्य | आँकड़ा |
|---|---|
| ★द्विपक्षीय व्यापार, 2025 | लगभग 155.6 अरब डॉलर — 12.8% की वार्षिक वृद्धि (पाठ्यपुस्तक का आँकड़ा 2017 का 84 अरब डॉलर है) ◇ |
| ! व्यापार घाटा, वित्त वर्ष 2024-25 | लगभग 99.2 अरब डॉलर — FY2020-21 के 44 अरब डॉलर से दोगुने से भी ज्यादा 【द्वि — GTRI】 |
| भारत का निर्यात | मुख्यतः लौह अयस्क, नैफ्था, पैरा-ज़ाइलीन, झींगा, अरंडी का तेल |
| चीन का निर्यात | मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंप्यूटर, एकीकृत परिपथ, दूरसंचार उपकरण के पुर्जे, लिथियम-आयन बैटरी, उर्वरक |
★★यही पाठ्यपुस्तक के ‘सीमा-विवाद’ वाले वाक्य का 2026 तक का ठोस रूप है — और व्यापार घाटा और सीमा-व्यापार का पुनरारंभ, दोनों वे पहलू हैं जिन्हें पाठ्यपुस्तक बिलकुल नहीं छूती, जबकि प्रश्न 14 (सुझाव दीजिए) में यही सबसे ताज़ा और सबसे मज़बूत बिंदु बनता है — तनाव और सामान्यीकरण दोनों साथ-साथ चल रहे हैं।
4. अर्थव्यवस्थाओं का क्रम बदल चुका है★
पाठ्यपुस्तक 2017 के आँकड़े देती है — जापान तीसरी, दक्षिण कोरिया ग्यारहवीं। 【पाठ】
| स्थान (नाममात्र GDP, IMF अनुमान 2025) | देश | आँकड़ा |
|---|---|---|
| 1 | संयुक्त राज्य अमरीका | ~30.5 खरब डॉलर |
| 2 | चीन | ~19.6 खरब डॉलर |
| 3 | जर्मनी | — |
| ★★4 | भारत | ~4.19 खरब डॉलर — जापान (~4.19 खरब) से बेहद मामूली अंतर से आगे |
| 5 | जापान | — |
!! इसका पाठ्यपुस्तक के तर्क पर सीधा असर है। पाठ कहता है “2040 तक चीन… अमरीका से भी आगे निकल जाएगा” 【पाठ】 — और आज चीन दूसरे स्थान पर है, अमरीका से अब भी लगभग 11 खरब डॉलर पीछे। पर पाठ यह नहीं सोच पाया था कि भारत स्वयं चौथे स्थान पर पहुँच जाएगा — जो प्रश्न 12 (“क्या भारत और चीन एकध्रुवीय व्यवस्था को चुनौती दे सकते हैं?”) का सबसे ताज़ा प्रमाण है।
! परीक्षा में पाठ्यपुस्तक के 2017 वाले आँकड़े ही लिखिए — जापान तीसरी, दक्षिण कोरिया ग्यारहवीं।
5. भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता संपन्न — 27 जनवरी 2026★★
पाठ्यपुस्तक यूरोपीय संघ के व्यापारिक प्रभाव पर एक पूरा खंड (1.7) देती है 【पाठ】, पर भारत के साथ उसके अपने व्यापार-संबंध का जिक्र तक नहीं करती। यह अध्याय-लेखन के बाद की सबसे बड़ी कूटनीतिक घटना है।
| मद | तथ्य |
|---|---|
| ★★कब संपन्न हुआ | 27 जनवरी 2026, नई दिल्ली — 20 साल की बातचीत के बाद 【प्रा — भारत वाणिज्य मंत्रालय】 |
| ★आखिरी औपचारिक दौर | अक्टूबर 2025 (14वाँ दौर), फिर तकनीकी-राजनीतिक स्तर पर अंतर-सत्रीय बातचीत |
| ★★दायरा | विश्व का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार क्षेत्र — 2 अरब उपभोक्ता, वैश्विक GDP का लगभग 25% |
| ★यूरोपीय संघ का पक्ष | EU के 96.6% निर्यात-उत्पादों पर शुल्क घटेगा या समाप्त होगा — यूरोपीय कंपनियों को सालाना ~4 अरब यूरो की शुल्क-बचत |
| ★भारत का पक्ष | EU अपने 99.5% शुल्क-मदों को उदार बनाएगा — लगभग 91% पर दिन-एक से ही शून्य शुल्क |
| ★कारें | भारत कार-शुल्क 110% से घटाकर 10% करेगा — 5 वर्षों में, 2.5 लाख EU वाहनों के वार्षिक कोटे के साथ; पुर्ज़ों पर शुल्क 5–10 वर्षों में पूर्णतः समाप्त |
| शराब | वाइन का शुल्क 150% से घटकर पहले 75%, फिर चरणबद्ध ढंग से 20%; स्पिरिट 40%; बियर 50% |
| ! संवेदनशील मद | लगभग 6.1% वस्तुएँ (जैसे कार और इस्पात) पर केवल आंशिक कटौती या शुल्क-दर-कोटा |
| आगे क्या | कानूनी पुनरीक्षण और EU की सभी आधिकारिक भाषाओं में अनुवाद; निवेश संरक्षण समझौता (Investment Protection Agreement) अभी अलग से लंबित |
★★पाठ्यपुस्तक से जोड़िए: पाठ कहता है “यूरोपीय संघ… विश्व व्यापार संगठन जैसे अंतर्राष्ट्रीय व्यापार संगठनों के अंदर एक महत्त्वपूर्ण समूह के रूप में काम करता है” 【पाठ】। भारत-EU FTA इसी आर्थिक ताकत का सबसे ताज़ा और सबसे बड़ा प्रमाण है — और यह भारत की तरफ से भी उतना ही बड़ा कदम है, क्योंकि इसी अध्याय का प्रश्न 12 पूछता है कि क्या भारत बहुध्रुवीय व्यवस्था बनाने में भूमिका निभा सकता है।
T2 — प्रतियोगी परीक्षाओं के तथ्य
6. यूरोपीय संघ की वे संस्थाएँ जिनका पाठ नाम भी नहीं लेता
पाठ यूरोपीय संसद और यूरोपीय परिषद् का उल्लेख करता है, पर संघ का ढाँचा कहीं नहीं बताता। 【पाठ】 प्रतियोगी परीक्षाओं में यह सीधे पूछा जाता है —
| संस्था | भूमिका | मुख्यालय |
|---|---|---|
| यूरोपीय आयोग (European Commission) | कार्यपालिका — कानून प्रस्तावित करती है | ब्रुसेल्स |
| यूरोपीय संसद (European Parliament) | प्रत्यक्ष निर्वाचित विधायिका (पहला चुनाव जून 1979) | स्ट्रासबर्ग / ब्रुसेल्स |
| यूरोपीय संघ की परिषद् (Council of the EU) | सदस्य-देशों के मंत्रियों की परिषद् | ब्रुसेल्स |
| यूरोपीय परिषद् (European Council) | राष्ट्राध्यक्षों/शासनाध्यक्षों की शिखर बैठक | ब्रुसेल्स |
| यूरोपीय न्यायालय (Court of Justice) | संघ के कानून की व्याख्या | लक्जमबर्ग |
| यूरोपीय केंद्रीय बैंक (ECB) | यूरो का प्रबंधन | फ्रैंकफर्ट |
!! ध्यान दीजिए — ‘यूरोपीय परिषद्’ (Council of Europe, 1949) और ‘यूरोपीय संघ की परिषद्’ दो अलग संस्थाएँ हैं। पाठ्यपुस्तक जिस 1949 की ‘यूरोपीय परिषद्’ की बात करती है, वह यूरोपीय संघ का अंग नहीं है — वह एक अलग, बड़ा मानवाधिकार संगठन है जिसका यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय है। यह भेद प्रतियोगी परीक्षाओं का पसंदीदा जाल है।
7. यूरोप के ‘तीन घेरे’ — जो एक-दूसरे से अलग हैं
विद्यार्थी प्रायः तीनों को एक मान लेते हैं। ये तीन अलग सदस्यताएँ हैं —
| घेरा | क्या है | ध्यान देने योग्य |
|---|---|---|
| यूरोपीय संघ | 27 सदस्य | नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड इसमें नहीं हैं |
| यूरो क्षेत्र | साझी मुद्रा अपनाने वाले देश — 1 जनवरी 2026 से बुल्गारिया के साथ 21 | डेनमार्क और स्वीडन EU में हैं पर यूरो में नहीं (पाठ्यपुस्तक इसका कारण बताती है) |
| शांगेन क्षेत्र | सीमा नियंत्रण-मुक्त क्षेत्र | नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड EU में न होकर भी शांगेन में हैं |
8. यूरोपीय संघ के उम्मीदवार देश — यूक्रेन समेत नौ★
पाठ्यपुस्तक विस्तार की पुरानी लहरों को गिनाती है (2004, 2007, 2013) पर यह कहीं नहीं बताती कि यूरोपीय संघ की सदस्यता की कतार आज भी लंबी है। 【प्रा — यूरोपीय आयोग】
| मद | तथ्य |
|---|---|
| ★आज के उम्मीदवार देश (9) | अल्बानिया, बोस्निया-हर्ज़ेगोविना, जॉर्जिया, मोल्दोवा, मॉन्टेनीग्रो, उत्तर मैसेडोनिया, सर्बिया, तुर्की और यूक्रेन |
| ★★यूक्रेन | जून 2022 से उम्मीदवार दर्जा; 2025 में यूरोपीय कानून के साथ अपने कानूनों के मेल की जाँच पूरी की; जून 2026 में पहला वार्ता-समूह (‘मूल सिद्धांत’) खोला गया |
| ! यूक्रेन की सबसे बड़ी बाधा | हंगरी का विरोध |
| ★सबसे आगे बढ़े हुए उम्मीदवार | अल्बानिया और मॉन्टेनीग्रो — कई वार्ता-अध्याय बंद कर चुके |
| ! तुर्की | 2018 से वार्ता ठप — लोकतंत्र और विधि-शासन में गिरावट के कारण |
★इससे पाठ्यपुस्तक की यह पंक्ति और स्पष्ट हो जाती है 【पाठ】 — “नये सदस्यों को शामिल करते हुए यूरोपीय संघ ने सहयोग के दायरे में विस्तार की कोशिश की।” यह प्रक्रिया आज भी जारी है — और यूक्रेन-युद्ध ने उसे नयी राजनीतिक तात्कालिकता दे दी है।
9. यूरोपीय संघ का ‘पुनः-शस्त्रीकरण’ — 2025-26★
पाठ्यपुस्तक कहती है “यूरोपीय संघ के पास दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना है” और “रक्षा बजट अमरीका के बाद सबसे अधिक” 【पाठ】। 2022 के बाद यह पहलू सबसे तेज़ी से बदल रहा है।
| मद | तथ्य |
|---|---|
| ★★रक्षा-व्यय 2025 | ~418 अरब यूरो — पिछले वर्ष से 20% अधिक, यानी संघ के GDP का 2.2% 【प्रा — यूरोपीय संसद थिंकटैंक】 |
| ★अनुमान 2026 | ~454 अरब यूरो — GDP का 2.4% |
| 2022–2025 की वृद्धि | कुल 47% बढ़ोत्तरी — रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद |
| ★NATO का लक्ष्य | 2035 तक GDP का 5% रक्षा पर (2025 के हेग शिखर सम्मेलन में स्वीकृत) |
| 2025 में लक्ष्य-पूर्ति | 27 में से 23 सदस्य-देश GDP का 2% या अधिक व्यय कर चुके — पिछले वर्ष से दस अधिक |
★★यह पाठ्यपुस्तक के इस निष्कर्ष-वाक्य को नया संदर्भ देता है 【पाठ】 — “अनेक मामलों में इसके सदस्य देशों की अपनी विदेश और रक्षा नीति है… इससे विदेशी और रक्षा मामलों में काम करने की यूरोपीय संघ की क्षमता सीमित होती है।” 2022 के बाद पहली बार यूरोपीय संघ ने सामूहिक रक्षा-निर्माण में तेज़ी से कदम बढ़ाए हैं — पर वह आज भी नाटो और अमरीकी सुरक्षा-छतरी के भीतर ही है।
10. आसियान से जुड़े वे मंच जिनका पाठ नाम नहीं लेता
पाठ केवल ARF (1994) और आसियान-भारत FTA (2010) बताता है। 【पाठ】 इनके अलावा —
| मंच | परिचय |
|---|---|
| आसियान+3 | आसियान + चीन, जापान, दक्षिण कोरिया |
| पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन (East Asia Summit) | 2005 से; भारत संस्थापक सदस्य |
| RCEP | क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी — 2022 में लागू; ! भारत 2019 में इससे बाहर हो गया |
| आसियान का सचिवालय | जकार्ता (इंडोनेशिया) — पाठ का ही प्रश्न है, “नक्शे में आसियान के सचिवालय को दिखाएँ” |
| आसियान का आदर्श वाक्य | “One Vision, One Identity, One Community” |
| ★आसियान की GDP, 2025 | लगभग 4 खरब डॉलर के पार — विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी एकल-क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था; कुल व्यापार 3.8 खरब डॉलर से अधिक 【द्वि — एशियाई विकास बैंक】 |
| ★2026 की अध्यक्षता | फिलीपींस — विषय “Navigating Our Future, Together”; 48वाँ शिखर सम्मेलन, सेबू, मई 2026 |
| ! दक्षिण चीन सागर ‘आचार-संहिता’ | आठ साल की वार्ता के बाद भी अंतिम रूप नहीं — 2026 की अध्यक्षता की सबसे बड़ी प्राथमिकता |
| ★AITIGA की समीक्षा | आसियान-भारत व्यापार समझौते (2010) की 2022 से समीक्षा जारी; अगस्त 2025 तक 10 दौर की वार्ता पूरी; भारत की माँग — सख़्त ‘मूल-स्थान नियम’ ताकि चीनी सामान आसियान के रास्ते न घुसें |
| भारत-आसियान व्यापार, वित्त वर्ष 2024-25 | लगभग 123 अरब डॉलर — निर्यात ~39 अरब डॉलर, आयात ~84 अरब डॉलर, घाटा ~45 अरब डॉलर |
★RCEP से भारत का बाहर रहना, और अब AITIGA की समीक्षा, दोनों मिलकर ‘एक्ट ईस्ट’ नीति की सबसे बड़ी आर्थिक चुनौती बताते हैं — भारत का आसियान से व्यापार बढ़ रहा है, पर घाटा भी उतनी ही तेज़ी से बढ़ रहा है। यह प्रश्न 12 तथा 13 में एक मजबूत आलोचनात्मक बिंदु है।
11. चीन के आर्थिक इतिहास के वे नाम जो पाठ छोड़ देता है
| पद | अर्थ |
|---|---|
| महान अग्रगामी छलांग (Great Leap Forward) | 1958–62 — माओ का तीव्र औद्योगीकरण अभियान, जो भीषण अकाल में बदल गया |
| सांस्कृतिक क्रांति (Cultural Revolution) | 1966–76 — जिसने शिक्षा और प्रशासन को अस्तव्यस्त कर दिया; 1978 के सुधारों की पृष्ठभूमि |
| ‘बिल्ली वाला मुहावरा’ | देंग श्याओपेंग से जुड़ा — “बिल्ली काली हो या सफेद, इससे फर्क नहीं पड़ता; जब तक वह चूहे पकड़ती है” — विचारधारा से पहले व्यावहारिकता |
| शेनझेन (Shenzhen) | चीन का पहला और सबसे प्रसिद्ध विशेष आर्थिक क्षेत्र — मछुआरों के गाँव से महानगर तक |
| एक-संतान नीति | 1979 से 2015 — पाठ्यपुस्तक की “2–3 फीसदी की जनसंख्या-वृद्धि” वाली समस्या का चीनी उत्तर |
| बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) | 2013 से — जिसका चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (CPEC) एक हिस्सा है |
| ★★BRI का पैमाना, 2025 | 150 से अधिक देश शामिल; 2025 में अकेले 213.5 अरब डॉलर का निर्माण-ठेका और निवेश — शुरुआत (2013) के बाद सबसे बड़ा वर्ष; 2013 से संचयी जुड़ाव 1.399 खरब डॉलर 【द्वि — Green Finance & Development Center】 |
★CPEC पर पाठ्यपुस्तक चुप रहती है — पाठ ‘चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा’ का नाम तो लेती है पर यह नहीं बताती कि भारत को आपत्ति क्यों है। कारण यह है कि वह पाक-अधिकृत कश्मीर से गुजरता है, जिसे भारत अपना क्षेत्र मानता है।
12. अमरीका-चीन व्यापार-युद्ध और अस्थायी संधि, 2025-26★★
पाठ्यपुस्तक चीन के “जापान, अमरीका, आसियान और रूस — सभी व्यापार के आगे चीन से बाकी विवादों को भुला चुके हैं” कहकर एक शांत तस्वीर पेश करती है 【पाठ】। 2025-26 में अमरीका-चीन संबंध इसके ठीक उलट, सबसे उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं।
| मद | तथ्य |
|---|---|
| ★★मई 2025 — जेनेवा संधि | तात्कालिक शुल्क-युद्ध को थामने के लिए पहली अस्थायी सुलह |
| ★अक्टूबर 2025 — दक्षिण कोरिया वार्ता | ट्रंप-शी मुलाक़ात; संधि को एक और साल के लिए बढ़ाया गया |
| ★★नवंबर 2025 — शुल्क में कटौती | अमरीका ने फेंटानिल-संबंधी शुल्क 20% से घटाकर 10% किया; चीन ने सोयाबीन-आयात फिर शुरू किया और दुर्लभ मृदा (rare earth) निर्यात-नियंत्रणों को एक साल टाला 【प्रा — व्हाइट हाउस】 |
| !! समानांतर तकनीकी युद्ध | सितंबर 2025 — अमरीका ने अर्धचालक (सेमीकंडक्टर) निर्यात-नियंत्रण विदेशी सहयोगी कंपनियों तक बढ़ाए; दस दिन बाद चीन ने दुर्लभ मृदा तत्वों और चुंबकों पर नये लाइसेंस-नियम लगाए |
| ★दुर्लभ मृदा में चीन का दबदबा | वैश्विक प्रसंस्करण का 90% से अधिक चीन के पास — रक्षा, अर्धचालक और वाहन-उद्योग की आपूर्ति-शृंखला की सबसे बड़ी कमज़ोरी |
| बुसान समझौता | दोनों पक्षों ने उपायों को एक साल के लिए अस्थायी रूप से स्थगित करने पर सहमति दी |
| ! कुल तस्वीर | “संधि अब भी कायम है, पर 2026 भर टिकेगी या नहीं — इस पर बहुत अनिश्चितता है” 【द्वि — Bloomberg】 |
★★यह पाठ्यपुस्तक के “सभी विवाद भुला चुके हैं” वाले सरल वाक्य को गहराई देता है — व्यापार में सुलह और तकनीक में टकराव, दोनों एक साथ चल रहे हैं। यही आज की महाशक्ति-प्रतिस्पर्धा का असली रूप है — पूर्ण युद्ध नहीं, पर पूर्ण शांति भी नहीं।
13. चीन-ताइवान तनाव, 2025-26★
पाठ्यपुस्तक कहती है — “उम्मीद की जा रही है कि जल्दी ही चीन और ताइवान के मतभेद भी खत्म हो जाएँगे और ताइवान इसकी अर्थव्यवस्था के साथ ज्यादा घनिष्ठ रूप से जुड़ जायेगा” 【पाठ】। 2025-26 में तनाव इसके ठीक उलट दिशा में बढ़ा है।
| मद | तथ्य |
|---|---|
| !! दिसंबर 2025 | चीन का सबसे बड़ा ताइवान-केंद्रित युद्धाभ्यास — 2022 के बाद सबसे बड़ा; द्वीप-घेराव का अभ्यास शामिल ◇ |
| ★अप्रैल 2026 | कुओमिनतांग (KMT) नेता चंग ली-वेन की शंघाई यात्रा — शी जिनपिंग से मुलाक़ात, लगभग एक दशक में दोनों दलों के नेतृत्व की पहली बैठक |
| ! चीन की राष्ट्रीय जन कांग्रेस, 2026 | ताइवानी अलगाववाद से दृढ़ता से निपटने और बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करने की प्रतिबद्धता दोहराई |
| शी जिनपिंग का रुख | पुनर्मिलन “अनिवार्य” है — सवाल “होगा या नहीं” का नहीं, “कब” का |
! पाठ्यपुस्तक का आशावादी अनुमान आज तक सही साबित नहीं हुआ। यह एक अच्छा उदाहरण है कि 2006-07 में लिखी पाठ्यपुस्तक की भविष्यवाणियाँ हमेशा सही नहीं निकलतीं — और यही आलोचनात्मक पठन (critical reading) का पाठ है।
14. जापान और दक्षिण कोरिया के वे तथ्य जो पूछे जाते हैं
| मद | जापान | दक्षिण कोरिया |
|---|---|---|
| समूह-7 के सदस्य | अमरीका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा, जापान (+ यूरोपीय संघ ‘गैर-गणनीय’ सदस्य) | — |
| परमाणु बम | हिरोशिमा — 6 अगस्त 1945; नागासाकी — 9 अगस्त 1945 | — |
| ‘तीन अ-परमाणु सिद्धांत’ | जापान की घोषित नीति — परमाणु हथियार न रखेंगे, न बनाएँगे, न अपनी धरती पर आने देंगे | — |
| आत्मरक्षा बल | अनुच्छेद 9 के कारण जापान की सेना का नाम ‘Self-Defense Forces’ है, ‘सेना’ नहीं | — |
| विभाजन-रेखा | — | 38वाँ समानांतर विभाजन की मूल रेखा थी; आज की वास्तविक सीमा ‘सैन्य-विहीन क्षेत्र’ (DMZ) है, जो 1953 के युद्धविराम से बनी |
| युद्ध का अंत | — | ★1953 में केवल युद्धविराम (armistice) हुआ था — शांति संधि आज तक नहीं |
| राजधानी / नदी | टोक्यो | सियोल — हान नदी के किनारे (‘हान नदी पर चमत्कार’ का यही स्रोत) |
T3 — विश्लेषण, विवाद और सतर्कता
15. पाठ्यपुस्तक की दो आंतरिक चूकेंध्यान
(क)“दो आसियान सदस्यों, मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड”
पाठ ‘दो’ कहकर तीन देशों के नाम गिनाता है (पृ. 21–22)। यह संख्या और सूची के बीच स्पष्ट असंगति है — संभवतः पुनर्मुद्रण में सूची अद्यतन हुई पर संख्या नहीं बदली। परीक्षा में तीनों नाम लिखिए।
(ख)“अध्याय दो में हम सोवियत संघ की… चर्चा कर चुके हैं”
अध्याय 2 यही है; सोवियत संघ अध्याय 1 में है। यह पाठ्यक्रम-युक्तिकरण के बाद रह गया अनाथ संदर्भ
है — ठीक वैसा ही जैसा QR कोड 12108CH04 है।
दोनों
10-Verification-Log.mdमें §V-2 और §V-3 के रूप में दर्ज हैं।
16. ‘अधिराष्ट्रीयता’ का असली अर्थ, और उसकी असली कीमत
पाठ ‘अधिराष्ट्रीय संगठन’ पद का प्रयोग करता है पर उसे परिभाषित नहीं करता। इसका अर्थ है — वह संगठन जिसके निर्णय सदस्य-देशों के राष्ट्रीय कानून पर भारी पड़ते हैं, यानी सदस्य संप्रभुता का एक हिस्सा स्थायी रूप से सौंप देते हैं।
यूरोपीय संघ में इसके तीन ठोस रूप हैं —
- संघ का कानून राष्ट्रीय कानून पर वरीयता रखता है (यूरोपीय न्यायालय द्वारा स्थापित सिद्धांत);
- साझी मुद्रा का अर्थ है अपनी मौद्रिक नीति का अधिकार छोड़ देना;
- साझा बाज़ार का अर्थ है व्यापार-नीति संघ के हवाले।
★और यही Brexit का मूल कारण था। पाठ्यपुस्तक स्वयं इसका संकेत देती है — “अनेक देशों के लोग इस बात को लेकर कुछ ख़ास उत्साहित नहीं थे कि जो ताकत उनके देश की सरकार को हासिल थी वह अब यूरोपीय संघ को दे दी जाए।” 2016 में 51.9% ब्रिटिश मतदाताओं ने ठीक यही अस्वीकार किया।
T3 का सबसे उपयोगी निबंध-बिंदु: “यूरोपीय संघ की सबसे बड़ी ताकत और उसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी — दोनों एक ही चीज़ हैं: अधिराष्ट्रीयता।”
17. ‘आसियान शैली’ की आलोचना भी पढ़िए
पाठ्यपुस्तक ‘आसियान शैली’ को पूरी तरह सकारात्मक रूप में प्रस्तुत करती है। संतुलन के लिए आलोचना भी जान लीजिए —
| समर्थन में | आलोचना में |
|---|---|
| अहस्तक्षेप ने संगठन को टूटने से बचाया — कोई सदस्य संप्रभुता खोने के डर से बाहर नहीं गया | ! अहस्तक्षेप ने आसियान को म्यांमार जैसे आंतरिक संकटों पर लगभग मूक बना दिया |
| बातचीत की नीति से कंबोडिया और पूर्वी तिमोर के संकट सुलझे | ! दक्षिण चीन सागर के विवाद पर आसियान बार-बार साझा बयान तक नहीं दे पाया; आचार-संहिता आठ साल बाद भी अंतिम रूप नहीं |
| सर्वसम्मति से हर सदस्य को बराबर आवाज़ मिली | ! सर्वसम्मति का अर्थ यह भी है कि एक सदस्य पूरे संगठन को रोक सकता है |
| 1997 के संकट में क्षेत्रीय जुड़ाव काम आया | ! आर्थिक एकीकरण EU जितना गहरा कभी नहीं हुआ |
यह वही संतुलन है जो प्रश्न 13 (“शांति और समृद्धि क्षेत्रीय संगठनों पर टिकी है — पुष्टि करें”) में पूरे अंक दिलाता है।
18. ‘शॉक थेरेपी बनाम चरणबद्ध’ — बहस का दूसरा पक्ष, और चीन की जनसांख्यिकीय कीमत
अध्याय 1 और अध्याय 2 मिलकर एक स्पष्ट निष्कर्ष सुझाते हैं: रूस ने शॉक थेरेपी अपनायी और तबाह हुआ; चीन ने नहीं अपनायी और उभरा। यह सही है, पर पूरा नहीं।
विचारणीय बिंदु —
- ★प्रारंभिक स्थितियाँ अलग थीं। 1978 का चीन मुख्यतः कृषि-प्रधान था — इसलिए खेती का निजीकरण तुरंत बड़ा लाभ दे सका। 1991 का रूस पहले से भारी-उद्योग प्रधान और शहरी था, जहाँ ऐसा कोई आसान पहला कदम मौजूद ही नहीं था।
- राजनीतिक ढाँचा अलग था। चीन में कम्युनिस्ट पार्टी का नियंत्रण बना रहा, इसलिए सुधार क्रमबद्ध रूप से लागू हो सके। रूस में राज्य-तंत्र स्वयं ढह चुका था।
- ! चीन का रास्ता भी मुफ्त नहीं था — पाठ्यपुस्तक स्वयं गिनाती है: 10 करोड़ बेरोजगार, महिलाओं के हालात, पर्यावरण, भ्रष्टाचार और बढ़ती खाई।
- पोलैंड का उदाहरण दोनों को जटिल बनाता है — उसने शॉक थेरेपी अपनायी (बाल्सरोविच योजना, 1 जनवरी 1990) और फिर भी मध्य यूरोप की सबसे सफल संक्रमण-कथा बना।
और अब एक ऐसी कीमत जो पाठ्यपुस्तक के लेखन-काल में दिखाई ही नहीं देती थी — जनसांख्यिकीध्यान
| मद | तथ्य |
|---|---|
| ★★जनसंख्या, 2025 | 1.4049 अरब — 2024 के 1.4083 अरब से 33.9 लाख कम; लगातार चौथा वर्ष जनसंख्या घट रही है ◇ |
| ★जन्म-दर, 2025 | केवल 79.2 लाख जन्म — 2024 के 95.4 लाख से 17% कम; 1949 (जनवादी गणराज्य की स्थापना) के बाद सबसे कम |
| कारण | एक-संतान नीति (1979–2015) का दीर्घकालिक असर; विवाह के प्रति अनिच्छा; बढ़ता आर्थिक दबाव |
| सरकारी उपाय | तीन वर्ष तक के हर बच्चे के लिए सालाना ~1,534 डॉलर तक की राष्ट्रीय शिशु-देखभाल सहायता — पर अब तक बेअसर |
★★यही 1979 की एक-संतान नीति का दूसरा, देरी से आया परिणाम है। पाठ्यपुस्तक ने पुराने मॉडल की “2–3 फीसदी जनसंख्या-वृद्धि” को समस्या बताया था 【पाठ】; आज चीन के सामने ठीक उलटी समस्या है — जनसंख्या घट रही है, और यह उसके भविष्य के आर्थिक विकास की सबसे बड़ी सीमा मानी जाती है। यह T3 का सबसे अच्छा निबंध-बिंदु है: “जिस नीति ने चीन को उबारा, उसी ने चालीस साल बाद एक नयी सीमा खड़ी कर दी।”
19. क्या ये केंद्र सचमुच अमरीका का प्रभुत्व ‘सीमित’ कर पाए?
पाठ्यपुस्तक का सधा हुआ वाक्य: ”…कुछ हद तक अमरीका के प्रभुत्व को सीमित करेंगे।” 【पाठ】 दो दशक बाद का हिसाब —
| केंद्र | कहाँ सफल | कहाँ नहीं |
|---|---|---|
| यूरोपीय संघ | व्यापार, नियमन और मानक तय करने में — दुनिया प्रायः इसके नियम अपनाती है; ★भारत-EU FTA (2026) जैसे बड़े समझौते संपन्न करने की क्षमता | ! रक्षा में अब भी काफी हद तक नाटो और अमरीका पर निर्भर, हालाँकि 2022 के बाद रक्षा-व्यय में तेज़ बढ़ोत्तरी; Brexit ने ताकत घटाई |
| आसियान | मंच और संवाद बनाए रखने में — ARF आज भी एशिया का एकमात्र ऐसा मंच; 11 सदस्यों तक विस्तार | ! बड़ी शक्तियों के टकराव में निर्णायक भूमिका नहीं; दक्षिण चीन सागर पर आठ साल से आचार-संहिता अधूरी |
| चीन | ★सबसे अधिक — दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था; BRI से 150+ देशों में मौजूदगी; अर्धचालक और दुर्लभ मृदा जैसे तकनीकी क्षेत्रों में अमरीका को सीधी चुनौती | !! डॉलर और वैश्विक वित्तीय व्यवस्था में अब भी अमरीका आगे; घटती जनसंख्या भविष्य की वृद्धि सीमित कर सकती है; ताइवान पर अमरीका से सीधा टकराव-जोखिम |
| जापान / द. कोरिया | तकनीक और उत्पादन में | ! दोनों की सुरक्षा अमरीकी गठबंधनों पर टिकी है |
इसलिए पाठ्यपुस्तक का ‘कुछ हद तक’ वाला शब्द बीस साल बाद भी सटीक बैठता है — और यही उसका सबसे बड़ा गुण है। कोई भी केंद्र अमरीका का स्थान नहीं ले पाया, पर सबने मिलकर यह सुनिश्चित किया कि आज कोई भी एक शक्ति अकेले फैसला नहीं कर सकती।
20. संक्षिप्ताक्षर-कोश
| संक्षेप | पूरा नाम | हिंदी / टिप्पणी |
|---|---|---|
| ★★EU | European Union | यूरोपीय संघ — 1992 मास्ट्रिस्ट संधि; आज 27 सदस्य |
| EEC | European Economic Community | 1957 रोम की संधि |
| ECSC | European Coal and Steel Community | 1951 पेरिस संधि — पहली अधिराष्ट्रीय संस्था |
| Euratom | European Atomic Energy Community | 1957, EEC के साथ |
| ★ECB | European Central Bank | यूरोपीय केंद्रीय बैंक — फ्रैंकफर्ट |
| CJEU | Court of Justice of the European Union | यूरोपीय न्यायालय — लक्जमबर्ग |
| ★★ASEAN | Association of Southeast Asian Nations | आसियान — 1967 बैंकॉक घोषणा; आज 11 सदस्य |
| ★ARF | ASEAN Regional Forum | आसियान क्षेत्रीय मंच, 1994 |
| AEC | ASEAN Economic Community | आसियान आर्थिक समुदाय, 2003 से; 2015 से औपचारिक |
| ★AITIGA | ASEAN-India Trade in Goods Agreement | आसियान-भारत वस्तु व्यापार समझौता, 2010; 2022 से समीक्षाधीन |
| ★RCEP | Regional Comprehensive Economic Partnership | क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी — भारत 2019 में बाहर |
| EAS | East Asia Summit | पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन, 2005 से |
| ★★SEZ | Special Economic Zone | विशेष आर्थिक क्षेत्र — शेनझेन पहला चीनी उदाहरण |
| ★★BRI | Belt and Road Initiative | बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव, 2013 से; 150+ देश |
| ★CPEC | China-Pakistan Economic Corridor | चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा — भारत की आपत्ति POK से गुजरने पर |
| WTO | World Trade Organization | विश्व व्यापार संगठन — चीन 2001 में सदस्य बना |
| OECD | Organisation for Economic Co-operation and Development | जापान 1964, दक्षिण कोरिया 1996 में सदस्य बने |
| G-7 | Group of Seven | एशिया से केवल जापान |
| ★DMZ | Demilitarized Zone | सैन्य-विहीन क्षेत्र — कोरियाई प्रायद्वीप की वास्तविक सीमा |
| LAC | Line of Actual Control | वास्तविक नियंत्रण रेखा — भारत-चीन सीमा |
| ★NATO | North Atlantic Treaty Organization | उत्तर अटलांटिक संधि संगठन |
21. अभ्यास प्रश्न
1 अंक
- ब्रिटेन यूरोपीय संघ से कब बाहर हुआ और आज सदस्य-संख्या कितनी है? — 31 जनवरी 2020 — आज 27 सदस्य
- आसियान का 11वाँ सदस्य कौन बना, कब और कहाँ? — तिमोर-लेस्ते — 26 अक्टूबर 2025, कुआलालंपुर में 47वें आसियान शिखर सम्मेलन में
- आसियान का सचिवालय कहाँ है? — जकार्ता (इंडोनेशिया)
- ‘यूरोपीय परिषद्’ (1949) और ‘यूरोपीय संघ की परिषद्’ में क्या अंतर है? — पहली यूरोपीय संघ का अंग नहीं है — वह एक अलग मानवाधिकार संगठन है; दूसरी संघ के सदस्य-देशों के मंत्रियों की परिषद् है
- यूरोपीय केंद्रीय बैंक कहाँ है? — फ्रैंकफर्ट
- यूरो-क्षेत्र में 1 जनवरी 2026 से कौन-सा देश शामिल हुआ, और यह कौन-सा सदस्य है? — बुल्गारिया — 21वाँ
- चीन का पहला विशेष आर्थिक क्षेत्र कौन-सा था? — शेनझेन
- भारत RCEP से कब बाहर हुआ? — 2019 में
- भारत CPEC का विरोध क्यों करता है? — क्योंकि वह पाक-अधिकृत कश्मीर से गुजरता है, जिसे भारत अपना क्षेत्र मानता है
- गलवान की झड़प कब हुई और देपसांग-डेमचोक समझौता कब? — जून 2020 / 21 अक्टूबर 2024
- 2025 में भारत-चीन द्विपक्षीय व्यापार कितना रहा? — लगभग 155.6 अरब डॉलर
- नाथू ला दर्रे से भारत-चीन सीमा-व्यापार कब फिर शुरू हुआ, कितने वर्षों बाद? — 1 अगस्त 2026, छह वर्ष बाद
- भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता कब संपन्न हुआ? — 27 जनवरी 2026, नई दिल्ली में
- यूरोपीय संघ के उम्मीदवार देश कितने हैं, और उनमें कौन-सा सबसे चर्चित है? — नौ; यूक्रेन
- यूक्रेन की EU-सदस्यता की सबसे बड़ी बाधा कौन-सा देश है? — हंगरी
- EU का रक्षा-व्यय 2025 में कितना रहा? — लगभग 418 अरब यूरो, GDP का 2.2%
- कोरियाई युद्ध कैसे समाप्त हुआ? — 1953 के युद्धविराम से — शांति संधि आज तक नहीं हुई
- जापान की सेना का औपचारिक नाम क्या है और क्यों? — ‘आत्मरक्षा बल’ — क्योंकि संविधान का अनुच्छेद 9 युद्ध का त्याग करता है
- 2025 में विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था कौन-सी बनी, किसे पीछे छोड़कर? — भारत — जापान को पीछे छोड़कर
- BRI में कितने देश शामिल हैं और 2025 में इसका कुल जुड़ाव कितना रहा? — 150 से अधिक देश; 213.5 अरब डॉलर
- 2025 में चीन का द्विपक्षीय व्यापार-अधिशेष कितना रहा? — लगभग 1.19 खरब डॉलर
- मई 2025 में अमरीका-चीन के बीच शुल्क-युद्ध थामने की पहली संधि कहाँ हुई? — जेनेवा
- चीन का 2025 का सबसे बड़ा ताइवान-केंद्रित युद्धाभ्यास कब हुआ? — दिसंबर 2025
- चीन की जनसंख्या 2025 में कितनी घटी? — लगभग 33.9 लाख — लगातार चौथा वर्ष
- 2026 में आसियान की अध्यक्षता किसके पास है? — फिलीपींस
2–4 अंक
- यूरोपीय संघ की छह प्रमुख संस्थाएँ और उनकी भूमिका बताइए।
- यूरोप के ‘तीन घेरे’ — EU, यूरो-क्षेत्र और शांगेन-क्षेत्र — में अंतर स्पष्ट कीजिए।
- भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते की मुख्य बातें बताइए।
- आसियान-भारत AITIGA की समीक्षा क्यों हो रही है? भारत की मुख्य माँगें क्या हैं?
- अमरीका-चीन के बीच 2025 की व्यापारिक संधि और तकनीकी टकराव, दोनों को समझाइए। क्या ये एक-दूसरे के विरुद्ध हैं?
- चीन की एक-संतान नीति का दीर्घकालिक परिणाम आज कैसे दिख रहा है?
- ‘अधिराष्ट्रीयता’ का अर्थ समझाइए और Brexit से उसका संबंध जोड़िए।
- ‘आसियान शैली’ की उपलब्धियाँ और सीमाएँ दोनों बताइए।
- भारत-चीन सीमा-स्थिति 2020 से 2026 तक कैसे बदली है? समय-रेखा बनाइए।
6 अंक
- “सत्ता के वैकल्पिक केंद्रों ने अमरीका के प्रभुत्व को कुछ हद तक सीमित किया है” — 2026 के आँकड़ों के आधार पर परीक्षण कीजिए।
- “रूस ने शॉक थेरेपी अपनायी और तबाह हुआ; चीन ने नहीं अपनायी और उभरा” — इस कथन का आलोचनात्मक विश्लेषण कीजिए, और चीन के विकास-मॉडल की कीमत भी बताइए।
22. स्रोत-सूची
यूरोपीय संघ — विस्तार, यूरो, रक्षा 【प्रा/द्वि】
- Member state of the European Union — Wikipedia
- Bulgaria Adopts Euro, Becomes 21st Eurozone Member — Greek Reporter
- Bulgaria adopts the euro — European Central Bank
- EU enlargement: Ukraine, the Western Balkans and the accession process — House of Commons Library
- Candidate countries and potential candidates — European Commission
- EU Defence spending to hit €454 billion in 2026 — DigitalShield
- EU Member States’ defence budgets — Epthinktank, European Parliament
- EU’s GDP valued at €18.8 trillion in 2025 — Eurostat
भारत-यूरोपीय संघ FTA ◆
- India–EU Free Trade Agreement Concluded — Ministry of Commerce & Industry, भारत सरकार
- India-EU trade deal: What does it do to tariffs and who benefits? — CNBC
- EU and India conclude negotiations on FTA — KPMG
आसियान 【प्रा/द्वि】
- Forging a New Era: Timor-Leste Admitted into ASEAN — ASEAN Main Portal
- Timor-Leste joins ASEAN as 11th member — News On AIR (Prasar Bharati)
- The Association of Southeast Asian Nations (ASEAN): 12 Things to Know — Asian Development Bank
- Philippines’ 2026 ASEAN Chairmanship — ASEM InfoBoard
- Resetting India-ASEAN Trade in 2025 — ORF
भारत-चीन 【प्रा/द्वि】
- India-China bilateral trade reached USD 155 bn in 2025 — PTI / The Week
- India’s trade deficit with China may reach $106 billion in 2025: GTRI — Business Standard
- India-China complete disengagement at Depsang, Demchok — News On AIR
- Negotiating the India-China Standoff: 2020–2024 — Carnegie Endowment
- India, China to Resume Nathu La Border Trade — GKToday
- China, India resume border trade at Nathu La — Global Times
चीन — अर्थव्यवस्था, व्यापार-युद्ध, जनसांख्यिकी, BRI ◇
- China’s Import-Export in 2025 — China Briefing
- China’s Economy in 2025: GDP Hits 5.0% Growth Target — China Briefing
- US and China Head Into 2026 With a Fragile Trade Truce — Bloomberg
- Fact Sheet: Trump Strikes Deal on Economic and Trade Relations with China — The White House
- China’s New Export Controls — Forbes
- China’s Belt and Road Initiative hits record $213bn in 2025 — Anewz
- China’s population falls again as birth rate drops to lowest since 1949 — PBS News
- Can China Reverse Its Demographic Decline? — The Wire China
- China & Taiwan Update — AEI
अर्थव्यवस्थाओं का क्रम ◇
- Largest economies worldwide — Statista
- Largest Economies by Nominal GDP 2025 — IMF-based ranking
- India overtakes Japan to become world’s fourth largest economy — Gulf News
अंतिम अनुस्मारक: ! बोर्ड परीक्षा में केवल पाठ्यपुस्तक का उत्तर लिखिए। जहाँ यह दस्तावेज़ पाठ्यपुस्तक से भिन्न है — EU के सदस्य (28 बनाम 27), आसियान के सदस्य (दस बनाम ग्यारह), व्यापार के आँकड़े, अर्थव्यवस्थाओं का क्रम, चीन-ताइवान का भविष्य — वहाँ बोर्ड परीक्षा के लिए पाठ्यपुस्तक ही मान्य है। यह दस्तावेज़ समझ, प्रतियोगी परीक्षाओं और चर्चा के लिए है।