अध्याय 2सत्ता के समकालीन केन्द्र

रिवीजन नोट्स25 मिनटस्रोत जाँचे गए

NCERT — समकालीन विश्व राजनीति (पुस्तक 1), पृ. 15–28.

परीक्षा-केंद्रित संक्षेपण। ★सर्वाधिक महत्वपूर्ण बिंदुओं को दर्शाता है।

एक पंक्ति में पूरा अध्याय

दो-ध्रुवीय व्यवस्था के टूटने के बाद यह स्पष्ट हो गया कि सत्ता के वैकल्पिक केंद्र अमरीका के प्रभुत्व को सीमित करेंगे — यूरोप में यूरोपीय संघ, जो एक अधिराष्ट्रीय संगठन बनकर लगभग राष्ट्र-राज्य की तरह काम करता है; दक्षिण-पूर्व एशिया में आसियान, जिसने जानबूझकर अधिराष्ट्रीय बनने से इनकार करके ‘आसियान शैली’ गढ़ी; और सबसे नाटकीय रूप से चीन, जिसने 1978 के बाद ‘शॉक थेरेपी’ के बजाय चरणबद्ध खुलेपन के रास्ते 2040 तक अमरीका से आगे निकलने की राह पकड़ ली।

0. पहले यह जान लीजिएध्यान★

  • यह अध्याय पहले ‘अध्याय 4’ था — हाशिये का QR कोड 12108CH04 इसका प्रमाण है।
  • पाठ्यक्रम-युक्तिकरण में दो अध्याय हटे — पुराना अध्याय 1 (‘शीतयुद्ध का दौर’) और पुराना अध्याय 3 (‘समकालीन विश्व में अमरीकी वर्चस्व’)।
  • ★इसीलिए ‘अमरीका का प्रभुत्व’ इस अध्याय की भूमिका में तो है, पर उसकी व्याख्या कहीं नहीं है।
  • पृ. 22 पर लिखा “अध्याय दो में हम सोवियत संघ की… चर्चा कर चुके हैं” — अब वह अध्याय 1 है।

1. यूरोपीय संघ★★

1.1 क्यों बना — ‘यूरोप के सवाल’

  • दूसरे विश्वयुद्ध के बाद प्रश्न था: पुरानी दुश्मनियाँ फिर शुरू करें, या सिद्धांतों और संस्थाओं के आधार पर संबंध नए सिरे से बनाएँ?
  • 1945 तक यूरोप ने अपनी अर्थव्यवस्थाओं की बर्बादी और उन मान्यताओं का ध्वंस — दोनों देख लिए थे।
  • ★“1945 के बाद यूरोप के देशों में मेल-मिलाप को शीतयुद्ध से भी मदद मिली।”

1.2 तीन अमरीकी/यूरोपीय कदम

कदमविवरण
मार्शल योजना★अमरीका ने यूरोप की अर्थव्यवस्था के पुनर्गठन के लिए जबरदस्त मदद की
नाटोअमरीका ने सामूहिक सुरक्षा व्यवस्था को जन्म दिया
★1948 — यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठनमार्शल योजना के तहत; पश्चिमी यूरोप को आर्थिक मदद; व्यापार और आर्थिक मामलों में एक-दूसरे की मदद का मंच
★1949 — यूरोपीय परिषद्राजनीतिक सहयोग के मामले में अगला कदम

1.3 महत्त्वपूर्ण पड़ाव (सबसे ज्यादा पूछा जाने वाला)★★

तिथिघटना
अप्रैल 1951★छह देशों — फ्रांस, पश्चिम जर्मनी, इटली, बेल्जियम, नीदरलैंड, लक्जमबर्ग — ने पेरिस संधि से यूरोपीय कोयला और इस्पात समुदाय बनाया
मार्च 1957★रोम की संधि — EEC और Euratom
जनवरी 1973डेनमार्क, आयरलैंड, ब्रिटेन
जून 1979★यूरोपीय संसद के लिए पहला प्रत्यक्ष चुनाव
जनवरी 1981यूनान (ग्रीस)
जून 1985★शांगेन संधि — सीमा नियंत्रण समाप्त
जनवरी 1986स्पेन और पुर्तगाल
अक्टूबर 1990जर्मनी का एकीकरण
फरवरी 1992★★मास्ट्रिस्ट संधि — यूरोपीय संघ के गठन के लिए
जनवरी 1993EEC का नाम बदलकर यूरोपीय समुदाय (EC)
जनवरी 2002★यूरो को 12 सदस्य देशों ने अपनाया
मई 2004★दस देश — साइप्रस, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, हंगरी, लताविया, लिथुआनिया, माल्टा, पोलैंड, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया
जनवरी 2007बुल्गारिया और रोमानिया; स्लोवेनिया ने यूरो अपनाया
दिसम्बर 2009लिस्बन संधि लागू
2012★यूरोपीय संघ को नोबेल शांति पुरस्कार
2013★क्रोएशिया 28वाँ सदस्य
2016★ब्रिटेन का जनमत संग्रह — 51.9% ने Brexit चुना

1.4 संघ की प्रकृति

  • ★“आर्थिक सहयोग वाली व्यवस्था से बदलकर ज्यादा से ज्यादा राजनैतिक रूप लेता गया है।”
  • ★“अब यूरोपीय संघ स्वयं काफी हद तक एक विशाल राष्ट्र-राज्य की तरह ही काम करने लगा है।”
  • संविधान बनाने की कोशिश असफल — पर अपना झंडा, गान, स्थापना-दिवस और मुद्रा है।
  • साझी विदेश और सुरक्षा नीति काफी हद तक बना ली है।
  • नये सदस्य मुख्यत: भूतपूर्व सोवियत खेमे के थे।
  • ! असहमति: “अनेक देशों के लोग इस बात को लेकर उत्साहित नहीं थे कि जो ताकत उनके देश की सरकार को हासिल थी वह अब यूरोपीय संघ को दे दी जाए।”

1.5 प्रभाव के चार आयाम — 6-अंकीय प्रश्न 11 का ढाँचा★★

आयामतथ्य
आर्थिक★2024 में GDP लगभग 19.35 खरब डॉलर (अनुमान) • यूरो अमरीकी डालर के प्रभुत्व के लिए खतरा • ★विश्व व्यापार में हिस्सेदारी अमरीका से तीन गुनी • WTO के अंदर महत्वपूर्ण समूह • अमरीका और चीन से व्यापारिक विवादों में पूरी धौंस के साथ बात
राजनीतिक-कूटनीतिक★फ्रांस सुरक्षा परिषद् का स्थायी सदस्य; कई देश अस्थायी सदस्य • ★ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अमरीकी नीतियों को प्रभावित किया • ★चीन के साथ धमकी की जगह कूटनीति, आर्थिक निवेश और बातचीत ज्यादा प्रभावी
सैनिक★दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी सेना • रक्षा बजट अमरीका के बाद सबसे अधिक • ★फ्रांस के पास करीब 335 परमाणु हथियार
तकनीकी★अंतरिक्ष विज्ञान और संचार प्रौद्योगिकी में दुनिया में दूसरा स्थान

1.6 सीमाएँ — ‘अधिराष्ट्रीय होने की कीमत’ध्यान★

★“अनेक मामलों में इसके सदस्य देशों की अपनी विदेश और रक्षा नीति है जो कई बार एक-दूसरे के खिलाफ भी होती है।”

उदाहरणविवरण
इराक युद्धब्रिटेन के टोनी ब्लेयर अमरीका के साथ; जर्मनी और फ्रांस खिलाफ; कई नए सदस्य अमरीकी गठबंधन में
यूरो का विरोधयूरोप के कुछ हिस्सों में काफी नाराजगी
मार्गरेट थैचरब्रिटेन को यूरोपीय बाज़ार से अलग रखा
डेनमार्क और स्वीडनमास्ट्रिस्ट संधि और यूरो का प्रतिरोध

★“इससे विदेशी और रक्षा मामलों में काम करने की यूरोपीय संघ की क्षमता सीमित होती है।”

1.7 प्रतीक और वीजा

  • झंडा: ★12 सितारे — पूर्णता, समग्रता और एकता के प्रतीक (सदस्य-संख्या नहीं!); सोने के सितारों का घेरा एकता और मेलमिलाप का प्रतीक।
  • शांगेन वीजा: एक देश का वीजा लेकर अधिकांश EU देशों में यात्रा।
  • कार्टून (2003): साझा संविधान की असफल कोशिश → यूरोपीय संघ को टाइटैनिक के रूप में दिखाया गया।

2. आसियान★★

2.1 क्यों बना — तीन दबाव

  1. ★दूसरे विश्व युद्ध से पहले और उसके दौरान यूरोपीय और जापानी उपनिवेशवाद का शिकार; भारी राजनैतिक और आर्थिक कीमत।
  2. युद्ध के बाद राष्ट्र-निर्माण, आर्थिक पिछड़ेपन और गरीबी की समस्याएँ।
  3. ★शीतयुद्ध के दौर में किसी एक महाशक्ति के साथ जाने के दबाव।
  • ★बांडुंग सम्मेलन और गुटनिरपेक्ष आंदोलन “अनौपचारिक स्तर पर सहयोग और मेलजोल कराने के मामले में कारगर नहीं हो रहे थे” — इसलिए वैकल्पिक पहल की गई।

2.2 स्थापना★

  • ★1967 — बैंकॉक घोषणा पर पाँच देशों ने हस्ताक्षर किए: इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलिपींस, सिंगापुर और थाईलैंड।
  • बाद में ब्रुनेई दारुस्सलाम, वियतनाम, लाओस, म्यांमार और कंबोडिया → ★सदस्य-संख्या दस।
  • झंडा: ★धान की दस बालियाँ = दस देश; वृत्त = एकता।

2.3 उद्देश्य

  1. ★आर्थिक विकास को तेज करना और उसके माध्यम से सामाजिक और सांस्कृतिक विकास हासिल करना।
  2. ★कानून के शासन और संयुक्त राष्ट्र के कायदों पर आधारित क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व को बढ़ावा देना।

2.4 ‘आसियान शैली’ (ASEAN way)★★

  • ★“यूरोपीय संघ की तरह इसने खुद को अधिराष्ट्रीय संगठन बनाने… का लक्ष्य नहीं रखा।”
  • ★“अनौपचारिक, टकरावरहित और सहयोगात्मक मेल-मिलाप का नया उदाहरण” — इसी को ‘आसियान शैली’ कहा गया।
  • ★“आसियान के कामकाज में राष्ट्रीय सार्वभौमिकता का सम्मान करना बहुत ही महत्त्वपूर्ण रहा है।”

2.5 तीन स्तंभ (2003)★

स्तंभउद्देश्य
1. आसियान सुरक्षा समुदाय★क्षेत्रीय विवादों को सैनिक टकराव तक न ले जाने की सहमति
2. आसियान आर्थिक समुदाय★साझा बाज़ार और उत्पादन आधार; सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद; आर्थिक विवाद निपटाने की व्यवस्था सुधारना
3. आसियान सामाजिक-सांस्कृतिक समुदाय—

2003 तक के समझौते: ★शांति, निष्पक्षता, सहयोग, अहस्तक्षेप को बढ़ावा; आपसी अंतर तथा संप्रभुता के अधिकारों का सम्मान।

2.6 अन्य संस्थाएँ और उपलब्धियाँ

  • ★1994 — आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF): सुरक्षा और विदेश नीतियों में तालमेल।
  • ★विजन दस्तावेज़ 2020 — अंतर्राष्ट्रीय समुदाय में बहिर्मुखी भूमिका।
  • ★टकराव की जगह बातचीत — कंबोडिया का टकराव समाप्त किया, पूर्वी तिमोर का संकट सम्भाला, 1999 से नियमित वार्षिक बैठक।
  • ★मुक्त व्यापार क्षेत्र (FTA) — निवेश, श्रम और सेवाओं में; अमरीका और चीन ने बातचीत की पहल की।
  • आसियान क्षेत्र की कुल अर्थव्यवस्था अमरीका, EU और जापान से छोटी — पर विकास सबसे तेज।

2.7 भारत और आसियान★

  • शुरुआती वर्षों में भारतीय विदेश नीति ने आसियान पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।
  • ★1991 से ‘लुक ईस्ट’ (Look East), 2014 से ‘एक्ट ईस्ट’ (Act East)।
  • मलेशिया, सिंगापुर और थाईलैंड के साथ मुक्त व्यापार समझौते।
  • ★2010 में आसियान-भारत मुक्त व्यापार क्षेत्र व्यवस्था लागू।
  • ★25 जनवरी 2018 — नई दिल्ली में रजत जयंती, डाक टिकट जारी।

2.8 निष्कर्ष-वाक्य★

  • ★“आसियान की असली ताकत… निरंतर संवाद और परामर्श करने की नीति में है।”
  • ★“यह एशिया का एकमात्र ऐसा क्षेत्रीय संगठन है जो एशियाई देशों और विश्व शक्तियों को राजनैतिक और सुरक्षा मामलों पर चर्चा के लिए राजनैतिक मंच उपलब्ध कराता है।”

3. चीनी अर्थव्यवस्था का उत्थान★★

3.1 आज

  • ★“1978 के बाद से जारी चीन की आर्थिक सफलता को एक महाशक्ति के रूप में इसके उभरने के साथ जोड़कर देखा जाता है।”
  • ★“माना जाता है कि इस रफ्तार से चलते हुए 2040 तक वह दुनिया की सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति, अमरीका से भी आगे निकल जाएगा।”
  • ★“चीन पूर्व एशिया के विकास का इंजन-जैसा बना हुआ है।”
  • विशाल आबादी, बड़ा भू-भाग, संसाधन, क्षेत्रीय अवस्थिति और राजनैतिक प्रभाव — तेज वृद्धि के साथ मिलकर प्रभाव कई गुना।

3.2 पहला मॉडल (1949 से) — सोवियत तर्ज़

पहलूविवरण
आरंभ1949 — माओ के नेतृत्व में साम्यवादी क्रांति; चीनी जनवादी गणराज्य
आधारआर्थिकी सोवियत मॉडल पर; पूँजीवादी दुनिया से रिश्ते तोड़ लिए; थोड़े समय सोवियत मदद और सलाह
रणनीति★“खेती से पूँजी निकाल कर सरकारी नियंत्रण में बड़े उद्योग खड़े करने पर जोर”
आयात-प्रतिस्थापनविदेशी मुद्रा की कमी → आयातित सामानों को धीरे-धीरे घरेलू स्तर पर तैयार करवाना

उपलब्धियाँ: सभी नागरिकों को रोजगार और सामाजिक कल्याण; ★“शिक्षित करने और स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराने के मामले में चीन सबसे विकसित देशों से भी आगे निकल गया”; विकास 5 से 6 फीसदी की दर से।

संकट: ★जनसंख्या में 2–3 फीसदी की वार्षिक वृद्धि “इस विकास दर पर पानी फेर रही थी”; कृषि अधिशेष अपर्याप्त; औद्योगिक उत्पादन धीमा; विदेशी व्यापार न के बराबर; प्रति व्यक्ति आय बहुत कम।

3.3 तीन निर्णायक वर्ष★★

वर्षनिर्णय
1972★अमरीका से संबंध बनाकर राजनीतिक और आर्थिक एकांतवास समाप्त
1973★चाऊ एनलाई के चार आधुनिकीकरण प्रस्ताव — कृषि, उद्योग, सेना, विज्ञान-प्रौद्योगिकी
1978★★देंग श्याओपेंग — आर्थिक सुधार और ‘खुले द्वार की नीति’; विदेशी पूँजी और प्रौद्योगिकी के निवेश से उच्चतर उत्पादकता

3.4 चीन का अपना तरीका — अध्याय 1 से सबसे बड़ा जुड़ाव★★

★★“चीन ने ‘शॉक थेरेपी’ पर अमल करने के बजाय अपनी अर्थव्यवस्था को चरणबद्ध ढंग से खोला।”

चरणवर्ष
खेती का निजीकरण★1982
उद्योगों का निजीकरण★1998
व्यापार-अवरोध हटानासिर्फ ‘विशेष आर्थिक क्षेत्रों’ (SEZ) के लिए

3.5 परिणाम★

  • कृषि के निजीकरण से कृषि-उत्पादों और ग्रामीण आय में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी; निजी बचत बढ़ी; ग्रामीण उद्योगों की तादाद बड़ी तेजी से बढ़ी।
  • नए व्यापार कानून और SEZ से विदेश-व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि।
  • ★“चीन पूरे विश्व में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के लिए सबसे आकर्षक देश बनकर उभरा।”
  • विदेशी मुद्रा का विशाल भंडार — इसके दम पर दूसरे देशों में निवेश।
  • ★2001 — विश्व व्यापार संगठन में शामिल।
  • ★“अब चीन की योजना विश्व आर्थिकी से अपने जुड़ाव को और गहरा करके भविष्य की विश्व व्यवस्था को एक मनचाहा रूप देने की है।”

3.6 लागतध्यान

समस्यातथ्य
बेरोजगारी★बढ़ी; 10 करोड़ लोग रोजगार की तलाश में
महिलाएँ★रोजगार और काम के हालात उतने ही खराब जितने यूरोप में 18वीं और 19वीं सदी में थे
पर्यावरण और भ्रष्टाचारदोनों बढ़े
असमानता★गाँव-शहर तथा तटीय-मुख्यभूमि के लोगों के बीच आर्थिक फासला बढ़ रहा है

★“चीन की आर्थिकी में तो नाटकीय सुधार हुआ है लेकिन वहाँ हर किसी को सुधारों का लाभ नहीं मिला है।”

3.7 वैश्विक प्रभाव

  • ★जापान, अमरीका, आसियान और रूस — “सभी व्यापार के आगे चीन से बाकी विवादों को भुला चुके हैं।”
  • ★1997 के वित्तीय संकट के बाद आसियान देशों की अर्थव्यवस्था को टिकाए रखने में चीन के उभार ने मदद की।
  • ★लातिनी अमरीका और अफ्रीका में निवेश और मदद → विकासशील देशों के मामले में नई विश्व शक्ति।
  • चीन-ताइवान के मतभेद खत्म होने की उम्मीद।
  • कार्टून: ‘चीन: तब और अब’ — माओ की लाल किताब बनाम हू की पूँजीपरस्त लाल ‘टाई’; ‘चीनी साइकिल’ के दो पहिये — हँसिया-हथौड़ा और डॉलर — यही दोहरापन है।

4. चीन के साथ भारत के संबंध★★

4.1 इतिहास

  • ★“पश्चिमी साम्राज्यवाद के उदय से पहले भारत और चीन एशिया की महाशक्ति थे।”
  • चीनी राजवंशों के शासन में मंगोलिया, कोरिया, हिन्द-चीन के कुछ इलाके और तिब्बत अधीनता मानते रहे।
  • ★“पर चीन और भारत अपने प्रभाव क्षेत्रों के मामले में कभी नहीं टकराए थे” → इसलिए दोनों एक-दूसरे को अच्छी तरह जान नहीं सके, और बीसवीं सदी में टकराने पर विदेश नीति बनाने में मुश्किलें आईं।

4.2 बिगड़ने और सुधरने का क्रम★

वर्षघटना
आज़ादी के बाद★‘हिंदी-चीनी भाई-भाई’ का नारा लोकप्रिय
1950★चीन द्वारा तिब्बत को हड़पना और भारत-चीन सीमा पर बस्तियाँ बनाना → संबंध एकदम गड़बड़
1962★★युद्ध — अरुणाचल प्रदेश के कुछ इलाकों और लद्दाख के अक्साई-चिन क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धी दावे; भारत को सैनिक पराजय
1976 तक★कूटनैतिक संबंध समाप्त ही रहे
1970 का उत्तरार्द्धचीन का नेतृत्व बदला; वैचारिक की जगह व्यावहारिक मुद्दे
1981★सीमा विवादों पर वार्ताओं की शृंखला शुरू
दिसम्बर 1988★★राजीव गांधी का चीन दौरा — सुधार के प्रयासों को बढ़ावा
1998भारत का परमाणु परीक्षण — “इससे भी दोनों के बीच संपर्क कम नहीं हुआ”
2018 / 2019मोदी चीन गए / शी जिनपिंग भारत आए

1988 के बाद के कदम: टकराव टालना और सीमा पर शांति तथा यथास्थिति; ★सांस्कृतिक आदान-प्रदान, विज्ञान-तकनीक में सहयोग, और व्यापार के लिए सीमा पर चार पोस्ट खोलने के समझौते।

4.3 आर्थिक पहलू★

मदआँकड़ा
व्यापार-वृद्धि की दर★1999 से 30 फीसदी सालाना
द्विपक्षीय व्यापार, 1992★33 करोड़ 80 लाख डॉलर
द्विपक्षीय व्यापार, 2017★84 अरब डॉलर
  • ★“अब इनके संबंधों का रणनीतिक ही नहीं, आर्थिक पहलू भी है।”
  • ★“दोनों ही खुद को विश्व-राजनीति की उभरती शक्ति मानते हैं।”
  • विदेशों में ऊर्जा सौदा हासिल करने जैसे विभेदकारी मसलों पर भी सहयोग।
  • ★WTO जैसे अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संगठनों के संबंध में एक जैसी नीतियाँ।

4.4 मतभेद के मुद्दे — प्रश्न 14 का सीधा उत्तरध्यान★

मुद्दाविवरण
पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम★“पाकिस्तान के परमाणु हथियार कार्यक्रम में भी चीन को मददगार माना जाता है।”
बांग्लादेश और म्यांमार★चीन के सैनिक संबंध “दक्षिण एशिया में भारतीय हितों के खिलाफ” माने जाते हैं
★सीमा-विवादहाल की गिरावट का पहला कारण
★चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारादूसरा कारण
★संयुक्त राष्ट्र में आतंकवाद विरोधी भारतीय प्रस्ताव के विरुद्ध चीन द्वारा पाकिस्तान को समर्थनतीसरा कारण

★पर पाठ का संतुलन-वाक्य: “पर इसमें से कोई भी मुद्दा दोनों मुल्कों में टकराव करवा देने लायक नहीं माना जाता” — प्रमाण यह कि सीमा विवाद सुलझाने की बातचीत और सैन्य स्तर पर सहयोग का कार्यक्रम जारी है।

5. जापान★

मदतथ्य
ब्रांडसोनी, पैनासोनिक, कैनन, सुजुकी, होंडा, ट्योटा, माज्दा
संसाधन★प्राकृतिक संसाधन कम; ज्यादातर कच्चे माल का आयात — फिर भी तेज़ प्रगति
OECD★1964
अर्थव्यवस्था★2017 में विश्व की तीसरी सबसे बड़ी
समूह-7★एशिया से अकेला जापान
आबादीविश्व में ग्यारहवाँ स्थान
परमाणु बम★विभीषिका झेलने वाला एकमात्र देश
UN बजट★10 प्रतिशत का योगदान — दूसरा सबसे बड़ा देश
सुरक्षा★1951 से अमरीका के साथ सुरक्षा-गठबंधन
अनुच्छेद 9★★“राष्ट्र के संप्रभु अधिकार के रूप में युद्ध को तथा अंतर्राष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में बल-प्रयोग अथवा धमकी से काम लेने के तरीके को जापान के लोग हमेशा के लिए त्याग करते हैं।”
सैन्य व्यय★GDP का केवल 1 प्रतिशत — फिर भी विश्व में सातवाँ स्थान
तकनीकआसीमो — विश्व का सबसे अत्याधुनिक मानवरूपी रोबोट

6. दक्षिण कोरिया★

मदतथ्य
विभाजन★द्वितीय विश्व युद्ध के अंत में 38वें समानांतर के साथ-साथ — दक्षिण कोरिया (रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया) और उत्तरी कोरिया (डेमोक्रेटिक पीपुल्स रिपब्लिक ऑफ़ कोरिया)
कोरियाई युद्ध★1950–53
संयुक्त राष्ट्र★17 सितंबर 1991 को दोनों कोरिया सदस्य बने
‘हान नदी पर चमत्कार’★★1960 के दशक से 1980 के दशक के बीच तेज़ी से आर्थिक विकास
OECD★1996
अर्थव्यवस्था★2017 में ग्यारहवीं सबसे बड़ी; सैन्य खर्च में दसवाँ स्थान
HDI★मानव विकास रिपोर्ट 2016 — रैंक 18
सफलता के कारण★“सफल भूमि सुधार, ग्रामीण विकास, व्यापक मानव संसाधन विकास, तीव्र न्यायसंगत आर्थिक वृद्धि”; साथ में निर्यात उन्मुखीकरण, मजबूत पुनर्वितरण नीतियाँ, सार्वजनिक अवसंरचना विकास, प्रभावी संस्थाएँ और शासन
भारत सेसैमसंग, एलजी और हुंडई भारत में प्रसिद्ध

तुलनात्मक तालिका — यूरोपीय संघ बनाम आसियान (सबसे उपयोगी एक पन्ना)★★

कसौटीयूरोपीय संघआसियान
स्थापना1992 (प्रक्रिया 1951 से)1967 — बैंकॉक घोषणा
संस्थापकछह देश (1951)पाँच देश
आज सदस्य28 (2013 में क्रोएशिया)दस
प्रकृति★अधिराष्ट्रीय — “विशाल राष्ट्र-राज्य की तरह”★जानबूझकर अधिराष्ट्रीय नहीं
शैलीसंधि-आधारित, संस्थागत★‘आसियान शैली’ — अनौपचारिक, टकरावरहित, सहयोगात्मक
संप्रभुतासदस्य ताकत संघ को सौंपते हैं (और इसी पर विरोध है)★राष्ट्रीय सार्वभौमिकता का सम्मान सर्वोपरि
मुद्रा★यूरो (2002, 12 देश)कोई साझा मुद्रा नहीं
सैन्य आयाम★दूसरी सबसे बड़ी सेना; फ्रांस के 335 परमाणु हथियारसुरक्षा समुदाय — पर सैन्य गठबंधन नहीं
संविधान! 2003 की कोशिश असफलकोशिश ही नहीं की
मंचयूरोपीय संसद, यूरोपीय परिषद्★ARF (1994) — एशिया का एकमात्र ऐसा मंच
कमज़ोरी★सदस्यों की अपनी विदेश-रक्षा नीति (इराक, यूरो, Brexit)अर्थव्यवस्था अमरीका, EU और जापान से छोटी

याद रखने योग्य आँकड़े★★

विवरणमान
यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन / यूरोपीय परिषद्1948 / 1949
पेरिस संधि / रोम की संधिअप्रैल 1951 / मार्च 1957
यूरोपीय संसद का पहला प्रत्यक्ष चुनावजून 1979
शांगेन संधिजून 1985
मास्ट्रिस्ट संधि / EU की स्थापनाफरवरी 1992 / 1992
यूरो अपनायाजनवरी 2002 — 12 देश
बड़ा विस्तारमई 2004 — दस देश
लिस्बन संधि / नोबेल शांति पुरस्कारदिसम्बर 2009 / 2012
क्रोएशिया — 28वाँ सदस्य / Brexit जनमत संग्रह2013 / 2016 (51.9%)
EU का GDP2024 में लगभग 19.35 खरब डॉलर
विश्व व्यापार में हिस्सेदारीअमरीका से तीन गुनी
फ्रांस के परमाणु हथियारकरीब 335
EU के झंडे के सितारे12 — पूर्णता, समग्रता, एकता
आसियान की स्थापना1967 — बैंकॉक घोषणा, पाँच देश
आसियान की वर्तमान सदस्य-संख्यादस
आसियान क्षेत्रीय मंच (ARF)1994
आसियान समुदाय के तीन स्तंभ2003
वार्षिक बैठक / आसियान-भारत FTA1999 से / 2010
भारत-आसियान रजत जयंती25 जनवरी 2018
लुक ईस्ट / एक्ट ईस्ट1991 / 2014
चीनी जनवादी गणराज्य1949 — माओ
पुराने मॉडल में विकास दर / जनसंख्या-वृद्धि5–6 फीसदी / 2–3 फीसदी
अमरीका से संबंध / चार आधुनिकीकरण / खुले द्वार1972 / 1973 / 1978
खेती / उद्योगों का निजीकरण1982 / 1998
WTO में चीन2001
चीन सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनेगा2040 तक (अनुमान)
चीन में रोजगार की तलाश में10 करोड़ लोग
SEZ — चीन / भारतछह / 200 से ज्यादा
तिब्बत / भारत-चीन युद्ध1950 / 1962
कूटनैतिक संबंध समाप्त रहे1976 तक
सीमा-वार्ताएँ / राजीव गांधी का दौरा1981 / दिसम्बर 1988
भारत-चीन व्यापार-वृद्धि1999 से 30 फीसदी सालाना
भारत-चीन व्यापार 1992 / 201733 करोड़ 80 लाख डॉलर / 84 अरब डॉलर
जापान / द. कोरिया OECD में1964 / 1996
जापान / द. कोरिया की अर्थव्यवस्था (2017)तीसरी / ग्यारहवीं
UN बजट में जापान10 प्रतिशत — दूसरा सबसे बड़ा
जापान-अमरीका सुरक्षा गठबंधन1951
जापान का सैन्य व्यय / विश्व में स्थानGDP का 1 प्रतिशत / सातवाँ
कोरिया का विभाजन / कोरियाई युद्ध38वाँ समानांतर / 1950–53
दोनों कोरिया UN के सदस्य17 सितंबर 1991
द. कोरिया — सैन्य खर्च / HDI रैंकदसवाँ / 18 (2016)

अंतिम क्षण के जालध्यान

  1. ★EU के झंडे के 12 सितारे सदस्य-संख्या नहीं — पूर्णता, समग्रता और एकता के प्रतीक हैं। पर आसियान की धान की दस बालियाँ सचमुच दस देशों को इंगित करती हैं।
  2. 1948 = यूरोपीय आर्थिक सहयोग संगठन (आर्थिक); 1949 = यूरोपीय परिषद् (राजनीतिक)। दोनों अलग।
  3. 1951 पेरिस संधि = कोयला-इस्पात; 1957 रोम संधि = EEC + Euratom।
  4. ★शांगेन (1985) = सीमा नियंत्रण समाप्त; मास्ट्रिस्ट (1992) = यूरोपीय संघ का गठन।
  5. ★EU अधिराष्ट्रीय है; आसियान ने ऐसा बनने से जानबूझकर इनकार किया। यही सबसे बड़ा भेद है।
  6. ★चीन ने ‘शॉक थेरेपी’ नहीं अपनायी — चरणबद्ध ढंग से खोला (अध्याय 1 से तुलना)।
  7. 1982 = खेती का निजीकरण; 1998 = उद्योगों का।
  8. 1972 = अमरीका से संबंध; 1978 = खुले द्वार की नीति। दोनों अलग वर्ष, अलग नेता के दौर।
  9. ★1962 का युद्ध — अरुणाचल प्रदेश और अक्साई-चिन (लद्दाख)। दोनों नाम चाहिए।
  10. कूटनैतिक संबंध 1976 तक समाप्त रहे — युद्ध 1962 में हुआ था। चौदह साल का अंतराल।
  11. ★जापान का सैन्य व्यय GDP का केवल 1 प्रतिशत है, फिर भी विश्व में सातवाँ स्थान। यह विरोधाभास नहीं — अर्थव्यवस्था इतनी बड़ी है कि 1 प्रतिशत भी बहुत होता है।
  12. जापान = तीसरी अर्थव्यवस्था, ग्यारहवीं आबादी; दक्षिण कोरिया = ग्यारहवीं अर्थव्यवस्था।
  13. ★हाल की गिरावट के तीन कारण — सीमा-विवाद · चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा · UN में आतंकवाद विरोधी प्रस्ताव के विरुद्ध पाकिस्तान को चीनी समर्थन।

पाठ्यपुस्तक में मुद्रित उत्तर

इस अध्याय में कोई उत्तर-कुंजी और कोई सारांश खंड मुद्रित नहीं है। उत्तर 05-Question-Bank.md में — शिक्षक द्वारा तैयार।