अध्याय 1पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति

फ्लैशकार्ड13 मिनटस्रोत जाँचे गए

NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1

कार्ड से अभ्यास कीजिए

कीबोर्ड से: Space से कार्ड पलटिए, ← → से पिछला या अगला, 1 नहीं आता, 2 आता है।

प्रयोग — दाईं ओर हाथ रखकर पढ़िए, उत्तर बोलिए, फिर हाथ हटाइए। कुल 54 कार्ड। हर उत्तर के साथ किताब का पृष्ठ लिखा है; शक हो तो किताब का वही पृष्ठ खोलकर देख लीजिए। पृष्ठ संख्याएँ इस किताब के 2026-27 में छपे संस्करण की हैं।

तारों का मतलब: ★वाले कार्ड ज़्यादा ज़रूरी हैं · ★★सबसे ज़रूरी; समय कम हो तो पहले इन्हें दोहराइए।


सेट 1 — मानचित्र और उसके तीन घटक (कार्ड 1–14)

#प्रश्नउत्तर
★1मानचित्र किसे कहते हैं?किसी भी क्षेत्र का एक प्रतीकात्मक चित्रण या रेखांकन। मानचित्र में सतह ऐसे दिखती है, जैसे आप उसे ऊपर से देखते हैं। (पृष्ठ 9)
2एटलस (मानचित्रावली) किसे कहते हैं?मानचित्रों की एक पुस्तक या संग्रह। (पृष्ठ 9)
3भौतिक मानचित्र क्या दिखाता है?मुख्य रूप से प्राकृतिक आकृतियाँ, जैसे पर्वत, महासागर और नदियाँ। (पृष्ठ 9)
4राजनैतिक मानचित्र क्या दिखाता है?देश या राज्य, सीमाएँ, नगर आदि। जैसे सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और उनकी राजधानियों वाला भारत का मानचित्र। (पृष्ठ 9)
5थिमैटिक मानचित्र क्या दिखाता है?किसी विशिष्ट प्रकार की सूचना। (पृष्ठ 9)
★★6मानचित्र के तीन मुख्य घटक कौन-से हैं?दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न। (पृष्ठ 9)
7मानचित्र पर नापी गई दूरी से भूमि की वास्तविक दूरी किसकी सहायता से जानते हैं?मानचित्र के स्केल की सहायता से; वास्तविक दूरी उस स्केल पर निर्भर है। (पृष्ठ 9–10)
8किताब के भारत के मानचित्र (अध्याय 5, चित्र 5.2) के स्केल पर 2.5 से.मी. भूमि की कितनी दूरी दर्शाता है?500 किलोमीटर। (पृष्ठ 10)
9चतुर्दिश या प्रधान बिंदु कौन-से हैं?उत्तर, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम: शीर्ष पर उत्तर, फिर घड़ी के काँटे की दिशा में घूमते हुए बाकी तीन। (पृष्ठ 10)
10चार मध्यवर्ती दिशाएँ कौन-सी हैं?उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम। (पृष्ठ 10)
11अधिकतर मानचित्रों पर उत्तर दिशा कैसे दिखाई जाती है?‘उ.’ अक्षर से अंकित एक तीर से। (पृष्ठ 10)
★12मानचित्र पर प्रतीक चिह्न क्यों लगाए जाते हैं?बड़े नगर या देश के मानचित्र पर हर चीज़ का चित्र बनाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं होता; प्रतीक चिह्नों से सीमित स्थान पर अनेक विवरण दर्शाए जा सकते हैं। (पृष्ठ 11)
13भारत के मानचित्रों के लिए प्रतीक चिह्नों का संकलन किसने निर्धारित किया है?सरकारी निकाय भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने। (पृष्ठ 11)
14मानचित्र के प्रतीक चिह्न PO, PTO और PS किसके लिए हैं?PO डाकघर, PTO डाक एवं टेलीग्राफ कार्यालय, PS पुलिस स्टेशन। (पृष्ठ 11)

सेट 2 — पृथ्वी की आकृति और ग्लोब (कार्ड 15–20)

#प्रश्नउत्तर
15आर्यभट्ट (लगभग 500 सा.सं.) ने पृथ्वी की आकृति कैसी बताई?गोलाकार। उनके शब्द: “पृथ्वी अंतरिक्ष में स्थित है, जो जल, पृथ्वी, अग्नि और वायु से बनी है और यह गोलाकार है।” (पृष्ठ 7)
★16पृथ्वी की आकृति कैसी है?लगभग गोलाकार; पूर्ण गोलाकार नहीं, ध्रुवों पर थोड़ी चपटी। (पृष्ठ 12)
17पृथ्वी का मानचित्र कागज पर बनाना कठिन क्यों है?पृथ्वी का आकार चपटा नहीं है, और कागज के समतल पृष्ठ पर गोलाकार वस्तु को यथावत चित्रित करना संभव नहीं है। संतरे के छिलके के तीन या चार टुकड़े भी किनारे तोड़े बिना मेज पर चपटे नहीं होते। (पृष्ठ 12)
18ग्लोब क्या है?एक गोल आकृति, जिस पर एक मानचित्र बनाया गया है। (पृष्ठ 12)
19ग्लोब किन चीज़ों से बनते हैं, और पृथ्वी के अलावा किन-किनके ग्लोब होते हैं?धातु, प्लास्टिक या कार्डबोर्ड से; चंद्रमा, मंगल ग्रह, तारों और तारा-मंडल आदि के भी। (पृष्ठ 12)
★20ग्लोब किसी समतल मानचित्र से पृथ्वी को बेहतर क्यों दिखाता है?क्योंकि ग्लोब और पृथ्वी का आकार एक समान (गोलाकार) होता है। (पृष्ठ 12)

सेट 3 — निर्देशांक और अक्षांश (कार्ड 21–27)

#प्रश्नउत्तर
21शतरंज के पटल पर हर खाना कैसे पहचाना जाता है?अक्षर (‘क’ से ‘ज’ तक) और अंक (1 से 8 तक) से, जैसे प्यादा ‘घ’ 2 से ‘घ’ 4 की ओर बढ़ा। (पृष्ठ 13)
22शतरंज के खाने और दुकानों की पंक्ति-गिनती से जगह बताने वाली प्रणाली को क्या कहा जा सकता है?निर्देशांक प्रणाली; इसमें दो निर्देशांकों की सहायता से जगह तय होती है। (पृष्ठ 13)
23भूमध्य रेखा का दूसरा नाम क्या है?विषुवत वृत्त। (पृष्ठ 13)
★★24अक्षांश किससे दूरी मापता है?भूमध्य रेखा से। (पृष्ठ 13)
25अक्षांश (समानांतर) की रेखा कैसी होती है, और ध्रुवों की ओर उसका क्या होता है?पृथ्वी के चारों ओर एक वृत्त। सबसे बड़ा वृत्त विषुवत वृत्त है; उत्तर या दक्षिण की ओर बढ़ने पर वृत्त छोटे होते जाते हैं। (पृष्ठ 13)
★★26विषुवत वृत्त और दोनों ध्रुवों के अक्षांश कितने हैं?अक्षांश अंशों (डिग्री) में लिखे जाते हैं: विषुवत वृत्त 0°, ध्रुव 90° उ. और 90° द.। (पृष्ठ 14)
27भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जलवायु कैसे बदलती है?भूमध्य रेखा के चारों ओर गरम (उष्ण), उससे दूर शीतोष्ण, और ध्रुवों के निकट शीत (ठंडी)। (पृष्ठ 14)

सेट 4 — देशांतर, प्रमुख याम्योत्तर और उज्जयिनी (कार्ड 28–39)

#प्रश्नउत्तर
28देशांतरीय याम्योत्तर कैसी रेखाएँ हैं?अर्धवृत्त, जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाते हैं। (पृष्ठ 14)
★★29देशांतर किससे दूरी का माप है?प्रमुख याम्योत्तर से। (पृष्ठ 15)
★30प्रमुख याम्योत्तर को ग्रिनिच याम्योत्तर क्यों कहते हैं?वर्ष 1884 में कुछ देशों ने तय किया कि इंग्लैंड में लंदन के एक क्षेत्र ग्रिनिच से गुजरने वाली याम्योत्तर अंतर्राष्ट्रीय मानक मानी जाएगी। इसे 0° देशांतर अंकित किया जाता है। (पृष्ठ 15)
31देशांतर का मान कहाँ तक जाता है, और उसके साथ कौन-से वर्ण लिखे जाते हैं?0° से 180° तक; पश्चिम के लिए ‘प.’ और पूर्व के लिए ‘पू.’। जैसे न्यूयॉर्क 74° प., टोक्यो 140° पू.। (पृष्ठ 15)
★32180° देशांतर के साथ ‘प.’ या ‘पू.’ क्यों नहीं लिखते?क्योंकि 180° प. और 180° पू. एक ही देशांतर हैं; इसे 180° ही लिखा जाता है। (पृष्ठ 15)
★★33पृथ्वी पर किसी स्थान के दो निर्देशांक कौन-से हैं?अक्षांश और देशांतर। ये सब रेखाएँ मिलकर ग्लोब पर एक ग्रिड बनाती हैं। (पृष्ठ 15)
★34किताब दिल्ली की स्थिति किन निर्देशांकों से बताती है?29° उ. अक्षांश और 77° पू. देशांतर; यह आनुमानिक रूप से पूर्ण है, सटीक नहीं। (पृष्ठ 15)
★35प्रमुख याम्योत्तर और भूमध्य रेखा पृथ्वी को किन गोलार्धों में बाँटती हैं?प्रमुख याम्योत्तर पश्चिमी और पूर्वी गोलार्ध में; भूमध्य रेखा उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में। (पृष्ठ 16)
★36भारत की अपनी प्राचीन प्रमुख याम्योत्तर का नाम क्या था, और वह कहाँ से गुजरती थी?मध्य रेखा; उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन) के मध्य से। यह यूरोप से अनेक शताब्दियों पूर्व की बात है, इसलिए ग्रिनिच पहली ज्ञात प्रमुख याम्योत्तर नहीं है। (पृष्ठ 16)
37लगभग 1500 वर्ष पूर्व कौन-से प्रसिद्ध खगोलविद उज्जैन में रहे और कार्य किया?वराहमिहिर। (पृष्ठ 16)
38किताब के चित्र 1.5 (उज्जयिनी याम्योत्तर का मानचित्र) में यह याम्योत्तर किस देशांतर पर दिखाई गई है?75.8° पू.। (पृष्ठ 17)
39भारत का अक्षांश और देशांतर कहाँ से कहाँ तक फैला है?अक्षांश लगभग 8° उ. से 37° उ. तक, देशांतर लगभग 68° पू. से 97° पू. तक। (पृष्ठ 18)

सेट 5 — समय और समय क्षेत्र (कार्ड 40–49)

#प्रश्नउत्तर
★40किसी स्थान का समय और समय क्षेत्र किससे निर्धारित होता है?देशांतर से। (पृष्ठ 23)
★★41पृथ्वी एक घंटे में कितने अंश घूमती है?15°। पृथ्वी 24 घंटे में एक पूरा चक्कर (360°) लगाती है, और 15×24 = 360। (पृष्ठ 19)
★42ग्रिनिच पर दोपहर 12 बजे हों, तो पूर्व की ओर हर 15° पर स्थानीय समय का क्या होता है?हर 15° याम्योत्तर पर एक घंटा जुड़ता जाता है: 15° पू. पर दोपहर 1:00, 30° पू. पर दोपहर 2 बजे। (पृष्ठ 19)
43ग्रिनिच से पश्चिम की ओर जाने पर स्थानीय समय का क्या होता है?समय घटता जाता है: 15° प. पर प्रात: 11 बजे, 30° प. पर प्रात: 10 बजे। (पृष्ठ 19)
★44अधिकतर देश एक मानक समय क्यों अपनाते हैं?एक देश के अंदर अनेक स्थानीय समयों का उपयोग उचित नहीं होगा; इसलिए वे अपने मध्य से गुजरने वाले याम्योत्तर पर आधारित एक मानक समय अपनाते हैं। (पृष्ठ 20)
★★45भारतीय मानक समय (आई.एस.टी.) ग्रिनिच मीन टाइम (जी.एम.टी.) से कितना आगे है?5 घंटे 30 मिनट। (पृष्ठ 20)
46जब लंदन में दोपहर 12 बजे होते हैं, तब भारत में सायं 5:30 क्यों बजते हैं?ग्रिनिच लंदन का ही एक क्षेत्र है, और भारतीय मानक समय ग्रिनिच के स्थानीय समय (जी.एम.टी.) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है। (पृष्ठ 15, 20)
47समय क्षेत्रों को बाँटने वाली रेखाएँ पूरी तरह सीधी क्यों नहीं होतीं?क्योंकि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं का पालन करते हुए प्रत्येक देश के मानक समय का ध्यान रखना पड़ता है। (पृष्ठ 20)
48क्या हर देश पूरे देश के लिए एक ही मानक समय अपनाता है?नहीं। रूस, कनाडा या संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश एक समय क्षेत्र के लिए बहुत विशाल हैं; संयुक्त राज्य अमेरिका में 6 और रूस में 11 समय क्षेत्र हैं। (पृष्ठ 21)
★49दिल्ली (29° उ.) और बेंगलुरु (13° उ.) का देशांतर लगभग 77° पू. एक ही है; दोनों के स्थानीय समय में कितना अंतर होगा?लगभग कोई अंतर नहीं, क्योंकि समय देशांतर से निर्धारित होता है और दोनों का देशांतर लगभग एक ही है। (पृष्ठ 23)

सेट 6 — अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (कार्ड 50–54)

#प्रश्नउत्तर
★★50अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहाँ है?ग्रिनिच वाली मुख्य याम्योत्तर के विपरीत, लगभग 180° देशांतर पर। (पृष्ठ 21)
51अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा पर कौन-से दो समय क्षेत्र एक-दूसरे को छूते हैं?+12 और –12। (पृष्ठ 21)
★52पूर्व की ओर यात्रा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा पार करने पर तिथि का क्या करते हैं?एक दिन घटाते हैं (मान लीजिए, सोमवार से रविवार)। (पृष्ठ 21–22)
★53पश्चिम की ओर यात्रा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा पार करने पर तिथि का क्या करते हैं?एक दिन जोड़ते हैं (रविवार से सोमवार)। (पृष्ठ 22)
54अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा सीधी न होकर टेढ़ी-मेढ़ी क्यों गुजरती है?ताकि कुछ देशों में एक ही दिन का विभाजन न हो। (पृष्ठ 22)

अंतिम पाँच मिनट — यही दोहराइए

तीन घटक — मानचित्र के मुख्य घटक: दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न दो निर्देशांक — अक्षांश भूमध्य रेखा से दूरी मापता है, देशांतर प्रमुख याम्योत्तर से ज़रूरी अंश — विषुवत वृत्त 0° · ध्रुव 90° उ. और 90° द. · ग्रिनिच याम्योत्तर 0° (वर्ष 1884) · तिथि रेखा लगभग 180° दो याम्योत्तर — आज ग्रिनिच की; यूरोप से अनेक शताब्दियों पूर्व भारत की मध्य रेखा, उज्जयिनी से होकर (75.8° पू.) समय का हिसाब — 15° = 1 घंटा (15×24 = 360); पूर्व की ओर समय जुड़ता है, पश्चिम की ओर घटता है भारत का समय — आई.एस.टी. = जी.एम.टी. से 5 घंटे 30 मिनट आगे तिथि रेखा — पूर्व की ओर जाते हुए पार करें तो एक दिन घटाइए · पश्चिम की ओर जाते हुए पार करें तो एक दिन जोड़िए