कार्ड से अभ्यास कीजिए
एक बार में एक कार्ड आएगा। उत्तर मन में सोचिए, फिर कार्ड पलटिए और बताइए कि आपको आता था या नहीं। जो नहीं आता, वह इसी दौर में फिर आएगा; जो आता है, वह कुछ दिन बाद दोहराने के लिए लौटेगा।
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प्रयोग — दाईं ओर हाथ रखकर पढ़िए, उत्तर बोलिए, फिर हाथ हटाइए। कुल 54 कार्ड। हर उत्तर के साथ किताब का पृष्ठ लिखा है; शक हो तो किताब का वही पृष्ठ खोलकर देख लीजिए। पृष्ठ संख्याएँ इस किताब के 2026-27 में छपे संस्करण की हैं।
तारों का मतलब: ★वाले कार्ड ज़्यादा ज़रूरी हैं · ★★सबसे ज़रूरी; समय कम हो तो पहले इन्हें दोहराइए।
सेट 1 — मानचित्र और उसके तीन घटक (कार्ड 1–14)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| ★1 | मानचित्र किसे कहते हैं? | किसी भी क्षेत्र का एक प्रतीकात्मक चित्रण या रेखांकन। मानचित्र में सतह ऐसे दिखती है, जैसे आप उसे ऊपर से देखते हैं। (पृष्ठ 9) |
| 2 | एटलस (मानचित्रावली) किसे कहते हैं? | मानचित्रों की एक पुस्तक या संग्रह। (पृष्ठ 9) |
| 3 | भौतिक मानचित्र क्या दिखाता है? | मुख्य रूप से प्राकृतिक आकृतियाँ, जैसे पर्वत, महासागर और नदियाँ। (पृष्ठ 9) |
| 4 | राजनैतिक मानचित्र क्या दिखाता है? | देश या राज्य, सीमाएँ, नगर आदि। जैसे सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और उनकी राजधानियों वाला भारत का मानचित्र। (पृष्ठ 9) |
| 5 | थिमैटिक मानचित्र क्या दिखाता है? | किसी विशिष्ट प्रकार की सूचना। (पृष्ठ 9) |
| ★★6 | मानचित्र के तीन मुख्य घटक कौन-से हैं? | दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न। (पृष्ठ 9) |
| 7 | मानचित्र पर नापी गई दूरी से भूमि की वास्तविक दूरी किसकी सहायता से जानते हैं? | मानचित्र के स्केल की सहायता से; वास्तविक दूरी उस स्केल पर निर्भर है। (पृष्ठ 9–10) |
| 8 | किताब के भारत के मानचित्र (अध्याय 5, चित्र 5.2) के स्केल पर 2.5 से.मी. भूमि की कितनी दूरी दर्शाता है? | 500 किलोमीटर। (पृष्ठ 10) |
| 9 | चतुर्दिश या प्रधान बिंदु कौन-से हैं? | उत्तर, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम: शीर्ष पर उत्तर, फिर घड़ी के काँटे की दिशा में घूमते हुए बाकी तीन। (पृष्ठ 10) |
| 10 | चार मध्यवर्ती दिशाएँ कौन-सी हैं? | उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम। (पृष्ठ 10) |
| 11 | अधिकतर मानचित्रों पर उत्तर दिशा कैसे दिखाई जाती है? | ‘उ.’ अक्षर से अंकित एक तीर से। (पृष्ठ 10) |
| ★12 | मानचित्र पर प्रतीक चिह्न क्यों लगाए जाते हैं? | बड़े नगर या देश के मानचित्र पर हर चीज़ का चित्र बनाने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं होता; प्रतीक चिह्नों से सीमित स्थान पर अनेक विवरण दर्शाए जा सकते हैं। (पृष्ठ 11) |
| 13 | भारत के मानचित्रों के लिए प्रतीक चिह्नों का संकलन किसने निर्धारित किया है? | सरकारी निकाय भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने। (पृष्ठ 11) |
| 14 | मानचित्र के प्रतीक चिह्न PO, PTO और PS किसके लिए हैं? | PO डाकघर, PTO डाक एवं टेलीग्राफ कार्यालय, PS पुलिस स्टेशन। (पृष्ठ 11) |
सेट 2 — पृथ्वी की आकृति और ग्लोब (कार्ड 15–20)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 15 | आर्यभट्ट (लगभग 500 सा.सं.) ने पृथ्वी की आकृति कैसी बताई? | गोलाकार। उनके शब्द: “पृथ्वी अंतरिक्ष में स्थित है, जो जल, पृथ्वी, अग्नि और वायु से बनी है और यह गोलाकार है।” (पृष्ठ 7) |
| ★16 | पृथ्वी की आकृति कैसी है? | लगभग गोलाकार; पूर्ण गोलाकार नहीं, ध्रुवों पर थोड़ी चपटी। (पृष्ठ 12) |
| 17 | पृथ्वी का मानचित्र कागज पर बनाना कठिन क्यों है? | पृथ्वी का आकार चपटा नहीं है, और कागज के समतल पृष्ठ पर गोलाकार वस्तु को यथावत चित्रित करना संभव नहीं है। संतरे के छिलके के तीन या चार टुकड़े भी किनारे तोड़े बिना मेज पर चपटे नहीं होते। (पृष्ठ 12) |
| 18 | ग्लोब क्या है? | एक गोल आकृति, जिस पर एक मानचित्र बनाया गया है। (पृष्ठ 12) |
| 19 | ग्लोब किन चीज़ों से बनते हैं, और पृथ्वी के अलावा किन-किनके ग्लोब होते हैं? | धातु, प्लास्टिक या कार्डबोर्ड से; चंद्रमा, मंगल ग्रह, तारों और तारा-मंडल आदि के भी। (पृष्ठ 12) |
| ★20 | ग्लोब किसी समतल मानचित्र से पृथ्वी को बेहतर क्यों दिखाता है? | क्योंकि ग्लोब और पृथ्वी का आकार एक समान (गोलाकार) होता है। (पृष्ठ 12) |
सेट 3 — निर्देशांक और अक्षांश (कार्ड 21–27)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 21 | शतरंज के पटल पर हर खाना कैसे पहचाना जाता है? | अक्षर (‘क’ से ‘ज’ तक) और अंक (1 से 8 तक) से, जैसे प्यादा ‘घ’ 2 से ‘घ’ 4 की ओर बढ़ा। (पृष्ठ 13) |
| 22 | शतरंज के खाने और दुकानों की पंक्ति-गिनती से जगह बताने वाली प्रणाली को क्या कहा जा सकता है? | निर्देशांक प्रणाली; इसमें दो निर्देशांकों की सहायता से जगह तय होती है। (पृष्ठ 13) |
| 23 | भूमध्य रेखा का दूसरा नाम क्या है? | विषुवत वृत्त। (पृष्ठ 13) |
| ★★24 | अक्षांश किससे दूरी मापता है? | भूमध्य रेखा से। (पृष्ठ 13) |
| 25 | अक्षांश (समानांतर) की रेखा कैसी होती है, और ध्रुवों की ओर उसका क्या होता है? | पृथ्वी के चारों ओर एक वृत्त। सबसे बड़ा वृत्त विषुवत वृत्त है; उत्तर या दक्षिण की ओर बढ़ने पर वृत्त छोटे होते जाते हैं। (पृष्ठ 13) |
| ★★26 | विषुवत वृत्त और दोनों ध्रुवों के अक्षांश कितने हैं? | अक्षांश अंशों (डिग्री) में लिखे जाते हैं: विषुवत वृत्त 0°, ध्रुव 90° उ. और 90° द.। (पृष्ठ 14) |
| 27 | भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर जलवायु कैसे बदलती है? | भूमध्य रेखा के चारों ओर गरम (उष्ण), उससे दूर शीतोष्ण, और ध्रुवों के निकट शीत (ठंडी)। (पृष्ठ 14) |
सेट 4 — देशांतर, प्रमुख याम्योत्तर और उज्जयिनी (कार्ड 28–39)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| 28 | देशांतरीय याम्योत्तर कैसी रेखाएँ हैं? | अर्धवृत्त, जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाते हैं। (पृष्ठ 14) |
| ★★29 | देशांतर किससे दूरी का माप है? | प्रमुख याम्योत्तर से। (पृष्ठ 15) |
| ★30 | प्रमुख याम्योत्तर को ग्रिनिच याम्योत्तर क्यों कहते हैं? | वर्ष 1884 में कुछ देशों ने तय किया कि इंग्लैंड में लंदन के एक क्षेत्र ग्रिनिच से गुजरने वाली याम्योत्तर अंतर्राष्ट्रीय मानक मानी जाएगी। इसे 0° देशांतर अंकित किया जाता है। (पृष्ठ 15) |
| 31 | देशांतर का मान कहाँ तक जाता है, और उसके साथ कौन-से वर्ण लिखे जाते हैं? | 0° से 180° तक; पश्चिम के लिए ‘प.’ और पूर्व के लिए ‘पू.’। जैसे न्यूयॉर्क 74° प., टोक्यो 140° पू.। (पृष्ठ 15) |
| ★32 | 180° देशांतर के साथ ‘प.’ या ‘पू.’ क्यों नहीं लिखते? | क्योंकि 180° प. और 180° पू. एक ही देशांतर हैं; इसे 180° ही लिखा जाता है। (पृष्ठ 15) |
| ★★33 | पृथ्वी पर किसी स्थान के दो निर्देशांक कौन-से हैं? | अक्षांश और देशांतर। ये सब रेखाएँ मिलकर ग्लोब पर एक ग्रिड बनाती हैं। (पृष्ठ 15) |
| ★34 | किताब दिल्ली की स्थिति किन निर्देशांकों से बताती है? | 29° उ. अक्षांश और 77° पू. देशांतर; यह आनुमानिक रूप से पूर्ण है, सटीक नहीं। (पृष्ठ 15) |
| ★35 | प्रमुख याम्योत्तर और भूमध्य रेखा पृथ्वी को किन गोलार्धों में बाँटती हैं? | प्रमुख याम्योत्तर पश्चिमी और पूर्वी गोलार्ध में; भूमध्य रेखा उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में। (पृष्ठ 16) |
| ★36 | भारत की अपनी प्राचीन प्रमुख याम्योत्तर का नाम क्या था, और वह कहाँ से गुजरती थी? | मध्य रेखा; उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन) के मध्य से। यह यूरोप से अनेक शताब्दियों पूर्व की बात है, इसलिए ग्रिनिच पहली ज्ञात प्रमुख याम्योत्तर नहीं है। (पृष्ठ 16) |
| 37 | लगभग 1500 वर्ष पूर्व कौन-से प्रसिद्ध खगोलविद उज्जैन में रहे और कार्य किया? | वराहमिहिर। (पृष्ठ 16) |
| 38 | किताब के चित्र 1.5 (उज्जयिनी याम्योत्तर का मानचित्र) में यह याम्योत्तर किस देशांतर पर दिखाई गई है? | 75.8° पू.। (पृष्ठ 17) |
| 39 | भारत का अक्षांश और देशांतर कहाँ से कहाँ तक फैला है? | अक्षांश लगभग 8° उ. से 37° उ. तक, देशांतर लगभग 68° पू. से 97° पू. तक। (पृष्ठ 18) |
सेट 5 — समय और समय क्षेत्र (कार्ड 40–49)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| ★40 | किसी स्थान का समय और समय क्षेत्र किससे निर्धारित होता है? | देशांतर से। (पृष्ठ 23) |
| ★★41 | पृथ्वी एक घंटे में कितने अंश घूमती है? | 15°। पृथ्वी 24 घंटे में एक पूरा चक्कर (360°) लगाती है, और 15×24 = 360। (पृष्ठ 19) |
| ★42 | ग्रिनिच पर दोपहर 12 बजे हों, तो पूर्व की ओर हर 15° पर स्थानीय समय का क्या होता है? | हर 15° याम्योत्तर पर एक घंटा जुड़ता जाता है: 15° पू. पर दोपहर 1:00, 30° पू. पर दोपहर 2 बजे। (पृष्ठ 19) |
| 43 | ग्रिनिच से पश्चिम की ओर जाने पर स्थानीय समय का क्या होता है? | समय घटता जाता है: 15° प. पर प्रात: 11 बजे, 30° प. पर प्रात: 10 बजे। (पृष्ठ 19) |
| ★44 | अधिकतर देश एक मानक समय क्यों अपनाते हैं? | एक देश के अंदर अनेक स्थानीय समयों का उपयोग उचित नहीं होगा; इसलिए वे अपने मध्य से गुजरने वाले याम्योत्तर पर आधारित एक मानक समय अपनाते हैं। (पृष्ठ 20) |
| ★★45 | भारतीय मानक समय (आई.एस.टी.) ग्रिनिच मीन टाइम (जी.एम.टी.) से कितना आगे है? | 5 घंटे 30 मिनट। (पृष्ठ 20) |
| 46 | जब लंदन में दोपहर 12 बजे होते हैं, तब भारत में सायं 5:30 क्यों बजते हैं? | ग्रिनिच लंदन का ही एक क्षेत्र है, और भारतीय मानक समय ग्रिनिच के स्थानीय समय (जी.एम.टी.) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है। (पृष्ठ 15, 20) |
| 47 | समय क्षेत्रों को बाँटने वाली रेखाएँ पूरी तरह सीधी क्यों नहीं होतीं? | क्योंकि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं का पालन करते हुए प्रत्येक देश के मानक समय का ध्यान रखना पड़ता है। (पृष्ठ 20) |
| 48 | क्या हर देश पूरे देश के लिए एक ही मानक समय अपनाता है? | नहीं। रूस, कनाडा या संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देश एक समय क्षेत्र के लिए बहुत विशाल हैं; संयुक्त राज्य अमेरिका में 6 और रूस में 11 समय क्षेत्र हैं। (पृष्ठ 21) |
| ★49 | दिल्ली (29° उ.) और बेंगलुरु (13° उ.) का देशांतर लगभग 77° पू. एक ही है; दोनों के स्थानीय समय में कितना अंतर होगा? | लगभग कोई अंतर नहीं, क्योंकि समय देशांतर से निर्धारित होता है और दोनों का देशांतर लगभग एक ही है। (पृष्ठ 23) |
सेट 6 — अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा (कार्ड 50–54)
| # | प्रश्न | उत्तर |
|---|---|---|
| ★★50 | अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहाँ है? | ग्रिनिच वाली मुख्य याम्योत्तर के विपरीत, लगभग 180° देशांतर पर। (पृष्ठ 21) |
| 51 | अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा पर कौन-से दो समय क्षेत्र एक-दूसरे को छूते हैं? | +12 और –12। (पृष्ठ 21) |
| ★52 | पूर्व की ओर यात्रा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा पार करने पर तिथि का क्या करते हैं? | एक दिन घटाते हैं (मान लीजिए, सोमवार से रविवार)। (पृष्ठ 21–22) |
| ★53 | पश्चिम की ओर यात्रा करते हुए अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा पार करने पर तिथि का क्या करते हैं? | एक दिन जोड़ते हैं (रविवार से सोमवार)। (पृष्ठ 22) |
| 54 | अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा सीधी न होकर टेढ़ी-मेढ़ी क्यों गुजरती है? | ताकि कुछ देशों में एक ही दिन का विभाजन न हो। (पृष्ठ 22) |
अंतिम पाँच मिनट — यही दोहराइए
तीन घटक — मानचित्र के मुख्य घटक: दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न दो निर्देशांक — अक्षांश भूमध्य रेखा से दूरी मापता है, देशांतर प्रमुख याम्योत्तर से ज़रूरी अंश — विषुवत वृत्त 0° · ध्रुव 90° उ. और 90° द. · ग्रिनिच याम्योत्तर 0° (वर्ष 1884) · तिथि रेखा लगभग 180° दो याम्योत्तर — आज ग्रिनिच की; यूरोप से अनेक शताब्दियों पूर्व भारत की मध्य रेखा, उज्जयिनी से होकर (75.8° पू.) समय का हिसाब — 15° = 1 घंटा (15×24 = 360); पूर्व की ओर समय जुड़ता है, पश्चिम की ओर घटता है भारत का समय — आई.एस.टी. = जी.एम.टी. से 5 घंटे 30 मिनट आगे तिथि रेखा — पूर्व की ओर जाते हुए पार करें तो एक दिन घटाइए · पश्चिम की ओर जाते हुए पार करें तो एक दिन जोड़िए