अध्याय 1पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति

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NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1

यह पन्ना उनके लिए है जो घर पर छठी कक्षा के बच्चे के साथ बैठते हैं। विषय आपको आता हो, यह ज़रूरी नहीं। हर सवाल के आगे लिखा है कि जवाब में क्या आना चाहिए, और वह बात किताब के किस पृष्ठ पर है।

छठी का बच्चा ग्यारह-बारह साल का होता है। उसके साथ लंबी बैठक की ज़रूरत नहीं। रोज़ दस मिनट काफ़ी हैं: दो-तीन सवाल पूछिए, या इस पन्ने का छोटा काम साथ में कर लीजिए। सही जवाब पर शाबाशी दीजिए। जवाब ग़लत हो, तो डाँटिए मत; किताब का वह पृष्ठ साथ में खोलिए।

किताब की अपनी पंक्तियाँ उद्धरण-चिह्नों में दी हैं। जहाँ जोड़-भाग हमने ख़ुद किया है, वहाँ साथ में लिखा है: यह हिसाब हमारा है। पृष्ठ संख्याएँ NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6) की 2026-27 में छपी किताब की हैं। यह अध्याय उसमें पृष्ठ 7 से 26 तक है।


1. इस अध्याय में क्या है

अध्याय दो बातें सिखाता है: पृथ्वी पर किसी जगह का ठीक पता कैसे बताएँ, और उस जगह पर उस समय कितने बजे होंगे। नीचे यह चार छोटे हिस्सों में लिखा है।

नक्शा। किताब नक्शे को मानचित्र कहती है। नक्शे के तीन मुख्य हिस्से हैं: “दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न”। दूरी के लिए स्केल होता है, जैसे नक्शे का 1 सेंटीमीटर ज़मीन के 500 मीटर के बराबर। दिशा में चार मुख्य दिशाएँ हैं, और उनके बीच की चार। प्रतीक चिह्न छोटे निशान हैं, जैसे कुएँ या रेलवे लाइन का निशान। इनसे नक्शे की थोड़ी-सी जगह में बहुत कुछ दिख जाता है।

गोल पृथ्वी। पृथ्वी लगभग गोल है, इसलिए उसे सपाट कागज़ पर ठीक वैसा नहीं बनाया जा सकता। किताब संतरे के छिलके से यह दिखाती है। छिलके के टुकड़ों को मेज़ पर चपटा करने की कोशिश कीजिए, तो “किनारों को तोड़े बिना आप यह नहीं कर सकते।” इसीलिए ग्लोब, सपाट नक्शे से बेहतर है।

जगह का पता। ग्लोब पर कुछ रेखाएँ मान ली जाती हैं। भूमध्य रेखा पृथ्वी के बीच में, दोनों ध्रुवों के बीच, चारों ओर जाती है।

  • अक्षांश का मतलब है: कोई जगह भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण में कितनी दूर है। भूमध्य रेखा 0° पर है, उत्तरी ध्रुव 90° उ. पर और दक्षिणी ध्रुव 90° द. पर (उ. यानी उत्तर, द. यानी दक्षिण)।
  • याम्योत्तर वह आधी गोल रेखा है जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाती है।
  • देशांतर का मतलब है: कोई जगह प्रमुख याम्योत्तर से पूर्व या पश्चिम में कितनी दूर है। प्रमुख याम्योत्तर इंग्लैंड में लंदन के ग्रिनिच इलाके से गुज़रती है और 0° मानी जाती है। देशांतर 0° से 180° तक होता है, साथ में पू. या प. लिखकर (पू. यानी पूर्व, प. यानी पश्चिम)।

अक्षांश और देशांतर मिलकर किसी जगह का पता बनाते हैं। जैसे किताब के अनुसार दिल्ली लगभग 29° उ. अक्षांश और 77° पू. देशांतर पर है। किताब यह भी बताती है कि यूरोप से कई सौ साल पहले भारत की अपनी प्रमुख याम्योत्तर थी, जो उज्जयिनी (आज का उज्जैन) से गुज़रती थी।

समय। पृथ्वी 24 घंटे में एक पूरा चक्कर, यानी 360°, घूमती है। इसलिए हर घंटे 15°। ग्रिनिच से पूर्व की ओर हर 15° पर वहाँ का अपना समय एक घंटा बढ़ जाता है, और पश्चिम की ओर एक घंटा घट जाता है।

  • स्थानीय समय किसी जगह का अपना समय है, जो उसके देशांतर से तय होता है।
  • मानक समय पूरे देश के लिए एक तय समय है। ज़्यादातर देश अपने बीच से गुज़रने वाली याम्योत्तर के हिसाब से एक मानक समय अपनाते हैं। भारतीय मानक समय ग्रिनिच के समय से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।

आख़िर में अध्याय समय क्षेत्र और अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा की बात करता है। तिथि रेखा लगभग 180° देशांतर पर है। उसे पार करने पर तारीख़ एक दिन बदल जाती है।

पूरे अध्याय का सार किताब में पृष्ठ 22–23 पर “आगे बढ़ने से पहले” वाले हिस्से में है। उसे बच्चे के साथ एक बार पढ़ लीजिए।

2. बच्चे से पूछिए: दस सवाल

बच्चे से एक-एक सवाल पूछिए और उसे अपने शब्दों में जवाब देने दीजिए। आप दाईं ओर देखते जाइए कि ज़रूरी बात आई या नहीं। शब्द हूबहू न हों तो कोई बात नहीं; बात सही होनी चाहिए। जहाँ बच्चा अटके, किताब का वह पृष्ठ खोलिए। बच्चा उसे पढ़े और फिर से बताए। एक दिन में तीन-चार सवाल काफ़ी हैं।

सवालजवाब में यह आना चाहिएपृष्ठ
1. नक्शा (मानचित्र) किसे कहते हैं?किसी इलाके का “प्रतीकात्मक चित्रण या रेखांकन”। नक्शे में ज़मीन वैसी दिखती है जैसी ऊपर से देखने पर दिखेगी।9
2. नक्शे के तीन मुख्य हिस्से कौन-से हैं?“दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न”।9
3. नक्शे पर स्केल किसलिए होता है?नक्शे पर दो जगहों के बीच की असली दूरी स्केल से पता चलती है। स्केल बताता है कि नक्शे का 1 सेंटीमीटर ज़मीन पर कितना है, जैसे 1 सेंटीमीटर = 500 मीटर।10
4. चार मुख्य दिशाएँ कौन-सी हैं? उनके बीच की चार कौन-सी?उत्तर, पूर्व, दक्षिण, पश्चिम। किताब इन्हें “चतुर्दिश या प्रधान बिंदु” भी कहती है। बीच की चार: उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम।10
5. ग्लोब, सपाट नक्शे से बेहतर क्यों है?पृथ्वी लगभग गोल है। गोल चीज़ को सपाट कागज़ पर ठीक वैसा नहीं बनाया जा सकता, जैसे संतरे का छिलका फटे बिना चपटा नहीं होता।12
6. अक्षांश क्या है? भूमध्य रेखा और ध्रुवों का अक्षांश कितना है?भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की दूरी का माप। भूमध्य रेखा 0°, उत्तरी ध्रुव 90° उ., दक्षिणी ध्रुव 90° द.।13–14
7. देशांतर क्या है? 0° देशांतर कहाँ है?“देशांतर प्रमुख याम्योत्तर से दूरी का एक माप है।” 0° वाली याम्योत्तर लंदन के ग्रिनिच से गुज़रती है; यह 1884 में कुछ देशों ने तय किया। देशांतर 0° से 180° तक, पू. या प. के साथ लिखा जाता है।15
8. एक घंटे में पृथ्वी कितने अंश घूम जाती है?24 घंटे में एक पूरा चक्कर, यानी 360°। इसलिए हर घंटे 15° (15 × 24 = 360)।19
9. स्थानीय समय और मानक समय में क्या अंतर है?स्थानीय समय हर जगह का अपना होता है, उसके देशांतर के हिसाब से। मानक समय पूरे देश के लिए एक होता है, देश के बीच से गुज़रने वाली याम्योत्तर के हिसाब से। भारतीय मानक समय ग्रिनिच से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।20
10. पोरबंदर (गुजरात) के मित्र के यहाँ अभी उजाला है, पर तिनसुकिया (असम) में सूरज डूब गया है। ऐसा क्यों?किताब के संकेत के अनुसार दोनों जगहों के देशांतर में 30° का अंतर है, इसलिए दोनों का स्थानीय समय अलग है। पोरबंदर वाला मित्र कहता है, “लेकिन यहाँ तो अभी भी दिन का प्रकाश है!” हर घंटे 15°, तो 30° का मतलब करीब 2 घंटे; तिनसुकिया में सूरज पहले डूबा, यानी वहाँ का समय आगे है। यह हिसाब हमारा है।20

3. छह बातें जिनमें बच्चे अक्सर उलझते हैं

बच्चे की कॉपी में इनमें से कुछ दिखे, तो सही बात बताइए और किताब का वह पृष्ठ साथ में खोलिए।

बच्चा लिख देता हैसही बातपृष्ठ
अक्षांश पूर्व-पश्चिम की दूरी है, देशांतर उत्तर-दक्षिण की।उल्टा है। अक्षांश: भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की दूरी। देशांतर: ग्रिनिच वाली प्रमुख याम्योत्तर से पूर्व या पश्चिम की दूरी।13, 15
180° पू. या 180° प.किताब कहती है: “180° प. और 180° पू. एक ही देशांतर हैं।” इसलिए सिर्फ़ 180° लिखा जाता है।15
अक्षांश के सारे वृत्त बराबर लंबे होते हैं।सबसे बड़ा वृत्त भूमध्य रेखा है। उत्तर या दक्षिण की ओर बढ़ने पर वृत्त छोटे होते जाते हैं।13
पूर्व की ओर जाने पर समय घटता है।उल्टा है। पूर्व की ओर हर 15° पर स्थानीय समय एक घंटा बढ़ता है; पश्चिम की ओर एक घंटा घटता है।19
समय क्षेत्रों को बाँटने वाली रेखाएँ याम्योत्तर जैसी सीधी होती हैं।पूरी तरह सीधी नहीं होतीं, क्योंकि उन्हें देशों की सीमाओं और हर देश के मानक समय का ध्यान रखना पड़ता है।20
ग्रिनिच वाली रेखा दुनिया की पहली प्रमुख याम्योत्तर थी।किताब कहती है कि ऐसा नहीं है। भारत की अपनी प्रमुख याम्योत्तर थी, “जिसे मध्य रेखा कहा जाता था”; यह उज्जयिनी (आज का उज्जैन) से गुज़रती थी।16

4. किताब के शब्द, आसान भाषा में

इस अध्याय में कई शब्द नए हैं। बच्चे से पूछिए कि इनका मतलब क्या है। आसान शब्दों में बता दे, तो काफ़ी है।

किताब का शब्दआसान मतलबपृष्ठ
मानचित्रनक्शा9
स्केलनक्शे की दूरी और ज़मीन की असली दूरी का मेल, जैसे 1 सेंटीमीटर = 500 मीटर10
चतुर्दिशचार मुख्य दिशाएँ: उत्तर, पूर्व, दक्षिण, पश्चिम10
प्रतीक चिह्ननक्शे पर किसी चीज़ का छोटा निशान, जैसे कुआँ या रेलवे लाइन11
निर्देशांककिसी जगह का पता बताने वाली दो संख्याएँ; पृथ्वी पर ये अक्षांश और देशांतर हैं13, 15
भूमध्य रेखापृथ्वी के बीच में, दोनों ध्रुवों के बीच, चारों ओर मानी गई रेखा; इसका अक्षांश 0° है13–14
अक्षांशभूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की दूरी13
याम्योत्तरएक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाने वाली आधी गोल रेखा14
प्रमुख याम्योत्तरग्रिनिच से गुज़रने वाली याम्योत्तर; 0° देशांतर15
देशांतरप्रमुख याम्योत्तर से पूर्व या पश्चिम की दूरी15
ग्रिडअक्षांश और देशांतर की रेखाओं का जाल15
स्थानीय समयकिसी जगह का अपना समय, जो उसके देशांतर से तय होता है19
मानक समयपूरे देश की घड़ियों के लिए एक तय समय20
अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखालगभग 180° देशांतर वाली रेखा; इसे पार करने पर तारीख़ एक दिन बदल जाती है21

5. लिखे हुए जवाब कैसे जाँचें

किताब के प्रश्न पृष्ठ 23–25 पर हैं। आपको पूरा जवाब नहीं जाँचना; बस देखिए कि ज़रूरी हिस्से आए या नहीं।

प्रश्न 1: नर्मदा के मुहाने से गंगा के मुहाने तक की दूरी

  • बच्चा अध्याय 5 के चित्र 5.2 पर नापता है, जहाँ 2.5 से.मी. = 500 कि.मी.। किताब कहती है कि नाप को किसी आसान संख्या में गोल कर लें।
  • 2.5 से.मी. = 500 कि.मी. का मतलब है 1 से.मी. = 200 कि.मी. (500 ÷ 2.5); यह हिसाब हमारा है।
  • नाप हर बच्चे की थोड़ी अलग हो सकती है। देखिए कि कॉपी में नाप भी लिखी है और उसे किलोमीटर में बदलने का हिसाब भी।

प्रश्न 2: लंदन में दोपहर 12 बजे, तो भारत में सायं 5:30 क्यों

जवाब में यह आए कि भारतीय मानक समय ग्रिनिच से 5 घंटे 30 मिनट आगे है, और ग्रिनिच लंदन का ही एक इलाका है।

प्रश्न 3: नक्शे में प्रतीक चिह्न और रंग क्यों

  • नक्शे पर जगह थोड़ी होती है, और छोटे निशानों से उसी जगह में बहुत-सी बातें दिख जाती हैं। भारत के नक्शों के निशान भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने तय किए हैं।
  • रंगों के लिए बच्चा चित्र 1.2 देखे: नदी और तालाब नीले हैं, पेड़ और घास हरे। रंग से एक नज़र में पता चल जाता है कि कौन-सी चीज़ क्या है; यह तर्क हमारा है।

प्रश्न 4: घर या विद्यालय की आठ दिशाएँ

यह नीचे वाला घर का काम है। हर बच्चे का जवाब अलग होगा।

प्रश्न 5: स्थानीय समय और मानक समय का अंतर

  • किताब यह काम समूह में करवाती है और 100 से 150 शब्द माँगती है।
  • जवाब में दोनों का मतलब हो (ऊपर सवाल 9) और एक उदाहरण। उदाहरण के लिए किताब ख़ुद गुजरात और असम के दो मित्रों वाली बात सुझाती है।

प्रश्न 6: दिल्ली और बेंगलुरु के स्थानीय समय में अंतर

  • लगभग कोई अंतर नहीं, क्योंकि दोनों का देशांतर लगभग 77° पू. है, और स्थानीय समय देशांतर से तय होता है।
  • दोनों के अक्षांश अलग हैं, पर अक्षांश से समय तय नहीं होता।

प्रश्न 7: छह कथन, सही या ग़लत

  1. ग़लत: अक्षांश के वृत्त ध्रुवों की ओर छोटे होते जाते हैं।
  2. सही: याम्योत्तर ध्रुव से ध्रुव तक जाने वाला आधा वृत्त है, जबकि भूमध्य रेखा पूरा वृत्त; यह तर्क हमारा है।
  3. सही: दक्षिणी ध्रुव 90° द. है।
  4. ग़लत: स्थानीय समय हर जगह के अपने देशांतर से तय होता है, जबकि भारतीय मानक समय पूरे देश के लिए एक है। पोरबंदर और तिनसुकिया वाली बात से पता चलता है कि असम बहुत पूर्व में है, इसलिए वहाँ का स्थानीय समय भारतीय मानक समय से आगे रहता है; घड़ियाँ वहाँ भी भारतीय मानक समय ही दिखाती हैं। यह तर्क हमारा है।
  5. ग़लत: समय क्षेत्रों की रेखाएँ पूरी तरह सीधी नहीं होतीं।
  6. सही: भूमध्य रेखा 0° अक्षांश है, और अक्षांश की रेखा पृथ्वी के चारों ओर एक वृत्त बनाती है।

प्रश्न 8: वर्ग पहेली

पहेली के उत्तर रिवीजन नोट्स में हैं।

किताब इन प्रश्नों के उत्तर नहीं देती। हमारे लिखे उत्तर रिवीजन नोट्स के आख़िरी हिस्से (अपने को जाँचिए) में हैं। बच्चे का जवाब उनसे शब्द-शब्द न मिले, तो भी ठीक है, अगर ज़रूरी बातें आ गई हों।

6. घर पर दस मिनट: आठ दिशाएँ

यह किताब के चौथे प्रश्न का काम है: “आपके घर या विद्यालय की आठ दिशाओं में क्या-क्या स्थित है? पता लगाइए।” इसमें कुछ ख़रीदना नहीं है, और दस मिनट लगते हैं।

  1. पहले आप एक दिशा बताइए जो आपको पक्की पता हो, जैसे घर का दरवाज़ा किस दिशा में खुलता है। पक्की न पता हो, तो अंदाज़ा मत लगाइए। बच्चे से कहिए कि विद्यालय में शिक्षक से पूछ आए, और यह काम अगले दिन कीजिए।
  2. बच्चा आँगन में या दरवाज़े पर खड़ा हो, सड़क या छत पर नहीं। वह चारों मुख्य दिशाओं की ओर हाथ से इशारा करे और हर एक का नाम बोले।
  3. फिर बीच की चार दिशाओं की ओर इशारा करे: उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर-पश्चिम।
  4. हर दिशा में क्या है, यह बोले और कॉपी में लिख ले, जैसे किस दिशा में पड़ोसी का घर है, किस दिशा में पेड़ या कुआँ।
  5. आख़िर में किताब का एक और सवाल पूछिए, जो पृष्ठ 10 पर है: “अपने विद्यालय को प्रारंभिक बिंदु मानते हुए, क्या आप जानते हैं कि आपका घर लगभग किस दिशा में स्थित है?” किताब वहीं कहती है: “अपने शिक्षक और माता-पिता से चर्चा कीजिए।” यानी यह बातचीत किताब ख़ुद आपसे करवाना चाहती है।

आप यह देखिए:

  • चारों मुख्य दिशाएँ सही क्रम में आएँ: उत्तर से शुरू करके घड़ी की सुई की तरह घूमते हुए पूर्व, दक्षिण, पश्चिम।
  • आमने-सामने की दिशाएँ ठीक हों: उत्तर के सामने दक्षिण, पूर्व के सामने पश्चिम।
  • बीच की दिशा का नाम दोनों ओर की दिशाओं से बने: उत्तर और पूर्व के बीच उत्तर-पूर्व।
  • आख़िरी सवाल में बच्चा विद्यालय से देखकर घर की दिशा बताए, घर से विद्यालय की नहीं।

कहीं चूक हो, तो किताब में दिशाओं वाला गोल चित्र साथ में देखिए और वही इशारे दोबारा करवाइए।

अगर सिर्फ़ पाँच मिनट हों

ये चार सवाल पूछ लीजिए। चारों ठीक हों, तो अध्याय की नींव पक्की है; समय क्षेत्र और तिथि रेखा जैसी बाकी बातें इस पन्ने के ऊपर के हिस्सों से धीरे-धीरे दोहराइए।

सवालजवाब
नक्शे के तीन मुख्य हिस्से?दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न।
अक्षांश और देशांतर में फ़र्क़?अक्षांश: भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की दूरी। देशांतर: ग्रिनिच वाली प्रमुख याम्योत्तर से पूर्व या पश्चिम की दूरी।
पृथ्वी हर घंटे कितने अंश घूमती है?15°, क्योंकि 24 घंटे में 360°।
भारतीय मानक समय ग्रिनिच से कितना आगे है?5 घंटे 30 मिनट।

बच्चे के लिए इसी अध्याय के और पन्ने

  • रिवीजन नोट्स: पूरा अध्याय छोटे में, किताब के सभी प्रश्नों के उत्तर के साथ।
  • प्रश्न बैंक: अभ्यास के प्रश्न, उत्तर के साथ। बच्चा पहले ख़ुद लिखे, फिर मिलाए।
  • फ़्लैशकार्ड: छोटे सवाल-जवाब। जवाब ढककर बोलिए, फिर मिलाइए; रोज़ पाँच मिनट दोहराने के लिए।
  • इंटरैक्टिव अध्याय: पूरा अध्याय स्क्रीन पर पढ़ने के लिए।
  • शब्दावली: अध्याय के नए शब्द, आसान मतलब के साथ।