अध्याय 11आधारभूत लोकतंत्र — भाग 2: ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

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कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 163–172

बाईं ओर का शब्द पुस्तक का है — परीक्षा में यही चाहिए। दाईं ओर की व्याख्या समझने के लिए है, लिखने के लिए नहीं।


पुस्तक ने जिन पदों की परिभाषा स्वयं दी है★★

पदपुस्तक की अपनी परिभाषापृष्ठ
पंचायत“‘पंचायत’ नामक स्थानीय शासन व्यवस्था, जिसे एक ग्रामीण परिषद कह सकते हैं”164
पंचायती राज“स्व-शासन का एक रूप”164
त्रिस्तरीय प्रणालीतीन स्तरों — ग्राम, खंड और जिला — पर “निम्न से उच्च स्तर तक” कार्य करने वाली व्यवस्था165
ग्राम सभा“मतदाता के रूप में नामांकित गाँव (या आस-पास के गाँवों) के वयस्कों का समूह”165
पंचायत समिति“ग्राम पंचायत और जिला परिषद के बीच की कड़ी”169

1. तीन स्तर और उनकी संस्थाएँ★★

स्तरसंस्था के नाम
ग्राम स्तरग्राम परिषद / ग्राम पंचायत
खंड स्तरखंड पंचायत / पंचायत समिति / मंडल परिषद
जिला स्तरजिला पंचायत / जिला परिषद

! हर स्तर के दो-तीन नाम हैं, क्योंकि इन संस्थानों पर राज्यों का अधिकार है — पर उनके लक्ष्य समान हैं। (पृ. 170)

!! और यह भेद सबसे ज़रूरी है

चित्र 10.4 (अध्याय 10)चित्र 11.1 (यह अध्याय)
केंद्र · राज्य · स्थानीयजिला · खंड · ग्राम
पूरे देश के स्तरकेवल पंचायती राज के स्तर

★पिछला पिरामिड पूरे देश का था; यह उसके सबसे नीचे वाले हिस्से का है।

2. ग्राम सभा और ग्राम पंचायत★★★

ग्राम सभाग्राम पंचायत
कौन हैगाँव के सभी वयस्क मतदाताचुने हुए सदस्यों की परिषद
कैसे बनती हैकोई चुनाव नहीं — मतदाता होना ही सदस्यता हैग्राम सभा उसे सीधे चुनती है
प्रमुख—सरपंच या प्रधान
कौन-सा लोकतंत्रप्रत्यक्षप्रतिनिधि

★एक वाक्य में: ग्राम सभा चुनती है; ग्राम पंचायत चुनी जाती है।

! और ध्यान दीजिए — ग्राम सभा में केवल वयस्क मतदाता हैं, बच्चे नहीं। इसीलिए ‘बाल सभा’ और ‘बाल पंचायत’ की अलग आवश्यकता पड़ी।

3. पद और लोग

पदअर्थ
सरपंचग्राम पंचायत का प्रमुख या अध्यक्ष
प्रधान‘सरपंच’ का ही दूसरा नाम
पंचायत सचिववह जो बैठकों का आयोजन और अभिलेखों का रख-रखाव जैसे प्रशासनिक कार्य करता है
पटवारीवह प्रशासनिक अधिकारी जो गाँव के भू-अभिलेखों का रख-रखाव करता है
भू-अभिलेखभूमि से जुड़े काग़ज़ात — कौन-सी ज़मीन किसकी है, इसका लेखा
वयस्कवह जो बालिग हो चुका है
मतदातावह जिसका नाम मतदाता सूची में नामांकित है
विधान सभा के स्थानीय सदस्यविधायक — जो पंचायत समिति के सदस्य भी हो सकते हैं

★एक फ़र्क़ जो पुस्तक नहीं कहती, पर साफ़ है: सरपंच चुना जाता है; सचिव और पटवारी नियुक्त होते हैं।

4. पंचायती राज संस्थाओं के आठ कार्य★

कृषि · आवास · सड़कों का रख-रखाव · जल संसाधनों का प्रबंधन · शिक्षा · स्वास्थ्य · सामाजिक कल्याण · सांस्कृतिक गतिविधियाँ

पुस्तक कहती है कि ये संस्थाएँ “जीवन के सभी पक्षों से जुड़े दायित्वों का निर्वहन करती हैं।”

5. आदर्श सरपंच — नाम और स्थान

नामकहाँकिसलिए
दयानेश्वर कांबलेतरंगफल गाँव, सोलापुर जिला, महाराष्ट्र2017 में सरपंच; किन्नर समुदाय से; आदर्श वाक्य ‘लोक सेवा, ग्राम सेवा’; छह उम्मीदवारों को हराया
वंदना बहादुर मैदाखानखांडवी गाँव, मध्य प्रदेशभील समुदाय; गाँव की पहली महिला सरपंच; शिक्षा एवं स्वच्छता के मुद्दे
पोपटराव बागुजी पवारहिवरे बाजार, अहमदनगर जिला, महाराष्ट्रअन्ना हजारे का मॉडल; 2020 में पद्मश्री

6. बाल हितैषी पंचायत से जुड़े पद★

पदअर्थ
बाल हितैषी पंचायतवह पंचायत जो बच्चों की भलाई से जुड़े मामलों में उनकी राय को महत्व देती है
बाल सभाबच्चों की सभा
बाल पंचायतबच्चों की अपनी पंचायत
बाल संसदराजस्थान में ‘बेयरफुट कॉलेज’ की शाखा — बच्चों की अपनी ‘संसद’
बेयरफुट कॉलेजबंकर रॉय द्वारा आरंभ की गई संस्था
रात्रि विद्यालयरात में चलने वाला विद्यालय
मंत्रिमंडलबाल संसद के निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा गठित समूह
मध्याह्न भोजन (मिड-डे मील)विद्यालय में दोपहर को दिया जाने वाला भोजन
बाल-श्रमबच्चों से काम कराना
बाल-विवाहपढ़ने की आयु में विवाह कर देना

7. संस्थाएँ, योजनाएँ और प्रावधान

पदअर्थ
स्व-शासनअपने मामलों का निर्णय स्वयं करना
ग्रामीण परिषदगाँव की परिषद
विकास योजनाएँगाँव या क्षेत्र के विकास के लिए बनाई गई योजनाएँ
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाबारहमासी सड़कों के निर्माण को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजना
बारहमासी सड़कऐसी सड़क जो वर्ष भर, बरसात में भी चलने योग्य रहे
धनराशि का आवंटनपैसा बाँटना या तय करना कि कहाँ कितना खर्च होगा
अनुसूचित जातिसंविधान में विशेष रूप से सूचीबद्ध जातियाँ
अनुसूचित जनजातिसंविधान में विशेष रूप से सूचीबद्ध जनजातियाँ
वंचित वर्गवे लोग जिन्हें वह नहीं मिला जो मिलना चाहिए था
★एक-तिहाई आरक्षणतीनों स्तरों पर महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें
पितृसत्तात्मक मान्यताएँवे परंपराएँ जिनमें निर्णय पुरुषों के हाथ में माने जाते हैं

8. अर्थशास्त्र से जुड़े पद

पदअर्थ
अर्थशास्त्रशासन पर एक प्राचीन ग्रंथ
कौटिल्यउसके रचयिता — “जिन्हें बाद में ‘चाणक्य’ नाम से भी जाना गया”
संग्रहण10 गाँवों पर — उप-जिला मुख्यालय
करवाटिका100 गाँवों पर — जिला मुख्यालय
द्रोणमुख400 गाँवों पर
स्थानीय800 गाँवों पर — प्रांतीय मुख्यालय
प्रवर्गश्रेणी या वर्ग
प्रशासनिक ढाँचाशासन चलाने की व्यवस्था का ढाँचा

! ध्यान दीजिए — यहाँ ‘स्थानीय’ एक प्रवर्ग का नाम है, न कि ‘स्थानीय सरकार’ वाला ‘स्थानीय’। यह इस अध्याय का एक छोटा-सा, पर असली जाल है।

पाँच जोड़ियाँ जो परीक्षा में उलटती हैं★

जोड़ीअंतर
★★ग्राम सभा ↔ ग्राम पंचायतसभी वयस्क मतदाता ↔ चुने हुए सदस्य
★★चित्र 10.4 ↔ चित्र 11.1केंद्र/राज्य/स्थानीय ↔ जिला/खंड/ग्राम
सरपंच ↔ प्रधानकोई अंतर नहीं — एक ही पद के दो नाम
पंचायत सचिव ↔ पटवारीबैठक और अभिलेख ↔ भू-अभिलेख
2017 ↔ 2020 ↔ 2001कांबले ↔ पोपटराव पवार का पद्मश्री ↔ बाल संसद का पुरस्कार

छह वाक्य जो शब्दश: याद रहने चाहिए★★

  1. “पंचायत, शासन को लोगों के समीप लाती है और निर्णय लेने की प्रक्रिया में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी संभव बनाती है।” (पृ. 164)
  2. ”…पंचायती व्यवस्था, जिसे पंचायती राज के नाम से भी जाना जाता है, स्व-शासन का एक रूप है।” (पृ. 164)
  3. ”…के सदस्य ग्राम सभा द्वारा सीधे चुने जाते हैं, जो कि मतदाता के रूप में नामांकित गाँव के वयस्कों का समूह होता है।” (पृ. 165)
  4. “पंचायतों को सभी ग्रामवासियों की बात सुननी होती है — जिसमें बच्चे भी सम्मिलित हैं।” (पृ. 167)
  5. “इन संस्थाओं में एक-तिहाई सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखने का भी प्रावधान है।” (पृ. 169)
  6. ★★“पंचायती राज व्यवस्था में लोकतंत्र जनता द्वारा प्रत्यक्ष भागीदारी और उनके निर्वाचित प्रतिनिधियों, दोनों द्वारा कार्य करता है।” (पृ. 171)

और एक शब्द जो पूरे अध्याय को बाँधता है

स्व-शासन

गाँव के लोग हर छोटी बात के लिए राजधानी नहीं जा सकते। इसलिए शासन उनके पास आ जाता है — तीन स्तरों पर। और उसे चलाने वाले वे स्वयं होते हैं।