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समूह 1 — मेरठ से दिल्ली
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| विद्रोह कब-कहाँ शुरू? | 10 मई 1857, दोपहर बाद — मेरठ छावनी |
| मेरठ में विद्रोह की शुरुआत किस इकाई से? | भारतीय पैदल सेना → घुड़सवार → शहर |
| मेरठ में विद्रोहियों ने कौन-सी लाइन काटी? | दिल्ली से जोड़ने वाली टेलीग्राफ़ लाइन |
| विद्रोही सिपाहियों का जत्था लाल क़िले कब पहुँचा? | 11 मई तड़के; रमज़ान का महीना — बादशाह सहरी खाकर उठे थे |
| लाल क़िले पहुँचे सिपाहियों का कथन? | “हम मेरठ के सभी अंग्रेज़ पुरुषों को मारकर आए हैं… गाय-सुअर की चर्बी में लिपटे कारतूस… हिंदू-मुसलमान, सबका धर्म भ्रष्ट” |
| बहादुर शाह की प्रतिक्रिया? | पहले भयभीत-बैचेन; फिर “नाममात्र का नेता” बनना स्वीकार |
| विद्रोह को वैधता कैसे मिली? | “अब उसे मुग़ल बादशाह के नाम पर चलाया जा सकता था” |
समूह 2 — विद्रोह का ढर्रा
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| विद्रोह में कार्रवाई का संकेत? | शाम की तोप का गोला या बिगुल |
| विद्रोहियों का पहला निशाना? | शस्त्रागार पर क़ब्ज़ा + सरकारी ख़ज़ाना |
| शस्त्रागार और ख़ज़ाने के बाद विद्रोहियों ने किन पर हमला किया? | जेल, टेलीग्राफ़ दफ़्तर, रिकॉर्ड रूम, बंगले — “सारे रिकॉर्ड जलाते चले गए” |
| अपीलें किन भाषाओं में? | हिंदी, उर्दू, फ़ारसी — एकजुट होकर फ़िरंगियों का सफाया |
| फ़िरंगी शब्द? | फ़ारसी; संभवत: फ्रैंक से; पश्चिमी लोग; कभी अपमानजनक |
| शहरों में साहूकार-अमीर निशाना क्यों? | किसान उन्हें “उत्पीड़क + अंग्रेज़ों का पिट्ठू” मानते थे |
| ब्रिटिश शासन की हालत (मई-जून)? | “ताश के क़िले की तरह बिखर गया” |
| स्रोत 1 कौन-सा अख़बार? | दिल्ली उर्दू अख़बार, 14 जून 1857 — सब्ज़ी-पानी संकट |
समूह 3 — संचार और योजना
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| 7वीं अवध इर्रेग्युलर कैवेलरी ने किसे लिखा? | 48वीं नेटिव इन्फेंट्री को — “धर्म की रक्षा के लिए फ़ैसला… हुक्म का इंतज़ार” |
| सिस्टन कौन? | सीतापुर का देसी ईसाई पुलिस इंसपेक्टर (फ्रांस्वाँ सिस्टन) |
| तहसीलदार कहाँ का, कौन निकला? | बिजनौर का; बाद में बिजनौर के विद्रोहियों का सबसे बड़ा नेता |
| बिजनौर के तहसीलदार का प्रसिद्ध वाक्य? | “भरोसा रखो, इस बार हम कामयाब होंगे। मामला काबिल हाथों में है।” |
| पंचायतों का प्रस्ताव किस प्रकरण से? | कैप्टेन हियर्से की सुरक्षा-विवाद से — हर रेजीमेंट के देशी अफ़सरों की पंचायत |
| पंचायतें कहाँ जुटती थीं (चार्ल्स बॉल)? | रात को कानपुर सिपाही लाइनों में |
| सिपाहियों की पंचायतों पर निष्कर्ष-वाक्य? | “ये सिपाही अपने विद्रोह के कर्ताधर्ता खुद ही थे” |
समूह 4 — नेता
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| कानपुर का नेतृत्व? | नाना साहिब — पेशवा बाजीराव द्वितीय के उत्तराधिकारी |
| झाँसी में नेतृत्व कैसे? | रानी लक्ष्मीबाई — आम जनता के दबाव में |
| आरा (बिहार)? | स्थानीय ज़मींदार कुँवर सिंह |
| लखनऊ में नेता घोषित? | बिरजिस क़द्र — वाजिद अली शाह का युवा बेटा |
| मेरठ का ग़ैर-दरबारी नेता-संकेत? | हाथी पर सवार फ़क़ीर — सिपाही बार-बार मिलने जाते |
| शाह मल कहाँ के? | उ.प्र. बड़ौत परगना; जाट; चौरासी देस |
| गोनू कौन? | छोटा नागपुर (सिंहभूम) का आदिवासी काश्तकार — कोल आदिवासियों का नेता |
| नाना साहिब अंत में कहाँ गए? | 1858 के अंत में भागकर नेपाल |
समूह 5 — शाह मल और मौलवी
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| शाह मल का संगठन-तरीक़ा? | रात के साए में गाँव-गाँव जाकर मुखियाओं-काश्तकारों को तैयार करना |
| शाह मल ने पुल-सड़कें क्यों तोड़ीं? | फ़ौज का रास्ता रोकना + “ब्रिटिश शासन का प्रतीक” |
| “न्याय भवन” क्या था? | अंग्रेज़ अफ़सर का बंगला — शाह मल का मुख्यालय, विवाद-निपटान स्थल |
| शाह मल की मृत्यु? | जुलाई 1857, युद्ध में (स्रोत 3, पृ. 263) — पाठ के अंत की काल-रेखा (पृ. 284) में यह भूल से 1858 के नीचे छपा है; बड़ौत की यह लड़ाई 18 जुलाई 1857 को हुई थी |
| मौलवी अहमदुल्ला की शिक्षा? | हैदराबाद में |
| मौलवी अहमदुल्ला ‘डंका शाह’ क्यों कहलाए? | पालकी के आगे-आगे ढोल (डंका) बजता चलता था |
| मौलवी अहमदुल्ला 1857 में कहाँ बंद थे? | फ़ैज़ाबाद जेल — रिहा होते ही 22वीं नेटिव इन्फेंट्री के नेता |
| चिनहाट में क्या हुआ? | 30 जून 1857 — हेनरी लॉरेंस की टुकड़ियों की हार (मौलवी ने संघर्ष में हिस्सा लिया) |
| मौलवी के अधिकार का आधार? | लोक-विश्वास — अजेयता, जादुई शक्तियाँ |
समूह 6 — अफ़वाहें
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| कारतूस किस राइफल के? | एन्फ़ील्ड |
| अफ़वाह-स्रोत की रिपोर्ट? | कैप्टेन राइट (राइफल इंस्ट्रक्शन डिपो के कमांडेंट) |
| कारतूस की अफ़वाह वाली घटना कहाँ-कब हुई? | दम दम शस्त्रागार; जनवरी 1857 का तीसरा हफ़्ता |
| दम दम की घटना में कौन किससे बोला? | “नीची जाति” के खलासी ने ब्राह्मण सिपाही से — “जल्दी ही तुम्हारी जाति भ्रष्ट…” |
| कारतूस के बाद दूसरी अफ़वाह? | बाज़ार के आटे में गाय-सुअर की हड्डियों का चूरा |
| भविष्यवाणी? | प्लासी के 100 साल — 23 जून 1857 को अंग्रेज़ी राज ख़त्म |
| चपाती-प्रथा? | चौकीदार को एक चपाती + पाँच और अगले गाँवों को; “मतलब-मक़सद न तब स्पष्ट, न आज” |
| अफ़वाह-सूत्र? | “अफ़वाह तभी फैलती है जब उसमें लोगों के ज़हन में गहरे दबे डर और संदेह की अनुगूँज सुनाई देती है” |
| 1820s के ‘सुधार’ किसके नेतृत्व में? | लॉर्ड विलियम बेंटिक |
| सती-प्रथा कब समाप्त? | 1829 |
| किन बहानों से रियासतें हड़पीं? | “शासकीय दुर्बलता और दत्तकता अवैध” — अवध, झाँसी, सतारा |
| लोगों को नयी व्यवस्था कैसी लगी? | “ज़्यादा हृदयहीन, परायी और दमनकारी” |
समूह 7 — अवध : अधिग्रहण
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| ‘गिलास फल’ कथन? | डलहौज़ी, 1851 — “एक दिन हमारे ही मुँह में आकर गिरेगा” |
| अवध का औपचारिक अधिग्रहण? | 1856 |
| सहायक संधि अवध पर कब थोपी गई? | 1801 |
| सहायक संधि-व्यवस्था के जनक? | लॉर्ड वेलेज़्ली, 1798 |
| सहायक संधि की चार शर्तें? | अंग्रेज़ रक्षा करेंगे • ब्रिटिश टुकड़ी तैनात • रख-रखाव सहयोगी करे • अन्य संधि/युद्ध की मनाही |
| रेज़ीडेंट कौन? | गवर्नर जनरल का प्रतिनिधि — अप्रत्यक्ष-शासित राज्य में तैनात |
| अवध में अंग्रेज़ों की रुचि? | नील-कपास की मुफ़ीद ज़मीन; उत्तर भारत का बड़ा बाज़ार |
| 1850s तक जीते इलाके? | मराठा भूमि, दोआब, कर्नाटक, पंजाब, बंगाल |
| अवध के नवाब को कहाँ भेजा गया? | कलकत्ता निष्कासित |
| अवध-अधिग्रहण पर प्रसिद्ध विलाप-कथन? | “देह से जान जा चुकी थी। शहर की काया बेजान थी…” |
| अवध-अधिग्रहण पर लोकगीत? | “अंगरेज बहादुर आइन, मुल्क लई लीन्हों” |
| दरबार-अंत से किनकी रोज़ी गई? | संगीतकार, नर्तक, कवि, कारीगर, बावर्ची, नौकर, सरकारी कर्मचारी |
समूह 8 — अवध : एक दुनिया का ख़ात्मा
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| अवध में विद्रोह की प्रकृति? | “विदेशी शासन के ख़िलाफ़ लोक-प्रतिरोध की अभिव्यक्ति” |
| बड़े ताल्लुक़दारों की सेना? | 12,000 तक पैदल सिपाही; छोटे के पास भी 200 |
| अवध-अधिग्रहण के फ़ौरन बाद ताल्लुक़दारों के साथ क्या हुआ? | ताल्लुक़दारों की सेनाएँ भंग, दुर्ग ध्वस्त |
| एकमुश्त बंदोबस्त कब? | 1856 (काल-रेखा: 1856-57) |
| एकमुश्त बंदोबस्त की मान्यता? | ताल्लुक़दार बिचौलिए — मालिकाना नहीं; “बल-धोखाधड़ी” से प्रभुत्व |
| ताल्लुक़दारों के गाँवों के आँकड़े? | 67% → 38%; दक्षिणी अवध सबसे प्रभावित |
| राजस्व-माँग में वृद्धि? | कुछ स्थानों पर 30–70% |
| हनवंत सिंह कौन? | रायबरेली के पास कालाकंकर के राजा — अफ़सर को बचाया, फिर ‘खदेड़ने’ लखनऊ चले |
| ताल्लुक़दार की लोक-छवि? | उत्पीड़क भी, पर “दयालु अभिभावक” — बुरे वक्त की मदद, तीज-त्यौहार के क़र्ज़े |
| नवाब-पक्ष का लखनऊ-खेमा? | बेगम हज़रत महल (नवाब की पत्नी); कुछ ताल्लुक़दार पराजय के बाद भी साथ |
| सिपाही-असंतोष (पुराना)? | दशकों से कम वेतन, छुट्टी नहीं |
| 1820s बनाम 1840s के अफ़सर? | दोस्ताना (मल्ल-युद्ध, शिकार, हिंदुस्तानी-ज्ञान) बनाम “कमतर नस्ल”, गाली-हिंसा, संदेह |
| ‘पौधशाला’ किसकी? | अवध — “बंगाल आर्मी की पौधशाला” |
समूह 9 — विद्रोही क्या चाहते थे
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| विद्रोहियों की सोच के स्रोत कम क्यों? | ज़्यादातर सिपाही-आम लोग पढ़े-लिखे नहीं; बात दर्ज करने का मौक़ा कम; अंग्रेज़ी दस्तावेज़ों पर निर्भरता |
| घोषणाओं की विशेषता? | जाति-धर्म भेद बिना सभी तबकों का आह्वान |
| मुस्लिम नाम की घोषणाओं में? | हिंदुओं की भावनाओं का ख़याल; “नफ़ा-नुकसान बराबर” |
| बहादुर शाह की घोषणा में किनकी दुहाई? | मुहम्मद और महावीर दोनों की |
| बरेली-प्रकरण? | दिसंबर 1857 — हिंदुओं को भड़काने के 50,000 रु. — नाकामयाब |
| आज़मगढ़ घोषणा की तिथि? | 25 अगस्त 1857 |
| आज़मगढ़ घोषणा के पाँच तबके? | ज़मींदार, व्यापारी, सरकारी कर्मचारी, कारीगर, पंडित-फ़कीर |
| आज़मगढ़ घोषणा में कर्मचारियों को वादा? | फ़िलहाल 200-300 रु. प्रतिमाह, भविष्य में ऊँचे ओहदे |
| आज़मगढ़ घोषणा में कारीगरों की शिकायत? | “इंग्लैंड में बनी चीज़ों” से बुनकर-बढ़ई-लोहार-मोची “भिखमंगों की हालत” में |
| सिपाही-अर्ज़ी की परेड-संख्या? | 1400 अंग्रेज़ सिपाही; छह-छह तोपें; 84 गिरफ़्तार |
| सिपाहियों की अर्ज़ी का अंतिम प्रश्न? | “अगर एक हिंदू या मुसलमान का धर्म ही नष्ट हो गया तो दुनिया में बचेगा क्या?” |
| लड़ाई किन चार चीज़ों के लिए? | “रोज़गार, धर्म, इज़्ज़त और अस्मिता” — ‘व्यापक सार्वजनिक भलाई’ |
| समतापरक झलक कहाँ? | संभ्रांतों की बेइज़्ज़ती, सूदखोरों के बहीखाते जलाना — पर घोषणाओं में यह सोच नहीं |
| वैकल्पिक सत्ता कहाँ बनी? | दिल्ली, लखनऊ, कानपुर |
| विद्रोहियों की वैकल्पिक सत्ता की प्रेरणा? | 18वीं सदी का मुग़ल जगत — “छिन चुकी चीज़ों का प्रतीक” |
समूह 10 — दमन
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| मार्शल लॉ कब-कहाँ? | मई-जून 1857 के क़ानूनों से समूचे उत्तर भारत में |
| मार्शल लॉ में किन्हें सज़ा देने का अधिकार मिला? | फ़ौजी अफ़सरों और आम अंग्रेज़ों तक को |
| विद्रोह की सज़ा? | “केवल एक — सज़ा-ए-मौत” |
| दिल्ली पर हमला किधर से? | दोतरफ़ा — कलकत्ता से + पंजाब से |
| दिल्ली-मुहिम की अवधि? | जून 1857 → सितंबर के आख़िर |
| दिल्ली-मुहिम में भारी नुकसान क्यों हुआ? | पूरे उत्तर भारत के विद्रोही राजधानी बचाने दिल्ली में जमे थे |
| फॉरसिथ का अनुमान? | अवध की कम से कम 3/4 वयस्क पुरुष आबादी विद्रोह में |
| अवध पर पुनर्नियंत्रण? | मार्च 1858 |
| फूट डालने का तरीक़ा? | बड़े ज़मींदारों को जागीर-वापसी का आश्वासन; वफ़ादारों को ईनाम |
| भागे ज़मींदारों का हश्र? | नेपाल में बीमारी-भूख से मौत |
| “पल में बिखर जाते हैं…” किनके बारे में? | अवध के गाँव वाले (स्रोत 7 — विद्रोही ग्रामीण) |
| सिकंदरा बाग में क्या हुआ था? | 2000+ विद्रोही सिपाही कैम्पबेल के नेतृत्व में मारे गए (बिएतो का फ़ोटो, 1858) |
समूह 11 — छवियाँ
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| ‘द रिलीफ़ ऑफ़ लखनऊ’ चित्र के तीन केंद्र-नायक? | कैम्पबेल, ऑट्रम, हेवलॉक |
| लखनऊ-घेरे का घटनाक्रम? | लॉरेंस (मारा गया) → इंगलिस → 25 सितं. ऑट्रम-हेवलॉक → 20 दिन बाद कैम्पबेल |
| ‘इन मेमोरियम’ चित्र की विधि? | हिंसा नहीं दिखती — “सिर्फ़ एक इशारा”; लाचार औरतें-बच्चे; विद्रोही ‘बर्बर’ पर अदृश्य |
| मिस व्हीलर के चित्र में ज़मीन पर क्या? | बाइबल — ईसाइयत की रक्षा का संघर्ष-संकेत |
| शेर-बाघ कार्टून का शीर्षक? | “बंगाल टाइगर से ब्रिटिश शेर का प्रतिशोध” (पन्च, 1857) |
| NCERT तोप से उड़ाने के चित्र को क्या कहती है? | “निर्मम सत्ता का नाट्य मंचन”; 12 फाँसियाँ = “दहशत का प्रदर्शन” |
| ‘क्लिमेंसी ऑफ़ केनिंग’ क्या है? | पन्च (24 अक्टूबर 1857) का कार्टून — कैनिंग की दया का मज़ाक |
| राष्ट्रवादी स्मृति में 1857? | “प्रथम स्वतंत्रता संग्राम” |
| रानी झाँसी की लोक-छवि? | फ़ौजी पोशाक, घोड़ा, तलवार — ‘मर्दाना’ योद्धा; “खूब लड़ी मर्दानी…” (सुभद्रा कुमारी चौहान) |
| छवियों का दोहरा काम? | भावनाओं को प्रतिबिंबित करना + “संवेदनाओं को शक्ल” देना |
⚡ बिजली-राउंड
- अलीगढ़-इटावा-मैनपुरी-एटा? → 20-27 मई
- लखनऊ-विद्रोह? → 30 मई
- रानी झाँसी की मृत्यु? → जून 1858