अध्याय 5यात्रियों के नज़रिए

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प्रयोग: कक्षा-क्विज़, त्वरित पुनरावृत्ति, जोड़ी-कार्य (एक पूछे, दूसरा उत्तर दे) प्रारूप: प्रश्न → उत्तर | कुल 16 समूह, 160+ कार्ड

समूह 1 — अल-बिरूनी : जीवन (10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1अल-बिरूनी का जन्म कहाँ और कब?ख़्वारिज़्म (आधुनिक उज़्बेकिस्तान), 973 ई.
2ख़्वारिज़्म की विशेषता?“शिक्षा का एक महत्त्वपूर्ण केंद्र”
3अल-बिरूनी कौन-सी भाषाएँ जानता था?सीरियाई, फ़ारसी, हिब्रू, संस्कृत
4अल-बिरूनी कौन-सी भाषा नहीं जानता था?यूनानी — पर अरबी अनुवादों से प्लेटो आदि से परिचित
5अल-बिरूनी भारत कैसे आया?बंधक के रूप में — 1017 में सुल्तान महमूद उसे ग़ज़नी ले गया
6अल-बिरूनी ग़ज़नी में कितने वर्ष रहा?सत्तर वर्ष की आयु में मृत्यु तक शेष जीवन
7अल-बिरूनी का जीवनकाल?973–1048
8अल-बिरूनी की भारत-रुचि का पहला कारण?आठवीं शताब्दी से संस्कृत ग्रंथों का अरबी में अनुवाद
9अल-बिरूनी की भारत-रुचि का दूसरा कारण?पंजाब का ग़ज़नवी साम्राज्य में आना → “आपसी विश्वास और समझ का वातावरण”
10अल-बिरूनी की भारत-रुचि का तीसरा कारण?ब्राह्मण पुरोहितों व विद्वानों के साथ कई वर्ष बिताना

समूह 2 — किताब-उल-हिन्द (10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1किताब-उल-हिन्द की भाषा?अरबी — “भाषा सरल और स्पष्ट”
2किताब-उल-हिन्द में कितने अध्याय?अस्सी (80)
3किताब-उल-हिन्द के कोई पाँच विषय?धर्म-दर्शन, त्योहार, खगोल-विज्ञान, कीमिया, रीति-रिवाज
4किताब-उल-हिन्द के और पाँच विषय?सामाजिक जीवन, भार-तौल, मापन विधियाँ, मूर्तिकला, कानून, मापतंत्र विज्ञान
5मापतंत्र विज्ञान क्या है?मापने के विज्ञान से संबंध रखता है
6★किताब-उल-हिन्द की त्रि-चरणीय शैली?प्रश्न → संस्कृतवादी परंपरा पर वर्णन → अन्य संस्कृतियों से तुलना
7किताब-उल-हिन्द की ‘ज्यामितीय संरचना’ का कारण?गणित की ओर झुकाव
8अल-बिरूनी ने किन ग्रंथों से अंश उद्धृत किए?वेद, पुराण, भगवद्गीता, पतंजलि की कृतियाँ, मनुस्मृति
9अल-बिरूनी ने किताब-उल-हिन्द किनके लिए लिखी?“उपमहाद्वीप के सीमांत क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए”
10किताब-उल-हिन्द भारत में कितनी पढ़ी गई?“1500 ई. से पहले भारत में कुछ ही लोगों ने पढ़ा होगा, भारत से बाहर कई अन्य लोगों ने”

समूह 3 — अल-बिरूनी : विधि व अवरोध (10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1अल-बिरूनी के सामने पहला अवरोध?भाषा — संस्कृत, अरबी-फ़ारसी से इतनी भिन्न कि अनुवाद कठिन
2अल-बिरूनी के सामने दूसरा अवरोध?धार्मिक अवस्था और प्रथा में भिन्नता
3अल-बिरूनी के सामने तीसरा अवरोध?अभिमान
4! अल-बिरूनी की अपनी सीमा?“लगभग पूरी तरह से ब्राह्मणों द्वारा रचित कृतियों पर आश्रित रहा”
5अल-बिरूनी ने पतंजलि का कौन-सा ग्रंथ अनूदित किया?व्याकरण पर ग्रंथ — अरबी में
6अल-बिरूनी ने यूक्लिड की कृति किस भाषा में अनूदित की?संस्कृत में — “अपने ब्राह्मण मित्रों के लिए”
7स्रोत 1 — अल-बिरूनी का घोषित उद्देश्य?“सहायक… तथा एक सूचना का संग्रह” उनके लिए जो हिंदुओं से चर्चा/संबद्ध होना चाहते हैं
8📦 ‘ईश्वर ही जानता है!’ — क्या प्रसंग?216,432 वर्ष पुरानी लकड़ी की मूर्ति की कथा पर उसका संदेह
9216,432 वर्ष पुरानी मूर्ति पर अल-बिरूनी का संदेह किस आधार पर था?भौतिक तर्क — “लकड़ी इतने लंबे समय तक कैसे रही होगी… जहाँ हवा और मिट्टी काफ़ी आर्द्र होती है?”
10📦 संस्कृत के विषय में अल-बिरूनी का प्रेक्षण?“अरबी भाषा की तरह ही… एक ही वस्तु के लिए कई शब्द… एक ही शब्द कई वस्तुओं के लिए”

समूह 4 — अल-बिरूनी : जाति व्यवस्था (10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1जाति-व्यवस्था समझने में अल-बिरूनी की विधि क्या थी?“अन्य समुदायों में प्रतिरूपों की खोज”
2प्राचीन फ़ारस का पहला वर्ग?घुड़सवार और शासक वर्ग
3प्राचीन फ़ारस का दूसरा वर्ग?भिक्षु, आनुष्ठानिक पुरोहित तथा चिकित्सक
4प्राचीन फ़ारस का तीसरा वर्ग?खगोल शास्त्री तथा अन्य वैज्ञानिक
5प्राचीन फ़ारस का चौथा वर्ग?कृषक तथा शिल्पकार
6फ़ारस से तुलना का उद्देश्य?“ये सामाजिक वर्ग केवल भारत तक ही सीमित नहीं थे”
7इस्लाम के विषय में अल-बिरूनी का कथन?“सभी लोगों को समान माना जाता था; भिन्नताएँ केवल धार्मिकता के पालन में”
8★अल-बिरूनी ने किसे अस्वीकार किया?अपवित्रता की मान्यता
9★अपवित्रता के विरुद्ध अल-बिरूनी के दो प्राकृतिक उदाहरण?सूर्य हवा को स्वच्छ करता है; समुद्र में नमक पानी को गंदा होने से बचाता है
10अपवित्रता पर अल-बिरूनी का निष्कर्ष?“अपवित्रता की अवधारणा प्रकृति के नियमों के विरुद्ध थी”

समूह 5 — ‘हिंदू’ शब्द का इतिहास (6 कार्ड)★

#प्रश्नउत्तर
1‘हिंदू’ शब्द का मूल?फ़ारसी — छठी-पाँचवीं शताब्दी ईसा पूर्व
2‘हिंदू’ शब्द का मूल अर्थ?सिंधु नदी (Indus) के पूर्व का क्षेत्र
3अरबों ने सिंधु-पार के क्षेत्र और निवासियों को क्या कहा?क्षेत्र = अल-हिंद; निवासी = हिंदी
4तुर्कों ने क्या नाम दिए?लोग = हिंदू; क्षेत्र = हिंदुस्तान; भाषा = हिंदवी
5★क्या ‘हिंदू’, ‘हिंदी’, ‘हिंदुस्तान’ जैसे शब्द धार्मिक पहचान बताते थे?“इनमें से कोई भी शब्द लोगों की धार्मिक पहचान का द्योतक नहीं था।”
6‘हिंदू’ शब्द में धार्मिक अर्थ कब आया?“इस शब्द का धार्मिक संदर्भ में प्रयोग बहुत बाद की बात है”

समूह 6 — इब्न बतूता : जीवन व यात्रा (14 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1इब्न बतूता का जन्म-स्थान व देश?तैंजियर, मोरक्को
2इब्न बतूता के परिवार की विशेषज्ञता?इस्लामी कानून अथवा शरिया
3इब्न बतूता का जीवनकाल?1304–77
4★इब्न बतूता ज्ञान का श्रेष्ठ स्रोत किसे मानता था?“पुस्तकों के स्थान पर यात्राओं से अर्जित अनुभव”
5इब्न बतूता ने घर किस आयु में छोड़ा?बाईस वर्ष
6इब्न बतूता घर से कैसे निकला?अकेले — “बिना किसी साथी यात्री… या कारवाँ के”
7घर छोड़ने पर इब्न बतूता की उपमा?“जैसे पक्षी अपने घोंसलों को छोड़ देते हैं”
8इब्न बतूता भारत (सिंध) कब पहुँचा?1333 — स्थलमार्ग से, मध्य एशिया होकर
9इब्न बतूता के दिल्ली आने का कारण?मुहम्मद बिन तुग़लक़ की “कला और साहित्य के दयाशील संरक्षक” की ख्याति
10दिल्ली में इब्न बतूता का पद?क़ाज़ी (न्यायाधीश)
11! दिल्ली में बाद में इब्न बतूता के साथ क्या हुआ?सुल्तान ने विश्वास खो दिया → कारागार में क़ैद → बाद में पुनर्स्थापित
121342 में इब्न बतूता को क्या आदेश मिला?मंगोल शासक के पास सुल्तान के दूत के रूप में चीन जाना
13इब्न बतूता मालद्वीप में कितने समय क़ाज़ी रहा?अठारह महीने
14इब्न बतूता घर कब लौटा?1354 — यात्रा आरंभ के लगभग तीस वर्ष बाद

समूह 7 — इब्न बतूता : मार्ग व कठिनाइयाँ (10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1इब्न बतूता भारत से पहले कहाँ-कहाँ गया?मक्का, सीरिया, इराक, फ़ारस, यमन, ओमान, पूर्वी अफ़्रीका
2भारत में इब्न बतूता का मार्ग?सिंध → मुल्तान → उच्छ → दिल्ली
3दिल्ली के बाद इब्न बतूता कहाँ-कहाँ गया?मध्य भारत → मालाबार तट → मालद्वीप → श्रीलंका → बंगाल व असम
4इब्न बतूता चीन कैसे पहुँचा?जहाज़ से सुमात्रा, फिर दूसरे जहाज़ से ज़ायतुन
5ज़ायतुन का आधुनिक नाम?क्वानझू
6इब्न बतूता चीन में कहाँ तक गया?बीजिंग — पर “लंबे समय तक नहीं ठहरा”
7इब्न बतूता की तुलना किससे की जाती है?मार्को पोलो (1254–1323, वेनिस/इटली)
8सिंध → दिल्ली कितने दिन?लगभग पचास
9मुल्तान → दिल्ली? दौलताबाद → दिल्ली?चालीस दिन प्रत्येक
10ग्वालियर → दिल्ली?दस दिन

समूह 8 — रिह़ला का निर्माण (स्रोत 3) (8 कार्ड)★

#प्रश्नउत्तर
1रिह़ला किसने लिखा?इब्न जुज़ई — श्रुतलेखों से
2रिह़ला किसके आदेश पर लिखा गया?राजा (स्थानीय शासक) के निर्देश पर
3रिह़ला का पहला निर्धारित विषय?यात्रा में देखे गए शहर
4रिह़ला का दूसरा निर्धारित विषय?स्मृति में बैठी रोचक घटनाएँ
5रिह़ला के तीन और निर्धारित विषय?शासक • महान साहित्यकार • धर्मनिष्ठ संत
6★रिह़ला का दोहरा उद्देश्य?मनोरंजन (“मस्तिष्क को मनोरंजन… कान और आँख को प्रसन्नता”) + शिक्षा (“लाभप्रद उपदेश”)
7★रिह़ला में किस पर विशेष बल था?असाधारण — “असाधारण विवरण… असाधारण चीज़ों के बारे में बताया”
8रिह़ला में ‘असाधारण’ पर बल का निहितार्थ क्या?जिस वृत्तांत का उद्देश्य ही असाधारण हो, उसमें साधारण का अभाव होगा

समूह 9 — अपरिचित को समझाने की कला (10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1नारियल के वृक्ष की तुलना?खजूर के वृक्ष से — “हू-बहू… जैसे दिखते हैं”
2नारियल के फल की तुलना?मानव सिर से
3मानव-सादृश्य के चार अंग?दो आँखें, एक मुख, मस्तिष्क (हरा भीतरी भाग), बाल (रेशा)
4★नारियल के रेशे का पहला उपयोग?रस्सी बनाना
5★★नारियल के रेशे का दूसरा (विलक्षण) उपयोग?“लोहे की कीलों के प्रयोग के बजाय इनसे जहाज़ को सिलते हैं”
6नारियल के रेशे का तीसरा उपयोग?बर्तनों के लिए रस्सी
7पान की तुलना?अंगूर-लता से — “उसी तरह उगाया जाता है”
8पान की असामान्य बात?“पान का कोई फल नहीं होता”; केवल पत्तियों के लिए उगाया जाता है
9सुपारी की तुलना?जायफल से
10पान खाने की विधि?पहले सुपारी ली जाती है → छोटे टुकड़े होने तक तोड़ी जाती है → मुँह में रखकर चबाई जाती है → फिर पान की पत्तियों के साथ चबाई जाती है

समूह 10 — इब्न बतूता : भारतीय शहर (12 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1इब्न बतूता ने भारतीय शहरों को कैसा पाया?“व्यापक अवसरों से भरपूर” — उनके लिए जिनके पास इच्छा, साधन तथा कौशल था
2इब्न बतूता के अनुसार भारतीय शहरों की समृद्धि का अपवाद?“सिवाय कभी-कभी युद्धों तथा अभियानों से होने वाले विध्वंस के”
3भारत का सबसे बड़ा शहर?दिल्ली
4कौन-सा शहर आकार में दिल्ली को चुनौती देता था?दौलताबाद (महाराष्ट्र)
5दिल्ली की प्राचीर की चौड़ाई?ग्यारह हाथ (एक हाथ ≈ 20 इंच)
6★दिल्ली की प्राचीर की निर्माण-सामग्री?निचला भाग पत्थर, ऊपरी भाग ईंटों से
7★दिल्ली शहर में कितने द्वार?अट्ठाईस (28) — “दरवाज़ा” कहलाते थे
8दिल्ली का सबसे विशाल द्वार?बदायूँ दरवाज़ा
9मांडवी दरवाज़े के भीतर?अनाज मंडी
10गुल दरवाज़े की बगल में?फलों का बगीचा
11दिल्ली की प्राचीर के भीतर भंडारगृहों में क्या रखा जाता था?खाद्यसामग्री, हथियार, बारूद, प्रक्षेपास्त्र तथा घेरेबंदी की मशीनें
12दिल्ली की क़ब्रगाह में कौन-से फूल?कंदाकार चमेली तथा जंगली गुलाब — “सभी मौसमों में खिले रहते हैं”

समूह 11 — बाज़ार, अर्थव्यवस्था व डाक-व्यवस्था (14 कार्ड)★

#प्रश्नउत्तर
1★बाज़ार के तीन कार्य?आर्थिक विनिमय + धार्मिक (मस्जिद व मंदिर) + सांस्कृतिक (नर्तक, संगीतकार, गायक)
2तारावबाद क्या था?दौलताबाद में गायकों-गायिकाओं का बाज़ार
3तारावबाद में आयोजन कब होता था?प्रत्येक गुरुवार सुबह
4★तारावबाद में कौन आते थे?हिंदू शासकों में से एक, और “यहाँ तक कि कई मुस्लिम शासक भी”
5कृषि की उत्पादकता का कारण?मिट्टी का उपजाऊपन → वर्ष में दो फ़सलें
6भारतीय माल की माँग कहाँ थी?मध्य तथा दक्षिण-पूर्व एशिया
7कौन-से वस्त्रों की अत्यधिक माँग?सूती कपड़ा, महीन मलमल, रेशम, ज़री तथा साटन
8महीन मलमल कौन पहन सकता था?“अमीर वर्ग के तथा बहुत धनाढ्य लोग ही”
9अश्व डाक-व्यवस्था का नाम व दूरी?उलुक — हर चार मील पर राजकीय घोड़े
10पैदल डाक का अवस्थान?दावा — प्रति मील तीन (= एक मील का एक-तिहाई)
11पैदल डाक में गाँव कितनी दूरी पर? मंडप कितने?हर तीन मील पर गाँव; बाहर तीन मंडप
12छड़ का विवरण?दो हाथ लंबी, ऊपर ताँबे की घंटियाँ
13★उलुक और दावा में कौन-सी व्यवस्था अधिक तीव्र?पैदल डाक-व्यवस्था
14★★यात्री बनाम सूचना — सिंध से दिल्ली?यात्री 50 दिन • सूचना 5 दिन

समूह 12 — बर्नियर : परिचय (12 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1बर्नियर का देश व जीवनकाल?फ्रांस; 1620–88
2बर्नियर की तिहरी पहचान?चिकित्सक, राजनीतिक दार्शनिक तथा इतिहासकार
3बर्नियर भारत में कब से कब तक रहा?1656–1668 (बारह वर्ष)
4बर्नियर पहले किसका चिकित्सक था?दारा शिकोह — शाहजहाँ के ज्येष्ठ पुत्र
5बर्नियर बाद में किसके साथ रहा?दानिशमंद ख़ान — आर्मीनियाई अमीर
6बर्नियर की प्रमुख कृति?ट्रैवल्स इन द मुग़ल एम्पायर
7★बर्नियर की ट्रैवल्स किसे समर्पित है?फ्रांस के शासक लुई XIV को
8बर्नियर के अन्य कार्य किस रूप में थे?“प्रभावशाली आधिकारियों और मंत्रियों को पत्रों के रूप में”
9★बर्नियर का असली उद्देश्य?“नीति-निर्माताओं तथा बुद्धिजीवी वर्ग को प्रभावित करने का”
10बर्नियर की ट्रैवल्स कब प्रकाशित हुई?1670-71, फ्रांस में
11बर्नियर की ट्रैवल्स कितनी जल्दी अनूदित हुई?पाँच वर्षों के भीतर — अंग्रेज़ी, डच, जर्मन, इतालवी
12बर्नियर की ट्रैवल्स का पुनर्मुद्रण?फ्रांसीसी में आठ बार (1670-1725); अंग्रेज़ी में तीन बार (1684 तक)

समूह 13 — बर्नियर : दृष्टि व भूस्वामित्व (14 कार्ड)★

#प्रश्नउत्तर
1★‘द्वि-विपरीतता’ क्या है?भारत को यूरोप के प्रतिलोम/‘विपरीत’ के रूप में दिखाना
2बर्नियर की भारत-यूरोप तुलना की तीसरी सीढ़ी?पदानुक्रम — “जिससे भारत, पश्चिमी दुनिया को निम्न कोटि का प्रतीत हो”
3बर्नियर का मूल दावा?भारत में निजी भूस्वामित्व का अभाव
4भूमि के स्वामित्व के बारे में बर्नियर का विश्वास?“सम्राट सारी भूमि का स्वामी था जो इसे अपने अमीरों के बीच बाँटता था”
5बर्नियर की तर्क-शृंखला की पहली कड़ी?भूधारक बच्चों को भूमि नहीं दे सकते थे
6बर्नियर की तर्क-शृंखला की दूसरी कड़ी?अत: दूरगामी निवेश के प्रति उदासीन
7बर्नियर की तर्क-शृंखला की तीसरी कड़ी?“बेहतर” भूधारकों के वर्ग का उदय रुका (जैसा पश्चिमी यूरोप में हुआ)
8बर्नियर की तर्क-शृंखला का अंतिम परिणाम?कृषि का विनाश, किसानों का उत्पीड़न, सभी वर्गों के जीवन-स्तर में पतन — सिवाय शासक वर्ग के
9★बर्नियर का प्रसिद्ध वाक्य?“भारत में मध्य की स्थिति के लोग नहीं हैं।”
10★★बर्नियर के भूस्वामित्व-दावे का NCERT का पहला खंडन?“एक भी सरकारी मुग़ल दस्तावेज़ यह इंगित नहीं करता कि राज्य ही भूमि का एकमात्र स्वामी था।”
11★अबुल फ़ज़्ल कौन? उन्होंने क्या कहा?अकबर के काल का सरकारी इतिहासकार; भूमि राजस्व = “राजत्व का पारिश्रमिक”
12★भूमि राजस्व वास्तव में क्या था?“न तो लगान था, न ही भूमिकर, बल्कि उपज पर लगने वाला कर”
13भूमि राजस्व पर यूरोपीय भ्रम का कारण?“क्योंकि भूमि राजस्व की माँग अकसर बहुत अधिक होती थी”
14📦 पेलसर्ट कौन थे?डच यात्री — सत्रहवीं सदी के आरंभिक दशक; “कृषकों को इतना अधिक निचोड़ा जाता है कि… सूखी रोटी भी मुश्किल से बचती है”

समूह 14 — बर्नियर की विरासत व अंतर्विरोध (12 कार्ड)★

#प्रश्नउत्तर
118वीं सदी में किसने प्रभाव ग्रहण किया?फ्रांसीसी दार्शनिक मॉन्टेस्क्यू
2मॉन्टेस्क्यू का सिद्धांत?प्राच्य निरंकुशवाद (Oriental Despotism)
3प्राच्य निरंकुशवाद का सार?“एशिया में शासक अपनी प्रजा के ऊपर निर्बाध प्रभुत्व का उपभोग करते थे, जिसे दासता और ग़रीबी की स्थितियों में रखा जाता था”
419वीं सदी में किसने आगे बढ़ाया?कार्ल मार्क्स
5कार्ल मार्क्स का सिद्धांत?एशियाई उत्पादन शैली (Asiatic Mode of Production)
6एशियाई उत्पादन शैली का सार?अधिशेष का अधिग्रहण राज्य द्वारा; स्वायत्त, आंतरिक रूप से समतावादी ग्रामीण समुदाय; “एक निष्क्रिय प्रणाली”
7! मार्क्स और मॉन्टेस्क्यू के चित्रण पर NCERT का निर्णय?“ग्रामीण समाज का यह चित्रण सच्चाई से बहुत दूर था” (अध्याय 8)
8वास्तविक ग्रामीण समाज का शीर्ष?बड़े ज़मींदार — भूमि पर उच्चाधिकार
9वास्तविक ग्रामीण समाज का मध्य?बड़ा किसान (किराए का श्रम, माल-उत्पादन) तथा छोटे किसान
10वास्तविक ग्रामीण समाज में सबसे नीचे?“अस्पृश्य” भूमिविहीन श्रमिक (बलाहार)
11★स्रोत 13 में बर्नियर का आत्म-खंडन?“अधिकांश भाग अत्यधिक उपजाऊ”; बंगाल मिस्र से आगे (रेशम, कपास, नील); “सोना और चाँदी भारत में आकर कुछ हद तक खो जाता है”
12! स्रोत 13 में बचा पूर्वाग्रह?“शिल्पकार जो हालाँकि मूल रूप से आलसी होता है”

समूह 15 — शहर, कारख़ाने व महिलाएँ (14 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1★17वीं सदी में नगरीय जनसंख्या?लगभग पंद्रह प्रतिशत — “पश्चिमी यूरोप के अनुपात से अधिक”
2‘शिविर नगर’ क्या?नगर जो “अपने अस्तित्व और बने रहने के लिए राजकीय शिविर पर निर्भर” थे
3! शिविर नगर पर बर्नियर के चित्रण के बारे में NCERT का मत?“बर्नियर एक अतिसरलीकृत चित्रण प्रस्तुत कर रहा था”
4पाँच नगर-प्रकार?उत्पादन केंद्र • व्यापारिक नगर • बंदरगाह नगर • धार्मिक केंद्र • तीर्थ स्थान
5पश्चिमी भारत का व्यापारी संगठन व मुखिया?महाजन; मुखिया सेठ
6अहमदाबाद में सामूहिक प्रतिनिधि?नगर सेठ
7आठ व्यावसायिक वर्ग?हकीम/वैद्य • पंडित/मुल्ला • वकील • चित्रकार • वास्तुविद • संगीतकार • सुलेखक
8स्रोत 14 — छह कक्षों के शिल्पकार?कसीदाकार • सुनार • चित्रकार • प्रलाक्षा रस का रोगन लगाने वाले • बढ़ई-ख़रादी-दर्जी-जूते बनाने वाले • रेशम-ज़री-मलमल का काम करने वाले
9! राजकीय कारख़ाने के शिल्पकारों के विषय में बर्नियर का निष्कर्ष?“इसी निश्चेष्ट नियमित ढंग से उनका समय बीतता जाता है”
10दास प्रथा — दिल्ली दरबार का दृष्टांत?नसीरुद्दीन को “एक लाख टके तथा दो सौ दास” दिए गए
11★दासियों की असामान्य भूमिका?गुप्तचरी — “अमीरों की मुख़बिरी करता है”; “महिला सफाई कर्मचारी… बिना बताए घर में दाख़िल”
12! दासियाँ कहाँ से आती थीं?“हमलों और अभियानों के दौरान बलपूर्वक प्राप्त”
13स्रोत 16 — सती बालिका की आयु व स्थान?लाहौर; “बारह वर्ष से अधिक नहीं”
14★★महिलाओं की तीन भूमिकाएँ?कृषि व कृषि-आधारित उत्पादन में श्रम • व्यापारिक गतिविधियों में भागीदारी • वाणिज्यिक विवाद अदालत तक ले जाना

समूह 16 — स्रोतों का मिलान (11 कार्ड)★

कक्षा-खेल: शिक्षक स्रोत-संख्या बोले, विद्यार्थी लेखक + विषय बताए।

स्रोतलेखकविषय (एक पंक्ति)
2इब्न बतूताघोंसले से निकलता पक्षी — 22 वर्ष, अकेले प्रस्थान
4बर्नियरमुग़ल सेना के साथ यात्रा — सामग्री की सूची
5अल-बिरूनीवर्ण व्यवस्था — “एक ही गाँवों में मिल-जुल कर”
6इब्न बतूतानारियल — मानव सिर जैसे गिरिदार फल
7इब्न बतूतापान — फल नहीं होता
8इब्न बतूतादेहली — 11 हाथ प्राचीर, 28 द्वार
9इब्न बतूताबाज़ार में संगीत — तारावबाद
10इब्न बतूताघोड़े पर और पैदल — उलुक व दावा
11बर्नियरग़रीब किसान — पलायन
12बर्नियरयूरोप के लिए एक चेतावनी
15इब्न बतूतादासियाँ — गुप्तचरी

★त्वरित गणना: इब्न बतूता — 7 स्रोत • बर्नियर — 6 • अल-बिरूनी — 2 • इब्न जुज़ई — 1

बोनस समूह — काल-रेखा क्विज़ (8 कार्ड)

#यात्रीकाल व देश
1अब्दुर रज़्ज़ाक समरक़ंदी1413–82 • समरक़ंद
2अफ़ानासी निकितिन1466–72 (भारत में) • रूस
3दुआर्ते बरबोसा1518 यात्रा, मृ. 1521 • पुर्तगाल
4सयदी अली रेइसमृ. 1562 • तुर्की
5अंतोनियो मानसेरेते1536–1600 • स्पेन
6महमूद वली बलख़ी1626–31 (भारत में) • बल्ख़
7पीटर मुंडी1600–67 • इंग्लैंड
8ज्यौं बैप्टिस्ट तैवर्नियर1605–89 • फ्रांस

★काल-रेखा की दो सीमाएँ: इसमें एक भी महिला यात्री नहीं है, और एक भी भारतीय यात्री नहीं जो भारत से बाहर गया हो।

⚡ अंतिम दोहराव — परीक्षा से ठीक पहले

#प्रश्नउत्तर
1अध्याय का मूल सूत्र?“जो स्थानीय के लिए साधारण है, वही बाहरी के लिए उल्लेखनीय है।”
2तीनों की विधि एक पंक्ति में?अल-बिरूनी ने पढ़कर समझा • इब्न बतूता ने घूमकर देखा • बर्नियर ने तुलना करके आँका
3महिलाओं पर NCERT का निष्कर्ष?“यह असंभाव्य लगता है कि महिलाओं को उनके घरों के ख़ास स्थानों तक परिसीमित कर रखा जाता था”