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समूह 1 — इस्तमरारी बंदोबस्त
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| इस्तमरारी बंदोबस्त कब, कहाँ? | 1793, बंगाल |
| तब गवर्नर जनरल? | चार्ल्स कार्नवालिस (1738-1805; अमेरिकी स्वतंत्रता संग्राम में ब्रिटिश कमांडर) |
| इस्तमरारी बंदोबस्त किनके साथ हुआ? | राजाओं और ताल्लुक़दारों से — अब ‘ज़मींदार’ वर्गीकृत |
| ज़मींदार की परिभाषा (बंदोबस्त में)? | “गाँव में भू-स्वामी नहीं, राज्य का राजस्व समाहर्ता (संग्राहक) मात्र” |
| ताल्लुक़दार का शाब्दिक अर्थ? | जिसके साथ ताल्लुक़ (संबंध) हो; बाद में ताल्लुक़ = क्षेत्रीय इकाई |
| ‘राजा’ शब्द प्राय: किनके लिए? | शक्तिशाली ज़मींदारों के लिए |
| एक ज़मींदार के नीचे कितने गाँव? | कभी-कभी 400 तक |
| बंदोबस्त क्यों (कोई दो आशाएँ)? | संपत्ति-अधिकार+स्थायी दरें → कृषि-निवेश; योमॅन/धनी भूस्वामी वर्ग — कंपनी का वफ़ादार |
| बंदोबस्त से पहले की स्थिति? | 1770 के दशक से ग्रामीण अर्थव्यवस्था संकट में — बार-बार अकाल, घटती पैदावार |
समूह 2 — नीलामी और चूक
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| बर्दवान की प्रसिद्ध नीलामी कब? | 1797 |
| उस नीलामी का ‘अजीब पेंच’? | ख़रीददार अधिकतर राजा के नौकर/एजेंट; 95%+ बिक्री फ़र्जी |
| बंदोबस्त के बाद कितनी ज़मींदारियाँ हस्तांतरित? | 75% से अधिक |
| इस्तमरारी बंदोबस्त में ज़मींदारों की चूक का कारण 1? | प्रारंभिक माँगें बहुत ऊँची — भविष्य की ‘प्रत्याशित हानि’ से बचने के लिए |
| इस्तमरारी बंदोबस्त में ज़मींदारों की चूक का कारण 2? | ऊँची माँग 1790s में लागू — जब कृषि-कीमतें नीचीं |
| इस्तमरारी बंदोबस्त में ज़मींदारों की चूक का कारण 3? | माँग अपरिवर्तनीय + सूर्यास्त विधि (नियत तिथि के सूर्यास्त तक भुगतान नहीं → नीलामी) |
| इस्तमरारी बंदोबस्त में ज़मींदारों की चूक का कारण 4? | बंदोबस्त ने ज़मींदार की शक्ति सीमित कर दी |
| कंपनी के अंकुश (पाँच)? | सेना भंग; सीमा शुल्क समाप्त; कचहरियाँ कलेक्टर-अधीन; न्याय-पुलिस की शक्ति छीनी; कलेक्टर = विकल्पी सत्ता-केंद्र |
| ज़मींदार का वसूली-अधिकारी? | अमला |
| 1798 में बर्दवान में लंबित वाद? | 30,000 से अधिक |
समूह 3 — जोतदार
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| जोतदार कौन? | धनी किसान — उन्नीसवीं सदी के प्रारंभ तक कई हज़ार एकड़ के स्वामी |
| जोतदारों का विशद विवरण किस सर्वेक्षण में? | बुकानन का दिनाजपुर (उत्तरी बंगाल) सर्वेक्षण |
| जोतदार और किन पर नियंत्रण रखते थे? | स्थानीय व्यापार व साहूकारी; ग़रीब काश्तकारों पर व्यापक शक्ति |
| जोतदारों की ज़मीनें कौन जोतता था? | बटाईदार (अधियार/बरगादार) — अपना हल, मेहनत; आधी उपज जोतदार को |
| जोतदार गाँव में या शहर में? | गाँव में ही — इसीलिए नियंत्रण ज़मींदार (शहरी) से अधिक प्रभावी |
| जोतदारों के ज़मींदार के विरुद्ध हथियार? | जमा-वृद्धि का प्रतिरोध; अधिकारियों को रोकना; रैयत-गोलबंदी; भुगतान में जान-बूझकर देरी; नीलामी में ख़ुद ख़रीद |
| जोतदारों के अन्य नाम? | हवलदार, गाँटीदार, मंडल |
| जोतदार सबसे शक्तिशाली कहाँ थे? | उत्तरी बंगाल में |
समूह 4 — ज़मींदारों का प्रतिरोध
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| फ़र्जी बिक्री का पहला क़दम (बर्दवान)? | ज़मींदारी का हिस्सा अपनी माता को — क्योंकि कंपनी स्त्रियों की संपत्ति नहीं छीनती थी |
| नीलामी-चक्र कैसे चलता था? | एजेंट ऊँची बोली लगाते → ख़रीद-राशि नहीं देते → फिर नीलामी → फिर वही → थके ख़रीददार → नीची क़ीमत पर ज़मींदार को वापसी |
| बेनामी का अर्थ? | ‘गुमनाम’ — फ़र्ज़ी/महत्त्वहीन नाम से सौदे |
| बेनामी ख़रीद के आँकड़े? | 1793-1801: चार बड़ी ज़मींदारियों की 30 लाख रु. की ख़रीद; कुल बिक्रियों में 15% नक़ली |
| लठियाल कौन? | लाठी-डंडे वाले — ज़मींदार के लठैत पक्षधर |
| पुराने रैयत नए ख़रीददार को क्यों रोकते? | पुराने ज़मींदार को अन्नदाता, स्वयं को प्रजा मानते — वफ़ादारी |
| ज़मींदारों का अंतिम पतन कब? | 1930 के दशक की घोर मंदी में — तब जोतदार जमे |
| महाराजा मेहताब चंद की भूमिका? | बर्दवान; संथाल-विद्रोह व 1857 में अंग्रेज़ों का साथ |
समूह 5 — पाँचवीं रिपोर्ट
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| पाँचवीं रिपोर्ट कब, कहाँ पेश हुई? | 1813, ब्रिटिश संसद में |
| रिपोर्ट का नाम ‘पाँचवीं’ क्यों पड़ा? | कंपनी के प्रशासन-क्रियाकलापों पर रिपोर्टों की शृंखला की पाँचवीं |
| पाँचवीं रिपोर्ट का आकार? | 1,002 पृष्ठ; 800+ पृष्ठ परिशिष्ट |
| पाँचवीं रिपोर्ट के परिशिष्टों में क्या? | ज़मींदारों-रैयतों की अर्ज़ियाँ; कलेक्टरों की रिपोर्टें; सांख्यिकीय तालिकाएँ; बंगाल-मद्रास प्रशासन पर टिप्पणियाँ |
| पाँचवीं रिपोर्ट किसने तैयार की? | ब्रिटिश संसद की प्रवर समिति (Select Committee) ने |
| कंपनी के विरोधी समूह (इंग्लैंड में)? | एकाधिकार-विरोधी (चार्टर रद्द कराने वाले); निजी व्यापारी; उद्योगपति (भारत का बाज़ार); “लाभ केवल कंपनी को” कहने वाले राजनीतिक समूह |
| पाँचवीं रिपोर्ट का प्रभाव कब तक रहा? | ग्रामीण बंगाल की धारणा लगभग डेढ़ शताब्दी तक इसी से बनती रही |
| पाँचवीं रिपोर्ट पर आधुनिक शोध की आपत्ति? | लेखक कुप्रशासन की आलोचना पर तुले थे → ज़मींदारी-पतन व ज़मीन-हानि का अतिरंजित चित्र |
| स्रोत 2 (बक़ाया राजस्व) में कौन-से राजा बाकीदार दिखाए गए? | नदिया, राजशाही, विशनपुर |
समूह 6 — पहाड़िया
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| ‘पहाड़िया’ नाम क्यों? | राजमहल की पहाड़ियों के इर्द-गिर्द रहने से |
| पहाड़िया लोगों की खेती की विधि? | झूम — झाड़ियाँ काटना, घास-फूँस जलाना, राख की पोटाश से उपजाऊ ज़मीन, कुदाल से खुरचना, फिर परती छोड़कर नयी जगह |
| पहाड़िया क्या उगाते थे? | अपने खाने के लिए दालें और ज्वार-बाजरा |
| पहाड़िया जंगल से क्या-क्या लेते थे? | महुआ (खाना); रेशम-कोया, राल (बिक्री); लकड़ी (काठकोयला); घास (चरागाह) |
| जंगल पहाड़ियों के लिए क्या था? | “पहचान और जीवन का आधार” — पूरा प्रदेश निजी भूमि |
| पहाड़िया मुखिया के काम? | समूह में एकता; झगड़ों का निपटारा; लड़ाई का नेतृत्व |
| पहाड़िया मैदानों पर हमले क्यों करते थे (तीन)? | अभाव/अकाल में जीवन-रक्षा; ताक़त-प्रदर्शन; राजनीतिक संबंध |
| ख़िराज व पथकर कौन देता था? | ख़िराज — मैदानी ज़मींदार; पथकर — व्यापारी (रास्तों के उपयोग हेतु) |
| पहाड़ियों के प्रति 1770s की ब्रिटिश नीति? | निर्मूलन/संहार की क्रूर नीति — शिकार और संहार |
| पहाड़ियों के प्रति 1780s की नीति व प्रस्तावक? | शांति-नीति — ऑगस्टस क्लीवलैंड (भागलपुर का कलेक्टर); मुखियाओं को वार्षिक भत्ता |
| शांति-नीति का परिणाम? | बहुतों ने मना किया; लेने वाले समुदाय में सत्ता खो बैठे — ‘वैतनिक मुखिया’ |
| बुकानन को कैसे देखा गया (1810-11)? | संदेह और अविश्वास से — “प्रत्येक गोरा आदमी” जंगल-ज़मीन छीनने वाली शक्ति का प्रतिनिधि |
समूह 7 — होजेज और चित्र
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| विलियम होजेज भारत कैसे पहुँचा? | कैप्टेन कुक की प्रशांत महासागर की दूसरी यात्रा (1772-75) से होते हुए |
| होजेज किसका मित्र था, कब भ्रमण किया? | क्लीवलैंड का; 1782 में जंगल महालों का भ्रमण |
| एक्वाटिंट क्या है? | ताम्रपट्टी में अम्ल की सहायता से कटाई करके छापी गई तसवीर |
| होजेज की विचारधारा? | स्वच्छंदतावाद (Romanticism) — प्रकृति-पूजा, सौंदर्य-शक्ति की प्रशंसा |
| पहाड़ियों के दृश्यों पर अधिकारियों और होजेज का विरोधाभास क्या था? | अधिकारी जिन्हें ‘भयंकर-उजाड़’ मानते थे, होजेज को वही दृश्य ‘मनमोहक-रमणीय’ दिखे |
| पहाड़ियों की वास्तविक ऊँचाई? | कहीं भी 2000 फुट से ऊँची नहीं — चित्र में दुर्गमता पर बल |
समूह 8 — संथाल
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| संथाल बंगाल कब से आने लगे? | 1780 के दशक के आस-पास |
| संथालों को कौन बुलाता था? | ज़मींदार (भाड़े पर — नयी ज़मीन तैयार कराने); ब्रिटिश अधिकारी (जंगल महालों में बसने का निमंत्रण) |
| संथाल अंग्रेज़ों को ‘आदर्श बाशिंदे’ क्यों लगे? | जंगल-सफ़ाये में हिचक नहीं; पूरी ताक़त से जुताई — जबकि पहाड़िया हल को तैयार नहीं |
| दामिन-इ-कोह क्या, कब? | 1832 तक सीमांकित बड़ा इलाका — “संथालों की भूमि” घोषित |
| दामिन-इ-कोह में अनुदान-पत्र की शर्त? | ज़मीन का कम-से-कम 1/10 भाग पहले 10 वर्षों में साफ़ कर जोतना |
| दामिन-इ-कोह का सीमांकन कैसे हुआ? | सर्वेक्षण, नक्शा, चारों ओर खंबे |
| दामिन-इ-कोह में संथाल गाँवों की वृद्धि? | 40 (1838) → 1,473 (1851) |
| दामिन-इ-कोह में संथाल जनसंख्या-वृद्धि? | 3,000 → 82,000+ |
| संथाल गीतों-मिथकों में क्या? | बसने योग्य स्थान की खोज की लंबी यात्रा — दामिन में ‘पूर्ण विराम’ |
| पहाड़िया कहाँ सिमटे? | चट्टानी-बंजर ऊपरी पहाड़ियों व शुष्क भीतरी भागों में — ग़रीब होते गए |
| पहाड़िया-पराभव का मूल कारण? | झूम को चाहिए नयी उर्वर ज़मीनें — जो अब दामिन का हिस्सा बन चुकी थीं |
| संथालों के तीन शत्रु? | राज्य (भारी कर), साहूकार/दिकू (ऊँचा ब्याज, क़ब्ज़ा), ज़मींदार (दामिन पर दावा) |
| संथाल विद्रोह कब हुआ? लक्ष्य क्या था? | 1855-56; “अपना शासन” वाला आदर्श संसार |
| 1855-56 के संथाल विद्रोह के प्रमुख नेता? | सिधू मांझी |
| संथाल विद्रोह के बाद क्या बना? | संथाल परगना — भागलपुर व बीरभूम से 5,500 वर्ग मील |
| ILN के चित्रों का उद्देश्य? | जलते गाँव-कैदी दिखाकर ब्रिटिश जनता को ‘अजेय हुकूमत’ का भरोसा दिलाना |
समूह 9 — बुकानन
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| बुकानन का पेशा और सेवा-काल? | चिकित्सक; बंगाल चिकित्सा सेवा 1794-1815 |
| बुकानन किसका शल्य-चिकित्सक रहा? | गवर्नर जनरल लॉर्ड वेलेज़्ली का |
| बुकानन ने कलकत्ता में क्या स्थापित किया? | चिड़ियाघर (बाद का अलीपुर चिड़ियाघर); कुछ समय वानस्पतिक उद्यान का प्रभारी |
| बुकानन के नाम से ‘हैमिल्टन’ क्यों जुड़ा? | माता की मृत्यु के बाद जायदाद के वारिस बने और उनके वंश का नाम अपनाया |
| बुकानन के यात्रा-दल में कौन थे? | नक्शा नवीस, सर्वेक्षक, पालकी-वाहक, कुली |
| बुकानन की यात्रा का ख़र्च कौन उठाता था, क्यों? | ईस्ट इंडिया कंपनी — उसे उन सूचनाओं की आवश्यकता थी |
| बुकानन ने किन खनिजों के स्थान खोजे? | लौह खनिज, अबरक, ग्रेनाइट, साल्टपीटर |
| बुकानन ने किन स्थानीय पद्धतियों का निरीक्षण किया? | नमक बनाने और कच्चा लोहा निकालने की |
| बुकानन की ‘विकास-दृष्टि’? | हर भूदृश्य — “अधिक उत्पादक कैसे बने”; वाणिज्यिक सरोकार + पाश्चात्य प्रगति-विचार; वनवासी जीवन-शैली का आलोचक |
| संथालों पर टिप्पणी (स्रोत 3)? | “नयी ज़मीनें साफ़ करने में बहुत होशियार, लेकिन नीचता से रहते हैं” |
समूह 10 — दक्कन : प्रणाली और कर्ज़
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| इस्तमरारी बंगाल से बाहर बिरला क्यों? | 1810 के बाद कीमतें बढ़ीं — स्थायी माँग से सरकार बढ़ी आय में हिस्सा नहीं ले सकती थी |
| नए इलाकों में कैसा बंदोबस्त? | अस्थायी राजस्व बंदोबस्त |
| कौन-सा अर्थशास्त्री प्रभावी? | डेविड रिकार्डो (1820s में विख्यात; अधिकारियों ने कॉलेज में पढ़ा) |
| रिकार्डो का सिद्धांत? | भूस्वामी का हक़ केवल ‘औसत लगान’; अधिशेष पर राज्य का कर — वरना किसान किरायाजीवी बनेंगे |
| किरायाजीवी? | जो संपत्ति के किराए की आय पर जीवनयापन करते हैं |
| रैयतवाड़ी की चार विशेषताएँ? | सीधे रैयत से बंदोबस्त; भूमि-प्रकारों की औसत आय का अनुमान; क्षमता-आकलन व अनुपात; हर 30 साल पुनर्सर्वेक्षण — दरें बढ़तीं |
| दक्कन का पहला बंदोबस्त? | 1820 के दशक में (काल-रेखा: 1818) |
| 1832-34 के अकाल का असर? | दक्कन का 1/3 पशुधन मरा; आधी मानव जनसंख्या काल-ग्रस्त |
| 1832 के बाद कीमतों का हाल? | तेज़ गिरावट — लगभग डेढ़ दशक सुधार नहीं |
| दक्कन में राजस्व वसूली की कठोरता? | फ़सलें ज़ब्त; समूचे गाँव पर जुर्माना |
| दक्कन में 1845 के बाद क्या हुआ? | कीमतें बढ़ीं; विस्तार (गोचर → खेती) → हल-बैल-बीज के लिए फिर उधार |
समूह 11 — कपास-तेज़ी
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| 1860 से पहले ब्रिटेन की कपास कहाँ से? | तीन-चौथाई अमेरिका से |
| 1857 व 1859 में क्या बने? | कपास आपूर्ति संघ (1857); मैनचेस्टर कॉटन कंपनी (1859) |
| कपास आपूर्ति संघ और मैनचेस्टर कॉटन कंपनी का उद्देश्य? | “दुनिया के हर भाग में कपास-उत्पादन को प्रोत्साहित करना” |
| 1861 में क्या हुआ? | अमेरिकी गृहयुद्ध — ब्रिटेन के कपास-क्षेत्र में तहलका |
| गृहयुद्ध में ब्रिटेन के कपास-आयात की गिरावट के आँकड़े? | 1861: 20 लाख गाँठें (400 पाउंड प्रति) → 1862: 55 हज़ार गाँठें — सामान्य का 3% से कम |
| रैयत को कितना अग्रिम? | कपास की प्रत्येक एकड़ पर 100 रु. |
| अग्रिम-शृंखला? | बम्बई निर्यातक → शहरी साहूकार → ग्रामीण ऋणदाता → रैयत |
| 1860-64 में कपास का रकबा? | दोगुना |
| 1862 में ब्रिटेन के आयात में भारत? | 90 प्रतिशत |
| कपास-तेज़ी का लाभ किसे मिला? | कुछ धनी किसानों को; अधिकांश कर्ज़ में और दबे |
| 1865 में कपास-तेज़ी के साथ क्या हुआ? | गृहयुद्ध ख़त्म → अमेरिकी उत्पादन बहाल → निर्यात-गिरावट; ऋण-स्रोत सूखा |
| नए बंदोबस्त में माँग? | 50 से 100 प्रतिशत तक वृद्धि |
समूह 12 — 1875 का विद्रोह और आयोग
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| विद्रोह कब-कहाँ से शुरू? | 12 मई 1875, सूपा (पूना ज़िले की मंडी) |
| 1875 के विद्रोह में रैयतों का पहला निशाना? | साहूकारों के बही-खाते और ऋणबंध — जलाए गए |
| 1875 के विद्रोह का फैलाव? | पूना → अहमदनगर; 6,500 वर्ग किमी; 30+ गाँव; स्वरूप सब जगह एक-समान |
| 1875 के विद्रोह पर ब्रिटिश प्रतिक्रिया? | 1857 की याद से घबराहट; थाने, सेना; 95 गिरफ़्तार |
| स्रोत 6 के आँकड़े (सूपा)? | एक साहूकार का घर पूरा जला; दर्जन मकान टूटे; 50 गिरफ़्तार; 2,000 रु. माल बरामद; अनुमानित हानि 25,000+; साहूकारों का दावा 1 लाख+ |
| साहूकार की परिभाषा? | जो पैसा उधार भी देता था और व्यापार भी करता था |
| रैयत के गुस्से की असली जड़? | ऋणदाता की संवेदनहीनता व रूढ़ि रिवाजों (प्रथागत मानकों) का उल्लंघन |
| प्रथागत मानक क्या था? | ब्याज मूलधन से अधिक नहीं |
| आयोग का चर्चित केस? | 100 रु. मूलधन पर 2,000 रु. से अधिक ब्याज |
| परिसीमन क़ानून कब, क्या? | 1859 — ऋणपत्र केवल 3 वर्ष मान्य (ब्याज-संचय रोकने हेतु) |
| परिसीमन क़ानून को ऋणदाता ने कैसे घुमाया? | हर तीसरे साल नया बंधपत्र — मिश्रधन (मूलधन+ब्याज) नया ‘मूलधन’ |
| स्रोत 10 (साहूकार के ब्याज) की गणना? | 12 वर्षों में 1,000 रु. पर ब्याज 2,028 रु. 10 आना 3 पैसे |
| 1875 के विद्रोह के बाद आयोग क्यों बना? | भारत सरकार (1857-भय) के दबाव से बम्बई सरकार ने |
| दक्कन दंगा आयोग की रिपोर्ट कब पेश हुई? | 1878, ब्रिटिश पार्लियामेंट |
| आयोग का निष्कर्ष (पक्षधर)? | सरकारी माँग कारण नहीं; सारा दोष साहूकारों का — सरकार अपनी कार्रवाई को कारण मानने को “कदापि तैयार नहीं” |
| सरकारी रिपोर्टों की जाँच किनसे मिलाकर? | समाचारपत्र, गैर-सरकारी वृत्तांत, वैधिक अभिलेख, मौखिक स्रोत |
⚡ बिजली-राउंड
- दीवानी? → 1765
- रेग्यूलेटिंग एक्ट? → 1773