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समूह 1 — वापसी और पृष्ठभूमि
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| गाँधी भारत कब लौटे? | जनवरी 1915 — दो दशक विदेश (अधिकांश दक्षिण अफ्रीका) के बाद |
| दक्षिण अफ्रीका में क्या थे? | वकील के रूप में गए → भारतीय समुदाय के नेता बने |
| “दक्षिण अफ्रीका ने ही ‘महात्मा’ बनाया” — किसका कथन? | इतिहासकार चंद्रन देवनेसन |
| दक्षिण अफ्रीका में तीन कार्य? | पहली बार सत्याग्रह; धर्म-सौहार्द; उच्च जातियों को भेदभाव पर चेतावनी |
| प्रस्तावना के तीन विदेशी राष्ट्र-निर्माता? | गैरीबाल्डी (इटली), वाशिंगटन (अमेरिका), हो ची मिन्ह (वियतनाम) |
| ‘लाल, बाल, पाल’? | लाला लाजपत राय (पंजाब), बाल गंगाधर तिलक (महाराष्ट्र), विपिन चंद्र पाल (बंगाल) — स्वदेशी आंदोलन (1905-07) के नेता |
| उदारवादियों में दो नाम? | गोखले (गाँधी के मान्य राजनीतिक परामर्शदाता) व जिन्ना (गुजराती, लंदन-प्रशिक्षित वकील) |
| गोखले की सलाह? | एक वर्ष ब्रिटिश भारत की यात्रा — भूमि और लोगों को जानने के लिए |
समूह 2 — BHU से जलियाँवाला
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| पहली महत्त्वपूर्ण सार्वजनिक उपस्थिति? | फरवरी 1916 — BHU का उद्घाटन समारोह |
| BHU समारोह का निमंत्रण किस आधार पर मिला? | दक्षिण अफ्रीका के कार्य के आधार पर (भारत में अपेक्षाकृत अज्ञात) |
| BHU के भाषण में गाँधी ने किसे आड़े हाथों लिया? | भारतीय विशिष्ट वर्ग को — मज़दूर ग़रीबों की अनदेखी पर |
| “मुक्ति केवल…” — वाक्य? | ”…किसानों के माध्यम से ही हो सकती है। न वकील, न डॉक्टर, न ज़मींदार…” |
| BHU भाषण का दोहरा अर्थ? | तथ्य (राष्ट्रवाद विशिष्ट-वर्गीय) + मंशा (जनता का प्रतिनिधि बनाने की प्रथम सार्वजनिक उद्घोषणा) |
| लखनऊ कांग्रेस (दिसंबर 1916) में क्या हुआ? | चंपारन के किसान ने नील-उत्पादकों के अत्याचार बताए |
| 1917 — कहाँ, क्या? | चंपारन — काश्तकारी की सुरक्षा + फ़सल-चयन की आज़ादी |
| 1918 के दो अभियान? | अहमदाबाद (मिल-मज़दूरों की बेहतर स्थितियाँ); खेड़ा (फ़सल चौपट → लगान माफ़ी) |
| रॉलेट एक्ट क्या जारी रखता था? | युद्धकालीन प्रेस-प्रतिबंध व बिना जाँच कारावास (सिडनी रॉलेट समिति की संस्तुति) |
| पंजाब में ख़ास ग़ुस्सा क्यों? | युद्ध-सेवा के बदले ईनाम की अपेक्षा — मिला रॉलेट एक्ट |
| जलियाँवाला बाग — कब, क्या? | अप्रैल 1919, अमृतसर — ब्रिगेडियर के हुक्म से सभा पर गोली — 400+ मृत |
| गाँधी ‘सच्चे राष्ट्रीय नेता’ कब बने? | रॉलेट सत्याग्रह से |
समूह 3 — असहयोग-खिलाफ़त
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| असहयोग का कार्यक्रम? | स्कूल-कॉलेज-न्यायालय का त्याग; कर-बंदी; “ऐच्छिक संबंधों का परित्याग” |
| असहयोग से स्वराज कब तक का दावा था? | ठीक से पालन हो तो एक वर्ष के भीतर |
| खिलाफ़त के वर्ष व नेता? | 1919-1920; मुहम्मद अली और शौकत अली |
| ख़लीफ़ा-पद किसने समाप्त किया? | तुर्की शासक कमाल अतातुर्क ने |
| जज़ीरात-उल-अरब? | अरब, सीरिया, इराक, फिलिस्तीन — इस्लामी संप्रभुता की माँग |
| 1921 की हड़तालें? | 396 हड़तालें; 6 लाख श्रमिक; 70 लाख कार्यदिवसों का नुकसान |
| देहात की तीन कार्रवाइयाँ? | आंध्र — वन-क़ानून अवहेलना; अवध — कर-बंदी; कुमाऊँ — सामान ढोने से इनकार |
| असहयोग में भागीदारी का ख़ास पैटर्न? | “अपने हितों से मेल खाते तरीक़े” — कभी स्थानीय नेतृत्व की अवज्ञा भी |
| लुई फिशर कौन, क्या कहा? | गाँधी के अमरीकी जीवनी-लेखक; असहयोग “शांति से नकारात्मक, प्रभाव से सकारात्मक… स्वशासन का प्रशिक्षण” |
| असहयोग का ऐतिहासिक स्थान? | “1857 के बाद पहली बार… अंग्रेज़ी राज की नींव हिल गई” |
| चौरी-चौरा — कब, क्या, परिणाम? | फरवरी 1922, संयुक्त प्रांत — थाने पर आक्रमण-आग, पुलिसकर्मी मरे → आंदोलन तत्काल वापस |
| गाँधी की गिरफ़्तारी व सज़ा? | मार्च 1922, राजद्रोह; जज ब्रूमफील्ड — “महान देशभक्त और नेता” कहते हुए 6 वर्ष |
समूह 4 — ‘महात्मा’-छवि
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| गाँधी के वस्त्र बनाम अन्य नेता? | अन्य — पश्चिमी सूट/भारतीय बंदगला; गाँधी — साधारण धोती |
| गाँधी प्रतिदिन क्या करते थे? | कुछ समय चरखा चलाते; अन्य राष्ट्रवादियों को भी प्रोत्साहन |
| कताई का सामाजिक अर्थ? | मानसिक श्रम बनाम शारीरिक श्रम की (जाति-आधारित) दीवार तोड़ना |
| चरखे पर गाँधी की आपत्ति किससे? | “मशीन के प्रति सनक” से — ‘श्रम बचाने वाली’ मशीनरी जो हज़ारों को भूखा छोड़े |
| गाँधी धन का केंद्रीकरण कहाँ चाहते थे? | सभी के हाथों में (यंग इंडिया, 13-11-1924) |
| “मशीनरी का उत्कृष्ट नमूना”? | पहिया (चरखा) स्वयं (यंग इंडिया, 17-3-1927) |
| शाहिद अमीन का अध्ययन? | पूर्वी उ.प्र. के किसानों की गाँधी-कल्पना — स्थानीय प्रेस + अफ़वाहों से (‘गाँधी जी एज़ महात्मा’, सबाल्टर्न स्टडीज़ III) |
| फरवरी 1921 के स्टेशनों पर भीड़? | नूनखार-देवरिया-गौरी बाज़ार-चौरी चौरा-कुसुम्ही — 15-20 हज़ार; कुसुम्ही में 10,000+ |
| भेनी क्या? | दान — देवरिया के लोग देना चाहते थे |
| कड़ाहे वाली कसौटी किसकी? | बस्ती के सिकंदर साहू की — उबलता कड़ाहा दो भाग में टूटा |
| गेहूँ→तिल वाली? | आज़मगढ़ के किसान की |
| किसानों के लिए गाँधी-नाम? | ‘गाँधी बाबा’, ‘गाँधी महाराज’, ‘महात्मा’ — उद्धारक |
| गाँधी की जाति-पेशा? | जाति से व्यापारी; पेशे से वकील — पर सादगी से श्रमिकों से समानुभूति |
समूह 5 — संगठन और अनुयायी
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| रजवाड़ों में क्या स्थापित हुए? | ‘प्रजा मंडलों’ की शृंखला |
| संदेश किस भाषा में? | मातृभाषा में (शासकों की अंग्रेज़ी की जगह) |
| प्रांतीय समितियों का आधार? | भाषाई क्षेत्र (ब्रिटिश भारत की कृत्रिम सीमाओं की जगह) |
| खुला समर्थन देने वाला उद्योगपति? | जी.डी. बिड़ला |
| प्रशंसकों का विरोधाभास? | गरीब किसान + धनी उद्योगपति — कारण “भिन्न और संभवत: परस्पर विरोधी” |
| 1917-22 के प्रमुख अनुयायी (कोई पाँच)? | महादेव देसाई, वल्लभ भाई पटेल, जे.बी. कृपलानी, सुभाष चंद्र बोस, अबुल कलाम आज़ाद, जवाहरलाल नेहरू, सरोजिनी नायडू, गोविंद वल्लभ पंत, सी. राजगोपालाचारी |
| फरवरी 1924 की रिहाई के बाद ध्यान? | खादी को बढ़ावा; छुआछूत की समाप्ति |
| प्रसिद्ध सूत्र-वाक्य? | “गाँधी जी राजनीतिक जितने थे उतने ही वे समाज सुधारक थे” |
समूह 6 — पूर्ण स्वराज से दांडी
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| 1928 में किसका विरोध? | साइमन कमीशन (सभी श्वेत सदस्य) — गाँधी का आशीर्वाद; बारदोली को भी |
| लाहौर 1929 के दो महत्त्व? | नेहरू की अध्यक्षता (युवा पीढ़ी को छड़ी); ‘पूर्ण स्वराज’ की उद्घोषणा |
| पहला ‘स्वतंत्रता दिवस’? | 26 जनवरी 1930 — ध्वज, देशभक्ति-गीत; नगाड़े से समय-घोषणा |
| 26 जनवरी 1930 के दिन के रचनात्मक कार्य? | सूत कताई / ‘अछूतों’ की सेवा / हिंदू-मुस्लिम पुनर्मिलन — या सभी |
| स्वतंत्रता दिवस की प्रतिज्ञा का मुख्य अधिकार? | स्वतंत्रता-श्रमफल का “अहरणीय अधिकार”; दमनकारी सरकार को “बदलने अथवा समाप्त करने का भी अधिकार” |
| नमक-चयन क्यों ‘कुशल समझदारी’? | हर घर में अपरिहार्य; घरेलू निर्माण भी वर्जित; ऊँचे दाम; एकाधिपत्य बहुत अलोकप्रिय |
| नमक यात्रा — कब से कब तक? | 12 मार्च 1930 (साबरमती) से तीन हफ़्ते — 6 अप्रैल को नमक बनाया |
| नमक यात्रा की पूर्व-सूचना किसे दी थी? | वाइसराय लॉर्ड इर्विन को — जो महत्त्व नहीं समझ पाए |
| नमक-कर कितना हो सकता था? | कभी-कभी मूल्य का चौदह गुना |
| नमक एकाधिकार के चार अभिशाप? | ग्राम-उद्योग से वंचित; प्रकृति-संपदा का विनाश; अधिक राष्ट्रीय खर्च; भूखों से 1000%+ उगाही |
| 5 अप्रैल के भाषण का प्रसिद्ध वाक्य? | “जब एक पूरा राष्ट्र उठ खड़ा होता है… उसे नेता की ज़रूरत नहीं रह जाती” |
| नमक सत्याग्रह में कुल गिरफ़्तारियाँ? | लगभग 60,000 (गाँधी सहित) |
| वसना-भाषण की ‘सीढ़ियाँ’? | अछूतों की सेवा-प्रायश्चित; हिंदू-मुसलमान-पारसी-सिख की एकजुटता — “ये स्वराज की सीढ़ियाँ हैं” |
| टाइम का पहले-बाद का रुख़? | पहले — “तकुए जैसा शरीर”, “मरियल साधु” का मज़ाक; हफ़्ते में — “साधु” व “राजनेता” |
समूह 7 — गोलमेज़ और 1935-37
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| नमक यात्रा के तीन ऐतिहासिक महत्त्व? | विश्व की नज़र (यूरोपीय-अमेरिकी प्रेस); महिलाओं की पहली बड़ी भागीदारी; अंग्रेज़ों को राज की नश्वरता का अहसास |
| महिलाओं को जोड़ने की सलाह किसने दी? | समाजवादी कमलादेवी चट्टोपाध्याय ने |
| RTC-1 (नवंबर 1930) निरर्थक क्यों? | देश के प्रमुख नेता शामिल नहीं हुए |
| गाँधी-इर्विन समझौते (1931) की तीन शर्तें? | आंदोलन वापस; सारे क़ैदी रिहा; तटीय इलाकों में नमक-उत्पादन की अनुमति |
| गाँधी-इर्विन समझौते की आलोचना? | राजनीतिक स्वतंत्रता का आश्वासन नहीं — केवल वार्ताओं का |
| RTC-2 में कांग्रेस-दावे की तीन चुनौतियाँ? | मुस्लिम लीग (मुस्लिम हित); राजे-रजवाड़े (अपने भूभाग); अम्बेडकर (निचली जातियों का प्रतिनिधित्व नहीं) |
| गाँधी — पृथक निर्वाचिका पर? | ‘अस्पृश्यों’ की “दासता स्थायी”; कलंक मज़बूत; हल — अस्पृश्यता का विनाश |
| अम्बेडकर — पृथक निर्वाचिका पर? | दमित वर्ग का एकमात्र रास्ता — “राजनीतिक सत्ता में हिस्सा” |
| विलिंग्डन का ख़त? | “अगर गाँधी न होता तो यह दुनिया वाकई बहुत ख़ूबसूरत होती…” (बहन को निजी पत्र) |
| 1935 एक्ट में क्या आश्वासन? | सीमित प्रातिनिधिक शासन व्यवस्था |
| 1937 के चुनावों का परिणाम? | 11 में से 8 प्रांतों में कांग्रेस के ‘प्रधानमंत्री’ (ब्रिटिश गवर्नर की देखरेख में) |
समूह 8 — युद्ध से विभाजन
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| WW2 कब शुरू? | सितंबर 1939 |
| गाँधी-नेहरू का हिटलर पर रुख़? | दोनों हिटलर व नात्सियों के कट्टर आलोचक |
| द्वितीय विश्वयुद्ध में कांग्रेस का प्रस्ताव व परिणाम? | युद्धोत्तर स्वतंत्रता के बदले सहायता — ख़ारिज → अक्टूबर 1939 में मंत्रिमंडलों का इस्तीफ़ा |
| मार्च 1940 का लीग-प्रस्ताव? | मुस्लिम-बहुल इलाकों के लिए कुछ स्वायत्तता की माँग |
| 1940 के बाद संघर्ष किनके बीच था? | “तीन धुरियों” — कांग्रेस, मुस्लिम लीग, ब्रिटिश शासन |
| चर्चिल का प्रसिद्ध कथन? | “साम्राज्य को टुकड़े-टुकड़े करने के लिए सर्वोच्च मंत्री नियुक्त नहीं” |
| क्रिप्स-वार्ता (1942) क्यों टूटी? | कांग्रेस की माँग — कार्यकारी परिषद में भारतीय रक्षा-सदस्य पहले नियुक्त हो |
| भारत छोड़ो कब? | अगस्त 1942 — “अंग्रेज़ों भारत छोड़ो” |
| भूमिगत प्रतिरोध में सर्वाधिक सक्रिय? | जयप्रकाश नारायण जैसे कांग्रेस-समाजवादी |
| प्रतिसरकारें कहाँ? | पश्चिम में सतारा, पूर्व में मेदिनीपुर |
| सतारा-प्रतिसरकार की खूबियाँ? | सेवा दल-तूफ़ान दल; जन-अदालतें; रचनात्मक कार्य; कुनबी किसान + दलित समर्थन; 1946 चुनावों तक |
| भारत छोड़ो के दौर में लीग का लाभ? | पंजाब और सिंध में पहचान — जहाँ पहले ख़ास वजूद नहीं था |
| 1946-चुनावों का परिणाम? | सामान्य सीटें — कांग्रेस; मुस्लिम आरक्षित — लीग → “ध्रुवीकरण पूरा” |
| कैबिनेट मिशन (1946) का प्रयास? | सीमित प्रांतीय स्वायत्तता वाली संघीय व्यवस्था — विफल |
| प्रत्यक्ष कार्यवाही दिवस? | 16 अगस्त 1946 — कलकत्ता में ख़ूनी संघर्ष → बंगाल-बिहार-संयुक्त प्रांत-पंजाब |
| माउंटबेटन कब आए? | फरवरी 1947 (वावेल की जगह) |
| अंतिम घोषणा? | स्वतंत्रता + विभाजन; सत्ता-हस्तांतरण 15 अगस्त |
| ‘राष्ट्रपिता’ की उपाधि कब-किसने दी? | 15 अगस्त 1947 — दिल्ली में संविधान सभा के अध्यक्ष ने बैठक शुरू करते हुए |
समूह 9 — आख़िरी दिन
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| 15 अगस्त 1947 को गाँधी कहाँ? | कलकत्ता में — न कार्यक्रम, न झंडा; 24 घंटे का उपवास |
| स्वतंत्रता कैसी कीमत पर? | “अकल्पनीय कीमत” — राष्ट्र विभाजित; हिंदू-मुसलमान एक-दूसरे की गर्दन पर |
| तेंदुलकर कौन? | गाँधी के जीवनी-लेखक (डी.जी. तेंदुलकर) |
| कांग्रेस का प्रस्ताव? | ‘अल्पसंख्यकों के अधिकारों’ पर — गाँधी-नेहरू के आग्रह से |
| भारत कैसा राष्ट्र होगा (प्रस्ताव)? | “लोकतांत्रिक धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र” — धर्म-भेद बिना पूर्ण अधिकार व राज्य-संरक्षण |
| “श्रेष्ठतम क्षण” किसे कहा गया? | स्वतंत्रता के बाद के महीनों को (विद्वानों द्वारा) |
| दिल्ली-सभाओं में आपत्ति किस पर? | सभाओं में क़ुरान की आयतें पढ़ने की प्रथा पर (शरणार्थियों की) |
| 20 और 26 जनवरी 1948? | 20 — गाँधी पर हमला (अविचलित); 26 — “बुरी घड़ी बीत चुकी है” वाला प्रार्थना-प्रवचन |
| हत्या — कब, कहाँ, किसने? | 30 जनवरी 1948 की शाम, दैनिक प्रार्थना सभा में; बाद में आत्मसमर्पण करने वाला हत्यारा — नाथूराम गोडसे |
| दो विख्यात विदेशी शोक-संदेश? | जॉर्ज ऑरवेल और एलबर्ट आइंस्टीन |
| टाइम की तुलना? | अब्राहम लिंकन के बलिदान से — धर्मांध अमरीकी/धर्मांध हिंदू; समता/भाईचारे में विश्वास की कीमत |
समूह 10 — गाँधी को समझना (स्रोत)
| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| भाषण बनाम पत्र? | भाषण — सार्वजनिक विचार; पत्र — निजी झलक (गुस्सा-पीड़ा, आशाएँ-हताशाएँ) |
| गाँधी के पत्रों में निजी-सार्वजनिक भेद की सीमा? | कई पत्र जनता के लिए भी; प्रकाशन-आशंका से भाषा तय — मत स्वतंत्र नहीं रह पाता |
| गाँधी पत्र कहाँ छापते थे? | अपने अख़बार ‘हरिजन’ में |
| नेहरू का पत्र-संकलन? | ‘ए बंच ऑफ़ ओल्ड लेटर्स’ |
| 1936-संकट की जड़? | अध्यक्ष नेहरू के समाजवादी वक्तव्य बनाम प्रसाद-पटेल की CWC (इस्तीफ़ा-धमकी); उद्योगपतियों का बयान |
| 1936-संकट में मध्यस्थ कौन, कहाँ? | गाँधी — वर्धा में; नेहरू के तेवर पर अंकुश + नेहरू-नेतृत्व की अहमियत |
| “काँटों का ताज” क्या? | कांग्रेस की अध्यक्षता — बापू का नेहरू को पत्र: “भले ही सिर छिल जाए इसे उतारना मत” |
| आत्मकथा की परिभाषा-पंक्ति? | “आत्मकथा लिखना अपनी तस्वीर गढ़ने का एक तरीक़ा है” — चुप्पियों को पढ़ो |
| पाक्षिक रिपोर्टें कौन बनाता था? | गृह विभाग — हर पंद्रह दिन (पुलिस-सूचनाओं पर; पर ‘आला अधिकारी क्या मानना चाहते थे’ भी) |
| पाक्षिक रिपोर्टों में नमक-यात्रा की प्रस्तुति? | “एक नाटक, एक करतब… हताश कोशिश” |
| नेहरू की गिरफ़्तारी (रिपोर्ट से)? | 14 अप्रैल 1930 सुबह — नैनी सेंट्रल जेल — 6 माह |
| अख़बारों की सीमा? | प्रकाशकों के पूर्वाग्रह; लंदन बनाम राष्ट्रवादी रिपोर्टिंग भिन्न; “हर वक्तव्य यथार्थ का सच्चा ब्योरा नहीं” |
⚡ बिजली-राउंड
- लाहौर-पूर्ण स्वराज? → दिसंबर 1929
- गाँधी-इर्विन? → मार्च 1931