अध्याय 6भक्ति-सूफ़ी परंपराएँ

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प्रयोग: कक्षा-क्विज़, त्वरित पुनरावृत्ति, जोड़ी-कार्य प्रारूप: प्रश्न → उत्तर | कुल 16 समूह, 170+ कार्ड

समूह 1 — अध्याय की पद्धति व प्रस्तावना (10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1अध्याय की कालावधि?लगभग आठवीं से अठारहवीं सदी तक
2आठवीं से अठारहवीं सदी के नूतन साहित्यिक स्रोत?संत कवियों की रचनाएँ — जनसाधारण की क्षेत्रीय भाषाओं में, मौखिक रूप से
3संत कवियों की रचनाएँ कैसी थीं?“अधिकतर संगीतबद्ध”
4★संत कवियों की रचनाओं का संकलन कब हुआ?“संतों के अनुयायियों द्वारा उनकी मृत्यु के उपरांत”
5★★संतों की मृत्यु के बाद रचनाओं के संकलन से क्या समस्या पैदा होती है?अनुयायियों ने विचारों को “परिवर्तित कर दिया अथवा त्याग दिया”; “इन स्रोतों का मूल्यांकन इतिहासकारों के लिए एक चुनौती है”
6जीवनियों की सीमा?“अक्षरश: सत्य नहीं”
7★अक्षरश: सत्य न होने पर भी संतों की जीवनियों का मूल्य?“इनसे यह ज्ञात होता है कि अनुयायी इन पथ-प्रदर्शक स्त्री पुरुषों के जीवन को किस तरह से देखते थे”
8अध्याय की दो धुरियाँ?समन्वय व असहमति
9★★अध्याय का अंतिम निष्कर्ष?“धार्मिक परंपराएँ भी अन्य परंपराओं की तरह परिवर्तनशील हैं”
10इतिहासकार के लिए ‘निरंतरता’ का लाभ व चुनौती?लाभ: आज से तुलना संभव • चुनौती: “लोगों के लिए यह मानना आसान नहीं होता कि… बदलाव आया होगा”

समूह 2 — समन्वय व संघर्ष (§1) (11 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1★समन्वय की पहली प्रक्रिया?ब्राह्मणीय विचारधारा का प्रचार — पौराणिक ग्रंथों की रचना, संकलन व परिरक्षण
2पौराणिक ग्रंथ किनके लिए ग्राह्य थे?“सरल संस्कृत छंदों में… वैदिक विद्या से विहीन स्त्रियों और शूद्रों द्वारा भी”
3★समन्वय की दूसरी प्रक्रिया?“स्त्री, शूद्रों व अन्य सामाजिक वर्गों की आस्थाओं और आचरणों को ब्राह्मणों द्वारा स्वीकृत किया जाना और उसे एक नया रूप प्रदान करना”
4★समन्वय की दोनों प्रक्रियाओं पर NCERT का निष्कर्ष?""महान” संस्कृत-पौराणिक परिपाटी तथा “लघु” परंपरा के बीच हुए अविरल संवाद का परिणाम”
5समन्वय का सबसे विशिष्ट उदाहरण?पुरी (उड़ीसा) के जगन्नाथ
6‘जगन्नाथ’ का अर्थ?संपूर्ण विश्व का स्वामी
7★जगन्नाथ की प्रतिमा किससे व किसके द्वारा बनती है?लकड़ी से, स्थानीय जनजाति के विशेषज्ञों द्वारा — “पहले और आज भी”
8देवी की उपासना का रूप?“अधिकतर सिंदूर से पोते गए पत्थर के रूप में”
9स्थानीय देवियों को क्या स्थान मिला?लक्ष्मी (विष्णु की पत्नी) या पार्वती (शिव की पत्नी) के रूप में
10तांत्रिक पूजा-पद्धति की दो विशेषताएँ?स्त्री व पुरुष दोनों शामिल • वर्ग व वर्ण के भेद की अवहेलना
11★कौन-से वैदिक देवता गौण हो गए?अग्नि, इंद्र और सोम — “पर वेदों को प्रामाणिक माना जाता रहा”

समूह 3 — “महान” और “लघु” परंपराएँ (7 कार्ड)★★

#प्रश्नउत्तर
1‘महान’ और ‘लघु’ परंपरा शब्द किसने गढ़े?रॉबर्ट रेडफील्ड — बीसवीं शताब्दी के समाजशास्त्री
2रेडफील्ड ने ‘महान’ और ‘लघु’ परंपरा शब्द किस समाज के लिए गढ़े?एक कृषक समाज के सांस्कृतिक आचरणों का
3“महान” परंपरा क्या?प्रभुत्वशाली वर्ग (पुरोहित व राजा) द्वारा पालन किए जाने वाले कर्मकांड
4“लघु” परंपरा क्या?कृषक समुदाय के अन्य लोकाचार जो “इस महान परिपाटी से सर्वथा भिन्न” थे
5★रेडफील्ड ने और क्या देखा?“दोनों ही परंपराओं में समय के साथ हुए पारस्परिक आदान-प्रदान के कारण परिवर्तन हुए”
6★★विद्वान ‘महान’-‘लघु’ शब्दों की आलोचना क्यों करते हैं?“इन शब्दों में जो पदसोपानात्मक स्वर उभर कर आता है उसकी अवमानना करते हैं”
7★‘महान’-‘लघु’ शब्दों की आलोचना का समाधान क्या सुझाया गया?इन्हें उद्धरण-चिह्नों के साथ प्रस्तुत करना — “लघु” और “महान”

समूह 4 — भक्ति परंपरा : सामान्य (10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1भक्ति परंपरा की पहली विशेषता?संत कवि नेता के रूप में उभरे; उनके आस-पास भक्तजनों का समुदाय
2! भक्ति परंपरा की दूसरी (सूक्ष्म) विशेषता?“ब्राह्मण, देवताओं और भक्तजन के बीच महत्त्वपूर्ण बिचौलिए बने रहे”
3भक्ति परंपरा की तीसरी विशेषता?“इन परंपराओं ने स्त्रियों और “निम्न वर्णों” को भी स्वीकृति व स्थान दिया”
4★भक्ति परंपरा की चौथी विशेषता?“भक्ति परंपरा की एक और विशेषता इसकी विविधता है”
5★★इतिहासकार भक्ति को किन दो वर्गों में बाँटते हैं?सगुण और निर्गुण
6‘सगुण’ का अर्थ?विशेषण सहित — शिव, विष्णु, अवतार व देवियाँ; मूर्त रूप में
7‘निर्गुण’ का अर्थ?विशेषण विहीन — अमूर्त, निराकार ईश्वर
8निर्गुण के दो उदाहरण?कबीर, बाबा गुरु नानक
9सगुण के दो उदाहरण?अलवार-नयनार, मीराबाई
10भक्तिपूर्ण उपासना कितनी पुरानी थी?“लगभग एक हज़ार वर्ष पुरानी”

समूह 5 — अलवार और नयनार (12 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1अलवार किसके भक्त?विष्णु — “विष्णु भक्ति में तन्मय”
2नयनार किसके भक्त?शिव
3प्रारंभिक भक्ति आंदोलन कब?लगभग छठी शताब्दी
4अलवार-नयनार रचनाओं की भाषा?तमिल
5★अलवार-नयनारों ने पावन स्थलों के साथ क्या किया?“कुछ पावन स्थलों को अपने इष्ट का निवासस्थल घोषित किया”
6★अलवार-नयनारों के पावन स्थलों पर बाद में क्या हुआ?“इन्हीं स्थलों पर बाद में विशाल मंदिरों का निर्माण हुआ और वे तीर्थस्थल माने गए”
7★अलवार-नयनार संतों के साथ और क्या होता था?“इन संतों की प्रतिमा की भी पूजा की जाती थी”
8अलवारों का प्रमुख संकलन?नलयिरादिव्यप्रबंधम् — “चार हज़ार पावन रचनाएँ”
9कितने अलवारों की रचनाएँ? कब संकलित?बारह; दसवीं शताब्दी तक
10★नलयिरादिव्यप्रबंधम् को क्या कहा जाता था?तमिल वेद — “महत्व संस्कृत के चारों वेदों जितना”
11नयनारों का संकलन?तेवरम — अप्पार, संबंदर व सुंदरार की कविताएँ
12★तेवरम में वर्गीकरण किस आधार पर?संगीत के आधार पर

समूह 6 — जाति, स्त्री भक्त व राज्य (§2.2-2.4) (14 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1! जाति-आलोचना पर NCERT की भाषा?“कुछ इतिहासकारों का मानना है… कुछ हद तक यह बात सत्य प्रतीत होती है”
2भक्ति संत किन समुदायों से थे?ब्राह्मण, शिल्पकार, किसान, और कुछ उन जातियों से जिन्हें “अस्पृश्य” माना जाता था
3स्रोत 1 (वर्ण-व्यवस्था के परे भक्तों पर पद) के लेखक?तोंदराडिप्पोडी — एक ब्राह्मण अलवार
4स्रोत 1 (वर्ण-व्यवस्था के परे भक्तों पर पद) की मुख्य पंक्ति?“आप उन “दासों” को पसंद करते हैं… चाहे वे वर्ण-व्यवस्था के परे हों”
5स्रोत 2 (जाति-गोत्र की निरर्थकता पर पद) के लेखक व मुख्य पंक्ति?अप्पार (नयनार) — “हे धूर्तजन… तुम्हारा गोत्र और कुल भला किस काम का?”
6★अलवार-नयनार परंपरा की सबसे बड़ी विशिष्टता?“इसमें स्त्रियों की उपस्थिति थी”
7अंडाल कौन थीं?अलवार स्त्री — “स्वयं को विष्णु की प्रेयसी मानकर”; गीत आज भी गाए जाते हैं
8कराइक्काल अम्मइयार का मार्ग?घोर तपस्या का मार्ग (शिवभक्त, नयनार परंपरा)
9★★स्त्री भक्तों का NCERT का तीन-भागीय मूल्यांकन?सामाजिक कर्तव्यों का परित्याग • “वैकल्पिक व्यवस्था अथवा भिक्षुणी समुदाय की सदस्या नहीं बनीं” • पितृसत्तात्मक आदर्शों को चुनौती
10तमिल भक्ति रचनाओं की एक मुख्य विषयवस्तु?बौद्ध व जैन धर्म के प्रति विरोध (विशेषत: नयनार रचनाओं में)
11★बौद्ध-जैन विरोध पर इतिहासकारों की व्याख्या?“परस्पर विरोधी धार्मिक समुदायों में राजकीय अनुदान को लेकर प्रतिस्पर्धा थी”
12चोल-निर्मित तीन शिव मंदिर?चिदम्बरम, तंजावुर, गंगैकोंडचोलपुरम
13★★945 ईसवी के अभिलेख में क्या?परांतक प्रथम ने अप्पार, संबंदर व सुंदरार की धातु प्रतिमाएँ शिव मंदिर में स्थापित करवाईं; जुलूस में निकाली जाती थीं
14★शासकों को संत क्यों चाहिए थे?संत वेल्लाल कृषकों द्वारा सम्मानित थे; शासकों ने दैवीय समर्थन का दावा किया व सत्ता-प्रदर्शन के लिए मंदिर बनवाए

समूह 7 — वीरशैव / लिंगायत (10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1वीरशैव/लिंगायत आंदोलन कब व कहाँ?बारहवीं शताब्दी, कर्नाटक
2वीरशैव आंदोलन के नेता कौन?बासवन्ना (1106-68)
3★बासवन्ना की पृष्ठभूमि?ब्राह्मण; कलाचुरी राजा के दरबार में मंत्री
4दो नामों के अर्थ?वीरशैव = शिव के वीर • लिंगायत = लिंग धारण करने वाले
5लिंगायत पुरुष क्या धारण करते हैं?वाम स्कंध पर चाँदी के पिटारे में एक लघु लिंग
6‘जंगम’ कौन हैं?यायावर भिक्षु
7★लिंगायतों के मृत्यु संबंधी विश्वास?“मृत्योपरांत भक्त शिव में लीन हो जाएँगे तथा इस संसार में पुन: नहीं लौटेंगे”
8★मृत्यु के बाद शिव में लीन होने के विश्वास का लिंगायतों के आचार पर प्रभाव?श्राद्ध संस्कार का पालन नहीं; मृतकों को विधिपूर्वक दफ़नाते हैं
9★★लिंगायतों के चार विरोध/स्वीकृतियाँ?जाति की अवधारणा • “दूषित” होने की धारणा • पुनर्जन्म का सिद्धांत • वयस्क विवाह व विधवा पुनर्विवाह को मान्यता
10‘वचन’ क्या हैं?कन्नड़ भाषा में स्त्री-पुरुष दोनों द्वारा रची गई रचनाएँ

समूह 8 — स्रोत 4 : बसवन्ना का वचन (6 कार्ड)★★

#प्रश्नउत्तर
1स्रोत 4 में बसवन्ना के वचन का पहला विरोधाभास?पत्थर के साँप को दूध चढ़ाते हैं; असली साँप आ जाए तो “मारो-मारो”
2स्रोत 4 में बसवन्ना के वचन का दूसरा विरोधाभास?जीवित सेवक को “चले जाओ”; प्रतिमा को, जो खा नहीं सकती, व्यंजन परोसते हैं
3★बसवन्ना का रवैया?अनुष्ठान मात्र का नहीं — उस पाखंड का विरोध जिसमें प्रतीक की पूजा, जीवित प्राणी की उपेक्षा
4बसवन्ना के लिए क्या बड़ा है?आचरण, अनुष्ठान से
5★बसवन्ना की समझाने की विधि?रोज़मर्रा की छवियाँ • कोई शास्त्रीय शब्दावली नहीं • उपदेश नहीं, दृश्य • सरल कन्नड़
6बसवन्ना पर कक्षा-सूत्र?“उन्होंने तर्क नहीं दिया — उन्होंने आईना दिखाया।”

समूह 9 — उत्तरी भारत में उफ़ान (§4) (8 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1★NCERT का अपना प्रश्न?“अलवार-नयनार जैसा कोई ग्रंथ चौदहवीं शताब्दी तक उत्तरी भारत से प्राप्त नहीं हुआ। इस भिन्नता की क्या वजह हो सकती है?”
2उत्तरी भारत में ग्रंथ न मिलने पर NCERT का सुझाव?राजपूत राज्यों का उद्भव; ब्राह्मणों का महत्त्वपूर्ण स्थान; “प्रभुसत्ता को सीधे चुनौती देने का प्रयास शायद ही किसी ने किया”
3कौन-से नए धार्मिक नेता उभरे?नाथ, जोगी और सिद्ध — “रूढ़िवादी ब्राह्मणीय साँचे के बाहर”
4नाथ, जोगी और सिद्धों का सामाजिक आधार?शिल्पी समुदाय, जिनमें जुलाहे शामिल थे
5★★नाथ, जोगी और सिद्धों का महत्त्व क्यों बढ़ा?नगरीय केंद्रों का विस्तार + मध्य व पश्चिमी एशिया से व्यापार → दस्तकारी की माँग बढ़ी
6नाथ, जोगी और सिद्धों ने किसे चुनौती दी?वेदों की सत्ता को; विचार आम लोगों की भाषा में रखे
7★नाथ, जोगी और सिद्धों की आम बोलचाल की भाषाओं का क्या हुआ?“समय के साथ यह भाषाएँ उस रूप में विकसित हुईं जिस तरह आज भी प्रयोग में लाई जाती हैं”
8! नाथ, जोगी और सिद्धों की सीमा?“विशिष्ट शासक वर्ग का प्रश्रय हासिल करने की स्थिति में नहीं थे”

समूह 10 — इस्लामी परंपराएँ (§5) (13 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1711 ई. में क्या हुआ?मुहम्मद बिन कासिम ने सिंध विजित किया; ख़लीफ़ा के क्षेत्र में शामिल
2‘उलमा’ कौन थे?इस्लाम धर्म के ज्ञाता; धार्मिक, कानूनी व अध्यापन संबंधी ज़िम्मेदारी
3शरिया किस पर आधारित है?कुरान शरीफ़ और हदीस
4‘हदीस’ का अर्थ?पैग़म्बर साहब से जुड़ी परंपराएँ — “उनके स्मृत शब्द और क्रियाकलाप”
5★बाद में जुड़े दो स्रोत?क़ियास (सदृशता के आधार पर तर्क) व इजमा (समुदाय की सहमति)
6★★क़ियास और इजमा क्यों जुड़े?“जब अरब क्षेत्र से बाहर इस्लाम का प्रसार हुआ जहाँ के आचार-व्यवहार भिन्न थे”
7‘ज़िम्मी’ का अर्थ?संरक्षित श्रेणी (अरबी ‘ज़िम्मा’ से)
8‘जज़िया’ क्या था?वह कर जिसे चुकाकर मुसलमान शासकों द्वारा संरक्षण मिलता था
9★भारत में ज़िम्मी में कौन शामिल हुए?हिंदू भी
10★★शासकों की व्यावहारिक नीति?“काफ़ी लचीली नीति” — भूमि अनुदान व कर की छूट हिंदू, जैन, पारसी, ईसाई व यहूदी धर्मसंस्थाओं को
11किन मुगल बादशाहों ने ऐसे अनुदान दिए?“अनेक मुगल बादशाहों जिनमें अकबर और औरंगज़ेब शामिल थे”
12इस्लाम की पाँच ‘बातें’?अल्लाह एकमात्र ईश्वर • पैगम्बर उनके दूत (शाहद) • पाँच बार नमाज़ • ज़कात • रोज़ा व हज
13★इस्लाम की पाँच बातें एक होने पर भी व्यवहार में भिन्नता क्यों?सांप्रदायिक (शिया-सुन्नी) वजहों से तथा स्थानीय लोकाचारों के प्रभाव से

समूह 11 — लोक-इस्लाम, मस्जिद व समुदायों के नाम (12 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1खोजा इस्माइली समुदाय ने क्या किया?कुरान के विचारों की अभिव्यक्ति के लिए देशी साहित्यिक विधा — जीनन
2‘जीनन’ शब्द किससे?संस्कृत शब्द ‘ज्ञान’ से
3जीनन किन भाषाओं में?पंजाबी, मुल्तानी, सिंधी, कच्छी, हिंदी, गुजराती
4★मालाबार के अरब व्यापारियों ने क्या अपनाया?मलयालम भाषा + मातृकुलीयता व मातृगृहता
5‘मातृगृहता’ क्या है?“स्त्रियाँ विवाह के बाद अपने मायके में ही अपनी संतान के साथ रहती हैं”
6★मस्जिद के सार्वभौमिक तत्व?मक्का की तरफ़ अनुस्थापन — मेहराब व मिम्बर से लक्षित
7‘मेहराब’ व ‘मिम्बर’ क्या?प्रार्थना का आला व व्यासपीठ
8★मस्जिदों के भिन्न (स्थानीय) तत्व?छत और निर्माण का सामान
9स्थानीय तत्वों वाली मस्जिदों के तीन उदाहरण?केरल (13वीं सदी, शिखर जैसी छत) • अतिया मस्जिद (1609, ईंट, बांग्लादेश) • शाह हमदान (1395, लकड़ी, श्रीनगर)
10★8वीं-14वीं सदी के ग्रंथों में ‘मुसलमान’ शब्द?“शायद ही कहीं प्रयोग हुआ हो”
11★8वीं-14वीं सदी के ग्रंथों में लोगों का वर्गीकरण किस आधार पर होता था?जन्मस्थान के आधार पर — तुरुष्क, ताजिक, पारसीक, शक, यवन
12★‘म्लेच्छ’ का आशय?“वर्ण नियमों का पालन नहीं करते थे और ऐसी भाषाएँ बोलते थे जो संस्कृत से नहीं उपजी थीं”

समूह 12 — सूफ़ीमत : विश्वास व संस्थाएँ (16 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1सूफ़ीमत किसके विरुद्ध उभरा?खिलाफ़त की बढ़ती विषयशक्ति के विरुद्ध
2सूफ़ियों का झुकाव किस ओर?रहस्यवाद और वैराग्य
3सूफ़ीमत की पहली मूल स्थापना?रूढ़िवादी बौद्धिक व्याख्या की आलोचना
4सूफ़ीमत की दूसरी मूल स्थापना?मुक्ति के लिए ईश्वर की भक्ति व आदेशों का पालन
5सूफ़ीमत की तीसरी मूल स्थापना?पैगम्बर मोहम्मद = इंसान-ए-कामिल; उनका अनुसरण
6★सूफ़ीमत की चौथी मूल स्थापना?“कुरान की व्याख्या अपने निजी अनुभवों के आधार पर”
7★‘सूफ़ीवाद’ शब्द कब का?उन्नीसवीं शताब्दी में मुद्रित एक अंग्रेज़ी शब्द
8सूफ़ी परंपरा का अपना शब्द?तसव्वुफ़
9‘सूफ़ी’ शब्द की व्युत्पत्ति के तीन मत?सूफ़ (ऊन) • सफ़ा (साफ़) • सुफ़्फ़ा (पैगम्बर की मस्जिद के बाहर का चबूतरा)
10‘ख़ानक़ाह’ क्या?संगठित सूफ़ी समुदाय का केंद्र (फ़ारसी)
11ख़ानक़ाह का नियंत्रण किसके हाथ?शेख़ (अरबी), पीर अथवा मुर्शीद (फ़ारसी)
12‘मुरीद’ व ‘खलीफ़ा’ कौन?अनुयायी व वारिस/उत्तराधिकारी
13★★‘सिलसिला’ का शाब्दिक अर्थ?ज़ंजीर — “पहली अटूट कड़ी पैगम्बर मोहम्मद से जुड़ी है”
14सूफ़ी सिलसिले में दीक्षा के अनुष्ठान?निष्ठा का वचन • सिर मुँड़ाना • थेगड़ी लगे वस्त्र
15सिलसिलों के नाम कैसे पड़े?संस्थापक पर (कादरी — अब्दुल कादिर जिलानी) या जन्मस्थान पर (चिश्ती — अफ़गानिस्तान का चिश्ती शहर)
16★‘वली’ कौन?ईश्वर का मित्र — जो बरकत से करामात करने की शक्ति रखता था

समूह 13 — दरगाह, उर्स व बा/बे-शरिया (10 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1‘दरगाह’ का फ़ारसी अर्थ?दरबार
2‘ज़ियारत’ क्या?दरगाह की तीर्थयात्रा
3★‘उर्स’ का अर्थ?विवाह — “पीर की आत्मा का ईश्वर से मिलन”
4★★उर्स क्यों मनाया जाता है?“मृत्यु के बाद पीर ईश्वर से एकीभूत हो जाते हैं और पहले के बजाय उनके अधिक करीब हो जाते हैं”
5लोग दरगाह क्यों जाते थे?आध्यात्मिक और ऐहिक कामनाओं की पूर्ति के लिए आशीर्वाद लेने
6★बे-शरिया कौन थे?जिन्होंने ख़ानक़ाह का तिरस्कार किया; फकीर की ज़िंदगी बिताते थे
7बे-शरिया ने किसे गौरव दिया?निर्धनता और ब्रह्मचर्य को
8बे-शरिया सूफ़ियों के नाम?कलंदर, मदारी, मलंग, हैदरी
9बा-शरिया कौन?शरिया का पालन करने वाले सूफ़ी
10★बा-शरिया और बे-शरिया में समानता?दोनों रहस्यवादी हैं; दोनों सूफ़ी हैं; दोनों ईश्वर से निकटता चाहते हैं

समूह 14 — चिश्ती सिलसिला (16 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1★चिश्ती सबसे प्रभावशाली क्यों?“स्थानीय परिवेश में अच्छी तरह ढाला अपितु भारतीय भक्ति परंपरा की कई विशिष्टताओं को भी अपनाया”
2शेख़ मुइनुद्दीन चिश्ती — मृत्यु व दरगाह?1235; अजमेर (राजस्थान)
3ख़्वाजा कुतुबुद्दीन बख़्तियार काकी?1235; दिल्ली
4शेख़ फरीदुद्दीन गंज-ए-शकर?1265; अजोधन (पाकिस्तान)
5शेख़ निज़ामुद्दीन औलिया?1325; दिल्ली
6शेख़ नसीरुद्दीन चिराग-ए-देहली?1356; दिल्ली
7निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह कहाँ?दिल्ली की बाहरी सीमा पर यमुना किनारे ग़ियासपुर
8निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह में बड़ा हाल क्या कहलाता था?जमातख़ाना
9★निज़ामुद्दीन औलिया की ख़ानक़ाह की एक असाधारण घटना?“मंगोल आक्रमण के समय पड़ोसी क्षेत्र के लोगों ने ख़ानक़ाह में शरण ली”
10ख़ानक़ाह का लंगर किस पर चलता था?फ़ुतूह — बिना माँगी खैर
11★★ख़ानक़ाह के आगंतुक कौन-कौन?सिपाही, गुलाम, गायक, व्यापारी, कवि, राहगीर, धनी, निर्धन, हिंदू जोगी, कलंदर
12आगंतुक ख़ानक़ाह में क्यों आते थे?अनुयायी बनने • इबादत करने • ताबीज़ लेने • शेख़ की मध्यस्थता के लिए
13ख़ानक़ाह के तीन प्रसिद्ध आगंतुक?अमीर हसन सिजज़ी, अमीर खुसरो, ज़ियाउद्दीन बरनी
14★★स्थानीय परंपराओं के आत्मसातीकरण के चार व्यवहार?शेख़ के सामने झुकना • पानी पिलाना • सिर मुंडन • यौगिक व्यायाम
15ख़्वाजा मुइनुद्दीन को क्या कहा जाता है?‘ग़रीब नवाज़’
16★अकबर व अजमेर?चौदह बार आया; 1580 तक परंपरा; 1568 में विशाल देग़ भेंट; अहाते में मस्जिद बनवाई

समूह 15 — भाषा, समा व सूफ़ी-राज्य (12 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1‘ज़िक्र’ व ‘समा’ क्या?ईश्वर का नाम-जाप व श्रवण/आध्यात्मिक संगीत की महफ़िल
2★समा का महत्त्व क्या सिद्ध करता है?“चिश्ती स्थानीय भक्ति परंपरा से जुड़े”
3अमीर खुसरो का काल व पहचान?1253-1325; कवि, संगीतज्ञ, निज़ामुद्दीन औलिया के अनुयायी
4★अमीर खुसरो ने क्या प्रचलित किया?कौल (अरबी — ‘कहावत’) — कव्वाली के शुरू और आखिर में गाया जाता
5कौल के बाद क्या होता था?सूफ़ी कविता का पाठ — फारसी, हिंदवी अथवा उर्दू में; “कभी-कभी तीनों ही भाषाओं के शब्द”
6दिल्ली में चिश्ती किस भाषा में बात करते थे?हिंदवी
7★बाबा फरीद की रचनाएँ कहाँ संकलित?गुरु ग्रंथ साहिब में
8‘मसनवी’ क्या?लंबी कविताएँ — “ईश्वर के प्रति प्रेम को मानवीय प्रेम के रूपक द्वारा”
9★★‘पद्मावत’ किसकी रचना? विषय?मलिक मोहम्मद जायसी; पद्मिनी व चित्तौड़ के राजा रतनसेन की प्रेम कथा — “प्रतीक है आत्मा की परमात्मा तक पहुँचने की यात्रा का”
10★दक्खनी कविताएँ कहाँ व किसने रचीं?बीजापुर, कर्नाटक के आसपास; 17वीं-18वीं सदी के चिश्ती संतों ने
11★★दक्खनी कविताएँ कब गाई जाती थीं?“औरतों द्वारा घर का काम जैसे चक्की पीसते और चरखा कातते हुए”
12★★सुल्तानों ने सूफ़ियों का सहारा क्यों लिया?“सुल्तान जानते थे कि उनकी अधिकांश प्रजा इस्लाम धर्म मानने वाली नहीं है”; सूफ़ी की सत्ता अल्लाह से उद्भूत थी, उलमा की व्याख्या पर निर्भर नहीं

समूह 16 — कबीर, नानक व मीराबाई (16 कार्ड)

#प्रश्नउत्तर
1कबीर का काल?लगभग चौदहवीं-पंद्रहवीं शताब्दी
2★तीन संकलन?कबीर बीजक (वाराणसी) • कबीर ग्रंथावली (राजस्थान, दादू पंथी) • आदि ग्रंथ साहिब
3! कबीर की रचनाओं के संकलन कब हुए?“कबीर की मृत्यु के बहुत बाद”; उन्नीसवीं शताब्दी में मुद्रण
4‘उलटबाँसी’ क्या?उलटी कही उक्तियाँ — “परम सत्य के स्वरूप को समझने की मुश्किल दर्शाता है”
5★★कबीर ने किन तीन परंपराओं की शब्दावली ली?इस्लामी (अल्लाह, खुदा, हजरत, पीर) • वेदांत (अलख, निराकार, ब्रह्मन्, आत्मन्) • योगी (शब्द, शून्य)
6★स्रोत 10 (कबीर के पद) की निर्णायक पंक्ति?“विभिन्नताएँ तो केवल शब्दों में हैं जिनका आविष्कार हम स्वयं करते हैं”
7★NCERT की स्रोत-आलोचना (रामानंद)?“कबीर और रामानंद का समकालीन होना मुश्किल प्रतीत होता है… अत: वे परंपराएँ स्वीकार नहीं की जा सकतीं”
8★कबीर-रामानंद संबंध की परंपराओं का फिर भी क्या मूल्य है?“उनसे यह अवश्य पता चलता है कि कबीर की विरासत बाद की पीढ़ी के लिए कितनी महत्त्वपूर्ण थी”
9बाबा गुरु नानक का काल व जन्मस्थल?1469-1539; ननकाना (पंजाब), रावी नदी के पास
10बाबा गुरु नानक ने किसका प्रचार किया?निर्गुण भक्ति
11★बाबा गुरु नानक ने क्या अस्वीकार किया?यज्ञ, आनुष्ठानिक स्नान, मूर्ति पूजा, कठोर तप; तथा हिन्दू व मुसलमानों के धर्मग्रंथ
12गुरु नानक का सेवक कौन व क्या बजाता था?मरदाना; रबाब
13★‘संगत’ क्या?सामुदायिक उपासना — “जहाँ सामूहिक रूप से पाठ होता था”
14★★आदि ग्रंथ साहिब में किनकी बानी?बाबा गुरु नानक + चार उत्तराधिकारी + बाबा फरीद + रविदास + कबीर
15मीराबाई कहाँ की थीं?मारवाड़ के मेड़ता जिले की राजपूत राजकुमारी; विवाह मेवाड़ के सिसोदिया कुल में
16★★मीराबाई की विशिष्टता?कोई मंडली/पंथ नहीं बना, फिर भी “शताब्दियों से प्रेरणा का स्रोत”; पद आज भी गुजरात व राजस्थान के ग़रीबों द्वारा गाए जाते हैं

बोनस समूह — पुनर्निर्माण के स्रोत (§9) (8 कार्ड)★★

#प्रश्नउत्तर
1कश्फ-उल-महजूब किसने लिखी?अली बिन उस्मान हुजविरी (मृत्यु 1071) — सूफ़ी विचारों व आचारों पर प्रबंध पुस्तिका
2★कश्फ-उल-महजूब का महत्त्व?“यह जानने में मदद करता है कि उपमहाद्वीप के बाहर की परंपराओं ने भारत में सूफ़ी चिंतन को किस तरह प्रभावित किया”
3मलफ़ुज़ात क्या?सूफ़ी संतों की बातचीत
4मलफ़ुज़ात का आरंभिक ग्रंथ?फवाइद-अल-फुआद — अमीर हसन सिजज़ी देहलवी द्वारा संकलित; निज़ामुद्दीन औलिया पर आधारित
5मक्तूबात क्या?लिखे हुए पत्रों का संकलन — उदा. मक्तूबात-ए-इमाम रब्बानी, शेख़ अहमद सरहिंदी (मृत्यु 1624)
6तज़्किरा क्या?सूफ़ी संतों की जीवनियों का स्मरण
7★तज़्किरा लेखकों का उद्देश्य?“अपने सिलसिले की प्रधानता स्थापित करना और… अपनी आध्यात्मिक वंशावली की महिमा का बखान करना”
8★★स्रोतों की तीन नियति?सुरक्षित • संशोधित • विस्मृत — “कुछ संदेश ऐसे भी थे जो हमेशा के लिए विस्मृत हो गए”