अध्याय 10विद्रोही और राज

प्रश्न बैंक20 मिनट

RBSE/CBSE बोर्ड पैटर्न पर आधारित | उत्तर-संकेत सहित

खंड क — बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) [1 अंक]

11857 का विद्रोह कब और कहाँ से शुरू हुआ?

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सही उत्तर: (ब) 10 मई, मेरठ

2मेरठ से चले सिपाहियों का जत्था 11 मई को तड़के कहाँ पहुँचा?

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सही उत्तर: (स) लाल क़िले के फाटक पर

3विद्रोह को वैधता कैसे मिली?

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सही उत्तर: (ब) मुग़ल बादशाह के नाम पर चलाए जाने से

4‘फ़िरंगी’ शब्द किस भाषा का है?

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सही उत्तर: (स) फ़ारसी

57वीं अवध इर्रेग्युलर कैवेलरी ने अपने फ़ैसले की सूचना किसे दी?

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सही उत्तर: (ब) 48वीं नेटिव इन्फेंट्री

6सिपाही-पंचायतें रात में कहाँ जुटती थीं (चार्ल्स बॉल के अनुसार)?

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सही उत्तर: (ब) कानपुर सिपाही लाइनें

7कानपुर में विद्रोह की बागडोर किसे संभालनी पड़ी?

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सही उत्तर: (स) नाना साहिब

8लखनऊ में किसे नेता घोषित किया गया?

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सही उत्तर: (ब) बिरजिस क़द्र

9सिंहभूम (छोटा नागपुर) में कोल आदिवासियों का नेतृत्व किसने किया?

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सही उत्तर: (ब) गोनू

10मौलवी अहमदुल्ला शाह को लोग किस नाम से पुकारते थे?

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सही उत्तर: (ब) डंका शाह

11चिनहाट के संघर्ष में किसकी अगुवाई वाली टुकड़ियों की हार हुई?

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सही उत्तर: (स) हेनरी लॉरेंस

12कारतूस-अफ़वाह के स्रोत की रिपोर्ट किसने लिखी थी?

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सही उत्तर: (ब) कैप्टेन राइट

13भविष्यवाणी के अनुसार अंग्रेज़ी राज कब ख़त्म होना था?

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सही उत्तर: (स) 23 जून 1857

14सहायक संधि की व्यवस्था किसने तैयार की थी?

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सही उत्तर: (स) लॉर्ड वेलेज़्ली (1798)

15अवध को “बंगाल आर्मी की पौधशाला” क्यों कहा जाता था?

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सही उत्तर: (ब) बंगाल आर्मी के बहुत सारे सिपाही अवध के गाँवों से भर्ती होते थे

16एकमुश्त बंदोबस्त के बाद अवध में ताल्लुक़दारों के गाँव 67% से घटकर कितने रह गए?

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सही उत्तर: (स) 38%

17आज़मगढ़ घोषणा कब जारी हुई?

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सही उत्तर: (ब) 25 अगस्त 1857

18बरेली के हिंदुओं को मुसलमानों के ख़िलाफ़ भड़काने के लिए अंग्रेज़ों ने कितना खर्च किया?

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सही उत्तर: (स) 50,000 रु.

19‘द रिलीफ़ ऑफ़ लखनऊ’ चित्र किसने बनाया?

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सही उत्तर: (ब) टॉमस जोन्स बार्कर

20“खूब लड़ी मर्दानी वो तो झाँसी वाली रानी थी” — पंक्ति किसकी है?

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सही उत्तर: (ब) सुभद्रा कुमारी चौहान

खंड ख — रिक्त स्थान [1 अंक]

111 मई 1857 को ________ का महीना चल रहा था और बहादुर शाह सहरी खाकर उठे थे।

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[रमज़ान]

2एक ब्रिटिश अफ़सर के अनुसार ब्रिटिश शासन ”________ की तरह बिखर गया।”

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[ताश के क़िले]

3विद्रोह के दौरान हिंदी, उर्दू और ________ में अपीलें जारी हो रही थीं।

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[फ़ारसी]

4सीतापुर के देसी ईसाई पुलिस इंसपेक्टर का नाम ________ था।

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[फ्रांस्वाँ सिस्टन]

5शाह मल का जाट कुटुम्ब ________ देस (चौरासी गाँव) में फैला हुआ था।

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[चौरासी]

6शाह मल ने अंग्रेज़ अफ़सर के बंगले को ________ का नाम दिया।

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[“न्याय भवन”]

7कारतूस-विवाद वाली अफ़वाह ________ स्थित शस्त्रागार से शुरू बताई जाती है।

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[दम दम]

8सती प्रथा ________ ई. में ख़त्म की गई।

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[1829]

91851 में लॉर्ड डलहौज़ी ने अवध को ”________” कहा था।

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[गिलास फल (चेरी)]

10अंग्रेज़ों की दिलचस्पी थी कि अवध की ज़मीन ________ और कपास की खेती के लिए मुफ़ीद थी।

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[नील]

खंड ग — एक पंक्ति में उत्तर [1 अंक]

1मेरठ में विद्रोह की शुरुआत किस सेना-इकाई से हुई?

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भारतीय सैनिकों से बनी पैदल सेना से

2सिपाहियों ने दिल्ली से जोड़ने वाली कौन-सी व्यवस्था काटी?

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टेलीग्राफ़ लाइन

3विद्रोह की कार्रवाई का संकेत क्या होता था?

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कई जगह शाम की तोप का गोला या बिगुल

4लखनऊ-कानपुर-बरेली में सिपाहियों के अलावा किन पर हमले हुए?

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साहूकारों और अमीरों पर

5बिजनौर के विद्रोहियों का सबसे बड़ा नेता कौन निकला?

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बिजनौर का (मुस्लिम) तहसीलदार

6रानी लक्ष्मीबाई ने बग़ावत का नेतृत्व किसके दबाव में संभाला?

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आम जनता के दबाव में

7आरा (बिहार) में नेतृत्व किसने किया?

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स्थानीय ज़मींदार कुँवर सिंह ने

8नाना साहिब 1858 के अंत में कहाँ चले गए?

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भागकर नेपाल

9मौलवी अहमदुल्ला शाह किस रेजीमेंट के नेता चुने गए?

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22वीं नेटिव इन्फेंट्री के विद्रोहियों द्वारा

10चपाती-वितरण का क्रम क्या था?

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रात में एक आदमी चौकीदार को एक चपाती देता और पाँच और बनाकर अगले गाँवों में पहुँचाने का निर्देश देता

11किन बहानों से अवध, झाँसी, सतारा हड़पे गए?

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“शासकीय दुर्बलता और दत्तकता को अवैध घोषित कर देने जैसे बहानों” से

12वाजिद अली शाह को कहाँ निष्कासित किया गया?

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कलकत्ता

13अवध के प्रतिरोध में नवाब-पक्ष का नेतृत्व लखनऊ में किसके खेमे से हुआ?

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बेगम हज़रत महल (नवाब की पत्नी) के खेमे से

14मार्शल लॉ के अंतर्गत विद्रोह की एकमात्र सज़ा?

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सज़ा-ए-मौत

15सिकंदरा बाग में कैम्पबेल के नेतृत्व में कितने विद्रोही मारे गए थे?

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2000 से ज़्यादा

खंड घ — अति लघूत्तरात्मक [2 अंक]

1बहादुर शाह ने विद्रोह का नेतृत्व किन परिस्थितियों में स्वीकार किया?

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सिपाहियों ने दरबारी शिष्टाचार तोड़कर क़िले में घुसकर आशीर्वाद/नेतृत्व की माँग की; बादशाह पहले भयभीत-बैचेन; सिपाहियों से घिरे होने पर “नाममात्र का नेता” बनने के सिवा कोई चारा नहीं बचा।

2विद्रोही रिकॉर्ड-दफ़्तरों और बही-खातों को क्यों जलाते थे?

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रिकॉर्ड-बंधपत्र औपनिवेशिक/महाजनी शोषण के दस्तावेज़ी आधार थे — लगान-बकाया, क़र्ज़, मुकदमे इन्हीं पर टिके थे; इन्हें जलाना उत्पीड़न के प्रतीकों पर हमला और अपने ऊपर के दावों को मिटाना था।

3सिस्टन-तहसीलदार प्रकरण से संचार-व्यवस्था के बारे में क्या पता चलता है?

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योजनाएँ अनौपचारिक-गोपनीय संकेतों में साझा होती थीं (“इस बार हम कामयाब होंगे”); वेश-भूषा व तौर-तरीक़ों (हिंदुस्तानी कपड़े, आलथी-पालथी) जैसे सांस्कृतिक चिह्नों से ‘अपने-पराए’ की पहचान होती थी।

4शाह मल ने पुल ध्वस्त और सड़कें क्यों खुदवाईं?

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(1) सरकारी फ़ौजों का रास्ता रोकने के लिए; (2) क्योंकि “पुलों और सड़कों को ब्रिटिश शासन का प्रतीक” माना जाता था।

5लोग मौलवी अहमदुल्ला शाह की ओर क्यों आकर्षित होते थे?

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बहादुरी-ताक़त की ख्याति; विश्वास कि उन्हें कोई हरा नहीं सकता, उनके पास जादुई शक्तियाँ हैं और अंग्रेज़ उनका बाल भी बाँका नहीं कर सकते — “काफ़ी हद तक इसी विश्वास के कारण उन्हें लोगों में इतना अधिकार प्राप्त था।”

6कैप्टेन राइट की रिपोर्ट में कारतूस-अफ़वाह का स्रोत क्या बताया गया?

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दम दम शस्त्रागार में “नीची जाति” के खलासी ने ब्राह्मण सिपाही से पानी माँगा; इनकार पर कहा — “जल्दी ही तुम्हारी जाति भ्रष्ट होने वाली है क्योंकि अब तुम्हें गाय-सुअर की चर्बी लगे कारतूस मुँह से खींचने पड़ेंगे” (जनवरी 1857)।

7NCERT के अनुसार अफ़वाहों की ताक़त को कैसे समझा जाना चाहिए?

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इस आधार पर नहीं कि वे सच थीं या नहीं — बल्कि इनसे यक़ीन करने वालों की मानसिकता (भय, आशंकाएँ, विश्वास, प्रतिबद्धताएँ) पढ़नी चाहिए; “अफ़वाह तभी फैलती है जब उसमें लोगों के ज़हन में गहरे दबे डर और संदेह की अनुगूँज सुनाई देती है।”

8सहायक संधि (1798) की चार शर्तें लिखिए।

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(क) सहयोगी की बाहरी-आंतरिक चुनौतियों से रक्षा अंग्रेज़ करेंगे; (ख) सहयोगी के भूक्षेत्र में ब्रिटिश सैनिक टुकड़ी तैनात; (ग) उस टुकड़ी के रख-रखाव की व्यवस्था सहयोगी करेगा; (घ) सहयोगी न अन्य शासक से संधि करेगा, न बिना अनुमति युद्ध।

9“देह से जान जा चुकी थी” — यह कथन किस संदर्भ में और क्यों कहा गया?

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वाजिद अली शाह के निष्कासन (1856) पर लखनऊ की दशा के बारे में एक समकालीन प्रेक्षक का कथन — शहर की काया बेजान; हर सड़क-बाज़ार-घर से जान-ए-आलम से बिछड़ने का विलाप — नवाब के प्रति जनता के गहरे लगाव और अधिग्रहण से उपजे शोक का प्रमाण।

101820 के दशक बनाम 1840 के दशक — अंग्रेज़ अफ़सरों के सिपाहियों से रिश्तों में क्या बदलाव आया?

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1820s: दोस्ताना ताल्लुक़ात — मौजमस्ती-मल्ल युद्ध-तलवारबाज़ी-शिकार साथ; हिंदुस्तानी भाषा-संस्कृति से वाकिफ़; कड़क + अभिभावक-स्नेह। 1840s: श्रेष्ठता का भाव, सिपाही “कमतर नस्ल”; गाली-गलौज व शारीरिक हिंसा सामान्य; फ़ासला बढ़ा, भरोसे की जगह संदेह।

11विद्रोहियों की वैकल्पिक सत्ता-संरचना के चार कदम बताइए।

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विभिन्न पदों पर नियुक्तियाँ; भूराजस्व वसूली व सैनिकों के वेतन का इंतज़ाम; लूटपाट बंद करने के हुक्मनामे; युद्ध जारी रखने की योजनाएँ व सेना की कमान-शृंखला — प्रेरणा 18वीं सदी का मुग़ल जगत।

12तोप से उड़ाने के दृश्यों को NCERT ‘दहशत का प्रदर्शन’ क्यों कहती है?

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सज़ा बंद जगह नहीं, लोगों के बीच खुले में नाटकीय ढंग से दी गई — “निर्मम सत्ता का नाट्य मंचन”; उद्देश्य दंड मात्र नहीं बल्कि देखने वालों (साथी सिपाहियों, जनता) में विद्रोह के भयानक परिणामों का आतंक बैठाना था।

खंड ङ — लघूत्तरात्मक [3–4 अंक]

1विद्रोही सिपाहियों ने नेतृत्व के लिए पुराने शासकों से क्या आग्रह किया?

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(NCERT अभ्यास 1 — बहादुर शाह से दरख़्वास्त व दबाव; नाना साहिब — विकल्प नहीं छोड़ा; रानी झाँसी — जनता का दबाव; कुँवर सिंह; बिरजिस क़द्र; पैटर्न — वैधता पुराने शासकों से, पहल सिपाहियों-जनता की)

2विद्रोहियों के योजनाबद्ध-समन्वित ढंग से काम करने के साक्ष्य लिखिए।

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(NCERT अभ्यास 2 — एक-जैसा ढर्रा; संकेत-प्रणाली; 7वीं अवध कैवेलरी का 48वीं को पत्र; संदेशवाहक; सिस्टन-तहसीलदार; हियर्से-प्रकरण व रेजीमेंट-पंचायतें; कानपुर लाइनों की रात्रि-पंचायतें — चार्ल्स बॉल)

31857 के घटनाक्रम में धार्मिक विश्वासों की भूमिका बताइए।

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(NCERT अभ्यास 3 — कारतूस-आटे की अफ़वाहें व धर्म-भ्रष्टता का भय; ईसाई बनाने का डर; सती-विधवा विवाह क़ानूनों से ‘हस्तक्षेप’ की धारणा; मौलवी-फ़क़ीर-स्वयंभू पैग़म्बर; ‘धर्म युद्ध’ की भाषा; मुहम्मद-महावीर; सिपाही-अर्ज़ी — “अक़ायद और मज़हब”; संतुलन — धर्म प्रेरक-मुहावरा था, पर शिकायतें भू-राजस्व, बेदख़ली, रोज़गार, नस्ली अपमान की भी थीं)

4विद्रोहियों के बीच एकता स्थापित करने के तरीके क्या थे?

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(NCERT अभ्यास 4 — जाति-धर्म भेद रहित आह्वान; मुस्लिम नाम की घोषणाओं में हिंदू भावनाओं का ख़याल; बराबर नफ़ा-नुकसान वाला युद्ध; पूर्व-ब्रिटिश सहअस्तित्व का गौरवगान; मुहम्मद-महावीर की दुहाई; हिंदी-उर्दू-फ़ारसी अपीलें; परिणाम-परीक्षा — बरेली के 50,000 रु. नाकाम)

5अंग्रेज़ों ने विद्रोह कुचलने के लिए क्या क़दम उठाए?

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(NCERT अभ्यास 5 — मई-जून 1857 के क़ानून, मार्शल लॉ, आम अंग्रेज़ों तक को सज़ा का अधिकार, एकमात्र सज़ा मौत; ब्रिटेन से नयी टुकड़ियाँ; दिल्ली पर दोतरफ़ा हमला; गाँव-दर-गाँव पुनर्विजय; ज़मींदारों को जागीर-वापसी का आश्वासन — फूट; वफ़ादारों को ईनाम, विद्रोहियों की बेदख़ली; दहशत का प्रदर्शन — तोप से उड़ाना, सार्वजनिक फाँसियाँ)

6शाह मल की गतिविधियों का विवरण देते हुए बताइए कि उनका ‘राज’ कैसा था।

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(चौरासी देस का संगठन; रात्रि-भ्रमण; लूट-बेदख़ली-पुनर्कब्ज़ा; पुल-सड़कें; रसद; संचार-भंग; “न्याय भवन”; गुप्तचर-नेटवर्क; “फ़िरंगी राज ख़त्म… उनका राज”; जुलाई 1857 में मृत्यु)

7अवध के अधिग्रहण की प्रक्रिया 1801 से 1856 तक समझाइए।

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(सहायक संधि 1801 — शर्तें व परिणाम: सेना समाप्त, रेज़ीडेंट-निर्भरता, ताल्लुक़दारों पर नियंत्रण-हीनता; डलहौज़ी का ‘गिलास फल’; नील-कपास-बाज़ार की रुचि; 1856 औपचारिक अधिग्रहण — ‘कुशासन’ का आरोप; एक सदी की विस्तार-प्रक्रिया की ‘मुकम्मली’)

8एकमुश्त बंदोबस्त (1856) के प्रावधान व प्रभाव लिखिए।

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(मान्यता — ताल्लुक़दार बिचौलिए; बेदख़ली — 67%→38%; दक्षिणी अवध सर्वाधिक; अपेक्षा बनाम परिणाम — वसूली बढ़ी, बोझ नहीं घटा; 30-70% वृद्धि; सामाजिक व्यवस्था भंग — निष्ठा-संरक्षण, ‘दयालु अभिभावक’ छवि, बुरे वक्त की मदद व तीज-त्यौहार के क़र्ज़े ख़त्म)

9सिपाहियों के असंतोष के कारणों का विश्लेषण कीजिए।

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(दशकों से कम वेतन-छुट्टी; 1840s का नस्ली दुर्व्यवहार; कारतूस-भय; गाँवों से जुड़ाव — ‘पौधशाला’; परिवारों के अनुभव; अफ़सर-रिश्तों का पतन; स्रोत 6 — परेड-घेराव, 84 गिरफ़्तारियाँ, आस्था-रक्षा)

10‘इन मेमोरियम’ और मिस व्हीलर वाले चित्र में अंग्रेज़ औरतों के चित्रण की तुलना कीजिए।

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(पेटन — लाचार-मासूम, हिंसा का सिर्फ़ इशारा, विद्रोही अदृश्य ‘बर्बर’, ब्रिटिश रक्षक पृष्ठभूमि में; व्हीलर — वीरता की मूर्ति, अकेले प्रतिरोध, विद्रोही ‘दानव’, बाइबल = ईसाइयत की रक्षा; दोनों का साझा काम — ब्रिटिश जनमानस में प्रतिशोध-भावना गढ़ना)

11राष्ट्रवादी दृश्य कल्पना में 1857 और रानी झाँसी को कैसे प्रस्तुत किया गया?

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(प्रथम स्वतंत्रता संग्राम; हर तबके की साझी लड़ाई; नायक-चित्रण; रास-तलवार वाली रानी; ‘मर्दाना’ शख़्सियत; सुभद्रा कुमारी चौहान; फ़ौजी पोशाक-घोड़ा-तलवार = प्रतिरोध-प्रतीक; फ़िल्म-पोस्टर; छवियों का दोहरा काम — प्रतिबिंब + संवेदनाओं को शक्ल)

12मानचित्र 2 के आधार पर अंग्रेज़ों की सैन्य-रणनीति की दो दिशाएँ और गंगा के मैदान की कठिनाई बताइए।

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(कलकत्ता व पंजाब से दिल्ली पर दोतरफ़ा; जून-सितंबर 1857; गंगा के मैदान में गाँव-दर-गाँव; जन-समर्थन; फॉरसिथ का 3/4 अनुमान; मार्च 1858 अवध)

खंड च — निबंधात्मक/विश्लेषणात्मक [6–8 अंक]

1अवध में विद्रोह इतना व्यापक क्यों था? किसान, ताल्लुक़दार और ज़मींदार उसमें क्यों शामिल हुए? (NCERT अभ्यास 6)

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(संकेत: सहायक संधि से अधिग्रहण तक; नवाब-निष्कासन का सामूहिक शोक व रोज़ी-रोटी का नाश; एकमुश्त बंदोबस्त — ताल्लुक़दार-बेदख़ली (67→38%), माँग-वृद्धि (30-70%); निष्ठा-संरक्षण की व्यवस्था भंग; सिपाही = अवध के किसान (‘पौधशाला’); ‘एक दुनिया की समाप्ति’ व लोक-प्रतिरोध; हनवंत सिंह; बेगम हज़रत महल; फॉरसिथ का 3/4)

2विद्रोही क्या चाहते थे? विभिन्न सामाजिक समूहों की दृष्टि में कितना फ़र्क़ था? (NCERT अभ्यास 7)

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(संकेत: स्रोत-सीमा की भूमिका; आज़मगढ़ घोषणा के पाँच तबके — अलग-अलग शिकायतें-वादे; सिपाही — आस्था+सेवा-विश्वासघात; ताल्लुक़दार — पुरखों की ज़मीन; किसान — लगान-महाजन; कारीगर — इंग्लैंड का माल; साझा सूत्र — फ़िरंगी राज की अस्वीकृति, अतीत की बहाली, धर्म-रक्षा; व्यवहार में समतापरक झलक बनाम घोषणाओं की एकता-भाषा)

31857 के विद्रोह के बारे में चित्रों से क्या पता चलता है? इतिहासकार इनका विश्लेषण कैसे करते हैं? (NCERT अभ्यास 8)

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(संकेत: चित्र = घटना नहीं, धारणा का साक्ष्य; बार्कर की रचना-विधि (केंद्र-नायक, उजाला, शव); पेटन का ‘इशारा’; व्हीलर-बाइबल; पन्च की ‘जस्टिस’ व कार्टून; ILN की दहशत-तसवीरें; क्लिमेंसी-व्यंग्य; राष्ट्रवादी छवियाँ; विश्लेषण-विधि — रचना, प्रतीक, दर्शक, उद्देश्य, प्रभाव; “संवेदनाओं को शक्ल”)

4“1857 में वैधता पुराने शासकों से ली गई, पर पहल सिपाहियों और जनता की थी।” — परीक्षण कीजिए।

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(संकेत: लाल क़िले की घटना; पाँचों नेतृत्व-प्रकरण; ‘नाममात्र का नेता’; पंचायतें व “कर्ताधर्ता खुद”; ग़ैर-दरबारी नेता — फ़क़ीर, मौलवी, शाह मल, गोनू; वैकल्पिक सत्ता में दरबारी-प्रतीकों का उपयोग)

5अफ़वाहों, भविष्यवाणियों और चपातियों के प्रसंग से 1857 की जन-मानसिकता का विश्लेषण कीजिए।

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(संकेत: चारों प्रसंग; राइट-रिपोर्ट; विधि-सूत्र — दबे डर की अनुगूँज; 1820s के ‘सुधार’ व हड़प-नीति का संदर्भ; “हृदयहीन, परायी, दमनकारी”; ईसाई प्रचारक; निष्कर्ष — अफ़वाह सामाजिक-राजनीतिक असुरक्षा का दस्तावेज़)

61857 के दमन में क़ानून, सेना और कूटनीति — तीनों की भूमिका की विवेचना कीजिए।

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(संकेत: मार्शल लॉ-प्रक्रिया रद्द-सज़ा-ए-मौत; दोतरफ़ा दिल्ली-अभियान; गाँव-दर-गाँव; अवध मार्च 1858; जागीर-आश्वासन से फूट; ईनाम-बेदख़ली; दहशत का सार्वजनिक प्रदर्शन; बिएतो-फ़ोटो; नेपाल-पलायन)

7“छवियाँ केवल इतिहास दर्ज नहीं करतीं, इतिहास बनाती भी हैं।” — 1857 की ब्रिटिश और राष्ट्रवादी छवियों के आधार पर विवेचना कीजिए।

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(संकेत: ब्रिटिश पक्ष — नायक-गुणगान से भरोसा, औरत-छवियों से प्रतिशोध-माँग, दहशत-चित्रों से अपराजेयता, क्लिमेंसी-व्यंग्य से दया का दमन; भारतीय पक्ष — प्रथम स्वतंत्रता संग्राम, मर्दानी रानी, कविता-फ़िल्म-पोस्टर से राष्ट्रवादी कल्पना; NCERT-सूत्र — “संवेदनाओं को शक्ल भी दीं”)

8स्रोत 4 (हनवंत सिंह) और स्रोत 6 (सिपाही-अर्ज़ी) की तुलना करते हुए बताइए कि दोनों में अंग्रेज़ों के विरुद्ध किन साझा और भिन्न शिकायतों की अभिव्यक्ति है। (NCERT अभ्यास 9 की भावना में)

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(संकेत: साझा — विश्वासघात का बोध, वैध व्यवस्था का हरण, सेवा/शरण के बदले अन्याय; भिन्न — ताल्लुक़दार: ज़मीन-मालिकाना-सम्मान; सिपाही: धर्म-आस्था, सैनिक-सेवा का इतिहास, कारतूस-दमन (84 गिरफ़्तारियाँ); दोनों की भाषा में मर्यादा व नैतिक-दावे)

खंड छ — स्रोत-आधारित प्रश्न [4–5 अंक]

स्रोत 2 पर आधारित — “सिस्टन और तहसीलदार” (पृ. 261)

1सिस्टन कौन था और कहाँ तैनात था? (1)

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सीतापुर का देसी ईसाई पुलिस इंसपेक्टर; अवध में तैनात।

2तहसीलदार ने कौन-सा वाक्य कहा जिससे योजना का संकेत मिलता है? (2)

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“भरोसा रखो, इस बार हम कामयाब होंगे। मामला काबिल हाथों में है।” — ‘इस बार’ और ‘काबिल हाथ’ पूर्व-तैयारी और नेतृत्व-भरोसे के संकेत।

3तहसीलदार ने सिस्टन को संभावित विद्रोही क्यों मान लिया? (2)

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सिस्टन हिंदुस्तानी कपड़े पहने, आलथी-पालथी मारकर बैठा था — सांस्कृतिक वेश-चिह्नों से उसे ‘अपना’ समझ लिया गया; पहचान के यही बाहरी संकेत विश्वास की कसौटी थे।

स्रोत 4 पर आधारित — “ताल्लुक़दारों की सोच” (पृ. 269)

1हनवंत सिंह कौन थे और उन्होंने अंग्रेज़ अफ़सर के साथ क्या किया? (1)

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रायबरेली के पास कालाकंकर के राजा; विद्रोह के दौरान अफ़सर को पनाह दी और सुरक्षित स्थान तक पहुँचाया।

2उनकी शिकायतें क्या थीं? (2)

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अंग्रेज़ों ने राजाओं को खदेड़ा; जिले-जिले जागीरों के मालिकाने की जाँच; “एक ही झटके में… पुरखों की ज़मीन छीन ली।”

3यह स्रोत ताल्लुक़दार-नैतिकता के बारे में क्या बताता है? (2)

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व्यक्तिगत धर्म (शरणागत की रक्षा) और राजनीतिक प्रतिरोध (देश से खदेड़ना) अलग-अलग स्तर — पुरानी सम्मान-संहिता; विद्रोह व्यक्तिगत घृणा नहीं, व्यवस्था के अन्याय का जवाब था।

स्रोत 5 पर आधारित — “आज़मगढ़ घोषणा, 25 अगस्त 1857”

1घोषणा किन दो समुदायों को किस रूप में संबोधित करती है? (1)

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हिंदू और मुस्लिम दोनों — “अधर्मी और षड्यंत्रकारी अंग्रेज़ों” से त्रस्त सहभागी; यह ‘भारतीय धर्म युद्ध’ है।

2व्यापारियों को ब्रिटिश राज से क्या शिकायतें बताई गई हैं? (2)

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नील, कपड़े, जहाज व्यवसाय जैसी बहुमूल्य चीज़ों पर एकाधिकार; डाक-ख़र्चे, नाका-वसूली, चंदों से मुनाफ़े में सेंध; मामूली शिकायत पर गिरफ़्तारी-बेइज़्ज़ती।

3घोषणा की भाषा किन भावनाओं पर ज़ोर देती है? (2)

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धर्म-रक्षा (‘धर्मरक्षक’, ‘पवित्र युद्ध’), उत्पीड़न-मुक्ति, सम्मान-बहाली और साझा हित — हर तबके को उसकी अपनी क्षति गिनाकर ‘बादशाही सरकार’ के अधीन बेहतर भविष्य का वादा।

स्रोत 6 पर आधारित — “सिपाही क्या सोचते थे” (पृ. 273)

1सिपाही अपनी पिछली सेवाओं का उल्लेख क्यों करते हैं? (2)

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यह दिखाने को कि विद्रोह अहसानफ़रामोशी नहीं — “हमारी सहायता से अंग्रेज़ों ने जो चाहा इलाका जीता”, हज़ारों की कुर्बानी दी, कभी बग़ावत नहीं की; अत: दोष अंग्रेज़ों के 1857 के हुक्मों का है।

2परेड-प्रकरण में क्या हुआ? (2)

उत्तर देखिए

थर्ड लाइट केवेलरी के इनकार पर तीन रेजीमेंटों की परेड; 1400 अंग्रेज़ सिपाहियों, यूरोपीय बटालियनों व तोपों से घेराव; हर पैदल रेजीमेंट के सामने छह-छह तोपें; 84 नए सिपाही गिरफ़्तार — बेड़ियाँ, जेल।

3अर्ज़ी का अंतिम तर्क क्या है? (1)

उत्तर देखिए

“हम दो साल इसलिए लड़े ताकि हमारा अक़ायद और मज़हब दूषित न हों। अगर एक हिंदू या मुसलमान का धर्म ही नष्ट हो गया तो दुनिया में बचेगा क्या?” — लड़ाई आस्था-रक्षा की।

चित्र-आधारित — ‘जस्टिस’ (पन्च, 12 सितंबर 1857)

1चित्र में ‘न्याय’ को कैसे दर्शाया गया है? (2)

उत्तर देखिए

रूपात्मक स्त्री-छवि — एक हाथ में तलवार, दूसरे में ढाल; आक्रामक मुद्रा; चेहरे पर भयानक गुस्सा और बदले की तड़प; सिपाहियों को पैरों तले कुचलती।

2भारतीय औरतों-बच्चों की भीड़ का चित्रण क्या दर्शाता है? (1)

उत्तर देखिए

भय से काँपती भीड़ — दंड की व्यापकता और आतंक; ‘न्याय’ के नाम पर सामूहिक प्रतिशोध का औचित्य-निर्माण।

3नीचे की पट्टी के अनुसार यह चित्र किस घटना की प्रतिक्रिया है और इसने ब्रिटिश जनमानस में क्या पैदा किया? (2)

उत्तर देखिए

कानपुर के भीषण जनसंहार के समाचार की; समूचे इंग्लैंड में “प्रतिशोध की गहरी चाह और भयानक अपमान का भाव” — हिंसक दमन को ‘लाज़िमी-वाजिब’ बनाने वाला माहौल।