Chapter 1दो ध्रुवीयता का अंत

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NCERT — समकालीन विश्व राजनीति (पुस्तक 1), पृ. 1–14.

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श्रुतलेख नोट्स — कक्षा 12, राजनीति विज्ञान

कक्षा में बोलकर लिखवाने हेतु। शब्दशः पाठ, गति और शब्द-बजट सहित।


शिक्षक के लिए — पहले यह पढ़ें

यह दस्तावेज़ पढ़ने के लिए नहीं, बोलने के लिए है।

चिह्नअर्थ
COREहमेशा लिखवाइए
EXTRAसमय बचे तभी लिखवाइए
कहिएकेवल बोलिए — यह कॉपी में नहीं जाता
लिखवाइएजैसा लिखा है वैसा ही बोलिए; विद्यार्थी यही लिखेगा
✓ बोर्ड परब्लॉक शुरू करने से पहले बोर्ड पर लिख दीजिए
उतारिएबोर्ड से उतरवाइए — तालिका कभी बोलकर मत लिखवाइए
⏸रुकिए, कक्षा को पकड़ने दीजिए
🔁यह पंक्ति दो बार बोलिए
⟨ ⟩विद्यार्थी की कॉपी में जो दिखना चाहिए

गति: विद्यार्थी लगभग 15–20 शब्द प्रति मिनट लिखता है। हर ब्लॉक पर समय और शब्द-बजट छपा है।

कुल बजट: CORE = लगभग 1,210 शब्द ≈ 68 मिनट (चारों कालांशों में बँटा)। EXTRA जोड़ने पर लगभग 1,560 शब्द। चार कालांश की योजना के हिसाब से बना है — देखिए 01-Lesson-Plan.md।

! इस अध्याय की दो विशेष सूचनाएँ: (1) यह अध्याय ‘शीतयुद्ध’, ‘वारसा समझौता’ और ‘दो ध्रुवीयता’ का प्रयोग करता है पर इन्हें परिभाषित नहीं करता — क्योंकि इनकी परिभाषा वाला अध्याय पाठ्यक्रम-युक्तिकरण में हटा दिया गया। इसीलिए कालांश 1 का ब्लॉक 0 जोड़ा गया है — उसे छोड़िए मत, वरना प्रश्नावली का प्रश्न 5(ख) नहीं बन पाएगा। विवरण 10-Verification-Log.md में। (2) पाठ्यपुस्तक में कोई सारांश खंड नहीं है — इसीलिए ये नोट्स ही विद्यार्थी का सारांश हैं।

कालांश 1 — दीवार और सोवियत प्रणाली

कालांश 1 · ब्लॉक 0 — तीन शब्द जो पाठ मान लेता हैCORE

⏱ 6 मिनट · 92 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: शीतयुद्ध · नाटो ⟨NATO⟩ · वारसा समझौता · दो ध्रुवीयता

कहिए (लिखवाइए नहीं):

“आज का अध्याय एक कहानी के बीच से शुरू होता है। पुस्तक मान लेती है कि आप तीन शब्द पहले से जानते हैं। पहले वही तीन शब्द लिख लीजिए — इनके बिना आगे कुछ समझ नहीं आएगा।”

लिखवाइए:

1. दूसरे विश्वयुद्ध के बाद दुनिया दो महाशक्तियों के खेमों में बँट गई — एक ओर पूँजीवादी संयुक्त राज्य अमरीका, दूसरी ओर समाजवादी सोवियत संघ। इसी विभाजन को दो ध्रुवीयता कहते हैं। 🔁

2. इन दोनों खेमों के बीच बिना सीधे युद्ध के चलने वाला तनाव, प्रतिद्वंद्विता और हथियारों की होड़ ही शीतयुद्ध कहलाई। ⏸

3. नाटो अमरीका के नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन था और उसके जवाब में सोवियत संघ ने वारसा समझौता नामक सैन्य गठबंधन बनाया। 🔁

कालांश 1 · ब्लॉक 1 — बर्लिन की दीवारCORE

⏱ 7 मिनट · 110 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: 1961 · 150 किमी · 28 वर्ष · 9 नवंबर 1989

कहिए:

“एक दीवार जो अट्ठाईस साल तक एक शहर के बीचोंबीच खड़ी रही। उसका गिरना ही इस अध्याय का प्रवेश-द्वार है।”

लिखवाइए:

1. बर्लिन की दीवार सन् उन्नीस सौ इकसठ में बनी थी, डेढ़ सौ किलोमीटर से भी ज्यादा लंबी थी और अगले अट्ठाईस सालों तक खड़ी रही। ⏸

2. यह दीवार शीतयुद्ध का प्रतीक थी और इसने पूँजीवादी दुनिया को साम्यवादी दुनिया से अलग कर रखा था। 🔁

3. नौ नवंबर उन्नीस सौ नवासी को पूर्वी जर्मनी की आम जनता ने इस दीवार को गिरा दिया। 🔁

4. यह दोनों जर्मनी के एकीकरण और साम्यवादी खेमे की समाप्ति की शुरुआत थी। ⏸

5. इसके बाद पूर्वी यूरोप के आठ देशों ने एक-एक करके अपने साम्यवादी शासन को बदल डाला और सोवियत संघ को चुपचाप देखते रहना पड़ा। ⏸

कहिए:

“ध्यान रखिए — यह किसी सेना ने नहीं किया। यह जनता की सामूहिक कार्रवाई थी। यही इस अध्याय की सबसे बड़ी बात है।”

कालांश 1 · ब्लॉक 2 — सोवियत प्रणाली क्या थीCORE

⏱ 8 मिनट · 128 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: 1917 · 15 गणराज्य · ‘दूसरी दुनिया’

लिखवाइए:

1. समाजवादी सोवियत गणराज्य यानी सोवियत संघ, रूस में हुई उन्नीस सौ सत्रह की समाजवादी क्रांति के बाद अस्तित्व में आया। 🔁

2. यह क्रांति पूँजीवादी व्यवस्था के विरोध में हुई थी और समाजवाद के आदर्शों तथा समतामूलक समाज की ज़रूरत से प्रेरित थी। ⏸

3. यह मानव इतिहास में निजी संपत्ति की संस्था को समाप्त करने और समाज को समानता के सिद्धांत पर सचेत रूप से रचने की सबसे बड़ी कोशिश थी। ⏸

4. दूसरे विश्वयुद्ध के बाद पूर्वी यूरोप के जिन देशों की व्यवस्था सोवियत तर्ज़ पर ढाली गई, उन्हें ‘दूसरी दुनिया’ या समाजवादी खेमा कहा गया, और इस खेमे का नेता सोवियत संघ था। 🔁

5. इस प्रणाली की धुरी कम्युनिस्ट पार्टी थी और इसमें किसी अन्य राजनीतिक दल या विपक्ष के लिए कोई जगह नहीं थी। 🔁

6. अर्थव्यवस्था योजनाबद्ध थी और उस पर राज्य का नियंत्रण था। ⏸

उतारिए — बोर्ड से (dictate मत कीजिए)CORE

⏱ 5 मिनट

सोवियत प्रणाली — ताकत और कमज़ोरी

ताकतकमज़ोरी
अमरीका को छोड़कर शेष विश्व से कहीं ज्यादा विकसित अर्थव्यवस्थानौकरशाही का शिकंजा; प्रणाली सत्तावादी होती गई
पिन से लेकर कार तक — सब कुछ अपने यहाँलोकतंत्र और अभिव्यक्ति की आज़ादी नहीं — असहमति चुटकुलों और कार्टूनों में
सभी के लिए न्यूनतम जीवन स्तर; बेरोज़गारी नहींपार्टी जनता के प्रति जवाबदेह नहीं थी
स्वास्थ्य, शिक्षा, बच्चों की देखभाल रियायती दर परपंद्रह में से एक होकर भी रूस का हर मामले में प्रभुत्व
उन्नत संचार, ऊर्जा और परिवहनदूसरे गणराज्यों की जनता उपेक्षित और दमित महसूस करती थी

कालांश 1 · ब्लॉक 3 — सोवियत ताकत का विस्तारEXTRA

⏱ 5 मिनट · 84 शब्द

लिखवाइए:

1. सोवियत संघ के पास उन्नत संचार प्रणाली, विशाल ऊर्जा-संसाधन — खनिज-तेल, लोहा-इस्पात और मशीनरी — तथा परिवहन की सुव्यवस्थित विशाल प्रणाली थी। ⏸

2. सरकार ने सभी नागरिकों के लिए एक न्यूनतम जीवन स्तर सुनिश्चित कर दिया था और स्वास्थ्य, शिक्षा, बच्चों की देखभाल तथा अन्य लोक-कल्याणकारी सुविधाएँ रियायती दर पर उपलब्ध थीं। 🔁

3. वहाँ बेरोज़गारी नहीं थी और मिल्कियत का प्रमुख रूप राज्य का स्वामित्व था। ⏸

कालांश 2 — गिरावट, गोर्बाचेव और विघटन

कालांश 2 · ब्लॉक 4 — गिरावट के कारणCORE

⏱ 9 मिनट · 148 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: 1979 अफ़ग़ानिस्तान · 70 साल · पेरेस्त्रोइका ⟨पुनर्रचना⟩ · ग्लासनोस्त ⟨खुलापन⟩

कहिए:

“अब वह सवाल जो हर परीक्षा में आता है — इतनी बड़ी ताकत टूटी क्यों? छह कारण लिखवाऊँगा। छठा सबसे महत्वपूर्ण है, उसे अलग से चिह्नित कीजिए।”

लिखवाइए:

1. पहला कारण — सोवियत संघ की राजनीतिक और आर्थिक संस्थाएँ अंदरूनी कमज़ोरी के कारण लोगों की आकांक्षाओं को पूरा नहीं कर सकीं; अर्थव्यवस्था गतिरुद्ध हो गई और उपभोक्ता-वस्तुओं की बड़ी कमी हो गई। ⏸

2. दूसरा कारण — सोवियत संघ ने अपने संसाधन परमाणु हथियारों तथा सैन्य साजो-सामान के विकास में झोंक दिए और पूर्वी यूरोप के अपने पिछलग्गू देशों को नियंत्रण में रखने पर भी भारी खर्च किया। 🔁

3. तीसरा कारण — सोवियत संघ पश्चिम से पिछड़ चुका था, और अपने पिछड़ेपन की पहचान से लोगों को राजनीतिक-मनोवैज्ञानिक रूप से धक्का लगा। ⏸

4. चौथा कारण — कम्युनिस्ट पार्टी ने सत्तर सालों तक शासन किया, वह जनता के प्रति जवाबदेह नहीं थी, उसमें भारी भ्रष्टाचार था और ‘पार्टी’ के अधिकारियों को आम नागरिकों से ज्यादा विशेषाधिकार प्राप्त थे। 🔁

5. सन् उन्नीस सौ उन्यासी में सोवियत संघ ने अफ़ग़ानिस्तान में हस्तक्षेप किया और इससे यह व्यवस्था और कमज़ोर हुई। ⏸

कालांश 2 · ब्लॉक 5 — गोर्बाचेव और राष्ट्रवादCORE

⏱ 9 मिनट · 152 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: मार्च 1985 — गोर्बाचेव · रूस · उक्रेन · जार्जिया · बाल्टिक

लिखवाइए:

1. मार्च उन्नीस सौ पचासी में मिख़ाइल गोर्बाचेव सोवियत संघ की कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव बने और उन्होंने सुधारों की शृंखला शुरू की। 🔁

2. उनके दो प्रमुख सुधार थे — पेरेस्त्रोइका यानी पुनर्रचना, और ग्लासनोस्त यानी खुलापन। 🔁

3. पाँचवाँ कारण — गोर्बाचेव के सुधारों से लोगों की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं का ऐसा ज्वार उमड़ा जिसका अनुमान शायद ही कोई लगा सकता था। ⏸

4. छठा और सबसे महत्वपूर्ण कारण — विभिन्न गणराज्यों में राष्ट्रवाद और संप्रभुता की भावना का उभार ही सोवियत संघ के विघटन का अंतिम और सर्वाधिक तात्कालिक कारण था। 🔁

5. यहाँ एक विडंबना है। माना जाता था कि राष्ट्रवाद का उभार मध्य-एशियाई गणराज्यों में सबसे प्रबल होगा, क्योंकि वे धार्मिक और नस्ली रूप से रूस से अलग तथा आर्थिक रूप से पिछड़े थे। ⏸

6. पर वास्तव में असंतोष रूस, उक्रेन, जार्जिया और बाल्टिक क्षेत्र जैसे यूरोपीय और अपेक्षतया समृद्ध गणराज्यों में सबसे प्रबल था, क्योंकि उन्हें लगता था कि पिछड़े इलाकों को संघ में रखने की उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। 🔁

कहिए:

“और सबसे चौंकाने वाली बात — मध्य-एशियाई गणराज्यों ने स्वतंत्रता की माँग की ही नहीं। वे सोवियत संघ के साथ ही रहना चाहते थे। परीक्षा में यही पलटकर पूछा जाता है।”

उतारिए — बोर्ड से (dictate मत कीजिए)CORE

⏱ 7 मिनट

विघटन का घटना-चक्र

तिथिघटना
मार्च 1985गोर्बाचेव महासचिव बने; सुधार शुरू
जून 1988लिथुआनिया में आज़ादी का आंदोलन; एस्टोनिया और लातविया में फैला
अक्टूबर 1989वारसा समझौते के सदस्य अपना भविष्य तय करने को स्वतंत्र
9 नवंबर 1989बर्लिन की दीवार गिरी
फरवरी 1990बहुदलीय राजनीति; पार्टी का 72 वर्ष पुराना एकाधिकार समाप्त
मार्च 1990लिथुआनिया — स्वतंत्रता घोषित करने वाला पहला गणराज्य
जून 1991येल्तसिन रूस के राष्ट्रपति बने
अगस्त 1991गरमपंथियों का असफल तख़्तापलट
दिसंबर 1991रूस, बेलारूस, उक्रेन ने 1922 की संधि समाप्त की; राष्ट्रकुल (CIS) बना
25 दिसंबर 1991गोर्बाचेव का इस्तीफा — सोवियत संघ का अंत

कालांश 2 · ब्लॉक 6 — तख़्तापलट और अंतCORE

⏱ 6 मिनट · 96 शब्द

लिखवाइए:

1. अगस्त उन्नीस सौ इक्यानबे में कम्युनिस्ट पार्टी के गरमपंथियों ने तख़्तापलट की कोशिश की, जो असफल रही; जनता ने खुली छूट का स्वाद चख लिया था और वह पीछे लौटना नहीं चाहती थी। ⏸

2. बोरिस येल्तसिन इस जनविरोध के नायक बनकर उभरे और वे रूस के पहले चुने हुए राष्ट्रपति बने। 🔁

3. दिसंबर उन्नीस सौ इक्यानबे में रूस, बेलारूस और उक्रेन ने सोवियत संघ के निर्माण से संबद्ध उन्नीस सौ बाईस की संधि को समाप्त कर दिया और स्वतंत्र राज्यों के राष्ट्रकुल का गठन किया। 🔁

4. रूस को सोवियत संघ का उत्तराधिकारी राज्य माना गया; उसे संयुक्त राष्ट्रसंघ की सुरक्षा परिषद् में सोवियत संघ की सीट मिली, वह एकमात्र परमाणु शक्ति बना और उसने सोवियत संधियों को निभाने का जिम्मा लिया। 🔁

कालांश 3 — परिणतियाँ और शॉक थेरेपी

कालांश 3 · ब्लॉक 7 — तीन परिणतियाँCORE

⏱ 9 मिनट · 146 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें:

  1. 1शीतयुद्ध का अंत
  2. 2शक्ति-संबंध बदले
  3. 3नए देश

कहिए:

“तीन परिणतियाँ। छह अंक का प्रश्न इसी से बनता है। तीनों को क्रमांक देकर लिखिए।”

लिखवाइए:

1. पहली परिणति — शीतयुद्ध के दौर के संघर्ष की समाप्ति हुई। यह प्रश्न कि समाजवादी प्रणाली पूँजीवादी प्रणाली को पछाड़ पाएगी या नहीं, अब कोई मुद्दा नहीं रहा। 🔁

2. इस विवाद ने सेनाओं को उलझाया था, हथियारों की होड़ शुरू की थी, परमाणु हथियारों का संचय बढ़ाया था और विश्व को सैन्य गुटों में बाँटा था। ⏸

3. शीतयुद्ध के समाप्त होने से हथियारों की होड़ भी समाप्त हो गई और एक नई शांति की संभावना का जन्म हुआ। 🔁

4. दूसरी परिणति — विश्व राजनीति में शक्ति-संबंध बदल गए। दो संभावनाएँ थीं — एकध्रुवीय विश्व या बहुध्रुवीय विश्व। हुआ यह कि अमरीका अकेली महाशक्ति बन बैठा। 🔁

5. पूँजीवादी अर्थव्यवस्था प्रभुत्वशाली आर्थिक प्रणाली बन गई, विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ताकतवर सलाहकार बन गईं, और उदारवादी लोकतंत्र राजनीतिक जीवन को संगठित करने की सर्वश्रेष्ठ धारणा के रूप में उभरा। ⏸

6. तीसरी परिणति — बहुत सारे नए देशों का उदय हुआ। बाल्टिक और पूर्वी यूरोप के देश यूरोपीय संघ से जुड़ना और नाटो का हिस्सा बनना चाहते थे, जबकि मध्य एशियाई देशों ने रूस से मजबूत रिश्ते बनाए रखते हुए पश्चिमी देशों, अमरीका और चीन से भी संबंध बनाए। ⏸

कालांश 3 · ब्लॉक 8 — शॉक थेरेपी क्या थीCORE

⏱ 8 मिनट · 132 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: शॉक थेरेपी = ‘आघात पहुँचाकर उपचार करना’ · विश्व बैंक · IMF · 1990

लिखवाइए:

1. साम्यवादी शासन के पतन के बाद रूस, मध्य एशिया के गणराज्यों और पूर्वी यूरोप के देशों में पूँजीवाद की तरफ संक्रमण का एक खास मॉडल अपनाया गया, जिसे शॉक थेरेपी यानी आघात पहुँचाकर उपचार करना कहा गया। 🔁

2. इसे विश्व बैंक और अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने निर्देशित किया था। 🔁

3. इसकी गति और गहनता अलग-अलग गणराज्यों में अलग-अलग रही, लेकिन इसकी दिशा और चरित्र बड़ी सीमा तक एक जैसे थे। ⏸

4. इसका अर्थ था पूँजीवादी अर्थव्यवस्था की ओर पूरी तरह मुड़ना और सोवियत दौर की हर संरचना से निजात पाना। ⏸

5. माना गया कि मिल्कियत का सबसे प्रभावी रूप निजी स्वामित्व होगा, इसलिए राज्य की संपदा का निजीकरण किया गया और सामूहिक फार्म को निजी फार्म में बदल दिया गया। 🔁

6. इसमें कोई तीसरा रुख़ मंज़ूर नहीं किया गया, मुक्त व्यापार को पूर्ण रूप से अपनाया गया, और सोवियत खेमे के आपसी व्यापारिक गठबंधन समाप्त करके हर देश को सीधे पश्चिमी मुल्कों से जोड़ दिया गया। ⏸

उतारिए — बोर्ड से (dictate मत कीजिए)CORE

⏱ 6 मिनट

शॉक थेरेपी के परिणाम

क्षेत्रपरिणाम
उद्योगऔद्योगिक ढाँचा चरमराया; लगभग 90% उद्योग निजी हाथों में
नाम“इतिहास की सबसे बड़ी गराज-सेल” — औने-पौने दामों में बिक्री
अधिकार-पत्रअधिकांश नागरिकों ने कालाबाजारियों को बेच दिए
मुद्रारूबल का पतन; मुद्रास्फीति से जमापूँजी जाती रही
खाद्यसामूहिक खेती समाप्त; रूस को खाद्यान्न आयात करना पड़ा
जीडीपी1999 का GDP 1989 से कहीं नीचे
बैंकडेढ़ हज़ार में से लगभग आधे दिवालिया; इंकॉम बैंक से दस हज़ार डूबे
समाजकल्याण-व्यवस्था नष्ट; मध्य वर्ग हाशिए पर; माफिया वर्ग का उभार
सुधारसन् 2000 में, आज़ादी के 10 साल बाद — तेल, गैस, खनिज और धातु के निर्यात से

कालांश 3 · ब्लॉक 9 — शॉक थेरेपी की विफलताCORE

⏱ 7 मिनट · 114 शब्द

लिखवाइए:

1. उन्नीस सौ नब्बे में अपनायी गई शॉक थेरेपी जनता को उपभोग के उस आनंदलोक तक नहीं ले गई जिसका उसने वादा किया था; उलटे पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था तहस-नहस हो गई। 🔁

2. रूस के लगभग नब्बे प्रतिशत उद्योग निजी हाथों में बेच दिए गए, उनकी कीमत जान-बूझकर कम आँकी गई और उन्हें औने-पौने दामों में बेच दिया गया; इसीलिए इसे इतिहास की सबसे बड़ी गराज-सेल कहा जाता है। 🔁

3. एक माफिया वर्ग उभरा जिसने अधिकतर आर्थिक गतिविधियों पर नियंत्रण कर लिया, और निजीकरण ने अमीर-ग़रीब के बीच नई तथा तीखी विषमताओं को जन्म दिया। ⏸

4. आर्थिक बदलाव को बड़ी प्राथमिकता दी गई, लेकिन लोकतांत्रिक संस्थाओं के निर्माण का कार्य ऐसी प्राथमिकता के साथ नहीं हो सका; संविधान हड़बड़ी में तैयार किए गए, राष्ट्रपति को लगभग हरसंभव शक्ति दी गई और संसद कमजोर रही। 🔁

कालांश 4 — संघर्ष, भारत और निष्कर्ष

कालांश 4 · ब्लॉक 10 — संघर्ष और तनावCORE

⏱ 8 मिनट · 124 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: चेचन्या · दाग़िस्तान · ताज़िकिस्तान · नगरनो-कराबाख · युगोस्लाविया

लिखवाइए:

1. रूस के दो गणराज्यों — चेचन्या और दाग़िस्तान — में हिंसक अलगाववादी आंदोलन चले, और मास्को की ग़ैर-जिम्मेदार सैन्य बमबारी में मानवाधिकारों का व्यापक उल्लंघन हुआ। 🔁

2. ताज़िकिस्तान में दस वर्षों यानी दो हज़ार एक तक गृहयुद्ध चला। ⏸

3. अज़रबैजान के नगरनो-कराबाख प्रांत में स्थानीय अर्मेनियाई अलग होकर अर्मेनिया से मिलना चाहते हैं, और जार्जिया के दो प्रांत स्वतंत्रता चाहते हैं। ⏸

4. चेकोस्लोवाकिया शांतिपूर्वक दो देशों में बँट गया — चेक और स्लोवाकिया। 🔁

5. इसके विपरीत उन्नीस सौ इक्यानबे के बाद युगोस्लाविया कई प्रांतों में टूटा; बोस्निया-हर्जेगोविना, स्लोवेनिया और क्रोएशिया ने स्वतंत्रता की घोषणा की, जातीय संघर्ष ने गृहयुद्ध का रूप ले लिया और नाटो को हस्तक्षेप करके बमबारी करनी पड़ी। 🔁

कालांश 4 · ब्लॉक 11 — भारत और सोवियत संघCORE

⏱ 8 मिनट · 126 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: भिलाई · बोकारो · विशाखापट्टनम · 1971

लिखवाइए:

1. आर्थिक क्षेत्र में सोवियत संघ ने भिलाई, बोकारो और विशाखापट्टनम के इस्पात कारखानों तथा भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स जैसे मशीनरी संयंत्रों को आर्थिक और तकनीकी सहायता दी। 🔁

2. जब भारत के पास विदेशी मुद्रा की कमी थी, तब सोवियत संघ ने रुपये को माध्यम बनाकर व्यापार करने की सुविधा दी। ⏸

3. राजनीतिक क्षेत्र में सोवियत संघ ने कश्मीर मामले पर संयुक्त राष्ट्रसंघ में भारत के रुख का समर्थन किया और उन्नीस सौ इकहत्तर में पाकिस्तान से युद्ध के दौरान भारत की मदद की। 🔁

4. सैन्य क्षेत्र में सोवियत संघ ने भारत को ऐसे वक्त सैनिक साजो-सामान दिया जब शायद ही कोई अन्य देश देने को तैयार था, और संयुक्त रूप से सैन्य उपकरण तैयार करने के समझौते भी किए। 🔁

5. सांस्कृतिक क्षेत्र में हिंदी फिल्में और भारतीय संस्कृति सोवियत संघ में बहुत लोकप्रिय थीं। ⏸

कालांश 4 · ब्लॉक 12 — भारत और रूसCORE

⏱ 8 मिनट · 130 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: 2001 — 80 दस्तावेज़ · बहुध्रुवीय विश्व

लिखवाइए:

1. भारत और रूस, दोनों बहुध्रुवीय विश्व का साझा सपना देखते हैं, जिसका अर्थ है कि अंतर्राष्ट्रीय फलक पर कई शक्तियाँ मौजूद हों और किसी एक का बोलबाला न हो। 🔁

2. इस दृष्टिकोण में सुरक्षा की सामूहिक जिम्मेदारी हो, यानी किसी भी देश पर हमला हो तो सभी देश उसे अपने लिए खतरा मानें और साथ मिलकर कार्रवाई करें। 🔁

3. इसमें यह भी शामिल है कि क्षेत्रीयताओं को ज्यादा जगह मिले, अंतर्राष्ट्रीय संघर्षों का समाधान बातचीत से हो, हर देश की स्वतंत्र विदेश नीति हो, तथा संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाएँ मजबूत, लोकतांत्रिक और शक्तिसंपन्न बनें। ⏸

4. सन् दो हज़ार एक के भारत-रूस सामरिक समझौते के अंग के रूप में अस्सी द्विपक्षीय दस्तावेज़ों पर हस्ताक्षर हुए। 🔁

5. भारत को रूस से कश्मीर मुद्दे पर समर्थन, ऊर्जा-आपूर्ति, आतंकवाद से जुड़ी सूचनाएँ, पश्चिम एशिया तक पहुँच और चीन के साथ संबंधों में संतुलन मिलता है। ⏸

6. दूसरी ओर, भारत रूस के लिए हथियारों का दूसरा सबसे बड़ा खरीददार देश है, और भारतीय सेना को अधिकांश साजो-सामान रूस से ही मिलता है। 🔁

कालांश 4 · ब्लॉक 13 — भारत-रूस सहयोग के विशेष क्षेत्रEXTRA

⏱ 5 मिनट · 78 शब्द

लिखवाइए:

1. रूस ने भारत की परमाण्विक योजना में तथा अंतरिक्ष उद्योग में क्रायोजेनिक रॉकेट जैसी तकनीक में सहयोग किया है। ⏸

2. तेल के संकट के समय रूस ने हमेशा भारत की मदद की है, और भारत रूस, कज़ाकिस्तान तथा तुर्कमेनिस्तान से ऊर्जा-आयात बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। 🔁

3. मध्य एशिया में हाइड्रोकार्बनिक संसाधनों का विशाल भंडार है, इसलिए यह क्षेत्र बाहरी ताकतों और तेल कंपनियों का अखाड़ा बन गया है; रूस इसे अपना निकटवर्ती विदेश मानता है। ⏸

कालांश 4 · ब्लॉक 14 — अध्याय का निष्कर्षCORE

⏱ 4 मिनट · 62 शब्द

कहिए:

“अंत में एक वाक्य, जो पूरे अध्याय को समेट देता है। इसे कॉपी में सबसे नीचे, रेखा खींचकर लिखिए।”

लिखवाइए:

1. नौ नवंबर उन्नीस सौ नवासी को बर्लिन की दीवार गिरी और पच्चीस दिसंबर उन्नीस सौ इक्यानबे को सोवियत संघ समाप्त हुआ; इसके साथ ही दो ध्रुवीयता का अंत हो गया, शीतयुद्ध खत्म हुआ, अमरीका अकेली महाशक्ति बना, कई नए देश उभरे, और शॉक थेरेपी नामक आर्थिक प्रयोग ने पूरे क्षेत्र को तबाह कर दिया। 🔁

शिक्षक के लिए — बजट का हिसाब

कालांशब्लॉकCORE शब्दCORE मिनट (लेखन)बोर्ड-तालिकाकुल अनुमानित
10, 1, 2 + तालिका330215 मिनट~30 मिनट
24, 5, 6 + तालिका396247 मिनट~35 मिनट
37, 8, 9 + तालिका392246 मिनट~34 मिनट
410, 11, 12, 1444228—~30 मिनट
कुल CORE≈1,560

नोट: ऊपर के आँकड़े लेखन-समय हैं। हर कालांश में 10–12 मिनट व्याख्या, प्रश्नोत्तर और पुनरावृत्ति के लिए बचते हैं। EXTRA ब्लॉक (3 और 13) केवल तभी लीजिए जब कक्षा तेज़ चल रही हो।

यदि समय कम पड़े तो सबसे पहले यह छोड़िए: ब्लॉक 3 → ब्लॉक 13 → ब्लॉक 10 का बिंदु 3। कभी मत छोड़िए: ब्लॉक 0 (तीन शब्द), ब्लॉक 5 (राष्ट्रवाद की विडंबना), ब्लॉक 7 (तीन परिणतियाँ), ब्लॉक 8–9 (शॉक थेरेपी) — इन्हीं से 6 अंक के प्रश्न बनते हैं।