Chapter 3समकालीन दक्षिण एशिया

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NCERT — समकालीन विश्व राजनीति (पुस्तक 1), पृ. 29–44.

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श्रुतलेख नोट्स — कक्षा 12, राजनीति विज्ञान

कक्षा में बोलकर लिखवाने हेतु। शब्दशः पाठ, गति और शब्द-बजट सहित।


शिक्षक के लिए — पहले यह पढ़ें

यह दस्तावेज़ पढ़ने के लिए नहीं, बोलने के लिए है।

चिह्नअर्थ
COREहमेशा लिखवाइए
EXTRAसमय बचे तभी लिखवाइए
कहिएकेवल बोलिए — यह कॉपी में नहीं जाता
लिखवाइएजैसा लिखा है वैसा ही बोलिए; विद्यार्थी यही लिखेगा
✓ बोर्ड परब्लॉक शुरू करने से पहले बोर्ड पर लिख दीजिए
उतारिएबोर्ड से उतरवाइए — तालिका कभी बोलकर मत लिखवाइए
⏸रुकिए, कक्षा को पकड़ने दीजिए
🔁यह पंक्ति दो बार बोलिए
⟨ ⟩विद्यार्थी की कॉपी में जो दिखना चाहिए

गति: विद्यार्थी लगभग 15–20 शब्द प्रति मिनट लिखता है। हर ब्लॉक पर समय और शब्द-बजट छपा है।

कुल बजट: CORE = लगभग 1,290 शब्द ≈ 74 मिनट (चारों कालांशों में बँटा)। EXTRA जोड़ने पर लगभग 1,640 शब्द। चार कालांश की योजना के हिसाब से बना है — देखिए 01-Lesson-Plan.md।

! इस अध्याय की तीन विशेष सूचनाएँ: (1) यह अध्याय पहले ‘अध्याय 5’ था (QR कोड 12108CH05)। पुराने अध्याय 1 और 3 हटा दिए गए हैं। (2) ★★पृ. 41 का साइड-बॉक्स पूछता है — “अगर अमरीका के बारे में लिखे गए अध्याय को ‘अमरीकी वर्चस्व’ का शीर्षक दिया गया तो इस अध्याय को भारतीय वर्चस्व क्यों नहीं कहा गया?” — वह अध्याय अब पाठ्यक्रम में है ही नहीं। यह बात कक्षा में बता दीजिए, वरना विद्यार्थी उसे ढूँढ़ता रहेगा। (3) पाठ्यपुस्तक में कोई सारांश खंड नहीं है। विवरण 10-Verification-Log.md में।

! इस अध्याय की संरचनात्मक चुनौती: यह छह देशों का अध्याय है। हर देश को अलग शीर्षक देकर लिखवाइए — वरना विद्यार्थी की कॉपी में सब गड्डमड्ड हो जाएगा। हर ब्लॉक का शीर्षक बोर्ड पर लिखा रहना चाहिए।

कालांश 1 — क्षेत्र, लोकतंत्र और पाकिस्तान

कालांश 1 · ब्लॉक 0 — दक्षिण एशिया क्या हैCORE

⏱ 8 मिनट · 128 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: सात देश · हिमालय · हिंद महासागर · अरब सागर · बंगाल की खाड़ी · ! चीन नहीं

कहिए (लिखवाइए नहीं):

“पिछले दो अध्यायों में हम विश्व के बड़े फ़लक पर थे — सोवियत संघ, यूरोप, चीन। आज अपने ही घर की ओर लौटते हैं। पर पहला सवाल — ‘दक्षिण एशिया’ है क्या?”

लिखवाइए:

1. अमूमन बांग्लादेश, भूटान, भारत, मालदीव, नेपाल, पाकिस्तान और श्रीलंका को इंगित करने के लिए दक्षिण एशिया पद का व्यवहार किया जाता है। 🔁

2. उत्तर की विशाल हिमालय पर्वत-शृंखला, दक्षिण का हिंद महासागर, पश्चिम का अरब सागर और पूरब में मौजूद बंगाल की खाड़ी से यह इलाका एक विशिष्ट प्राकृतिक क्षेत्र के रूप में नज़र आता है। 🔁

3. यह भौगोलिक विशिष्टता ही इस उप-महाद्वीपीय क्षेत्र के भाषाई, सामाजिक तथा सांस्कृतिक अनूठेपन के लिए जिम्मेदार है। ⏸

4. इस क्षेत्र की चर्चा में जब-तब अफ़्गानिस्तान और म्यांमार को भी शामिल किया जाता है। चीन इस क्षेत्र का एक प्रमुख देश है लेकिन चीन को दक्षिण एशिया का अंग नहीं माना जाता। 🔁

5. यह इलाका हर अर्थ में विविधताओं से भरा-पूरा है, फिर भी भू-राजनीतिक धरातल पर यह एक क्षेत्र है। 🔁

कहिए:

“और अध्याय की पहली पंक्ति यह है — यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ सद्भाव और शत्रुता, आशा और निराशा तथा पारस्परिक शंका और विश्वास साथ-साथ बसते हैं। इसे भी लिख लीजिए, यही पूरे अध्याय की कुंजी है।”

6. यह एक ऐसा क्षेत्र है जहाँ सद्भाव और शत्रुता, आशा और निराशा तथा पारस्परिक शंका और विश्वास साथ-साथ बसते हैं। 🔁

कालांश 1 · ब्लॉक 1 — लोकतंत्र एक स्वीकृत मूल्यCORE

⏱ 9 मिनट · 144 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: भारत+श्रीलंका · पाकिस्तान+बांग्लादेश · नेपाल 2008 · भूटान 2008 · मालदीव 1968

लिखवाइए:

1. दक्षिण एशिया के विभिन्न देशों में एक-सी राजनीतिक प्रणाली नहीं है। 🔁

2. अनेक समस्याओं और सीमाओं के बावजूद भारत और श्रीलंका में ब्रिटेन से आज़ाद होने के बाद लोकतांत्रिक व्यवस्था सफलतापूर्वक कायम है। ⏸

3. पाकिस्तान और बांग्लादेश में लोकतांत्रिक और सैनिक, दोनों तरह के नेताओं का शासन रहा है। ⏸

4. नेपाल में दो हज़ार छह तक संवैधानिक राजतंत्र था; दो हज़ार आठ में राजतंत्र को खत्म किया गया और नेपाल एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में उभरा। 🔁

5. भूटान दो हज़ार आठ में संवैधानिक राजतंत्र बन गया और राजा के नेतृत्व में यह बहुदलीय लोकतंत्र के रूप में उभरा। ⏸

6. मालदीव उन्नीस सौ अड़सठ तक सल्तनत हुआ करता था; उन्नीस सौ अड़सठ में यह एक गणतंत्र बना और यहाँ शासन की अध्यक्षात्मक प्रणाली अपनायी गयी। दो हज़ार पाँच के जून में मालदीव की संसद ने बहुदलीय प्रणाली को अपनाने के पक्ष में एकमत से मतदान किया। 🔁

7. बांग्लादेश और नेपाल के अनुभवों के आधार पर हम कह सकते हैं कि पूरे दक्षिण एशिया में लोकतंत्र एक स्वीकृत मूल्य बन चला है। 🔁

उतारिए — बोर्ड से (dictate मत कीजिए)CORE

⏱ 6 मिनट

लोकतंत्र का जन-समर्थन — पाँच बड़े देशों का सर्वेक्षण (19 हजार से अधिक नागरिकों के साक्षात्कार पर आधारित)

कथनबांग्लादेशभारतनेपालपाकिस्तानश्रीलंका
लोकतंत्र बेहतर6970623771
कभी-कभी तानाशाही बेहतर69101411
कोई फर्क नहीं पड़ता2521284918

‘अपने देश के लिए लोकतंत्र उपयुक्त’ (%) — दक्षिण एशिया 88 · बांग्लादेश 93 · श्रीलंका 92 · भारत 92 · पाकिस्तान 84 · नेपाल 79

मानव विकास सूची में स्थान — श्रीलंका 76 · भारत 130 · बांग्लादेश 136 · नेपाल 149 · पाकिस्तान 150

कहिए:

“एक ही पंक्ति पर ध्यान दीजिए — पाकिस्तान में ‘लोकतंत्र बेहतर’ कहने वाले सिर्फ 37 प्रतिशत हैं, पर 84 प्रतिशत मानते हैं कि लोकतंत्र उनके देश के लिए उपयुक्त है। यानी अस्वीकृति लोकतंत्र की नहीं, उसके अब तक के अनुभव की है।”

कालांश 1 · ब्लॉक 2 — सर्वेक्षण का निष्कर्षCORE

⏱ 5 मिनट · 82 शब्द

लिखवाइए:

1. इस क्षेत्र के पाँच बड़े देशों में हुए सर्वेक्षण से यह बात ज़ाहिर हुई कि इन पाँचों देशों में लोकतंत्र को व्यापक जन-समर्थन हासिल है। ⏸

2. इन देशों में हर वर्ग और धर्म के आम नागरिक लोकतंत्र को अच्छा मानते हैं और प्रतिनिधिमूलक लोकतंत्र की संस्थाओं का समर्थन करते हैं। 🔁

3. ये निष्कर्ष बड़े महत्त्वपूर्ण हैं क्योंकि पहले से माना जाता रहा है कि लोकतंत्र सिर्फ विश्व के धनी देशों में फल-फूल सकता है। इस लिहाज से देखें तो दक्षिण एशिया के लोकतंत्र के अनुभवों से लोकतंत्र की वैश्विक कल्पना का दायरा बढ़ा है। 🔁

कालांश 1 · ब्लॉक 3 — पाकिस्तान में सेना और लोकतंत्रCORE

⏱ 9 मिनट · 146 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: अयूब → याहिया → भुट्टो ⟨1971–77⟩ → जियाउल-हक ⟨1977⟩ → बेनज़ीर ⟨1988⟩ → मुशर्रफ ⟨1999⟩ → 2008

कहिए:

“पाकिस्तान का इतिहास एक झूले जैसा है — लोकतंत्र, सेना, लोकतंत्र, सेना। पहले क्रम लिख लीजिए, फिर कारण।”

लिखवाइए:

1. पाकिस्तान में पहले संविधान के बनने के बाद देश के शासन की बाग़डोर जनरल अयूब खान ने अपने हाथों में ले ली और जल्दी ही अपना निर्वाचन भी करा लिया। जनता के गुस्से के आगे उन्हें अपना पद छोड़ना पड़ा। 🔁

2. इसके बाद जनरल याहिया खान ने शासन की बागडोर संभाली। उनके सैनिक-शासन के दौरान पाकिस्तान को बांग्लादेश-संकट का सामना करना पड़ा और उन्नीस सौ इकहत्तर में भारत के साथ पाकिस्तान का युद्ध हुआ। ⏸

3. इसके बाद जुल्फ़िकार अली भुट्टो के नेतृत्व में एक निर्वाचित सरकार बनी जो उन्नीस सौ इकहत्तर से उन्नीस सौ सतहत्तर तक कायम रही। उन्नीस सौ सतहत्तर में जनरल जियाउल-हक ने इस सरकार को गिरा दिया। 🔁

4. उन्नीस सौ अट्ठासी में एक बार फिर बेनज़ीर भुट्टो के नेतृत्व में लोकतांत्रिक सरकार बनी। निर्वाचित लोकतंत्र की यह अवस्था उन्नीस सौ निन्यानबे तक कायम रही। ⏸

5. उन्नीस सौ निन्यानबे में एक बार फिर सेना ने दखल दी और जनरल परवेज़ मुशर्रफ ने प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को हटा दिया। दो हज़ार एक में परवेज़ मुशर्रफ ने अपना निर्वाचन राष्ट्रपति के रूप में कराया। 🔁

6. दो हज़ार आठ से पाकिस्तान में लोकतांत्रिक तरीके से चुने गए नेता शासन कर रहे हैं। ⏸

कालांश 1 · ब्लॉक 4 — लोकतंत्र स्थायी क्यों नहीं बनाCORE

⏱ 8 मिनट · 132 शब्द

लिखवाइए:

1. पाकिस्तान में सेना, धर्मगुरु और भूस्वामी अभिजनों का सामाजिक दबदबा है। इसकी वज़ह से कई बार निर्वाचित सरकारों को गिराकर सैनिक शासन कायम हुआ। 🔁

2. पाकिस्तान की भारत के साथ तनातनी रहती है; इस वज़ह से सेना-समर्थक समूह ज्यादा मजबूत हैं। ⏸

3. ये समूह दलील देते हैं कि पाकिस्तान के राजनीतिक दलों और लोकतंत्र में खोट है, और राजनीतिक दलों के स्वार्थ साधन तथा लोकतंत्र की धमाचौकड़ी से पाकिस्तान की सुरक्षा खतरे में पड़ेगी। इस तरह ये ताकतें सैनिक शासन को जायज़ ठहराती हैं। 🔁

4. पाकिस्तान में लोकतांत्रिक शासन चले, इसके लिए कोई खास अंतर्राष्ट्रीय समर्थन नहीं मिलता। इस वज़ह से भी सेना को अपना प्रभुत्व कायम करने के लिए बढ़ावा मिला है। 🔁

5. अमरीका तथा अन्य पश्चिमी देशों ने अपने-अपने स्वार्थों से गुज़रे वक्त में पाकिस्तान में सैनिक शासन को बढ़ावा दिया। ⏸

कहिए:

“और अब दूसरा पक्ष, जो परीक्षा में अंक दिलाता है — किताब लिखती है: ‘लोकतंत्र तो खैर पाकिस्तान में पूरी तरह सफल नहीं हो सका है लेकिन इस देश में लोकतंत्र का जज्बा बहुत मज़बूती के साथ कायम रहा है। पाकिस्तान में अपेक्षाकृत स्वतंत्र और साहसी प्रेस मौजूद है और वहाँ मानवाधिकार आंदोलन भी काफी मजबूत है।’ इसे भी लिखिए।”

6. लोकतंत्र पाकिस्तान में पूरी तरह सफल नहीं हो सका, लेकिन इस देश में लोकतंत्र का जज्बा बहुत मज़बूती के साथ कायम रहा है; वहाँ अपेक्षाकृत स्वतंत्र और साहसी प्रेस मौजूद है और मानवाधिकार आंदोलन भी काफी मजबूत है। 🔁

कालांश 2 — बांग्लादेश और नेपाल

कालांश 2 · ब्लॉक 5 — बांग्लादेश कैसे बनाCORE

⏱ 10 मिनट · 158 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: 1947–71 · उर्दू · शेख मुजीबुर्रहमान · 1966 छ: सूत्री · 1970 चुनाव · दिसंबर 1971

कहिए:

“कल पाकिस्तान पढ़ा। आज वह देश, जो पाकिस्तान से टूटकर बना। और ध्यान रखिए — यह भाषा का सवाल था, धर्म का नहीं।”

लिखवाइए:

1. उन्नीस सौ सैंतालीस से उन्नीस सौ इकहत्तर तक बांग्लादेश पाकिस्तान का अंग था। अंग्रेजी राज के समय के बंगाल और असम के विभाजित हिस्सों से पूर्वी पाकिस्तान का यह क्षेत्र बना था। 🔁

2. इस क्षेत्र के लोग पश्चिमी पाकिस्तान के दबदबे और अपने ऊपर उर्दू भाषा को लादने के ख़िलाफ़ थे, और उन्होंने बंगाली संस्कृति और भाषा के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार के खिलाफ विरोध जताना शुरू कर दिया। 🔁

3. इस क्षेत्र की जनता ने प्रशासन में अपने न्यायोचित प्रतिनिधित्व तथा राजनीतिक सत्ता में समुचित हिस्सेदारी की माँग भी उठायी। ⏸

4. पश्चिमी पाकिस्तान के प्रभुत्व के खिलाफ जन-संघर्ष का नेतृत्व शेख मुजीबुर्रहमान ने किया और उन्होंने पूर्वी क्षेत्र के लिए स्वायत्तता की माँग की। 🔁

5. शेख मुजीबुर्रहमान के नेतृत्व वाली अवामी लीग को उन्नीस सौ सत्तर के चुनावों में पूर्वी पाकिस्तान की सारी सीटों पर विजय मिली और उसे संपूर्ण पाकिस्तान के लिए प्रस्तावित संविधान सभा में बहुमत हासिल हो गया। 🔁

6. लेकिन सरकार पर पश्चिमी पाकिस्तान के नेताओं का दबदबा था और सरकार ने इस सभा को आहूत करने से इंकार कर दिया। शेख़ मुजीब को गिरफ्तार कर लिया गया। ⏸

7. जेनरल याहिया खान के सैनिक शासन में पाकिस्तानी सेना ने बंगाली जनता के आंदोलन को कुचलने की कोशिश की और हजारों लोग मारे गए; बड़ी संख्या में लोग भारत पलायन कर गए। 🔁

8. भारत की सरकार ने पूर्वी पाकिस्तान के लोगों की आज़ादी की माँग का समर्थन किया और उन्हें वित्तीय और सैन्य सहायता दी। इसके परिणामस्वरूप उन्नीस सौ इकहत्तर में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध छिड़ गया, जिसकी समाप्ति पूर्वी पाकिस्तान में पाकिस्तानी सेना के आत्मसमर्पण तथा एक स्वतंत्र राष्ट्र बांग्लादेश के निर्माण के साथ हुई। 🔁

कालांश 2 · ब्लॉक 6 — बांग्लादेश में लोकतंत्र की वापसीCORE

⏱ 7 मिनट · 116 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: 1972 संविधान · अगस्त 1975 · जियाउर्रहमान 1979 · इरशाद · 1990 · 1991

लिखवाइए:

1. बांग्लादेश ने अपना संविधान बनाकर उसमें अपने को एक धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक तथा समाजवादी देश घोषित किया। 🔁

2. उन्नीस सौ पचहत्तर में शेख मुजीबुर्रहमान ने संविधान में संशोधन कराया, संसदीय प्रणाली की जगह अध्यक्षात्मक शासन प्रणाली को मान्यता मिली, और उन्होंने अवामी लीग को छोड़कर अन्य सभी पार्टियों को समाप्त कर दिया। 🔁

3. उन्नीस सौ पचहत्तर के अगस्त में सेना ने उनके ख़िलाफ बग़ावत कर दी और इस नाटकीय तथा त्रासद घटनाक्रम में शेख मुजीब सेना के हाथो मारे गए। ⏸

4. नये सैनिक-शासक जियाउर्रहमान ने अपनी बांग्लादेश नेशनल पार्टी बनायी और उन्नीस सौ उन्यासी के चुनाव में विजयी रहे। उनकी हत्या के बाद लेफ्टिनेंट जेनरल एच एम इरशाद के नेतृत्व में एक और सैनिक-शासन ने बागडोर संभाली। 🔁

5. बांग्लादेश की जनता जल्दी ही लोकतंत्र के समर्थन में उठ खड़ी हुई और आंदोलन में छात्र आगे-आगे चल रहे थे। जनता के व्यापक विरोध के आगे झुकते हुए इरशाद को राष्ट्रपति का पद उन्नीस सौ नब्बे में छोड़ना पड़ा। 🔁

6. उन्नीस सौ इक्यानबे में चुनाव हुए, और इसके बाद से बांग्लादेश में बहुदलीय चुनावों पर आधारित प्रतिनिधिमूलक लोकतंत्र कायम है। ⏸

कालांश 2 · ब्लॉक 7 — नेपाल में राजतंत्र और लोकतंत्रCORE

⏱ 9 मिनट · 148 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: 1990 पहला आंदोलन · त्रिकोणीय संघर्ष · 2002 · अप्रैल 2006 दूसरा आंदोलन · 2008 · 2015

कहिए:

“नेपाल में दो आंदोलन हुए — सोलह साल के अंतर पर। दोनों को अलग-अलग लिखिए, वरना परीक्षा में गड़बड़ हो जाएगी।”

लिखवाइए:

1. नेपाल अतीत में एक हिन्दू-राज्य था, फिर आधुनिक काल में कई सालों तक यहाँ संवैधानिक राजतंत्र रहा। ⏸

2. राजा ने सेना की सहायता से शासन पर पूरा नियंत्रण कर लिया और नेपाल में लोकतंत्र की राह अवरुद्ध हो गई। 🔁

3. एक मजबूत लोकतंत्र-समर्थक आंदोलन की चपेट में आकर राजा ने उन्नीस सौ नब्बे में नए लोकतांत्रिक संविधान की माँग मान ली। लेकिन नेपाल में लोकतांत्रिक सरकारों का कार्यकाल बहुत छोटा और समस्याओं से भरा रहा। 🔁

4. उन्नीस सौ नब्बे के दशक में नेपाल के माओवादी नेपाल के अनेक हिस्सों में अपना प्रभाव जमाने में कामयाब हुए; वे राजा और सत्ताधारी अभिजन के खिलाफ़ सशस्त्र विद्रोह करना चाहते थे। ⏸

5. कुछ समय तक राजा की सेना, लोकतंत्र-समर्थकों और माओवादियों के बीच त्रिकोणीय संघर्ष हुआ। दो हज़ार दो में राजा ने संसद को भंग कर दिया और सरकार को गिरा दिया। 🔁

6. अप्रैल दो हज़ार छह में यहाँ देशव्यापी लोकतंत्र-समर्थक प्रदर्शन हुए, और संघर्षरत लोकतंत्र-समर्थक शक्तियों ने अपनी पहली बड़ी जीत हासिल की जब राजा ज्ञानेन्द्र ने बाध्य होकर संसद को बहाल किया। 🔁

7. मोटे तौर पर अहिंसक रहे इस प्रतिरोध का नेतृत्व सात दलों के गठबंधन, माओवादी तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने किया। 🔁

8. दो हज़ार आठ में नेपाल राजतंत्र को खत्म करने के बाद लोकतांत्रिक गणराज्य बन गया, और दो हज़ार पंद्रह में नेपाल ने नया संविधान अपनाया। 🔁

कालांश 3 — श्रीलंका और भारत-पाकिस्तान

कालांश 3 · ब्लॉक 8 — श्रीलंका में जातीय संघर्षCORE

⏱ 9 मिनट · 148 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: 1948 ⟨सिलोन⟩ · सिंहली बनाम तमिल · लिट्टे 1983 · 1987–90 · 2009

कहिए:

“पाकिस्तान में चुनौती सेना थी। नेपाल में राजतंत्र। श्रीलंका में तीसरी ही तरह की चुनौती थी — और वही सबसे लंबी चली।”

लिखवाइए:

1. आज़ादी के बाद से लेकर अब तक श्रीलंका में लोकतंत्र कायम है, लेकिन श्रीलंका को एक कठिन चुनौती का सामना करना पड़ा। यह चुनौती न तो सेना की थी और न ही राजतंत्र की। 🔁

2. श्रीलंका को जातीय संघर्ष का सामना करना पड़ा, जिसकी माँग है कि श्रीलंका के एक क्षेत्र को अलग राष्ट्र बनाया जाय। 🔁

3. आज़ादी के बाद से श्रीलंका की राजनीति पर बहुसंख्यक सिंहली समुदाय के हितों की नुमाइंदगी करने वालों का दबदबा रहा है। ये लोग भारत छोड़कर श्रीलंका आ बसी एक बड़ी तमिल आबादी के खिलाफ़ हैं। ⏸

4. सिंहली राष्ट्रवादियों का मानना था कि श्रीलंका में तमिलों के साथ कोई रियायत नहीं बरती जानी चाहिए क्योंकि श्रीलंका सिर्फ सिंहली लोगों का है। तमिलों के प्रति उपेक्षा भरे बरताव से एक उग्र तमिल राष्ट्रवाद की आवाज़ बुलंद हुई। 🔁

5. उन्नीस सौ तिरासी के बाद से उग्र तमिल संगठन लिबरेशन टाइगर्स ऑव तमिल ईलम, यानी लिट्टे, श्रीलंकाई सेना के साथ सशस्त्र संघर्ष कर रहा है। इसने तमिल ईलम यानी श्रीलंका के तमिलों के लिए एक अलग देश की मांग की। 🔁

6. किसी समय में श्रीलंका के उत्तर पूर्वी हिस्से पर लिट्टे का नियंत्रण था। ⏸

कालांश 3 · ब्लॉक 9 — भारत की भूमिका और श्रीलंका की उपलब्धियाँCORE

⏱ 8 मिनट · 130 शब्द

लिखवाइए:

1. भारत की तमिल जनता का भारत सरकार पर भारी दबाव था कि वह श्रीलंकाई तमिलों के हितों की रक्षा करे। ⏸

2. उन्नीस सौ सत्तासी में भारतीय सरकार श्रीलंका के तमिल मसले में प्रत्यक्ष रूप से शामिल हुई; उसने श्रीलंका से एक समझौता किया तथा श्रीलंका सरकार और तमिलों के बीच रिश्ते सामान्य करने के लिए भारतीय सेना को भेजा। 🔁

3. आखिर में भारतीय सेना लिट्टे के साथ संघर्ष में फंस गई। श्रीलंकाई जनता ने समझा कि भारत श्रीलंका के अंदरूनी मामलों में दखलंदाजी कर रहा है। 🔁

4. उन्नीस सौ नवासी में भारत ने अपनी शांति सेना लक्ष्य हासिल किए बिना वापस बुला ली। 🔁

5. अंतत: सशस्त्र संघर्ष समाप्त हो गया क्योंकि दो हज़ार नौ में लिट्टे को खत्म कर दिया गया। ⏸

कहिए:

“और अब वह हिस्सा जो सबसे ज्यादा चौंकाता है — इतने लंबे गृहयुद्ध के बावजूद श्रीलंका दक्षिण एशिया का सबसे विकसित देश है। मानव विकास सूची में उसका स्थान छिहत्तरवाँ है, जबकि भारत का एक सौ तीसवाँ।”

6. संघर्षों की चपेट में होने के बाद भी श्रीलंका ने अच्छी आर्थिक वृद्धि और विकास के उच्च स्तर को हासिल किया है। जनसंख्या की वृद्धि-दर पर सफलतापूर्वक नियंत्रण करने वाले विकासशील देशों में श्रीलंका प्रथम है। 🔁

7. दक्षिण एशिया के देशों में सबसे पहले श्रीलंका ने ही अपनी अर्थव्यवस्था का उदारीकरण किया, और गृहयुद्ध से गुजरने के बावजूद कई सालों से इस देश का प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद दक्षिण एशिया में सबसे ज्यादा है। 🔁

कालांश 3 · ब्लॉक 10 — भारत-पाकिस्तान संघर्षCORE

⏱ 9 मिनट · 144 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: 1948 → दो हिस्से + नियंत्रण-सीमा रेखा · सियाचिन · 1998 पोखरण / चगाई · 1960 सिंधु-जल संधि · सरक्रिक

लिखवाइए:

1. दक्षिण एशिया में भारत की स्थिति केंद्रीय है और इस वजह से यहाँ के अधिकांश संघर्षों का रिश्ता भारत से है। इन संघर्षों में सबसे प्रमुख और सर्वग्रासी संघर्ष भारत और पाकिस्तान के बीच का संघर्ष है। 🔁

2. विभाजन के तुरंत बाद दोनों देश कश्मीर के मसले पर लड़ पड़े। उन्नीस सौ सैंतालीस-अड़तालीस तथा उन्नीस सौ पैंसठ के युद्ध से इस मसले का समाधान नहीं हुआ। ⏸

3. उन्नीस सौ अड़तालीस के युद्ध के फलस्वरूप कश्मीर के दो हिस्से हो गए। एक हिस्सा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर कहलाया जबकि दूसरा हिस्सा भारत का जम्मू-कश्मीर प्रान्त बना, और दोनों के बीच एक नियंत्रण-सीमा रेखा है। 🔁

4. उन्नीस सौ अट्ठानबे में भारत ने पोखरण में और इसके कुछ दिनों के अंदर ही पाकिस्तान ने चगाई पहाड़ी पर परमाणु-परीक्षण किए। 🔁

5. इसके बाद से ऐसा लगता है कि भारत और पाकिस्तान एक सैन्य-संबंध में बंध चुके हैं और इनके बीच सीधे और सर्वव्यापी युद्ध छिड़ने की आशंका कम हो गई है। ⏸

6. उन्नीस सौ साठ में विश्व बैंक की मदद से भारत और पाकिस्तान ने सिंधु-जल संधि पर दस्तख़त किए, और यह संधि भारत-पाक के बीच कई सैन्य संघर्षों के बावजूद अब भी कायम है। 🔁

उतारिए — बोर्ड से (dictate मत कीजिए)CORE

⏱ 7 मिनट

दक्षिण एशिया का घटनाक्रम — चुनी हुई तिथियाँ

तिथिघटना
1947 / 1948भारत-पाक का उदय / श्रीलंका की आज़ादी; कश्मीर पर लड़ाई
सितंबर 1960सिंधु नदी जल समझौता
1966ताशकंद समझौता; छ: सूत्री प्रस्ताव
अगस्त 1971भारत-सोवियत 20 वर्षीय मैत्री संधि
दिसंबर 1971भारत-पाक युद्ध; बांग्लादेश की मुक्ति
जुलाई 1972शिमला-समझौता
दिसंबर 1985दक्षेस का पहला सम्मेलन (ढाका)
1987 / 1988भारत-श्रीलंका समझौता और शांति सेना / मालदीव में भारतीय सेना
1988–91पाकिस्तान, बांग्लादेश और नेपाल में लोकतंत्र की बहाली
1993 / दिसंबर 1996SAPTA / फरक्का संधि
मई 1998 / फरवरी 1999परमाणु परीक्षण / वाजपेयी की लाहौर बस-यात्रा
जून–जुलाई 1999 / जुलाई 2001करगिल-युद्ध / आगरा-बैठक असफल
फरवरी 2004 / 200712वें सम्मेलन में SAFTA / अफ़गानिस्तान दक्षेस में
नवंबर 201418वाँ दक्षेस सम्मेलन, काठमांडू

कालांश 4 — पड़ोसी, दक्षेस और निष्कर्ष

कालांश 4 · ब्लॉक 11 — भारत और उसके पड़ोसीCORE

⏱ 9 मिनट · 152 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: बांग्लादेश · नेपाल · श्रीलंका · भूटान · मालदीव

कहिए:

“पाँच पड़ोसी, पाँच अलग कहानियाँ। हर एक के लिए एक पंक्ति सहयोग की और एक पंक्ति मतभेद की — यही परीक्षा में चाहिए।”

लिखवाइए:

1. बांग्लादेश और भारत के बीच गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी के जल में हिस्सेदारी सहित कई मुद्दों पर मतभेद हैं। बांग्लादेश की सरकार का मानना है कि भारतीय सरकार नदी-जल में हिस्सेदारी के सवाल पर इलाके के दादा की तरह बरताव करती है। 🔁

2. विभेदों के बावजूद भारत और बांग्लादेश कई मसलों पर सहयोग करते हैं। बांग्लादेश भारत के लुक ईस्ट और दो हज़ार चौदह से एक्ट ईस्ट नीति का हिस्सा है, दोनों देशों ने आपदा-प्रबंधन और पर्यावरण के मसले पर निरंतर सहयोग किया है, और दो हज़ार पंद्रह में दोनों ने कुछ परिक्षेत्रों का आदान-प्रदान किया। 🔁

3. भारत और नेपाल के बीच मधुर संबंध हैं और एक संधि के तहत दोनों देशों के नागरिक एक-दूसरे के देश में बिना पासपोर्ट और वीज़ा के आ-जा सकते हैं और काम कर सकते हैं। 🔁

4. चारों तरफ से जमीन से घिरे नेपाल को लगता है कि भारत उसको अपने भूक्षेत्र से होकर समुद्र तक पहुँचने से रोकता है। ⏸

5. उन्नीस सौ सत्तासी के सैन्य हस्तक्षेप के बाद से भारतीय सरकार श्रीलंका के अंदरूनी मामलों में असलंग्नता की नीति पर अमल कर रही है। ⏸

6. भूटान ने अपने क्षेत्र से पूर्वोत्तर भारत के उग्रवादियों और गुरिल्लों को खदेड़ भगाया, और भारत भूटान में पनबिजली की बड़ी परियोजनाओं में हाथ बँटा रहा है। 🔁

7. उन्नीस सौ अट्ठासी में श्रीलंका से आए कुछ भाड़े के तमिल सैनिकों ने मालदीव पर हमला किया; मालदीव ने जब भारत से मदद माँगी तो भारतीय वायुसेना और नौसेना ने तुरंत कार्रवाई की। 🔁

कालांश 4 · ब्लॉक 12 — ‘बड़े होने’ की समस्याCORE

⏱ 7 मिनट · 114 शब्द

कहिए:

“अब वह सवाल जो किताब खुद पूछती है — ‘ऐसा क्यों है कि हर पड़ोसी देश को भारत से कुछ-न-कुछ परेशानी है?’ उत्तर दो हिस्सों में है — छोटे देशों की दृष्टि, और भारत की दृष्टि। दोनों लिखिए।”

लिखवाइए:

1. भारत का आकार बड़ा है और वह शक्तिशाली है। इसकी वजह से अपेक्षाकृत छोटे देशों का भारत के इरादों को लेकर शक करना लाजिमी है, और छोटे देशों को लगता है कि भारत दक्षिण एशिया में अपना दबदबा कायम करना चाहता है। 🔁

2. दूसरी तरफ, भारत सरकार को अक्सर महसूस होता है कि उसके पड़ोसी देश उसका बेज़ा फायदा उठा रहे हैं। भारत नहीं चाहता कि इन देशों में राजनीतिक अस्थिरता पैदा हो, क्योंकि उसे भय लगता है कि ऐसी स्थिति में बाहरी ताकतों को इस क्षेत्र में प्रभाव जमाने में मदद मिलेगी। 🔁

3. दक्षिण एशिया के सारे झगड़े सिर्फ भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच ही नहीं हैं। नेपाल-भूटान तथा बांग्लादेश-म्यांमार के बीच आप्रवास के मसले पर मतभेद रहे हैं, और बांग्लादेश तथा नेपाल के बीच हिमालयी नदियों के जल की हिस्सेदारी को लेकर खटपट है। ⏸

4. फिर भी इस इलाके के सभी बड़े झगड़े भारत और उसके पड़ोसी देशों के बीच हैं। इसका एक कारण दक्षिण एशिया का भूगोल भी है, जहाँ भारत बीच में स्थित है और बाकी देश भारत की सीमा के इर्द-गिर्द पड़ते हैं। 🔁

कालांश 4 · ब्लॉक 13 — शांति, दक्षेस और साफ्टाCORE

⏱ 8 मिनट · 130 शब्द

✓ बोर्ड पर पहले लिखें: दक्षेस ⟨SAARC⟩ 1985 · SAPTA 1993 · SAFTA: 2002 · 2004 · 1 जनवरी 2006

लिखवाइए:

1. अनेक संघर्षों के बावजूद दक्षिण एशिया के देश आपस में दोस्ताना रिश्ते तथा सहयोग के महत्व को पहचानते हैं; शांति के प्रयास द्विपक्षीय भी हुए हैं और क्षेत्रीय स्तर पर भी। ⏸

2. दक्षेस, यानी साउथ एशियन एसोशियन फॉर रिजनल कोऑपरेशन, दक्षिण एशियाई देशों द्वारा बहुस्तरीय साधनों से आपस में सहयोग करने की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम है। इसकी शुरुआत उन्नीस सौ पचासी में हुई। 🔁

3. दुर्भाग्य से विभेदों की मौजूदगी के कारण दक्षेस को ज्यादा सफलता नहीं मिली है। 🔁

4. दक्षेस के सदस्य देशों ने सन् दो हज़ार दो में दक्षिण एशियाई मुक्त व्यापार-क्षेत्र समझौते यानी साफ्टा पर दस्तख़त किये, जिसमें पूरे दक्षिण एशिया के लिए मुक्त व्यापार क्षेत्र बनाने का वायदा है। ⏸

5. इस समझौते पर दो हज़ार चार में हस्ताक्षर हुए और यह समझौता एक जनवरी दो हज़ार छह से प्रभावी हो गया। इस समझौते का लक्ष्य है कि इन देशों के बीच आपसी व्यापार में लगने वाले सीमा शुल्क को कम कर दिया जाए। 🔁

6. यदि दक्षिण एशिया के सभी देश अपनी सीमारेखा के आर-पार मुक्त-व्यापार पर सहमत हो जाएँ तो इस क्षेत्र में शांति और सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है। 🔁

कालांश 4 · ब्लॉक 14 — बाहरी शक्तियाँEXTRA

⏱ 5 मिनट · 86 शब्द

लिखवाइए:

1. कोई भी क्षेत्र हवा में नहीं होता; चाहे कोई क्षेत्र अपने को गैर इलाकाई ताकतों से अलग रखने की जितनी भी कोशिश करे, उस पर बाहरी ताकतों और घटनाओं का असर पड़ता ही है। 🔁

2. चीन और संयुक्त राज्य अमरीका दक्षिण एशिया की राजनीति में अहम भूमिका निभाते हैं। चीन की रणनीतिक साझेदारी पाकिस्तान के साथ है और यह भारत-चीन संबंधों में एक बड़ी कठिनाई है। 🔁

3. शीतयुद्ध के बाद दक्षिण एशिया में अमरीकी प्रभाव तेजी से बढ़ा है; अमरीका ने भारत और पाकिस्तान दोनों से अपने संबंध बेहतर किए हैं और वह भारत-पाक के बीच लगातार मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। 🔁

कालांश 4 · ब्लॉक 15 — अध्याय का निष्कर्षCORE

⏱ 4 मिनट · 60 शब्द

कहिए:

“अंत में किताब का आखिरी वाक्य। इसे कॉपी में सबसे नीचे, रेखा खींचकर लिखिए — यह पूरे अध्याय का सार है और परीक्षा में हर मत-आधारित प्रश्न का निष्कर्ष बन सकता है।”

लिखवाइए:

1. दक्षिण एशिया को संघर्षों की आशंका वाले क्षेत्र के रूप में पहचाना जाता रहेगा, अथवा यह एक ऐसे क्षेत्रीय गुट के रूप में उभरेगा जिसके सांस्कृतिक गुण-धर्म तथा व्यापारिक हित एक हैं — यह बात किसी बाहरी शक्ति से ज्यादा यहाँ के लोगों और सरकारों पर निर्भर है। 🔁

शिक्षक के लिए — बजट का हिसाब

कालांशब्लॉकCORE शब्दCORE मिनट (लेखन)बोर्ड-तालिकाकुल अनुमानित
10, 1, 2, 3, 4 + तालिका632396 मिनट! ~45 मिनट
25, 6, 742226—~26 मिनट
38, 9, 10 + तालिका422267 मिनट~33 मिनट
411, 12, 13, 1545628—~28 मिनट
कुल CORE≈1,932

! कालांश 1 सबसे भारी है (~45 मिनट)। यदि 40 मिनट का कालांश है तो ब्लॉक 2 को कालांश 2 के आरंभ में ले जाइए — वह केवल 5 मिनट का है और सर्वेक्षण-तालिका से जुड़ा रहेगा।

नोट: ये लेखन-समय हैं। कालांश 2 और 4 में 10–12 मिनट व्याख्या और चर्चा के लिए बचते हैं।

यदि समय कम पड़े तो सबसे पहले यह छोड़िए: ब्लॉक 14 (EXTRA) → ब्लॉक 12 का बिंदु 3 → ब्लॉक 9 का बिंदु 1. कभी मत छोड़िए: ब्लॉक 1 (लोकतंत्र एक स्वीकृत मूल्य), ब्लॉक 4 (पाकिस्तान के कारण), ब्लॉक 5 (बांग्लादेश का निर्माण), ब्लॉक 7 (नेपाल के दो आंदोलन), ब्लॉक 12 (बड़े होने की समस्या), ब्लॉक 13 (दक्षेस और साफ्टा) — इन्हीं से 6 अंक के सारे प्रश्न बनते हैं।