Chapter 1पृथ्वी पर स्थानों की स्थिति

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NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1

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कुल 52 प्रश्न

तारों का मतलब: ★ज़रूरी · ★★बहुत ज़रूरी; समय कम हो तो पहले ये प्रश्न और ये बातें दोहराइए।


खंड क — वस्तुनिष्ठ प्रश्न (1 अंक) — 15 प्रश्न

पृष्ठ संख्याएँ NCERT की किताब “समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे” (कक्षा 6) के 2026-27 में छपे संस्करण की हैं।

1एटलस किसे कहते हैं?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) मानचित्रों की एक पुस्तक या संग्रह

व्याख्या: किताब कहती है: “एटलस (मानचित्रावली) मानचित्रों की एक पुस्तक या संग्रह है।” अकेला बड़ा मानचित्र या ग्लोब एटलस नहीं है।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 9

2किसी भी मानचित्र के तीन मुख्य घटक कौन-से हैं?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न

व्याख्या: “किसी भी मानचित्र के तीन मुख्य घटक होते हैं— दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न।” पर्वत, नदियाँ और महासागर तो वे चीज़ें हैं जिन्हें भौतिक मानचित्र दिखाता है।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 9

3किसी मानचित्र का स्केल 1 सेंटीमीटर = 500 मीटर है। इसका क्या अर्थ है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) मानचित्र का 1 सेंटीमीटर, धरातल पर 500 मीटर की दूरी दिखाता है

व्याख्या: “मानचित्र का प्रत्येक सेंटीमीटर धरातल पर एक निश्चित दूरी का प्रतिनिधित्व करता है।” जब यह दूरी 500 मीटर हो, तो स्केल 1 सेंटीमीटर = 500 मीटर कहलाता है। पहले मानचित्र की दूरी लिखी जाती है, फिर धरातल की।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 9–10

4इनमें से कौन-सी दिशा मध्यवर्ती दिशा है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) दक्षिण-पूर्व

व्याख्या: उत्तर, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम चतुर्दिश या प्रधान बिंदु हैं। इनके बीच की चार दिशाएँ, उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम, मध्यवर्ती दिशाएँ हैं।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 10

5भारत के मानचित्रों के लिए प्रतीक चिह्नों का संकलन किसने निर्धारित किया है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) भारतीय सर्वेक्षण विभाग

व्याख्या: विभिन्न देश प्रतीक चिह्नों के अलग-अलग समुच्चय का उपयोग करते हैं। भारत (या भारत के भागों) के मानचित्रों के लिए यह संकलन सरकारी निकाय भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने निर्धारित किया है।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 11

6भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की ओर बढ़ने पर अक्षांश के वृत्त कैसे होते जाते हैं?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) छोटे होते जाते हैं

व्याख्या: “सबसे बड़ा वृत्त, विषुवत वृत्त है”; उससे उत्तर या दक्षिण की ओर बढ़ने पर अक्षांश के वृत्त छोटे होते जाते हैं। अर्धवृत्त तो देशांतरीय याम्योत्तर होते हैं (पृष्ठ 14)।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 13

7भूमध्य रेखा (विषुवत वृत्त) का अक्षांश कितना है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) 0°

व्याख्या: विषुवत वृत्त अक्षांश 0° है। 90° उ. और 90° द. दोनों ध्रुवों के अक्षांश हैं, और 180° एक देशांतर है, अक्षांश नहीं (पृष्ठ 15)।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 14

8देशांतरीय याम्योत्तर कैसी रेखाएँ हैं?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) अर्धवृत्त, जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाते हैं

व्याख्या: किताब कहती है: “ये अर्धवृत्त हैं, जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाते हैं।” भूमध्य रेखा के समानांतर पूरे वृत्त अक्षांश होते हैं।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 14

9वर्ष 1884 में किस स्थान से गुजरने वाली याम्योत्तर को प्रमुख याम्योत्तर के लिए अंतर्राष्ट्रीय मानक माना गया?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) ग्रिनिच

व्याख्या: ग्रिनिच, इंग्लैंड में लंदन का एक क्षेत्र है। इससे गुजरने वाली याम्योत्तर को 0° देशांतर के रूप में अंकित किया जाता है। उज्जयिनी याम्योत्तर भारत की अपनी पुरानी प्रमुख याम्योत्तर थी (पृष्ठ 16)।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 15

10180° प. और 180° पू. देशांतर के बारे में कौन-सा कथन सही है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) ये एक ही देशांतर हैं, इसलिए केवल 180° लिखा जाता है

व्याख्या: “180° प. और 180° पू. एक ही देशांतर हैं। इसलिए इस देशांतर को प. या पू. न लिखकर 180° ही लिखा जाता है।”

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 15

11भारत की अपनी प्रमुख याम्योत्तर, मध्य रेखा, किस नगर के मध्य से गुजरती थी?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन)

व्याख्या: मध्य रेखा “उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन) के मध्य से गुजरती थी।” उज्जैन अनेक शताब्दियों तक खगोल विद्या का प्रतिष्ठित केंद्र रहा।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 16

12भारतीय सर्वेक्षण विभाग के मानचित्र (चित्र 1.6) के अनुसार भारत का अक्षांश लगभग कहाँ से कहाँ तक फैला है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (स) 8° उ. से 37° उ.

व्याख्या: भारत का अक्षांश लगभग 8° उ. से 37° उ. तक और देशांतर लगभग 68° पू. से 97° पू. तक फैला है। अक्षांश के साथ उ. या द. लगता है, देशांतर के साथ पू. या प.।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 18

13पृथ्वी अपनी धुरी पर एक घंटे में कितने अंश घूम जाती है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (ब) 15°

व्याख्या: पृथ्वी 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है और एक पूरा चक्कर 360° है, यानी “प्रति घंटा 15°(15×24 = 360)”।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 19

14भारतीय मानक समय (आई.एस.टी.) ग्रिनिच के स्थानीय समय (जी.एम.टी.) से कितना आगे या पीछे है?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (द) 5 घंटे 30 मिनट आगे

व्याख्या: आई.एस.टी., ग्रिनिच पर स्थानीय समय से 5 घंटे 30 मिनट आगे है। भारत ग्रिनिच के पूर्व में है, इसलिए समय आगे है, पीछे नहीं। इसी कारण लंदन में दोपहर 12 बजे भारत में सायं के 5:30 बजते हैं (पृष्ठ 23)।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 20

15रूस में कितने समय क्षेत्र हैं?

उत्तर और व्याख्या देखिए

सही उत्तर: (अ) 11

व्याख्या: संयुक्त राज्य अमेरिका में 6 और रूस में 11 समय क्षेत्र हैं। 10 वह संख्या है जितनी बार रूस को पार करते हुए घड़ी को पुनर्समायोजित करना पड़ता है।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 21

खंड ख — रिक्त स्थान (1 अंक) — 8 प्रश्न

1मानचित्र किसी भी क्षेत्र का एक ______ चित्रण या रेखांकन है। (पृष्ठ 9)

उत्तर देखिए

मानचित्र किसी भी क्षेत्र का एक प्रतीकात्मक चित्रण या रेखांकन है। (पृष्ठ 9)

2पर्वतों, महासागरों और नदियों जैसी प्राकृतिक आकृतियों को मुख्य रूप से ______ मानचित्र दर्शाते हैं। (पृष्ठ 9)

उत्तर देखिए

पर्वतों, महासागरों और नदियों जैसी प्राकृतिक आकृतियों को मुख्य रूप से भौतिक मानचित्र दर्शाते हैं। (पृष्ठ 9)

3अधिकतर मानचित्रों में ‘उ.’ अक्षर से अंकित तीर ______ दिशा को इंगित करता है। (पृष्ठ 10)

उत्तर देखिए

अधिकतर मानचित्रों में ‘उ.’ अक्षर से अंकित तीर उत्तर दिशा को इंगित करता है। (पृष्ठ 10)

4पृथ्वी पूर्ण गोलाकार नहीं है, अपितु ______ है। (पृष्ठ 12)

उत्तर देखिए

पृथ्वी पूर्ण गोलाकार नहीं है, अपितु ध्रुवों पर थोड़ी चपटी है। (पृष्ठ 12)

5अक्षांश का सबसे बड़ा वृत्त ______ है। (पृष्ठ 13)

उत्तर देखिए

अक्षांश का सबसे बड़ा वृत्त विषुवत वृत्त (भूमध्य रेखा) है। (पृष्ठ 13)

6भूमध्य रेखा के चारों ओर जलवायु गरम (उष्ण) होती है, जबकि उत्तर या दक्षिण ध्रुव के निकट जलवायु ______ होती है। (पृष्ठ 14)

उत्तर देखिए

भूमध्य रेखा के चारों ओर जलवायु गरम (उष्ण) होती है, जबकि उत्तर या दक्षिण ध्रुव के निकट जलवायु शीत होती है। (पृष्ठ 14)

7अक्षांश और देशांतर मिलकर एक स्थान के दो ______ होते हैं। (पृष्ठ 15)

उत्तर देखिए

अक्षांश और देशांतर मिलकर एक स्थान के दो निर्देशांक होते हैं। (पृष्ठ 15)

8मुख्य याम्योत्तर के विपरीत, लगभग 180° देशांतर पर स्थित रेखा को ______ कहा जाता है। (पृष्ठ 21)

उत्तर देखिए

मुख्य याम्योत्तर के विपरीत, लगभग 180° देशांतर पर स्थित रेखा को अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा कहा जाता है। (पृष्ठ 21)

खंड ग — सही/ग़लत (1 अंक) — 6 प्रश्न

1ग्लोब, किसी समतल मानचित्र की तुलना में पृथ्वी के भूगोल का बेहतर प्रतिनिधित्व करता है।

उत्तर देखिए

सही

(ग्लोब और पृथ्वी दोनों का आकार गोलाकार है; पृष्ठ 12)

2सभी देश मानचित्रों पर एक जैसे प्रतीक चिह्नों का उपयोग करते हैं।

उत्तर देखिए

ग़लत

(विभिन्न देश प्रतीक चिह्नों के अलग-अलग समुच्चय का उपयोग करते हैं; पृष्ठ 11)

3ग्रिनिच याम्योत्तर पहली ज्ञात प्रमुख याम्योत्तर रेखा है।

उत्तर देखिए

ग़लत

(किताब बताती है कि यह पहली ज्ञात प्रमुख याम्योत्तर नहीं है; भारत की अपनी प्रमुख याम्योत्तर, मध्य रेखा, थी; पृष्ठ 16)

4भारतीय खगोलविद शून्य और प्रमुख याम्योत्तर सहित अक्षांश और देशांतर से परिचित थे।

उत्तर देखिए

सही

(उज्जयिनी याम्योत्तर भारतीय खगोलीय ग्रंथों में गणनाओं का प्रमुख संदर्भ थी; पृष्ठ 16)

5ग्रिनिच से पूर्व की ओर हर 15° पर स्थानीय समय एक घंटा बढ़ता है और पश्चिम की ओर हर 15° पर एक घंटा घटता है।

उत्तर देखिए

सही

(ग्रिनिच पर दोपहर 12 बजे हों तो 15° पू. पर 1 बजे और 15° प. पर प्रात: 11 बजे; पृष्ठ 19)

6भारत के सभी नगर अपना-अपना स्थानीय समय अपनाते हैं।

उत्तर देखिए

ग़लत

(अधिकतर देश अपने मध्य से गुजरने वाली याम्योत्तर पर आधारित एक मानक समय अपनाते हैं; भारत में यह आई.एस.टी. है; पृष्ठ 20)

खंड घ — अति लघूत्तरीय प्रश्न (2 अंक) — 8 प्रश्न

1★मानचित्र क्या है? एटलस किसे कहते हैं?

उत्तर देखिए

किताब के अनुसार “मानचित्र किसी भी क्षेत्र का एक प्रतीकात्मक चित्रण या रेखांकन है”। मानचित्र में हम सतह को ऐसे देखते हैं, जैसे उसे ऊपर से देख रहे हों।

एटलस (मानचित्रावली) मानचित्रों की एक पुस्तक या संग्रह है।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 9

2किताब में बताए गए मानचित्र के तीन प्रकार कौन-से हैं? हर प्रकार क्या दिखाता है?

उत्तर देखिए
  1. भौतिक मानचित्र: मुख्य रूप से प्राकृतिक आकृतियाँ, जैसे पर्वत, महासागर और नदियाँ।
  2. राजनैतिक मानचित्र: देश या राज्य, सीमाएँ, नगर आदि; जैसे सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और उनकी राजधानियों को दिखाने वाला भारत का मानचित्र।
  3. थिमैटिक मानचित्र: किसी विशिष्ट प्रकार की सूचना। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 9

3मानचित्र पर प्रतीक चिह्न क्यों लगाए जाते हैं? भारत के मानचित्रों के लिए इन्हें किसने तय किया है?

उत्तर देखिए

मानचित्र पर जगह कम होती है। प्रतीक चिह्नों से “मानचित्र पर उपलब्ध सीमित स्थान पर अनेक विवरण दर्शाए जा सकते हैं।”

भारत के मानचित्रों के लिए भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने प्रतीक चिह्नों का संकलन निर्धारित किया है। चित्र 1.2 में, जैसे, PO डाकघर और PS पुलिस स्टेशन है।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 11

4★निर्देशांक प्रणाली क्या है? किताब के दो उदाहरणों से समझाइए।

उत्तर देखिए

किसी जगह की ठीक स्थिति दो निर्देशांकों से बताने का तरीका निर्देशांक प्रणाली है।

  1. बाजार: मित्र को बताइए कि प्रवेश द्वार से 5वीं पंक्ति की 7वीं दुकान पर मिलना है; वह सही दुकान ढूँढ लेगा।
  2. शतरंज: खानों पर अक्षर ‘क’ से ‘ज’ तक और अंक 1 से 8 तक लगे हैं; इसीलिए लिखा जा सकता है कि प्यादा ‘घ’ 2 से ‘घ’ 4 पर गया। पृथ्वी पर यही काम अक्षांश और देशांतर करते हैं। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 12–13

5★अक्षांश क्या है? भूमध्य रेखा और दोनों ध्रुवों के अक्षांश लिखिए।

उत्तर देखिए

अक्षांश, भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की दूरी मापता है। इसे अंशों (डिग्री) में लिखा जाता है।

भूमध्य रेखा (विषुवत वृत्त) का अक्षांश 0° है; उत्तरी ध्रुव 90° उ. और दक्षिणी ध्रुव 90° द. है।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 13–14

6देशांतर क्या है? इसका मान कहाँ से कहाँ तक होता है?

उत्तर देखिए

“देशांतर प्रमुख याम्योत्तर से दूरी का एक माप है।” प्रमुख याम्योत्तर (ग्रिनिच) 0° है।

पश्चिम हो या पूर्व, इसका मान 0° से 180° तक बढ़ता है; पश्चिम के लिए ‘प.’ और पूर्व के लिए ‘पू.’ लिखते हैं। जैसे, दिल्ली 77° पू. और न्यूयॉर्क 74° प. पर है।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 15

7पृथ्वी हर घंटे कितने अंश घूमती है? गणना करके दिखाइए।

उत्तर देखिए

पृथ्वी अपनी धुरी पर 24 घंटे में एक चक्कर पूरा करती है, और एक पूरा चक्कर 360° है।

360° ÷ 24 = 15° प्रति घंटा (किताब इसे 15 × 24 = 360 लिखकर दिखाती है)। इसलिए हर 15° देशांतर पर स्थानीय समय में 1 घंटे का अंतर आता है।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 19

8अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा क्या है? इसे पार करने पर क्या करना पड़ता है?

उत्तर देखिए

मुख्य याम्योत्तर के विपरीत, लगभग 180° देशांतर पर स्थित रेखा अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा है। +12 और –12 समय क्षेत्र इस रेखा पर एक-दूसरे को छूते हैं।

समुद्री जहाज या विमान से इसे पार करने पर घड़ी की तिथि बदलनी पड़ती है: पूर्व की ओर यात्रा करते हुए इसे पार करते हैं तो एक दिन घटाएँगे (सोमवार से रविवार); पश्चिम की ओर यात्रा करते हुए पार करते हैं तो एक दिन जोड़ेंगे (रविवार से सोमवार)।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 21–22

खंड ङ — लघूत्तरीय प्रश्न (3 अंक) — 6 प्रश्न

1★मानचित्र का स्केल क्या है? उदाहरण देकर समझाइए।

उत्तर देखिए
  1. मानचित्र पर धरातल की दूरी छोटी करके दिखाई जाती है। “मानचित्र का प्रत्येक सेंटीमीटर धरातल पर एक निश्चित दूरी का प्रतिनिधित्व करता है।” यही संबंध स्केल है।
  2. उदाहरण: यदि मानचित्र का 1 सेंटीमीटर धरातल के 500 मीटर दिखाए, तो स्केल 1 सेंटीमीटर = 500 मीटर है। किताब के एक मुद्रित मानचित्र में रूलर का 2.5 से.मी. भूमि पर 500 किलोमीटर दिखाता है।
  3. गणना: उसी मानचित्र पर 5 से.मी. = 2 × 2.5 से.मी., इसलिए भूमि पर 2 × 500 = 1000 किलोमीटर। निष्कर्ष — दो बिंदुओं के बीच की वास्तविक दूरी उस स्केल पर निर्भर है, जिसका मानचित्र उपयोग करता है। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 9–10

2पृथ्वी को कागज पर ठीक-ठीक क्यों नहीं दिखाया जा सकता? ग्लोब बेहतर क्यों है?

उत्तर देखिए
  1. पृथ्वी का आकार लगभग गोलाकार है; पूर्ण गोलाकार नहीं, ध्रुवों पर थोड़ी चपटी है।
  2. “कागज के एक समतल पृष्ठ पर एक गोलाकार वस्तु को यथावत चित्रित करना संभव नहीं है।” संतरे का उदाहरण: उसका छिलका तीन या चार टुकड़ों में उतारकर समतल फैलाइए; किनारों को तोड़े बिना यह नहीं हो पाता।
  3. ग्लोब सामान्यतः धातु, प्लास्टिक या कार्डबोर्ड से बनता है। ग्लोब और पृथ्वी दोनों का आकार गोलाकार है, इसलिए ग्लोब किसी समतल मानचित्र की तुलना में पृथ्वी का बेहतर प्रतिनिधित्व करता है। निष्कर्ष — गोल चीज़ को समतल करने पर कहीं न कहीं खिंचाव या टूट आती है; ग्लोब में यह नहीं होता। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 12

3★मध्य रेखा क्या थी? भारत के इतिहास में यह क्यों महत्वपूर्ण है?

उत्तर देखिए
  1. ग्रिनिच याम्योत्तर पहली ज्ञात प्रमुख याम्योत्तर नहीं है। भारत की अपनी प्रमुख याम्योत्तर थी, जिसे मध्य रेखा कहा जाता था; यह उज्जयिनी (वर्तमान उज्जैन) के मध्य से गुजरती थी। चित्र 1.5 में यह रेखा 75.8° पू. पर दिखाई गई है।
  2. उज्जैन अनेक शताब्दियों तक खगोल विद्या का प्रतिष्ठित केंद्र रहा। लगभग 1500 वर्ष पूर्व प्रसिद्ध खगोलविद वराहमिहिर भी यहाँ रहे और अपना कार्य किया।
  3. “उज्जयिनी याम्योत्तर सभी भारतीय खगोलीय ग्रंथों में गणनाओं के लिए एक प्रमुख संदर्भ बन गया था।” निष्कर्ष — भारतीय खगोलविद शून्य और प्रमुख याम्योत्तर सहित अक्षांश और देशांतर से परिचित थे। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 16–17

4★★ग्रिनिच पर दोपहर के 12 बजे हैं। 45° पू. और 30° प. देशांतर पर उस समय स्थानीय समय कितना होगा?

उत्तर देखिए

नियम हर 15° देशांतर पर स्थानीय समय 1 घंटा बदलता है; पूर्व की ओर जुड़ता है, पश्चिम की ओर घटता है।

  1. 45° पू.: 45 ÷ 15 = 3 घंटे। पूर्व है, इसलिए 12 + 3 = दोपहर बाद 3 बजे।
  2. 30° प.: 30 ÷ 15 = 2 घंटे। पश्चिम है, इसलिए 12 − 2 = प्रात: 10 बजे (किताब में भी यही उदाहरण है)। ! स्थानीय समय देशांतर से निकलता है, अक्षांश से नहीं। निष्कर्ष — ग्रिनिच से पूर्व के स्थानों पर समय आगे और पश्चिम के स्थानों पर पीछे होता है। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 19

5★देश एक मानक समय क्यों अपनाते हैं? भारत और बड़े देशों के उदाहरण दीजिए।

उत्तर देखिए
  1. हर याम्योत्तर का अपना स्थानीय समय होता है, पर एक देश के अंदर अनेक स्थानीय समयों का उपयोग उचित नहीं होगा। इसलिए अधिकतर देश अपने मध्य से गुजरने वाली याम्योत्तर पर आधारित एक मानक समय अपनाते हैं।
  2. भारत का मानक समय भारतीय मानक समय (आई.एस.टी.) है, जो ग्रिनिच के स्थानीय समय (जी.एम.टी.) से 5 घंटे 30 मिनट आगे है।
  3. रूस, कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका एक समय क्षेत्र के लिए बहुत बड़े हैं: संयुक्त राज्य अमेरिका में 6 और रूस में 11 समय क्षेत्र हैं। रूस को पार करते हुए घड़ी को 10 बार पुनर्समायोजित करना पड़ता है। निष्कर्ष — छोटे देश के लिए एक मानक समय काफ़ी है; बहुत बड़े देश को कई समय क्षेत्र चाहिए। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 20–21

6समय क्षेत्रों की रेखाएँ और अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा सीधी क्यों नहीं हैं?

उत्तर देखिए
  1. समय क्षेत्र मोटे तौर पर 15° के क्षेत्र होते हैं (चित्र 1.7), पर इन्हें बाँटने वाली रेखाएँ पूर्णतया सीधी नहीं होतीं, क्योंकि इन्हें अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं का पालन करते हुए हर देश के मानक समय का ध्यान रखना पड़ता है।
  2. अंतर्राष्ट्रीय तिथि रेखा लगभग 180° पर है, पर कुछ देशों में एक ही दिन का विभाजन होने से बचने के लिए यह टेढ़ी-मेढ़ी होकर गुजरती है। निष्कर्ष — रेखाएँ इसलिए मुड़ती हैं कि एक देश के अंदर एक ही समय और एक ही तिथि रहे। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 20, 22

खंड च — दीर्घ उत्तरीय प्रश्न (5 अंक) — 4 प्रश्न

1★मानचित्र के तीन मुख्य घटक कौन-से हैं? हर एक को उदाहरण सहित समझाइए।

उत्तर देखिए

“किसी भी मानचित्र के तीन मुख्य घटक होते हैं— दूरी, दिशा और प्रतीक चिह्न।”

  1. दूरी: धरातल की दूरी मानचित्र पर स्केल की सहायता से दिखाई जाती है; जैसे 1 सेंटीमीटर = 500 मीटर।
  2. दिशा: उत्तर, पूर्व, दक्षिण और पश्चिम चतुर्दिश या प्रधान बिंदु हैं; उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम मध्यवर्ती दिशाएँ हैं। अधिकतर मानचित्रों में ‘उ.’ वाला तीर उत्तर दिखाता है।
  3. प्रतीक चिह्न: इनसे सीमित स्थान पर अनेक विवरण दिखाए जा सकते हैं। भारत के लिए इन्हें भारतीय सर्वेक्षण विभाग ने निर्धारित किया है; चित्र 1.2 में, जैसे, RS रेलवे स्टेशन, PO डाकघर और PS पुलिस स्टेशन है। निष्कर्ष — तीनों मिलकर बताते हैं कि कोई जगह कितनी दूर है, किस ओर है और वहाँ क्या है। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 9–11

2★★अक्षांश और देशांतर की सहायता से पृथ्वी पर किसी स्थान की स्थिति कैसे बताई जाती है? उदाहरण दीजिए।

उत्तर देखिए
  1. निर्देशांक प्रणाली: जैसे बाजार में 5वीं पंक्ति की 7वीं दुकान या शतरंज में ‘घ’ 4, वैसे ही पृथ्वी पर किसी स्थान को दो निर्देशांकों से बताया जाता है।
  2. अक्षांश: भूमध्य रेखा (0°) से उत्तर या दक्षिण की दूरी; ध्रुवों तक 90° उ. और 90° द.।
  3. देशांतर: प्रमुख याम्योत्तर से पूर्व या पश्चिम की दूरी। वर्ष 1884 में ग्रिनिच से गुजरने वाली याम्योत्तर को 0° माना गया; मान 0° से 180° तक, साथ में पू. या प.।
  4. “अक्षांश और देशांतर मिलकर एक स्थान के दो निर्देशांक होते हैं।” ये सभी रेखाएँ मिलकर ग्लोब पर ग्रिड बनाती हैं।
  5. उदाहरण: दिल्ली 29° उ. अक्षांश और 77° पू. देशांतर पर स्थित है। किताब बताती है कि ये अंक आनुमानिक रूप से पूर्ण हैं, सटीक नहीं। निष्कर्ष — दोनों निर्देशांक जानने पर पृथ्वी पर किसी भी स्थान को ठीक-ठीक ढूँढा जा सकता है। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 12–15

3★★देशांतर से स्थानीय समय और मानक समय कैसे संबंधित हैं?

उत्तर देखिए
  1. 15° = 1 घंटा: पृथ्वी 24 घंटे में 360° घूमती है, यानी प्रति घंटा 15°।
  2. स्थानीय समय: हर याम्योत्तर का अपना समय होता है। ग्रिनिच पर दोपहर 12 बजे हों तो 15° पू. पर 1 बजे और 30° पू. पर 2 बजे; 15° प. पर प्रात: 11 और 30° प. पर प्रात: 10 बजे।
  3. मानक समय: एक देश में अनेक स्थानीय समय उचित नहीं, इसलिए देश के मध्य से गुजरने वाली याम्योत्तर पर आधारित एक मानक समय अपनाया जाता है। आई.एस.टी., जी.एम.टी. से 5 घंटे 30 मिनट आगे है; इसलिए लंदन में दोपहर 12 बजे भारत में सायं के 5:30 बजते हैं।
  4. समय क्षेत्र: समय क्षेत्र मोटे तौर पर 15° के क्षेत्र हैं (चित्र 1.7)। बड़े देशों में कई समय क्षेत्र हैं: संयुक्त राज्य अमेरिका में 6, रूस में 11। निष्कर्ष — “देशांतर से समय निर्धारित किया जाता है और समय क्षेत्र को भी परिभाषित किया जाता है।” संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 19–21, 23

4अक्षांश और देशांतर में अंतर लिखिए।

उत्तर देखिए
  1. क्या मापते हैं: अक्षांश भूमध्य रेखा से उत्तर या दक्षिण की दूरी मापता है; देशांतर प्रमुख याम्योत्तर से पूर्व या पश्चिम की दूरी।
  2. मान और अक्षर: अक्षांश 0° से 90° तक, साथ में उ. या द.; देशांतर 0° से 180° तक, साथ में पू. या प.।
  3. रेखाओं का आकार: अक्षांश वृत्त हैं, जिनमें विषुवत वृत्त सबसे बड़ा है और ध्रुवों की ओर वृत्त छोटे होते जाते हैं; देशांतरीय याम्योत्तर अर्धवृत्त हैं, जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाते हैं।
  4. किससे जुड़े हैं: अक्षांश से जलवायु का पता चलता है: भूमध्य रेखा के पास गरम (उष्ण), बीच में शीतोष्ण, ध्रुवों के निकट शीत। देशांतर से समय तय होता है: हर 15° पर 1 घंटा। ! 180° देशांतर के साथ प. या पू. नहीं लिखते, केवल 180° लिखते हैं। निष्कर्ष — दोनों मिलकर किसी स्थान के दो निर्देशांक बनाते हैं। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 13–15, 19

खंड छ — मानचित्र और क्रियाकलाप (3 अंक) — 5 प्रश्न

1★एक खेल का मैदान 40 मीटर लंबा और 30 मीटर चौड़ा है। 1 सेंटीमीटर = 10 मीटर के स्केल पर इसे अपनी कॉपी में बनाइए और आमने-सामने के दो कोनों के बीच की वास्तविक दूरी निकालिए।

उत्तर देखिए
  1. लंबाई: 40 ÷ 10 = 4 से.मी.; चौड़ाई: 30 ÷ 10 = 3 से.मी.। इस नाप का आयत बनाइए।
  2. आमने-सामने के दो कोनों को मिलाने वाली रेखा रूलर से नापिए: यह 5 से.मी. आएगी।
  3. वास्तविक दूरी: 5 × 10 = 50 मीटर। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 10

2★★किताब के पृष्ठ 20 पर दो मित्र फ़ोन पर बात कर रहे हैं: ढलती दोपहर में तिनसुकिया (असम) में सूर्यास्त हो चुका है, पर उसी समय पोरबंदर (गुजरात) में अभी दिन का प्रकाश है। ऐसा क्यों है?

उत्तर देखिए
  1. दोनों स्थानों के बीच देशांतर में 30° का अंतर है।
  2. हर 15° पर स्थानीय समय 1 घंटा बदलता है: 30 ÷ 15 = 2 घंटे।
  3. पृथ्वी पश्चिम से पूर्व की ओर घूमती है, इसलिए पूर्व में स्थित तिनसुकिया में सूर्य पहले डूबता है। वहाँ का स्थानीय समय पोरबंदर से लगभग 2 घंटे आगे है।
  4. फिर भी दोनों मित्रों की घड़ियाँ एक जैसा समय दिखाती हैं, क्योंकि पूरे भारत में एक ही मानक समय (आई.एस.टी.) चलता है। यही स्थानीय समय और मानक समय का अंतर है। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 19–20

3शतरंज में सफेद पक्ष ने अपना प्यादा ‘घ’ 2 से ‘घ’ 4 पर चला। आप काले पक्ष की ओर से खेल रहे हैं। उसी विधि से अपनी चाल लिखिए।

उत्तर देखिए

इसके कई सही उत्तर हो सकते हैं। एक उत्तर: प्यादा ‘घ’ 7 से ‘घ’ 5।

चाल लिखते समय खाने का अक्षर और अंक दोनों लिखिए; यही उस खाने के दो निर्देशांक हैं।

संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 12–13

4अपने गाँव या मोहल्ले का एक सरल मानचित्र बनाइए।

उत्तर देखिए
  1. ऊपर ‘उ.’ वाला तीर बनाकर चतुर्दिश दिखाइए।
  2. सड़क, कुआँ, तालाब, मंदिर, मस्जिद, डाकघर जैसी जगहों के लिए चित्र 1.2 के प्रतीक चिह्न लगाइए।
  3. एक कोने में लिखिए कि कौन-सा चिह्न किस चीज़ के लिए है। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 11

5अपने घर या विद्यालय से आठों दिशाओं में क्या-क्या है? पता लगाकर लिखिए।

उत्तर देखिए
  1. पहले उत्तर पहचानिए। फिर घड़ी के काँटे की दिशा में घूमते हुए पूर्व, दक्षिण और पश्चिम लिखिए।
  2. इनके बीच की चार मध्यवर्ती दिशाएँ जोड़िए: उत्तर-पूर्व, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पश्चिम।
  3. हर दिशा के सामने वहाँ की एक चीज़ लिखिए, जैसे पेड़, सड़क, दुकान या खेत। संदर्भ: NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 1, पृष्ठ 10, 23