Chapter 12आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

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कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, पृ. 173–182 सभी प्रश्न पुस्तक से बने हैं। उत्तर पुस्तक के शब्दों में हैं।

! उत्तर-कुंजी NCERT की नहीं है — यह इस श्रृंखला की है, और पुस्तक के पाठ से बनाई गई है।


खंड क — अति लघु उत्तरीय (1 अंक)

1अध्याय के आरंभ का उद्धरण किसका है?

उत्तर देखिए

उत्तर: रूस्तम के. सिधवा का — सदस्य, संविधान सभा।

2वह उद्धरण किस तिथि की चर्चा से है?

उत्तर देखिए

उत्तर: 13 अक्तूबर 1949।

3चित्र 12.1 में कौन-सी संस्था है और वह कब गठित हुई?

उत्तर देखिए

उत्तर: बृहन्मुंबई म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन — 1865 में।

4‘वार्ड’ किसे कहते हैं?

उत्तर देखिए

उत्तर: नगरों एवं कस्बों को जिन छोटी-छोटी इकाइयों में विभाजित किया जाता है, उन्हें।

5सी.आर.एम. का पूरा अर्थ क्या है?

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उत्तर: सिटिजन रिलेशनशिप मैनेजमेंट, या नागरिक संबंध प्रबंधन।

6मद्रास कॉरपोरेशन कब स्थापित हुआ?

उत्तर देखिए

उत्तर: 29 सितंबर 1688 में।

7मद्रास कॉरपोरेशन आज किस नाम से जाना जाता है?

उत्तर देखिए

उत्तर: ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन।

810 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में सर्वोच्च निकाय क्या होता है?

उत्तर देखिए

उत्तर: नगर निगम, जिसे ‘महानगर निगम’ भी कहा जाता है।

91 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों और कस्बों में कौन-सा निकाय होता है?

उत्तर देखिए

उत्तर: नगर पंचायत।

10नगरपालिका का दूसरा नाम क्या है?

उत्तर देखिए

उत्तर: म्यूनिसिपल कांउसिल।

11चित्र 12.2 के पिरामिड के शीर्ष पर क्या है?

उत्तर देखिए

उत्तर: राष्ट्रीय स्तर पर संघ सरकार।

12चित्र 12.2 के पिरामिड का आधार क्या है?

उत्तर देखिए

उत्तर: स्वशासन के लिए स्थानीय सरकार।

13चित्र 12.2 में बाईं ओर और दाईं ओर क्या-क्या लिखा है?

उत्तर देखिए

उत्तर: बाईं ओर ‘ग्रामीण — पंचायती राज संस्थाएँ’; दाईं ओर ‘नगरीय — नगरीय स्थानीय निकाय’।

14चित्र 12.2 के नीचे पुस्तक की टिप्पणी क्या है?

उत्तर देखिए

उत्तर: “मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।”

15इंदौर किस राज्य में है?

उत्तर देखिए

उत्तर: मध्य प्रदेश में।

16संवाद के दो पात्र कौन हैं?

उत्तर देखिए

उत्तर: समीर — गाँव का लड़का; और अनीता — नगर की लड़की।

17अध्याय के अंतिम पृष्ठ का शीर्षक क्या है?

उत्तर देखिए

उत्तर: नूडल्स — जो नोट्स और डूडल्स को मिलाकर बना शब्द-संक्षेप है।

18यह अध्याय ‘आधारभूत लोकतंत्र’ शृंखला का कौन-सा भाग है?

उत्तर देखिए

उत्तर: भाग 3।

191792 के संसदीय अधिनियम ने क्या किया?

उत्तर देखिए

उत्तर: मद्रास कॉरपोरेशन को नगर में स्थानीय कर लगाने की शक्ति प्रदान की।

20चार्टर ने किस क्षेत्र को कॉरपोरेशन में गठित किया?

उत्तर देखिए

उत्तर: फोर्ट सेंट जॉर्ज नगर तथा उससे 16 कि.मी. के भीतर के सभी क्षेत्रों को।

खंड ख — लघु उत्तरीय (2–3 अंक)

21‘नगरीय स्थानीय निकाय’ की परिभाषा लिखिए।

उत्तर देखिए

उत्तर: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार की संरचनाओं को ‘नगरीय स्थानीय निकाय’ कहा जाता है।
इसका अर्थ है कि ये शीर्ष प्राधिकरण के अंतर्गत कार्य नहीं करते हैं। इन स्थानीय समुदायों को अपने
क्षेत्रों के प्रबंधन या अपने सामने उपस्थित मुद्दों या समस्याओं का हल ढूँढ़ने की स्वायत्तता
रहती है।

22वार्ड समितियाँ क्या करती हैं?

उत्तर देखिए

उत्तर: वे स्वास्थ्य शिविरों के आयोजन और एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान जैसी
गतिविधियों में सहायता करती हैं। वे हर उस विषय पर दृष्टि रखती हैं जिसमें समस्या आ सकती है —
जल रिसाव, नाली का जाम होना, किसी सड़क का टूट जाना और इन जैसी सभी समस्याएँ — और इनके बारे में
अधिकारियों को अवगत कराती हैं।

23नगरीय स्थानीय निकायों के पाँच कार्य लिखिए।

उत्तर देखिए

उत्तर: आधारभूत ढाँचे की देखभाल पर ध्यान रखना; कब्रगाहों का रख-रखाव; अपशिष्ट संग्रहण एवं
निपटान; सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन पर ध्यान रखना; तथा स्थानीय कर एवं अर्थदंड प्राप्त करना।
इसके अतिरिक्त क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के नियोजन में भी इनकी कुछ भूमिका होती है।

24पुस्तक नागरिकों के कर्तव्य के कौन-से दो उदाहरण देती है?

उत्तर देखिए

उत्तर: पहला — यदि लोग कूड़े के पृथक्करण के बारे में निर्देशों का सावधानीपूर्वक पालन करें, तो
कूड़े का एकत्रीकरण एवं निस्तारण अधिक आसान बन जाता है। दूसरा — यदि वे किसी गली या रास्ते में
जल-रिसाव पाएँ, तो तुरंत सूचना देने से बहुमूल्य जल का अपव्यय रुकेगा।

25जनसंख्या के अनुसार तीन प्रकार के नगरीय स्थानीय निकाय लिखिए।

उत्तर देखिए

उत्तर: 10 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगरों में नगर निगम, जिन्हें ‘महानगर निगम’ भी कहा
जाता है; 1 से 10 लाख के बीच जनसंख्या वाले नगरों में नगरपालिका, जिन्हें म्यूनिसिपल कांउसिल
भी कहा जाता है; और 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों तथा कस्बों में नगर पंचायत।

26मद्रास कॉरपोरेशन के बारे में पुस्तक क्या बताती है?

उत्तर देखिए

उत्तर: 29 सितंबर 1688 में स्थापित मद्रास कॉरपोरेशन, जो अब ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन है, भारत
में सबसे प्राचीन नगर निगम संस्था है। ईस्ट इंडिया कंपनी ने इसके एक वर्ष पहले एक चार्टर जारी कर
फोर्ट सेंट जॉर्ज नगर तथा उससे 16 कि.मी. के भीतर के सभी क्षेत्रों को एक कॉरपोरेशन में गठित
किया। 1792 के एक संसदीय अधिनियम ने इसे नगर में स्थानीय कर लगाने की शक्ति प्रदान की, जिससे
स्थानीय नगरीय स्वशासन सुचारु रूप से आरंभ हुआ।

27चित्र 12.2 में बाईं ओर और दाईं ओर के खाने क्रम से लिखिए।

उत्तर देखिए

उत्तर: बाईं ओर, ऊपर से नीचे — जिला पंचायत, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत और ग्राम सभा।
दाईं ओर, ऊपर से नीचे — नगर निगम या नगर परिषद (नगर पंचायत), वार्ड समिति और वार्ड के लोग।

28पुस्तक नगरीय परिदृश्य के बारे में क्या कहती है, और उससे क्या निष्कर्ष निकालती है?

उत्तर देखिए

उत्तर: पुस्तक कहती है कि ग्रामीण परिवेश की तुलना में नगरीय परिदृश्य सामान्यतः अधिक जटिल और
विविध होता है, इसलिए यह समझा जा सकता है कि नगरीय शासन भी अधिक जटिल होगा। और वह जोड़ती है कि
यहाँ हम उसके मूल सिद्धांतों तक सीमित रहेंगे।

29‘सहभागी लोकतंत्र’ शब्द अध्याय में कहाँ-कहाँ आता है?

उत्तर देखिए

उत्तर: दो जगह। पृष्ठ 174 पर — “यह सहभागी लोकतंत्र की वृहत धारणा है।” और पृष्ठ 177 पर —
“याद रहे कि यह एक सहभागी लोकतंत्र है।”

30वार्डों की कार्यप्रणाली के बारे में पुस्तक क्या कहती है?

उत्तर देखिए

उत्तर: पुस्तक कहती है कि वार्डों की निश्चित कार्यप्रणाली अलग-अलग राज्यों में भिन्न-भिन्न है,
जो उनके द्वारा बनाए गए नियमों पर निर्भर करती है।

31‘आगे बढ़ने से पहले…’ के तीनों बिंदु लिखिए।

उत्तर देखिए

उत्तर: (क) नगरीय क्षेत्रों में विभिन्न नगरीय स्थानीय निकायों के माध्यम से विकेंद्रित शासन
चलता है, जो नागरिकों के जीवन को प्रभावित करने वाले विभिन्न कार्य संपन्न करता है। (ख) जैसे कि
ग्रामीण संदर्भ में होता है, नगरीय स्थानीय निकायों में भी स्थानीय नागरिकों का प्रतिनिधित्व करने
वाले सदस्य निर्वाचित होते हैं। (ग) यह सुनिश्चित करना नागरिकों का कर्तव्य है कि स्थानीय निकाय
कुशल तरीके से अपना कार्य करने में सक्षम हों।

32सिधवा के उद्धरण का सार लिखिए।

उत्तर देखिए

उत्तर: वे चाहते हैं कि एक पूर्ण विकसित स्थानीय निकाय का शीघ्र गठन किया जाए, ताकि लोग यह
सचमुच जान सकें कि एक छोटे क्षेत्र में, उनके अपने नगरों में और उनके अपने गाँवों में प्रशासन
क्या है, मताधिकार क्या है, शक्तियाँ क्या हैं, अधिकार क्या हैं और विशेषाधिकार क्या हैं।

33अनीता ने नगर की सामुदायिक भावना का कौन-सा उदाहरण दिया?

उत्तर देखिए

उत्तर: हाल ही में भारी वर्षा के कारण दो गली के बाद एक मकान ढह गया था। इसके बाद आस-पास से
दर्जनों लोग मलबे को हटाने में सहायता के लिए एकजुट हो गए और सुनिश्चित किया कि कोई मलबे के अंदर
फँसा न रह जाए।

34समीर ने बिजली के तार वाली कौन-सी घटना बताई?

उत्तर देखिए

उत्तर: एक दिन कुछ बच्चों ने पाया कि बिजली का एक तार खतरनाक तरीके से नीचे लटका हुआ है, जो
एक भवन को लगभग छू रहा है। उन्होंने न केवल इसकी रिपोर्ट की, बल्कि अपनी ग्राम सभा के एक सदस्य को
सुझाया कि बिजली का खंभा कुछ दूरी पर स्थानांतरित किया जाए — और, ऐसा किया गया।

35चित्र 12.4 में ‘सेवा के लिए अनुरोध’ के अंतर्गत कौन-सी सेवाएँ हैं?

उत्तर देखिए

उत्तर: जल टैंकर, सेप्टिक टैंकर (मैला), सभागार, अंत्येष्टि क्रिया संबंधी वाहन, चल शौचालय
और एंबुलेंस।

खंड ग — दीर्घ उत्तरीय (4–5 अंक)

36चित्र 12.2 का पूरा ढाँचा समझाइए।

उत्तर देखिए

उत्तर: चित्र 12.2 एक पिरामिड है। उसके शीर्ष पर राष्ट्रीय स्तर पर संघ सरकार है, उसके नीचे
राज्य सरकार, और सबसे नीचे स्वशासन के लिए स्थानीय सरकार, जो लोगों के सबसे निकट है।
सबसे नीचे वाला खाना दो हिस्सों में बँट जाता है — बाईं ओर ‘ग्रामीण — पंचायती राज संस्थाएँ’,
जिनमें ऊपर से नीचे जिला पंचायत, पंचायत समिति, ग्राम पंचायत और ग्राम सभा आते हैं; और
दाईं ओर ‘नगरीय — नगरीय स्थानीय निकाय’, जिनमें ऊपर से नीचे नगर निगम या नगर परिषद
(नगर पंचायत), वार्ड समिति और वार्ड के लोग आते हैं। बाईं ओर चार खाने हैं और दाईं ओर तीन।
चित्र के नीचे पुस्तक की टिप्पणी है — “मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।”

37ग्रामीण पंचायती राज व्यवस्था और नगरीय स्थानीय निकायों में क्या समानताएँ और विभिन्नताएँ हैं?

उत्तर देखिए

उत्तर:
समानताएँ — (क) दोनों स्थानीय सरकार हैं और चित्र 12.2 में एक ही खाने के नीचे आते हैं।
(ख) दोनों में सदस्य निर्वाचित होते हैं। (ग) दोनों का आधार लोग स्वयं हैं — बाईं ओर ‘ग्राम सभा’,
दाईं ओर ‘वार्ड के लोग’। (घ) दोनों स्वशासन के लिए हैं। (ङ) दोनों ऊपर से नीचे तक जुड़े हैं।
विभिन्नताएँ — (क) बाईं ओर चार खाने हैं और दाईं ओर तीन। (ख) नाम अलग हैं — एक ओर पंचायत,
दूसरी ओर निगम, परिषद और नगर पंचायत। (ग) क्षेत्र अलग हैं — एक गाँवों के लिए, दूसरा नगरों और
कस्बों के लिए। (घ) सबसे छोटी इकाई अलग है — एक ओर गाँव, दूसरी ओर वार्ड। (ङ) नगरीय पक्ष में
जनसंख्या के अनुसार निकाय का नाम बदल जाता है; ग्रामीण पक्ष में ऐसा नहीं होता।

38नागरिकों का कर्तव्य क्या है, और पुस्तक इसे ‘सहभागी लोकतंत्र’ से कैसे जोड़ती है?

उत्तर देखिए

उत्तर: पुस्तक कहती है कि निकाय अपने कार्यों को कुशलतापूर्वक कर सकें, इसके लिए नागरिकों को भी
अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए, अर्थात उन्हें अपने क्षेत्र की देखभाल एवं रख-रखाव का ध्यान
रखना चाहिए — और फिर वह जोड़ती है, “याद रहे कि यह एक सहभागी लोकतंत्र है।” इसके दो उदाहरण दिए
गए हैं — कूड़े के पृथक्करण के निर्देशों का पालन, जिससे कूड़े का एकत्रीकरण एवं निस्तारण अधिक
आसान बन जाता है; और गली या रास्ते में जल-रिसाव की तुरंत सूचना, जिससे बहुमूल्य जल का अपव्यय
रुकेगा। दोनों उदाहरणों में एक छोटा-सा नागरिक-कर्म बड़े सार्वजनिक लाभ में बदल जाता है — और यही
सहभागी लोकतंत्र है।

39समीर और अनीता के संवाद से गाँव और नगर का अंतर स्पष्ट कीजिए।

उत्तर देखिए

उत्तर: अनीता के अनुसार नगर व्यस्त और भीड़-भाड़ वाला होता है, जहाँ हर जगह ऊँचे भवन मिलते हैं
और बहुत सारे लोग हर समय इधर-उधर आते-जाते रहते हैं; वह गाँव के शांत वातावरण की तुलना में
कोलाहल से भरा होता है, वहाँ लोग अधिक आत्मनिर्भर होते हैं और प्रायः अपने पड़ोसियों के बारे में
भी नहीं जानते। समीर के अनुसार गाँव में प्रत्येक व्यक्ति एक-दूसरे को जानता है और सहायता के लिए
तत्पर रहता है; लोग मिल-जुल कर खेतों में काम करते हैं, साथ में त्योहार मनाते हैं और सामूहिक
निर्णय भी लेते हैं। किंतु अनीता जोड़ती है कि नगर में भी कुछ सामुदायिक भावना है, और वहाँ भी
स्थानीय निकाय तथा निर्वाचित प्रतिनिधि हैं। अंत में वह कहती है कि यह शहर में अधिक जटिल प्रतीत
होता है, लेकिन मूल विचार वही है कि प्रत्येक व्यक्ति का मत महत्व रखता है।

40नगरीय स्थानीय निकाय अपनी गतिविधियों के लिए संसाधन कैसे जुटाते हैं?

उत्तर देखिए

उत्तर: पुस्तक की कार्य-सूची में लिखा है कि निकाय स्थानीय कर एवं अर्थदंड प्राप्त करते हैं।
चित्र 12.4 में इंदौर नगर निगम की सेवाओं में संपत्ति कर, जल शुल्क, तथा व्यवसाय, विज्ञापन और व्यापार लाइसेंस दिखाए गए हैं — ये सब आय के स्रोत हैं। इसके अतिरिक्त ‘सेवा के लिए अनुरोध’ की
पंक्ति में जल टैंकर, सेप्टिक टैंकर और सभागार जैसी सेवाएँ हैं, जो भुगतान आधारित हैं। और पृष्ठ
177 का बॉक्स यह भी बताता है कि 1792 में कर लगाने की शक्ति मिलने पर ही स्थानीय नगरीय स्वशासन
सुचारु रूप से आरंभ हुआ। इस प्रकार निकाय मुख्यतः कर, शुल्क और अर्थदंड से संसाधन जुटाते हैं।

41इंदौर के स्वच्छ सर्वेक्षण पुरस्कार में नागरिकों की क्या भूमिका रही होगी?

उत्तर देखिए

उत्तर: (यह विचार-प्रश्न है; उत्तर विद्यार्थी के अपने शब्दों में अपेक्षित है।) नागरिकों ने
घर पर ही गीले और सूखे कूड़े का पृथक्करण किया होगा, कूड़ा गाड़ी के समय का पालन किया होगा और सड़क
पर कूड़ा नहीं डाला होगा; सफ़ाई अभियानों तथा वार्ड की गतिविधियों में भाग लिया होगा; समय पर कर
दिया होगा, जिससे निगम के पास सेवाएँ चलाने के साधन रहे होंगे; और एक-दूसरे को टोककर तथा बच्चों को
सिखाकर स्वच्छता को पूरे समुदाय की आदत बनाया होगा। पुस्तक स्वयं पृष्ठ 177 पर यही सिद्धांत बताती
है — निकाय तभी कुशलतापूर्वक काम कर सकते हैं जब नागरिक भी अपने कर्तव्यों का पालन करें।

42एक अच्छे नगरीय स्थानीय निकाय की विशेषताएँ लिखिए।

उत्तर देखिए

उत्तर: (यह भी विचार-प्रश्न है; पुस्तक में सूची नहीं है, पर पाठ से ये विशेषताएँ निकलती हैं।)
वह अपने कार्य कुशल तरीके से करे; उसके सदस्य निर्वाचित हों और सचमुच नागरिकों का
प्रतिनिधित्व करें; वह अपनी स्वायत्तता का सही उपयोग करे; उसके पास शिकायत सुनने और उसका
समाधान करने का तंत्र हो, जैसे सी.आर.एम.; वह आधारभूत ढाँचे और स्वच्छता का अच्छा रख-रखाव
करे; वह अपनी आय और व्यय में पारदर्शी हो; और वह नागरिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करे।

43विद्यालय आते हुए जल के पाइप में रिसाव दिखे तो आप और आपके मित्र क्या करेंगे?

उत्तर देखिए

उत्तर: (पुस्तक का अभ्यास-प्रश्न 1; उत्तर विद्यार्थी के अपने शब्दों में।) सबसे पहले रिसाव
का ठीक स्थान देखेंगे। फिर तुरंत सूचना देंगे — विद्यालय के शिक्षक को, घर पर बड़ों को, या नगरीय
स्थानीय निकाय के शिकायत नंबर अथवा सी.आर.एम. पर। अपने वार्ड की समिति या वार्ड के सदस्य को भी
बताएँगे, क्योंकि पुस्तक के अनुसार वार्ड समितियाँ ऐसी ही समस्याओं पर दृष्टि रखती हैं और
अधिकारियों को अवगत कराती हैं। मित्रों को भी बताएँगे ताकि और लोग सूचना दें। ऐसा करने से
बहुमूल्य जल का अपव्यय रुकेगा — और यह करना हमारा कर्तव्य है, क्योंकि यह एक सहभागी लोकतंत्र है।

44यह अध्याय पिछले दो अध्यायों से कैसे जुड़ता है?

उत्तर देखिए

उत्तर: यह तीन अध्यायों की शृंखला का अंतिम भाग है। अध्याय 10 भाग 1 था, जिसमें शासन के तीन अंग
और तीन स्तर पढ़े गए तथा चित्र 10.4 में केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकार का पिरामिड दिखाया गया।
अध्याय 11 भाग 2 था, जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों की स्थानीय सरकार और चित्र 11.1 का त्रिस्तरीय
पिरामिड पढ़ा गया, और जिसने वादा किया था कि अगले अध्याय में नगरीय क्षेत्रों पर चर्चा होगी।
अध्याय 12 वही वादा पूरा करता है, और चित्र 12.2 में दोनों को एक ही पिरामिड में जोड़ देता है —
जिसमें बाईं ओर ग्रामीण शाखा है और दाईं ओर नगरीय। इसके अतिरिक्त समीर की कहानी में ग्राम सभा
का सीधा उल्लेख भी अध्याय 11 से जुड़ता है।

खंड घ — अभिकथन एवं कारण

निर्देश: नीचे अभिकथन (A) और कारण (R) दिए गए हैं। सही विकल्प चुनिए — (क) दोनों सही, और R, A की सही व्याख्या है (ख) दोनों सही, पर R, A की सही व्याख्या नहीं है (ग) A सही, R गलत (घ) A गलत, R सही

45A: नगरीय शासन ग्रामीण शासन से अधिक जटिल होता है।
R: नगरीय परिदृश्य ग्रामीण परिवेश की तुलना में अधिक जटिल और विविध होता है।

उत्तर देखिए

उत्तर: (क) — पुस्तक स्वयं यही तर्क देती है।

46A: वार्ड समिति टूटी सड़कों की मरम्मत करती है।
R: वार्ड समितियाँ सड़क टूटने जैसी समस्याओं पर दृष्टि रखती हैं।

उत्तर देखिए

उत्तर: (घ) — A गलत है; वे मरम्मत नहीं करतीं, अधिकारियों को अवगत कराती हैं। R सही है।

47A: ‘नगर पंचायत’ गाँवों की संस्था है।
R: ‘पंचायत’ शब्द ग्रामीण स्थानीय शासन से जुड़ा है।

उत्तर देखिए

उत्तर: (घ) — A गलत है; नगर पंचायत 1 लाख से कम जनसंख्या वाले नगरों और कस्बों की संस्था है।

48A: पुस्तक कहती है कि मद्रास कॉरपोरेशन से स्थानीय नगरीय स्वशासन 1792 में सुचारु रूप से आरंभ हुआ।
R: 1792 के संसदीय अधिनियम ने उसे नगर में स्थानीय कर लगाने की शक्ति प्रदान की।

उत्तर देखिए

उत्तर: (क) — कर लगाने की शक्ति मिलने पर ही पुस्तक स्वशासन को सुचारु मानती है।

49A: नगरीय स्थानीय निकायों को स्वायत्तता प्राप्त है।
R: ये किसी भी सरकार के अधीन नहीं हैं।

उत्तर देखिए

उत्तर: (ग) — A सही है, पर R गलत; चित्र 12.2 में ये राज्य सरकार के नीचे ही हैं।

50A: चित्र 12.2 में ग्रामीण और नगरीय पक्ष में खानों की संख्या अलग है।
R: बाईं ओर चार खाने हैं और दाईं ओर तीन।

उत्तर देखिए

उत्तर: (क)

खंड ङ — चित्र और स्रोत आधारित

51चित्र 12.4 को देखकर बताइए कि उसमें दी गई सेवाओं को किन तीन प्रकारों में बाँटा जा सकता है।

उत्तर देखिए

उत्तर: (क) जिनसे निगम को आय होती है — संपत्ति कर, जल शुल्क, तथा व्यवसाय, विज्ञापन और
व्यापार लाइसेंस। (ख) जो प्रमाण-पत्र या अनुमति हैं — विवाह प्रमाणपत्र, विभिन्न लाइसेंस, तथा
पेड़ की कटाई और ढुलाई। (ग) जो सीधी सेवाएँ हैं — अग्निशमन सेवाएँ, एंबुलेंस, जल टैंकर,
सेप्टिक टैंकर, चल शौचालय, सभागार, अंत्येष्टि क्रिया संबंधी वाहन तथा मलबा हटाना। इसके साथ सूखा
कूड़ा प्रबंधन और शिकायत-प्रणाली भी है।

52चित्र 12.4 में विवाह प्रमाणपत्र भी है और अंत्येष्टि क्रिया संबंधी वाहन भी। इससे नगरीय निकाय के काम के बारे में क्या पता चलता है?

उत्तर देखिए

उत्तर: इससे पता चलता है कि नगरीय स्थानीय निकाय का काम नागरिक के जीवन के हर पड़ाव से जुड़ा
है — जन्म से लेकर अंत तक। यही कारण है कि पृष्ठ 176 की कार्य-सूची में ‘कब्रगाहों का रख-रखाव’
भी सम्मिलित है।

53पृष्ठ 176 पर दिए गए चार चित्रों में से टूटी सड़क और साफ़ पार्क को साथ रखकर देखिए। इनमें अंतर किसने बनाया होगा?

उत्तर देखिए

उत्तर: (विचार-प्रश्न।) यह अंतर नगरीय स्थानीय निकाय और नागरिकों, दोनों ने मिलकर बनाया है।
निकाय आधारभूत ढाँचे की देखभाल करता है और अपशिष्ट का संग्रहण एवं निपटान कराता है; और नागरिक
समस्याओं की सूचना देकर, कूड़े का पृथक्करण करके तथा सार्वजनिक संपत्ति की देखभाल करके उसे संभव
बनाते हैं। पुस्तक स्वयं कहती है कि निकाय तभी कुशलतापूर्वक काम कर पाते हैं जब नागरिक भी अपने
कर्तव्यों का पालन करें।

54समीर की कहानी में बच्चों ने दो काम किए। वे कौन-से थे, और उनमें से कौन-सा अधिक महत्वपूर्ण है?

उत्तर देखिए

उत्तर: पहला काम — उन्होंने लटके हुए बिजली के तार की रिपोर्ट की। दूसरा काम — उन्होंने
ग्राम सभा के एक सदस्य को सुझाव दिया कि बिजली का खंभा कुछ दूरी पर स्थानांतरित किया जाए।
दूसरा काम अधिक महत्वपूर्ण है, क्योंकि समस्या बताना पहला कदम है, पर समाधान सुझाना उससे आगे का
कदम है — और पुस्तक इसी का परिणाम बताती है, “और, ऐसा किया गया!”

55समीर कहता है कि गाँव में अधिक लोग भाग लेते हैं क्योंकि वे एक-दूसरे को जानते भी हैं। तो फिर नगर में भागीदारी कैसे संभव होती है?

उत्तर देखिए

उत्तर: (विचार-प्रश्न, जिसका उत्तर पुस्तक के ढाँचे से निकलता है।) नगर इतना बड़ा है कि सब लोग
एक-दूसरे को नहीं जान सकते। इसीलिए नगरों और कस्बों को छोटी-छोटी इकाइयों — वार्डों — में विभाजित किया जाता है, और हर वार्ड की अपनी वार्ड समिति होती है। इस प्रकार नगर को छोटे-छोटे
समुदायों में बाँटकर भागीदारी संभव बनाई जाती है।

शिक्षक के लिए तीन सावधानियाँध्यान

#सावधानी
1चित्र 12.4 से ‘सभी सेवाएँ लिखिए’ न पूछिए — पुस्तक स्वयं कहती है कि सूची संक्षेप में है।
2इंदौर के पुरस्कार-वर्षों की संख्या पर प्रश्न न बनाइए — कारण 10-Verification-Log.md में है।
3प्रश्न 37 और 55 विचार-प्रश्न हैं — इनमें रटा हुआ उत्तर नहीं, विद्यार्थी का अपना तर्क देखिए।