अध्याय 12आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

अभिभावकों के लिए6 मिनटस्रोत जाँचे गए

कक्षा 6 · सामाजिक विज्ञान · NCERT, पृ. 173–182 इस पन्ने को पढ़ने में पाँच मिनट लगेंगे। इसके बाद आप अपने बच्चे से इस अध्याय पर बात कर सकेंगे।

यह अध्याय किस बारे में है — एक वाक्य में

जिस सरकार के सबसे पास हम रहते हैं — नगर निगम, नगरपालिका या नगर पंचायत — वह क्या करती है, और उसमें हमारा क्या हिस्सा है।

यह तीन अध्यायों का अंतिम भाग है

आपके बच्चे ने पिछले दो अध्यायों में यह पढ़ा है:

अध्यायविषय
10सरकार के तीन अंग और तीन स्तर — केंद्र, राज्य, स्थानीय
11गाँवों की स्थानीय सरकार — पंचायती राज
12नगरों की स्थानीय सरकार — (यह अध्याय)

★यदि आपका बच्चा पिछले दो अध्याय भूल गया है, तो यह अध्याय उलझा हुआ लगेगा। इसलिए सबसे पहले उससे यह पूछिए — “पिछले अध्याय में गाँव की सरकार के कितने स्तर थे?”

घर पर पूछने योग्य पाँच प्रश्न

1. “हमारे शहर में नगर निगम है, नगरपालिका है या नगर पंचायत?” (यदि आप स्वयं न जानते हों, तो और भी अच्छा — साथ मिलकर पता कीजिए। यही पुस्तक का अपना क्रियाकलाप भी है।)

2. “हमारा घर किस वार्ड में आता है?” (यह प्रश्न पूछते ही अधिकांश परिवार चुप हो जाते हैं — और यही इस अध्याय की सबसे बड़ी सीख है।)

3. “संपत्ति कर और जल शुल्क किसे दिया जाता है, और वह पैसा कहाँ जाता है?”

4. “गली में जल-रिसाव दिखे तो शिकायत कहाँ करेंगे?”

5. “कूड़ा हम घर पर गीले और सूखे में क्यों अलग करते हैं?”

★पाँचों प्रश्न ऐसे हैं जिनके उत्तर घर में ही हैं — किसी किताब की ज़रूरत नहीं।

तीन बातें जो बच्चे को याद रहनी चाहिए

1. जितना बड़ा नगर, उतना बड़ा नाम

जनसंख्यानिकाय
10 लाख से अधिकनगर निगम (महानगर निगम)
1 से 10 लाखनगरपालिका (म्यूनिसिपल कांउसिल)
1 लाख से कमनगर पंचायत

2. वार्ड समिति आँख है, हाथ नहीं

वह समस्या देखती और बताती है — मरम्मत अधिकारी कराते हैं।

3. नागरिक का कर्तव्य केवल वोट देना नहीं है

पुस्तक स्वयं दो उदाहरण देती है — कूड़े का पृथक्करण, और जल-रिसाव की तुरंत सूचना।

★वोट पाँच वर्ष में एक बार पड़ता है; कूड़ा हर दिन निकलता है।

तीन गलतियाँ जो बच्चे अकसर करते हैंध्यान

#गलतीसही बात
1“नगर पंचायत गाँव की होती है”वह छोटे नगरों और कस्बों की है — ‘पंचायत’ शब्द भ्रमित करता है
2“स्थानीय सरकार के दो स्तर हैं — ग्रामीण और नगरीय”स्तर एक ही है; क्षेत्र दो हैं
3“वार्ड समिति सड़क बनवाती है”वह “अधिकारियों को अवगत कराती है”

★यदि आप घर पर केवल यही तीन बातें ठीक करा दें, तो अध्याय का आधा काम हो गया।

अध्याय की सबसे अच्छी कहानी

पुस्तक में समीर और अनीता की एक बातचीत है। उसमें समीर एक घटना सुनाता है —

कुछ बच्चों ने देखा कि बिजली का एक तार खतरनाक तरीके से नीचे लटका हुआ है।

उन्होंने दो काम किए:

  1. इसकी रिपोर्ट की
  2. और सुझाव दिया कि बिजली का खंभा कुछ दूरी पर स्थानांतरित किया जाए

और पुस्तक लिखती है — “और, ऐसा किया गया!”

★घर पर यह वाक्य बच्चे से कहलवाइए:

“समस्या बताना पहला कदम है। समाधान सुझाना दूसरा।”

यह वाक्य अध्याय से बड़ा है — यह जीवन भर काम आएगा।

घर पर करने योग्य एक छोटा-सा काम

अपने बच्चे के साथ मोहल्ले में दस मिनट घूमिए और तीन चीज़ें ढूँढ़िए:

ढूँढ़िएयह किसका काम है
एक कूड़ेदान या कूड़ा गाड़ीअपशिष्ट संग्रहण एवं निपटान
एक स्ट्रीट-लाइट या नालीआधारभूत ढाँचे की देखभाल
एक ऐसी चीज़ जो टूटी या गंदी हैयह शिकायत करने लायक है

घर लौटकर पूछिए — “तीसरी चीज़ के बारे में हम क्या कर सकते हैं?”

★यही पुस्तक का पूरा विषय है, और यह दस मिनट में सिखाया जा सकता है।

एक बात जो कक्षा 6 से बहुत आगे तक जाती है

अध्याय की शुरुआत 1949 के एक भाषण से होती है। संविधान सभा के सदस्य रूस्तम के. सिधवा ने कहा था कि स्थानीय निकाय इसलिए चाहिए ताकि लोग जान सकें कि प्रशासन, मताधिकार, शक्तियाँ, अधिकार और विशेषाधिकार क्या होते हैं।

यानी उनके लिए नगरपालिका सिर्फ़ सड़क बनाने वाली संस्था नहीं थी — वह लोकतंत्र सीखने की पहली कक्षा थी।

लोकतंत्र सीखने की पहली कक्षा संसद नहीं, अपना मोहल्ला है।

परीक्षा से पहले — केवल यह देख लीजिए

✓बच्चा यह कर पाता है?
☐चित्र 12.2 का पिरामिड बनाकर सातों नाम भर सकता है
☐तीन प्रकार के निकाय जनसंख्या के साथ बता सकता है
☐वार्ड समिति के काम बता सकता है — और यह भी कि वह मरम्मत नहीं करती
☐निकायों के पाँच काम गिना सकता है
☐नागरिक के कर्तव्य के दो उदाहरण बता सकता है
☐सी.आर.एम. का अर्थ बता सकता है
☐ग्रामीण और नगरीय की तीन समानताएँ और तीन विभिन्नताएँ बता सकता है

★सात में से पाँच पर निशान लग जाए, तो अध्याय तैयार है।