अध्याय 2 — राजा, किसान और नगर (लगभग 600 ई.पू. – 600 ई.) | कक्षा XII
PARAKH = Performance Assessment, Review, and Analysis of Knowledge for Holistic Development — NEP 2020 के अंतर्गत NCERT की स्वायत्त इकाई (स्थापना 2023), जो देश के सभी विद्यालयी बोर्डों हेतु मूल्यांकन के मानक निर्धारित करती है। PARAKH रटंत (Rote) से हटकर योग्यता-आधारित (Competency-based) मूल्यांकन पर बल देता है।
PARAKH टैक्सोनॉमी के तीन मूल आयाम: जागरूकता (Awareness) • संवेदनशीलता (Sensitivity) • सृजनात्मकता (Creativity) निष्पादन-स्तर: प्रारंभिक (Beginner) → दक्ष (Proficient) → उन्नत (Advanced)
यह प्रश्न-बैंक
05-Question-Bank.mdका पूरक है — वह परंपरागत बोर्ड-पैटर्न के लिए, यह योग्यता-आधारित मूल्यांकन के लिए।
भाग अ — जागरूकता (Awareness)
क्या विद्यार्थी तथ्य, संकल्पना व प्रक्रिया को समझकर नए संदर्भ में लागू कर सकता है?
अ-1. केस/स्रोत-आधारित प्रश्न (Case-based)
केस 1 — दो शासकों के दो अभिलेख
अभिलेख A: ”…मैंने कलिंग पर विजय प्राप्त की। डेढ़ लाख पुरुषों को निष्कासित किया गया; एक लाख मारे गए और इससे भी ज्यादा की मृत्यु हुई। यह मेरे लिए बहुत वेदनादायी और निंदनीय है…” अभिलेख B: ”…धरती पर उनका कोई प्रतिद्वंद्वी नहीं था। उन्होंने अपने पैर के तलवे से अन्य राजाओं के यश को मिटा दिया है। वे अजेय हैं… वे देवताओं में कुबेर, वरुण, इंद्र और यम के तुल्य हैं।”
1दोनों अभिलेखों की पहचान कीजिए और बताइए कि इन्हें किसने बनवाया/रचा।
उत्तर देखिए
(दक्ष)
2एक ही ‘अभिलेख’ नामक स्रोत-प्रकार होते हुए भी दोनों का स्वर (Tone) इतना भिन्न क्यों है? दो कारण दीजिए।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
3यदि आपके पास केवल अभिलेख B होता, तो आप उस शासक के बारे में क्या निष्कर्ष निकालते — और वह निष्कर्ष किस प्रकार भ्रामक हो सकता था?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
4NCERT कहती है कि अभिलेख “हमेशा उन्हीं व्यक्तियों के विचार व्यक्त करते हैं जो उन्हें बनवाते थे।” इन दोनों अभिलेखों से इस कथन को सिद्ध कीजिए।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
केस 2 — एक गाँव का राज्यादेश
“इस गाँव में पुलिस या सैनिक प्रवेश नहीं करेंगे। दौरे पर आने वाले शासकीय अधिकारियों को यह गाँव घास देने और आसन में प्रयुक्त होने वाली जानवरों की खाल और कोयला देने के दायित्व से मुक्त है। साथ ही यह मदिरा खरीदने और नमक हेतु खुदाई करने के राजसी अधिकार से मुक्त है… यह गाँव का दान इसके भीतर की संपत्ति और बड़े-छोटे सभी करों सहित किया गया है।”
5यह किस प्रकार का भूभाग है और इसे किस नाम से जाना जाता था?
उत्तर देखिए
(प्रारंभिक)
6उपरोक्त ‘रियायतों’ की सूची से उन वस्तुओं की सूची बनाइए जो सामान्यतः गाँव से वसूली जाती थीं।
उत्तर देखिए
(दक्ष)
7यदि गाँव में पुलिस या सैनिक प्रवेश नहीं कर सकते, तो वहाँ वास्तविक सत्ता किसके पास होगी? इससे राजा की शक्ति पर क्या प्रभाव पड़ता?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
8यह अभिलेख ‘भूमिदान पर दो मतों’ में से किस मत को अधिक बल देता है — और क्यों?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
केस 3 — एक सिक्का-संग्रह
एक उत्खनन में मिले सिक्के: (क) चाँदी के, बिना नाम-प्रतिमा के, केवल ठप्पे लगे प्रतीकों वाले (ख) चाँदी के, एक ओर राजा की प्रतिमा व यूनानी लेख, दूसरी ओर खरोष्ठी लेख (ग) सोने के, वजन में रोमन सिक्कों के समान (घ) ताँबे के, हज़ारों की संख्या में, एक ही प्रकार के
9प्रत्येक सिक्के की पहचान कीजिए और उसका संभावित काल बताइए।
उत्तर देखिए
(दक्ष)
10सिक्का (ख) अभिलेखशास्त्र के इतिहास में क्यों निर्णायक सिद्ध हुआ?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
11यदि इस स्थल से केवल सिक्का (घ) मिलता, तो आप उस समुदाय के बारे में क्या अनुमान लगाते?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
12सिक्कों की धातु (चाँदी/सोना/ताँबा) से अर्थव्यवस्था के बारे में क्या-क्या संकेत मिल सकते हैं?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
अ-2. दावा-कारण (Assertion–Reason)
निर्देश: (अ) दोनों सही, कारण सही व्याख्या (ब) दोनों सही, कारण सही व्याख्या नहीं (स) दावा सही, कारण गलत (द) दावा गलत, कारण सही
13दावा (A): मगध छठी से चौथी शताब्दी ई.पू. में सबसे शक्तिशाली महाजनपद बन गया।
कारण (R): मगध क्षेत्र में लोहे की खदानें आसानी से उपलब्ध थीं।
उत्तर देखिए
उत्तर: (ब)
(दावा सही, कारण सही — पर यह चार कारणों में से केवल एक है; अकेले पूर्ण व्याख्या नहीं)
14दावा (A): असोक के अभिलेखों में उनका नाम नहीं मिलता।
कारण (R): उन्होंने अपने अभिलेखों में ‘देवानांपिय’ व ‘पियदस्सी’ जैसी उपाधियों का प्रयोग किया।
उत्तर देखिए
उत्तर: (अ)
15दावा (A): मौर्य साम्राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था पूरे साम्राज्य में एकसमान थी।
कारण (R): असोक ने पश्चिमोत्तर से उड़ीसा तक एक जैसे संदेश उत्कीर्ण करवाए।
उत्तर देखिए
उत्तर: (द) (इतिहासकारों का निष्कर्ष है कि व्यवस्था एकसमान होना संभव नहीं था)
16दावा (A): प्रभावती गुप्त का अभिलेख धर्मशास्त्रों के नियम का खंडन करता है।
कारण (R): संस्कृत धर्मशास्त्रों के अनुसार महिलाओं को भूमि जैसी संपत्ति पर स्वतंत्र अधिकार नहीं था।
उत्तर देखिए
उत्तर: (अ)
17दावा (A): दक्षिण भारत रोमन साम्राज्य के अंतर्गत आता था।
कारण (R): दक्षिण भारत के अनेक पुरास्थलों से बड़ी संख्या में रोमन सिक्के मिले हैं।
उत्तर देखिए
उत्तर: (द) (दक्षिण भारत रोमन साम्राज्य के अंतर्गत नहीं था, केवल व्यापारिक दृष्टि से संबंधित था)
18दावा (A): खरोष्ठी लिपि हड़प्पाई लिपि की अपेक्षा जल्दी पढ़ी जा सकी।
कारण (R): हिंद-यूनानी सिक्कों पर राजाओं के नाम यूनानी और खरोष्ठी दोनों में लिखे थे।
उत्तर देखिए
उत्तर: (अ)
अ-3. डेटा/मानचित्र-व्याख्या
19मौर्य साम्राज्य के चार प्रांतीय केंद्र दिए गए हैं — तक्षशिला, उज्जयिनी, तोसलि, सुवर्णगिरि। प्रत्येक के चयन का संभावित रणनीतिक कारण बताइए (जहाँ NCERT स्पष्ट न हो, वहाँ तर्क दीजिए)।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
20मानचित्र 1 (आरंभिक राज्य) और मानचित्र 2 (असोक के अभिलेख) की तुलना कीजिए। कौन-से महाजनपद-क्षेत्रों में अभिलेख मिले हैं और कौन-से में नहीं? इससे क्या निष्कर्ष निकलता है?
उत्तर देखिए
(उन्नत — NCERT प्र. 10 का विस्तार)
21यूनानी विवरण के अनुसार मौर्य सेना में 6 लाख पैदल, 30 हज़ार घुड़सवार व 9 हज़ार हाथी थे। यदि प्रत्येक हाथी को प्रतिदिन औसतन बड़ी मात्रा में चारा चाहिए, तो केवल हाथियों के भरण-पोषण की समस्या का अनुमान लगाइए। इससे यह विवरण विश्वसनीय लगता है या अतिशयोक्तिपूर्ण?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
22काल रेखा 1 देखिए — मौर्य साम्राज्य का अंत (185 ई.पू.) और गुप्त शासन का आरंभ (320 ई.) के बीच लगभग 500 वर्ष का अंतराल है। इस अवधि में कौन-कौन से शासक-वंश सक्रिय थे? इस ‘अंतराल’ को इतिहास में कैसे देखा जाना चाहिए?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
अ-4. वर्गीकरण व मिलान
23निम्न को ‘सरदारी की विशेषता’ अथवा ‘राज्य की विशेषता’ में वर्गीकृत कीजिए:
भेंट लेना • स्थायी सेना • कर वसूलना • वंशानुगत सरदार-पद (अनिवार्य नहीं) • नौकरशाही तंत्र • खानदान के समर्थक • किलेबंद राजधानी • विवादों में मध्यस्थता (दक्ष)
24निम्न स्रोतों को उनके प्रकार से मिलाइए — अर्थशास्त्र • प्रयाग प्रशस्ति • गंदतिन्दु जातक • पेरिप्लस • सुदर्शन झील अभिलेख • मनुस्मृति
उत्तर देखिए
विधिग्रंथ • प्रशस्ति • कथा-साहित्य • विदेशी यात्रा-वृत्तांत • अभिलेख • राजनीति-शास्त्र (प्रारंभिक)
25निम्न व्यवसायों को उस स्रोत से मिलाइए जिससे उनकी जानकारी मिलती है: धोबी-बुनकर-स्वर्णकार • वेल्लालर-उणवर-अणिमई • लकड़हारे-बढ़ई-लोहार
उत्तर देखिए
दानात्मक अभिलेख • तमिल संगम साहित्य • मेगस्थनीज़ का विवरण (दक्ष)
भाग आ — संवेदनशीलता (Sensitivity)
मूल्य, दृष्टिकोण-विविधता, नैतिक विवेक, सहयोग व संवाद की क्षमता
26इतिहास किसका लिखा जाता है? गंदतिन्दु जातक की प्रजा, दंगुन गाँव के कुटुंबिन, और ‘नियंत्रण से बाहर के लोग’ (पशुपालक, शिकारी, मछुआरे, घुमक्कड़) — इनमें से किसका इतिहास सबसे कम लिखा जा सका और क्यों? इस चुप्पी का क्या अर्थ है?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
27करों का नैतिक प्रश्न: जातक कथा में प्रजा की शिकायत थी — “रात में डकैत, दिन में कर-अधिकारी”। क्या यह तुलना उचित है? कर और लूट में क्या अंतर होना चाहिए? आज के संदर्भ में अपने विचार लिखिए।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
28महिला और संपत्ति: प्रभावती गुप्त भूमि की स्वामी थी जबकि धर्मशास्त्र इसकी अनुमति नहीं देते थे। NCERT दो व्याख्याएँ देती है। एक विद्यार्थी के रूप में आप इस अंतर को कैसे प्रस्तुत करेंगे ताकि न तो अतीत का महिमामंडन हो और न ही एकतरफ़ा निंदा?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
29पश्चाताप की ईमानदारी: असोक ने कलिंग की वेदना अभिलेख में दर्ज की — परंतु वह अभिलेख उड़ीसा में नहीं मिला। इस तथ्य की दो संभावित व्याख्याएँ दीजिए: एक जो असोक के पक्ष में हो और एक जो प्रश्न उठाए। दोनों को समान गंभीरता से प्रस्तुत कीजिए।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
30समूह-कार्य (सहयोगात्मक बहस): कक्षा को दो समूहों में बाँटिए — (क) ‘भूमिदान = कृषि-विस्तार की रणनीति’ (ख) ‘भूमिदान = दुर्बल होते राजनीतिक प्रभुत्व का संकेत’। प्रत्येक समूह केवल NCERT से साक्ष्य उठाए और दूसरे समूह के तर्क का सम्मानपूर्वक खंडन करे। मूल्यांकन-मापदंड: साक्ष्य की गुणवत्ता + असहमति की भाषा।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
31धम्म का मूल्य-पक्ष: असोक के धम्म में “दूसरे के धर्मों और परंपराओं का आदर” शामिल था। यह मूल्य आज के भारत में कैसे प्रासंगिक है? एक अनुच्छेद लिखिए।
उत्तर देखिए
(दक्ष)
32श्रम की अदृश्यता: पाटलिपुत्र, राजगीर के किले, स्तंभ-अभिलेख — इन्हें बनाने वाले शिल्पकारों-श्रमिकों का कोई नाम इतिहास में दर्ज नहीं (एक अपवाद — मथुरा की मूर्ति पर ‘नागपिया’ व दंगुन के ‘चक्रदास’)। ये अपवाद क्यों महत्त्वपूर्ण हैं?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
33आज से जोड़िए: मेगस्थनीज़ के अनुसार अधिकारी नहरों के जल-वितरण का निरीक्षण करते थे “ताकि हर स्थान पर पानी की समान पूर्ति हो सके”। आपके क्षेत्र में जल-वितरण की व्यवस्था कैसी है? एक व्यावहारिक सुझाव दीजिए।
उत्तर देखिए
(दक्ष)
भाग इ — सृजनात्मकता (Creativity)
नवीन विचार-सृजन, लचीलापन, प्रवाह, अन्वेषण तथा विचारों का संयोजन
इ-1. कल्पनाशील पुनर्रचना
34आप असोक के एक पतिवेदक (संवाददाता) हैं। एक सप्ताह की रिपोर्ट लिखिए (150 शब्द) जिसमें कम-से-कम पाँच ऐतिहासिक तथ्य स्वाभाविक रूप से गुँथे हों।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
35आप पेरिप्लस के यूनानी लेखक हैं और भारत के पूर्वी तट (न कि मालाबार) की यात्रा पर हैं। उसी शैली में एक आयात-निर्यात सूची बनाइए, अध्याय के तथ्यों के आधार पर।
उत्तर देखिए
(दक्ष)
36गंदतिन्दु जातक की शैली में एक नयी लघु-कथा लिखिए जिसमें एक अच्छा राजा अपनी पहचान बदलकर प्रजा के बीच जाता है। प्रजा उससे क्या कहेगी?
उत्तर देखिए
(दक्ष)
37आप एक श्रेणी (Guild) के प्रमुख हैं। अपनी श्रेणी के नियमों की सूची बनाइए — कच्चा माल खरीदने से लेकर बाज़ार में बेचने तक।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
इ-2. समस्या-समाधान व अभिकल्प (Design)
38डिज़ाइन-चुनौती: आपको एक नया प्रांतीय केंद्र चुनना है। तीन कसौटियाँ तय कीजिए (मौर्य केंद्रों के तर्क से सीखते हुए) और उन कसौटियों पर आधुनिक भारत के किसी एक नगर का मूल्यांकन कीजिए।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
39संचार-चुनौती: असोक के सामने समस्या थी — अधिकांश लोग पढ़े-लिखे नहीं थे, और पाटलिपुत्र की प्राकृत सब जगह नहीं समझी जाती थी। आप होते तो संदेश कैसे पहुँचाते? तीन उपाय सुझाइए और प्रत्येक की सीमा भी बताइए।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
40अभिलेख-रचना: अपने विद्यालय के लिए एक अभिलेख लिखिए जो 2,000 वर्ष बाद पढ़ा जाए। उसमें क्या-क्या डालेंगे — और सोचिए कि आप क्या छोड़ देंगे (और वही छूटी हुई बात भविष्य के इतिहासकार को क्यों खटकेगी)?
उत्तर देखिए
(उन्नत — §8 की संकल्पना पर)
41सिक्का-अभिकल्प: एक ऐसा सिक्का डिज़ाइन कीजिए जो ‘दैविक राजा’ के विचार को प्रकट करे। दोनों ओर क्या होगा और क्यों?
उत्तर देखिए
(दक्ष)
इ-3. परिकल्पना व प्रति-तथ्यात्मक चिंतन (Counterfactual)
42यदि मेगस्थनीज़ का पूरा विवरण उपलब्ध होता: आज हमारी मौर्य-संबंधी समझ किन-किन तरीकों से बदल जाती?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
43यदि प्रिंसेप ब्राह्मी न पढ़ पाते: इस अध्याय के कौन-से खंड लिखे ही न जा पाते? सूची बनाइए।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
44यदि भूमिदान के ताम्रपत्र न बचते: ग्रामीण समाज के बारे में हमारी जानकारी में कौन-कौन से रिक्त स्थान रह जाते?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
45भविष्य-कल्पना: 4000 ई. में कोई इतिहासकार आज के भारत के केवल सरकारी शिलालेखों और सिक्कों से हमारा इतिहास लिखता है। वह क्या-क्या सही समझेगा और क्या-क्या गलत?
उत्तर देखिए
(उन्नत — §8 की सीमाओं पर)
इ-4. विचारों का संयोजन (Combining ideas)
46‘द्विभाषिक साक्ष्य = लिपि की चाबी’ — इस सूत्र को अध्याय 1 (हड़प्पाई लिपि) और अध्याय 2 (खरोष्ठी) दोनों पर लागू कीजिए और एक सामान्य सिद्धांत बनाइए। फिर बताइए कि इस सिद्धांत की सीमा क्या है।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
47‘अभिलेख बनवाने वाले का दृष्टिकोण व्यक्त करते हैं’ (§8) और ‘प्रशस्तियाँ काव्यात्मक ग्रंथ मानी जाती थीं’ (§4.2) — इन दो अंतर्दृष्टियों को जोड़कर एक स्रोत-मूल्यांकन की सामान्य विधि प्रस्तावित कीजिए, जो किसी भी ऐतिहासिक स्रोत पर लागू हो सके।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
48तीन प्रकार के साक्ष्य — पुरातात्त्विक (रोमन सिक्के), लिखित-देशी (दानात्मक अभिलेख), लिखित-विदेशी (पेरिप्लस) — इन तीनों को जोड़कर ‘रोमन-भारत व्यापार’ पर एक तर्क-शृंखला बनाइए। फिर उसकी सबसे कमज़ोर कड़ी पहचानिए।
उत्तर देखिए
(उन्नत)
49अध्याय 1 के ‘कूड़े से इतिहास’ और अध्याय 2 के ‘दानात्मक अभिलेखों में व्यवसाय’ — दोनों साधारण लोगों तक पहुँचने की विधियाँ हैं। इनकी तुलना कीजिए: कौन-सी विधि क्या बता सकती है और क्या नहीं?
उत्तर देखिए
(उन्नत)
50समग्र संश्लेषण: “साक्ष्य का प्रकार बदल गया (भौतिक
उत्तर देखिए
लिखित), पर इतिहासकार की समस्या नहीं बदली।” अध्याय 1 और 2 से तीन-तीन उदाहरण लेकर इस कथन का परीक्षण कीजिए।
(उन्नत — सर्वोच्च स्तर का प्रश्न)
भाग ई — मूल्यांकन रूब्रिक (Rubric)
| स्तर | जागरूकता (Awareness) | संवेदनशीलता (Sensitivity) | सृजनात्मकता (Creativity) |
|---|---|---|---|
| प्रारंभिक (Beginner) | तथ्य याद हैं, पर नए संदर्भ में लागू नहीं कर पाता | केवल एक दृष्टिकोण देखता है | प्रत्यक्ष/नकल-आधारित उत्तर |
| दक्ष (Proficient) | तथ्य + संकल्पना को नए उदाहरण पर लागू करता है | दोनों पक्ष प्रस्तुत करता है; भाषा संयत | नया उदाहरण/संयोजन बनाता है |
| उन्नत (Advanced) | साक्ष्य से निष्कर्ष निकालता है और उसकी सीमा भी बताता है | असहमति का सम्मानपूर्वक खंडन; नैतिक विवेक स्पष्ट | मौलिक परिकल्पना + आत्म-समीक्षा |
शिक्षक-निर्देश
- एक इकाई-परीक्षण में तीनों आयामों से प्रश्न रखें — सुझाया अनुपात: जागरूकता 50% • संवेदनशीलता 20% • सृजनात्मकता 30%।
- ‘उन्नत’ स्तर के प्रश्नों का उत्तर एक ही नहीं होता — मूल्यांकन तर्क की गुणवत्ता पर करें, निष्कर्ष के मिलान पर नहीं।
- प्रश्न 46, 49 व 50 दोनों अध्यायों को जोड़ते हैं — इन्हें अर्धवार्षिक/वार्षिक परीक्षा के लिए सुरक्षित रखें।
- भाग-इ के प्रश्न 34, 40 व 45 उत्कृष्ट परियोजना कार्य (Project Work) बनते हैं।