अध्याय 3बंधुत्व, जाति तथा वर्ग

परख प्रश्न14 मिनट

अध्याय 3 — बंधुत्व, जाति तथा वर्ग (लगभग 600 ई.पू. – 600 ईसवी) | कक्षा XII

PARAKH = Performance Assessment, Review, and Analysis of Knowledge for Holistic Development — NEP 2020 के अंतर्गत NCERT की स्वायत्त इकाई (स्थापना 2023)। तीन मूल आयाम: जागरूकता (Awareness) • संवेदनशीलता (Sensitivity) • सृजनात्मकता (Creativity) निष्पादन-स्तर: प्रारंभिक (Beginner) → दक्ष (Proficient) → उन्नत (Advanced)

! शिक्षक हेतु विशेष सूचना: इस अध्याय के संवेदनशीलता वाले प्रश्न जाति, अस्पृश्यता और लैंगिक भेदभाव को छूते हैं। इन्हें ऐतिहासिक साक्ष्य के विश्लेषण के रूप में कराएँ। मूल्यांकन तर्क की गुणवत्ता और भाषा के संयम पर करें। किसी विद्यार्थी को व्यक्तिगत अनुभव साझा करने के लिए बाध्य न करें।

भाग अ — जागरूकता (Awareness)

अ-1. केस/स्रोत-आधारित प्रश्न

केस 1 — एक अभिलेख, तीन नियम-भंग

अभिलेखों से प्राप्त नाम: राजा गोतमी-पुत्त सिरि-सातकनि • राजा वसिथि-पुत्त सिरि-पुलुमायि • राजा गोतमी-पुत्त सामि-सिरि-यन-सातकनि • राजा हरिति-पुत्त चत्तरपन-सातकनि

1इन नामों की साझा संरचना पहचानिए और बताइए कि ‘पुत्त’ किस भाषा का शब्द है।

उत्तर देखिए

(प्रारंभिक)

2गोतमी, वसिथि व हरिति — ये किस प्रकार के नाम हैं और किनसे व्युत्पन्न हैं?

उत्तर देखिए

(दक्ष)

3इन नामों के आधार पर ब्राह्मणीय गोत्र-नियमों के तीन उल्लंघन सूचीबद्ध कीजिए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

4यदि हमारे पास केवल धर्मशास्त्र होते और ये अभिलेख न होते, तो हमारी समझ किस प्रकार भिन्न होती?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

5यह प्रकरण अध्याय के इस कथन को कैसे सिद्ध करता है — “आदर्शों को प्रश्नवाचक दृष्टि से भी देखा जाता था और यदा-कदा इनकी अवहेलना भी की जाती थी”?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

केस 2 — तीन कथाएँ, तीन रुख

(क) द्रोण ने एकलव्य को शिष्य मानने से मना किया और बाद में उसका अँगूठा माँग लिया। (ख) हिडिम्बा ने भीम से विवाह का प्रस्ताव किया; युधिष्ठिर ने शर्त के साथ सहमति दी। (ग) मातंग ने कहा — “जिन्हें अपने जन्म पर गर्व है पर अज्ञानी हैं वे भेंट के पात्र नहीं हैं।”

6प्रत्येक कथा किस स्रोत-परंपरा से आती है? (भाषा व ग्रंथ बताइए) (दक्ष)

7तीनों कथाओं में मानदंडों के प्रति रुख को एक-एक शब्द में व्यक्त कीजिए। (उन्नत)

उत्तर देखिए

(संकेत: पालन • समझौता • प्रतिरोध)

8क्या यह संयोग है कि प्रतिरोध की कथा पालि (बौद्ध) ग्रंथ में मिलती है, और पालन की कथा संस्कृत महाकाव्य में? इस पर टिप्पणी कीजिए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

9यदि एकलव्य की कथा किसी निषाद ने लिखी होती, तो वह किस प्रकार भिन्न होती?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

केस 3 — दो सूचियाँ

पुरुषों के लिए (7): विरासत, खोज, खरीद, विजित करके, निवेश, कार्य द्वारा, सज्जनों की भेंट स्त्रियों के लिए (6): वैवाहिक अग्नि के सामने भेंट, वधूगमन की भेंट, स्नेह-प्रतीक भेंट, भ्राता-माता-पिता के उपहार, परवर्ती भेंट, ‘अनुरागी’ पति से प्राप्त

10यह सूची किस ग्रंथ से है?

उत्तर देखिए

(प्रारंभिक)

11दोनों सूचियों में मूल संरचनात्मक अंतर क्या है? एक वाक्य में लिखिए।

उत्तर देखिए

(दक्ष)

12पुरुषों की सूची में कौन-से तरीके स्वतंत्र आर्थिक क्रिया दर्शाते हैं? स्त्रियों की सूची में ऐसा कोई तरीका है?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

13स्त्रीधन की अवधारणा इस चित्र में कहाँ बैठती है — यह इसे मज़बूत करती है या कमज़ोर? दोनों पक्ष दीजिए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

केस 4 — पुरातत्त्व बनाम महाकाव्य

बी.बी. लाल (द्वितीय स्तर): “आवास गृहों की कोई निश्चित परियोजना नहीं मिलती किंतु मिट्टी की बनी दीवारें और कच्ची मिट्टी की ईंटें अवश्य मिलती हैं… सरकंडे की छाप वाले मिट्टी के पलस्तर…” महाभारत (आदिपर्वन्): “यह नगर जो समुद्र की भाँति भरा हुआ था, जो सैकड़ों प्रासादों से संकुलित था… इंद्र की नगरी के समान शोभायमान था।”

14दोनों विवरणों में तीन ठोस अंतर सूचीबद्ध कीजिए।

उत्तर देखिए

(दक्ष)

15NCERT इस अंतर की दो संभावित व्याख्याएँ देती है — दोनों लिखिए।

उत्तर देखिए

(दक्ष)

16आप एक तीसरी संभावित व्याख्या सुझाइए और बताइए कि उसे सिद्ध या असिद्ध करने के लिए किस प्रकार का साक्ष्य चाहिए होगा।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

17“नामों की समानता मात्र एक संयोग हो सकता है” — फिर भी इतिहासकार इस पुरास्थल को हस्तिनापुर से क्यों जोड़ते हैं?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

अ-2. दावा-कारण (Assertion–Reason)

निर्देश: (अ) दोनों सही, कारण सही व्याख्या (ब) दोनों सही, कारण सही व्याख्या नहीं (स) दावा सही, कारण गलत (द) दावा गलत, कारण सही

18दावा (A): सातवाहन राजाओं में मातृवंशिकता प्रचलित थी।
कारण (R): सातवाहन राजाओं को उनके मातृनाम से चिह्नित किया जाता था।

उत्तर देखिए

उत्तर: (द)

(दावा गलत — सिंहासन का उत्तराधिकार पितृवंशिक था; कारण सही)

19दावा (A): ब्राह्मणों का प्रभाव पूरे उपमहाद्वीप में सार्वभौमिक था।
कारण (R): धर्मसूत्र व धर्मशास्त्र संस्कृत में संहिताबद्ध किए गए थे।

उत्तर देखिए

उत्तर: (द) (NCERT स्पष्ट कहती है कि प्रभाव सार्वभौमिक कदापि नहीं था)

20दावा (A): महाभारत का एक ही रचयिता नहीं था।
कारण (R): ग्रंथ प्रारंभिक रूप में 10,000 से कम श्लोकों का था और बढ़कर एक लाख श्लोकों का हो गया।

उत्तर देखिए

उत्तर: (अ)

21दावा (A): वर्ण व्यवस्था जन्म से निर्धारित एक कठोर व्यवस्था थी।
कारण (R): धर्मसूत्रों और धर्मशास्त्रों में चारों वर्णों के लिए ‘जीविका’ के नियम दिए गए हैं।

उत्तर देखिए

उत्तर: (द) (श्रीमद्भगवद् गीता संकेत करती है कि व्यवस्था गुण और कर्म पर आधारित थी)

22दावा (A): समालोचनात्मक संस्करण में क्षेत्रीय प्रभेदों का ब्योरा मुख्य पाठ से भी बड़ा था।
कारण (R): 13,000 पृष्ठों में से आधे से भी अधिक इन प्रभेदों का ब्योरा देते हैं।

उत्तर देखिए

उत्तर: (अ)

23दावा (A): बौद्धों ने समाज में विषमता के अस्तित्व से इनकार किया।
कारण (R): बौद्धों ने जन्म के आधार पर सामाजिक प्रतिष्ठा को अस्वीकार किया।

उत्तर देखिए

उत्तर: (द) (बौद्धों ने विषमता को स्वीकार किया, पर उसे नैसर्गिक या स्थायी नहीं माना)

अ-3. डेटा/मानचित्र-व्याख्या

24समालोचनात्मक संस्करण: 13,000 पृष्ठ, 47 वर्ष, आधे से अधिक पृष्ठ पाठभेदों के। इन तीन आँकड़ों से तीन अलग-अलग निष्कर्ष निकालिए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

25महाभारत के श्लोक 10,000 से कम → एक लाख हुए। यह वृद्धि किन चार चरणों में हुई? प्रत्येक चरण में कौन जोड़ रहा था और क्यों?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

26कालरेखा 1 देखिए। पालि में लिखे ग्रंथ किस काल-खंड के हैं और संस्कृत में लिखे कौन-से? इस भाषा-वितरण से क्या संकेत मिलता है?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

27इस अध्याय के मानचित्र 1 की तुलना अध्याय 2 के मानचित्र 1 से कीजिए। कुरु-पांचाल क्षेत्र के निकट स्थित महाजनपदों व नगरों की सूची बनाइए।

उत्तर देखिए

(दक्ष — NCERT प्र. 10)

अ-4. वर्गीकरण व मिलान

28निम्न स्रोतों को भाषा के अनुसार वर्गीकृत कीजिए: मनुस्मृति • मातंग जातक • मंदसौर अभिलेख • पुरनानुरू • मज्झिमनिकाय • सातवाहन अभिलेख

उत्तर देखिए

संस्कृत / पालि / प्राकृत / तमिल (दक्ष)

29निम्न को ‘ब्राह्मणीय मानदंड’ अथवा ‘उसका अपवाद’ में वर्गीकृत कीजिए:
कन्यादान • अंतर्विवाह (सातवाहन) • बहिर्विवाह • ब्राह्मण-वणिक • शूद्र की सेवा-जीविका • रेशम बुनकरों की विविध रुचियाँ • गोत्र-परिवर्तन • बहुपति प्रथा (उन्नत)

30निम्न शब्दों का मिलान कीजिए: कुल • जाति • वंश • गोत्र • श्रेणी

उत्तर देखिए

परिवार • बांधवों का बड़ा समूह • इकट्ठे पूर्वज • वैदिक ऋषि के नाम पर वर्गीकरण • व्यवसाय-आधारित संगठन (प्रारंभिक)

भाग आ — संवेदनशीलता (Sensitivity)

31इतिहास किसकी आवाज़ में? इस अध्याय की चार कथाओं (एकलव्य, हिडिम्बा, मातंग, द्रौपदी) में से किसकी आवाज़ सबसे कम सुनाई देती है और क्यों? अपने उत्तर में स्रोत की भाषा और लेखक दोनों पर विचार कीजिए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

32महाश्वेता देवी का प्रश्न: “तुम्हें एक बार भी उन छः निर्दोष प्राणों की याद नहीं आई?” — मूल संस्कृत पाठ इस प्रश्न पर मूक क्यों है? किसी ग्रंथ के ‘मौन’ को इतिहासकार कैसे पढ़े?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

33दो दृष्टिकोणों का सम्मान: ‘पुरुषसूक्त’ पर आधारित ब्राह्मणीय दृष्टिकोण और बौद्ध ‘सामाजिक अनुबंध’ — इन दोनों को समान गंभीरता और संयत भाषा में प्रस्तुत कीजिए, बिना किसी एक को श्रेष्ठ या हीन बताए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

34आदर्श और व्यवहार: धर्मशास्त्र कहते हैं महिलाओं को भूमि पर स्वतंत्र अधिकार नहीं; प्रभावती गुप्त का अभिलेख इसके विपरीत है। ऐसी विसंगति मिलने पर एक विद्यार्थी को क्या निष्कर्ष निकालना चाहिए — और क्या नहीं निकालना चाहिए?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

35समूह-कार्य (सहयोगात्मक): कक्षा को दो समूहों में बाँटिए —
(क) “साहित्यिक स्रोत सामाजिक इतिहास के लिए विश्वसनीय हैं”
(ख) “साहित्यिक स्रोत सामाजिक इतिहास के लिए भ्रामक हो सकते हैं”
प्रत्येक समूह केवल NCERT से साक्ष्य उठाए और दूसरे का सम्मानपूर्वक खंडन करे। मूल्यांकन: साक्ष्य की गुणवत्ता + असहमति की भाषा।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

36श्रम और गरिमा: मंदसौर के रेशम बुनकरों ने अपने शिल्पकर्म से अर्जित धन से मंदिर बनवाया, और स्रोत 8 उनकी संगीत, साहित्य, खगोल व युद्ध में रुचियाँ बताता है। यह अभिलेख किसी समुदाय को केवल उसके व्यवसाय से पहचानने की प्रवृत्ति पर क्या प्रश्न उठाता है?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

37वर्तमान से जोड़िए: NCERT स्वयं पूछती है — “वर्तमान समाजों में सामाजिक रिश्ते किस तरह परिचालित होते हैं? क्या यह अतीत के सामाजिक रिश्तों से मिलते-जुलते हैं, अथवा भिन्न हैं?” — एक संतुलित अनुच्छेद लिखिए।

उत्तर देखिए

(दक्ष)

38गांधारी की सलाह: “युद्ध में कुछ भी शुभ नहीं होता, ना धर्म और अर्थ की प्राप्ति होती है और ना ही प्रसन्नता की।” यह वक्तव्य आज के संदर्भ में कितना प्रासंगिक है?

उत्तर देखिए

(दक्ष)

39भाषा की शक्ति: NCERT लिखती है कि संस्कृत साहित्य में कुछ समुदायों को “विचित्र, असभ्य और पशुवत” चित्रित किया जाता था। किसी समूह के बारे में प्रयुक्त शब्द उसके प्रति व्यवहार को कैसे प्रभावित करते हैं? आज के संदर्भ में एक उदाहरण दीजिए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

भाग इ — सृजनात्मकता (Creativity)

इ-1. कल्पनाशील पुनर्रचना

40कल्पना कीजिए कि आप एक लेखक हैं और एकलव्य की कथा को अपने दृष्टिकोण से लिखिए। (NCERT प्र. 12 — उन्नत)

41महाश्वेता देवी की शैली में: महाभारत के किसी अन्य प्रसंग को चुनिए जिस पर मूल पाठ ‘मूक’ है, और उसे उस मूक पात्र के दृष्टिकोण से 150 शब्दों में लिखिए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

42आप एक सूत (भाट सारथी) हैं और युद्धक्षेत्र से लौटे हैं। अपने आश्रयदाता की प्रशंसा में एक मौखिक काव्य-अंश रचिए — जिसमें अध्याय के कम-से-कम चार तथ्य गुँथे हों।

उत्तर देखिए

(दक्ष)

43मंदसौर के एक रेशम बुनकर की डायरी लिखिए — लाट से दशपुर की यात्रा, श्रेणी का जीवन, और मंदिर-निर्माण का निर्णय।

उत्तर देखिए

(दक्ष)

इ-2. समस्या-समाधान व अभिकल्प

44शोध-अभिकल्प: आपको यह पता लगाना है कि किसी क्षेत्र में ब्राह्मणीय विवाह-नियमों का पालन होता था या नहीं। आप किन तीन प्रकार के स्रोतों की खोज करेंगे और प्रत्येक से क्या-क्या पता चल सकता है?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

45समालोचनात्मक संस्करण 2.0: यदि आपको आज यह परियोजना करनी हो, तो डिजिटल उपकरणों से आप कौन-सी तीन चीज़ें अलग करेंगे — और उनमें से क्या सुकथांकर की टीम नहीं कर सकती थी?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

46प्रदर्शनी-अभिकल्प: एक संग्रहालय-दीर्घा डिज़ाइन कीजिए जिसका शीर्षक हो — “नियम और उनकी अवहेलना”। कौन-सी पाँच वस्तुएँ/स्रोत रखेंगे और प्रत्येक के साथ क्या लिखेंगे?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

47पाठ्यपुस्तक-लेखन: यदि आपको इस अध्याय में एक नया स्रोत-बॉक्स (स्रोत 17) जोड़ना हो, तो वह किस विषय पर होगा और क्यों?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

इ-3. परिकल्पना व प्रति-तथ्यात्मक चिंतन

48यदि केवल संस्कृत ग्रंथ बचे होते (पालि, प्राकृत व तमिल नहीं) — तो आरंभिक भारतीय समाज की हमारी तस्वीर किन-किन तरीकों से बदल जाती? कम-से-कम चार बिंदु दीजिए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

49यदि सातवाहन अभिलेख न मिलते — तो गोत्र-नियमों के बारे में हम क्या मान बैठते?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

50यदि महाभारत केवल 10,000 श्लोकों का ही रहता — तो हमें किन विषयों की जानकारी न मिलती?

उत्तर देखिए

(उन्नत)

51भविष्य-कल्पना: 4000 ई. में कोई इतिहासकार आज के भारत का सामाजिक इतिहास केवल हमारे कानूनों और नियम-पुस्तिकाओं से लिखता है। वह क्या सही समझेगा और क्या गलत?

उत्तर देखिए

(उन्नत — ‘आदर्श बनाम व्यवहार’ की संकल्पना पर)

इ-4. विचारों का संयोजन

52तीन अध्यायों का संश्लेषण: “साक्ष्य का प्रकार बदल गया (भौतिक → अभिलेखीय → साहित्यिक), पर इतिहासकार की समस्या नहीं बदली।” — तीनों अध्यायों से दो-दो उदाहरण लेकर इस कथन का परीक्षण कीजिए।

उत्तर देखिए

(उन्नत — सर्वोच्च स्तर)

53‘मृद्भाण्ड की फिंगरप्रिंट’: अध्याय 1 का सिद्धांत (मृद्भाण्ड-शैली = संस्कृति की पहचान), अध्याय 3 का PGW और अध्याय 2 का NBPW — इन तीनों को जोड़कर एक सामान्य पुरातात्त्विक सिद्धांत बनाइए। फिर उसकी एक सीमा भी बताइए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

54‘मौन का साक्ष्य’: अध्याय 2 (कलिंग-अभिलेख उड़ीसा में नहीं मिला) और अध्याय 3 (संस्कृत पाठ निषादी की मृत्यु पर मूक) — दोनों को जोड़कर बताइए कि इतिहासकार किसी स्रोत की चुप्पी को कैसे पढ़ता है, और इसमें क्या जोखिम है।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

55‘आदर्श बनाम व्यवहार’ का सामान्य नियम: इस अध्याय से पाँच जोड़े बनाइए (नियम ↔ उसका अपवाद) और फिर एक सामान्य सिद्धांत प्रस्तावित कीजिए कि इतिहासकार को निर्देशात्मक ग्रंथों का उपयोग किस प्रकार करना चाहिए।

उत्तर देखिए

(उन्नत)

भाग ई — मूल्यांकन रूब्रिक (Rubric)

स्तरजागरूकतासंवेदनशीलतासृजनात्मकता
प्रारंभिकतथ्य याद हैं, पर नए संदर्भ में लागू नहीं कर पाताकेवल एक दृष्टिकोण देखता हैप्रत्यक्ष/नकल-आधारित उत्तर
दक्षतथ्य + संकल्पना को नए उदाहरण पर लागू करता हैदोनों पक्ष प्रस्तुत करता है; भाषा संयतनया उदाहरण/संयोजन बनाता है
उन्नतसाक्ष्य से निष्कर्ष निकालता है और उसकी सीमा भी बताता हैअसहमति का सम्मानपूर्वक खंडन; नैतिक विवेक व भाषा-संयम स्पष्टमौलिक परिकल्पना + आत्म-समीक्षा

शिक्षक-निर्देश

  • सुझाया भार: जागरूकता 50% • संवेदनशीलता 20% • सृजनात्मकता 30%।
  • ‘उन्नत’ प्रश्नों का एक ही उत्तर नहीं होता — मूल्यांकन तर्क की गुणवत्ता पर करें।
  • प्रश्न 52, 53 व 54 तीनों अध्यायों को जोड़ते हैं — इन्हें अर्धवार्षिक/वार्षिक परीक्षा हेतु सुरक्षित रखें।
  • प्रश्न 40, 41 व 46 उत्कृष्ट परियोजना कार्य बनते हैं। (प्रश्न 40 स्वयं NCERT का प्रोजेक्ट प्रश्न 12 है।)
  • ! भाग-आ के प्रश्नों में भाषा का संयम भी मूल्यांकन का अंग बनाइए — यही PARAKH की ‘संवेदनशीलता’ का मर्म है।

स्रोत