अध्याय 9उपनिवेशवाद और देहात

प्रश्न बैंक21 मिनट

RBSE/CBSE बोर्ड पैटर्न पर आधारित | उत्तर-संकेत सहित

खंड क — बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQ) [1 अंक]

1बंगाल में इस्तमरारी बंदोबस्त कब लागू हुआ?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (स) 1793

2इस्तमरारी बंदोबस्त के समय बंगाल का गवर्नर जनरल कौन था?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (ब) चार्ल्स कार्नवालिस

31797 में बर्दवान की नीलामी में कितने प्रतिशत से अधिक बिक्री फ़र्ज़ी थी?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (द) 95%

4‘सूर्यास्त विधि’ का संबंध किससे था?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (ब) निश्चित तिथि के सूर्यास्त तक राजस्व-भुगतान से

5उत्तरी बंगाल के धनी किसान कहलाते थे

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (ब) जोतदार

6जोतदारों की ज़मीनें जोतने वाले बटाईदार कहलाते थे

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (ब) अधियार या बरगादार

7पाँचवीं रिपोर्ट ब्रिटिश संसद में कब पेश की गई?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (स) 1813

8पाँचवीं रिपोर्ट कितने पृष्ठों की थी?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (ब) 1,002

9पहाड़िया लोग झूम खेती के लिए किस औज़ार का प्रयोग करते थे?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (ब) कुदाल

10पहाड़िया मुखियाओं को वार्षिक भत्ता देने की शांति-नीति किसने प्रस्तावित की?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (ब) ऑगस्टस क्लीवलैंड

11दामिन-इ-कोह के रूप में भूमि का सीमांकन कब पूरा हुआ?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (स) 1832

12संथालों के गाँव 1838 में 40 से बढ़कर 1851 तक कितने हो गए?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (द) 1,473

13संथाल विद्रोह कब हुआ?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (ब) 1855-56

14संथाल साहूकारों को क्या कहते थे?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (स) दिकू

15फ्रांसिस बुकानन मूलत: क्या था?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (ब) चिकित्सक

16रैयतवाड़ी प्रणाली में ज़मीनों का पुनर्सर्वेक्षण कितने वर्षों बाद होता था?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (स) 30

171820 के दशक में इंग्लैंड का जाना-माना अर्थशास्त्री जिसके विचारों से बम्बई-दक्कन के बंदोबस्त प्रभावित हुए

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (ब) डेविड रिकार्डो

18दक्कन का विद्रोह 12 मई 1875 को किस गाँव से शुरू हुआ?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (स) सूपा

191862 तक ब्रिटेन के कुल कपास-आयात में भारत का हिस्सा हो गया था

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (द) 90%

20दक्कन दंगा आयोग की रिपोर्ट ब्रिटिश पार्लियामेंट में कब पेश हुई?

उत्तर देखिए

सही उत्तर: (स) 1878

खंड ख — रिक्त स्थान [1 अंक]

1इंग्लिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने ________ में बंगाल की दीवानी प्राप्त की।

उत्तर देखिए

[1765]

2इस्तमरारी बंदोबस्त की परिभाषा के अनुसार ज़मींदार भू-स्वामी नहीं, बल्कि राज्य का ________ मात्र था।

उत्तर देखिए

[राजस्व समाहर्ता (संग्राहक)]

3राजस्व इकट्ठा करते समय गाँव आने वाला ज़मींदार का अधिकारी ________ कहलाता था।

उत्तर देखिए

[अमला]

4सन् 1798 में अकेले बर्दवान ज़िले में राजस्व-बकाया संबंधी ________ से अधिक वाद लंबित थे।

उत्तर देखिए

[30,000]

5फ़र्ज़ी या महत्त्वहीन व्यक्ति के नाम किए गए सौदों को ________ कहा जाता है।

उत्तर देखिए

[बेनामी]

6पहाड़िया लोग जलाई गई झाड़ियों की राख की ________ से ज़मीन उपजाऊ बनाते थे।

उत्तर देखिए

[पोटाश]

7मैदानी ज़मींदार पहाड़िया मुखियाओं को ________ देकर शांति ख़रीदते थे।

उत्तर देखिए

[ख़िराज]

8विलियम होजेज की चित्र-शैली ________ की विचारधारा से प्रेरित थी।

उत्तर देखिए

[स्वच्छंदतावाद (Romanticism)]

9संथाल विद्रोह के बाद भागलपुर और बीरभूम ज़िलों से ________ वर्ग मील का संथाल परगना बनाया गया।

उत्तर देखिए

[5,500]

10रिकार्डो के अनुसार कर न लगाने पर किसान ________ में बदल जाएँगे।

उत्तर देखिए

[किरायाजीवी (Rentier)]

खंड ग — एक पंक्ति में उत्तर [1 अंक]

1‘राजा’ शब्द का प्रयोग प्राय: किनके लिए होता था?

उत्तर देखिए

शक्तिशाली ज़मींदारों के लिए

2ताल्लुक़दार का शाब्दिक अर्थ?

उत्तर देखिए

वह व्यक्ति जिसके साथ ताल्लुक़ (संबंध) हो; बाद में ताल्लुक़ = क्षेत्रीय इकाई

3एक ज़मींदार के नीचे अधिकतम कितने गाँव हो सकते थे (NCERT)?

उत्तर देखिए

कभी-कभी 400 तक

4कंपनी ने ज़मींदारों की कौन-सी सैन्य-व्यवस्था समाप्त की?

उत्तर देखिए

उनकी सैन्य-टुकड़ियाँ भंग कर दीं

5जोतदारों का विशद विवरण किस सर्वेक्षण से मिलता है?

उत्तर देखिए

बुकानन के दिनाजपुर (उत्तरी बंगाल) सर्वेक्षण से

6जोतदार अन्य किन नामों से जाने जाते थे?

उत्तर देखिए

हवलदार, गाँटीदार, मंडल

7बर्दवान के राजा ने ज़मींदारी का हिस्सा माता को क्यों दिया?

उत्तर देखिए

कंपनी ने निर्णय ले रखा था कि स्त्रियों की संपत्ति नहीं छीनी जाएगी

81793-1801 के बीच चार बड़ी ज़मींदारियों की बेनामी ख़रीद कितने की थी?

उत्तर देखिए

30 लाख रुपये

9ज़मींदारों का ‘भट्ठा’ अंतत: कब बैठा?

उत्तर देखिए

1930 के दशक की घोर मंदी में

10पाँचवीं रिपोर्ट किसने तैयार की?

उत्तर देखिए

ब्रिटिश संसद की एक प्रवर समिति ने

11पहाड़िया जीवन और संथाल शक्ति के प्रतीक क्रमश: क्या थे?

उत्तर देखिए

कुदाल और हल

12दामिन-इ-कोह के अनुदान-पत्र की शर्त क्या थी?

उत्तर देखिए

दी गई भूमि का कम-से-कम दसवाँ भाग पहले दस वर्षों में साफ़ करके जोतना

13संथाल विद्रोह का नेता (चित्र 9.11)?

उत्तर देखिए

सिधू मांझी

14बुकानन ने कलकत्ता में किसकी स्थापना की?

उत्तर देखिए

चिड़ियाघर (बाद में अलीपुर चिड़ियाघर)

15दक्कन के रैयतों के प्रथागत मानक के अनुसार ब्याज की सीमा?

उत्तर देखिए

ब्याज मूलधन से अधिक नहीं लिया जा सकता था

खंड घ — अति लघूत्तरात्मक [2 अंक]

1इस्तमरारी बंदोबस्त से कंपनी को क्या-क्या आशाएँ थीं?

उत्तर देखिए

(1) राजस्व की नियमित प्राप्ति; (2) संपत्ति-अधिकार व स्थायी दरों से कृषि में निवेश; (3) योमॅन व धनी भूस्वामियों का वर्ग उभरेगा जिसके पास पूँजी-उद्यम होंगे; (4) यह वर्ग कंपनी का वफ़ादार रहेगा।

2सूर्यास्त विधि क्या थी?

उत्तर देखिए

इस्तमरारी बंदोबस्त के अंतर्गत नियम कि निश्चित तारीख़ को सूर्य अस्त होने तक राजस्व का भुगतान न आने पर ज़मींदारी नीलाम की जा सकती थी — राजस्व चूक का एक बड़ा कारण।

3ज़मींदारों की शक्ति पर कंपनी के कोई चार अंकुश लिखिए।

उत्तर देखिए

सैन्य-टुकड़ियाँ भंग; सीमा शुल्क समाप्त; कचहरियाँ कंपनी-नियुक्त कलेक्टर की देखरेख में; स्थानीय न्याय व पुलिस की शक्ति छीनी गई (कलेक्टर का कार्यालय सत्ता का विकल्पी केंद्र बना)।

4अधियार/बरगादार कौन थे?

उत्तर देखिए

जोतदारों की ज़मीनें जोतने वाले बटाईदार — जो खुद अपने हल लाते थे, खेत में मेहनत करते थे और फ़सल के बाद उपज का आधा हिस्सा जोतदारों को देते थे।

5पुराने रैयत नीलामी के नए ख़रीददारों को ज़मीन में क्यों नहीं घुसने देते थे?

उत्तर देखिए

वे स्वयं को पुराने ज़मींदार से जुड़ा महसूस करते थे और उसके प्रति वफ़ादार थे; उसे अपना अन्नदाता और खुद को उसकी प्रजा मानते थे; ज़मींदारी की बिक्री से ज़मींदार के तादात्म्य और गौरव को धक्का लगता था।

6पाँचवीं रिपोर्ट में क्या-क्या सामग्री थी?

उत्तर देखिए

1,002 पृष्ठ; 800+ पृष्ठ परिशिष्ट — ज़मींदारों और रैयतों की अर्ज़ियाँ, विभिन्न ज़िलों के कलेक्टरों की रिपोर्टें, राजस्व-विवरणियों की सांख्यिकीय तालिकाएँ, बंगाल व मद्रास के राजस्व और न्यायिक प्रशासन पर अधिकारियों की टिप्पणियाँ।

7पहाड़िया लोगों के मैदानों पर आक्रमण के तीन उद्देश्य लिखिए।

उत्तर देखिए

(1) अभाव/अकाल के वर्षों में जीवित रहने के लिए; (2) बसे हुए समुदायों पर अपनी ताक़त दिखाने का तरीक़ा; (3) बाहरी लोगों से राजनीतिक संबंध बनाने के लिए।

8क्लीवलैंड की शांति-नीति का पहाड़िया मुखियाओं पर क्या प्रभाव पड़ा?

उत्तर देखिए

बहुतों ने भत्ता लेने से मना किया; जिन्होंने लिया वे प्राय: अपने समुदाय में सत्ता खो बैठे — औपनिवेशिक सरकार के वेतनभोगी बनने से उन्हें अधीनस्थ कर्मचारी या वैतनिक मुखिया माना जाने लगा।

9अंग्रेज़ों को संथाल ‘आदर्श बाशिंदे’ क्यों लगे?

उत्तर देखिए

पहाड़िया जंगल काटने के लिए हल को हाथ लगाने को तैयार नहीं थे और “उपद्रवी” बने हुए थे; इसके विपरीत संथालों को जंगलों का सफ़ाया करने में कोई हिचक नहीं थी और वे भूमि को पूरी ताक़त लगाकर जोतते थे।

10रैयतवाड़ी प्रणाली की मुख्य विशेषताएँ बताइए।

उत्तर देखिए

राजस्व सीधे रैयत के साथ तय; विभिन्न भूमि-प्रकारों की औसत आय का अनुमान; रैयत की भुगतान-क्षमता का आकलन; उसका एक अनुपात सरकार का हिस्सा; हर 30 साल पुनर्सर्वेक्षण कर दरें बढ़ाई जातीं — माँग चिरस्थायी नहीं।

111859 के परिसीमन क़ानून का उद्देश्य और ऋणदाताओं द्वारा उसका दुरुपयोग बताइए।

उत्तर देखिए

उद्देश्य — ऋणपत्र केवल 3 वर्ष मान्य रखकर ब्याज का दीर्घ संचय रोकना; दुरुपयोग — ऋणदाता हर तीसरे साल नया बंधपत्र भरवाते; शेष राशि (मूलधन+संचित ब्याज) को नया मूलधन दर्ज कर उस पर फिर ब्याज।

12भाड़ा-पत्र (किरायानामा) क्या था?

उत्तर देखिए

कर्ज़ में डूबे किसान द्वारा अपनी ज़मीन-गाड़ियाँ-पशु ऋणदाता को देकर उन्हीं को भाड़े पर लेने का लिखित दस्तावेज़ — जिसमें साफ़ लिखा होता कि ये पशु-गाड़ियाँ उसकी अपनी नहीं; विवाद में न्यायालयों में मान्य; किसान अपने ही बैलों का किराया (जैसे 4 रु. प्रतिमाह) चुकाता था।

खंड ङ — लघूत्तरात्मक [3–4 अंक]

1ग्रामीण बंगाल के बहुत से इलाकों में जोतदार एक ताकतवर हस्ती क्यों था?

उत्तर देखिए

(NCERT अभ्यास 1 — बिंदु: हज़ारों एकड़; व्यापार-साहूकारी पर नियंत्रण; गाँव में निवास बनाम शहरी ज़मींदार; जमा-वृद्धि का प्रतिरोध; अधिकारियों को रोकना; रैयत की गोलबंदी; भुगतान में देरी; नीलामी में ख़रीद)

2ज़मींदार लोग अपनी ज़मींदारियों पर किस प्रकार नियंत्रण बनाए रखते थे?

उत्तर देखिए

(NCERT अभ्यास 2 — बिंदु: माता को हस्तांतरण; बेनामी ख़रीद; बोली-भुगतान-इनकार का चक्र; लठियाल; रैयत की वफ़ादारी/अन्नदाता-भाव; 30 लाख; 15% नक़ली)

3पहाड़िया लोगों ने बाहरी लोगों के आगमन पर कैसी प्रतिक्रिया दर्शाई?

उत्तर देखिए

(NCERT अभ्यास 3 — बिंदु: बाहरी प्रवेश का प्रतिरोध; मैदानों पर हमले; ख़िराज-पथकर की शांति-संधियाँ; संहार-नीति के बाद पहाड़ों में वापसी; भत्ता-अस्वीकार; बुकानन को संदेह-अविश्वास; “प्रत्येक गोरा आदमी…”; संथालों से प्रतिरोध, फिर भीतर हटना)

4संथालों ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध विद्रोह क्यों किया?

उत्तर देखिए

(NCERT अभ्यास 4 — बिंदु: साफ़ की गई ज़मीन पर राज्य के भारी कर; दिकुओं का ऊँचा ब्याज व ज़मीन-क़ब्ज़ा; ज़मींदारों का दामिन पर दावा; ‘अपना शासन’ वाला आदर्श संसार; 1855-56; परिणाम — संथाल परगना व विशेष क़ानून)

5दक्कन के रैयत ऋणदाताओं के प्रति क्रुद्ध क्यों थे?

उत्तर देखिए

(NCERT अभ्यास 5 — बिंदु: संवेदनहीनता; रूढ़ि-उल्लंघन — ब्याज>मूलधन (100 पर 2,000); रसीद-इनकार; जाली आँकड़े; सस्ती फ़सल-वसूली; संपत्ति-क़ब्ज़ा; परिसीमन-क़ानून का दुरुपयोग; दस्तावेज़ों का आतंक; 1865 के बाद ऋण-इनकार)

6पाँचवीं रिपोर्ट की पृष्ठभूमि — इंग्लैंड में कंपनी के विरुद्ध कौन-कौन से समूह सक्रिय थे?

उत्तर देखिए

(एकाधिकार-विरोधी — चार्टर रद्द; निजी व्यापारी — हिस्सेदारी; उद्योगपति — भारत का बाज़ार; राजनीतिक समूह — लाभ केवल कंपनी को; प्रेस में भ्रष्टाचार-कांड; संसद के नियंत्रक अधिनियम, रिपोर्टें, समितियाँ)

7पहाड़िया लोगों की झूम खेती की विधि का वर्णन कीजिए।

उत्तर देखिए

(झाड़ियाँ काटना, घास-फूँस जलाना; राख की पोटाश; दालें-ज्वार-बाजरा अपने खाने के लिए; कुदाल से हलकी खुरच; कुछ वर्ष खेती; परती छोड़ना — उर्वरता-वापसी; नए इलाक़े; + जंगल-उपज: महुआ, कोया, राल, काठकोयला; चरागाह)

8होजेज के चित्र और औपनिवेशिक अधिकारियों की दृष्टि में राजमहल की पहाड़ियों के चित्रण का अंतर बताइए।

उत्तर देखिए

(अधिकारी — भयंकर, उजाड़, उपद्रवी जंगली लोगों का स्थल; होजेज — स्वच्छंदतावाद से प्रेरित, प्रकृति-पूजा; रमणीय-मनमोहक दृश्य; एक्वाटिंट; ऊँचाई 2000 फुट से कम पर दुर्गम दिखाना; निष्कर्ष — चित्र भी दृष्टि-सापेक्ष स्रोत हैं)

9बुकानन की यात्राओं का ख़र्च कंपनी क्यों उठाती थी? उसके प्रेक्षणों की प्रकृति बताइए।

उत्तर देखिए

(कंपनी को सूचनाएँ चाहिए थीं; प्राकृतिक संसाधनों पर क़ब्ज़े-उपयोग की खोज; हिदायतें; बड़ा दल; प्रेक्षण — चट्टानें-परतें; लौह खनिज, अबरक, ग्रेनाइट, साल्टपीटर; नमक-लोहे की स्थानीय पद्धतियाँ; हर भूदृश्य को ‘अधिक उत्पादक’ बनाने की योजना)

101861-65 की कपास-तेज़ी में ऋण की शृंखला कैसे काम करती थी?

उत्तर देखिए

(ब्रिटेन की माँग → बम्बई निर्यातक → शहरी साहूकारों को अग्रिम → ग्रामीण ऋणदाता → रैयत को असीमित ऋण; 100 रु. प्रति एकड़; उपज-वचन; 1860-64 रकबा दोगुना; 1862 में 90%; लाभ — कुछ धनी किसानों को; अधिकांश और कर्ज़ में)

11दक्कन दंगा आयोग की जाँच-सामग्री और उसकी पक्षधरता स्पष्ट कीजिए।

उत्तर देखिए

(दंगा-ज़िलों में जाँच; रैयत-साहूकार-गवाहों के बयान; दरों-कीमतों-ब्याज के आँकड़े; कलेक्टर-रिपोर्टें; 1878 संसद में; पक्षधरता — ‘क्या सरकारी माँग कारण थी’ की जाँच → उत्तर ‘नहीं’; दोष साहूकारों पर; सरकार अपनी कार्रवाई को कारण मानने को कदापि तैयार नहीं)

12“दस्तावेज़ और बंधपत्र नयी अत्याचारपूर्ण प्रणाली के प्रतीक बन गए।” — समझाइए।

उत्तर देखिए

(ब्रिटिश आग्रह — लिखित, स्पष्ट, विधिसम्मत संविदाएँ; अनौपचारिक लेन-देन पर संदेह; किसान अनजाने हस्ताक्षर-अँगूठा; अज्ञात खंड; “हर लिखे शब्द से डर”; लाचारी — ऋण के लिए दस्तावेज़ अनिवार्य; भाड़ा-पत्र व मिश्रधन-बांड उदाहरण)

खंड च — निबंधात्मक/विश्लेषणात्मक [6–8 अंक]

1इस्तमरारी बंदोबस्त के बाद बहुत-सी ज़मींदारियाँ क्यों नीलाम कर दी गईं? (NCERT अभ्यास 6)

उत्तर देखिए

(संकेत: बंदोबस्त की प्रकृति; चूक के चार कारण — ऊँची माँग व प्रत्याशित हानि का तर्क, 1790s की नीची कीमतें, अपरिवर्तनीयता+सूर्यास्त विधि, सीमित शक्तियाँ; वसूली-बाधाएँ — अमला, जान-बूझकर देरी, जोतदार-मंडल की ख़ुशी, लंबित मुक़दमे; 75% हस्तांतरण; पर नीलामी का सच — फ़र्जी बिक्री, 95%, बेनामी)

2पहाड़िया लोगों की आजीविका संथालों की आजीविका से किस रूप में भिन्न थी? (NCERT अभ्यास 7)

उत्तर देखिए

(संकेत: पहाड़िया — झूम+कुदाल, जंगल-उपज, शिकार, गतिशीलता, परती-चक्र, जंगल=पहचान; संथाल — हल+स्थायी खेती, जंगल-सफ़ाया, चावल-कपास, वाणिज्यिक फ़सलें, बाज़ार-साहूकार से लेन-देन, दामिन में स्थायी बसाव; प्रतीक — कुदाल बनाम हल; टकराव व पहाड़िया-पराभव; अंत में दोनों की साझी नियति — राज्य-दिकू के सामने संथाल भी ठगे गए)

3अमेरिकी गृहयुद्ध ने भारत में रैयत समुदाय के जीवन को कैसे प्रभावित किया? (NCERT अभ्यास 8)

उत्तर देखिए

(संकेत: पृष्ठभूमि — 3/4 निर्भरता, आपूर्ति संघ 1857, मैनचेस्टर कंपनी 1859; 1861 — आयात 3% से कम, 20 लाख→55 हज़ार गाँठें; भारत को संदेश; अग्रिम-शृंखला; 100 रु./एकड़; रकबा दोगुना; 1862 में 90%; असमान लाभ; 1865 — स्रोत सूखा + 50-100% माँग-वृद्धि; ऋण-इनकार → अन्याय-बोध → 1875)

4किसानों का इतिहास लिखने में सरकारी स्रोतों के उपयोग के बारे में क्या समस्याएँ आती हैं? (NCERT अभ्यास 9 — अध्याय का सर्वोच्च प्रश्न)

उत्तर देखिए

(संकेत: पाँचवीं रिपोर्ट — आलोचना पर तुले लेखक, अतिरंजना; बुकानन — कंपनी-कर्मचारी, हिदायतें, वाणिज्यिक दृष्टि, वनवासी-आलोचक; ILN-चित्र — ‘अजेय हुकूमत’ का प्रचार; दंगा आयोग — प्रश्न ही सीमित, दोष साहूकारों पर, “सरकार मानने को कदापि तैयार नहीं”; समाधान — ज़मींदार-अभिलेखागार, ज़िला-अभिलेख, समाचारपत्र, गैर-सरकारी वृत्तांत, वैधिक अभिलेख, मौखिक स्रोतों से मिलान)

5बंगाल में इस्तमरारी बंदोबस्त के उद्देश्य, प्रावधान और परिणामों का मूल्यांकन कीजिए।

उत्तर देखिए

(संकेत: 1770s संकट; निवेश-योमॅन-वफ़ादारी की आशाएँ; राजा-ताल्लुक़दार → ज़मींदार; ‘समाहर्ता मात्र’; कुल माँग-संपदा; परिणाम — नीलामियाँ पर फ़र्जी बिक्री; ज़मींदार पर अंकुश; जोतदार-उदय; 1810 के बाद सरकार को हानि → बंगाल से बाहर बिरला विस्तार)

6राजमहल की पहाड़ियों में औपनिवेशिक नीतियों (संहार, शांति-नीति, दामिन-इ-कोह) का क्रमिक विवरण देते हुए उनके परिणाम लिखिए।

उत्तर देखिए

(संकेत: 1770s संहार; 1780s क्लीवलैंड-भत्ता व मुखियाओं की सत्ता-क्षति; स्थायी कृषि-विस्तार की दृष्टि; संथाल-निमंत्रण; 1832 सीमांकन, शर्तें, नक्शा-खंबे; 40→1,473; पहाड़िया-पराभव का तंत्र; संथाल-मोहभंग → 1855-56 → संथाल परगना)

7“बुकानन का विवरण अमूल्य भी है और सावधानी की माँग भी करता है।” — विवेचना कीजिए।

उत्तर देखिए

(संकेत: अमूल्य — असाधारण प्रेक्षक; दिनाजपुर-जोतदार; पहाड़िया-संथाल विवरण; खनिज-पद्धतियाँ; सावधानी — कंपनी-नौकरी, ख़र्च, हिदायतें, एजेंट-छवि; डायरी की क्षण-सीमा; वाणिज्यिक-पाश्चात्य ‘प्रगति’-दृष्टि; स्रोत 3-5 के उदाहरण; ‘स्थानीय निवासियों से भिन्न प्राथमिकताएँ’)

8दक्कन के रैयत के ‘अन्याय के अनुभव’ का विश्लेषण कीजिए — विद्रोह की जड़ में कर्ज़ था या रूढ़ि-उल्लंघन?

उत्तर देखिए

(संकेत: NCERT का स्पष्ट कथन — गुस्सा कर्ज़/निर्भरता से ज़्यादा संवेदनहीनता व प्रथागत मानकों के उल्लंघन पर; ब्याज>मूलधन नियम; 100 पर 2,000; परिसीमन-क़ानून का उलटा प्रयोग; रसीद-इनकार, जाली आँकड़े, सस्ती फ़सल, क़ब्ज़े; दस्तावेज़ों का आतंक; भाड़ा-पत्र; इसीलिए निशाना बही-खाते व ऋणबंध — सोना-अनाज नहीं, काग़ज़ जलाया)

खंड छ — स्रोत-आधारित प्रश्न [4–5 अंक]

स्रोत 1 पर आधारित — “दिनाजपुर के जोतदार” (पृ. 232)

“जोतदार, जो बड़ी-बड़ी ज़मीनें जोतते हैं, बहुत ही हठीले और ज़िद्दी हैं और यह जानते हैं कि ज़मींदारों का उन पर कोई वश नहीं चलता… अगर अधिकारी उन्हें… कचहरी में रोक लेते हैं तो वे तुरंत उनकी शिकायत करने के लिए फ़ौजदारी थाना या मुन्सिफ़ की कचहरी में पहुँच जाते हैं… और जोतदार छोटे-छोटे रैयत को राजस्व न देने के लिए भड़काते रहते हैं।”

1यह विवरण किसका है और किस ज़िले के सर्वेक्षण से? (2)

उत्तर देखिए

फ्रांसिस बुकानन; उत्तरी बंगाल का दिनाजपुर ज़िला।

2भूस्वामी जोतदारों को नापसंद करते हुए भी उन्हें ज़रूरी क्यों मानते थे? (1)

उत्तर देखिए

“इनके बिना ज़रूरतमंद काश्तकारों को पैसा उधार कौन देता” — ग्रामीण ऋण-व्यवस्था उन्हीं पर टिकी थी।

3यह स्रोत जोतदारों की शक्ति के कौन-से नए (औपनिवेशिक) साधन दिखाता है? (2)

उत्तर देखिए

नयी क़ानूनी संस्थाओं — फ़ौजदारी थाना, मुन्सिफ़-कचहरी — का ज़मींदार के विरुद्ध इस्तेमाल; तथा छोटे रैयतों को भुगतान-रोक के लिए गोलबंद करना।

स्रोत 2 पर आधारित — “पाँचवीं रिपोर्ट से उद्धृत” (पृ. 235)

1रिपोर्ट में उद्धृत बाकीदारों में किन पुराने राजघरानों के नाम हैं? (1)

उत्तर देखिए

नदिया, राजशाही, विशनपुर के राजा।

2लेखक के लहज़े से उसके रुख़ का क्या पता चलता है? (2)

उत्तर देखिए

सहानुभूति-नाटकीयता (“ग़रीबी और बरबादी”, “बहुत पुराने परिवार”) — वह ज़मींदारी-पतन को बड़ा दिखाना चाहता है; रिपोर्ट-लेखक कंपनी के कुप्रशासन की आलोचना पर तुले थे।

3ऐसे दो वर्षों के आँकड़ों से दीर्घकालीन निष्कर्ष निकालना क्यों उचित नहीं? (2)

उत्तर देखिए

अल्पकालिक आँकड़े चयनित/अपवादात्मक हो सकते हैं; प्रवृत्ति के लिए लंबी शृंखला चाहिए; आधुनिक शोध ने दिखाया कि पतन-चित्र अतिरंजित था — ज़मींदार हथकंडों से बचे रहते थे।

स्रोत 5 पर आधारित — “वनों की बटाई और स्थायी कृषि के बारे में” (पृ. 245)

”…कमी है तो बस इस क्षेत्र में कुछ प्रगति की… यहाँ लकड़ी की जगह टसर और लाख के लिए आवश्यकतानुसार बड़े-बड़े बागान लगाए जा सकते हैं; बाक़ी जंगल को भी साफ़ किया जा सकता है, और जो भाग इस प्रयोजन के लिए उपयुक्त न हो वहाँ पनई ताड़ और महुआ के पेड़ लगाए जा सकते हैं।”

1लेखक कौन है और वह किस क्षेत्र से गुज़र रहा है? (1)

उत्तर देखिए

बुकानन; निचली राजमहल पहाड़ियों का एक गाँव।

2‘प्रगति’ से लेखक का क्या आशय है? उसकी दृष्टि किन सरोकारों से बनी है? (2)

उत्तर देखिए

जंगल का सफ़ाया कर वाणिज्यिक उपयोग (टसर-लाख के बागान, विस्तृत खेती); कंपनी के वाणिज्यिक सरोकार + प्रगति की आधुनिक पाश्चात्य विचारधारा।

3एक पहाड़िया वनवासी इस ‘प्रगति’ को कैसे देखता? (2)

उत्तर देखिए

अपने भोजन (महुआ), आय (कोया-राल), चरागाह, पहचान और जीवन-आधार का विनाश — जिस जंगल में बुकानन को ‘कमी’ दिखती है, पहाड़िया के लिए वह पूर्ण जीवन-जगत है।

स्रोत 8 पर आधारित — “रैयत अर्जी” (पृ. 252)

1यह अर्जी किसने, किसे दी थी? (1)

उत्तर देखिए

करजत तालुके के मीरगाँव के एक रैयत ने कलेक्टर, अहमदनगर को (दक्कन दंगा आयोग के समक्ष)।

2रैयत की तीन शिकायतें लिखिए। (2)

उत्तर देखिए

कड़ी शर्तों पर बंधपत्र लिखवाना; कपड़ा-अनाज की कीमतें नकद-ग्राहकों से 25-50% अधिक; खेतों की उपज ले जाना पर खाते में न चढ़ाना; रसीद न देना।

3खाते में प्रविष्टि और रसीद न देने के पीछे ऋणदाता का स्वार्थ क्या था? (2)

उत्तर देखिए

भुगतान का कोई प्रमाण न रहने से कर्ज़ बना रहता; ब्याज-मूलधन मनमाने ढंग से बढ़ाए जा सकते; अंतत: संपत्ति-क़ब्ज़े का रास्ता खुला रहता।

स्रोत 9 पर आधारित — “भाड़ा-पत्र” (पृ. 253)

“मैंने आपको देय ऋण के खाते में, आपको अपनी लोहे की धुरों वाली दो गाड़ियाँ, साज-समान और चार बैलों के साथ बेची हैं… मैंने इस दस्तावेज़ के तहत उन्हीं दो गाड़ियों और चार बैलों को आपसे भाड़े पर लिया है। मैं हर माह आपको चार रुपए प्रतिमाह की दर से उनका किराया दूँगा…”

1किसान इस दस्तावेज़ में क्या-क्या वचन दे रहा है? (2)

उत्तर देखिए

गाड़ियाँ-बैल ऋण-खाते में ‘बेचना’ स्वीकारना; उन्हीं को भाड़े पर लेना; 4 रु. मासिक किराया देना; ऋणदाता की लिखावट में रसीद लेना; रसीद न होने पर ‘किराया चुकाया’ का दावा न करना।

2यह दस्तावेज़ किसान-ऋणदाता संबंध के बारे में क्या बताता है? (2)

उत्तर देखिए

संबंध पूर्णत: ऋणदाता के पक्ष में विधिबद्ध; किसान की संपत्ति काग़ज़ पर ऋणदाता की; न्यायालय में ऋणदाता सुरक्षित; किसान की लाचारी क़ानूनी रूप ले चुकी।

3किसान और उसके बैलों के संबंध में क्या अंतर आया? (1)

उत्तर देखिए

जो बैल उसके अपने थे, अब वह उनका ‘किरायेदार’ मात्र — स्वामित्व से किराएदारी में पतन; भावनात्मक-आर्थिक दोनों स्तरों पर पराया-पन।

स्रोत 10 पर आधारित — “कर्ज़ कैसे बढ़ते गए” (पृ. 254)

1साहूकार ऋण किस दर पर देता था और हर तीन साल बाद क्या करता था? (2)

उत्तर देखिए

100 रु. पर 3-2 आने प्रतिशत मासिक दर; तीन साल बाद मूलधन+ब्याज (मिश्रधन) का नया बांड उसी दर पर लिखवा लेता।

212 वर्षों के अंत में 1,000 रु. पर कुल ब्याज कितना हो जाता था? (1)

उत्तर देखिए

2,028 रु. 10 आना 3 पैसे — मूलधन के दुगुने से अधिक।

3यह प्रक्रिया 1859 के परिसीमन क़ानून से कैसे जुड़ी थी? (2)

उत्तर देखिए

क़ानून ने बांड 3 वर्ष मान्य किए थे (ब्याज-संचय रोकने हेतु); ऋणदाता ने इसी अवधि पर नए बांड की प्रथा चलाई — मिश्रधन नया मूलधन बनता गया; क़ानून का उद्देश्य ही उलट गया।