अध्याय 2महासागर एवं महाद्वीप

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NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 2

कक्षा — 6 · विषय — सामाजिक विज्ञान (समाज का अध्ययन) · पृष्ठ — 27 से 40

यह पन्ना किसलिए — पढ़ाने से पहले अध्याय पर अपनी पकड़ पक्की करने के लिए: अध्याय किस क्रम में आगे बढ़ता है, किताब की संख्याएँ और परिभाषाएँ, प्रश्नावली और बीच की गतिविधियों के उत्तर, और वे जगहें जहाँ बच्चे अकसर भटकते हैं। कक्षा में किस कालांश में क्या करना है, वह पाठ योजना में है। चित्र 2.2, 2.3 और 2.4, महाद्वीपों के वर्ग और वर्ग पहेली हमने दोबारा बनाए हैं; वे रिवीजन नोट्स में हैं।

सारे पृष्ठ 2026-27 में छपी किताब के हैं। उद्धरण-चिह्न सिर्फ़ किताब के अपने शब्दों पर लगे हैं, उसी वर्तनी में जो किताब में छपी है, और साथ में पृष्ठ-संख्या दी गई है। जो बात किताब की नहीं, हमारी अपनी है, उसके साथ हमारी ओर से लिखा है।

अध्याय की पकड़

अध्याय का तर्क — किताब किस क्रम में सोचती है

अध्याय अंतरिक्ष से ली गई पृथ्वी की एक तस्वीर से शुरू होता है और धीरे-धीरे पास आता है: पहले पूरी पृथ्वी पर जल और भूमि, फिर पाँच महासागर, फिर भारत के पास का हिंद महासागर, फिर महाद्वीप और द्वीप, और आख़िर में यह कि महासागर हमारे जीवन के लिए क्यों ज़रूरी हैं।

सीढ़ीकिताब क्या करती हैपृष्ठ
1. नीला ग्रहजूल्स वर्न का उद्धरण और चित्र 2.1 का छायाचित्र; पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल, लगभग एक-चौथाई भूमि; महासागर और महाद्वीप की पहचान27–28
2. दो गोलार्धचित्र 2.2: दोनों ध्रुवों के ऊपर से पृथ्वी; जल और भूमि दोनों गोलार्धों में बराबर नहीं बँटे29
3. महासागरसमुद्री जीवन के छायाचित्र; खारा जल और पीने लायक जल का बहुत छोटा हिस्सा; पाँच महासागर और उनके आकार का क्रम (चित्र 2.3)30–32
4. हिंद महासागर और आपदाएँभारत के दोनों ओर अरब सागर और बंगाल की खाड़ी (चित्र 2.4); मानसूनी वर्षा, चक्रवात और सुनामी33–34
5. महाद्वीपगिनती चार से सात तक; यूरेशिया; ओलंपिक के छल्ले; सापेक्षिक आकार के वर्ग34–36
6. द्वीप और अंटार्कटिकाद्वीप की पहचान, ग्रीनलैंड, भारत के द्वीप समूह; अंटार्कटिका में भारत के बेस स्टेशन36–37
7. महासागर और जीवनवर्षा, ऑक्सीजन, यात्रा और व्यापार; प्लास्टिक कचरा, अधिक मछली पकड़ना और महासागरों को बचाने की ज़िम्मेदारी37–38

अध्याय की असली बात दो जगहों पर है, और दोनों जगह किताब के अपने शब्द यही बताते हैं कि यह बँटवारा प्रकृति का नहीं, हमारे चलन और हमारी रुचि का है। पाँच महासागरों के नाम गिनाने के ठीक बाद पृष्ठ 31 पर: “ये वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं। महासागरों का यह सीमांकन प्रचलन से अधिक कुछ नहीं हैं, क्योंकि प्राकृतिक जगत ऐसी किन्हीं भी सीमाओं का पालन नहीं करता है।” और महाद्वीपों पर पृष्ठ 34 में: “यह हमारी रुचि पर निर्भर करता है कि हम चार से सात के बीच किसी भी संख्या की सूची बना सकते हैं!” फिर पृष्ठ 35 पर किताब बताती है कि आम चलन क्या है: “व्यावहारिक रूप से सात महाद्वीपों की अंतिम सूची को ही व्यापक रूप से अपनाया और प्रयोग में लाया जाता है।”

हमारी ओर से — पढ़ाते समय: नाम बच्चे किताब से भी याद कर लेंगे। जो उनसे छूटता है, वह यह फ़र्क़ है: कुछ चीज़ें खोजी जाती हैं, कुछ तय की जाती हैं, और नक्शे पर दोनों एक जैसी दिखती हैं। पाँच महासागर और सात महाद्वीप याद करवाइए, पर साथ में यह भी कहलवाइए कि ये बँटवारे सुविधा के लिए हैं।

संख्याएँ और तथ्य — एक नज़र में

बातकिताब मेंपृष्ठ
जूल्स वर्न का उद्धरण (1870)महासागर “पृथ्वी के 7/10 वें भाग पर व्याप्त है”27
जल और भूमिपृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा; भूमि ग्लोब के लगभग एक-चौथाई भाग पर28
गोलार्धदक्षिणी गोलार्ध की तुलना में उत्तरी गोलार्ध में स्थल भाग अधिक38
महासागरपाँच; बड़े से छोटे: प्रशांत, अटलांटिक, हिंद, दक्षिणी, आर्कटिक31–32
हिंद महासागर का फैलावउत्तर में एशिया, पश्चिम में अफ्रीका, पूर्व में आस्ट्रेलिया, दक्षिण में दक्षिणी महासागर33
2004 की सुनामी26 दिसंबर 2004; इंडोनेशिया का भूकंप; भारत और अन्य 13 देश प्रभावित; दो लाख से अधिक लोगों की जान गई; भारत में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह, तमिलनाडु और केरल34
महाद्वीपों की गिनतीचार से सात तक; आम तौर पर सात34–35
ओलंपिक के छल्लेपाँच छल्ले, पाँच बसे हुए महाद्वीपों के लिए35
द्वीपपृथ्वी पर लाखों; सबसे बड़ा ग्रीनलैंड; भारत में 1,300 से अधिक, दो मुख्य समूह36–37
ग्रीनलैंड का आकारभारत के सबसे बड़े 10 राज्यों का क्षेत्रफल जोड़ने जितना37
अंटार्कटिका में भारत1981 से भारतीय अंटार्कटिका कार्यक्रम; 1983 में पहला बेस स्टेशन ‘दक्षिण गंगोत्री’; बाद में दो और; भारतीय वैज्ञानिकों के लगभग 40 दल37
ऑक्सीजनदुनिया-भर की आधी ऑक्सीजन महासागर का वनस्पति जगत बनाता है37
विश्व महासागर दिवस8 जून, संयुक्त राष्ट्र ने घोषित किया38
प्लास्टिकहर वर्ष लाखों टन प्लास्टिक कचरा समुद्र में38

मुख्य शब्द — किताब क्या कहती है

शब्दकिताब क्या कहती हैपृष्ठ
नीला ग्रह“आरंभिक अंतरिक्ष यात्रियों ने स्नेहपूर्वक पृथ्वी को ‘नीला ग्रह’ कहकर पुकारा।”28
महासागर“ग्लोब पर हम जो सबसे बड़ी जलराशियाँ देखते हैं, उन्हें ‘महासागर’ कहते हैं।”28
भूखंड, महाद्वीप“भूमि के एक बड़े भाग को ‘भूखंड’ कहते हैं एवं भूमि के एक बड़े निरंतर विस्तार को ‘महाद्वीप’ कहा जाता है।”28
लवणीय जलमहासागरों का जल “लवणीय (खारा) है एवं मानव सहित बहुत से स्थलीय जीवों के उपभोग के लिए अनुपयोगी है।”31
अलवणीय जल (पेय जल)कुल जल का “अत्यल्प हिस्सा”; हिमनद, नदियों, झीलों, वायुमंडल और भूमिगत जल में31
सुनामी“यह विशाल और शक्तिशाली तरंगें होती हैं जो महासागर तल में तीव्र भूकंप अथवा ज्वालामुखी के फटने के कारण आती हैं।”34
पूर्व चेतावनी प्रणालीसुनामी की पहले से सूचना के लिए देशों का मिलकर बनाया इंतज़ाम; किताब ‘हिंद महासागर सुनामी चेतावनी प्रणाली’ का नाम लेती है34
यूरेशियाभूगर्भशास्त्री यूरोप और एशिया को आम तौर पर एक ही महाद्वीप मानते हैं, जिसे यूरेशिया कहते हैं35
सापेक्षिक आकारवर्गों वाला आरेख: “यह उनके वास्तविक आकार को नहीं, अपितु सापेक्षिक आकार को दर्शाता है।”35
द्वीप“चारों ओर जल से घिरे हुए भूखंड को द्वीप कहा जाता है।”36
पृथ्वी के फेफड़े“दुनिया-भर की आधी ऑक्सीजन महासागर का वनस्पति जगत उत्पन्न करता है। इसीलिए इन्हें ‘पृथ्वी के फेफड़े’ कहा जाता है।”37

सागर और खाड़ी का अर्थ किताब अपने अंत की शब्दावली में देती है; यह बात वह चित्र 2.2 वाले पन्ने के हाशिये पर बताती है।

किताब ख़ुद कहाँ आगे-पीछे जोड़ती है

  • अध्याय 1 का चित्र 1.6: चित्र 2.4 के शीर्षक में किताब लिखती है, “भारत का यह मानचित्र चित्र 1.6 जैसा ही है, किंतु इसमें अरब सागर व बंगाल की खाड़ी को भी दर्शाया गया है।” (पृष्ठ 33) दोनों चित्र साथ खोलकर दिखाइए कि एक ही मानचित्र पर नया अध्याय कुछ और जोड़ता है (यह सलाह हमारी ओर से है)।
  • अध्याय 1 की रेखाएँ: पृष्ठ 29 की गतिविधि का पहला सवाल चित्र 2.2 की गोल रेखाओं और ध्रुवों पर मिलती रेखाओं के बारे में है। इसका उत्तर अध्याय 1 के अक्षांश और देशांतरीय याम्योत्तर से आता है।
  • अगला अध्याय: आपदा प्रबंधन की बात के साथ किताब लिखती है, “(अगले अध्याय में हम कुछ अन्य उदाहरण देखेंगे)।” (पृष्ठ 34)
  • विज्ञान: वर्षा के बारे में किताब कहती है कि यह “पृथ्वी के जलचक्र का भाग है जिसे आप आगे विज्ञान में पढ़ेंगे।” (पृष्ठ 37) जलचक्र को यहाँ मत खोलिए।

किताब की प्रश्नावली के उत्तर

पाठ के बीच की गतिविधियाँ — उत्तर और तरीका

किताब इन गतिविधियों के उत्तर नहीं छापती। नीचे के सारे उत्तर और तरीके हमारी ओर से हैं, और रिवीजन नोट्स के उत्तरों से मेल खाते हैं।

चित्र 2.2 पर चार सवाल (पृष्ठ 29)

नमूना उत्तर —

  1. 1गोल रेखाएँ अक्षांश (समानांतर) हैं। ये भूमध्य रेखा के समानांतर चलती हैं, इसलिए ध्रुव के ऊपर से देखने पर ध्रुव के चारों ओर वृत्त दिखती हैं। दोनों ध्रुवों पर मिलने वाली रेखाएँ देशांतरीय याम्योत्तर हैं, जो एक ध्रुव से दूसरे ध्रुव तक जाती हैं।
  2. 2दक्षिणी गोलार्ध में; दाएँ मानचित्र में नीला रंग कहीं ज़्यादा है।
  3. 3किताब कोई संख्या नहीं देती। समूह इतना कह दें तो काफ़ी है कि उत्तरी गोलार्ध में भूमि का हिस्सा ज़्यादा है और दक्षिणी में जल का; किसी पक्की संख्या पर ज़ोर मत दीजिए।
  4. 4सब जुड़े हुए हैं, बीच में कोई दीवार नहीं। आगे किताब ख़ुद कहती है, “ये वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं।”

जल संकट और जल बचाने के तरीके (पृष्ठ 31)

नमूना उत्तर — (1) पृथ्वी का ज़्यादातर जल महासागरों में है, और वह खारा है; मनुष्य और बहुत से स्थलीय जीव उसे काम में नहीं ले सकते। पीने लायक मीठा जल कुल जल का बहुत छोटा हिस्सा है, और वह भी हिमनद, नदियों, झीलों, वायुमंडल और भूमिगत जल में बँटा है। इसलिए जल बहुत होते हुए भी काम का जल कम है। (2) हर बच्चे का उत्तर अपने घर, विद्यालय और गाँव के अनुभव से होगा। हमारी ओर से उदाहरण: टपकता नल ठीक कराना, नहाने और बर्तन धोने में कम पानी लगाना, छत का वर्षा जल टांके या टंकी में जमा करना। अपने गाँव का टांका या बावड़ी बच्चों से गिनवाइए; उत्तर उनके अपने आसपास से आए, यही इस सवाल का मक़सद है।

पाँच महासागर, दो गोलार्ध (पृष्ठ 32)

नमूना उत्तर — चित्र 2.3 पर पहले बीच की टूटी रेखा पहचानिए (यह भूमध्य रेखा है; किताब उस पर नाम नहीं लिखती); उसके ऊपर उत्तरी गोलार्ध है, नीचे दक्षिणी।

महासागरउत्तरी गोलार्धदक्षिणी गोलार्ध
प्रशांतहाँहाँ
अटलांटिकहाँहाँ
हिंदहाँ; उत्तर में एशिया तक, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी समेतहाँ; इसका ज़्यादातर हिस्सा
दक्षिणीनहींहाँ
आर्कटिकहाँनहीं

हिंद महासागर पर बच्चे अटकेंगे, क्योंकि चित्र में उसका ज़्यादातर हिस्सा भूमध्य रेखा के नीचे दिखता है। याद दिलाइए कि भारत उत्तरी गोलार्ध में है और अरब सागर व बंगाल की खाड़ी भारत के दोनों ओर हैं, इसलिए हिंद महासागर दोनों गोलार्धों में है।

वर्ग गिनकर महाद्वीपों की तुलना (पृष्ठ 36)

नमूना उत्तर — हमारी गिनती: एशिया 51, अफ्रीका 30, उत्तरी अमेरिका 21, दक्षिणी अमेरिका 18, अंटार्कटिका 13, यूरोप 11, आस्ट्रेलिया 8 वर्ग। बच्चों की गिनती इससे मिलाइए; एक-आध वर्ग का फ़र्क़ आए, तो साथ बैठकर दोबारा गिनवाइए।

  1. सबसे बड़ा एशिया, सबसे छोटा आस्ट्रेलिया।
  2. उत्तरी अमेरिका (21) दक्षिणी अमेरिका (18) से बड़ा; अफ्रीका (30) उत्तरी अमेरिका (21) से बड़ा; अंटार्कटिका (13) आस्ट्रेलिया (8) से बड़ा।
  3. यूरेशिया = 51 + 11 = 62 वर्ग, दक्षिणी अमेरिका 18 वर्ग; यूरेशिया तीन गुने से भी बड़ा है।
  4. छोटे से बड़े: आस्ट्रेलिया, यूरोप, अंटार्कटिका, दक्षिणी अमेरिका, उत्तरी अमेरिका, अफ्रीका, एशिया।

ये वर्ग सापेक्षिक आकार बताते हैं, असली क्षेत्रफल नहीं; यह बात किताब पिछले पन्ने पर ख़ुद कहती है। हर उत्तर में बस बड़ा या छोटा लिखवाइए, वर्गों को वर्ग किलोमीटर मत बनाइए।

ग्रीनलैंड ढूँढ़िए (पृष्ठ 37)

नमूना उत्तर — ग्लोब पर उत्तर ध्रुव की ओर, उत्तरी अमेरिका के उत्तर-पूर्व में, उत्तरी अमेरिका और यूरोप के बीच जो बड़ा भूभाग अलग दिखता है, वही ग्रीनलैंड है। प्रश्न 3 के खाली विश्व मानचित्र में भी यह इसी जगह, आर्कटिक महासागर के पास है।

1 से 3 तक — शब्द, अपना मानचित्र और खाली मानचित्र

किताब के प्रश्न पृष्ठ 39–40 पर हैं। हर प्रश्न के आगे वह पृष्ठ लिखा है जहाँ उसकी बात पाठ में आती है।

प्रश्न 1 — महाद्वीप, महासागर और द्वीप की व्याख्या (पृष्ठ 28, 31, 36)

नमूना उत्तर — (क) महाद्वीप: भूमि के एक बड़े भाग को भूखंड कहते हैं, और भूमि के एक बड़े निरंतर विस्तार को महाद्वीप। महाद्वीप भी चारों ओर जल से घिरे होते हैं, पर आकार में बड़े होने के कारण द्वीप नहीं कहलाते। इनकी गिनती चार से सात तक कई तरह से हो सकती है, क्योंकि कुछ महाद्वीप असल में एक ही भूखंड हैं, जैसे यूरोप और एशिया (यूरेशिया)। आम तौर पर सात महाद्वीप गिने जाते हैं: अफ्रीका, अंटार्कटिका, आस्ट्रेलिया, एशिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिणी अमेरिका और यूरोप। (ख) महासागर: ग्लोब पर दिखने वाली सबसे बड़ी जलराशियाँ महासागर कहलाती हैं; पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा है। महासागर पाँच हैं: प्रशांत, अटलांटिक, हिंद, आर्कटिक और दक्षिणी (अंटार्कटिका) महासागर। प्रशांत सबसे बड़ा और आर्कटिक सबसे छोटा है। ये वास्तव में अलग-अलग नहीं, आपस में जुड़े हैं; इनकी सीमाएँ बस चलन हैं। इनका जल खारा है। (ग) द्वीप: चारों ओर जल से घिरे हुए भूखंड को द्वीप कहते हैं; यह महाद्वीप से छोटा होता है। पृथ्वी पर अलग-अलग आकार के लाखों द्वीप हैं, और सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड है। भारत में 1,300 से अधिक द्वीप हैं, जिनके दो मुख्य समूह हैं: बंगाल की खाड़ी में अंडमान और निकोबार, और अरब सागर में लक्षद्वीप।

जाँचते समय दो बातें देखिए: द्वीप और महाद्वीप का फ़र्क़ आकार से बताया गया है, सिर्फ़ जल से घिरा कहकर नहीं; और महासागरों को जुड़ा हुआ बताया गया है।

प्रश्न 2 — बिना देखे महाद्वीपों का मानचित्र (पृष्ठ 32)

नमूना उत्तर — यह बच्चे का अपना चित्र है, इसलिए हर मानचित्र अलग होगा; आकार बिल्कुल ठीक होना ज़रूरी नहीं। तरीका: (1) किताब बंद करके सातों महाद्वीपों की मोटी रूपरेखा बनाइए और हर महाद्वीप का नाम लिखिए। (2) इसमें रंग भरिए; हर महाद्वीप का रंग अलग हो तो बाद में मिलाना आसान रहेगा (यह हमारा सुझाव है)। (3) अब चित्र 2.3 खोलकर मिलाइए। जाँचने की हमारी ओर से सूची:

  • (क) सातों महाद्वीप हैं?
  • (ख) यूरोप और एशिया जुड़े हुए बने हैं, क्योंकि ये एक ही भूखंड हैं?
  • (ग) उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका भी जुड़े हुए हैं?
  • (घ) जगहें ठीक हैं: अमेरिका बाईं ओर, यूरोप और अफ्रीका बीच में (अफ्रीका यूरोप के नीचे), एशिया दाईं ओर, आस्ट्रेलिया एशिया के नीचे दाईं ओर, अंटार्कटिका सबसे नीचे?
  • (ङ) ज़्यादा भूमि ऊपर, उत्तरी गोलार्ध में है?
  • (च) सापेक्षिक आकार वर्गों वाले आरेख जैसा है: एशिया सबसे बड़ा, आस्ट्रेलिया सबसे छोटा?

जो फ़र्क़ दिखे, बच्चा उसे अपने चित्र में ठीक कर ले; आकार ठीक न बने तो उसे ग़लती मत गिनिए, तुलना करना ही इस प्रश्न का काम है।

प्रश्न 3 — खाली मानचित्र में बारह नाम (पृष्ठ 32)

नमूना उत्तर — कुल 12 नाम: 7 महाद्वीप और 5 महासागर। किताब का खाली मानचित्र चित्र 2.3 की तरह अफ्रीका को बीच में रखकर बना है, इसलिए जगहें उसी से मिलाइए।

  • महाद्वीप: उत्तरी अमेरिका बाईं ओर ऊपर; दक्षिणी अमेरिका उसके नीचे; यूरोप बीच में ऊपर; अफ्रीका बीच में, यूरोप के नीचे; एशिया दाईं ओर ऊपर, सबसे बड़ा भूभाग; आस्ट्रेलिया दाईं ओर नीचे; अंटार्कटिका सबसे नीचे।
  • महासागर: प्रशांत दोनों किनारों पर, अमेरिका के बाएँ और एशिया व आस्ट्रेलिया के दाएँ; अटलांटिक अमेरिका और यूरोप-अफ्रीका के बीच; हिंद एशिया के दक्षिण में, अफ्रीका और आस्ट्रेलिया के बीच; आर्कटिक सबसे ऊपर; दक्षिणी सबसे नीचे, अंटार्कटिका के चारों ओर।

जाँचते समय: प्रशांत का नाम दोनों किनारों पर लिखा हो, तो उसे दो महासागर मत गिनिए। यह एक ही महासागर है जो मानचित्र के दोनों छोरों पर कट गया है; ग्लोब घुमाकर दिखा दीजिए।

4 — वर्ग पहेली की कुंजी

संकेतकिस ओरउत्तरपाठ में कहाँ
1बाएँ से दाएँप्रशांत32
2ऊपर से नीचेमहाद्वीप28
3बाएँ से दाएँद्वीप36
4ऊपर से नीचेप्लास्टिक38
5बाएँ से दाएँअंटार्कटिका37
6ऊपर से नीचेआस्ट्रेलिया36
7बाएँ से दाएँसुनामी34
8ऊपर से नीचेग्रीनलैंड37
9बाएँ से दाएँऑक्सीजन37
10बाएँ से दाएँयूरेशिया35

हमारी ओर से — जाँचने का तरीका: हर खाने में एक अक्षर, उसकी मात्रा या संयुक्ताक्षर समेत; जैसे प्र-शां-त के तीन खाने। कटते खाने भी मिलने चाहिए: 2 और 3 में द्वी, 8 और 9 में न, 6 और 10 में या।

संकेत 4, 5 और 10 के उत्तर पाठ में ठीक इन्हीं शब्दों में नहीं हैं; ये खानों की गिनती और कटते खानों से पक्के होते हैं। संकेत 10 पर बच्चे एशिया लिखेंगे, और उनकी सोच ग़लत नहीं है। पर यहाँ चार खाने हैं, इसलिए उत्तर यू-रे-शि-या है। इसी बहाने यूरेशिया वाली बात याद दिलाइए: भूगर्भशास्त्री यूरोप और एशिया को एक ही महाद्वीप मानते हैं (पृष्ठ 35)। हमारी ओर से इतना जोड़िए कि भारत एशिया में है, इसलिए वह यूरेशिया का भी भाग है।

6 और 9 का साझा खाना: दोनों संकेत एक ही खाने से शुरू होते हैं। किताब आस्ट्रेलिया को आ से लिखती है और ऑक्सीजन को ऑ से, इसलिए इस खाने में एक अक्षर पूरा नहीं बैठता। बच्चों से इस खाने में आ/ऑ लिखवाइए, या जो बच्चा दोनों में से एक लिखे और बाकी दोनों शब्द पूरे भरे, उसे पूरा सही मानिए। यह बात पहेली देने से पहले ही बता दीजिए, ताकि बच्चे इस खाने पर अटककर अपना सही उत्तर न मिटा दें।

कक्षा में

बच्चे कहाँ भटकते हैं — बारह आम भूलें

1. “7/10” और “तीन-चौथाई” को एक ही बात मान लेना। 7/10 जूल्स वर्न के उद्धरण में है; किताब का अपना वाक्य है, “वास्तव में पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है।” (पृष्ठ 28) उत्तर में किताब वाला तीन-चौथाई लिखवाइए।

2. दोनों गोलार्धों में भूमि बराबर मानना। किताब कहती है, “महासागर और महाद्वीप उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में समान रूप से वितरित नहीं हैं।” (पृष्ठ 29) उत्तरी गोलार्ध में भूमि ज़्यादा है।

3. चित्र 2.2 के दोनों मानचित्र उलट देना। शीर्षक है: “उत्तर ध्रुव (बाएँ) एवं दक्षिण ध्रुव (दाएँ) के ऊपर से दिखता पृथ्वी का मानचित्र” (पृष्ठ 29)। दाएँ वाले के बीच में अंटार्कटिका है; यही पहचान बच्चों को दे दीजिए।

4. जल बहुत है, तो पीने का जल भी बहुत है। ज़्यादातर जल महासागरों का खारा जल है; पीने लायक जल उसका बहुत छोटा हिस्सा है (पृष्ठ 31)।

5. पाँच महासागरों को पाँच अलग तालाब समझना। “ये वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं।” (पृष्ठ 31) चित्र 2.3 की लकीरें पारंपरिक सीमाएँ हैं, पानी में कोई दीवार नहीं।

6. दक्षिणी महासागर और अंटार्कटिका को एक समझना। किताब इस महासागर का दूसरा नाम भी देती है: “दक्षिणी (अथवा अंटार्कटिका) महासागर” (पृष्ठ 31)। इसी नाम से गड़बड़ होती है। चित्र 2.3 पर उँगली रखकर दिखाइए: अंटार्कटिका भूमि है, महाद्वीप; दक्षिणी महासागर उसके चारों ओर का जल।

7. महासागरों के आकार का क्रम उलटना। प्रशांत सबसे बड़ा, फिर अटलांटिक, हिंद, दक्षिणी, और आर्कटिक सबसे छोटा (पृष्ठ 32)। बच्चे अकसर भारत के पास होने से हिंद को सबसे बड़ा मान लेते हैं।

8. द्वीप समूहों और सागरों की दिशा उलटना। भारत के पश्चिम में अरब सागर, पूर्व में बंगाल की खाड़ी; लक्षद्वीप अरब सागर में, अंडमान और निकोबार बंगाल की खाड़ी में (पृष्ठ 33, 37)। चित्र 2.4 पर उँगली रखवाकर बुलवाइए।

9. सुनामी को तूफ़ान से बनी लहर समझना। सुनामी महासागर तल में तीव्र भूकंप या ज्वालामुखी के फटने से आती है; तूफ़ान और चक्रवात भी महासागर से जन्म लेते हैं, पर वे सुनामी से अलग आपदा हैं (पृष्ठ 33–34)। बोर्ड पर दो खाने बनाइए: एक में चक्रवात, दूसरे में सुनामी, और हर एक का कारण।

10. महाद्वीप हमेशा सात मानना, या यूरेशिया को एशिया का दूसरा नाम समझना। गिनती चार से सात तक हो सकती है, और सात वाली सूची सबसे ज़्यादा चलती है। यूरेशिया यूरोप और एशिया को मिलाकर एक भूखंड है (पृष्ठ 34–35)। किताब की तालिका खुलवाइए; उसमें चारों गिनतियाँ भरी हुई हैं।

11. महाद्वीप भी जल से घिरे हैं, तो उन्हें द्वीप कह देना। किताब के शब्दों में, “महाद्वीप भी चारों ओर जल से घिरे होते हैं, किंतु आकार में बड़े होने के कारण उन्हें द्वीप नहीं कहा जाता है।” (पृष्ठ 36) हमारी ओर से दो उदाहरण: आस्ट्रेलिया चारों ओर जल से घिरा है, फिर भी महाद्वीप है; ग्रीनलैंड बहुत बड़ा है, फिर भी द्वीप है। ग्लोब पर दोनों दिखाइए।

12. 1981 और 1983 को उलट देना। 1981 से अंटार्कटिका कार्यक्रम के अंतर्गत अन्वेषण, 1983 में पहला बेस स्टेशन ‘दक्षिण गंगोत्री’ (पृष्ठ 37)। पहले कार्यक्रम, फिर बेस: यह क्रम याद रखवाइए।

चार जगहें जहाँ किताब को ध्यान से पढ़िए

चित्र 2.3 पैमाने पर नहीं है (पृष्ठ 32)। चित्र के कोने में लिखा है, “मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।” उसी पन्ने पर किताब कहती है, “मानचित्र में देखने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि प्रशांत महासागर सबसे बड़ा है।” महासागरों का क्रम किताब के वाक्य से लीजिए, चित्र को रूलर से नापकर नहीं। चित्र 2.4 पर भी पैमाने वाली यही बात छपी है। इसी तरह महाद्वीपों वाले वर्ग असली क्षेत्रफल नहीं, सापेक्षिक आकार दिखाते हैं।

सीमाएँ प्रचलन हैं। चित्र 2.3 का शीर्षक ख़ुद “पारंपरिक सीमाओं” कहता है, और किताब पहले ही कह चुकी है कि यह सीमांकन प्रचलन भर है। बच्चे मानचित्र की लकीर को असली मान लेते हैं; नीचे का नाव वाला सवाल इसी के लिए है।

चित्र 2.4 के शीर्षक का पन्ना-संकेत (पृष्ठ 33)। शीर्षक के आख़िर में लिखा है, “(द्वीप समूहों से संबंधित जानकारी पृष्ठ 36 पर दी गई है।)” द्वीप की बात पृष्ठ 36 से शुरू होती है, पर भारत के दोनों द्वीप समूहों की बात पृष्ठ 37 पर है। बच्चों से सीधे वही पन्ना खुलवाइए, ताकि वे पिछले पन्ने पर द्वीप समूह ढूँढ़ते न रह जाएँ।

ओलंपिक के पाँच छल्ले और सात महाद्वीप (पृष्ठ 35)। किताब कहती है, “इन छल्लों को पाँच बसे हुए महाद्वीपों— अफ्रीका, अमेरिका, एशिया, आस्ट्रेलिया और यूरोप का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था।” हमारी ओर से: इस सूची में दोनों अमेरिका एक गिने गए हैं और अंटार्कटिका नहीं है; इसलिए पाँच और सात में कोई टकराव नहीं। यह बात आप ख़ुद खोलकर कहिए, वरना बच्चे पूछेंगे कि महाद्वीप पाँच हैं या सात।

किताब की पंक्तियाँ जो उत्तर में काम आती हैं

ये पंक्तियाँ रटवाने के लिए नहीं हैं। पहले बात समझाइए, फिर उत्तर में यह पंक्ति लिखवाइए; किताब के अपने शब्द उत्तर को सधा हुआ बनाते हैं। यूरेशिया की बात उत्तर में लिखवानी हो, तो बच्चों से अपने शब्दों में लिखवाइए: भूगर्भशास्त्री यूरोप और एशिया को एक ही महाद्वीप मानते हैं, जिसे यूरेशिया कहते हैं।

पंक्तिपृष्ठकहाँ काम आती है
“वास्तव में पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है।”28जल और भूमि; प्रश्न 1 (ख)
“ग्लोब पर हम जो सबसे बड़ी जलराशियाँ देखते हैं, उन्हें ‘महासागर’ कहते हैं।”28प्रश्न 1 (ख)
“भूमि के एक बड़े भाग को ‘भूखंड’ कहते हैं एवं भूमि के एक बड़े निरंतर विस्तार को ‘महाद्वीप’ कहा जाता है।”28प्रश्न 1 (क); पहेली का संकेत 2
“महासागर और महाद्वीप उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में समान रूप से वितरित नहीं हैं।”29गोलार्ध
“ये वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं।”31महासागर जुड़े हैं
“भारत के दोनों ओर हिंद महासागर के दो भाग दिखाई देते हैं — पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी।”33भारत के पास के सागर
“भारत में होने वाली अपेक्षित मानसूनी वर्षा महासागरों से उत्पन्न होती है।”33महासागर और वर्षा
“यह विशाल और शक्तिशाली तरंगें होती हैं जो महासागर तल में तीव्र भूकंप अथवा ज्वालामुखी के फटने के कारण आती हैं।”34सुनामी; पहेली का संकेत 7
“व्यावहारिक रूप से सात महाद्वीपों की अंतिम सूची को ही व्यापक रूप से अपनाया और प्रयोग में लाया जाता है।”35महाद्वीपों की गिनती
“चारों ओर जल से घिरे हुए भूखंड को द्वीप कहा जाता है। महाद्वीप भी चारों ओर जल से घिरे होते हैं, किंतु आकार में बड़े होने के कारण उन्हें द्वीप नहीं कहा जाता है।”36प्रश्न 1 (ग)
“भारत में 1,300 से अधिक द्वीप हैं।”37भारत के द्वीप
“महासागरों के बिना वर्षा नहीं होगी तो पृथ्वी मरुस्थल बन जाएगी।”37महासागर और जीवन
“दुनिया-भर की आधी ऑक्सीजन महासागर का वनस्पति जगत उत्पन्न करता है। इसीलिए इन्हें ‘पृथ्वी के फेफड़े’ कहा जाता है।”37पृथ्वी के फेफड़े; पहेली का संकेत 9
“दक्षिणी गोलार्ध की तुलना में उत्तरी गोलार्ध में स्थल भाग अधिक है।”38गोलार्ध
“हम सभी का सामूहिक दायित्व है कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य के लिए महासागरों को बचाने का प्रयास करें।”38महासागरों को बचाना

बच्चे ये सवाल पूछेंगे

उत्तर किताब के भीतर रहकर दीजिए; जहाँ किताब चुप है, वहाँ यही कहिए।

ओलंपिक का कौन-सा छल्ला किस महाद्वीप का है? किताब किसी छल्ले या रंग को किसी एक महाद्वीप से नहीं जोड़ती। वह इतना ही कहती है कि छल्ले विश्व-भर से खिलाड़ियों के इकट्ठा होने का प्रतीक हैं और पाँच बसे हुए महाद्वीपों के लिए चुने गए थे (पृष्ठ 35)। इससे आगे यह अध्याय कुछ नहीं कहता; बच्चों से यही कहिए, और किसी छल्ले पर किसी महाद्वीप का नाम मत लिखवाइए।

महासागरों के बीच की लकीर समुद्र में कहाँ दिखती है? कहीं नहीं। किताब कहती है कि यह सीमांकन प्रचलन भर है, “क्योंकि प्राकृतिक जगत ऐसी किन्हीं भी सीमाओं का पालन नहीं करता है।” (पृष्ठ 31)

समुद्र में इतना पानी है, तो हम उसे पी क्यों नहीं सकते? क्योंकि वह खारा है; किताब के शब्दों में मानव सहित बहुत से स्थलीय जीवों के उपभोग के लिए “अनुपयोगी” (पृष्ठ 31)। उसे पीने लायक कैसे बनाएँ, यह अध्याय नहीं बताता; बात यहीं रोकिए।

सुनामी का पहले पता चल सकता है? किताब कहती है, “हालाँकि तट से टकराने से पहले इसका अनुमान लगाया जा सकता है।” (पृष्ठ 34) फिर वह ‘पूर्व चेतावनी प्रणाली’, ‘हिंद महासागर सुनामी चेतावनी प्रणाली’ और ‘राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण’ के नाम लेती है। इतना ही बताइए।

अंटार्कटिका में कोई रहता है? किताब बताती है कि वहाँ भारत के बेस स्टेशन हैं, भारतीय वैज्ञानिकों के लगभग 40 दल वहाँ जलवायु और पर्यावरण के विकास पर शोध कर चुके हैं, और वैज्ञानिकों के आवास में एक पुस्तकालय और डाकघर भी है (पृष्ठ 37)। यानी वैज्ञानिक वहाँ रहकर काम करते हैं। ओलंपिक वाली सूची में अंटार्कटिका नहीं है, पर इससे बच्चे यह न समझ लें कि वहाँ कोई नहीं जाता।

बारिश महासागर से कैसे आती है? किताब इतना कहती है कि मानसूनी वर्षा महासागरों से उत्पन्न होती है और यह जलचक्र का भाग है, जिसे बच्चे आगे विज्ञान में पढ़ेंगे (पृष्ठ 33, 37)। अभी यहीं रुकिए।

कक्षा में करवाइए — नमक का गिलास और नाव वाला सवाल

ये दोनों तरीके हमारी ओर से हैं।

नमक का गिलास (जल वाले हिस्से से पहले)। एक गिलास पानी में नमक घोलिए और एक बच्चे को उँगली से एक बूँद चखने दीजिए। फिर पूछिए कि समुद्र का सारा पानी ऐसा है, तो हम पीते क्या हैं। लवणीय और अलवणीय, दोनों कठिन शब्द चखने के बाद याद रह जाते हैं, और जल संकट वाली गतिविधि अपने-आप खुल जाती है।

नाव वाला सवाल (पाँच महासागरों के बाद)। चित्र 2.3 पर हिंद और प्रशांत महासागर के बीच की लकीर पर उँगली रखिए और पूछिए कि नाव लेकर ठीक यहाँ पहुँच जाएँ, तो पानी में क्या दिखेगा। बच्चे हँसकर कहेंगे कि कुछ नहीं; वही उत्तर है। तब किताब की वह पंक्ति पढ़वाइए कि महासागर वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं। एक अमूर्त वाक्य बच्चे का अपना निष्कर्ष बन जाता है।

सावधानी

सुनामी की बात किताब के क्रम में ही कहिए। किताब पहले घटना बताती है, फिर कहती है कि तट से टकराने से पहले इसका अनुमान लगाया जा सकता है, और फिर चेतावनी प्रणाली और आपदा प्रबंधन की बात करती है (पृष्ठ 34)। दो लाख से अधिक मौतों का आँकड़ा डर पैदा कर सकता है, और कुछ बच्चों के परिवार तटीय इलाक़ों से जुड़े हो सकते हैं। आपदा के बाद उपाय की बात ज़रूर पहुँचाइए; यह क्रम बच्चे को असहाय महसूस नहीं होने देता। किताब से बाहर के आँकड़े मत जोड़िए।

प्रदूषण पर अपराध-बोध मत जगाइए। किताब प्रदूषण की बात साफ़ कहती है, पर ‘ध्यान रखें’ डिब्बे का अंतिम वाक्य ज़िम्मेदारी का है: “हम सभी का सामूहिक दायित्व है कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य के लिए महासागरों को बचाने का प्रयास करें।” (पृष्ठ 38) हमारी ओर से: एक प्लास्टिक की बोतल दिखाकर इतना पूछना काफ़ी है कि यह कहाँ जाएगी।

बिना पैमाने वाले चित्रों पर दूरी या क्षेत्रफल मत नपवाइए। चित्र 2.3 और चित्र 2.4 दोनों पर “मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।” छपा है। तुलना के लिए किताब वर्गों वाला आरेख देती है, और वे भी सापेक्षिक आकार ही हैं।

समय कम हो तो — छह बातें जो हर बच्चे तक पहुँचें

  1. पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा है, भूमि लगभग एक-चौथाई पर; उत्तरी गोलार्ध में भूमि ज़्यादा है।
  2. पाँच महासागर, बड़े से छोटे: प्रशांत, अटलांटिक, हिंद, दक्षिणी, आर्कटिक। ये आपस में जुड़े हैं; इनकी सीमाएँ सिर्फ़ चलन हैं।
  3. भारत के पश्चिम में अरब सागर, पूर्व में बंगाल की खाड़ी। सुनामी महासागर तल के भूकंप या ज्वालामुखी से आती है, तूफ़ान से नहीं।
  4. महाद्वीपों की गिनती चार से सात तक हो सकती है; आम तौर पर सात गिने जाते हैं। यूरोप और एशिया मिलकर यूरेशिया।
  5. द्वीप चारों ओर जल से घिरा भूखंड है; महाद्वीप बड़े होने के कारण द्वीप नहीं कहलाते। सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड; भारत में 1,300 से अधिक द्वीप।
  6. महासागर वर्षा और दुनिया की आधी ऑक्सीजन देते हैं; उन्हें बचाना हम सबका सामूहिक दायित्व है।

अभ्यास के लिए: प्रश्न बैंक और फ़्लैशकार्ड।