अध्याय 2महासागर एवं महाद्वीप

शिक्षण नोट्स36 मिनटस्रोत जाँचे गए

NCERT, समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे (कक्षा 6), अध्याय 2

कक्षा — 6 · विषय — सामाजिक विज्ञान (समाज का अध्ययन) · पृष्ठ — 27 से 40

यह पन्ना किसलिए — किताब हाथ में लेकर पढ़ाते समय साथ रखने के लिए। हर कार्ड किताब के कुछ पन्नों का है: उन पन्नों की ज़रूरी पंक्तियाँ, उनके चित्र और बॉक्स कक्षा में कैसे खोलें, और बच्चे कहाँ अटकते हैं। कार्ड के ऊपर लिखा है कि वह पाठ योजना के किस कालांश का है।

सारे पृष्ठ 2026-27 में छपी किताब के हैं; हर कार्ड के शीर्षक में उसके पृष्ठ लिखे हैं। उद्धरण-चिह्न सिर्फ़ किताब के अपने शब्दों पर लगे हैं, उसी वर्तनी में जो किताब में छपी है। जहाँ किताब कहती है या किताब बताती है जैसे शब्दों के बाद उद्धरण-चिह्न नहीं, वहाँ किताब की बात हमारे शब्दों में है। बच्चों से पूछने के तिरछे छपे सवाल, चित्रों पर काम के क़दम और बच्चे यहाँ अटकते हैं वाली बातें हमारी ओर से हैं; जो गतिविधि किताब की नहीं, उसके आगे हमारी ओर से अलग से लिखा है, और अपने जोड़-घटाव के आगे हमारा हिसाब। गतिविधियों और प्रश्नावली के उत्तर, वर्ग पहेली की कुंजी, परिभाषाएँ और संख्याओं की तालिका शिक्षक संदर्शिका में हैं; यहाँ उनके लिंक हैं, ताकि दोनों पन्नों में दो अलग उत्तर न हों।

पाठ योजना · शिक्षक संदर्शिका · स्लाइड का पाठ · इंटरैक्टिव अध्याय · रिवीजन नोट्स

अध्याय के कई चित्र और नक्शे हमने दोबारा बनाए हैं; वे रिवीजन नोट्स और इंटरैक्टिव अध्याय में हैं। नीचे के कार्ड किताब के अपने छपे चित्रों पर काम करवाते हैं।

किताब के साथ, पन्ना-दर-पन्ना

पृष्ठ 27 — जूल्स वर्न, दो प्रश्न, और अंतरिक्ष से पृथ्वी

कालांश 1 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: शुरुआत

अध्याय कहाँ से शुरू होता है। पहली पंक्तियाँ जूल्स वर्न की हैं; नाम के साथ किताब 1870 लिखती है:

“महासागर ही सब कुछ है। यह पृथ्वी के 7/10 वें भाग पर व्याप्त है।”

पूरा उद्धरण किसी बच्चे से ज़ोर से पढ़वाइए। पूछिए: लेखक के हिसाब से महासागर पृथ्वी के कितने भाग पर है? “7/10” बोर्ड के कोने में लिखकर छोड़ दीजिए; अगले ही पन्ने पर यही बात दूसरे ढंग से आएगी।

दो महत्वपूर्ण प्रश्न। बॉक्स के दो प्रश्न पूरे अध्याय का नक्शा हैं। पहला: “महासागर एवं महाद्वीप क्या हैं? उनके नाम क्या हैं एवं उनका वितरण कैसा है?” दूसरा पूछता है कि ये पृथ्वी पर जीवन को, “जिसमें मानव जीवन भी सम्मिलित है”, किस प्रकार प्रभावित करते हैं।

हमारी ओर से — दोनों प्रश्न चार्ट पेपर पर। दोनों प्रश्न चार्ट पर लिखकर दीवार पर लगा दीजिए; बोर्ड पर लिखा अगले दिन तक नहीं बचेगा। पहले प्रश्न के उत्तर पृष्ठ 28 से 37 तक खुलते जाएँगे, दूसरे के ज़्यादातर पृष्ठ 33–34 और 37–38 पर। कालांश 5 के अंत में बच्चे इन्हीं के नीचे अपने वाक्य लिखेंगे।

चित्र 2.1, अंतरिक्ष से पृथ्वी। कैप्शन बताता है कि इस दृश्य के “मध्य में हिंद महासागर, बाईं ओर अफ्रीका, ऊपर की ओर भारत एवं एशिया के भाग, दाईं ओर आस्ट्रेलिया एवं नीचे की ओर अंटार्कटिका” दर्शाए गए हैं।

चित्र 2.1 पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)।

  1. एक बच्चा कैप्शन पढ़े, और बाक़ी बच्चे पाँचों जगहों पर बारी-बारी उँगली रखें: बीच, बाएँ, ऊपर, दाएँ, नीचे।
  2. पूछिए: इस चित्र में कौन-कौन से रंग दिख रहे हैं? उत्तर अभी मत दीजिए; अगले पन्ने पर किताब ख़ुद यही पूछती है।
  3. सफ़ेद आकृतियों पर अभी कुछ मत बताइए। किताब ख़ुद पृष्ठ 33 पर इसी चित्र पर लौटकर पूछती है कि वे क्या हैं, और पृष्ठ 37 पर नीचे के सफ़ेद फैलाव की बात करती है। बच्चों से कहिए कि यह पन्ना याद रखें; हम इस पर तीन बार लौटेंगे।

पृष्ठ 28 — नीला ग्रह, भूरा रंग, और नौसेना का आदर्श वाक्य

कालांश 1 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: नीला ग्रह

पन्ने की धुरी। किताब कहती है: “आप चंद्रमा से लिए गए पृथ्वी के चित्र को भी देख सकते हैं।” फिर पूछती है: “आपको सबसे अधिक कौन-सा रंग दिखाई देता है?” नीला रंग जल का है, और किताब इससे निकालती है: “इसका अर्थ है कि पृथ्वी की अधिकांश सतह जल से घिरी हुई है”। फिर: “वास्तव में पृथ्वी का तीन-चौथाई भाग जल से घिरा हुआ है”। किताब यह भी बताती है कि “आरंभिक अंतरिक्ष यात्रियों ने स्नेहपूर्वक पृथ्वी को ‘नीला ग्रह’ कहकर पुकारा।”

तीन शब्द। इसी पन्ने पर अध्याय के तीन बड़े शब्द आते हैं: “ग्लोब पर हम जो सबसे बड़ी जलराशियाँ देखते हैं, उन्हें ‘महासागर’ कहते हैं।” और “भूमि के एक बड़े भाग को ‘भूखंड’ कहते हैं एवं भूमि के एक बड़े निरंतर विस्तार को ‘महाद्वीप’ कहा जाता है।” तीनों शब्द बोर्ड पर लिखवाइए; किताब के शब्दों में परिभाषाएँ शिक्षक संदर्शिका के मुख्य शब्द वाले हिस्से में हैं।

भूरा रंग। किताब कहती है: “चित्र 2.1 में दर्शाए गए पृथ्वी के चित्र में आपको एक अन्य रंग ‘भूरा’ भी दिखाई देगा। यह भूमि का रंग है”। बच्चों को चित्र 2.1 पर लौटाइए और भूरे हिस्सों पर उँगली रखवाइए।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। कक्षा के ग्लोब पर ज़मीन हरे, पीले या कई रंगों में छपी हो सकती है, और बच्चे पूछेंगे कि भूरा कहाँ है। बताइए कि भूरा रंग चित्र 2.1 वाले फ़ोटो में है; हमारी ओर से: अलग-अलग ग्लोब और नक्शों में ज़मीन अलग-अलग रंगों में छपी होती है।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। पृष्ठ 27 पर “7/10”, यहाँ “तीन-चौथाई”; बच्चे पूछेंगे कि सही कौन-सा है। हमारा हिसाब: 7/10 यानी 100 में 70, और तीन-चौथाई यानी 100 में 75। दोनों एक ही बात के पास हैं, कि पृथ्वी का ज़्यादातर हिस्सा जल है। किताब दोनों देती है; बच्चों से इनमें से एक चुनवाइए मत।

हमारी ओर से — चार हिस्सों वाला गोला। बोर्ड पर एक गोला बनाकर उसे चार बराबर हिस्सों में बाँटिए। तीन हिस्सों में नीली चॉक से रेखाएँ खींचिए, एक को खाली छोड़िए। किताब ज़मीन को ग्लोब का “लगभग एक-चौथाई भाग” बताती है; बच्चे ख़ुद कहें कि खाली हिस्सा किसका है।

‘ध्यान रखें’ बॉक्स: नौसेना का प्रतीक चिह्न। किताब बताती है कि “भारतीय नौसेना के प्रतीक चिह्न पर आदर्श वाक्य ‘शं नो वरुण:’ अंकित है”, और उसका अर्थ देती है: “हे वरुण! हमारे लिए कल्याणकारी हों”। साथ में: “यह महासागर, आकाश तथा जल से संबंधित वैदिक देवता वरुण की स्तुति है।”

बॉक्स पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)।

  1. प्रतीक चिह्न पर छपे शब्द बच्चे ख़ुद ढूँढ़ें और बॉक्स की पंक्ति से मिलाएँ।
  2. पूछिए: समुद्र पर काम करने वाले लोग समुद्र से कल्याण की प्रार्थना क्यों करते होंगे? दो-तीन उत्तर सुनिए।
  3. यह बात पृष्ठ 37 पर फिर आएगी, जहाँ किताब बताती है कि तटीय संस्कृतियों की कहानियों में “समुद्री देवताओं और देवियों” की बातें मिलती हैं।

पृष्ठ 29 — दो ध्रुवों के ऊपर से दिखती पृथ्वी

कालांश 1 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: नीला ग्रह

पन्ने की धुरी। “जैसा कि हम देखते हैं, महासागर और महाद्वीप उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध में समान रूप से वितरित नहीं हैं।” इस पन्ने पर ‘गोलार्ध’ का अर्थ नहीं लिखा है। हमारी ओर से: गोलार्ध यानी पृथ्वी का आधा हिस्सा; भूमध्य रेखा के उत्तर वाला आधा उत्तरी गोलार्ध, दक्षिण वाला दक्षिणी। भूमध्य रेखा बच्चे पिछले अध्याय में पढ़ चुके हैं; वहीं से याद दिलाइए।

चित्र 2.2। कैप्शन: “चित्र 2.2 — उत्तर ध्रुव (बाएँ) एवं दक्षिण ध्रुव (दाएँ) के ऊपर से दिखता पृथ्वी का मानचित्र”। किताब बताती है कि यहाँ भी नीला रंग महासागरों और उनके छोटे विस्तारों, “जैसे – सागर, खाड़ी (Bay & Gulf) आदि”, को दिखाता है, और हाशिये पर लिखा है: “इन शब्दों की परिभाषा पुस्तक के अंत में शब्दावली में दी गई है।”

चित्र 2.2 पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)।

  1. कैप्शन पढ़वाइए और पूछिए: बायाँ गोला पृथ्वी को किस ध्रुव के ऊपर से दिखा रहा है? दायाँ किसके?
  2. ग्लोब को पहले ऊपर से, फिर पलटकर नीचे से बच्चों की आँख के सामने लाइए। दोनों गोले उसी एक पृथ्वी के हैं।
  3. हाशिये की बात मानकर बच्चे किताब के अंत की शब्दावली खोलें और ‘सागर’ और ‘खाड़ी’ वहीं पढ़ें।
  4. पूछिए: किस गोले में नीला ज़्यादा है, और किसमें ज़मीन? हर बच्चा अपना अंदाज़ा कॉपी में लिखे।

‘आइए पता लगाएँ’ के चार सवाल। पहला सवाल गोलों की वृत्ताकार रेखाओं और ध्रुवों पर मिलने वाली रेखाओं के नाम पूछता है, और संकेत देता है कि “आपने इनके विषय में पिछले अध्याय में पढ़ा है”। नाम आप मत बताइए, बच्चे पिछले अध्याय से याद करें। दूसरा सवाल है “किस गोलार्ध में अधिक जल है?” तीसरा, जल और भूमि के अनुपात वाला, अकेला ऐसा सवाल है जिस पर किताब कहती है: “समूह में चर्चा कीजिए।” चार-पाँच बच्चों के समूह बनाइए और हर समूह से उसका अंदाज़ा सुनिए; मोटा अंदाज़ा भी ठीक है। चौथा सवाल, “क्या सभी महासागर एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं या उनके बीच कोई विभाजन है?”, अभी अंदाज़े पर छोड़ दीजिए; किताब इसका उत्तर पृष्ठ 31 पर देती है। चारों के उत्तर और तरीका शिक्षक संदर्शिका में पाठ के बीच की गतिविधियाँ वाले हिस्से में हैं।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। दो गोले देखकर कुछ बच्चे मान लेते हैं कि ये दो अलग पृथ्वियाँ हैं, या एक सिक्के के दो पहलू जिनमें कुछ भी साझा नहीं। ऐसे में ऊपर का दूसरा क़दम दोहराइए: ग्लोब एक ही है, उसे बस एक बार ऊपर से और एक बार नीचे से देखा गया है।

पृष्ठ 30 — समुद्री जीवन के नौ फ़ोटो

कालांश 2 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: पाँच नाम, एक महासागर

पन्ना कैसा है। इस पन्ने पर कोई पाठ नहीं; शीर्षक “समुद्री जीवन” है और नौ फ़ोटो हैं, हर एक पर उसका नाम छपा है: प्रवाल भित्ति, समुद्री ऐनीमोन पर तारामीन, शार्क, स्पर्म ह्वेल (माँ एवं शिशु), डॉल्फिन, उष्ण कटिबंधीय बहुरंगी मछलियों के साथ सतही प्रवाल भित्ति, शैवाल, एंपरर पेंग्विन और बोनेयर समुद्री टर्टल।

कब खोलें। किताब में यह पन्ना पानी वाले हिस्से से पहले आता है, पर फ़ोटो पृष्ठ 31 के समुद्री जीवन वाले अनुच्छेद के साथ खुलते हैं। पाठ योजना इन्हें कालांश 2 में रखती है; कालांश 1 में यह पन्ना पलटकर आगे बढ़ जाइए।

फ़ोटो पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)।

  1. हर फ़ोटो का नाम एक-एक बच्चा पढ़े।
  2. पूछिए: इनमें से किसे आपने कभी देखा है, टीवी पर या किसी किताब में? किसके बारे में बस सुना है?
  3. पृष्ठ 31 का अनुच्छेद “रंगीन मछलियाँ, डॉल्फिन, ह्वेल” और “समुद्री शैवाल” गिनाता है। बच्चे इन शब्दों वाले फ़ोटो ढूँढ़ें।
  4. पृष्ठ 31 के हाशिये पर ‘वनस्पति जगत’ और ‘प्राणि जगत’ के अर्थ हैं, और पाठ कहता है कि समुद्री वनस्पति जगत में “सभी समुद्री शैवाल” सम्मिलित हैं। पूछिए: इन नौ में से कौन-सा फ़ोटो वनस्पति जगत का है? बाक़ी फ़ोटो किस जगत के हैं, इस पर किताब से आगे मत जाइए।

पृष्ठ 31 — खारा जल, मीठा जल

कालांश 1 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: खारा जल, मीठा जल

पन्ने की धुरी। “पृथ्वी पर उपलब्ध जल का अधिकांश भाग महासागरों में है, परंतु यह जल लवणीय (खारा) है एवं मानव सहित बहुत से स्थलीय जीवों के उपभोग के लिए अनुपयोगी है।” दूसरी ओर, “अलवणीय जल (पेय जल) का पृथ्वी के जल संसाधनों में अत्यल्प हिस्सा है।” किताब यह भी बताती है कि यह मीठा जल “हिमनद (ग्लेशियर), नदियों, झीलों, वायुमंडल एवं भूमिगत जल के रूप में व्याप्त है।”

बोर्ड पर दो खाने (हमारी ओर से)। बाएँ “लवणीय (खारा)”, दाएँ “अलवणीय जल (पेय जल)”। बाएँ खाने में महासागर; दाएँ खाने में किताब की पाँचों जगहें, एक-एक बच्चे से बुलवाकर। फिर पूछिए: इनमें से कौन-सी जगह हमारे गाँव या शहर में है?

बच्चे यहाँ अटकते हैं। ‘लवणीय’ और ‘अलवणीय’ बच्चों को भारी लगते हैं, जबकि किताब ख़ुद कोष्ठक में “खारा” और “पेय जल” लिखती है; पहले कोष्ठक वाले शब्द पकड़वाइए। दूसरी अटकन: वायुमंडल और भूमिगत जल को बच्चे जल की जगह नहीं मानते। पूछिए: कुएँ में पानी कहाँ से आता है? बारिश का पानी बादल बनने से पहले कहाँ था?

हमारी ओर से — नमक का गिलास। एक गिलास पानी में नमक घोलकर दो बच्चों को एक-एक बूँद चखाइए, और पूछिए कि यह पानी प्यास बुझाएगा या नहीं। तरीका शिक्षक संदर्शिका के कक्षा में करवाइए वाले हिस्से में है।

‘आइए विचार करें’ बॉक्स। पहला सवाल: “जब पृथ्वी पर जल प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है, फिर भी ‘जल की कमी’ अथवा ‘जल संकट’ की इतनी चर्चा क्यों सुनाई देती है?” बच्चों को इसी पन्ने के पहले अनुच्छेद पर लौटाइए; हमारी ओर से: उत्तर वहीं की दो पंक्तियों से बन जाता है। दूसरा सवाल जल संरक्षण के उन उपायों के बारे में है जो बच्चों ने “अपने घर, विद्यालय, गाँव, उपनगरों एवं नगरों में होते देखा है”। हमारी ओर से: इसे एक हफ़्ते का गृहकार्य बनाइए; बच्चे घर और गाँव में जो उपाय देखें, उनकी सूची बनाकर लाएँ। दोनों के उत्तर का तरीका पाठ के बीच की गतिविधियाँ में है।

पृष्ठ 31–32 — पाँच नाम, एक महासागर

कालांश 2 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: पाँच नाम, एक महासागर

पाँच नाम। पृष्ठ 31 पर ‘महासागर’ शीर्षक के नीचे किताब पाँच नाम देती है: “प्रशांत महासागर, अटलांटिक महासागर, हिंद महासागर, आर्कटिक महासागर एवं दक्षिणी (अथवा अंटार्कटिका) महासागर”। और तुरंत कहती है कि मानचित्र से साफ़ है कि “ये वास्तव में अलग-अलग नहीं हैं।” यहीं पृष्ठ 29 का चौथा सवाल बंद हो जाता है।

पन्ने की धुरी। “महासागरों का यह सीमांकन प्रचलन से अधिक कुछ नहीं हैं, क्योंकि प्राकृतिक जगत ऐसी किन्हीं भी सीमाओं का पालन नहीं करता है।” किताब का उदाहरण: समुद्री जल विभिन्न महासागरों में बहता रहता है। हमारी ओर से, बच्चों की भाषा में: नाम और सीमाएँ लोगों ने पहचान की सुविधा के लिए तय की हैं; पानी इन रेखाओं को नहीं मानता।

समुद्री जीवन। किताब कहती है: “सूर्य की रोशनी वाली सतह से लेकर अंधेरी गहराइयों तक समुद्र के प्रत्येक क्षेत्र में जीवन के विविध रूप पाए जाते हैं।” यहीं पृष्ठ 30 के फ़ोटो खोलिए।

चित्र 2.3, पाँच महासागरों का विश्व मानचित्र। कैप्शन: “चित्र 2.3 — पाँच महासागरों, उनकी पारंपरिक सीमाओं और महाद्वीपों को प्रदर्शित करता हुआ विश्व का मानचित्र”।

चित्र 2.3 पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)।

  1. सबसे पहले नक्शे पर छपी यह पंक्ति पढ़वाइए: “मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।”
  2. महासागरों के बीच खिंची रेखाओं पर उँगली रखवाइए और पूछिए: कैप्शन जिन “पारंपरिक सीमाओं” की बात करता है, वे कौन-सी हैं? फिर पूछिए: क्या समुद्र में सचमुच ऐसी रेखा होती होगी? किताब की “प्रचलन” वाली पंक्ति से मिलाइए।
  3. पृष्ठ 31 पर नाम जिस क्रम में छपे हैं, उसी क्रम में बच्चे पाँचों महासागर नक्शे पर ढूँढ़ें।
  4. फिर सातों महाद्वीपों के नाम नक्शे पर पढ़वाइए; ये पृष्ठ 34–35 पर काम आएँगे।
  5. बीच की टूटी रेखा पर कोई नाम नहीं छपा। पूछिए: पिछले अध्याय की कौन-सी रेखा पृथ्वी को उत्तरी और दक्षिणी आधे में बाँटती है?

बच्चे यहाँ अटकते हैं। ‘प्रशांत महासागर’ नक्शे पर दो बार छपा है, बाएँ किनारे पर भी और दाएँ पर भी, और कुछ बच्चे छह महासागर गिन लेते हैं। हमारी ओर से: नक्शे की एक फ़ोटोकॉपी को बेलन की तरह मोड़कर बाएँ और दाएँ किनारे मिला दीजिए, या ग्लोब पर दिखाइए कि दोनों किनारे एक ही पानी के हैं।

‘आइए पता लगाएँ’ की तालिका। किताब कहती है: “नीचे दी गई तालिका में बताइए कि पाँच महासागर किस गोलार्ध अथवा गोलार्धों में अवस्थित हैं।” तालिका में दो खाने हैं, उत्तरी गोलार्ध और दक्षिणी गोलार्ध, और पाँचों महासागरों की पंक्तियाँ; खाने किताब ने खाली छोड़े हैं। बच्चे टूटी रेखा देखकर खाने भरें। सवाल के शब्द “गोलार्धों” पर ध्यान दिलाइए: किसी पंक्ति में दोनों खाने भी भर सकते हैं। हमारी कुंजी पाठ के बीच की गतिविधियाँ में है।

आकार का क्रम। किताब कहती है: “मानचित्र में देखने पर यह स्पष्ट हो जाता है कि प्रशांत महासागर सबसे बड़ा है।” फिर अटलांटिक, हिंद और दक्षिणी महासागर का क्रम देकर: “सबसे छोटा महासागर आर्कटिक है।” हमारी ओर से एक सावधानी: नक्शा ख़ुद कहता है कि वह पैमाने पर नहीं है, इसलिए बच्चों से रूलर से नपवाइए मत; क्रम किताब की बात के रूप में पढ़ाइए।

हमारी ओर से — नाव वाला सवाल। पूछिए: हिंद महासागर से नाव चलाकर क्या प्रशांत महासागर तक पहुँच सकते हैं? बच्चे नक्शे पर रास्ता उँगली से दिखाएँ। सवाल का तरीका शिक्षक संदर्शिका के कक्षा में करवाइए वाले हिस्से में है।

पृष्ठ 33 — हिंद महासागर, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी, और बादल

कालांश 3 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: चक्रवात और सुनामी

‘ध्यान रखें’ बॉक्स: हिंद महासागर। “जैसा कि महासागरों के मानचित्र से स्पष्ट है कि हिंद महासागर का विस्तार उत्तर में एशिया, पश्चिम में अफ्रीका, पूर्व में आस्ट्रेलिया एवं दक्षिण में दक्षिणी महासागर तक है।” हमारी ओर से: चार बच्चों को पृष्ठ 32 का चित्र 2.3 लेकर खड़ा कीजिए; हर बच्चा एक दिशा पढ़े और उस दिशा की ज़मीन या महासागर पर उँगली रखे। बॉक्स की दूसरी पंक्ति: “भारत के दोनों ओर हिंद महासागर के दो भाग दिखाई देते हैं — पश्चिम में अरब सागर और पूर्व में बंगाल की खाड़ी।”

चित्र 2.4, भारत का मानचित्र। कैप्शन बताता है कि यह नक्शा चित्र 1.6 जैसा ही है, “किंतु इसमें अरब सागर व बंगाल की खाड़ी को भी दर्शाया गया है।” साथ ही इसमें “भारत के दो प्रमुख द्वीप समूहों” को भी दिखाया गया है। नक्शे पर भी लिखा है: “मानचित्र पैमाने पर आधारित नहीं है।”

चित्र 2.4 पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)।

  1. पूछिए: भारत के पश्चिम में कौन-सा सागर है, और पूर्व में कौन-सी खाड़ी? बच्चे नक्शे पर दोनों नाम ढूँढ़कर पढ़ें।
  2. चाहें तो पिछले अध्याय का चित्र 1.6 साथ खुलवाइए और पूछिए: इस नक्शे में नया क्या जुड़ा?
  3. ज़मीन से अलग, पानी में दिखते छोटे टुकड़ों पर उँगली रखवाइए; ये वही दो द्वीप समूह हैं जिनकी बात कैप्शन करता है, और दोनों के नाम मानचित्र पर छपे हैं: लक्षद्वीप द्वीप समूह और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह। बच्चे नाम पढ़ लें; रटवाइए नहीं। अंडमान एवं निकोबार का नाम पृष्ठ 34 के सुनामी वाले बॉक्स में फिर आता है, और दोनों नाम पृष्ठ 37 के बॉक्स में।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। कैप्शन कहता है “(द्वीप समूहों से संबंधित जानकारी पृष्ठ 36 पर दी गई है।)” पृष्ठ 36 पर द्वीप की बात शुरू होती है, पर भारत के द्वीपों वाला बॉक्स पृष्ठ 37 पर है। बच्चे पृष्ठ 36 पर भारत के द्वीप ढूँढ़ें तो दोनों पन्ने दिखा दीजिए।

महासागर और आपदाएँ। किताब कहती है: “इस अध्याय के आरंभ में दिए गए पृथ्वी के चित्र को फिर से देखिए।” बच्चे पृष्ठ 27 का चित्र 2.1 खोलें। किताब पूछती है कि सफ़ेद आकृतियाँ क्या हैं, और उत्तर देती है: “वे बादलों के विशाल समूह हैं। ये बादल महाद्वीपों में वर्षा लाते हैं।” फिर भारत की बात: “भारत में होने वाली अपेक्षित मानसूनी वर्षा महासागरों से उत्पन्न होती है।” उत्तर बताने से पहले बच्चों को एक बार अंदाज़ा लगाने दीजिए।

तूफ़ान भी महासागर से। किताब: “महासागर तूफानों को भी जन्म देते हैं”। वह इन्हें अत्यधिक वर्षा वाली विध्वंसक घटनाएँ या अति प्रचंड हवाएँ बताती है, “जैसे कि चक्रवात”, जो विश्व के तटीय क्षेत्रों में दूर-दूर तक क्षति पहुँचाते हैं।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। बच्चे चक्रवात को आसमान या हवा की कोई अलग आफ़त मान लेते हैं जिसका समुद्र से लेना-देना नहीं। किताब उसे महासागर से जोड़ती है। बोर्ड पर लिखिए: “महासागर तूफानों को भी जन्म देते हैं”, और पूछिए: किताब के अनुसार चक्रवात कहाँ जन्म लेता है?

पृष्ठ 34 — सुनामी, और 2004 का बॉक्स

कालांश 3 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: चक्रवात और सुनामी

पन्ने की धुरी। “एक अन्य प्राकृतिक आपदा सुनामी भी समुद्र में उत्पन्न होती है।” किताब बताती है कि ये विशाल और शक्तिशाली तरंगें “महासागर तल में तीव्र भूकंप अथवा ज्वालामुखी के फटने के कारण आती हैं”, और तटीय क्षेत्रों को डुबा सकती हैं।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। बच्चे सुनामी को भी तेज़ हवा का काम मान लेते हैं। हमारी ओर से: बोर्ड पर दो खाने बनाइए, ‘चक्रवात’ और ‘सुनामी’, और दोनों में सिर्फ़ किताब की पंक्तियाँ भरवाइए: दोनों समुद्र से उठते हैं; चक्रवात के साथ किताब “अति प्रचंड हवाएँ” लिखती है, जबकि सुनामी की जड़ महासागर तल का भूकंप या ज्वालामुखी है, हवा नहीं।

‘ध्यान रखें’ बॉक्स: 26 दिसंबर 2004। “26 दिसंबर 2004 के दिन, हिंद महासागर के आस-पास भारत और अन्य 13 देश प्रचंड सुनामी से प्रभावित हुए।” किताब बताती है कि यह सुनामी इंडोनेशिया में आए भूकंप के कारण आई थी, और इसमें दो लाख से अधिक लोगों की जान गई। भारत के बारे में: “भारत में अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह (चित्र 2.4 देखिए), तमिलनाडु और केरल के तटीय क्षेत्र इससे भीषण रूप से प्रभावित हुए और जान-माल की अत्यधिक क्षति हुई।” बच्चों को पृष्ठ 33 का चित्र 2.4 खुलवाकर बंगाल की खाड़ी के द्वीप दिखाइए।

बॉक्स को ऐसे पढ़ाइए (हमारी ओर से)। बॉक्स शांत आवाज़ में, किताब के शब्दों में पढ़िए; डराने वाला ब्योरा अपनी ओर से मत जोड़िए। हो सकता है कक्षा में किसी के घर-परिवार ने कोई आपदा झेली हो। शिक्षक संदर्शिका की सावधानी एक बार देख लीजिए।

चेतावनी और बचाव। बॉक्स की दूसरी बात से बच्चों को भरोसा मिलता है: “हालाँकि तट से टकराने से पहले इसका अनुमान लगाया जा सकता है।” और “विशेषकर भारत समेत बहुत से देश ‘हिंद महासागर सुनामी चेतावनी प्रणाली’ में सहयोग कर रहे हैं।” तीसरी बात: “भारत में सभी प्रकार की आपदाओं का सामना करने के लिए ‘राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण’ है (अगले अध्याय में हम कुछ अन्य उदाहरण देखेंगे)।” पूछिए: पहले से पता चल जाए कि लहर आ रही है, तो तट पर रहने वाले लोग क्या करेंगे?

पृष्ठ 34–35 — महाद्वीप कितने? चार से सात तक

कालांश 4 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: महाद्वीप कितने हैं?

पन्ने की धुरी। किताब पूछती है: “आप कितने महाद्वीपों को गिन सकते हैं?” और कहती है: “इसका उत्तर इतना सरल नहीं है क्योंकि इनकी गिनती कई प्रकार से की जा सकती है। यह हमारी रुचि पर निर्भर करता है कि हम चार से सात के बीच किसी भी संख्या की सूची बना सकते हैं!” फिर तीन कारण देती है: उत्तरी और दक्षिणी अमेरिका, “परंतु यदि देखा जाए तो यह एक ही भूखंड है”; यूरोप और एशिया, जिन्हें किताब के अनुसार भूगर्भशास्त्री सामान्यत: एक ही महाद्वीप मानते हैं और ‘यूरेशिया’ कहते हैं; और अफ्रीका और यूरेशिया, जिन्हें “कभी-कभी एक भी समझा जाता है।”

बच्चे यहाँ अटकते हैं। बच्चे पूछेंगे: तो सही गिनती कौन-सी है? किताब का उत्तर ऊपर की पंक्ति में है: यह हमारी रुचि पर निर्भर है। बच्चों से यह मत कहिए कि सात ही सही है और बाक़ी ग़लत।

‘महाद्वीपों की गिनती’ तालिका। किताब कहती है: “तालिका में महाद्वीपों की अलग-अलग प्रकार की गिनती को सार रूप में लिखिए—” और तालिका भरी हुई छापती है, चार से सात तक चार पंक्तियाँ। सात वाली पंक्ति के आगे किताब ख़ुद लिखती है कि इसे पृष्ठ 32 पर चित्र 2.3 में दर्शाया गया है।

तालिका पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)।

  1. सात वाली पंक्ति से शुरू कीजिए और पृष्ठ 32 का चित्र 2.3 खुला रखिए।
  2. एक बच्चा दोनों हथेलियाँ यूरोप और एशिया पर रखे: ये दो मिलकर यूरेशिया, और छह वाली पंक्ति पढ़वाइए।
  3. अब दोनों अमेरिका पर हथेलियाँ: पाँच वाली पंक्ति।
  4. अब अफ्रीका और यूरेशिया: चार वाली पंक्ति।
  5. बच्चे तालिका कॉपी में उतारें, और हर पंक्ति के आगे लिखें कि पिछली पंक्ति से कौन-से दो जुड़े।

सात वाली सूची। “व्यावहारिक रूप से सात महाद्वीपों की अंतिम सूची को ही व्यापक रूप से अपनाया और प्रयोग में लाया जाता है।” किताब के शब्द “व्यापक रूप से अपनाया” ही रखिए।

‘ध्यान रखें’ बॉक्स: ओलंपिक के पाँच छल्ले। किताब कहती है कि ये छल्ले “विश्व-भर से खिलाड़ियों के एकत्र होने का प्रतीक हैं”, और “इन छल्लों को पाँच बसे हुए महाद्वीपों— अफ्रीका, अमेरिका, एशिया, आस्ट्रेलिया और यूरोप का प्रतिनिधित्व करने के लिए चुना गया था।”

छल्लों पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)।

  1. बच्चे छल्ले गिनें और उनके रंग बोलें।
  2. बॉक्स के पाँच नाम बोर्ड पर लिखिए, और बगल में सात वाली सूची।
  3. पूछिए: सात वाली सूची का कौन-सा महाद्वीप इन पाँच में नहीं है? और कौन-से दो यहाँ ‘अमेरिका’ नाम में एक हो गए? यह मिलान हमारी ओर से है; किताब इसे नहीं करती। उत्तर शिक्षक संदर्शिका के चार जगहें जहाँ किताब को ध्यान से पढ़िए में है।
  4. पूछिए: किताब इन्हें “बसे हुए” महाद्वीप क्यों कहती है? पृष्ठ 37 पर अंटार्कटिका की ठंड वाली पंक्ति पढ़कर यह सवाल फिर उठाइए।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। छल्लों वाले पाँच नाम और तालिका की पाँच वाली पंक्ति एक नहीं हैं। तालिका की पाँच वाली पंक्ति में अंटार्कटिका और यूरेशिया हैं; छल्लों वाली सूची में एशिया और यूरोप अलग-अलग हैं और अंटार्कटिका नहीं है। दोनों को बोर्ड पर अगल-बगल लिखिए। दूसरा सवाल बच्चे ज़रूर पूछेंगे: कौन-सा छल्ला किस महाद्वीप का है? किताब यह नहीं बताती; अपनी ओर से अंदाज़ा मत दीजिए (बच्चे ये सवाल पूछेंगे)।

पृष्ठ 36 — वर्गों वाला आरेख, और द्वीप

कालांश 4 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: महाद्वीप कितने हैं?

आरेख कैसे पढ़ें। पृष्ठ 35 पर किताब इस आरेख के बारे में बताती है कि यह “सात महाद्वीपों की सूची पर आधारित है। यह उनके वास्तविक आकार को नहीं, अपितु सापेक्षिक आकार को दर्शाता है।” आरेख में हर महाद्वीप एक ही नाप के छोटे-छोटे वर्गों से बना है, और हर महाद्वीप पर उसका नाम छपा है।

‘आइए पता लगाएँ’ के चार काम। पहला: “वर्गों की संख्या को गिनिए और सबसे बड़े एवं सबसे छोटे महाद्वीप का नाम बताइए।” दूसरा, तीन जोड़ों में कौन बड़ा: उत्तरी या दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका या उत्तरी अमेरिका, अंटार्कटिका या आस्ट्रेलिया। तीसरा: “आरेख में यूरोप और एशिया को एक ही रंग से भरिए और उसे यूरेशिया नाम दीजिए। उसके आकार की तुलना दक्षिणी अमेरिका से कीजिए।” चौथा: “छोटे महाद्वीप से लेकर बड़े महाद्वीप तक की सूची बनाइए।”

आरेख पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)।

  1. दो-दो बच्चों की जोड़ी बनाइए। एक बच्चा पेंसिल से हर गिने वर्ग पर बिंदु लगाए, दूसरा गिनती लिखे; फिर दोनों भूमिकाएँ बदलें और दोबारा गिनें।
  2. हर महाद्वीप की गिनती उसके नाम के साथ कॉपी में लिखवाइए, सातों की, ताकि कोई महाद्वीप छूटे नहीं।
  3. तीसरे काम के लिए एक ही रंग की पेंसिल दीजिए, ताकि यूरेशिया सचमुच एक टुकड़ा दिखे।
  4. गिनती बोर्ड पर लिखकर दूसरे और चौथे काम कराइए। हमारी गिनती शिक्षक संदर्शिका के पाठ के बीच की गतिविधियाँ वाले हिस्से में है; किसी जोड़ी की गिनती एक-दो से अलग आए तो दोबारा गिनवाइए, डाँटिए मत।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। बच्चे वर्गों को महाद्वीप की असली शक्ल या असली नाप मान लेते हैं। किताब की पंक्ति फिर पढ़वाइए: यह “वास्तविक आकार को नहीं, अपितु सापेक्षिक आकार को” दिखाता है। पूछिए: क्या असली अफ्रीका ऐसे सीधे किनारों वाला है? पृष्ठ 32 का चित्र 2.3 साथ रखकर मिलाइए।

द्वीप। किताब कहती है कि चित्र 2.2 और 2.3 को ध्यान से देखा हो तो पता चलेगा कि महाद्वीपों में पूरा भूखंड सम्मिलित नहीं है, “भूमि के कुछ छोटे-छोटे भाग छूट गए हैं।” फिर: “चारों ओर जल से घिरे हुए भूखंड को द्वीप कहा जाता है। महाद्वीप भी चारों ओर जल से घिरे होते हैं, किंतु आकार में बड़े होने के कारण उन्हें द्वीप नहीं कहा जाता है।” हमारी ओर से: पृष्ठ 32 के चित्र 2.3 पर बच्चे ज़मीन के वे छोटे टुकड़े ढूँढ़ें जिन पर किसी महाद्वीप का नाम नहीं छपा।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। बच्चे पूछते हैं: महाद्वीप भी तो पानी से घिरे हैं, फिर वे द्वीप क्यों नहीं? इसका उत्तर किताब की उसी पंक्ति में है: आकार। बच्चे से वह पंक्ति ख़ुद ढूँढ़कर पढ़वाइए।

पृष्ठ 37 — ग्रीनलैंड, भारत के द्वीप, और अंटार्कटिका

कालांश 4 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: द्वीप और अंटार्कटिका

‘ध्यान रखें’ बॉक्स की पहली बात: ग्रीनलैंड। “विश्व का सबसे बड़ा द्वीप ग्रीनलैंड है (ग्लोब अथवा मानचित्र पर उसे ढूँढ़िए)।” किताब का यह काम ग्लोब पर कराइए; ग्लोब न हो तो पृष्ठ 32 का चित्र 2.3। किताब आकार समझाने के लिए कहती है कि इसके लिए “भारत के सबसे बड़े 10 राज्यों के क्षेत्रफल को जोड़ना होगा।” हमारी ओर से: यह जोड़ बच्चों से मत करवाइए; किताब कोई संख्या नहीं देती, बात सिर्फ़ आकार का अंदाज़ा देने की है। ग्रीनलैंड कहाँ है, यह पाठ के बीच की गतिविधियाँ में है।

दूसरी बात: भारत के द्वीप। “भारत में 1,300 से अधिक द्वीप हैं।” किताब के अनुसार इनमें दो मुख्य द्वीप समूह हैं: “बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान और निकोबार द्वीप समूह एवं अरब सागर में लक्षद्वीप द्वीप समूह (चित्र 2.4 देखिए)।” अब पृष्ठ 33 का चित्र 2.4 फिर खुलवाइए और बॉक्स की पंक्ति को मानचित्र से मिलवाइए: बच्चे पहले बिना देखे बताएँ कि कौन-सा समूह खाड़ी में है और कौन-सा सागर में, फिर मानचित्र पर जाँचें।

तीसरी बात: अंटार्कटिका। “1981 से भारतीय अंटार्कटिका कार्यक्रम के अंतर्गत अंटार्कटिका में अन्वेषण किया जा रहा है।” किताब बच्चों को फिर पहले पन्ने पर भेजती है: “(चित्र 2.1 में नीचे सफेद रंग के फैलाव को देखिए जो कि अधिकांशत: हिम है)”। बच्चे पृष्ठ 27 खोलकर उस सफ़ेद फैलाव पर उँगली रखें। फिर: “1983 में भारत ने अंटार्कटिका में ‘दक्षिण गंगोत्री’ नामक पहला वैज्ञानिक बेस स्टेशन स्थापित किया था।” आख़िरी पंक्ति किसी बच्चे से ज़ोर से पढ़वाइए: “वैज्ञानिकों के रहने के लिए यहाँ बने आवास में एक पुस्तकालय और यहाँ तक कि डाकघर भी है।” हमारी ओर से पूछिए: अंटार्कटिका के डाकघर से एक चिट्ठी भेजने को मिले, तो किसे लिखेंगे और क्या लिखेंगे?

बच्चे यहाँ अटकते हैं। पृष्ठ 31 पर किताब ने लिखा था “दक्षिणी (अथवा अंटार्कटिका) महासागर”, और यहाँ अंटार्कटिका एक महाद्वीप है। बच्चे दोनों को मिला देते हैं। पृष्ठ 32 के चित्र 2.3 पर दोनों नाम ढूँढ़वाइए: ‘अंटार्कटिका’ ज़मीन पर छपा है और ‘दक्षिणी महासागर’ पानी में।

पृष्ठ 37–38 — महासागर और जीवन, और हमारा दायित्व

कालांश 5 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: महासागर और जीवन

वर्षा। पृष्ठ 37 पर ‘महासागर और जीवन’ शीर्षक के नीचे किताब याद दिलाती है: “हमने उल्लेख किया है कि महासागरों से महाद्वीपों पर वर्षा होती है; यह पृथ्वी के जलचक्र का भाग है जिसे आप आगे विज्ञान में पढ़ेंगे।” फिर: “उदाहरणार्थ, महासागरों के बिना वर्षा नहीं होगी तो पृथ्वी मरुस्थल बन जाएगी।” हमारी ओर से पूछिए: जिस साल हमारे यहाँ बारिश कम होती है, उस साल खेतों, कुओं और पशुओं का क्या होता है? यह पृष्ठ 33 की मानसून वाली पंक्ति से जोड़िए।

ऑक्सीजन। “यह भी ध्यातव्य है कि दुनिया-भर की आधी ऑक्सीजन महासागर का वनस्पति जगत उत्पन्न करता है। इसीलिए इन्हें ‘पृथ्वी के फेफड़े’ कहा जाता है।” ‘वनस्पति जगत’ पर पृष्ठ 31 का हाशिया और पृष्ठ 30 का शैवाल वाला फ़ोटो फिर दिखाइए।

बच्चे यहाँ अटकते हैं। बच्चे “आधी” की जगह सारी या बहुत सारी ऑक्सीजन लिख देते हैं। किताब का शब्द “आधी” है; उत्तर में भी यही लिखवाइए।

लोग और समुद्र। किताब बताती है कि आरंभिक काल से ही लोगों ने महासागरों और सागरों की यात्रा की: “एक जगह से दूसरी जगह जाने, सभी प्रकार के सामानों के व्यापार, सैनिक अभियान संचालित करने और भोजन हेतु मछली पकड़ने के लिए”। हमारी ओर से: चार कारण बोर्ड पर चार खानों में लिखिए, और बच्चे हर खाने के लिए अपनी सुनी किसी कहानी या ख़बर से एक उदाहरण दें। फिर किताब की यह पंक्ति: तटीय संस्कृतियों की किंवदंतियों और कहानियों में “महासागर के खतरों और उनके आशीर्वाद की बातें मिलती हैं।” यहीं पृष्ठ 28 का ‘शं नो वरुण:’ वाला बॉक्स याद दिलाइए।

पृष्ठ 38 का ‘ध्यान रखें’ बॉक्स। किताब बताती है कि संयुक्त राष्ट्र ने 8 जून को विश्व महासागर दिवस घोषित किया है, क्योंकि महासागर “हमारे ग्रह के फेफड़े के रूप में कार्य करते हैं।” फिर ख़तरे: “हम प्रतिवर्ष लाखों टन प्लास्टिक कचरा समुद्र में फेंकते हैं, जो समुद्री जीव-जंतुओं का जीवन संकट में डालता है।” और “समुद्रों में आवश्यकता से अधिक मछली पकड़ना भी समुद्री जीवन के पतन का एक और कारण है।” बॉक्स का अंत: “हम सभी का सामूहिक दायित्व है कि पृथ्वी और मानवता के भविष्य के लिए महासागरों को बचाने का प्रयास करें।”

बॉक्स पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)।

  1. बच्चे बॉक्स में ख़तरे गिनें और बोर्ड पर लिखें।
  2. पूछिए: हम समुद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर रहते हैं; हमारा फेंका प्लास्टिक समुद्र तक कैसे पहुँच सकता है? बच्चों के अंदाज़े सुनिए, उन्हें ठीक या ग़लत मत ठहराइए।
  3. बात को अपराध-बोध पर ख़त्म मत कीजिए। आख़िर में पूछिए: हम अपनी कक्षा और स्कूल में इस हफ़्ते क्या कर सकते हैं? (देखिए सावधानी)

‘आगे बढ़ने से पहले…’ बॉक्स। इस बॉक्स में तीन बातें हैं, सब पिछले पन्नों से: पहली बात में “महासागर आपस में जुड़े हुए हैं।” और यह कि महाद्वीपों को कई तरह से गिना जा सकता है, “किंतु सामान्यत: इन्हें सात महाद्वीपों के रूप में गिना जाता है।” दूसरी: “दक्षिणी गोलार्ध की तुलना में उत्तरी गोलार्ध में स्थल भाग अधिक है।” तीसरी, कि अत्यधिक मानवीय गतिविधियों से महासागरों पर गंभीर प्रभाव पड़ा है “और इन्हें सामूहिक रूप से संरक्षित करने की आवश्यकता है।”

बॉक्स पर ऐसे काम कराइए (हमारी ओर से)। हर बात के आगे बच्चे वह पन्ना लिखें जहाँ यह पहले आई थी: पहली के लिए पृष्ठ 31 और 34–35, दूसरी के लिए पृष्ठ 29 का चित्र 2.2, तीसरी के लिए यही पन्ना। फिर पृष्ठ 27 वाले दोनों महत्वपूर्ण प्रश्नों का चार्ट उतारिए, और बच्चे हर प्रश्न के नीचे इस बॉक्स और पिछले पन्नों से दो-दो वाक्य लिखें।

पृष्ठ 39–40 — प्रश्नावली, खाली मानचित्र और वर्ग पहेली

कालांश 6 · पाठ योजना में यह कालांश · इंटरैक्टिव: सार और वर्ग पहेली

चार प्रश्न हैं। उत्तर और कुंजी शिक्षक संदर्शिका में हैं; यहाँ बस इतना कि हर प्रश्न कक्षा में कैसे कराएँ।

  1. प्रश्न 1 (क) महाद्वीप, (ख) महासागर, (ग) द्वीप समझाने को कहता है। बच्चों को पृष्ठ 28, 36 और 38 की किताब की अपनी पंक्तियों पर लौटाइए। 1 से 3 तक · किताब की पंक्तियाँ जो उत्तर में काम आती हैं
  2. प्रश्न 2 याद से महाद्वीप बनाने, रंग भरने और किताब के मानचित्र से मिलाने को कहता है। हमारी ओर से: किताबें बंद और दीवार का चार्ट ढका रहे; बनाने के बाद बच्चे पृष्ठ 32 का चित्र 2.3 खोलकर मिलाएँ। शक्ल हूबहू न बने तो चलेगा; देखिए कि महाद्वीप एक-दूसरे के सही ओर हैं या नहीं। 1 से 3 तक
  3. प्रश्न 3 पृष्ठ 39 के खाली विश्व मानचित्र पर सारे महाद्वीप और महासागर लिखने को कहता है। हमारा हिसाब: सात महाद्वीप और पाँच महासागर, कुल बारह नाम। पहले पेंसिल से लिखवाइए, जाँच के बाद पेन से। 1 से 3 तक
  4. प्रश्न 4, पृष्ठ 40: “नीचे दी गई वर्ग पहेली को हल कीजिए।” हमारी ओर से: हर खाने में एक अक्षर (मात्रा समेत) भरवाइए, और बच्चों को यह शुरू में बता दीजिए। हमारे हल में ऊपर से नीचे 6 और बाएँ से दाएँ 9 एक ही खाने से शुरू होते हैं, और उस खाने में दोनों शब्दों की मात्रा एक-सी नहीं बैठती; यह भी पहले से बता दीजिए, ताकि बच्चा अपना सही उत्तर ग़लत न मान ले। ऊपर से नीचे 4 किसी दूसरे शब्द को नहीं काटता; वहाँ बच्चा जो शब्द लिखे, उसे पृष्ठ 38 के बॉक्स से मिलाकर देखिए। वर्ग पहेली की कुंजी

बच्चे कहाँ भटकते हैं, उसकी पूरी सूची शिक्षक संदर्शिका के बारह आम भूलें वाले हिस्से में है, और समय कम हो तो छह बातें जो हर बच्चे तक पहुँचें। अभ्यास के लिए बच्चों को प्रश्न बैंक और फ़्लैशकार्ड दीजिए।