Chapter 12आधारभूत लोकतंत्र — भाग 3: नगरीय क्षेत्रों में स्थानीय सरकार

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NCERT — समाज का अध्ययन : भारत और उसके आगे, अध्याय 12 (पृ. 173–182)।

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नगर बसाइए, वार्ड सँभालिए, रिसाव रोकिए

शुरुआत

गाँव की स्थानीय सरकार पिछले अध्याय में देखी। अब नगर की बारी — जहाँ भीड़ ज़्यादा, काम ज़्यादा, पर विचार वही: हर व्यक्ति का मत महत्व रखता है।

“मैं चाहता हूँ … एक पूर्ण विकसित स्थानीय निकाय का शीघ्र गठन किया जाना चाहिए … ताकि लोग यह सचमुच जान सकें कि एक छोटे क्षेत्र में, उनके अपने नगरों में, उनके अपने गाँवों में प्रशासन क्या है, मताधिकार क्या है, शक्तियाँ क्या हैं, अधिकार क्या हैं और विशेषाधिकार क्या हैं।”

— रुस्तम के. सिधवा, सदस्य, संविधान सभा (संविधान सभा में चर्चा, 13 अक्टूबर 1949; पृ. 173)

चित्र 12.1 (पृ. 173)

बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (मूल नाम: बॉम्बे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन) 1865 में गठित हुआ।

अध्याय इन प्रश्नों का उत्तर देता है (पृ. 173)

  1. नगरीय स्थानीय निकाय क्या हैं और इनके कार्य क्या हैं?
  2. ये सरकार और लोकतंत्र में क्यों महत्वपूर्ण हैं?

इस अध्याय के रिवीजन नोट्स अभी तैयार हो रहे हैं; तब तक यह पन्ना सीधे पाठ्यपुस्तक से बना है। Progress is kept only in this browser. Nothing is sent anywhere.

1नगर इतना जटिल क्यों?

लोकतंत्र में सुशासन का उद्देश्य नागरिकों को सशक्त बनाना है, ताकि वे देश के कामों में सक्रिय भाग ले सकें — ग्रामीण, क्षेत्रीय, नगरीय, राज्य या राष्ट्रीय, किसी भी स्तर पर। इसे सहभागी लोकतंत्र कहते हैं। नगर आम तौर पर गाँव से अधिक जटिल और विविध होता है, इसलिए नगर का शासन भी अधिक जटिल होगा (पृ. 174)।

गाँव से नगर तक

स्लाइडर से बस्ती बढ़ाइए और देखिए क्या-क्या बदलता है।

चित्र हमारा बनाया है।

आइए पता लगाइए (पृ. 174)

कोलकाता, चेन्नई या मुंबई जैसा नगर गाँव या कस्बे से अधिक जटिल और विविध क्यों है? साथियों के साथ मिलकर किसी परिचित नगर में रहने वाले विविध समुदायों की सूची बनाइए। आप कितने गिन पाए?

Checkpoint

  1. 1नागरिकों का हर स्तर पर देश के कामों में सक्रिय भाग लेना — इसे क्या कहते हैं?

  2. 2नगर का शासन गाँव से अधिक जटिल क्यों होता है?

2पूरा ढाँचा: चित्र 12.2

चित्र 12.2 पूरी भारतीय शासन प्रणाली को एक पिरामिड की तरह दिखाता है: आधार में स्थानीय स्तर, जो जनता के सबसे पास है; शिखर पर संघ सरकार। बाईं ओर ग्रामीण स्थानीय शासन (अध्याय 11), दाईं ओर नगरीय स्थानीय शासन — इस अध्याय का विषय (पृ. 174–175)।

चित्र 12.2 बनाइए

हर कार्ड को पिरामिड में उसकी जगह रखिए — टैप करके, या खींचकर।

ग्रामीण — पंचायती राज संस्थाएँ

नगरीय — नगरीय स्थानीय निकाय

सोचिए (पृ. 175): पंचायती राज और नगरीय स्थानीय सरकार में क्या समानताएँ और क्या अंतर दिखते हैं?

Checkpoint

  1. 1चित्र 12.2 के पिरामिड के शिखर पर कौन है?

  2. 2नगरीय ओर पिरामिड के आधार में कौन हैं?

3वार्ड और वार्ड समिति

नगरों की स्थानीय सरकार की संरचनाओं को "नगरीय स्थानीय निकाय" कहते हैं। ये विकेंद्रीकृत हैं — ऊपर के किसी केंद्रीय प्राधिकरण के नीचे काम करने के बजाय, स्थानीय समुदाय अपने क्षेत्र के प्रबंधन और अपनी समस्याओं पर सीधे राय रखते हैं (पृ. 175–176)।

नगरों और कस्बों को छोटी इकाइयों में बाँटा जाता है, जिन्हें "वार्ड" कहते हैं। वार्ड समितियाँ स्वास्थ्य शिविर, एकल उपयोग वाले प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान जैसे कामों में मदद करती हैं, और जल-रिसाव, नाली जाम, टूटी सड़क जैसी समस्याओं की सूचना अधिकारियों को देती हैं (पृ. 176)।

वार्ड पर नज़र रखिए

नगर छह वार्डों में बँटा है। जहाँ समस्या उभरे, उस पर टैप करके सूचना दीजिए — मरम्मत दल पहुँच जाएगा।

0समय पर सूचना

0छूट गईं

30 से.समय

यह खेल और नगर का चित्र हमारा है, कोई असली नक्शा नहीं। वार्डों का ठीक-ठीक काम राज्य-दर-राज्य उनके नियमों पर निर्भर करता है (पृ. 176)।

Checkpoint

  1. 1नगरों को छोटी इकाइयों में बाँटा जाता है। इन्हें क्या कहते हैं?

  2. 2नगरीय स्थानीय निकायों को "विकेंद्रीकृत" क्यों कहा गया है?

4निकाय का काम, नागरिक का कर्तव्य

नगरीय निकायों पर कामों की लंबी सूची है। पर वे ये काम अच्छे से तभी कर पाएँगे जब नगर में रहने वाले लोग भी अपने कर्तव्य निभाएँ और अपने क्षेत्र की देखभाल करें — याद रहे, यह सहभागी लोकतंत्र है (पृ. 176–177)।

किसकी ज़िम्मेदारी?

हर कार्ड को सही खाने में रखिए।

रिसाव: अभी बताएँ या बाद में?

गली के पाइप से पानी रिस रहा है। सूचना देने में जितनी देर, उतना पानी बर्बाद। सूचना दीजिए और देखिए कितनी बूँदें बचती हैं।

0बूँदें बहीं

बूँदों की गिनती इस चित्र की है, किसी असली माप की नहीं।

आइए पता लगाइए (पृ. 177): ऐसे चार-पाँच और काम सोचिए, जिनसे ज़िम्मेदार नागरिक नगर में अपने क्षेत्र की देखभाल में मदद कर सकते हैं।

Checkpoint

  1. 1इनमें से कौन-सा काम नगरीय निकाय का है?

  2. 2गली में जल-रिसाव दिखे तो जल्दी सूचना देने से क्या होगा?

5सबसे पुराने नगर निगम

भारत में नगर-निगमों का इतिहास बहुत पुराना है। समय-रेखा पर हर बिंदु टैप कीजिए।

16 कि.मी. का घेरा

चार्टर ने किले के चारों ओर 16 कि.मी. तक के क्षेत्र को कॉरपोरेशन में शामिल किया। घेरा फैलाकर देखिए।

आरेख है, नक्शा नहीं; दूरी पैमाने पर नहीं।

Checkpoint

  1. 1भारत की सबसे पुरानी नगर निगम संस्था कौन-सी है?

  2. 2बॉम्बे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन कब गठित हुआ?

6निगम, पालिका या पंचायत?

चेन्नई और इंदौर में नगरीय निकायों के शिखर पर नगर निगम है। चित्र 12.4 इंदौर नगर निगम की कुछ सेवाएँ दिखाता है (पृ. 178)।

इंदौर नगर निगम की सेवाएँ

टैप करके देखिए कौन-सी सेवाएँ हैं। नीचे के वाहनों पर टैप कीजिए — वे सड़क पर निकलेंगे!

0 / 11 सेवाएँ देखीं

सूची पुस्तक में भी संक्षेप में दी गई है। कई सेवाएँ नागरिक संबंध प्रबंधन (CRM) के ज़रिए माँगी जाती हैं।

सोचिए (पृ. 179): नगरीय निकाय अपने कामों के लिए संसाधन कैसे जुटाते हैं? इन सेवाओं को ध्यान से देखिए — क्या इनमें कुछ भुगतान वाली हैं?

स्वच्छ सर्वेक्षण (पृ. 179)

पुस्तक (पुनर्मुद्रण 2026-27) के अनुसार, मध्य प्रदेश के इंदौर को सरकारी "स्वच्छ सर्वेक्षण" योजना के अंतर्गत लगातार सात वर्ष भारत के सबसे स्वच्छ नगर का पुरस्कार मिला है। इस उपलब्धि में इंदौर के नागरिकों की क्या भूमिका रही होगी?

जनसंख्या बताइए, निकाय पहचानिए

पुस्तक के अनुसार नगर का सबसे ऊँचा निकाय उसकी जनसंख्या से तय होता है (पृ. 179)। स्लाइडर से जनसंख्या बदलिए।

नगर पंचायत1 लाख से कम

नगरपालिका (म्युनिसिपल काउंसिल)1 से 10 लाख

नगर निगम (महानगर निगम)10 लाख से अधिक

जनसंख्या की सीमाएँ पुस्तक की हैं। अपने आस-पास के नगरों का निकाय पता करने के लिए अपने राज्य के आधिकारिक स्रोत देखिए (पृ. 179 की गतिविधि)।

Checkpoint

  1. 110 लाख से अधिक जनसंख्या वाले नगर में सबसे ऊँचा निकाय कौन-सा होता है?

  2. 2नगरपालिका को और किस नाम से जाना जाता है?

7समीर और अनीता

अनीता नगर से अपने दादा-दादी के गाँव आई है, जहाँ उसकी मुलाक़ात समीर से होती है (पृ. 179–181)। बातचीत आगे बढ़ाइए।

  1. समीरनमस्कार! मैंने आपको पहले यहाँ नहीं देखा। क्या आप इस गाँव में नई हैं?
  2. अनीतानमस्कार! हाँ, मैं अपने दादा-दादी से मिलने आई हूँ। मैं नगर से हूँ। वह यहाँ से बहुत भिन्न है!
  3. समीरअच्छा! नगर कैसा होता है?
  4. अनीताव्यस्त और भीड़-भाड़ वाला — हर जगह ऊँचे भवन, हर समय आते-जाते लोग, यहाँ की शांति की तुलना में कोलाहल। लोग अधिक आत्मनिर्भर हैं, अक्सर पड़ोसियों को भी नहीं जानते।
  5. समीरयहाँ तो हर कोई एक-दूसरे को जानता है। हम मिलकर खेतों में काम करते हैं, साथ त्योहार मनाते हैं, और सामूहिक निर्णय भी लेते हैं।
  6. अनीतानगर में भी सामुदायिक भावना है। हाल ही में भारी वर्षा के बाद दो गली दूर एक मकान ढह गया। दर्जनों लोग मलबा हटाने आए, ताकि कोई अंदर फँसा न रह जाए।
  7. समीरक्या ऐसे मामलों में स्थानीय सरकार मदद नहीं करती?
  8. अनीताकरती है। हमारे यहाँ स्थानीय निकाय और चुने हुए प्रतिनिधि हैं, जो हमारा और हमारे हितों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
  9. समीरयह तो ग्राम पंचायत जैसा है, बस उससे बड़ा। हमारे यहाँ भी सदस्य चुने जाते हैं; और क्योंकि सब एक-दूसरे को जानते हैं, ज़्यादा लोग भाग लेते हैं। कभी-कभी हम बच्चों की बात भी सुनी जाती है।
  10. समीरएक दिन कुछ बच्चों ने देखा कि बिजली का तार ख़तरनाक ढंग से नीचे लटका है, लगभग एक भवन को छूता हुआ। हमने सूचना दी, और ग्राम सभा के एक सदस्य को सुझाया कि खंभा थोड़ी दूर हटाया जाए। और ऐसा किया गया!
  11. अनीताबहुत अच्छा! लोकतंत्र को ऐसे ही काम करना चाहिए। नगर में यह ज़्यादा जटिल लगता है, पर मूल विचार वही है — हर व्यक्ति का मत महत्व रखता है।

गाँव, नगर या दोनों?

बातचीत के आधार पर हर बात को सही खाने में रखिए।

Checkpoint

  1. 1समीर के गाँव में बच्चों ने किस ख़तरे की सूचना दी?

  2. 2अनीता के अनुसार गाँव और नगर दोनों के लोकतंत्र का मूल विचार क्या है?

8सार और अभ्यास

पुस्तक का अपना सार — "आगे बढ़ने से पहले…" (पृ. 181)

पहले खुद याद कीजिए, फिर कार्ड पलटिए।

सोचिए (प्र. 1, पृ. 181)

विद्यालय आते हुए आप और आपके मित्र देखते हैं कि पानी के एक पाइप से रिसाव हो रहा है और बहुत पानी बर्बाद हो रहा है। आप क्या करेंगे?

परियोजना (प्र. 2–5, पृ. 181–182)

किसी नगरीय निकाय के सदस्य को कक्षा में बुलाइए और प्रश्नों की सूची तैयार रखिए। बड़ों से पूछिए वे नगरीय निकायों से क्या अपेक्षा रखते हैं। एक अच्छे नगरीय निकाय की विशेषताओं की सूची बनाइए।

आख़िरी जाँच

  1. 1नगरीय निकायों में सदस्य कैसे आते हैं?

  2. 2स्थानीय निकाय कुशलता से काम कर सकें — यह सुनिश्चित करना किसका कर्तव्य है?